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दो साल से बंद आज़म खान अखिरकार जेल से हुए रिहा सपा नेताओं ने कोर्ट के फैसले का किया स्वागत

सीतापुर(ईशान टाइम्स ब्यूरो)। समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान की सीतापुर जेल से रिहाई मंगलवार को आखिरकार हो गई। उनकी रिहाई लंबित अदालती कार्यवाही के कारण तड़के टल गई थी, लेकिन बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।आजम खान की रिहाई के कुछ ही मिनट बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “समाजवादियों को विश्वास है कि अदालत न्याय करेगी। हम न्यायालय का आभार व्यक्त करते हैं। हमें उम्मीद है कि आने वाले समय में भाजपा द्वारा कोई झूठा मुकदमा दर्ज नहीं किया जाएगा और किसी के साथ अन्याय नहीं होगा।” उन्होंने यह भी कहा कि एक अधिकारी को लगातार सेवा विस्तार दिया जा रहा था, लेकिन आज समाजवादियों के लिए खुशी की बात है कि आजम खान रिहा हो गए हैं।वहीं सपा नेता शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि आजम खान को गलत मामलों में फंसाया गया था। उन्होंने कहा, “सरकार ने उन पर सैकड़ों केस लगाए, लेकिन कोर्ट ने उन्हें राहत दी। इसके लिए हम न्यायालय का स्वागत करते हैं। समाजवादी पार्टी उनकी पूरी मदद कर रही है।”आजम खान की रिहाई को लेकर सीतापुर जेल के बाहर सुबह से ही समर्थकों की भीड़ जुटी रही। उनके बड़े बेटे अदीब खान ने कहा, “आजम खान आज के नायक हैं। हम सब उनका स्वागत करने आए हैं। बाकी बातें वे खुद जेल से बाहर आने के बाद कहेंगे।”रामपुर की सियासत में आजम खान का दबदबा हमेशा से रहा है। वह इतने प्रभावशाली रहे हैं कि इलाके के उम्मीदवारों का ऐलान तक रामपुर स्थित उनके कार्यालय से होता था। अक्टूबर 2023 में जेल जाने के बाद उनके विरोधियों ने सियासी और आर्थिक रूप से अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की, लेकिन आजम के कद को कम नहीं कर पाए।प्रशासन ने रिहाई को लेकर सतर्कता बरती और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सीतापुर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई। इसके बावजूद समर्थक वाहनों के साथ जेल के पास पहुंचने में सफल रहे।करीब दो साल की कैद के बाद आजम खान की जमानत पर हुई रिहाई ने सपा खेमे में नई ऊर्जा भर दी है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आजम खान जेल से बाहर आने के बाद क्या रुख अपनाते हैं और प्रदेश की राजनीति में उनकी क्या नई भूमिका सामने आती है। आजम खां को जेल से रिहा कराने गए 73,सपा समर्थकों की गाडियों का हुआ चालान समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खां 23 महीने के बाद मंगलवार को सीतापुर की जेल से रिहा हो गए। लेकिन मंगलवार को उनकी रिहाई कराने गए समर्थक व सपा नेता व कार्यकर्ता बड़ी संख्या मे गाडियों से गए थे. उनमे से पुलिस ने उनकी 73 गाड़ियों का चालान कर दिया है। सभी गाड़ियों का नो पार्किंग में चालान किया गया है और करीब एक लाख 49 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है।आजम खां का जेल से बाहर स्वागत करने के लिए उनके दोनों बेटों अब्दुल्ला और अदीब के साथ ही सैकड़ों समर्थक मौजूद रहे। वहीं, कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस फोर्स की तैनाती की गई थी।

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दिखावा ही दिखावा है :जीएसटी सुधार और स्वदेशी का नारा

संजय राय जीएसटी सुधारों की प्रक्रिया हमेशा से स्पष्ट रही है—निर्णय जीएसटी परिषद के माध्यम से ही लिया जाता है, जिसमें सभी राज्यों की भागीदारी अनिवार्य होती है। लेकिन इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीधे राष्ट्रीय भाषण में घोषणा कर दी कि ‘सस्ते दिनों’ का आगाज हो गया है। यानी, बिना परिषद की औपचारिक सहमति के ही जनता को यह संदेश दिया गया कि अब सब कुछ बेहतर होगा। कुछ हफ्तों बाद केंद्र सरकार के दबाव में परिषद ने सिर्फ औपचारिक मंजूरी देकर इसे वैधता का आवरण दे दिया। मोदी सरकार और भाजपा की इस शैली में बड़े झूठ की रणनीति साफ झलकती है—‘बार-बार झूठ बोलो, और लोग मान लें कि सच है’। जीएसटी सुधारों को ‘बचत का उत्सव’ बताकर प्रचारित किया गया, मानो आठ साल तक जटिल और असमान कर प्रणाली के कारण आम जनता से वसूली का यह छोटा सा हिस्सा बड़ी कृपा हो। इसे हिंदू त्योहारों के मौसम से जोड़कर प्रचारित करना और ‘नवरात्रि से लागू’ होने का theatrics, सिर्फ जनता का ध्यान भटकाने और इसे एक सुखद तोहफे की तरह दिखाने की कोशिश है। सवाल उठता है—प्रधानमंत्री को खुद राष्ट्रीय भाषण में आकर यह घोषणा क्यों करनी पड़ी? पिछले छह महीनों में स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से और सूत्रों के जरिए यह जानकारी पहले ही दी जा चुकी थी। फिर भी दोबारा इसे याद दिलाना, मोदी सरकार की राजनीतिक असुरक्षा और प्रचार की रणनीति को उजागर करता है। इस बार के सुधारों का असली प्रभाव छोटे और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) पर लगभग नगण्य है। 2017 में लागू जीएसटी ने इस क्षेत्र को सबसे अधिक प्रभावित किया, जो रोजगार का दूसरा सबसे बड़ा स्त्रोत है। कथित सुधारों से कीमतों में मामूली कमी आएगी, लेकिन इससे एमएसएमई के वित्तीय संकट में कोई वास्तविक राहत नहीं मिलेगी। यह उतना ही असरदार है जितना मुर्दे का हल्का करने के लिए बाल काटना—प्रतीकात्मक और दिखावटी। वास्तविकता यह है कि इस मामूली कटौती का लाभ गरीब या मध्यम वर्ग को सीमित रूप से ही मिलेगा, जबकि संपन्न वर्ग के हिस्से में भी यह जाएगा। इस कारण अर्थव्यवस्था में वास्तविक मांग या निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि नहीं होगी। ट्रंप के टैरिफ और एच1बी वीसा शुल्क में वृद्धि जैसे अंतरराष्ट्रीय दबावों के सामने, यह जीएसटी सुधार महज प्रचार और दिखावे का उपकरण साबित हो रहा है। स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के उद्घोष भी इसी तरह का प्रचार प्रतीत होते हैं। पिछले तीन-चार सालों में मोदी सरकार ने इसे कई बार दोहराया—कोरोना संकट में आत्मनिर्भरता का दावा, 20 लाख करोड़ रुपये का निवेश, रक्षा और बीमा क्षेत्र में विदेशी कंपनियों को अवसर देना—असल में ये कदम स्वदेशी की दिशा में नहीं, बल्कि विदेशी पूंजी पर निर्भरता बढ़ाने वाले रहे। संक्षेप में कहा जाए तो, मोदी सरकार का यह “जीएसटी सुधार और स्वदेशी” अभियान वास्तविक लाभ से अधिक प्रचार का खेल है। यह जनता को दिखावे में खुश करने, मीडिया कवरेज पाने और चुनावी समर्थन जुटाने का प्रयास है, लेकिन आर्थिक और औद्योगिक संकटों को हल करने में इसकी सीमित क्षमता ही है।

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आजम खान 23 महीने बाद जेल से हुए रिहा

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान 23 महीने बाद जेल से रिहा हो गए हैं। जेल के अंदर से ही कार में बैठकर बाहर निकले और हाथ हिलाकर अपने समर्थकों का अभिवादन किया। जेल से निकलते ही उनके दोनों बेटे अदीब और फरहान उल्ला खान उन्हें लेने पहुंचे। अदीब ने कहा, “आज के हीरो आजम साहब हैं।” रिहाई में हुई देरी था जुर्माने का मामला आज सुबह 9 बजे आजम खान की रिहाई तय थी, लेकिन कागजी कार्रवाई के दौरान एक नया पेंच सामने आया। रामपुर कोर्ट में चल रहे एक केस में आजम पर 6 हजार रुपये का जुर्माना था, जिसे उन्होंने अभी तक नहीं भरा था। इसी कारण उनकी रिहाई रोक दी गई। कोर्ट खुलते ही रिश्तेदारों ने जुर्माने की रकम जमा करवाई और ईमेल के जरिए जेल को सूचना भेजी गई, जिसके बाद उन्हें जेल से रिहा किया गया।

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कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह की कोठी पर सुसाइड

गुरुग्राम कांस्टेबल ने किया सुसाइडकैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह की कोठी पर सुसाइडरात 2:00 बजे की घटनाकांस्टेबल का शव गार्ड रूम से बरामदझज्जर के सुखपुरा गांव का रहने वाला था मृतकमौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहींपुलिस मामले की जांच में जुटीशव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया

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फिलीपींस में अगले 24घंटे में भयंकर तूफान की चेतावनी

फिलीपींस में अगले 24 घंटों के भीतर एक प्रचंड तूफान के उत्पात मचाने की संभावना जताई जा रही है, जो हवा की गति 215 किलोमीटर प्रति घंटे से भी अधिक होगी। इसके चलते समुद्र में लहरें लगभग 10 फीट ऊंची उठेंगी, जिससे व्यापक तबाही का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने को कहा है। इस खबर के बाद ग्रामीण इलाके खाली होते जा रहे हैं और हजारों लोग अपने घर-बार छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है।  यह ‘सुपर तूफान’ फिलीपींस में इस साल के सबसे शक्तिशाली तूफानों में से एक माना जा रहा है, जिसका नाम ‘रागासा’ रखा गया है। यह तूफान तेजी से दक्षिण-पूर्वी चीन की ओर बढ़ रहा है। बाढ़ और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए, उत्तरी फिलीपींस के कई गांवों से बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। पड़ोसी ताइवान में भी सुरक्षा के मद्देनजर सभी स्कूल और कार्यालय बंद कर दिए गए हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, रागासा तूफान की हवा की रफ्तार 215 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, और यह तट पर पहुंचने के बाद 265 किलोमीटर प्रति घंटे तक तेज हो सकती है। इस तूफान के सोमवार दोपहर या रात के समय कागायन के बाबुयान द्वीपों के आसपास से गुजरने या सीधे टकराने की संभावना है। फिलीपींस की मौसम एजेंसी ने समुद्री इलाकों में खतरनाक लहरों के बारे में भी आगाह किया है। अगले 24 घंटों में उत्तरी प्रांतों जैसे कागायन, बाटानेस, इलोकोस नॉर्टे और इलोकोस सुर के खुले और तटीय क्षेत्रों में तीन मीटर से अधिक ऊंची तूफानी लहरें उठने की संभावना है। कागायन द्वीपों और अपायाओ में बिजली आपूर्ति बाधित हो चुकी है, लेकिन अभी तक किसी जानमाल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है। फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने राजधानी समेत उत्तर लूजोन के 29 प्रांतों में सरकारी कामकाज और शैक्षणिक संस्थान बंद करने के आदेश जारी किए हैं। 8,200 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचायाआपदा प्रबंधन अधिकारियों ने बताया कि कागायन प्रांत में 8,200 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि अपायाओ में 1,220 लोगों को शेल्टर होम में रखा गया है। बाढ़ और भूस्खलन के खतरे के मद्देनजर यह कदम उठाए गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में घरेलू उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, और समुद्री जहाजों को बंदरगाह छोड़ने की अनुमति नहीं है। इस तूफान को इस वर्ष फिलीपींस में दर्ज 14वीं प्राकृतिक आपदा माना जा रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि यह तूफान कम से कम बुधवार तक दक्षिणी चीन सागर में सक्रिय रहेगा और फिर ताइवान और हांगकांग के दक्षिणी इलाकों से होते हुए चीनी मुख्यभूमि तक पहुंचेगा। हांगकांग और मकाऊ में भी तूफान की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोग अतिरिक्त भोजन और आपातकालीन सामग्री जमा करने लगे हैं। हांगकांग सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में रेत के बोरे दोगुनी मात्रा में उपलब्ध कराए हैं। मकाऊ पुलिस ने निवासियों से सुरक्षा के लिए तैयार रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने का आग्रह किया है। अधिकारियों ने कहा है कि लोग अपने दरवाजे और खिड़कियों को मजबूत करें और जो लोग भूमिगत इलाकों में रहते हैं, वे तुरंत सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।

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गुरबत के सितारे” स्लम एरिया के बच्चों ने गाजियाबाद में जीते गोल्ड मेडल

“पंचकूला,(कमल कलसी ब्यूरो ईशान टाइम्स)एएमएटी ताइक्वांडो सोसाइटी पंचकूला के बच्चों ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में आयोजित 5वीं ओपन नेशनल ताइक्वांडो कप में शानदार प्रदर्शन किया। पंचकूला के स्लम एरिया खड़क मंगोली के रहने वाले इन बच्चों ने कुल 8 मेडल हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इन बच्चों में गोविंद, विपिन, अंशु और अर्पिता ने गोल्ड मेडल जीते, जबकि कोमल नाम की बच्ची ने भी एक गोल्ड मेडल अपने नाम किया। वहीं, रानी और संजना ने कांस्य पदक हासिल किए।सोसाइटी की हेड कोच अमिता मारवाह ने इसे बच्चों के समर्पण की जीत बताया। उन्होंने कहा, “आर्थिक हालातों की तंगी कई बार प्रतिभा को खत्म कर देती है, लेकिन सही मार्गदर्शन और मदद से न केवल इन बच्चों, बल्कि उनके परिवारों की भी किस्मत बदल जाती है।”सोसाइटी की असिस्टेंट कोच हिमांशि मारवाह ने बच्चों के प्रदर्शन पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद इन बच्चों ने यह साबित कर दिया है कि सफलता जज्बे से हासिल होती है, न कि संसाधनों से।यह प्रतियोगिता सब-जूनियर कैटेगरी (14 वर्ष से कम) और कैडेट कैटेगरी में हुई थी, जिसमें एएमएटी ताइक्वांडो सोसाइटी के कुल 7 बच्चों ने भाग लिया था।गौरतलब है कि एएमएटी ताइक्वांडो सोसाइटी पिछले कई सालों से स्लम एरिया के बच्चों को मुफ्त प्रशिक्षण और किट उपलब्ध करा रही है। इसके साथ ही, यह सोसाइटी इन बच्चों के प्रतियोगिता में भाग लेने से जुड़े अन्य खर्चों का भी वहन करती है। वर्ष 2011 से अब तक, सोसाइटी द्वारा प्रशिक्षित 1000 से अधिक बच्चों ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं।

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पेसमेकर इम्प्लांट सर्जरी से 1.6 किलोग्राम के नाज़ुक नवजात शिशु की जान बचाई

फोर्टिस मोहाली के डॉक्टरों ने परमानेंट पेसमेकर इम्प्लांट सर्जरी से 1.6 किलोग्राम के नाज़ुक नवजात शिशु की जान बचाई–धीमी धड़कन को नियंत्रित करने के लिए बच्चे के दिल में एक बैटरी-पॉवर्ड डिवाइस डाली गई पंचकूला,कमल कलसी, नवजात बच्चों की कार्डिक केयर (दिल की देखभाल) में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए, फोर्टिस हॉस्पिटल, मोहाली के डिपार्टमेंट ऑफ पीडियाट्रिक कार्डिक साइंसिज ने परमानेंट पेसमेकर इम्प्लांट सर्जरी के माध्यम से 1.6 किलोग्राम कम वज़न वाले नवजात शिशु की जान सफलतापूर्वक बचाई है। सर्जरी के बाद फॉलोअप जांच के दौरान, 24 सप्ताह की गर्भवती महिला को सिस्टमिक ल्यूपस एरिथेमेटोसस (एसएलई) का पता चला – एक ऑटोइम्यून रोग, जिसमें शरीर के इम्यून सिस्टम पर हमला होता है और ये हेल्दी टिश्यूज, जोड़ों, किडनियों, फेफड़ों और मस्तिष्क पर हमला करते है।मामले से जुड़े उच्च जोखिम को देखते हुए, महिला की साप्ताहिक जांच के साथ बारीकी से निगरानी की गई। 29वें सप्ताह में, अल्ट्रासाउंड से पता चला कि शिशु की हार्ट बीट यानि दिल की धड़कन बेहद कम होकर 32 धड़कन प्रति मिनट (गंभीर ब्राडकार्डिया) हो गई थी, और उसमें कंजेस्टिव हार्ट फेलियर (हृदय शरीर की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त रक्त पंप नहीं कर पाता) के लक्षण दिखाई दिए, साथ ही हाइड्रॉप्स फीटालिस (फीटस के टिश्यूज और अन्य प्रमुख अंगों में अत्यधिक तरल पदार्थ जमा होना) भी दिखाई दिया।महिला का तुरंत एक इमरजेंसी लोअर सेगमेंट सीजेरियन सेक्शन (एलएससीएस) किया गया और शिशु को नियोनटाल इंटेसिव केयर यूनिट में ट्रांसफर कर दिया गया, जहां उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। उसके बाद डॉ. रजत गुप्ता, सीनियर कंसल्टेंट, डिपार्टमेंट ऑफ पीडियाट्रिक कार्डिक साइंसिज, फोर्टिस हॉस्पिटल, मोहाली द्वारा एक टेम्प्ररेरी पेसमेकर लगाया गया।इस तरह के इंटरवेंशंस के दौरान, जहां नवजात शिशु का वजन कम होता है, पेसमेकर इमप्लांट के लिए अत्यधिक सटीकता की आवश्यकता होती है। नवजात शिशु के हृदय गति रुकने और समय से पहले जन्म के लिए भी एनआईसीयू में उसका प्रबंधन किया गया। स्थिर होने के बाद, शिशु की परमानेंट पेसमेकर इमप्लांट सर्जरी डॉक्टरों की एक टीम द्वारा की गई। इस टीम का नेतृत्व डॉ. टीएस महंत, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस), फोर्टिस हॉस्पिटल मोहाली; डॉ. आलोक सूर्यवंशी, सीनियर कंसल्टेंट, सीटीवीएस, फोर्टिस हॉस्पिटल मोहाली; और डॉ. रजत गुप्ता, सीनियर कंसल्टेंट, डिपार्टमेंट ऑफ पीडियाट्रिक कार्डिक साइंसिज, फोर्टिस हॉस्पिटल, मोहाली ने किया। इससे शिशु के दिल की धड़कन को स्थिर करने और दिल के कार्य को सहारा देने में मदद मिली।सर्जरी में धीमी या क्षतिग्रस्त हार्टबीट को नियंत्रित करने के लिए शिशु के दिल में एक बैटरी-पॉवर्ड डिवाइस लगाया गया। सर्जरी के बाद शिशु की रिकवरी काफी बेहतर रही और सर्जरी के पांच दिन बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।इस मामले पर चर्चा करते हुए, डॉ. टीएस महंत, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, सीटीवीएस, फोर्टिस हॉस्पिटल, मोहाली ने कहा कि “यह असाधारण मामला जल्दी डायग्नोसिस, कोऑर्डिनेटेड मल्टीडिसप्लनरी केयर और एडवांस्ड कार्डिक इंटरवेंशंस की उपलब्धता के महत्व को उजागर करता है। बच्चा अब तीन महीने का है और स्वस्थ जीवन जी रहा है। जन्मजात ही हार्ट में होने वाले विकारों का जल्द पता लगाने के बारे में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है। इन जन्मजात दोषों का समय पर इलाज न करने से बच्चे के दिल को कभी बेहतर न होने वाली क्षति हो सकती है।”फोर्टिस हॉस्पिटल, मोहाली का डिपार्टमेंट ऑफ पीडियाट्रिक कार्डिक साइंसिज इस क्षेत्र का एकमात्र सेंटर है जहां न केवल पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश, बल्कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान, इराक, मंगोलिया और दक्षिण अफ्रीका से भी मरीज आते हैं।

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नेपाली जनता का उग्र रूप देखकर वहां के मलाईदार नेताओँ की धुंधला गई आखें

पिछले दिनों नेपाल की सत्ता के विरोध मे वहा के नागरिको ने जो आक्रोष बगावती तेवर दिखाया उसका कारण वहां के हुक्मरान थे .जो जनता की सुध लेने के बदले,सत्ता की मलाई खाने मे मशगूल थे l नेपाली लोगों ने उनकी जड़े खोद दी l नेपाल मे चार दिन पहले तक जो हिंसा का तांडव हुआ .उससे नेपाल मे वही लोग दुखी है जो सेक्युलर वादी एवं हिन्दू विरोधी मानसिकता रखते थे।नेपाल मे सत्ता के विरोध मे जो कुछ हुआ उसकी एक बानगी देखकर कोई भी समझ जायेगा,कि वहा की जनता इतनी इतनी गुस्से मे क्यों थी lवहां के कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष व 5 बार नेपाल के प्रधानमंत्री रहे शेर बहादुर देउबा जिन्होंने सत्ता के लिए कम्युनिस्ट पार्टी से गठबंधन करके फिर से सत्ता की मलाई चाटने लगे.थे l परंतु नेपाल के मासूम और शांतिपसंद लोगों का वहां शोषण एवं अत्याचार,होने लगा व गौमाता का वध किया जाने लगा था।जनता को य़ह सहन नहीं हो रहा था l इसलिए बग़ावत पर उतरने के अलावा बड़े नेताओं व वीआईपी लोगों की जी भरकर हजामत कर दिए lशेर बहादुर देउबा,जो 5 बार प्रधानमंत्री थे साथ ही वर्तमान में नेपाली संसद के अध्यक्ष और उनकी पत्नी आरजू विदेश मंत्री थी उनकी भीड़ ने उसकी खतरनाक मोबलीचिंग की है पूरा शरीर लहूलुहान है हड्डियों में कई जगह फैक्चर हुएl साथ में उसकी पत्नी थींवह भी लहूलोहान हुईंउसका बड़ा बेटा साथ था उसके कपड़े फाड़ दिए गए ।नेपाली सैनिक अपनी जान पर खेल कर उन्हें बचाने की पूरी कोशिश करते रहे l जनता का गुस्सा इतना अधिक था कि उनके रेस्क्यू के लिए एक हेलीकॉप्टर आया तो नेपाल की भीड़ में हेलीकॉप्टर पर पत्थरबाजी कर दिया जिससे हेलीकॉप्टर लैंड नहीं हो पाया है बाद में उन लोगों बड़ी मुश्किल से उनकी जान बचाई गईlइससे ज़ाहिर होता है कि भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबे नेताओं कि दशा नेपाल और बांग्लादेश की तरह जनता कर देगी । नेपाल की घटना से हिंदुस्तान को सबक़ लेना चाहिये जनता को उसकी भावनाओं का निरादर करना भारी पड सकता है । जनता का विरोध भारी पड़ सकता है । मुद्दा पुराना नहीं हुआ इतिहास में दर्ज हो गया । संजय राय, एडिटर ईशान टाइम्स ग्रुप

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मैं तो प्रकृति का आशिक हूं, इन महलों में तो मेरा दम घुटता है साहब.

दुनियां की इस मिट्टी से लेकर जल,वायु हर जगह जीवों का बसेरा है,प्रकृति हमारे जीवन का आधार है। यह पेड़-पौधों, नदियों, पहाड़ों और जंगलों के रूप में हमें शुद्ध हवा, पानी और भोजन प्रदान करती है। आधुनिक जीवन में जहां तनाव और भागदौड़ बढ़ती जा रही है, वहीं प्रकृति एक शांतिपूर्ण आश्रय बनकर उभरती है। सुबह की पहली किरण, पक्षियों की चहचहाहट, और हरी-भरी घास का स्पर्श मन को सुकून देता है।प्रकृति में सुख और शांति का कारण इसका सादगी और संतुलन है। जब हम जंगल में टहलते हैं या नदी के किनारे बैठते हैं, तो हमारा मन अतीत और भविष्य की चिंताओं से मुक्त हो जाता है। वैज्ञानिक शोध भी बताते हैं कि प्रकृति के साथ समय बिताना मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। यह हमें तरोताजा कर देती है और सकारात्मक ऊर्जा से भर देती है। हालांकि, आज हम प्रकृति से दूर होते जा रहे हैं। शहरीकरण, प्रदूषण और वनों की कटाई ने इस संतुलन को बिगाड़ दिया है। हमें अपनी जीवनशैली में बदलाव लाना होगा—पेड़ लगाना, प्लास्टिक का कम इस्तेमाल करना, और प्रकृति के साथ समय बिताना। केवल तभी हम सच्चे सुख और शांति को प्राप्त कर सकते हैं, जो प्रकृति में ही छिपा है।आप कभी शुकुन से प्रकृति पर विचरण करनें वाले जीवों के जीवन को परखकर एहसास करनें की कोशिश तो करें।प्रकृति को संरक्षित करें, क्योंकि यह न केवल हमारी दुनिया है, बल्कि हमारी शांति का भी स्रोत है।

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मोदी सरकार ने भविष्य के सपनों के मुताबिक किया जीएसटी रिफॉर्म : मोहन लाल बड़ौली

BREAKING NEWS अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार मोदी सरकार का जनता को नवरात्रि पर्व का तोहफा : मोहन लाल बड़ौली चंडीगढ़, 21 सितंबर(संजय राय )। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंडित मोहन लाल बड़ौली ने कहा कि मोदी सरकार ने भविष्य के सपनों के मुताबिक जीएसटी रिफार्म किया है। उन्होंने कहा कि नवरात्रि पर्व के पहले ही दिन से अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार लागू हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि देश की जनता को मोदी सरकार का यह बड़ा उपहार है। उन्होंने कहा कि यह जीएसटी उत्सव जनता की बचत को बढ़ाएगा, प्रदेश के हर गरीब, मध्यम वर्ग, किसान व सभी परिवार को इसका लाभ मिलेगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने सभी प्रदेशवासियों को नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं भी दी।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बड़ौली ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में अलग-अलग तरह के कई टैक्स थे। जनता टैक्स के बोझ के नीचे दबी हुई थी। व्यापारी और कारोबारी भी वैट के जाल में जकड़े हुए थे। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने वैट के टैक्स जाल को खत्म जीएसटी लागू की और जनता को बड़ी राहत पहुंचाई है।श्री बड़ौली ने कहा कि कांग्रेस टैक्स स्ट्रक्चर शोषण करने वाला था। वैट के जरिए लोगों को लूटा जाता था। अब मोदी सरकार ने अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार को लागू करके लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त किया है। अब नेक्स्ट जेन जीएसटी रिफॉर्म से व्यापारी, उधोगपति और आम आदमी आर्थिक रूप से और अधिक मजबूत होगा। यह मोदी सरकार का देश के लोगों को दीवाली का बड़ा तोहफा है जो नवरात्रि के पहले दिन से मिलना शुरू हो जाएगा।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत चौथी अर्थव्यवस्था वाला देश बना। अब जीएसटी रिफार्म से भारत की अर्थ व्यवस्था विश्व मे तजी से आगे बढ़ेगी। सामान्य लोगों की खरीद पॉवर बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत बनाने की दिशा में मोदी सरकार का यह स्वागत योग्य और बढ़ा कदम है।श्री बड़ौली ने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान देश भ्रष्टाचार का बोलबाला था। समाचार पत्र घोटालों की खबरों से भरे रहते थे। उन्होंने कहा कि देश की जनता ने 2014 में भाजपा की सरकार बनाई। पीएम मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने देश को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ाने का काम किया।श्री बड़ौली ने कहा जीएसटी सुधारों का हर क्षेत्र के लोगों को लाभ मिलने वाला है। किसान के उपकरणों सहित रोजमर्रा की चीजें सस्ती होगी। जीएसटी में सुधार करने से मांग बढ़ेगी, मांग बढ़ने से पूर्ति बढ़ेगी और पूर्ति बढ़ने से निवेश बढ़ेगा और निवेश बढ़ने से अर्थव्यवस्था बढ़ेगी व अर्थव्यवस्था के बढ़ने से देश आगे बढ़ेगा।जीएसटी रिफार्म से टैक्स सिस्टम आसान हुआ है जिसका फायदा व्यापारियों को भी मिलने वाला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 15 अगस्त 2025 को लाल किले की प्राचीर से जो वादा किया था वह पूरा करके दिखाया है। उन्होंने कहा हकि हमारी सरकार का लक्ष्य सिर्फ राजस्व संग्रह नहीं, बल्कि देश के हर नागरिक की जीवन गुणवत्ता सुधारना है। टैक्स दरों की इस बड़े पैमाने पर समीक्षा से आम आदमी की रोजमर्रा की खर्चों में कमी आएगी, स्वास्थ्य और बीमा सेवाएं सस्ती होंगी, और व्यापारिक माहौल में सुगमता बढ़ेगी। यह कदम निश्चित तौर पर देश की आर्थिक ताकत को मजबूत करेगा और नई उम्मीदें जगाएगा।

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