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वोट” और “मतदान” का मतलब है की आप नेता के गुलाम हो

“ भारत के लोकतंत्र में मतदान को सबसे शक्तिशाली हथियार माना जाता है। यह वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से नागरिक अपने नेताओं का चयन करते हैं और देश के भविष्य को आकार देने में अपनी भूमिका निभाते हैं। लेकिन क्या मतदान का मतलब केवल एक वोट डालना है, या इसके पीछे कोई गहरा अर्थ छिपा है? कुछ लोग कहते हैं कि मतदान करना यानी नेताओं के गुलाम बनना, क्योंकि हम अपनी स्वतंत्र इच्छा से चुने गए नेताओं के निर्णयों पर निर्भर हो जाते हैं। मतदान केवल एक कागजी प्रक्रिया या इलेक्ट्रॉनिक बटन दबाने का कार्य नहीं है। यह एक नागरिक का अधिकार, कर्तव्य और जिम्मेदारी है। मतदान के जरिए हम अपने प्रतिनिधियों को चुनते हैं, जो हमारी आवाज को सरकार तक पहुंचाते हैं। लेकिन यह सवाल उठता है कि क्या हम वास्तव में स्वतंत्र रूप से अपनी पसंद व्यक्त करते हैं, या फिर हम सामाजिक दबाव, प्रचार, या भावनात्मक प्रभावों के गुलाम बन जाते हैं? कई बार लोग नेताओं के वादों, जाति, धर्म, या क्षेत्रीय भावनाओं के आधार पर वोट देते हैं। ऐसे में मतदान स्वतंत्र इच्छा की अभिव्यक्ति कम और बाहरी प्रभावों का परिणाम ज्यादा बन जाता है। अगर हम बिना सोचे-समझे वोट डालते हैं, तो यह संभव है कि हम उन नेताओं के हाथों में शक्ति सौंप दें जो हमारे हितों की बजाय अपने निजी स्वार्थों को प्राथमिकता दें। इस दृष्टि से, मतदान हमें नेताओं का “गुलाम” बना सकता है, अगर हम अपनी शक्ति का उपयोग विवेकपूर्ण ढंग से नहीं करते। मतदान की कीमत को दो दृष्टिकोणों से समझा जा सकता है: एक, वह मूल्य जो यह लोकतंत्र को देता है, और दूसरा, वह लागत जो इसके गलत उपयोग से समाज को चुकानी पड़ती है।मतदान लोकतंत्र का आधार है। इसके जरिए हर नागरिक को समान अधिकार मिलता है, चाहे वह किसी भी सामाजिक, आर्थिक या सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से हो। एक वोट की कीमत एक पूरे देश के भविष्य को बदलने की ताकत रखती है। यह वह शक्ति है जो सरकारों को बनाती और गिराती है। इतिहास में कई उदाहरण हैं जहां एक-एक वोट ने बड़े बदलाव लाए। मतदान करने का मतलब केवल एक दिन के लिए मतदान केंद्र जाना नहीं है। यह एक ऐसी जिम्मेदारी है जो हमें अपने नेताओं के प्रति जवाबदेह बनाती है। अगर हम गलत व्यक्ति को चुनते हैं, तो हमें अगले पांच साल तक उनके निर्णयों का परिणाम भुगतना पड़ सकता है। उदाहरण के लिए, भ्रष्टाचार, नीतिगत असफलताएं, या सामाजिक अस्थिरता जैसी समस्याएं गलत मतदान का परिणाम हो सकती हैं। कई बार लोग वोट देने के लिए समय, पैसा, और मेहनत खर्च करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग लंबी दूरी तय करके मतदान केंद्रों तक जाते हैं। लेकिन अगर मतदान का परिणाम अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं होता, तो यह निराशा और अविश्वास को जन्म देता है। इसके अलावा, गलत नेतृत्व के कारण समाज में असमानता, बेरोजगारी, और अन्य समस्याएं बढ़ सकती हैं, जो मतदान की गलत पसंद की कीमत होती हैं। ऐसे में हमें मतदान को गुलामी से बचानें की जरूरत है।मतदान को नेताओं की गुलामी बनने से बचाने के लिए हमें जागरूक और विवेकपूर्ण होना होगा। निम्नलिखित कदम मदद कर सकते है,जैसे कि उम्मीदवारों के पिछले कार्यों, उनके दृष्टिकोण, और नीतियों का अध्ययन करें। प्रचार और भावनात्मक भाषणों से प्रभावित होने की बजाय तथ्यों पर ध्यान दें। जाति, धर्म, या क्षेत्रीयता के आधार पर वोट देने से बचें। अपने और समाज के हित को प्राथमिकता दें,मतदान के बाद भी नेताओं के कामकाज पर नजर रखें। लोकतंत्र में नागरिकों की भूमिका केवल वोट देने तक सीमित नहीं है। मतदान के महत्व और इसके प्रभाव को समझाने के लिए समाज में जागरूकता फैलाएं। मतदान कोई गुलामी नहीं है, बल्कि यह हमारी शक्ति और स्वतंत्रता का प्रतीक है। लेकिन इस शक्ति का सही उपयोग तभी संभव है जब हम जागरूक, शिक्षित, और विवेकपूर्ण ढंग से अपने वोट का उपयोग करें। मतदान की कीमत तब सार्थक होती है जब यह समाज में सकारात्मक बदलाव लाए, न कि नेताओं के गलत इरादों को बढ़ावा दे। आइए, हम अपने मत का उपयोग एक मजबूत, समावेशी, और प्रगतिशील समाज के निर्माण के लिए करें, न कि किसी की गुलामी स्वीकार करने के लिए।एक वोट बदल सकता है सब कुछ, बशर्ते वह सोच-समझकर डाला जाए। -इंद्र यादव – स्वतंत्र लेखक,महाराष्ट्रindrayadavrti@gmail.com

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वन औषधीय पौधारोपण कार्यक्रम किया आरोग्यभारती चंडीगढ़ ने

BREAKING NEWS चंडीगढ़ (ईशान टाइम्स )।आरोग्य भारती चंडीगढ़ महानगर द्वारा वन औषधि वाटिका पौधारोपण का कार्यक्रम आयोजित किया किया गया, कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन समाज में वन औषधि पौधों ,वृक्षों का प्रचार प्रसार व इनके अध्यात्मिक धार्मिक व वैज्ञानिक गुणों को हर भारतीय के घर तक पहुंचा जाये। आज लोग इन्हें खर पतवार समझकर काट रहे है, प्राचीन समय से औषधीय विज्ञान भारतीय संस्कृति की धरोहर रही है ।इसलिए आरोग्य भारती पूरे भारत वर्ष में इस धरोहर को संजोय रखने के लिए प्रयासरत है। हर्बल पौधों में तुलसी, इल्लाची, ब्रह्मी, लैमन ग्रास,अश्वगंधा, शतावरी व लाजवंती और पीपल,नीम व वरगद की त्रिवेणी लगाई। कार्यक्रम में आरोग्य भारती के राजस्थान एवं उत्तर क्षेत्र संयोजक, राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य व आरोग्य मित्र योजना के अखिल भारतीय प्रमुख संजीवन कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे । चंडीगढ़ म्युनिस्पल कॉरपोरेशन के कमिश्नर अमित कुमार मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित रहे । प्रितपाल सिंह एक्सियन आरोग्य भारती चंडीगढ़ महानगर के अध्यक्ष डॉक्टर संतोष कुमार व सचिव प्रोफेसर शिवानी शर्मा व उपाध्यक्ष अधिवक्ता करमजीत चौधरी , पूर्व वाइस चांसलर प्रोफेसर सुशील कुमार तौमर, प्रोफेसर श्री मति अनुपम बाहरी संयोजिका पंजाब विश्वविद्यालय, सुरिंदर पाल चौहान चंडीगढ़ व हरियाणा प्रांत प्रचार प्रसार व सम्पर्क प्रमुख, कार्यालय प्रमुख जगत राम , अमित दीवान संयोजक पीजीआईएमईआर चण्डीगढ़ कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

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पारदर्शिता व जनभागीदारी की दिशा में हरियाणा सरकार का बड़ा कदम, मुख्यमंत्री ने लॉन्च किया ‘म्हारी सड़क मोबाइल एप’

डिजिटल एप से नागरिक सीधे सरकार तक पहुँचा सकेंगे सड़क से संबंधित समस्याएं ‘म्हारी सड़क ऐप’में जी.आई.एस आधारित डिजिटल मैपिंग से सड़क की स्थिति पर होगी सीधी नजर पंचकूला, 4 अक्टूबर (संजय राय)– हरियाणा में ढांचागत विकास को नई गति देने के लिए पारदर्शिता व जनभागीदारी की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज म्हारी सड़क मोबाइल एप्लीकेशन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ऐप नागरिक और सरकार के बीच सेतु का काम करेगा। सरकार का लक्ष्य प्रदेश में बेहतर सड़कों का जाल बिछाकर ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों को मजबूत आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है। सड़कें विकास का मार्ग प्रशस्त करती हैं और इस दिशा में हरियाणा सरकार दृढ़ संकल्पित है। पंचकूला में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ऐप नागरिकों को सड़कों की स्थिति की जानकारी सीधे सरकार तक पहुंचाने का माध्यम है। इस ऐप के माध्यम से नागरिक सड़कों पर गड्ढे, टूटी सड़क या सड़क पर जलभराव की समस्या की लोकेशन के साथ शिकायत दर्ज कर सकेंगे। संबंधित विभाग को तत्काल सूचना मिलते ही सड़क के सुदृढ़ीकरण का कार्य किया जाएगा। इस ऐप के माध्यम से शिकायत की टाइम बाउंड मॉनिटरिंग होगी। म्हारी सड़क ऐप में जी.आई.एस आधारित डिजिटल मैपिंग से सड़क की स्थिति पर होगी सीधी नजर उन्होंने कहा कि हरियाणा के आधारभूत ढांचे को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है और पारदर्शिता, जवाबदेही एवं जनभागीदारी को अपनी प्राथमिकता बना रही है। उन्होंने कहा कि हमने एक नया हरियाणा बनाने का संकल्प लिया है, एक ऐसा हरियाणा जहां हर नागरिक को बेहतर जीवन मिले, जहां विकास की गति कभी न थमे और विकास की गति के लिए सबसे पहली जरूरत है अच्छी सड़कें। सड़कें किसी भी राज्य की जीवन रेखा होती हैं। ये न सिर्फ लोगों को जोड़ती हैं, बल्कि अर्थव्यवस्था को भी गति देती हैं। उन्होंने कहा कि म्हारी सड़क ऐप में जी.आई.एस-आधारित तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे राज्य की सभी सड़कों का डिजिटल मानचित्रण संभव हुआ है। इससे नागरिकों को सड़कों की स्थिति की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। प्रादेशिक सड़क उत्थान परियोजना बनेगी विकसित हरियाणा का आधारस्तंभ नायब सिंह सैनी ने कहा कि गत 21 सितम्बर को हिसार में ‘प्रादेशिक सड़क उत्थान परियोजना’ का शुभारंभ किया था। यह परियोजना आने वाले वर्षों में ‘विकसित भारत-विकसित हरियाणा’ के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगी। इस परियोजना के तहत चालू वित्त वर्ष में 4,827 करोड़ रुपये की लागत से 9,410 किलोमीटर लंबी 4,227 सड़कों की मरम्मत एवं उत्थान का काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मानना है कि ‘यदि देश को गति देनी है, तो सड़कों को मजबूती देनी होगी। सड़कें सिर्फ यात्रा का साधन नहीं होतीं, बल्कि यह अर्थव्यवस्था की धमनियां होती हैं।’ इसी सोच के तहत, पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में भारत ने सड़क अवसंरचना में अभूतपूर्व क्रांति देखी है। आज, देशभर में डिफेंस कॉरिडोर से लेकर फ्रेट कॉरिडोर तक, भारतमाला से सागरमाला तक, रोडवेज, रेलवेज और एयरवेज कनेक्टिविटी का जाल पूरे देश में मिशन मोड पर काम कर रहे हैं। साथ ही, पी.एम. गतिशक्ति के माध्यम से आधारभूत परियोजनाओं को बेहतर बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदेश में पिछले 11 वर्षों में 28,651 करोड़ रुपये की लागत से 43,703 किलोमीटर लंबी सड़कों का सुधार किया है। इसके साथ ही, 2,534 करोड़ रुपये की लागत से 2,417 किलोमीटर लंबी नई सड़कों का निर्माण भी किया है। इनके अलावा, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत प्रदेश में 1, 077 करोड़ रुपये की लागत से 2,432 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया जा चुका है। हरियाणा में 21 नये राष्ट्रीय राजमार्ग स्वीकृत किए हैं। इनमें से 12 राजमार्ग बन चुके हैं। प्रदेश में पिछले 11 वर्षों में 28,582 करोड़ रुपये की लागत से 1,719 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया गया है। जबकि, 2014 से पहले की सरकार के 10 साल के शासनकाल में 1,713 करोड़ रुपये की लागत से 451 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग बनाए गए। इतना ही नहीं, यातायात को सुगम बनाने के लिए 27 टोल टैक्स बैरियर हटाने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिक टेक्नोलॉजी से जुड़े, उनकी भागीदारी इस ऐप को सफल बनाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाएगी। हर स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी में इसके लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ‘हरियाणा ए.आई. मिशन’ के तहत ई-गवर्नेस को बढ़ावा दे रही है। इस मिशन के तहत गुरुग्राम और पंचकूला में ए.आई. हब स्थापित किए जाएंगे, जहां 50 हजार से अधिक युवाओं को उन्नत तकनीकों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस डिजिटल पहल से न केवल सड़कें बेहतर होंगी, बल्कि जनता और प्रशासन के बीच पारदर्शिता और विश्वास भी मजबूत होगा – लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि किसी भी प्रदेश के विकास का आंकलन उसकी सड़कों की स्थिति से लगाया जा सकता है और हरियाणा लगातार अपने सड़क तंत्र को मजबूत कर रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) विभाग प्रदेश में सड़कों की रिपेयर, नवनिर्माण, सुदृढ़ीकरण और पैच-वर्क के कार्य को युद्ध स्तर पर कररहा है। उन्होंने कहा कि गत दिनों ही मुख्यमंत्री द्वारा प्रादेशिक सड़क उत्थान परियोजना का शुभारंभ किया गया। ये परियोजना विकसित हरियाणा के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि सड़कें केवल यातायात का साधन नहीं हैं, बल्कि यह गांवों और शहरों को जोड़ने के साथ-साथ राज्य के समग्र विकास की धुरी भी हैं। रणबीर गंगवा ने कहा कि नागरिक फोटो के साथ सड़क संबंधित शिकायतें इस एप पर अपलोड कर सकते हैं। इस डिजिटल सिस्टम में जेई से लेकर विभागाध्यक्ष तक सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय की गई है। शिकायत प्राप्त होने के बाद निर्धारित समय में संबंधित अधिकारी सड़क सुधार कार्य पूरा करने के बाद की फोटो भी एप पर अपलोड करेंगे और शिकायतकर्ता को सूचित किया जाएगा। इस पहल से न केवल सड़कें बेहतर होंगी, बल्कि जनता और प्रशासन के बीच पारदर्शिता और विश्वास भी मजबूत होगा। इस अवसर पर

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मोदी सरकार की नीतियों के कारण ही देश के 8 करोड़ किसान डेयरी सेक्टर से जुड़ गए हैं:अमित शाह

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज हरियाणा के रोहतक में साबर डेयरी प्लांट का लोकार्पण किया प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में सहकारिता की मजबूत नींव रखी जा रही है, वर्ष 2029 से पहले देश की हर पंचायत में एक सहकारिता समिति बनेगी साबर डेयरी ने हरियाणा के दूध उत्पादक किसानों के कल्याण के लिए 350 करोड़ रुपए की लागत से देश का सबसे बड़ा दही, दूध और मिठाई बनाने का प्लांट लगाया प्रतिदिन 150 मीट्रिक टन दही, 10 मीट्रिक टन योगर्ट, 3 लाख लीटर छाछ और 10 हज़ार किलो मिठाई बनाने वाली साबर प्लांट डेयरी किसानों की समृद्धि का प्रतीक बनेगा मोदी जी के नेतृत्व में 70 फीसद की गति से देश का डेयरी सेक्टर दुनिया में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाला सेक्टर बना है आज देश की दुग्ध प्रसंस्करण की क्षमता 660 लाख लीटर प्रतिदिन है, जिसे 2028-29 में 1 हजार लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुँचाना है मोदी सरकार डेयरी संयंत्र निर्माण और उससे जुड़े रिसर्च व डेवलपमेंट के सेक्टर में तीन गुना तेजी लाकर डेयरी सेक्टर में आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही है रोहतक , 3 अक्टूबर(संजय राय, ईशान टाइम्स)। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज हरियाणा के रोहतक में साबर डेयरी प्लांट का लोकार्पण किया। इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, केन्द्रीय सहकारिता राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर और केन्द्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इस अवसर पर अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश के किसानों की दशकों पुरानी अलग सहकारिता मंत्रालय के गठन की मांग को पूरा करने का काम किया है और इसके लिए पूरे देश की ओर से उनका आभार है। उन्होंने कहा कि पिछले 4 सालों में देश की सभी राज्य सरकारों को साथ लेकर सहकारिता मंत्रालय ने सहकारिता की नींव को गहरा करने का काम किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2029 से पहले देश की एक भी पंचायत ऐसी नहीं रहेगी, जहां एक भी सहकारिता समिति न हो।अमित शाह ने कहा कि आज साबर डेयरी के माध्यम से दूध उत्पादकों के कल्याण के लिए लगभग 350 करोड़ रुपए की लागत से पूरे देश का सबसे बड़ा दही, छाछ और योगर्ट बनाने के प्लांट का काम पूरा हो गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा से ही पूरे दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (Delhi-NCR) की दुग्ध उत्पादों की जरूरत पूरी होगी। साबर डेयरी ने गुजरात के साबरकांठा जिले से शुरूआत कर 9 राज्यों के दुग्ध उत्पादकों के लिए बहुत बड़े मौके का सृजन किया है। श्री शाह ने कहा कि गुजरात में त्रिभुवन भाई, भूरा भाई और गलबा भाई ने डेयरियों की नींव रखी और आज कोऑपरेटिव डेयरी के माध्यम से गुजरात की 35 लाख बहनें सालाना 85 हज़ार करोड़ रुपए का व्यापार कर रही हैं।केन्द्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि साबर प्लांट में प्रतिदिन 150 मीट्रिक टन दही, 10 मीट्रिक टन योगर्ट, 3 लाख लीटर छाछ और प्रतिदिन 10 हज़ार किलो मिठाई बनेंगे औऱ इससे किसानों की समृद्धि का रास्ता खुलेगा। उन्होने कहा कि आज हमारी साबर डेयरी राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र, पंजाब, उत्तर प्रदेश और बिहार के किसानों की सेवा कर रही है। अमूल के नेतृत्व में गुजरात में आधुनिक प्रजनन तकनीकों – भ्रूण स्थानांतरण औऱ लिंग निर्धारण – पर काफी वैज्ञानिक काम हुआ है। ये दोनों तकनीकें हरियाणा के पशुपालकों को भी उपलब्ध होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके साथ-साथ मधुमक्खी पालन औऱ जैविक खेती को भी राज्य में बढ़ावा देने की ज़रूरत है। गुजरात में गोबर गैस के लिए कई अच्छे प्रयोग हुए हैं और हरियाणा में भी इन प्रयोगों को लागू करने की जरूरत है। केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत का डेयरी सेक्टर पिछले 11 साल में 70 प्रतिशत की क्षमता से बढ़ा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत का डेयरी सेक्टर विश्व में सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला डेयरी सेक्टर बना है। उन्होंने कहा कि 2014-15 में भारत में दूध देने वाले पशुओं की संख्या 86 मिलियन थी जो अब बढ़कर 112 मिलियन हो गई है। इसी प्रकार, दुग्ध उत्पादन 146 मिलियन टन से बढ़कर 239 मिलियन टन हो गया है। उन्होंने कहा कि देसी नस्ल की गाय के दूध का उत्पादन 29 मिलियन टन से बढ़कर 50 मिलियन टन तक पहुंच गया है। अमित शाह ने कहा कि आज भारत के लगभग 8 करोड़ किसान डेयरी क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारत में दूध की प्रति व्यक्ति उपलब्धता को 124 ग्राम से बढ़ाकर 471 ग्राम करने का काम हमारे देश के किसानों ने किया है। उन्होंने कहा कि पिछले 11 साल में भारत के डेयरी सेक्टर में कई बदलाव हुए हैं और इसके कारण हमारे किसान समृद्ध हुए हैं।केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि श्वेत क्रांति 2.0 के तहत आने वाले दिनों में देशभर में 75 हज़ार से अधिक डेयरी समितियों की स्थापना होगी और सरकार 46 हज़ार डेयरी कोऑपरेटिव समितियों को मज़बूत भी करेगी। सहकारिता मंत्री शाह ने कहा कि हमारा वर्तमान दुग्ध प्रोक्योरमेंट 660 लाख लीटर प्रतिदिन है और वर्ष 2028-29 तक इसे बढ़ाकर 1 हज़ार लाख मीट्रिक टन तक करने का हमारा लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य हासिल करने पर सारा मुनाफा दुग्ध उत्पादन करने वाली हमारी किसान माताओं बहनों को मिलता है। एक साल में ही लगभग 33 हज़ार कोऑपेरेटिव्स को पंजीकृत कर दिया गया है।अमित शाह ने कहा कि हाल ही में मोदी सरकार ने तीन राष्ट्रीय सहकारी समितियां बनाईं हैं – पशु आहार के उत्पादन के लिए, गोबर के प्रबंधन के लिए औऱ मृत पशुओं के अवशेषों का सर्कुलर इकोनॉमी में उपयोग करने के लिए। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन, राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम शुरू किया, पशुपालन इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड बनाया और राष्ट्रीय पशुरोग नियंत्रण कार्यक्रम चलाया। शाह ने कहा कि आने वाले दिनों में हम डेयरी संयंत्र के निर्माण की दृष्टि से भी आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं और इसके लिए NDDB और बाकी सभी डेयरियां मिलतर संयंत्र निर्माण में 3 गुना कैपेसिटी एक्सपेंशन का काम करेंगे।

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केंद्र सरकार ने एक बार फिर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की कार्यशैली की करी सराहना

नायब सिंह के नेतृत्व में हरियाणा में युवाओं को योग्यता के आधार पर पारदर्शी व निष्पक्ष रूप से मिल रही सरकारी नौकरियाँ चंडीगढ़, 3 अक्टूबर(संजय राय) – केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की एक बार फिर प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में प्रदेश में युवाओं को योग्यता के आधार पर बिना खर्ची-पर्ची के पारदर्शी प्रक्रिया के तहत सरकारी नौकरियाँ प्रदान की जा रही हैं। अमित शाह ने इस पहल को एक सराहनीय कदम बताते हुए मुख्यमंत्री को प्रदेश की जनता की ओर से बधाई एवं साधुवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की व्यवस्था प्रदेश के युवाओं में सरकारी तंत्र के प्रति विश्वास और पारदर्शिता की भावना को मजबूत कर रही है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह आज कुरुक्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम में तीन नए आपराधिक कानूनों से संबंधित प्रदर्शनी के शुभारंभ अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने राज्य सरकार की पारदर्शी भर्ती प्रणाली की विशेष रूप से प्रशंसा की।

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क्त फूल सिंह के नाम से यूनिवर्सिटी में चेयर स्थापित की जाए : डॉ मलिक

पंचकुला , 2 अक्तूबर – हरियाणा पुलिस के पूर्व पुलिस महानिदेशक एवं जाट सभा के अध्यक्ष डॉ महेंद्र सिंह मलिक ने प्रदेश सरकार से मांग की कि भक्त फूल सिंह विश्वविद्यालय खानपुर कलां में भक्त फूल सिंह के नाम से एक चेयर स्थापित की जानी चाहिए ताकि विद्यार्थी उनके जीवन पर शोध कर सकें और युवा पीढ़ी उनसे प्रेरणा ले सके। डॉ मलिक आज यहां चौधरी छोटूराम जाट भवन में भक्त फूल सिंह की याद में आयोजित एक विचार गोष्ठी को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर जाट समाज के विवाह योग्य युवक एवं युवतियों का परिचय-सम्मेलन भी आयोजित किया गया। गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए महेंद्र सिंह मलिक ने कहा कि भक्त फूल सिंह ने नारी शिक्षा के लिए जो कार्य किया , वह एक अनूठा उदाहरण है। आर्य समाज के प्रभाव में आकर उन्होंने अपनी सरकारी नौकरी को छोड़कर मात्र तीन लड़कियों की संख्या से कन्या गुरुकुल आरम्भ किया था। उनके द्वारा लगाया गया शिक्षा का वह पौधा अब विश्वविद्यालय के रूप में वट वृक्ष बन चुका है। उन्होंने भक्त फूल सिंह के नाम पर विश्वविद्यालय स्थापित करने पर प्रदेश सरकार का धन्यवाद किया , साथ ही उन्होंने मांग की कि भक्त फूल सिंह द्वारा शुरू किया गया गुरुकुल को पुनः मॉडर्न स्वरूप में आरम्भ किया जाए।डॉ मलिक ने लोगों को आज दशहरा पर्व की बधाई दी और महात्मा गांधी तथा पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर दोनों महापुरुषों को भी नमन किया।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि तथा गुरुकुल खानपुर कलां एवं भैंसवाल कलां की पूर्व चेयरमैन कृष्णा मलिक ने भक्त फूल सिंह को देहाती गांधी की संज्ञा देते हुए कहा कि उन्होंने जिस समय में लड़कियों को पढ़ाने के लिए गुरुकुल की स्थापना की थी उस समय नारी शिक्षा की कल्पना करना भी मुश्किल था। लेकिन भक्त फूल सिंह अपने दृढ निश्चय पर डटे रहे और बेटियों को शिक्षा दिलाने के लिए आगे आए।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे गुरुकुल खानपुर कलां के पूर्व महासचिव जय सिंह ठेकेदार ने भी भक्त फूल सिंह को सच्चा गांधीवादी विचारधारा का व्यक्ति बताया। उन्होंने कन्या गुरुकुल की स्थापना से लेकर लड़कियों की पढाई के लिए किए गए कार्यों की विस्तार से जानकारी दी।इस अवसर पर भक्त फूल सिंह पॉलिटेक्निक एवं अन्य शैक्षणिक संस्थाओं में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए पूर्व प्राचार्या किरण जिंदल , सुमन दलाल , डॉ ज्ञानवती , साहब कौर समेत अन्य शिक्षविदों को सम्मानित भी किया गया।गोष्ठी के बाद जाट समाज के विवाह योग्य युवक एवं युवतियों के लिए एक “जाट परिवार परिचय सम्मेलन” भी आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में 200 से अधिक युवाओं का बायोडाटा एकत्रित हुआ जिसको लेकर विभिन्न परिवारों ने परस्पर चर्चा की। कुछ परिवारों की मौके पर ही मीटिंग करके बातचीत को आगे बढ़ाया गया।इस अवसर पर जाट सभा के उपाध्यक्ष जयपाल पुनिया , सचिव बीएस गिल , एचएसएससी के सदस्य साधु राम जाखड़ ,राजेंद्र खर्ब , नरेश दहिया , रणबीर सिंह राठी , ईश्वर सिंह दुहन , राज सिंह कादयान ,अनिल आर्य , जगबीर कादयान , राकेश गिल, सुरेन्द्र कुंडू, आजाद मलिक, प्रोमिला सांगवान , प्रोमिला नैन , संदीप गोयत , प्रेम सिंह ,आनंद लाठर के अलावा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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धधकते रावण संग मिटा अहंकार, जीवंत हुई रामायण की सीख

राख में बदला रावण, लेकिन संदेश अमर कर गया लपटों के पार दिखी अच्छाई की राह, हर दर्शक हुआ भावुक दहन के हर अंगारे ने सुनाई धर्म और साहस की गाथा धर्म की विजय के प्रतीक पर्व पर रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले जलाए गए मोहाली, 2 अक्तूबर(वीना देवी, ईशान टाइम्स): श्री रामलीला एवं दशहरा कमेटी, फेज़-1, मोहाली द्वारा आज शाम भव्य दशहरा महोत्सव का आयोजन किया गया। मैदान में चारों ओर उत्साह और उल्लास का माहौल था। जैसे ही रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशालकाय पुतलों का दहन हुआ, पूरा परिसर “जय श्रीराम” के जयकारों से गूंज उठा। रावण-वध का मंचन और भगवान श्रीराम की विजय का दृश्य देखते ही दर्शक भाव-विभोर हो उठे। पुतला दहन के साथ की गई रंग-बिरंगी आतिशबाज़ी ने पूरे वातावरण को रोशनी और उमंग से भर दिया। जब रावण का पुतला राख में तब्दील हुआ तो दर्शकों की आँखों में यह संदेश साफ झलक रहा था कि बुराई कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः उसका नाश निश्चित है। यही सीख हर पीढ़ी के लिए अमर हो गई। आयोजन में हजारों श्रद्धालु एवं स्थानीय नागरिक शामिल हुए। बच्चों से लेकर बुज़ुर्गों तक सभी ने उत्साहपूर्वक इस पर्व का आनंद लिया। मैदान में लगे मेले और स्टॉल्स ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया। आज के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मोहाली के विधायक कुलवंत सिंह जी पधारे। उन्होंने पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस अवसर पर संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि “दशहरा केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में मनाया जाता है। यह पर्व हमें यह संदेश देता है कि अच्छाई हमेशा बुराई पर विजय प्राप्त करती है।” उन्होंने कहा कि श्री रामलीला एवं दशहरा कमेटी, फेज़-1, कमेटी स्वयं सभी पात्रों की भूमिकाएँ निभाकर समाज को संस्कृति और आस्था से जोड़ रही है, जो सराहनीय है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक मेला नहीं, बल्कि जीवन के लिए शिक्षा है। “यदि हम गलत कार्य करेंगे तो उसका परिणाम भी वैसा ही होगा जैसा रावण को मिला। यही सीख यह पर्व हमें देता है।” कुलवंत सिंह जी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ियों को भी इन चरित्रों से प्रेरणा लेनी चाहिए और अपने जीवन में अच्छाई का मार्ग अपनाना चाहिए। उन्होंने सभी को शुभकामनाएँ दीं और अरदास की कि “भगवान श्रीराम सभी को सच्चाई और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दें।” कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में सरदार बलबीर सिंह सिद्धू, पूर्व कैबिनेट मंत्री, पंजाब तथा सरदार अमरजीत सिंह सिद्धू, मेयर, मोहाली उपस्थित रहे। रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन इन्हीं विशिष्ट अतिथियों ने किया और इस अवसर पर उन्होंने बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया। कमेटी के प्रधान आशु सूद ने कहा कि दशहरा बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि हम सब अपने जीवन में भी सत्य और धर्म का पालन करें।

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हुड्डा की नियुक्ति का पत्र लेकर विस अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण से मिले कांग्रेसी विधायक

चंडीगढ़ : (ईशान टाइम्स)।कांग्रेस विधायक दल के नेता के रूप में भूपेन्द्र सिंह हुड्डा की नियुक्ति के बाद कांग्रेस के सात विधायक मंगलवार शाम हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण से भेंट करने उनके आवास पर पहुंचे।विधायक आफताब अहमद, गीता भुक्कल, इंदुराज नरवाल, जस्सी पेटवाड़, देवेंद्र हंस, बलराम दांगी और विकास सहारण ने हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह की ओर से भेजा गया नियुक्ति पत्र विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण को सौंपा। इस पत्र में कहा गया है कि कांग्रेस विधायक दल ने सर्वसम्मति से भूपेन्द्र सिंह हुड्डा को अपना नेता चुना है। सदन में कांग्रेस सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी होने के नाते उन्हें नेता प्रतिपक्ष के तौर पर मान्यता देने की मांग की।इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने भूपेन्द्र सिंह हुड्डा को कांग्रेस विधायक दल का नेता बनाए जाने पर शुभकामनाएं दीं।सदन की कार्यवाही के सुचारू रूप से चलने में नेता प्रतिपक्ष की विशेष भूमिका रहती है। लोकतंत्र में इस पद का विशेष महत्व है। पार्टी द्वारा उनकी नियुक्ति से हरियाणा विधान सभा में इस पद की रिक्ति खत्म होने का रास्ता साफ हो गया है।

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भारत में होगा जी.एस.सी. ट्रस्ट स्थापित : डॉ. कंवलजीत कौर

ग्लोबल सिख काउंसिल ने तख़्तों की प्रभुसत्ता, विरासती स्थलों की देखभाल और भारत में सेवा संबंधी लिए निर्णय, अगली ए.जी.एम. नवंबर माह में चंडीगढ़ में चंडीगढ़ : (राजकुमार)। विश्व स्तर पर सिखों के तालमेल को मजबूत करने और पंथक प्राथमिकताओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से 28 देशों की राष्ट्रीय सिख संस्थाओं की प्रतिनिधि संस्था ग्लोबल सिख काउंसिल (जी.एस.सी.) ने पाकिस्तान में सिख विरासती स्थलों के संरक्षण के साथ-साथ भारत स्थित तख़्तों की प्रभुसत्ता, मान-मर्यादा और आध्यात्मिक अधिकारों की बहाली की वकालत की है। यह निर्णय जी.एस.सी. की तीन घंटे से अधिक चली वार्षिक आम सभा (ए.जी.एम.) की ऑनलाइन सत्र के दौरान लिया गया।काउंसिल की प्रधान लेडी सिंह डॉ. कंवलजीत कौर की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सिख कौम से जुड़े धार्मिक, मानवतावादी और प्रशासनिक मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। बैठक के विवरण साझा करते हुए प्रधान डॉ. कंवलजीत कौर और सचिव हरजीत सिंह ग्रेवाल ने बताया कि ए.जी.एम. की शुरुआत उप-प्रधान परमजीत सिंह बेदी (अमेरिका) द्वारा पंजाब में बाढ़ प्रभावित परिवारों की भलाई और पुनर्वास के लिए की गई अरदास से हुई और पीड़ितों के प्रति संवेदना प्रकट की गई।उन्होंने बताया कि जी.एस.सी. श्री हजूर साहिब और श्री पटना साहिब तख़्तों को क्रमशः महाराष्ट्र और बिहार राज्य सरकारों के प्रशासनिक नियंत्रण से मुक्त कराने हेतु पुराने गुरुद्वारा क़ानूनों में संशोधन करवाने के लिए स्थानीय संगत के नेतृत्व वाली कोशिशों का समर्थन करेगी।इसके साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि कौम की पारदर्शी ढंग से सेवा करने और बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए भारत में एक पंजीकृत ट्रस्ट स्थापित किया जाएगा और परोपकारी व सामुदायिक सेवाओं हेतु विदेशी अंशदान विनियामक अधिनियम (एफ.सी.आर.ए.) के अंतर्गत प्रमाणपत्र प्राप्त किया जाएगा। काउंसिल ने नवंबर 2026 के मध्य में चंडीगढ़ में अगली वार्षिक ए.जी.ਐਮ. बुलाने का भी फैसला लिया।काउंसिल की धार्मिक मामले कमेटी के चेयरमैन डॉ. करमिंदर सिंह ने अपने शोध पत्र में तख़्तों की स्वतंत्रता, मान-सम्मान और आध्यात्मिक अधिकारों की बहाली की वकालत की। उन्होंने सिख धर्म में इन धार्मिक स्थलों की प्रमुखता को दोहराया और राजनीतिक दखलअंदाज़ी से मुक्त कराकर उपयुक्त स्वतंत्र दर्जा दिलाने के लिए पंथक एकता का आह्वान किया।सिख शख्सियतों की पदवी को लेकर हो रही गलत व्याख्याओं पर कानूनी मामले समिति के चेयरपर्सन जगीर सिंह ने ‘संत’ और ‘ब्रह्म ज्ञानी’ नामकरण के गुरबाणी-आधारित प्रामाणिक अर्थों पर प्रभावशाली शोध पत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने दिव्य अवस्था और स्वयंघोषित उपाधियों के बीच अंतर को स्पष्ट किया, जिससे संगत गुमराह होती है और मौजूदा समय में भ्रम की स्थिति बढ़ती है।मानवतावादी संकट की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए जी.एस.सी. के खज़ांची हरसरन सिंह ने पंजाब के बाढ़ प्रभावित गांवों में तबाही के पैमाने का विवरण दिया, विशेषकर फिरोज़पुर और फाजिल्का जिलों में किसानों और सीमावर्ती निवासियों की कठिन स्थिति को उजागर किया। काउंसिल ने समन्वित राहत कार्यों के लिए विश्वव्यापी सिख संस्थाओं से सहयोग जुटाने की अपील भी की।विरासत समिति के चेयरमैन यसपाल सिंह बैस (अमेरिका) ने पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक सिख स्थलों की बहाली पर रिपोर्ट पेश की। उन्होंने इवैक्यू ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड और पाकिस्तान के पुरातत्व विभाग के सहयोग का स्वागत किया और उपेक्षित गुरुद्वारों व विरासती स्थलों को संरक्षित रखने के लिए निरंतर निगरानी और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।अपनी-अपनी रिपोर्टों में प्रधान डॉ. कंवलजीत कौर, सचिव हरजीत सिंह और खज़ांची हरसरन सिंह ने जी.एस.ਸੀ. द्वारा भविष्य में किए जाने वाले धार्मिक सुधारों, मानवतावादी मदद और अन्य पहलकदमियों के लिए स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत किया। बैठक के समापन पर उप-प्रधान राम सिंह बम्बे ने सभी का धन्यवाद करते हुए प्रतिनिधियों के सूझबूझ भरे योगदान की सराहना की और कहा कि यह सत्र न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से ज्ञानवर्धक रहा बल्कि एकता और दूरदृष्टि के उद्देश्य से सिख कौम की सेवा के प्रति ग्लोबल सिख काउंसिल की वचनबद्धता को भी दोहराता है।

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25 सितम्बर से 25 दिसम्बर तक चलेगा आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान अभियान

हरियाणा आत्मनिर्भर भारत में निभाएगा अग्रणी भूमिका : नायब सिंह सैनीस्वदेशी ही हमारी ताकत, हर गांव में पहुंचेगा अभियान चंडीगढ़, (संजय राय )- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘विकसित भारत’ के विज़न को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने का मार्ग आत्मनिर्भरता से होकर जाता है और यह अभियान आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने में अग्रणी भूमिका निभाएगा।मुख्यमंत्री आज चंडीगढ़ में मीडिया बंधुओं को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि यह अभियान गत 25 सितम्बर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती से शुरू हुआ है और 25 दिसम्बर, भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती तक चलेगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा की पौने तीन करोड़ जनता इस राष्ट्रीय महायज्ञ में अपनी अग्रणी भूमिका निभाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने इस अभियान को हरियाणा के हर गांव और हर शहर तक पहुंचाने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना बनाई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘स्वदेशी’ का विचार हमारे लिए नया नहीं है। महर्षि दयानंद सरस्वती जी, बंगाल के स्वदेशी आंदोलन, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के नेतृत्व में स्वतंत्रता संग्राम और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के एकात्म मानव दर्शन से यह स्पष्ट होता है कि आर्थिक व्यवस्था स्वदेशी पर आधारित होनी चाहिए। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में हम उसी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।स्वदेशी, स्वभाषा और स्वभूषा – आत्मनिर्भर भारत के तीन स्तंभ उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान तीन स्तंभों स्वदेशी, स्वभाषा और स्वभूषा पर आधारित है। स्वदेशी का अर्थ भारत में ही वस्तुओं का उत्पादन और उपयोग करना है। इस दिशा में देश में स्टार्टअप्स की संख्या 1.60 लाख तक पहुंच गई है। हाल ही में इसरो ने भारत की पहली स्वदेशी सेमीकंडक्टर चिप ‘विक्रम-32’ विकसित की है। आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता बन चुका है। मुद्रा और पी.एल.आई. योजनाओं के माध्यम से MSME और निर्माताओं को बड़े स्तर पर सहयोग दिया जा रहा है, जिससे निर्यात 825 बिलियन डॉलर तक पहुंचा है। श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि स्वभाषा का अर्थ भारतीय भाषाओं और ज्ञान प्रणालियों को बढ़ावा देना है। नई शिक्षा नीति में त्रिभाषा शिक्षा को प्रोत्साहन दिया गया है और MBBS, इंजीनियरिंग सहित कई विषय भारतीय भाषाओं में पढ़ाए जा रहे हैं। इसी तरह, स्वभूषा का अभिप्राय हमारी अपनी विरासत, डिज़ाइन और सौंदर्यशास्त्र को अपनाने से है। खादी और ग्राम उद्योगों का कारोबार 1.70 लाख करोड़ रुपये पार कर चुका है। एक जिला-एक उत्पाद योजना में 750 जिलों से 1200 से अधिक उत्पादों की पहचान की गई है, जिनकी बिक्री ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों पर 2,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है।आत्मनिर्भर भारत की नई उपलब्धियां उन्होंने कहा कि भारत के लिए आत्मनिर्भरता केवल एक कल्पना नहीं, बल्कि आज जमीन पर उतरती हकीकत है। रक्षा निर्यात 34 गुना बढ़ा है, UPI दुनिया में अपनी पहचान बना चुका है, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स 2 से बढ़कर 300 से अधिक हो गई हैं, और इसरो के मंगलयान, चंद्रयान-3, आदित्य-L1 तथा गगनयान मिशनों ने दुनिया में भारत का डंका बजाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत दुनिया की दवाओं और टीकों का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बन चुका है। हम वैश्विक स्तर पर 20 प्रतिशत जेनेरिक दवाएं और 60 प्रतिशत वैक्सीन की आपूर्ति कर रहे हैं। आज अमेरिका में उपयोग होने वाली 40 प्रतिशत और ब्रिटेन में 25 प्रतिशत दवाएं भारत से जाती हैं। उन्होंने बताया कि ‘मेक इन इंडिया’ की नीति का प्रभाव यह है कि आज देश में बिकने वाले 99.20 प्रतिशत मोबाइल फोन अब मेड इन इंडिया हैं। नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में भी भारत ने अभूतपूर्व प्रगति की है। देश नवीकरणीय क्षमता मंह चौथे, सौर ऊर्जा में तीसरे और पवन ऊर्जा में चौथे स्थान पर है। हमारी सौर क्षमता 39 गुणा बढ़ी है और पवन ऊर्जा दोगुनी हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 10 करोड़ से अधिक बहनें स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से सशक्त हुई हैं। मुद्रा ऋण लेने वालों में 68 प्रतिशत और स्टैंड-अप इंडिया लाभार्थियों में 83 प्रतिशत हमारी बहन-बेटियां हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सच्ची आत्मनिर्भरता केवल आर्थिक नहीं, बल्कि मानसिक और सांस्कृतिक भी होती है। दिल्ली में राजपथ का नाम ‘कर्तव्य पथ’ करना, भारतीय नौसेना के ध्वज में परिवर्तन और IPC व CRPC के स्थान पर भारतीय न्याय, नागरिक सुरक्षा व साक्ष्य संहिता का आना, गुलामी की मानसिकता के प्रतीकों को मिटाने के ऐतिहासिक कदम हैं। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान में हरियाणा प्रदेश अपनी पूरी शक्ति से योगदान देगा। ‘जय जवान, जय किसान’ के साथ-साथ ‘जय विज्ञान’ को चरितार्थ करने में हरियाणा हमेशा आगे रहा है। इसके लिए हरियाणा सरकार ने विस्तृत कार्ययोजना बनाई है। जिलों और मंडलों में होंगे सम्मेलन, रथ यात्रा, व्यापारी और MSME संगोष्ठियाँउन्होंने बताया प्रदेश के सभी जिलों और मंडलों में नवंबर-दिसंबर में ‘आत्मनिर्भर भारत संकल्प सम्मेलन’ आयोजित किए जाएंगे। व्यापारी सम्मेलन’, ‘MSME उद्योगपति सम्मेलन’ और कॉलेजों में युवाओं के साथ संवाद के लिए ‘संकल्प सेमिनार’ होंगे। पूरे प्रदेश में ‘आत्मनिर्भर भारत संकल्प रथ यात्रा’ निकाली जाएगी। दिवाली पर विदेशी लाइट्स की जगह स्थानीय मिट्टी के दीयों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा। ‘संकल्प फॉर आत्मनिर्भर भारत’ का लोगो तैयार करके दुकानदारों व व्यापारियों को वितरित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि किसान प्राकृतिक खेती अपनाएं, युवा नौकरी लेने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें, माताएं-बहनें स्थानीय उत्पाद खरीदें और व्यापारी मित्र स्वदेशी उत्पाद बेचने का संकल्प लें। इस अवसर पर सुरेंद्र पूनिया महामंत्री और प्रभारी आत्मनिर्भर भारत अभियान, प्रवीण अत्रे मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव, पर्व शर्मा संयोजक आत्मनिर्भर भारत अभियान, संदीप तथा सन्नी नारा सदस्य आत्मनिर्भर भारत अभियान समिति आदि उपस्थित थे l

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