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विश्वास फाउंडेशन को पंजाब के गवर्नर गुलाब चंद कटारिया ने स्मृति चिन्ह देकर किया सम्मानित

चंडीगढ़ 15 अक्टूबर (संजय राय ,ईशान टाइम्स)। रक्तदान के क्षेत्र में समाज में अमूल्य योगदान देने पर गुरुदेव श्री स्वामी विश्वास जी के आशीर्वाद से विश्वास फाउंडेशन की अध्यक्षा साध्वी नीलिमा विश्वास जी को सराहनीय योगदान देने पर पंजाब के राज्यपाल व इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी पंजाब के अध्यक्ष महामहिम श्री गुलाब चंद कटारिया ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।विश्वास फाउंडेशन के संयुक्त सचिव ऋषि सरल विश्वास ने बताया कि गुरु नानक देव ऑडिटोरीअम पंजाब राज भवन चंडीगढ़ में इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी पंजाब स्टेट ब्रांच की तरफ से आयोजित वार्षिक आम बैठक 2025 के कार्यक्रम में साध्वी नीलिमा विश्वास जी को सम्मान दिया गया। इस अवसर पर इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी पंजाब स्टेट ब्रांच के सचिव शिव दुलार सिंह ढिल्लों उपस्थित रहे।

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रोहतक में साइबर सेल इंचार्ज ने एडीजीपी पूरन कुमार को भ्रष्ट अधिकारी बता की आत्महत्या

एडीजीपी पूर्ण कुमार सुसाइड केस में नया मोड़, अब रोहतक साइबर सेल के मुलाजिम ने की आत्महत्या मृतक की पहचान जाट समाज के सदस्य के रूप में, अपुष्ट सूत्रों से मिली जानकारी के बाद मामले ने पकड़ा तूल रोहतक,हरियाणा पुलिस के एडीजीपी पूर्ण कुमार के हाई-प्रोफाइल आत्महत्या मामले की जांच अभी चल ही रही थी कि अब इस केस से जुड़े एक और सनसनीखेज मामले ने पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। अपुष्ट सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, रोहतक साइबर सेल में तैनात एक पुलिस मुलाजिम ने आत्महत्या कर ली है। इस आत्महत्या के तार सीधे तौर पर एडीजीपी सुसाइड केस से जोड़े जा रहे हैं।सूत्रों के मुताबिक, आत्महत्या करने वाला मुलाजिम जाट समाज से था। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है ।लेकिन मृतक की पहचान संदीप कुमार इंचार्ज साइबर सेल के रूप में सार्वजनिक हुई है। लेकिन इस जानकारी के बाहर आने के बाद से ही तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। सूत्रों के अनुसार, आत्महत्या करने वाले मुलाजिम, जिसका संबंध जाट समाज से बताया जा रहा है, ने अपने आखिरी समय में किसी करीबी से बातचीत में या किसी संदेश के माध्यम से यह आरोप लगाया कि एडीजीपी के कुछ नजदीकी लोग उसे लगातार प्रताड़ित कर रहे थे और केस की जांच को प्रभावित करने के लिए दबाव बना रहे थे। इस सूचना ने पूरे पुलिस महकमे में भूचाल ला दिया है ADGP के जिन “नजदीकियों” पर आरोप लगे हैं? फिलहाल, स्थानीय पुलिस मौके पर जांच में जुट गई है आत्महत्या के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस के आला अधिकारी पूरे मामले पर नज़र बनाए हुए हैं, लेकिन इस घटना ने एडीजीपी सुसाइड केस की जांच को एक नई और चुनौतीपूर्ण दिशा दे दी है।पता चला है कि मृतक ने तीन पेज के सुसाइड नोट ने एडीजीपी के करीबियों पर गंभीर दबाव के आरोप लगाए हैं और साइबर सेल इंचार्ज ने भी अपने पिस्टल से खुद को गोली मारी है, ऐसी सूचना आई है। फिलहाल पुलिस के आधिकारिक बयान का इंतजार है। आत्महत्या करने से पहले मृतक ने वीडियो और लिखित बयान जारी किया , वीडियो ईशान टाइम्स यूट्यूब पर देख सकते हैं नीचे लिंक है

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प्रधानमंत्री मोदी का स्वच्छता अभियान अब बन गया है जन आंदोलन : मोहन लाल बड़ौली

चंडीगढ़, 11 अक्टूबर(ईशान टाइम्स)। हरियाणा में भाजपा सरकार के 11 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भाजपा युवा मोर्चा द्वारा शनिवार को बड़ा स्वच्छता अभियान चलाया गया। भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने सफाई कर्मचारियों के साथ मिलकर प्रदेश के 11 नगर निगम क्षेत्रों में साफ सफाई की। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंडित मोहन लाल बड़ौली ने सेक्टर-5 पंचकूला में स्वच्छता अभियान का शुभारंभ किया और खुद भी साफ सफाई की। इस मौके पर उन्होंने मीडिया से बातचीत कर सवालों के जवाब भी दिए।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंडित मोहन लाल बड़ौली ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वच्छता अभियान के माध्यम से साफ-सफाई के प्रति देश को जागरूक करने का कार्य कर रहे हैं। पीएम मोदी का स्वच्छता अभियान अब जन आंदोलन बन गया है।  उन्होंने कहा कि आज भाजपा के युवा मोर्चा ने निगम सफाई कर्मचारियों के साथ मिलकर 11 नगर निगम क्षेत्रों में बड़ा स्वच्छता अभियान चलाकर स्वच्छता का संदेश दिया है।श्री बड़ौली ने कहा कि हरियाणा की जनता ने लगातार तीसरी बार भाजपा को आशीर्वाद दिया है। उन्होंने कहा कि 17 अक्टूबर को नायब सरकार का एक वर्ष पूरा हो रहा है। नायब सरकार की पहली वर्ष गांठ पर लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोनीपत की राई विधानसभा स्थित स्पोर्टस यूनीवर्सिटी में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे।एक सवाल पर बोलते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बड़ौली ने कहा कि नायब सरकार का यह एक वर्ष उपलब्धियों से भरा हुआ है। नायब सरकार के निर्णयों और योजनाओं से हरियाणा का जन-जन खुश है। इसलिए पीएम मोदी की ‘‘जन विकास- जन विश्वास’’ रैली में लाखों लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र को सुनने पहुंचेंगे। श्री बड़ौली ने कहा कि यह रैली भव्य और ऐतिहासिक होगीं।आईपीएस ऑफिसर वाई पूरन सिंह के निधन पर पूछे गए सवाल पर श्री बड़ौली ने कहा कि आईपीएस पूरन सिंह का निधन एक बड़ी दुखद घटना है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार व खुद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी लगातार पीड़ित परिवार के संपर्क में है। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय आईपीएस अधिकारी पूरन सिंह के परिवार ने जो बातें सरकार के सामने रखी है उन पर सरकार निष्पक्षता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आईपीएस अधिकारी पूरन सिंह के परिवार को सरकार न्याय दिलाने का काम करेगी।इस मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष अजय मित्तल, महापौर कुलभूषण गोयल, प्रदेश उपाध्यक्ष बंतो कटारिया, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, भाजपा प्रदेश मीडिया सह प्रभारी नवीन गर्ग, युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष योगेन्द्र शर्मा, पार्षद, पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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आईजी वाई पूरन कुमार के परिवार से मिली सांसद सैलजा, गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं

मुख्यमंत्री के शब्दों से काम चलने वाला नहीं है, पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना होगा परिवार की अनुमति के बिना ही पोस्टमार्टम के लिए शव उठाकर ले गए पुलिसकर्मी चंडीगढ़, (संजय राय ,ईशान टाइम्स)। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने शनिवार को चंडीगढ़ में स्वर्गीय एडीजीपी. वाई. पूरन कुमार के निवास स्थान पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी धर्मपत्नी अमनीत पी कुमार से भेंट कर गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। वाई. पूरन कुमार का निधन केवल व्यक्तिगत क्षति नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय पर गहरी चोट है। सरकार को बिना किसी दवाब में आए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना चाहिए, जब सारे सबूत मौजूद है और कागज में सब कुछ लिखा हुआ है तो फिर सरकार क्यों देरी कर रही, मुख्यमंत्री के यह कहने से कि किसी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा कुछ नहीं होने वाला, मुख्यमंत्री को करके दिखाना होगा क्योंकि इस ओर देश के लोगों की निगाहे लगी हुई है। पत्रकारों से बातचीत करते हुए सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि अहमदाबाद से शिक्षित, एडीजीपी पद पर आसीन, और एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के पति को यदि उन्हें भी न्याय नहीं मिला, तो सामान्य दलित और गरीब के लिए न्याय की आशा कहां रह जाती है? सबसे गंभीर बात ये है कि उनके शव को परिवार की अनुमति के बिना पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और परिजनों को अंतिम दर्शन तक नहीं करने दिए गए। यह न केवल अमानवीय कृत्य है बल्कि संवैधानिक मर्यादाओं और मानवीय अधिकारों का खुला उल्लंघन है। जब इतने ऊंचे पदों पर आसीन दलित अधिकारी भी अन्याय और अपमान के शिकार बन रहे हैं, तो यह शासन और न्याय व्यवस्था दोनों पर गहरा प्रश्नचिह्न है। हम सब इस न्याय की लड़ाई में परिवार के साथ खड़े हैं। सांसद ने कहा कि सरकार जो कर रही है वह समझ से बाहर है एक ओर सारे अधिकारी अमनीत पी कुमार से बातचीत कर रहे है और दूसरी ओर उनकी बिना अनुमति के पुलिस शव उठाकर ले गई। किसी को नहीं पता कि सरकार के मन में क्या चल रहा है वह क्या करना चाहती है किसे बचाना चाहती है। एसआईटी जांच की बात बेमानी हैै जब सारे सबूत है, अधिकारियों के नाम नोट में लिखे हुए है तो फिर कार्रवाई करने से सरकार को क्यों पीछे हट रही है। सांसद ने कहा कि लोगों को न्याय देने वाला अधिकारी खुद न्याय नहीं पा सका और जान दे दी फिर ऐेसे में लोग कैसे सरकार से न्याय की उम्मीद कर सकते है। सबको पता है कि काफी समय से आईपीएस वाई पूरन कुमार को उत्पीड़न हो रहा था उनका मानसिक शोषण किया जा रहा तब सरकार कहां थी, वह क्यों चुप थी, सरकार चाहती तो उन्हें न्याय दिला सकती थी आज किस मुंह से सरकार न्याय दिलाने की बात कर रही है। एसपी रोहतक को हटाने के सवाल पर सांसद सैलजा ने कहा कि यह कौन सा एक्शन हुआ, ऐसा तो हमेशा से होता आया है, सरकार एक्शन लेने के बजाए उसे खुला छोड़ रही है। सरकार के पास सबूत है, आईएएस अमनीत पी कुमार एफआईआर दर्ज करा चुकी है तो कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही क्या सरकार पर किसी का प्रेशर है। सांसद ने कहा कि लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आ चुकी है, कांग्रेस पीड़ित परिवार के साथ खड़ी और खड़ी रहेगी। कांग्रेस दलित वर्ग और कमजोर वर्ग की आवाज सदा उठाती रही है। अगर पीडित परिवार को न्याय न मिला के सवाल पर सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि हम साथ है कांग्रेस साथ है, कांग्रेस केंद्र और राज्य में विपक्ष दल है और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना कांग्रेस की जिम्मेदारी भी है। कांग्रेस के साथ आने पर इसका राजनीतिककरण न किया जाए क्योंकि दलितों और कमजोर वर्ग के साथ खड़ी रहती है। इस मौके पर प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, पूर्व विधायक शमशेर सिंह गोगी, पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी, विधायक परमवीर सिंह टोहाना, विधायक चंद्र मोहन बिश्रोई, विधायक अकरम खान, रामकिशन गुज्जर, विधायक शैली चौधरी, विधायक रेणुबाला, कांगे्रस जिला अध्यक्ष परमिंद्र सिंह परी, जिला अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह, नरपाल सिंह गुज्जर, महिला प्रदेशाध्यक्ष सुधा भारद्वाज आदि मौजूद थे।

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ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने आईपीएस वाई पुरन कुमार की दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की

BREAKING NEWS विज ने चंडीगढ़ स्थित निवास पहुंच कर परिजनों को ढांडस बंधाया,परिजनों के दुख में शामिल हुए चंडीगढ़, 11 अक्टूबर(संजय राय ,ईशान टाइम्स)। हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने आज पर आईपीएस अधिकारी वाई पुरन कुमार की दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके चंडीगढ़ स्थित निवास पहुंच कर परिजनों को ढांडस बंधाया। इस मौके पर उन्होंने वाई पुरन कुमार के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। इसके पश्चात, मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए कहा कि वे आज यहां परिजनों के दुख में शामिल होने के लिए आए है। उल्लेखनीय है कि श्री विज ने वाई पुरन कुमार की पत्नी आईएएस अधिकारी अमनित पी कुमार से मुलाकात कर सांत्वना दी। इसके अलावा, श्री विज आज अमनित पी कुमार के भाई, दोनों बेटियों और वाई पुरन कुमार के भाईयों सहित अन्य परिजनों से भी मिले और उनके दुख में शामिल हुए।……..

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78वें वार्षिक निरंकारी संत समागम की तैयारियाँ व्यापक स्तर पर

चंडीगढ़/पंचकुला/मोहाली, 10 अक्टूबर, (संजय राय ,ईशान टाइम्स)।- संत निरंकारी मिशन का 78वां वार्षिक संत समागम, पूर्ववर्ती वर्षों की दिव्यता और गरिमा के अनुरूप, इस वर्ष भी 31 अक्टूबर से 3 नवम्बर, 2025 तक समालखा (हरियाणा) स्थित संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल पर अत्यंत भव्यता, श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास के साथ आयोजित होने जा रहा है। यह दिव्य आयोजन सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी के पावन सान्निध्य में संपन्न होगा, जिसकी शुभ सूचना ने समस्त श्रद्धालु भक्तों के हृदयों में अपार हर्ष और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार कर दिया है। यह जानकारी चंडीगढ़ ज़ोन के ज़ोनल इंचार्ज श्री ओ पी निरंकारी जी ने दी और उन्होने बताया की इस समागम में सेवा के लिए ट्राईसिटी से सकड़ों सेवादल के सदस्य गए हुए है। ‘आत्ममंथन’ विषय पर आधारित इस वर्ष का वार्षिक संत समागम अपने आप में एक अद्भुत एवं अनुपम आध्यात्मिक यात्रा है, जहां श्रद्धालु ब्रह्मज्ञान की आंतरिक ज्योति में सेवा, सिमरन और सत्संग करते हुए आनंद और प्रेमाभक्ति का अनुभव प्राप्त करेंगे। इस दिव्य उत्सव की तैयारियां अत्यंत श्रद्धा, लगन एवं निःस्वार्थ भावना से की जा रही हैं। श्रद्धालु भक्त, चाहे वे वृद्ध हों या युवा, पुरुष हों या महिलाएं, हर पृष्ठभूमि के भक्त सेवा में पूर्ण रूप से रत हैं। प्रातः काल की प्रथम किरण से लेकर संध्या के अंतिम प्रकाश तक, हर ओर भक्ति भाव से समर्पित सेवा का अपूर्व आलोक दिखाई देता है। कोई मिट्टी के तसले ढो रहा है, कोई शामियाने गाढ़ रहा है, तो कोई सफाई, जल प्रबंधन या भोजन व्यवस्था में जुटा है। 78वें वार्षिक संत समागम की भव्यता को प्रकट करता हुआ मुख्य गेट भी आकार लेने लगा है – एक ऐसा प्रवेश-द्वार, जो प्रेम, समरसता और आत्मिक एकत्व की यात्रा का प्रतीक बनेगा।’ यह सब कुछ समर्पण की उस भावना का प्रमाण है, जो सतगुरु के ज्ञान से उत्पन्न होती है। जिस प्रकार कहा भी गया है कि ‘जहाँ सेवा में समर्पण जुड़ जाता है, वहीं हर क्षण उत्सव बन जाता है।’ सेवा भाव की गरिमा को देखकर यह स्पष्ट हो जाता है कि इन सेवकों के मुखमंडलों पर कोई थकान नहीं, अपितु आनंद और उल्लास की आभा झलक रही है। यह वही दिव्य आनंद है, जिसे केवल सतगुरु की छत्रछाया में रहकर, सेवा और भक्ति के माध्यम से अनुभव किया जा सकता है। सतगुरु माता जी भी अपने प्रवचनों में बारंबार यही प्रेरणा देती हैं कि ‘तन पवित्र सेवा किये, धन पवित्र दिये दान, मन पवित्र हरि भजन सों, त्रिबिध होई कल्याण।‘ देश के कोने-कोने से ही नहीं, अपितु विदेशों से भी लाखों श्रद्धालु भक्त इस संत समागम में सम्मिलित होने के लिए पधारते हैं। उनके स्वागत एवं सुविधाओं हेतु सभी आवश्यक प्रबंध अत्यंत सुचारू रूप से किए जा रहे हैं। रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और हवाई अड्डों पर निरंकारी सेवादल के अनुशासित, मर्यादित एवं सुसज्जित सेवादार अपनी नीली और खाकी वर्दियों में श्रद्धालुओं का हार्दिक अभिनंदन करते हुए उन्हें उनके निर्धारित निवास स्थलों तक ससम्मान पहुँचाने हेतु सतत तत्पर रहेंगे। निसंदेह यह समागम केवल एक साधारण आयोजन नहीं, अपितु मानवता के उत्थान और समरसता के जागरण का एक अनुपम पर्व है, जहाँ विविध संस्कृतियों, भाषाओं और परिवेशों से आए श्रद्धालु भक्त ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना को आत्मसात करते हुए, सतगुरु की अमृतवाणी से अपनी अंतरात्मा को जागृत करते हैं। इस पावन अवसर पर हर उस सज्जन, भाई व बहन का हृदय से स्वागत है, जो प्रेम, शांति, समरसता के इस दिव्य महायज्ञ का हिस्सा बनना चाहती है।

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हरियाणा के IPS सुसाइड केस में SIT का गठन

चंडीगढ़ (संजय राय, ईशान टाइम्स)।चंडीगढ़ पुलिस के IG पुष्पेंद्र के नेतृत्व में 6 सदस्यी टीम बनाई, जिसमें SSP कंवरदीप कौर भी शामिल हैं । #Chandigarh Police #Constitutes SIT in IPS Y #Puran Kumar Suicide Case Chandigarh Police #Constitutes SIT in IPS Y #Puran Kumar Suicide हरियाणा के ADGP रैंक के सीनियर आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार के सुसाइड केस में कार्रवाई शुरू हो चुकी है। चंडीगढ़ पुलिस ने केस को लेकर 6 सदस्यी स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन कर दिया है। चंडीगढ़ IG पुष्पेंद्र SIT का नेतृत्व करेंगे। वहीं टीम में 5 अन्य सदस्यों में SSP कंवरदीप कौर, SP सिटी केएम प्रियंका, DSP चरणजीत सिंह विर्क, SDPO साउथ गुरजीत कौर और SHO सेक्टर 11 वेस्ट इंस्पेक्टर जयवीर राणा को शामिल किया गया है। चंडीगढ़ पुलिस की यह SIT टीम ही अब IPS सुसाइड केस में हर तरह से जांच को आगे बढ़ाएगी। गौरतलब है की IPS वाई पूरन कुमार ने अपने सुसाइड नोट में हरियाणा के जिन आईपीएस और आईएएस अफसरों के नाम छोड़े हैं, उनके खिलाफ चंडीगढ़ पुलिस ने गुरुवार देर रात FIR दर्ज कर ली थी। हालांकि चंडीगढ़ पुलिस की दर्ज FIR में IAS अमनीत पी कुमार ने आपत्ति जताई है और SSP कंवरदीप कौर को पत्र लिखकर इसमें संसोधन की मांग की है। अमनीत पी कुमार का कहना है कि FIR में स्पष्ट रूप से आरोपियों के नामों का उल्लेख नहीं किया गया है। FIR में आरोपियों के कॉलम में सुसाइड नोट में शामिल अफसरों के नाम नहीं लिखे गए हैं। इसके अलावा SC-ST एक्ट के तहत जो धाराएं लगाई जानी चाहिए थीं वो नहीं नहीं लगाई गईं हैं। अमनीत पी कुमार ने चंडीगढ़ पुलिस से निष्पक्ष और न्यायपूर्ण ढंग से कार्रवाई की मांग की है। बता दें कि अभी तक वाई पूरन कुमार का पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार नहीं हो सका है। वहीं वाई पूरन कुमार का सुसाइड केस अब पूरे देश में गरमा गया है। इस केस को लेकर दलित सियासत भी गर्म नजर आ रही है। फिलहाल इस सुसाइड (Haryana IPS Y Puran Kumar) से हरियाणा के शासकीय और प्रशासनिक प्रणाली सवालों के घेरे में है। इस पूरे घटनाक्रम ने हरियाणा की ब्यूरोक्रेशी को बड़े स्टार पर प्रभावित किया है। मेरे पति को प्रताड़ित और अपमानित किया वाई पूरन कुमार की IAS पत्नी अमनीत पी कुमार का कहना है कि हरियाणा के उच्च पदस्थ अधिकारियों ने मेरे पति को न सिर्फ मानसिक प्रताड़ित किया बल्कि अनुसूचित जाति से आने के चलते सार्वजनिक और जातिगत रूप से अपमानित भी किया। उन्होंने अपनी पुलिस सेवा में हमेशा ईमानदारी और निष्ठा से काम किया और खुद को बेदाग रखा। लेकिन उन्हें साजिश रचकर झूठे केसों में फंसाने की कोशिश की गई। अमनीत पी कुमार ने कहा कि मेरे पति को मानसिक रूप से इस कदर प्रताड़ित किया गया कि उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा। एक पत्नी के रूप में मेरी आत्मा न्याय के लिए रो रही है। मेरे पति और हमारे परिवार को न्याय मिलना चाहिए। वाई पूरन कुमार ने 7 अक्टूबर को सुसाइड किया आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार (Haryana IPS Y Puran Kumar) ने 7 अक्टूबर को चंडीगढ़ स्थित अपने आवास सुसाइड किया था। IPS वाई पूरन कुमार ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मारी। जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं उन्होंने जब यह कदम उठाया तो उस समय में घर में पत्नी की मौजूदगी नहीं थी. दरअसल, वाई पूरन कुमार की आईएएस पत्नी अमनीत कुमार उस बीच मुख्यमंत्री नायब सैनी के साथ जापान के दौरे पर गई हुईं थीं। सुसाइड के बाद वाई पूरन कुमार के सेक्टर-11 स्थित आवास से 8 पन्नों का फाइनल नोट मिला था। चंडीगढ़ पुलिस और सीएफएसएल की टीम ने कई सबूत एकत्रित किए। 2001 बैच के IPS अफसर थे वाई पूरन कुमार वाई पूरन कुमार हरियाणा कैडर 2001 बैच के सीनियर IPS अफसर थे। पिछले महीने ही उन्हें ADGP रोहतक रेंज से ट्रांसफर कर IG पीटीसी सुनारिया (रोहतक) नियुक्त किया गया था। वाई पूरन कुमार इससे पहले रोहतक रेंज के IG भी रहे हैं। वह IG HAP मधुबन और IG होम गार्ड्स भी रहे। मसलन वाई पूरन कुमार ने अपने आईपीएस करियर में हरियाणा पुलिस के कई अहम और बड़े पदों पर काम किया। इस दौरान वह (IPS Y Puran Kumar) हरियाणा की अफसरशाही में काफी चर्चा में बने रहे।

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100 टीबी से ग्रस्त मरीज़ो के लिए विश्वास फाउंडेशन ने डोनेट की प्रोटीनयुक्त पोषक डाइट

पंचकूला 10 अक्टूबर ( संजय राय,ईशान टाइम्स)। स्टेट टीबी ऑफिसर राजेश राजू व सीएमओ मुक्ता कुमार की अध्यक्षता में विश्वास फाउंडेशन द्वारा गुरुदेव श्री विश्वास जी के आशीर्वाद से 100 टीबी से ग्रस्त मरीज़ों के लिए प्रोटीन युक्त पोषण डाइट दी गई। डिटीओ संदीप छाबड़ा द्वारा सभी सदस्यों का आभार जताते हुए टीबी मुक्त अभियान के लिए एक सराहनीय कदम बताया।विश्वास फाउंडेशन की अध्यक्ष साध्वी नीलिमा विश्वास ने बताया कि यह पोषण डाइट के 16 पैकेट पीएससी ओल्ड पंचकूला, गाँव नाड़ा की डिस्पेंसरी में 7 पैकेट दिए गए, यूडी 19 में 30 पैकेट, गवर्नमेंट डिस्पेंसरी 12 ए में 12 पैकेट व 15 पोषण किट पॉलीक्लिनिक 26 में मरीजों के लिए दिए गए। वहीँ गवर्नमेंट डिस्पेंसरी 8 में 6 पैकेट, जीडी 21 में 8 पैकेट व सेक्टर 6 टीबी हट में 6 पैकेट दिए गए। इस अवसर पर विश्वास फाउंडेशन से ऋषि सरल विश्वास, रणधीर सिंह, मदन नागपाल व टीबी विभाग से सतीश वत्स मौजूद रहे।उन्होंने बताया कि इस पैक्ड किट में मरीजों के लिए 1 किलो सोया दाल, 1 किलो सोया आटा, 500 ग्राम सोयाबीन बड़ी, 500 ग्राम भूना चना, 500 ग्राम गुड़ व 1 डिब्बा प्रोटीन पाउडर होता है। संस्था द्वारा जून 2022 से मरीजों को डाइट देनी शुरू की गई थी और यह प्रक्रिया आगे भी इसी तरह जारी रहेगी। संस्था ने टीबी के मरीजों को अतिरिक्त पोषण, सोशल, मोरल सपोर्ट व टीबी मुक्त भारत के लिए कम्युनिटी सपोर्ट देने का काम किया है।

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सरकारी नौकरी का मोह : स्थिरता के नाम पर स्थिर सोच

– संजय राय , संपादक भारत के युवाओं के बीच सरकारी नौकरी की चाहत किसी जुनून से कम नहीं। हाल ही में उत्तराखंड में हुए पेपर लीक आंदोलन ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि सरकारी नौकरी सिर्फ एक रोजगार नहीं, बल्कि एक सामाजिक प्रतिष्ठा का प्रतीक बन चुकी है। जब परीक्षा में गड़बड़ी हुई, तो युवाओं का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा और सरकार को अंततः सीबीआई जांच की घोषणा करनी पड़ी। लेकिन यह कहानी केवल उत्तराखंड की नहीं है – यह उस मानसिकता की कहानी है, जिसमें सरकारी नौकरी को जीवन की अंतिम मंज़िल मान लिया गया है। 🎯 नौकरी या सुरक्षा का भ्रम? देश में सरकारी नौकरियों की संख्या करीब 1.4 करोड़ है, यानी कामकाजी आबादी का सिर्फ 1.4 प्रतिशत हिस्सा ही सरकारी कर्मचारी है। फिर भी हर साल लाखों युवा इसी दिशा में दौड़ लगाते हैं। वजह साफ़ है — सरकारी नौकरी में स्थिरता, पेंशन, सुरक्षा और सम्मान की गारंटी दिखती है।दूसरी ओर, निजी क्षेत्र में अस्थिरता, लक्ष्य का दबाव और छँटनी का डर हावी है।लेकिन विडंबना यह है कि जिन सरकारी व्यवस्थाओं को हम “धीमी, भ्रष्ट और अकुशल” कहकर कोसते हैं, उन्हीं में शामिल होने के लिए करोड़ों युवा सालों तक तैयारी करते हैं। 🧩 आंकड़े जो सोचने पर मजबूर करते हैं संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा को ही देखें — हर साल लगभग 15 लाख अभ्यर्थी आवेदन करते हैं। प्रारंभिक परीक्षा से मुख्य परीक्षा तक पहुँचते हैं लगभग 12,000, साक्षात्कार के लिए बुलाए जाते हैं करीब 3,000, और अंत में सफलता पाते हैं मात्र 900 से 1000 उम्मीदवार।आईएएस जैसे प्रतिष्ठित पदों के लिए यह संख्या 100 के आसपास सिमट जाती है।यानी सफलता की संभावना 0.006 प्रतिशत से भी कम।फिर भी हर साल लाखों युवा अपनी युवावस्था, समय और ऊर्जा इसी एक संभावना के पीछे लगा देते हैं। राजस्थान में हाल ही में ग्रुप–डी की 53,747 नौकरियों के लिए 21 लाख आवेदन आए। इनमें अधिकांश उम्मीदवार स्नातक या परास्नातक थे। यह आँकड़ा बताता है कि आज सरकारी नौकरी केवल आजीविका नहीं रही — यह मानसिक सुरक्षा और सामाजिक प्रतिष्ठा का प्रतीक बन चुकी है। 🧠 कोचिंग संस्कृति और “माई-बाप सरकार” की सोच भारत में कोचिंग संस्थान अब एक समानांतर शिक्षा व्यवस्था बन चुके हैं। लाखों छात्र सालों तक “सरकारी नौकरी” के लिए तैयारी करते हुए अपनी युवावस्था का सबसे ऊर्जावान दौर कक्षाओं और टेस्ट सीरीज में गुज़ार देते हैं।समस्या यह है कि शिक्षा और कोचिंग प्रणाली दोनों ने युवाओं में यह धारणा मजबूत की है कि “सरकार ही सब कुछ देगी।” यही “माई-बाप सरकार” वाली सोच आत्मनिर्भर भारत की राह में सबसे बड़ी बाधा है। 🚀 बदलते भारत में बदलनी होगी सोच भारत आने वाले वर्षों में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में बढ़ रहा है। लेकिन अगर हमारे युवा सिर्फ सरकारी कुर्सी की प्रतीक्षा करते रहेंगे, तो देश का निजी क्षेत्र, स्टार्टअप और नवाचार कौन संभालेगा?सरकारी नौकरी सीमित हैं, पर अवसर असीमित — कृषि, तकनीक, सेवा क्षेत्र, डिजिटल उद्यम और कौशल-आधारित कार्य अब नए करियर मार्ग खोल रहे हैं। सरकार की ज़िम्मेदारी है कि वह युवाओं को नौकरी की प्रतीक्षा से बाहर निकालकर कौशल विकास, स्व-रोजगार और उद्यमिता की दिशा में मार्गदर्शन दे। वहीं युवाओं को भी समझना होगा कि स्थिरता की चाह अगर प्रगति की गति को रोक दे, तो वह स्थिरता नहीं, ठहराव बन जाती है। सरकारी नौकरी कोई बुरी चीज़ नहीं, लेकिन उसे जीवन का अंतिम लक्ष्य बना लेना, अपने सामर्थ्य का अपमान है।समय आ गया है कि युवा सरकारी नौकरी के भ्रम से बाहर निकलें और यह समझें कि असली सफलता किसी पद पर नहीं, बल्कि अपनी योग्यता से अवसर बनाने में है। “सरकारी नौकरी स्थिर कर सकती है, पर बढ़ा नहीं सकती।बढ़ना हो, तो जोखिम लेना ही पड़ेगा।”

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हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान जन चेतना ट्रस्ट बनेगा दलितों के हकों की आवाज : सुदेश कटारिया

नारायणगढ़ से शुरू हुआ विधानसभा स्तर पर हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान सम्मेलन का आगाज चण्डीगढ़(ईशान टाइम्स) : केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल के मुख्य मीडिया सलाहकार सुदेश कटारिया ने कहा कि कांग्रेस राज में हर 18वें मिनट में दलित उत्पीड़न होता था। मगर वर्ष 2014 में जब मनोहर लाल ने हरियाणा प्रदेश के मुख्यमंत्री की कमान संभाली तो उन्होंने दलितों की सबसे पुरानी मांग को पूरा करते हुए एससी कमीशन का गठन किया। आज एससी कमीशन दलितों की सुनवाई का सबसे बड़ा मंच गया है। इसके साथ ही दलितों के हकों की आवाज बुलंद करने और उनके अधिकारों की रक्षा करने के लिए हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान जनचेतना ट्रस्ट का गठन किया गया है, जिसके जिलाध्यक्षों की नियुक्ति की जा चुकी है।केंद्रीय ऊर्जा मंत्री के मुख्य मीडिया सलाहकार नारायणगढ़ में आयोजित हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान समारोह में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। नारायणगढ़ से हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान समारोह का विधानसभा स्तर पर आयोजन का सिलसिला शुरू हुआ। नारायणगढ़ विधानसभा में आयोजित समारोह के आयोजक गौरव जौली थी। इसके साथ ही डॉ. कपूर सिंह और रवि चौधरी भी प्रमुख तौर पर मौजूद रहे।समारोह में पहुंचने पर लोगों ने हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान जन चेतना ट्रस्ट के अध्यक्ष सुदेश कटारिया का फूल-मालाओं के साथ स्वागत किया। वहीं, आयोजक गौरव जौली ने मुख्यातिथि को संविधान निर्माता बाबा साहेब का चित्र और शॉल भेंट कर सम्मानित किया।हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान जन चेतना ट्रस्ट के अध्यक्ष सुदेश कटारिया ने कहा कि वर्ष 2014 से पहली की सरकारों में क्षेत्रवाद, परिवारवाद और भाई-भतीजावाद का बोल-बोला था। धौलकपड़िये और कमीशनखोरी के जरिये जनता के काम होते थे। मगर जब वर्ष 2014 में मनोहर लाल ने प्रदेश के मुख्यमंत्री की बागडोर संभाली तो उन्होंने सबसे पहले क्षेत्रवाद, परिवारवाद और भाई-भतीजावाद को समाप्त करते हुए हरियाणा एक-हरियाणवीं एक का नारा दिया और उन्होंने पूरे प्रदेश में समान विकास कराया। उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारों में दलितों की अनदेखी होती थी, दलित मंत्री जरूर बनते थे, लेकिन वे पॉवर लेस डम्मी मंत्री होते थे। मगर मनोहर लाल ने उन्हें सीएमओ में अपनी बराबर वाली कुर्सी पर बैठाकर राजनीति में नई मिसाल पेश की, उनके लिए हर वर्ग सम्मान है, चाहे वह दलित हो या फिर पिछड़ा। यही नहीं, मनोहर लाल ने उन्हें दलितों के काम करने की पॉवर भी दी, जिससे उन्होंने अपनी कलम को दलितों के हित में प्रयोग किया है। कांग्रेस ने वोट चोरी करके हराया बाबा साहेब कोहमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान जन चेतना ट्रस्ट के अध्यक्ष सुदेश कटारिया ने कांग्रेस के वोट चोरी के आरोप पर पलटवार करते हुए कहा कि वर्ष 1952 में कांग्रेस ने वोट चोरी करके संविधान निर्माता बाबा साहेब को हराया था। तब तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने 74 हजार वोट रद्द करवाकर दलितों के सम्मान को ठेस पहुंचाने के साथ लोकतंत्र की हत्या की थी। आज वही लोग संविधान हाथ में लेकर संविधान को खतरा होने और वोट चोरी के नाम पर दलितों को गुमराह कर रहे हैं। मगर संविधान कोई दस्तावेज नहीं है, यह लोकतंत्र और दलितों की आत्मा है, जिससे बाबा साहेब से अपने खून-पसीने से सींचा है।उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनावों में कांग्रेस ने दलितों को गुमराह करके वोट हासिल किए, लेकिन विधानसभा चुनाव में दलित कांग्रेस के झांसे में नहीं आए और उनके हितों की रक्षा करने वाली भाजपा की प्रदेश में तीसरी बार सरकार बनाई।

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