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लद्दाख : आंदोलन की आग या शांति का संदेश?

संजय राय, लद्दाख, जिसे आमतौर पर शांति, ठंडे मौसम और आध्यात्मिक सुकून की धरती माना जाता है, हाल के दिनों में अचानक चर्चा का केंद्र बन गया। लेह-कारगिल की ऊँचाइयों पर जहां अब तक बौद्ध मठों की घंटियाँ और पर्यटकों की चहल-पहल सुनाई देती थी, वहीं अब पत्थरबाज़ी, सरकारी गाड़ियों में आगज़नी और तनावपूर्ण नारे गूंज उठे। यह वही इलाका है, जो भारत-चीन की वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के नज़दीक है और जहाँ कुछ समय पहले तक दोनों देशों की सेनाएँ आमने-सामने खड़ी थीं। हालाँकि अब हालात सामान्य बनाने के लिए कई दौर की वार्ताएँ हो चुकी हैं। लेकिन लद्दाख के भीतर का असंतोष एक अलग ही कहानी कह रहा है। आंदोलन की जड़ें स्थानीय लोगों की मुख्य मांगें हैं—लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाए और उसे संविधान की छठी अनुसूची के अंतर्गत विशेष संरक्षण मिले। 2019 में जम्मू-कश्मीर से अलग कर जब लद्दाख को केंद्रशासित क्षेत्र बनाया गया, तब लोगों ने सोचा था कि अब क्षेत्र का विकास तेजी से होगा और स्थानीय आकांक्षाएँ पूरी होंगी। लेकिन राज्य का दर्जा न मिलने और राजनीतिक अधिकारों के सीमित होने से असंतोष लगातार पनपता रहा। सोनम वांगचुक की भूमिका प्रसिद्ध शिक्षाविद् और पर्यावरण चिंतक सोनम वांगचुक का आमरण अनशन इस असंतोष का प्रतीक बना। हालांकि उन्होंने शांति की अपील करते हुए अपना अनशन तोड़ा, लेकिन उनके आंदोलन ने युवाओं में उबाल पैदा किया। हाल की हिंसक घटनाओं को देखकर यह सवाल उठना लाजमी है कि आखिर शांत माने जाने वाले लद्दाख में इस तरह की आग कैसे भड़क उठी? प्रशासनिक सख्ती विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई झड़पों में कई लोगों की जान गई और दर्जनों घायल हुए। हालात काबू में रखने के लिए प्रशासन को कर्फ़्यू और इंटरनेट बंदी जैसे कदम उठाने पड़े। लेह और कारगिल में अब रैलियों और बड़े जमावड़ों पर पाबंदी लागू है। इस बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गए हैं। आगे का रास्ता लद्दाख भले ही भौगोलिक रूप से छोटा और जनसंख्या के लिहाज़ से सीमित क्षेत्र हो, लेकिन इसकी सामरिक और सांस्कृतिक अहमियत बेहद बड़ी है। भारत सरकार के लिए यह आसान नहीं होगा कि वह इसे पूर्ण राज्य बना दे, क्योंकि इसी तरह की मांगें जम्मू-कश्मीर और दिल्ली से भी उठ रही हैं। फिर भी लद्दाख के लोगों की उम्मीदें और उनका आक्रोश अनदेखा भी नहीं किया जा सकता। निष्कर्ष लद्दाख के मौजूदा हालात हमें यह सोचने पर मजबूर करते हैं कि क्या हिंसक प्रदर्शन वास्तव में किसी समाधान की ओर ले जाएंगे, या फिर संवाद और धैर्य ही इस ठंडी धरती की असल पहचान को बनाए रख पाएंगे। सवाल यही है—लद्दाख का भविष्य ‘जेन ज़ी’ अंदाज़ की सड़क पर तय होगा, या फिर वह अपनी प्राचीन शांति और धैर्य की परंपरा को जीवित रखेगा?

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लघु फिल्म ‘चलो जीते है’ को युवाओं ने खूब सराहा

पंचकूला,कमल कलसी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाल्यकाल पर आधारित लघु फिल्म ‘चलो जीते है’ को पंचकूला के युवाओ ने खूब पसंद किया है। भाजपा जिला अध्यक्ष अजय मित्तल ने जानकारी देते हुए बताया कि नई पीढ़ी को उनके सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक करने और जीवन में कुछ बड़ा करने की प्रेरणा देने के लिए भाजपा जिला संगठन की तरफ से ज़िले के हर वर्ग और आयु के युवाओ, स्कूली छात्र छात्रों और आर्थिक दृष्टी से कमज़ोर बच्चो को ‘चलो जीते है’ फिल्म को निःशुल्क दिखाने की व्यवस्था की गयी थी। अजय मित्तल ने बताया, ‘चलो जीते है’ फिल्म को ज्यादा से ज्यादा युवाओ को दिखाने के लिए एक जिला स्तरीय टीम का भी गठन किया था, जिसमे संगीता बैंसला को जिला संयोजक, जसवीर गोयत और मंगत राम स्याल को सह संयोजक की ज़िम्मेदारी दी गयी थी। जिला संयोजक संगीता बैंसला ने बताया, सप्ताह भर दिखाए गए इस फ्री शो को ज़िले के लगभग दो से तीन हज़ार युवाओ के साथ साथ पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओ ने भी देखा और इसकी सराहना की।

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अजय मित्तल धर्मपत्नी संग पहुंचे कालका शक्तिपीठ, हवन-यज्ञ कर ज़िले की खुशहाली की कि कामना

पंचकूला,कमल कलसी,भाजपा जिला अध्यक्ष अजय मित्तल ने धर्मपत्नी बिंदु मित्तल संग शारदीय नवरात्रि के पांचवे दिन कालका के प्राचीन काली माता मंदिर में हवन यज्ञ कर जिले की सुख-समृद्धि की कामना की। इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष तेजिंदर गुप्ता (टोनी), जिला प्रवक्ता तेजिंदर गुप्ता, वरिष्ठ नेता विजय कालिया, वरिष्ठ नेत्री बबली शर्मा, मंडल अध्यक्ष हरीश मोंगा, जिला सोशल मीडिया प्रमुख चंदा शर्मा, पम्मी कोहली, किशोरी लाल सहित तमाम पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने यज्ञ में आहुति दी। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष अजय मित्तल ने कहा कि नवरात्रि का पर्व शक्ति, साधना और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देता है। उन्होंने कहा, कालका शक्ति पीठ की पूरे उत्तर भारत में बड़ी महिमा है, सैकड़ो किलोमीटर की यात्रा तय करके माँ काली के भक्त बड़ी संख्या में कालका आते है। मित्तल ने कहा, हरियाणा टूरिज्म के दृष्टिकोण से कालका धार्मिक पर्यटकों के लिए सबसे पसंदीदा धार्मिक स्थान है।

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हरियाणा राज्य के रायपुररानी निवासी राजन शर्मा ने किया नाम रोशन

NPC Mr. Haryana Championship 2025 में शानदार प्रदर्शन पंचकूला,(कमल कलसी,ईशान टाईम्स)।जिला पंचकूला के ब्लॉक रायपुररानी निवासी बॉडीबिल्डर और पावरलिफ्टर युवा राजन शर्मा ने एक बार फिर प्रदेश का नाम रोशन किया है। 23 वर्षीय राजन ने हाल ही में कुरुक्षेत्र में आयोजित NPC Mr. Haryana Championship 2025 में शानदार प्रदर्शन कर Men’s Physique कैटेगरी में 2nd स्थान और Bodybuilding कैटेगरी में 3rd स्थान हासिल किया है।23 साल की उम्र में हासिल किया बड़ा मुकाम पंचकूला पावरलिफ्टिंग एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी व सफल फिटनेस ओर हेल्थ कोच बनेराजन अब युवाओं को नशे से दूर रहने और फिटनेस अपनाने का संदेश देते हैं, ये उनका कहना है।राजन शर्मा कहते है “सपनों को हक़ीक़त में बदलने के लिए मेहनत, अनुशासन और सही सोच ज़रूरी है। अगर आप ठान लो तो कुछ भी असंभव नहीं।” गाँव और परिवार की ख़ुशी राजन के पिता अश्वनी कुमार ने कहा “राजन ने हमेशा हमें गर्व करने का मौका दिया है। उसकी मेहनत रंग लाई है।” गाँववाले भी राजन की उपलब्धि पर फूले नहीं समा रहे और कहते हैं कि वे अब युवाओं के आदर्श बन चुके हैं। विशेषज्ञों की राय युवाओं के लिए संदेश राजन का मानना है कि –✔ रोज़ व्यायाम करें✔ संतुलित आहार लें✔ नशे से दूर रहें✔ मेहनत और अनुशासन को जीवन का हिस्सा बनाएँ निष्कर्ष राजन शर्मा ने यह साबित कर दिया है कि मेहनत और समर्पण से कुछ भी हासिल किया जा सकता है। NPC Mr. Haryana Championship 2025 में उनकी यह जीत न सिर्फ़ उनके करियर का सुनहरा अध्याय है बल्कि हरियाणा के खेल जगत में नई ऊर्जा भरने वाली उपलब्धि भी है।

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श्री राम जी ने उठाया शिव धनुष पंडाल में गूंज उठे जयकारे

सीता स्वयंवर की लीला ने मन मोहा चंडीगढ़ (ईशान राय , ईशान टाईम्स): उत्तराखंड जनसेवा एवं सांस्कृतिक मंच चंडीगढ़ द्वारा,आज सैक्टर 28 बी में रामलीला के तीसरे दिन के सीता स्वयंवर,अहिल्या उद्धार,दिखाया गया जिसे देखने जन सैलाब उमड़ पड़ा।आधुनिक तकनीक, प्रसिद्ध कलाकारों की प्रस्तुति और भक्ति माहौल ने रामलीलाओं को सभी के लिए अविस्मरणीय बना दिया। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। रामलीला मंचन देखने के लिएआसपास के सेक्टरों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धा और भक्ति के इस माहौल में मंचन देर रात तक चलता रहा। जनकपुरी में राजा जनक ने अपनी पुत्री सीता के स्वयंवर की घोषणा की और शर्त रखी कि जो शिव जी के धनुष को उठा कर उस पर प्रत्यंचा चढ़ाएगा, वही सीता से विवाह करेगा। बड़े-बड़े राजाओं ने प्रयास किया, पर धनुष हिला तक न सके। इसी बीच प्रभु श्रीराम ने सहजता से धनुष उठा लिया, जो टूट गया। शहर में पहली बार पारम्‍परिक एवं आधुनिक नाट्य प्रस्‍तुति के संगम से आयोजित यह रामलीला शहरवासियों के बीच चर्चा का विषय बनी ​हुई है।मुख्य अतिथि साहिब सिंह पंवार व जब्बर सिंह नेगी  रामलीला की तारीफ की और खुशी जताई कि रामलीला मंचन कर रहे कलाकारों ने मर्यादित भाषाशैली का प्रयोग कर जनता का मन मोहा लिया । इस मौके पर सभा के समस्त पदाधिकारी, सदस्य मौजूद थे।

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70 पुलिस कर्मियों व आमजन ने किया रक्तदान

पंचकूला,कमल कलसी, 26 सितंबर सेवा पखवाड़ा के तहत सेक्टर-1 स्थित पुलिस उपायुक्त कार्यालय के बाहर पंचकूला पुलिस की ओर से भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। पुलिस कमिश्नर शिवास कविराज के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में इंस्पेक्टर रैंक से लेकर सिपाही रैंक तक के पुलिसकर्मियों सहित आम नागरिकों ने भी स्वेच्छा से रक्तदान किया। कार्यक्रम की शुरुआत डीसीपी श्रीमती सृष्टि गुप्ता ने की। उन्होंने रक्तदान करने वालों से मुलाकात कर उनकी सराहना की और उन्हें असली ‘दानवीर’ बताया। इस दौरान जिला उपायुक्त सतपाल शर्मा भी शिविर में पहुंचे और रक्तदाताओं का हौसला बढ़ाया। कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा संगठन का भी विशेष योगदान रहा, जिसमें अध्यक्ष अंकुर कपूर ने सक्रिय भागीदारी निभाई। वहीं सेक्टर-32, चंडीगढ़ स्थित सरकारी मेडिकल अस्पताल की टीम ने संपूर्ण चिकित्सकीय सहयोग प्रदान किया। इस अवसर पर एसीपी दिनेश भी मौजूद रहे।शिविर में पुलिस कर्मियों और नागरिकों सहित 70 ने रक्तदान कर मानवता की मिसाल पेश की। कार्यक्रम के समापन पर डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने रक्तदाताओं को सर्टिफिकेट वितरित किए और उनका धन्यवाद व्यक्त किया।डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने कहा– “रक्तदान सेवा का सबसे सुंदर तरीका है, जो न केवल जीवन बचाता है बल्कि समाज में मानवता और भाईचारे की भावना को भी मजबूत करता है। मैं उन सभी का आभार व्यक्त करती हूँ जिन्होंने इस नेक कार्य में भाग लेकर दूसरों के जीवन में रोशनी बिखेरने का संकल्प लिया।,

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नेताओं के चमचे और भक्त मानव समाज के लिए खतरा है

इंद्र यादव – स्वतंत्र लेखक,भदोही ( यूपी ), भारत की राजनीति एक रंगमंच है, और इस मंच पर दो ऐसे पात्र हैं जो बिना स्क्रिप्ट के भी हर दृश्य में चमकते हैं—चमचे और भक्त। ये वो लोग हैं जो न तो संविधान में दर्ज हैं, न ही सरकारी रजिस्टर में, मगर फिर भी हर रैली, हर टीवी डिबेट, और हर सोशल मीडिया थ्रेड में इनकी उपस्थिति अनिवार्य है।चमचा बोले तो वफादारी का दूसरा नाम है गुरु। चमचा कोई नई प्रजाति नहीं है। ये वो लोग हैं जो अपने नेता के हर फैसले को, चाहे वह कितना भी अव्यवहारिक हो, सिर-आंखों पर चढ़ाते हैं। अगर नेता कहे कि चांद पर खेती होगी, तो चमचा तुरंत ट्रैक्टर की बुकिंग शुरू कर देगा। इनकी खासियत है कि ये सवाल नहीं करते, सिर्फ तारीफ करते हैं। चाहे नेता जी की नीति से महंगाई आसमान छूए या सड़कों पर गड्ढे गहरे हों, चमचा हर हाल में कहेगा, “ये सब तो दीर्घकालिक रणनीति है, तुम्हें क्या समझ आएगा!” चमचे हर पार्टी में हैं। ये रंग-बिरंगे झंडों के पीछे एकजुट होकर नारे लगाते हैं, और अगर मौका मिले तो विरोधियों को ट्रोल करने में भी पीछे नहीं हटते। इनका सबसे बड़ा हथियार है—तर्कहीन तर्क। जैसे, “हमारे नेता ने ये गलत किया, लेकिन तुम्हारे नेता ने तो वो गलत किया था!” इस तर्क का जवाब देना वैसा ही है जैसे समुद्र में नमक की मात्रा गिनना। चमचे का उन्नत संस्करण है। जहां चमचा वफादारी में डूबा रहता है, वहीं भक्त आस्था के सागर में गोते लगाता है। भक्त के लिए नेता सिर्फ एक इंसान नहीं, बल्कि एक अवतार है। अगर नेता जी ने ट्वीट किया कि “सूरज आज नीला है,” तो भक्त न सिर्फ नीले सूरज की तस्वीरें ढूंढ लेगा, बल्कि विरोधियों को “सूरज-अंधा” भी करार दे देगा। भक्तों की खासियत है कि वे हर आलोचना को देशद्रोह और हर सवाल को साजिश मानते हैं। अगर आप कहें कि “नेता जी की नीति से बेरोजगारी बढ़ी,” तो भक्त तुरंत जवाब देगा, “तुम्हें क्या पता, ये सब 2047 के विकसित भारत का मास्टरप्लान है!” भक्तों का सोशल मीडिया अकाउंट एक तीर्थस्थल है, जहां हर पोस्ट में “जय श्री” से लेकर “विकास की गंगा” तक का जिक्र होता है। चमचे और भक्त में अंतर समझना मुश्किल है, लेकिन अगर गौर करें तो चमचा जमीनी स्तर का सिपाही है, जो रैलियों में पानी की बोतलें बांटता है और स्थानीय कार्यकर्ताओं को खुश रखता है। वहीं भक्त डिजिटल योद्धा है, जो व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी से डिग्री लेकर हर ऑनलाइन बहस में कूद पड़ता है। चमचा ज्यादातर व्यक्तिगत लाभ के लिए निष्ठा दिखाता है—शायद एक टिकट, एक ठेका, या कम से कम एक सेल्फी। भक्त का मकसद बड़ा होता है—वो अपने नेता को इतिहास के पन्नों में अमर करना चाहता है, भले ही इसके लिए उसे तथ्यों को थोड़ा मोड़ना पड़े। ऐसा लगता है जैसे स्कूल में जब ज्ञान बंट रहा था तो उस समय चमचे और भक्त नेताजी के रैली की तैयारी में जुटे थे।चमचे और भक्त भारतीय राजनीति के मसाले हैं। बिना इनके, रैलियां सूनी, टीवी डिबेट बेस्वाद, और ट्विटर शांत होता। लेकिन इनकी अतिशयोक्ति कई बार लोकतंत्र के लिए चुनौती बन जाती है। जब सवाल पूछने की जगह तारीफ करने की होड़ लगती है, तो जवाबदेही कमजोर पड़ती है। फिर चाहे सड़क पर गड्ढा हो या नीति में खामियां, सब “नेता जी की माया” में ढक जाता है। हमें लगता है जैसे चमचे और भक्त, दोनों ही भारतीय राजनीति के रंग हैं। इनके बिना शायद हमारा लोकतंत्र इतना जीवंत न होता। लेकिन अगर आप भी कभी चमचागिरी या भक्ति के रास्ते पर निकलें, तो एक बार रुककर सोच लें—क्या आप अपने नेता के लिए बोल रहे हैं, या अपने विवेक के लिए।

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उपायुक्त ने अधिकारियों को लंबित शिकायतों का त्वरित समाधान करने के दिए निर्देश

आयुक्त एव सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी उपायुक्तों के साथ समाधान शिविरों में लंबित शिकायतों को लेकर समीक्षा बैठक की करी अध्यक्षता पंचकूला, 26 सितंबर(ईशान राय )। हरियाणा हाउसिंग फॉर आल विभाग के आयुक्त एव सचिव मोहम्मद शाईन ने आज चंडीगढ से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी उपायुक्तों के साथ समाधान शिविरों में लंबित शिकायतों को लेकर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होने प्रदेश के सभी उपायुक्तों को लंबित शिकायतों का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होने कहा कि प्रत्येक शिकायत का एक तय समय सीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाए। वीडियो कांफ्रेंसिंग के उपरांत उपायुक्त श्री सतपाल शर्मा ने लघु सचिवालय के सभागार में विभिन्न विभागों के जिला अधिकारियों की बैठक ली। उन्होने संबंधित विभाग के नोडल अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि वे समाधान शिविर में आने वाली शिकायतों का बारीकी से अध्ययन कर उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि वे रि-ओपन शिकायतों की शीघ्र ही समीक्षा करेंगे ताकि ऐसी शिकायतों का स्थाई समाधान किया जा सके। उन्होने निर्देश दिए कि अधिकारी एसडीएम कालका से मिलकर कालका उपमंडल से संबंधित शिकायतों का निवारण करवाएं ताकि कोई शिकायत लंबित न रहे। उपायुक्त ने कहा कि लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के निर्देश पर प्रत्येक सोमवार और वीरवार को प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक लघु सचिवालय के सभागार में समाधान शिविर का आयोजन किया जाता है। इस दौरान सभी विभागों के संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहते हैं। उन्होने कहा कि समाधान शिविर का उदेश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोगों को अपनी समस्याओं के निवारण के लिए अलग अलग कार्यालयों में न जाना पड़े और एक स्थान पर उनकी समस्याओं का एक तय समय सीमा में समाधान हो । उन्होने अधिकारियों से आहवान किया कि वे समाधान शिविर में आने वाली प्रत्येक समस्या को गंभीरता से लें और उसका प्राथमिकता के आधार पर समाधान करें। मुख्यमंत्री का सपना समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े गरीब से गरीब व्यक्ति तक सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहंुचाना है। इस अवसर पर एसडीएम पंचकूला चंद्रकांत कटारिया, एसडीएम कालका संयम गर्ग, तहसीलदार सुरेश कुमार, नायब तहसीलदार हरदेव, जनस्वास्थ्य अभियंत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता समीर शर्मा सहित अन्य विभागों के संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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भाजपा का महिलाओं के साथ छलावा, 2100 रुपये की घोषणा केवल चुनावी जुमला: कुमारी सैलजा

क्या भाजपा महिलाओं को सशक्त बनाना चाहती है या केवल चुनावी राजनीति करना चाहती है? चंडीगढ़, 26 सितंबर(संजय राय )।अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा सहित देशभर की करोड़ों महिलाओं के साथ भाजपा सरकार बार-बार छलावा कर रही है। अब लाड़ो लक्ष्मी योजना और 2100 रुपये देने का जो शोर मचाया जा रहा है, वह भी जनता को गुमराह करने का एक और चुनावी हथकंडा है। योजना में आय सीमा रखकर अधिकतर गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों की महिलाओं को बाहर कर दिया गया है। मीडिया को जारी बयान में कुमारी सैलजा ने कहा कि भाजपा का संकल्प पत्र सभी महिलाओं को 2100 रुपये देने की बात करता है, लेकिन हकीकत में योजना इतनी शर्तों से बंधी है कि अधिकांश महिलाओं को इसका लाभ नहीं मिल पाएगा। योजना में आय सीमा रखकर अधिकांश गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों की महिलाओं को बाहर कर दिया गया है। केवल कुछ गिनी-चुनी महिलाएं ही इसका लाभ ले पाएंगी, जबकि संकल्प पत्र में सभी महिलाओं को लाभ देने की बात कही गई थी। महिलाओं को वास्तविक सशक्तिकरण और सम्मान की जगह मात्र चुनावी लालच देकर गुमराह किया जा रहा है। कांग्रेस पार्टी का स्पष्ट मत है कि महिलाओं के अधिकारों और सशक्तिकरण के लिए ठोस और दीर्घकालीन योजनाएं बनाई जाएं, न कि केवल चुनाव के समय वोट बटोरने के लिए ऐसी घोषणाएं की जाए। कुमारी सैलजा ने कहा है कि इस योजना लाभ उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जिनके परिवार की आय एक लाख रुपये से कम होनी चाहिए और आय का निर्धारण परिवार पहचान पत्र के आधार पर किया जाएगा। कुमारी सैलजा ने कहा कि इस योजना के तहत आयु सीमा दूसरे राज्यों की अपेक्षा हरियाणा में कम रखी है। दूसरे राज्य में यह आय सीमा 1.20 लाख रुपपे से 2.50 रुपये तक रखी गई है। सांसद कुमारी सैलजा ने भाजपा सरकार से पूछा है कि जब उनका संकल्प पत्र सभी महिलाओं को 2100 रुपये देने का था, तो फिर आय सीमा की शर्त क्यों लगाई गई? क्या भाजपा महिलाओं को सशक्त बनाना चाहती है या केवल चुनावी राजनीति करना चाहती है? क्या महिलाओं की गरिमा और अधिकार महज 2100 रुपये से खरीदे जा सकते हैं? सांसद ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा महिलाओं के अधिकारों और सम्मान के लिए नीतियां बनाईं और जमीन पर उतारी हैं। आने वाले समय में कांग्रेस महिलाओं को उनका वास्तविक हक और सम्मान दिलाने के लिए संकल्पबद्ध है।

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मेडिकल कॉलेज में चल रही निःशुल्क चिकित्सा शिविर की समय सीमा बढ़ी

मऊ,(निमेष राय ईशान टाइम्स)। कसारा स्थिति कल्पनाथ राय मेडिकल कॉलेज मऊ में अनवरत चल रहे निःशुल्क चिकित्सा शिविर जिसका 24 सितम्बर को ही समापन होना था उसे बढ़ा कर अब 2 अक्टूबर तक कर दिया गया है इसकी जानकारी देते हुए मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर डॉ मनीष राय ने बताया कि मेडिकल कॉलेज पर चल रहा निःशुल्क चिकित्सा शिविर 24 सितंबर को ही समाप्त होने वाला था परंतु मरीजों की शिविर के प्रति जागरूकता और उत्सुकता को देखते हुए इसकी समय सीमा बढ़ा कर 2अक्टूबर तक कर दी गई है .अब जन सेवा के संकल्प के साथ मेडिकल कॉलेज में हम मरीजों को 2अक्टूबर तक निःशुल्क सेवाएं प्रदान कर सकेंगे। ज्ञात हो कि अब तक एक सप्ताह के शिविर में लगभग 15 हज़ार से अधिक मरीजों ने निःशुल्क परामर्श जांच व दवाएं दी गई हैं साथ ही 47 मरीजों का सफ़ल ऑपरेशन भी मेडिकल कॉलेज के कुशल चिकित्सकों द्वारा किया जा चुका है और अभी 2अक्टूबर तक यह निशुल्क चिकित्सा शिविर चलता रहेगा l

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