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मौत का शोरूम: 7 पिस्टल, 371 गोलियां… क्या शहर को दहलाने की थी तैयारी!

मुंबई (इंद्र यादव) ठाणे- डोम्बिवली।55 साल का सुरेंद्र पाटिल डोंबिवली और कल्याण के इलाके में एक रसूखदार बिल्डर के रूप में जाना जाता है। लेकिन उसकी असली पहचान इंस्टाग्राम के ‘रील’ सेक्शन में छिपी थी। सफेद कुर्ते-पाजामे, गले में सोने की मोटी चेन और पीछे समर्थकों की भारी भीड़—पाटिल अपनी रील्स में खुद को किसी रॉबिनहुड या बड़े गैंगस्टर की तरह पेश करता था।उसके वीडियो में अक्सर ‘पावर’, ‘दहशत’ और ‘हक’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल होता था। यह चमक-धमक ही थी जिसने उसे हज़ारों फॉलोअर्स दिए, लेकिन इसी ‘रील लाइफ’ की सनक ने उसे सलाखों के पीछे पहुँचा दिया।🕒 वह आधी रात और वो ‘खटका’ जिसने राज खोल दियाघटना की शुरुआत होती है शनिवार की उस आधी रात से, जब ठाणे क्राइम ब्रांच की यूनिट-3 को एक पक्की टिप मिली। सूचना थी कि पाटिल के दावड़ी स्थित आलीशान बंगले में अवैध हथियारों की एक बड़ी खेप पहुँची है।जब पुलिस की टीम बंगले के अंदर दाखिल हुई, तो वहां का वैभव देखकर दंग रह गई। चप्पे-चप्पे की तलाशी ली गई, लेकिन शुरू में कुछ नहीं मिला। तभी एक अनुभवी अधिकारी की नज़र सीढ़ियों के पास रखे एक विशाल शू-रैक पर पड़ी।संदेह की वजह: रैक के पीछे की दीवार का अलाइनमेंट थोड़ा अजीब था।खुलासा: जब जूतों के रैक को हटाकर पीछे के प्लाईवुड पैनल को धक्का दिया गया, तो वह एक ‘सीक्रेट सेफ’ की तरह खुल गया। अंदर कोई जूते नहीं, बल्कि लोहे और बारूद की वह चमक थी जिसने अधिकारियों के होश उड़ा दिए। ‘मिनी आर्मी’ का जखीरा: एक युद्ध की तैयारी पुलिस ने जब्ती की लिस्ट बनाना शुरू की, तो वह पन्ने भरती चली गई। यह किसी एक व्यक्ति के बचाव के लिए रखे गए हथियार नहीं थे, बल्कि एक पूरी गैंग को युद्ध के लिए तैयार करने जैसा सामान था:ल.अग्न्यास्त्र: 7 अवैध पिस्टल और तमंचे।कारतूसों का अंबार: 371 जिंदा कारतूस। (इतनी गोलियां किसी छोटे एनकाउंटर के लिए काफी हैं)।धारदार हथियारों का कलेक्शन: इसमें एक बेशकीमती तलवार, दो बड़े सुरा , दो कोयते (हंसिए) और बटन वाले चाकू शामिल थे।लॉजिस्टिक: 2 लाख रुपये के हाई-एंड स्मार्टफोन, जिनका इस्तेमाल संभवतः एन्क्रिप्टेड बातचीत के लिए किया जा रहा था। सबसे बड़ा सवाल: क्यों बना रहा था ‘मिनी आर्मी’ सुरेंद्र पाटिल महज दो हफ्ते पहले ही जेल से जमानत पर बाहर आया था। बाहर आते ही इतनी बड़ी मात्रा में हथियार जुटाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है:).वर्चस्व की जंग: क्या वह इलाके के किसी दूसरे बिल्डर या अपराधी के साथ गैंगवार की फिराक में था?जमीन पर कब्जा: ठाणे-डोंबिवली में जमीनी विवाद अक्सर हिंसक मोड़ लेते हैं। क्या यह जखीरा डराने-धमकाने के लिए था?रील का पागलपन: क्या वह अपने अगले वीडियो शूट के लिए असली हथियारों का प्रदर्शन कर अपनी ‘डॉन’ वाली इमेज को और पुख्ता करना चाहता था! कानून का शिकंजा: हिस्ट्री-शीटर की वापसी पाटिल का पुराना रिकॉर्ड गवाह है कि वह कानून को अपने हाथ में लेने का आदी रहा है। ठाणे क्राइम ब्रांच के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ पहले भी जबरन वसूली और मारपीट के मामले दर्ज हैं।पुलिस की कार्रवाई: आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर पाटिल को फिर से जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब उन कड़ियों को जोड़ रही है जो पाटिल को इन हथियारों के सप्लायरों से जोड़ती हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि ये पिस्टल और गोलियां उत्तर प्रदेश या बिहार के किन रास्तों से महाराष्ट्र पहुँचीं। सुरेंद्र पाटिल की यह कहानी चेतावनी है कि सोशल मीडिया की ‘रील्स’ में दिखने वाली शोहरत के पीछे अक्सर अपराध का काला साम्राज्य छिपा होता है। जिसे दुनिया ‘रील स्टार’ समझ रही थी, वह दरअसल ‘मिनी आर्मी’ तैयार कर रहा एक खतरनाक अपराधी निकला।

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युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है हरियाणा सरकार — नायब सिंह सैनी

नेचर कैंप थापली में आए पंजाब विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने किया मुख्यमंत्री से संवाद पंचकूला, 31 मार्च (ईशान राय ,ईशान टाइम्स ग्रुप)। हरियाणा सरकार के युवा कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित 3 दिवसीय नेचर कैंप थापली में आए पंजाब विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने संत कबीर कुटीर में आज मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। हरियाणा के मुख्यमंत्री से मिलकर पंजाब के छात्र गदगद नजर आए मुख्यमंत्री ने भी पंजाब के सभी विद्यार्थियों से स्नेहल मुलाकात की और उन्हें अपनी शुभकामनाएं प्रदान की। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए युवाओं के सर्वांगीण विकास संबंधी दृष्टि को साझा किया।युवा कल्याण संयोजक नरेंद्र सिंह ने इस कार्यक्रम की जानकारी प्रदान करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का स्पष्ट विज़न है कि दोनों राज्यों का युवा शिक्षित, आत्मनिर्भर और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने वाला हो। उन्होंने विद्यार्थियों को उच्चतम शिक्षा प्राप्त कर देश सेवा के लिए प्रेरित किया तथा विदेश पलायन की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि युवा अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग देश में करेंगे तो हरियाणा पंजाब और भारत की प्रगति को नई दिशा मिलेगी। युवा कल्याण संयोजक नरेंद्र सिंह ने बताया कि यह कार्यक्रम हरियाणा सरकार के युवा कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है, जिसके तहत प्रतिदिन एक विश्वविद्यालय के विद्यार्थी नेचर कैंप थापली का भ्रमण करते हैं। यह आयोजन हरियाणा के मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत हरियाणा एवं पंजाब के विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों को नेचर कैंप थापली भ्रमण हेतु आमंत्रित किया जाता है। यहां छात्र-छात्राएं प्रकृति के सान्निध्य में समय व्यतीत कर पर्यावरणीय तंत्र (ईकोसिस्टम) की कार्यप्रणाली को समझते हैं तथा जैव विविधता, जल संरक्षण और वन संरक्षण जैसे विषयों पर व्यावहारिक जानकारी प्राप्त करते हैं। इसके साथ-साथ छात्र-छात्राएं राष्ट्र प्रथम की भावनाओं को लेकर अपने विचार भी सांझा करते हैं । डिप्टी रेंज ऑफिसर विजय नेहरा ने विद्यार्थियों को सतत विकास एवं पारिस्थितिकीय परिवर्तन विषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान दिया। उन्होंने जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर कैंप संयोजक नैंसी, रेंज ऑफिसर संजय, डिप्टी रेंज ऑफिसर विजय नेहरा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कार्यक्रम की सराहना की तथा युवाओं को पर्यावरण संरक्षण एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।

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सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सम्मान समारोह के साथ मनाया बिहार दिवस

बिहार फाउंडेशन पंचकूला चैप्टर द्वारा बिहार दिवस पर मनाया गया बिहारी परिवार मिलन उत्सव पंचकूला/कमल कलसी( ईशान टाइम्स ग्रुप) बिहार फाउंडेशन पंचकूला चैप्टर द्वारा बिहार दिवसपल्लवी ग्रैंड होटल, सेक्टर-5, पंचकूला में मनाया गया। कार्यक्रम की जानकारी देते चेयरमैन रंजु प्रसाद (आई पी ओ एस सेवानिवृत्त) ने बताया की विहार दिवस परबिहारी परिवार मिलन उत्सवकार्यक्रम फाउंडेशन के संरक्षक डॉ.एस.एस.प्रसाद (IAS रिटायर्डपूर्व गृह सचिव, हरियाणा)की अध्यक्षता मे मनाया गया इस अवसर पर कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथिश्रीमती बंतो कटारियाहरियाणा बीजेपी की स्टेट वाइस प्रेसिडेंट औरविशिष्ट अतिथि अजय मित्तल (जिला अध्यक्ष भाजपा) चेयरमैन रंजु प्रसाद फाउंडेशन के संरक्षक डॉ.एस.एस.प्रसाद द्वारादीप प्रज्ज्वलित कर किया गया इस समारोह में बिहार एवं पूर्वांचल समाज के सदस्यों के साथ प्रशासन, पुलिस, शिक्षा, मीडिया और कॉरपोरेट क्षेत्र से जुड़े कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।कार्यक्रम की शुरुआत विभिन्न सामाजिक संगठनों जैसे पूर्वांचल समाज, बिहार समाज, मौर्य समाज और मैथिल समाज के पदाधिकारियों को पारंपरिक गमोसा भेंट कर सम्मानित करने के साथ हुई, इस समारोह मे ममता सोधा एसीपी पद्मश्री अवॉर्डी, डॉक्टर जय शंकर सिंह उप कुलपति पटियाला ला यूनिवर्सिटी, धीरज कुमारDSP, चंडीगढ़ पुलिस, नीतीश कुमार छात्र/समाज सेवा, विंग कमांडर संजय राय (IAF),आलोक कुमार,निदेशक, दूरदर्शन केंद्र, चंडीगढ़,संजीव कुमार IPOS, डाक विभाग, चंडीगढ़,डॉ. S.K. सिन्हा प्रोफेसर, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग,पी जी आई चंडीगढ़दीपक शाही मुख्य संवाददाता, अमर उजाला (पंचकूला), उत्कर्ष झाव्यवसाय ,डॉ.एस के सिंह,यू के सिंह, डॉ. प्रशांत को बिहार फाउंडेशन पंचकूला चैप्टर की और सेअवार्ड दिया गया इसके साथ ही मिथिलांचल की संस्थाओ के अध्यक्ष को भी समानित किया गया।इस अवसर पर विहार से आये गायक कार सोनी चौधरी, निधि झा, राजीव शर्मा द्वाराबिहारी लोक गीत गाये और खेतकी ठाकुर चंदन झा और डांस टीम विनोद साजन एंड पार्टी द्वारा लोक नृत्य व लाइव बैंड म्यूजिक पर शानदार भव्य कार्यक्रम धूम धाम प्रस्तुत किया गया।इस अवसर पर हजार की संख्या मे विहारी समुदाय के लोग जो हिमाचल, पंजाब यमुनानगर, पंचकूला और विभिन्न जगहों से परिवार के साथ आये थे उपस्थित रहे। कार्यक्रम उपरांतपारंपरिक बिहारी व्यंजन भी सभी को वितरित किया गया।

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ISRO वैज्ञानिक बन 11 महिलाओं का यौन शोषण, 12 नामों से रची साजिश:बहरूपिया ‘साइंटिस्ट’ गिरफ्तार

मुंबई (इंद्र यादव) नवी मुंबई: महाराष्ट्र में अंधश्रद्धा और ठगी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। अभी नासिक के ढोंगी बाबा अशोक खरात का मामला ठंडा भी नहीं पड़ा था कि नवी मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे ‘हाई-टेक’ जालसाज को दबोचा है, जिसने खुद को ISRO (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) का वैज्ञानिक बताकर राज्य भर की 11 महिलाओं को अपनी हवस और लालच का शिकार बनाया। मैट्रिमोनियल साइट्स को बनाया शिकार का अड्डा आरोपी की पहचान आदर्श म्हात्रे के रूप में हुई है। हैरानी की बात यह है कि आदर्श महज 10वीं पास है, लेकिन उसका रहन-सहन और बात करने का तरीका किसी बड़े अधिकारी जैसा था। उसने ‘मैट्रिमोनियल वेबसाइट्स’ और सोशल मीडिया पर अपनी फर्जी प्रोफाइल बना रखी थी। खुद को कभी ISRO का वैज्ञानिक तो कभी लोक निर्माण विभाग (PWD) का क्लास-वन अधिकारी बताकर वह पढ़ी-लिखी और संपन्न महिलाओं को अपने जाल में फंसाता था। शारीरिक शोषण के साथ लाखों की लूट पुलिस जांच में आरोपी की बेहद घिनौनी ‘मोडस ऑपरेंडी’ (काम करने का तरीका) सामने आई है:टारगेट: वह विशेष रूप से डॉक्टर, इंजीनियर और बैंक अधिकारियों जैसी उच्च शिक्षित महिलाओं को चुनता था।विश्वास: शादी का झांसा देकर पहले उनका भरोसा जीतता और फिर उनके साथ शारीरिक संबंध बनाता था।वसूली: एक बार रिश्ता गहरा होने पर, वह किसी ‘इमरजेंसी’ या ‘काम के सिलसिले’ का बहाना बनाकर उनसे लाखों रुपये ऐंठ लेता था। चौंकाने वाला खुलासा: जांच में पता चला कि वह एक महिला से लूटे गए पैसों को दूसरी महिला पर प्रभाव जमाने के लिए खर्च करता था। बाकी बचे हुए पैसों से वह कैसीनो में जुआ खेलता और ऐश-ओ-आराम की जिंदगी जीता था। 12 चेहरे, 11 केस और पूरे महाराष्ट्र में फैला जाल पकड़े जाने के डर से आदर्श म्हात्रे लगातार अपनी पहचान बदलता रहता था। पुलिस को अब तक उसके 12 फर्जी नामों का पता चला है, जिनमें स्वप्निल वारुले, हेमंत गायकर, नहुश म्हात्रे और रुद्रेश गोंधली जैसे नाम शामिल हैं।उसके खिलाफ अब तक 11 मामले दर्ज हो चुके हैं। ठगी का यह जाल सिर्फ नवी मुंबई तक सीमित नहीं था, बल्कि उसने निम्नलिखित शहरों की महिलाओं को भी अपना शिकार बनाया:मुंबई और ठाणेपिंपरी-चिंचवड़ (पुणे)नागपुरयवतमाल पुलिस की अपील: डरें नहीं, सामने आएं नवी मुंबई के पुलिस निरीक्षक सुनील शिंदे और उनकी टीम ने तकनीकी जांच के आधार पर इस बहरूपिये को सलाखों के पीछे पहुंचाया है। पुलिस आयुक्त ने अपील की है कि.बदनामी के डर से चुप न रहें, अगर कोई और भी इस ठगी का शिकार हुआ है तो तुरंत पुलिस से संपर्क करें।वैवाहिक वेबसाइटों पर किसी से भी मिलने या पैसे का लेनदेन करने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल अवश्य करें।सावधान रहें! ऑनलाइन दुनिया में दिखने वाला हर चेहरा सच नहीं होता। एक छोटी सी सावधानी आपको बड़े आर्थिक और मानसिक आघात से बचा सकती है।

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पंचकूला धार्मिक नगरी से बनता जा रहा है घोटालों का शहर- ओ पी सिहाग

दोनों बैंकों के 750 करोड़ रुपयों के घोटालों एवं गबन में राजनीतिक एवं रसूखदार लोगों के संलिप्त होने की आशंका। पूरे मामले की जांच सी बी आई से करवाई जाए। पंचकूला, 27 मार्च: जननायक जनता पार्टी पंचकूला के जिला अध्यक्ष ओ पी सिहाग का कहना है कि कुछ सालों पहले पंचकूला एक सुन्दर,स्वच्छ, शांत एवं व्यवस्थित शहर के नाम से जाना जाता था। परंतु पिछले 6-7 सालों से यहां की आबो हवा एवं फिजा बिल्कुल बदल गई है। जहा इस पूरे क्षेत्र में क्राइम बढ़ा है वहीं य़ह शहर तरक्की एवं साफ़ सफाई के मामले में दूसरे शहरो से पिछड़ते जा रहा है। दूसरी ओर य़ह शहर पूरे प्रदेश एवं क्षेत्र में धार्मिक कार्यक्रमों का हब बनता जा रहा है ।यहां लोग हर तरह के होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में भाग लेने के अलावा आयोजकों एवं बाबाओं को मोटा चंदा एवं दान देते हैं। इसी वज़ह से धार्मिक गुरुओं , बाबाओं , कथा वाचको एवं मठाधीशों का ज्यादा झुकाव इस शहर की तरफ बढता जा रहा है। जिसकी वजह से लोग पंचकूला को धार्मिक नगरी भी कहने लगे हैं।जजपा ज़िला अध्यक्ष ओ पी सिहाग ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से विभिन्न सरकारी विभागों एवं बैंकों में लगातार हो रहे घोटालों ने इस धार्मिक नगरी को घोटालों का शहर बना दिया है। सिहाग ने कहा कि पंचकूला जिले में करोडों रुपये के खेर के पेड़ों की अवैध रूप से काट कर बेचने के घोटाले की स्याही अभी सूखी ही नहीं थी 590 करोड़ रुपये का आई डी एफ सी फर्स्ट बैंक का घोटाला हुआ जिसमें विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मिलीभगत से बैंक कर्मियों ने य़ह घोटाला किया।अभी इस घोटाले की जांच चल ही रही थी कि इसी दौरान नगर निगम पंचकूला के 159 करोड़ रुपये की एफ डी जो कोटक महिंद्रा बैंक मे सालो पहले जमा करायी गयी थी , वो पैसे भी घोटाला करने वाले बैंक कर्मियों , सम्भवतः कुछ नगर निगम के कर्मचारियों एवं दलाल किस्म के लोगों ने आपस में बन्दर बांट करके हजम कर लिए । इतने बड़े घोटाले में रसूखदार एवं राजनीतिक रूप से ताक़तवर लोगों के शामिल होने की संभावना को नकारा नहीं जा सकता।जजपा ज़िला अध्यक्ष सिहाग ने कहा कि नगर निगम पंचकूला के सफाई ठेके की , रोड़ स्वीपिंग मशीनो एवं कई दूसरे विभागों में छोटे मोटे घोटालों की शिकायतें गाहे बगाहे आती रहती है जिस ओर किसी का ज्यादा ध्यान नहीं जाता। अब सवाल यह उठता है कि सेंकड़ों करोड़ रुपये की इतनी बड़ी राशि क्या बैंक या सरकारी विभागों के कर्मचारी अकेले हजम कर गए या राजनीतिक रसूख रखने वाले लोग एवं सरकार के बड़े अधिकारी भी इस नेक्सस में शामिल हैं। य़ह एक जांच का विषय है। जजपा ज़िला अध्यक्ष सिहाग ने सरकार से मांग की है कि इन दोनों बैंकों के इतने बड़े घोटाले की जांच किसी निष्पक्ष एजेंसी से करवाई जाए जिसमें लगभग 750 करोड़ का गबन होने बारे आशंका है तथा इसमे छोटे कर्मचारियों के अतिरिक्त बड़ी बड़ी मछलियां शामिल होने बारे चर्चाओं का बाज़ार गर्म है । उन्होंने कहा कि जजपा य़ह मांग करती है इस सारे मामले को तुरंत सी बी आई के हवाले कर देना चाहिए ताकि कोई भी कितना भी बड़ा व्यक्ति इन दोनों घोटालों में शामिल हो वो बच न पाये।

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Accused Rajat Dahra arrested in Kotak Mahindra Bank case

Breaking News- Accused Rajat Dahra son of Bhagwan Das Dahra has been arrested in Kotak Mahindra Bank case. He has disclosed that he received more than Rs 60 crores from account number …3031 w.e.f. 29/05/2020 and account no…9112 w.e.f. 01/10/2022 till 2025. He allegedly transferred this money to many other accounts which are being investigated.

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गटर का ज्ञान एपस्टीन का दाग

: ‘हाय मोदी’ के शोर में कहीं राख न हो जाए जनतंत्र के चिराग! मुंबई (इंद्र यादव) देश आज एक अजीबोगरीब चौराहे पर खड़ा है। एक तरफ वैश्विक सुर्खियों में ‘एपस्टीन’ जैसे कांडों का शोर है, जो सत्ता और रसूख के काले चेहरों को बेनकाब कर रहा है, तो दूसरी तरफ भारत की गलियों में गैस-पेट्रोल की बढ़ती कीमतें आम आदमी की कमर तोड़ रही हैं। लेकिन विडंबना देखिए, जनता जब अपनी बदहाली पर सवाल पूछती है, तो उसे जवाब में ‘पकौड़ा दर्शन’ और ‘नाली गैस’ जैसे अजीबो-गरीब तर्क थमा दिए जाते हैं। महंगाई का तांडव और रसोई का गणित गैस और पेट्रोल की कीमतें अब केवल आंकड़े नहीं, बल्कि मध्यम वर्ग और गरीबों के घरों में मातम का कारण बन गई हैं। जिस देश में ईंधन के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार की दुहाई देकर बढ़ाए जाते हों, वहां आम आदमी यह समझने में नाकाम है कि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का फायदा उसकी जेब तक क्यों नहीं पहुँचता? रसोई गैस का सिलेंडर अब ‘शोपीस’ बनता जा रहा है और चूल्हा फिर से धुएँ की तरफ लौट रहा है। रोजगार के नाम पर ‘पकौड़ा’ तंत्र देश का युवा, जो हाथों में डिग्री लेकर सुनहरे भविष्य का सपना देखता है, उसे जब सत्ता के गलियारों से ‘पकौड़ा तलने’ की सलाह मिलती है, तो वह केवल एक आर्थिक मशविरा नहीं बल्कि उसकी मेहनत का अपमान होता है।नाले पर ढाबा: ‘गटर से गैस’ निकालने जैसे वैज्ञानिक दावों ने बौद्धिक विमर्श को मजाक बना दिया है।पकौड़ा डिप्लोमेसी: क्या करोड़ों युवाओं का भविष्य कड़ाही के खौलते तेल में ही सिमटा रहेगा जब नीतियां रोजगार पैदा करने में विफल होती हैं, तो ऐसे ही ‘जुमलों’ का सहारा लेकर विफलता को ढंकने की कोशिश की जाती है। अंधभक्ति बनाम राष्ट्रभक्ति आज समाज दो धड़ों में बंट गया है। एक तरफ वे हैं जो ‘अद्धा’ (सीमित ज्ञान और अंध समर्थन) लेकर घूम रहे हैं, जिन्हें महंगाई में भी मास्टरस्ट्रोक नजर आता है। दूसरी तरफ ‘हाय मोदी’ का विलाप है। इस शोर-शराबे में वह ‘राष्ट्रभक्ति’ कहीं खो गई है जो सत्ता से सवाल पूछती थी। “लोकतंत्र तब मर जाता है जब सवाल पूछने वाली जुबानें खामोश हो जाती हैं और तालियां बजाने वाले हाथ सत्ता के रक्षक बन जाते हैं।” प्राण खतरे में हैं: यह जुमला नहीं, हकीकत है देश चिल्ला रहा है क्योंकि स्वास्थ्य व्यवस्था, शिक्षा और सुरक्षा के बुनियादी ढांचे चरमरा रहे हैं। जब सत्ता का पूरा ध्यान केवल छवि चमकाने और विरोधियों को कुचलने पर हो, तो जनता के ‘प्राण’ वाकई खतरे में पड़ जाते हैं। चिल्लाता हुआ देश दरअसल अपनी पहचान और वजूद बचाने की गुहार लगा रहा है। जागने का वक्त सार यह है कि सरकारें आती-जाती रहेंगी, लेकिन जो मुद्दे आज कड़ाही में तले जा रहे हैं, वे कल देश की नींव को खोखला कर देंगे। हमें ‘अंधभक्ति’ के चश्मे उतारकर यह देखना होगा कि क्या वाकई हम तरक्की कर रहे हैं या सिर्फ नारों के शोर में अपनी बर्बादी का जश्न मना रहे हैं।

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प्राइवेट बैंको द्वारा सरकारी धन के घोटालों ने बैंकों की विश्वसनीयता पर लगाया सवालिया निशान -ओ पी सिहाग

नगर निगम ने य़ह सारा पैसा करों के रूप में पंचकूला की जनता से उनकी खून पसीना बहा कर कमाई गई गाढ़ी राशि से वसूला गया पंचकूला, (ईशान टाइम्स): पहले आई डी एफ सी फर्स्ट बैंक का 590 करोड़ रुपये का घोटाला अब कोटक महिंद्रा बैंक पर नगर निगम पंचकूला के 160 करोड़ रुपये के गबन के आरोप । बैंक जो किसी भी व्यक्ति या संस्था के पैसे या क़ीमती चीजों को सुरक्षित रखने के लिए सबसे ज्यादा विश्वसनीय माने जाते हैं । पिछले दिनों दो प्राइवेट बैंकों द्वारा फ्रॉड किए जाने के कारण उनकी विश्वसनीयता एवं साख पर बट्टा लगा है। जजपा पंचकूला ज़िला अध्यक्ष ओ पी सिहाग ने कहा कि आर बी आई द्वारा मान्यता प्राप्त दोनों प्राइवेट बैंकों के अधिकारियों/कर्मचारियों जो इन करोडों रुपये के घोटालों एवं गबन में शामिल है तथा इन घोटालों में शामिल सरकारी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किये जाने की जरूरत है।जजपा ज़िला अध्यक्ष ओ पी सिहाग एवं ज़िला कार्यालय सचिव सुरिन्दर चड्डा ने आज प्रेस के सामने बैंकों द्वारा ऐसा अकल्पनीय फ्रॉड एवं धोखा किये जाने पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि जिन सरकारी विभागों के करोडों रुपये का गबन हुआ है इतने सालों तक उसके जिम्मेदार अधिकारी क्या कर रहे थे? क्यों नहीं उन्होंने समय-समय पर इस बारे पूरी जानकारी नहीं ली? ये सारा पैसा पब्लिक द्वारा विभिन्न करों के रूप में नगर निगम को दिया गया है। उन्होंने प्रदेश सरकार तथा पुलिस से आग्रह किया है कि जो करोडों रुपये कुछ फ्रॉड किस्म के बैंक या सरकारी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने डकारे हैं उनसे सख्ती से वो रुपये रिकवर करके सरकारी खजाने में जमा करवाए जाये, पूरी पारदर्शिता के साथ जांच करके दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।उन्होंने आर बी आई के अधिकारियों से अनुरोध किया है कि जितने प्राइवेट बैंकों को मान्यता दी गई है उसकी अच्छी तरह से दोबारा जांच की जाए। उन्होंने कहा कि जो प्राइवेट बैंक आर बी आई की कसौटी पर खरे नहीं उतरते हैं उनकी मान्यता रद्द की जाए ताकि इस तरह के फ्रॉड बैंकिंग क्षेत्र में न हो।

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कोटक महिंद्रा बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर दिलीप कुमार राघव गिरफ्तार

पंचकूला नगर निगम की 48करोड़ Fd घोटाले में जांच जारी चंडीगढ़/पंचकूला,26मार्च(संजय राय ,ईशान टाइम्स)।राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SVACB), हरियाणा द्वारा वित्तीय अनियमितताओं के एक गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए थाना एसीबी, पंचकूला में एफआईआर संख्या 0005 दिनांक 24.03.2026 को दर्ज की गई है। यह मामला कोटक महिंद्रा बैंक, सेक्टर-11, पंचकूला में नगर निगम पंचकूला की एफडीआर एवं बैंक खातों में पाई गई गंभीर विसंगतियों से संबंधित है। इस मामले में कोटक महिंद्रा बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर दिलीप कुमार राघव गिरफ्तार किया गया है। प्रकरण का संक्षिप्त विवरण प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर निगम पंचकूला द्वारा कोटक महिंद्रा बैंक में लगभग ₹145 करोड़ से अधिक की 16 एफडी जमा कराई गई थीं, जिनकी परिपक्वता राशि (Maturity amount) लगभग ₹158 करोड़ थी। जांच के दौरान बैंक द्वारा उपलब्ध कराए गए रिकॉर्ड एवं नगर निगम के अभिलेखों में गंभीर अंतर पाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि बैंक खातों में दर्शाई गई शेष राशि अपेक्षित राशि से काफी कम है। साथ ही, कुछ ऐसे अतिरिक्त बैंक खाते भी सामने आए हैं, जो निगम के आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज नहीं थे। यह स्थिति स्पष्ट रूप से वित्तीय अनियमितताओं एवं संभावित भ्रष्टाचार की ओर संकेत करती है। गिरफ्तारी एवं आरोपी की भूमिका मामले की गहन जांच के दौरान आरोपी दिलीप कुमार राघव को गिरफ्तार किया गया है, जो घटना के समय कोटक महिंद्रा बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर के पद पर कार्यरत था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने मुख्य आरोपियों के साथ साजिश कर नगर निगम पंचकूला को एफडी से संबंधित भ्रामक एवं गलत रिपोर्ट्स भेजीं, जिससे रिकॉर्ड में गंभीर विसंगतियां उत्पन्न हुईं। कानूनी कार्रवाई उपरोक्त तथ्यों के आधार पर कोटक महिंद्रा बैंक के अज्ञात अधिकारियों/कर्मचारियों एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(a) व 13(2) तथा भारतीय न्याय संहिता, 2023 की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। सख्त संदेश राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो प्रमुख ने स्पष्ट किया है कि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी, भले ही वह किसी भी स्तर का क्यों ना हो, सरकारी धन का दुरुपयोग या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे दोषियों के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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कोटक महिंद्रा बैंक से पंचकूला नगर निगम के 160 करोड़ गायब: भ्रष्ट तंत्र का खुला प्रमाण — सुधा भारद्वाज

पंचकूला(संजय राय,ईशान टाइम्स)।पंचकूला नगर निगम के लगभग 160 करोड़ रुपये कोटक महिंद्रा बैंक से गायब होने का मामला अब एक बड़े घोटाले के रूप में सामने आया है। इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए महिला कांग्रेस की पूर्व प्रदेश अध्यक्षा सुधा भारद्वाज ने इसे भ्रष्ट सरकारी तंत्र और बैंकिंग व्यवस्था की मिलीभगत का स्पष्ट प्रमाण बताया है।सुधा भारद्वाज ने कहा कि यह घटना केवल एक वित्तीय अनियमितता नहीं, बल्कि आम जनता के टैक्स के पैसे की खुली लूट है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना प्रशासनिक लापरवाही और अंदरूनी मिलीभगत के इतनी बड़ी रकम का गायब होना संभव नहीं है। यह पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।उन्होंने कहा कि नगर निगम द्वारा वर्षों तक फिक्स्ड डिपॉजिट के नाम पर जमा की गई राशि को फर्जी खातों में ट्रांसफर किया जाना बेहद चिंताजनक है। इससे यह स्पष्ट होता है कि बैंक अधिकारियों और संबंधित कर्मचारियों के साथ-साथ कुछ जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।सुधा भारद्वाज ने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए, ताकि दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिल सके। उन्होंने कहा कि केवल एफआईआर दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि इस घोटाले में शामिल सभी लोगों की संपत्ति की भी जांच होनी चाहिए।उन्होंने हरियाणा सरकार से मांग की कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द पारदर्शी कार्रवाई की जाए और जनता के पैसे की भरपाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बैंकिंग और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को मजबूत करने की आवश्यकता है।

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