‘उपजा’ की नींव मजबूत करने में लगे रहे शिला की तरह बरेली। यू पी जर्नलिस्ट एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री बड़ौत निवासी 77 वर्षीय मान्यता प्राप्त पत्रकार रमेश चंद्र जैन अब हमारे बीच नहीं रहकर पंचतत्व में विलीन हो गए।लखनऊ एन यू जे यू पी के अध्यक्ष के बख्श सिंह को मेरे द्वारा अवगत कराने पर उनके प्रयास से स्वर्गीय रमेश जैन के पार्थिव शरीर पर जिला प्रशासन की ओर से पुष्प चक्र अर्पित किया गया था। उनकी बड़ौत की शोक सभा में उनके प्रदेश भर के शुभचिंतकों ने उनके पुत्र गौरव को आकर ढांडस दिया। शुक्रवार को ही रमेश जैन ने भोर में अपनी अंतिम सास ली थी। उनके गोलोकगमन से पत्रकारों ने अपना एक हितैषी योद्धा को खो दिया था जो हमेशा उनके हितों को लेकर सरकार से पत्राचार करता रहता था । लखनऊ में दैनिक जागरण से जुड़े भगवत सरन ने 1966 में जब राष्ट्रवादी पत्रकारो को जोड़कर यू पी जर्नलिस्ट एसोसिएशन (उपजा) का गठन किया था तो उन्होंने एवम अन्य पत्रकारो ने नही सोचा होगा कि उपजा के 60 साल होने पर उनके संगठन की कुछ स्वार्थी कथित पत्रकार खंड खंड में विखंडित होकर उपजा की दुर्गति भी कर सकते है। इस पर बड़ौत के दूरदर्शी रमेश जैन ने अपने पत्रकार साथियो के दम पर उपजा को जेबी संगठन बनाने वालों के मंसूबों को ध्वस्त कर 2013 के बाद से उपजा का काफी समय तक गौरव कायम रखा था। वह कई आरोप में घिरकर कोयले की खान में से कोर्ट आदेश पर साथियों अरुण जायसवाल एवं जी सी श्रीवास्तव आदि के साथ बेदाग ही नजर आए थे। उनका लक्ष्य पत्रकारों की एकता पर ही रहता था । बड़ौत निवासी वरिष्ठ पत्रकार रमेश चंद जैन के बारे में मुझे वरिष्ठ पत्रकार अनिल माहेश्वरी ने बताया था कि खजांचीमल सराफ का बेटा रमेश जैन काफी जुझारू है। उनसे पहली बातचीत फ़ोन पर वर्ष 2013 में हुई थी। उन्होंने बताया था कि में यू. पी. जर्नलिस्ट्स ऐसोसिएशन (उपजा) के अलाहाबाद द्विवार्षिक चुनाव में प्रान्तीय महामन्त्री पद पर उम्मीदवार हूँ और मुझे आपसे वोट एवम सपोर्ट चाहिए। बरेली के ही पवन सक्सेना, जनार्दन आचार्य दिनेश पवन से बात कर हमने इस समय संयुक्त रूप से रमेश जेन को जिताने को कमर कसी। इलाहाबाद में वर्ष 2013 में उपजा के द्विवार्षिक अधिवेशन में हुए उपजा चुनाव में प्रदेश भर के बरेली सहित अन्य जिलों से पहुंचे डेलीगेट्स ने रमेश जेन के पक्ष में मतदान किया। दूसरे गुट के समर्थक कथित धन्नासेठ पत्रकार ने गोली भी चलवाई थी जिसे पुलिस ने गिराकर पीटा और जेल भी भेजा बाद में वह माफी मांग कर ही छूटे। अंततः रमेश जैन को महामंत्री पद पर विजय श्री हासिल हुई थी। में भी प्रान्तीय उपाध्यक्ष पद चुना गया था।उसके बाद घनिष्ठता बढ़ी और पत्रकार हित के लिए एक दूरगामी नीति बनाई। लखनऊ के तत्कालीन उपजा जिलाध्यक्ष अब स्वर्गीय अरविंद शुक्ला, अरुण जायसवाल, जी सी श्रीवास्तव, नृपेंद्र जी, चित्रांशी जी, अशोक अग्निहोत्री ताऊ आदि अन्य साथियों के सहयोग से पत्रकार हित में अनेक कार्यक्रम समय समय पर किये गए। उपजा ने अनेक मांग पत्र उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, राज्यपाल, प्रधानमंत्री, प्रदेश सूचना विभाग के अधिकारियों को भी भेजे गए थे।महामंत्री रमेश जेन, अरुण जायसवाल, डी एम शर्मा, रतन दीक्षित आदि के प्रयासों से बरेली में उपजा की दो दिवसीय प्रदेश सम्मेलन/ कार्यकारिणी का आयोजन 2014 में बरेली उपजा जिलाध्यक्ष डॉ पवन सक्सेना, जनार्दन आचार्य, संजीव कुमार शर्मा गंभीर, महेश पटेल, सुभाष चौधरी, फहीम करार, आर के जोशी, स्वर्गीय दिनेश पवन, फिरासत हुसेन, आदि द्वारा किया गया था। इस अवसर पर एक स्मारिका इनसाइडर का भी प्रकाशन हुआ था जिसमे 16 मार्च 1966 में स्थापित उपजा के अधिकृत इतिहास को भी सभी से जानकारी जुटाकर छापा गया था। उपजा के संस्थापक महामन्त्री भगवत सरन जी के विषय में रमेश जेन ने मुझे साथ लेकर अलीगंज लखनऊ मे काफी पूछताछ की। आखिरकार उन्हें तलाश ही लिया। उनके साथ सेल्फी भी ली। हम लोगो ने उनके चरणस्पर्श कर आशीर्वाद भी प्राप्त किया था। अब उपजा के प्रथम महामंत्री रहे भगवत सरन जी अब इस लोक में नहीं हैं। उपजा के पूर्व पदाधिकारी रहे स्वर्गीय गुरुदेव नारायण, राजेन्द्र द्विवेदी आदि से इस दौरान सम्पर्क कर उपजा के वर्तमान स्वरूप की चर्चा कर मार्गदर्शन करने का अनुरोध भी किया था। मेरठ के बड़ौत में नवभारत टाइम्स के संवाददाता रहे रमेश जैन 31 अगस्त 1949 को जन्मे थे। रमेश जैन 77 वर्ष की उम्र में भी कर्मठ रहे थे। वह अकेले ही सूचना विभाग में जाकर पत्रकारो की समस्या को पत्र देते रहते थे। उसका फ़ालोआप भी करते थे। कोई परिस्थिति उत्पन्न हो उनके चेहरे पर शिकन नही पड़ती थी। पत्रकारो की सम्मान की लड़ाई अपनी ही मान कर आगे की पंक्ति में रहकर संघर्षरत रहते थे।एक बार प्रदेश उपजा एवं लखनऊ जिला उपजा द्वारा मई दिवस 2016 के अवसर पर प्रदेश पर सपा नेता मुलायम सिंह की छोटी बहू अपर्णा यादव, मधुकर जेटली का अभिनंदन कर सम्मानित किया। बरेली, बहराइच, रायबरेली का सम्मेलन हो या बनारस का। रमेश जैन ने हमेशा प्रदेश की सभी इकाइयों की सूचना से प्रचार सामग्री आदि के लिए आगे आकर सहायता की।कोटा, चित्तोड़, ओंकारेश्वर, विजयबाड़ा कही भी सम्मेलन हो प्रदेश एवम मित्र पत्रकारो को कमरे से लेकर सभी सुविधाओं की रमेश जी जब तक व्यवस्था नहीं कर देते उन्हें चेन नही पड़ता था । मजीठिया वेज बोर्ड लागू करवाने के लिए बने कन्फेडरेशन का दो दिवसीय कार्यक्रम लखनऊ के गोमती होटल तथा विश्वरैया हाल में बढ़चढ़ कर भाग ही नही लिया था। अपितु अपनी बात को भी प्रमुखता से रखा। वरिष्ठ पत्रकारों अब स्वर्गीय राजेन्द्र प्रभु और नंदकिशोर त्रिखा (दोनों नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट नेता) की पूरी देखभाल की।10 अक्टूबर 2019 को कन्फेडरेशन (पत्रकार यूनियनों के समूह) द्वारा जन्तर मन्तर पर किये गये धरना- प्रदर्शन में प्रदेश के लोगो को फ़ोन कर ट्रैन की जानकारी दी। और सभी से फोन से लगातार संपर्क भी बनाये रखा।प्रयागराज कुम्भ 2019 में उपजा के दल बल के साथ वह शामिल हुए थे। सूचना विभाग से सभी पत्रकारों की व्यवस्था भी कराई थी।रमेश जैन ने केंद्रीय स्तर पर मजीठिया वेज बोर्ड लागू करना, पत्रकार सुरक्षा कानून बनाकर लागू करना, प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के संरक्षण के लिए प्रेस कौंसिल की