नायब के नेतृत्व में हरियाणा ने एक साल में भरी विकास की उड़ान
अपनी मुस्कान और मिलनसार शैली से मन मोह लेने वाले नायब सैनी ने केंद्रीय नेतृत्व के आदेश पर पहली बार 12 मार्च 2024 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद अक्टूबर 2024 में चुनाव हुए तो खुद को साबित करके भी दिखाया और आज ही के दिन 17 अक्टूबर 2024 को फिर से मुख्यमंत्री की शपथ ली। इस डेढ़ साल में मुख्यमंत्री नायब ने अपने आपको नायाब साबित करने के साथ-साथ प्रदेश की जनता के सपनों को साकार करने की दिशा में ऐसे-ऐसे कदम उठाए हैं, जो हरियाणा को विकसित हरियाणा की तरफ लेकर जाते दिख रहे हैं। हालांकि विपक्ष उनके खिलाफ हर समय एक झूठा नैरेटिव गढ़ने और उन्हें डमी बताने का घटिया प्रोपगंडा रचता रहता है, लेकिन नायब सैनी ने अपनी खिलखिलाती मुस्कान और अपने सरल स्वभाव से प्रदेश की जनता का दिल और विधानसभा की 48 सीटें जीतकर विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे सारे मिथक तोड़े। तब से लगातार नायब सैनी का फोकस प्रदेश के विकास पर है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के विजन में हरियाणा की भूमिका को सबसे महत्वपूर्ण बनाने पर है। इसलिए चुनाव के समय संकल्प पत्र के वादों को अब एक-एक कर पूरा करने के साथ साथ ऐसी नई योजनाओं पर भी काम किये जा रहे हैं, जिनसे प्रदेश के गरीब, युवा, महिला और किसान समाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं। विभागीय कार्यों में पारदर्शिता से पर्ची-खर्ची का दौर लगभग पूरी तरह समाप्त हुआ है। आईए, सबसे पहले उन कार्यों पर नजर डालते हैं, जिनसे नायब सरकार जनता का विश्वास जीतने में कामयाब रही है।नायब सैनी मातृभूमि के लिए जान देने वाले शहीदों के परिवारों व उनके आश्रितों का सहारा बनें। स्वतंत्रता सेनानियों व उनकी विधवाओं की पेंशन 25 हजार रुपये से बढ़ाकर 40 हजार की। युद्ध में शहीद सैनिकों के परिवारों के लिए अनुग्रह राशि बढ़ाकर 1 करोड रुपये की। शहीद सैनिकों के परिवारों के 410 आश्रितों को नौकरियां दी हैं। युवाओं को पिछले साढ़े 10 साल में 1 लाख 80 हजार नौकरियां दी हैं. जबकि कांग्रेस 10 साल के राज में मात्र 80 हजार नौकरियां ही दे पाई थी। हाल ही में कॉमन पात्रता परीक्षा में 13 लाख युवाओं ने भाग लिया। इस परीक्षा ने प्रबंधन और पारदर्शिता में नायब सरकार का लोहा मनवाया। कानून बनाकर हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत कार्यरत युवाओं के भविष्य को भी सुक्षित किया। अब इन युवाओं को नियमित कर्मचारियों की तर्ज पर महंगाई भत्ता और वार्षिक इंक्रीमेंट भी दिया जाएगा। किसानों से किए गए वादे की निभाते हुए नायब सैनी सरकार ने सभी 24 फसलों को न केवल एमएसपी पर खरीदना शुरू किया बल्कि सरकार एमएसपी बढ़ाकर दे रही है। अब तक 12 लाख किसानों के खातों में फसल खरीद के 48 हजार करोड़ रुपये भी डाले जा चुके हैं। पिछले साढ़े 10 सालों में किसानों को फसल खराबे के मुआवजे के रूप में 15 हजार 465 करोड़ से अधिक रुपये दिये हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत भी लगभग हजार करोड़ रुपये किसानों के खातों में डाले गए हैं। अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे आबियाने को जड़ से खत्म किया। कृषि भूमि पट्टा एक्ट लागू करके पट्टेदार किसानों और भूमि मालिकों के बीच विश्वास बहाल किया है।गरीब कल्याण के लिए कदम बढ़ाते हुए नायब सरकार ने अनुसूचित जातियों के आरक्षण को दो वर्गों में बांटकर अब तक वंचित रह गए लोगों को उनका अधिकार दिया। पिछड़ा वर्ग की क्रीमिलेयर आय सीमा को 6 लाख से बढ़ाकर 8 लाख रुपये किया है। पिछड़ा वर्ग को पंचायती राज संस्थाओं व शहरी स्थानीय निकायों में आरक्षण दिया है। प्रजापति समाज को मिट्टी के बर्तन का कारोबार चलाने के लिए 1700 गांवों में जमीन दी है। गरीब परिवारों की बेटियों को शादी पर ’मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना’ के तहत 71 हजार रुपये तक शगुन नायब सरकार द्वारा दिया जा रहा है।गरीबों के सिर पर छत उपलब्ध करवाने के लिए ’प्रधानमंत्री आवास योजना’ के तहत 1 लाख 47 हजार मकान दिये जा चुके हैं। गरीब परिवारों को ’मुख्यमंत्री आवास योजना-शहरी’ के तहत 14 शहरों में 15 हजार 256 गरीब परिवारों प्लाट दिए जा चुके हैं। ’मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण’ के तहत 58 ग्राम पंचायतों में 3 हजार 884 प्लाट दिए हैं। इस योजना के दूसरे चरण में 1 लाख 59 हजार परिवारों ने पंजीकरण करवाया है। गांवों में पंचायती भूमि पर बने 500 वर्ग गज तक के मकानों पर काबिज लोगों को मालिकाना हक दिया है।सामाजिक सुरक्षा पेंशन एक हजार रुपये से बढ़ाकर 3 हजार रुपये मासिक की है। नायब सरकार ने ऐसी व्यवस्था की है कि धन के अभाव में कोई भी गरीब इलाज से वंचित नहीं रह सके। ’आयुष्मान भारत-चिरायु योजना के तहत अब तक 22 लाख लोग अपना इलाज मुफ्त करवा चुके हैं। किडनी के रोग से पीड़ित रोगियों के लिए सभी सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में मुफ्त डायलिसिस की सेवाएं शुरू की हैं। प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है तथा 9 अन्य निर्माणाधीन हैं।खेलों का जिक्र होते ही हर हरियाणावासी का सीना चौड़ा हो जाता है। खेल नीति के तहत ओलंपिक पदक विजेता खिलाड़ियों को 6 करोड़ रुपये तक नकद इनाम देने की परम्परा भाजपा सरकार ने ही शुरू की। 19 जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में 50 करोड़ रुपये की लागत से 250 इंडोर जिम खोले गये हैं।संकल्प पत्र में महिलाओं को लाडो लक्ष्मी योजना के तहत 2100 रुपए देने का वादा नायब सैनी ने निभाया। पहले ही चरण में एक लाख रुपए वार्षिक आय तक की 20 लाख से अधिक महिलाओं को ये मिलने लगेंगे। 18 लाख गरीब महिलाओं को रसोई चलाने के लिए हर महीने केवल 500 रुपये में गैस सिलेंडर दिया जा रहा है। गांवों के विकास में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उन्हें पंचायती राज संस्थाओं में 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व दिया है। बहन बेटियों को उच्च शिक्षा देने के लिए प्रदेश में खोले गये 80 कालेजों में से 30 लड़कियों के हैं। 5 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने की तरफ बढ़ते हुए अब तक 2 लाख 13 हजार महिलाओं को लखपति दीदी बनाया जा चुका है।’ड्रोन दीदी योजना’ में 100 महिलाओं को मुफ्त ड्रोन व प्रशिक्षण दिया जा चुका









