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गाजीपुर के पूर्व विधायक अवधेश राय शास्‍त्री के निधन से छाई शोक की लहर

गाजीपुर के पूर्व विधायक अवधेश राय शास्‍त्री के निधन पर रुक नहीं रहा मातमकल होगा उनका अंतिम संस्कारलोगों का कहना है कि कभी अवधेश को नेहरू जी ने गोद लेकर दुलारा थाआज अँग्रेजी हुकूमत से लड़ने वाले शहीद परिवार का अंतिम योद्धा भी चला गया गाजीपुर शहीद पुत्र व कांग्रेस के पूर्व विधायक अवधेश राय शास्‍त्री का निधन आज मंगलवार को दोपहर एक बजे उनके निवास स्‍थान इंद्रपुरी कालोनी शास्‍त्रीनगर लंका गाजीपुर में हो गया। उनके निधन के खबर से उनके शुभचिंतकों और कार्यकर्ताओं में शोक की लहर दौड़ गयी। उनके निधन की खबर सुनकर बड़ी संख्‍या में कांग्रेस के नेता व कार्यकर्ता उनके घर पहुंच रहे हैं। यह जानकारी उनके पुत्र एडो. राजेश राय ने दी है। उन्‍होने बताया कि उनका अंतिम संस्‍कार बुद्धवार 24 सितंबर को गाजीपुर के श्‍मशान घाट पर सुबह में किया जायेगा। कांग्रेस पार्टी के वरिष्‍ठ नेता रविकांत राय ने उनके निधन पर शोक व्‍यक्‍त करते हुए कहा कि अवधेश राय शास्त्री 1984 से 1989 तक दिलदारनगर विधानसभा से कांग्रेस पार्टी के विधायक रहे। वह एक ईमानदार और कर्मठ नेता थे। अवधेश राय शास्‍त्री ने आजीवन कार्यकर्ताओं के हक की लड़ाई लड़ी।जवाहर लाल नेहरू ने दो माह के शहीद पुत्र अवधेश राय शास्‍त्री को गोद में लेकर की थी भविष्‍यवाणीआज़ादी के बाद भारत के प्रधानमंत्री बने जवाहर लाल नेहरू ने दो माह के शहीद पुत्र अवधेश राय शास्‍त्री को गोद में लेकर भविष्यवाणी की थी. उन्हें अपनी गोद में उठाकर उन्‍हे पुचकारते हुए शेरपुर में कहा था कि शेरपुर के जो आठ लोग शहीद हुए है अगर यह 18 अगस्‍त 1942 को मुहम्‍मदाबाद तहसील पर शहीद नही होते तो आजादी विधवा बनकर रह जाती और यह बच्‍चा शहीदो का नाम रोशन करेगा। नेहरू जी का यह वाक्‍य आगे चलकर शत-प्रतिशत सही हुए। अवधेश राय शास्‍त्री ने जीवनपर्यत्‍न अपने ईमानदारी और नीति सिद्धांत से समझौता नही किया और अष्‍ट शहीदो का नाम कभी भी झुकने नही दिया। 18 अगस्‍त 1942 को मुहम्‍मदाबाद तहसील मुख्‍यालय पर अंग्रेजो का झंडा लहरा रहा था, पूरे देश में क्रांति की ज्‍वाल धधक रही थी, हर तरफ अंग्रेजो भारत छोड़ो का नारा लग रहा था, ऐसे वातावरण शिवपूजन राय के नेतृत्‍व में शेरपुर के आठ भारत माता के वीर सपूत तहसील मुख्‍यालय पर लगा अंग्रेजो का झंडा उतारकर भारत का तिरंगा लहराने के लिए लगाने लगें तभी अंग्रेज सिपाहियो ने गोलियां चलानी शुरू कर दी, एक के बाद एक आठ वीर सपूत शहीद हो गये लेकिन भारत मां का झंडा नीचे गिरने नही दिया। इन शहीदो में अवधेश राय शास्‍त्री के पिता नारायण राय भी थे। इस दुखद घटना की खबर जवाहर लाल नेहरू को लगी तो वह तुरंत शेरपुर आये और शहीद परिवारो से मिलें। उस समय में अवधेश राय शास्‍त्री केवल दो माह के थे। नेहरू जी ने उनको गोदी में उठाकर उनकी भविष्‍यवाणी की थी कि शहीदो को नाम यह बच्‍चा रोशन करेगा। तत्‍कालीन कांग्रेस के राष्‍ट्रीय महासचिव स्‍व. राजीव गांधी का कार्यक्रम मुहम्‍मदाबाद शहीद पार्क में था जब राजीव गांधी ने वहां पर आठ शहीदो के कलश को देखा तो इसके बारे में जानकारी प्राप्‍त की। उन्‍होने कहा कि शहीद के परिवार से किसी लड़के का नाम भेजिए पार्टी एमएलए का टिकट देगी। इसके बाद तत्‍कालीन प्रदेश अध्‍यक्ष बीपी सिंह ने अष्‍ट शहीद को आधार मानकर अवधेश राय शास्‍त्री को टिकट दिया और वह दिलदारनगर विधानसभा से विधायक बनें। अवधेश राय शास्‍त्री के निधन पर पूरा गाजीपुर ग़मगीन है l

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25सितंबर को ताऊ देवीलाल की 112वीं जयंती मनाएगी जे जे पी

25 सितंबर को पंचकूला ताऊ देवीलाल स्टेडियम में श्रद्धापूर्वक मनाई जाएगी श्रद्धेय स्व. चौधरी देवी लाल की जयंती – ओ पी सिहाग पंचकूला, 23 सितंबर(ईशान राय,ईशान टाइम्स )। जगत ताऊ हिन्दुस्तान के किसानों , गरीबों एवं आम आदमी के दिलों पर राज करने वाले भारत के पूर्व उप -प्रधानमंत्री श्रद्धेय स्व. चौधरी देवीलाल की 112 वीं जयंती पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में सुबह 8 बजे पूरी श्रद्धा के साथ मनाई जायेगी। इस बारे चर्चा करते हुए जननायक जनता पार्टी जिला पंचकूला के जिला अध्यक्ष ओ पी सिहाग ने बताया कि 25 सितंबर को श्रद्धेय ताऊ देवीलाल का 112 वां जन्म दिन है तथा जननायक जनता पार्टी ने निर्णय लिया है कि उनके जन्मदिन पर पूरे प्रदेश में 112 स्थानो पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सिहाग ने कहा कि पंचकूला में ताऊ देवीलाल स्टेडियम में सुबह 8 बजे जननायक जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं तथा ताऊ देवीलाल को चाहने वाले द्वारा उनकी प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन भेंट करके उनको याद किया जाएगा तथा उनको श्रद्धांजलि दी जाएगी । उनकी जीवनी पर विभिन्न वक्ताओं द्वारा प्रकाश डाला जायेगा , तत्पश्चात सेक्टर 12- ए अनाथ बच्चों के आश्रम में जाकर उनको फ्रूट्स एवं मिठाई वितरित की जाएगी। जजपा जिला अध्यक्ष सिहाग ने कहा कि जिले में दूसरा कार्यक्रम पिंजोर कालका में जाकर गौशाला में गौ माता को हरा चारा डाला जाएगा तथा वहां पर श्रद्धालूओ द्वारा उनका जन्मदिन मनाया जाएगा। ताऊ देवीलाल स्टेडियम पंचकूला में श्रद्धेय देवीलाल की प्रतिमा तथा आसपास के क्षेत्र की साफ सफाई का जायजा लेने पहुँचे जजपा जिला अध्यक्ष ओ पी सिहाग एवं जिला प्रधान महासचिव ईश्वर सिंहमार ।

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दो साल से बंद आज़म खान अखिरकार जेल से हुए रिहा सपा नेताओं ने कोर्ट के फैसले का किया स्वागत

सीतापुर(ईशान टाइम्स ब्यूरो)। समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान की सीतापुर जेल से रिहाई मंगलवार को आखिरकार हो गई। उनकी रिहाई लंबित अदालती कार्यवाही के कारण तड़के टल गई थी, लेकिन बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।आजम खान की रिहाई के कुछ ही मिनट बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “समाजवादियों को विश्वास है कि अदालत न्याय करेगी। हम न्यायालय का आभार व्यक्त करते हैं। हमें उम्मीद है कि आने वाले समय में भाजपा द्वारा कोई झूठा मुकदमा दर्ज नहीं किया जाएगा और किसी के साथ अन्याय नहीं होगा।” उन्होंने यह भी कहा कि एक अधिकारी को लगातार सेवा विस्तार दिया जा रहा था, लेकिन आज समाजवादियों के लिए खुशी की बात है कि आजम खान रिहा हो गए हैं।वहीं सपा नेता शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि आजम खान को गलत मामलों में फंसाया गया था। उन्होंने कहा, “सरकार ने उन पर सैकड़ों केस लगाए, लेकिन कोर्ट ने उन्हें राहत दी। इसके लिए हम न्यायालय का स्वागत करते हैं। समाजवादी पार्टी उनकी पूरी मदद कर रही है।”आजम खान की रिहाई को लेकर सीतापुर जेल के बाहर सुबह से ही समर्थकों की भीड़ जुटी रही। उनके बड़े बेटे अदीब खान ने कहा, “आजम खान आज के नायक हैं। हम सब उनका स्वागत करने आए हैं। बाकी बातें वे खुद जेल से बाहर आने के बाद कहेंगे।”रामपुर की सियासत में आजम खान का दबदबा हमेशा से रहा है। वह इतने प्रभावशाली रहे हैं कि इलाके के उम्मीदवारों का ऐलान तक रामपुर स्थित उनके कार्यालय से होता था। अक्टूबर 2023 में जेल जाने के बाद उनके विरोधियों ने सियासी और आर्थिक रूप से अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की, लेकिन आजम के कद को कम नहीं कर पाए।प्रशासन ने रिहाई को लेकर सतर्कता बरती और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सीतापुर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई। इसके बावजूद समर्थक वाहनों के साथ जेल के पास पहुंचने में सफल रहे।करीब दो साल की कैद के बाद आजम खान की जमानत पर हुई रिहाई ने सपा खेमे में नई ऊर्जा भर दी है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आजम खान जेल से बाहर आने के बाद क्या रुख अपनाते हैं और प्रदेश की राजनीति में उनकी क्या नई भूमिका सामने आती है। आजम खां को जेल से रिहा कराने गए 73,सपा समर्थकों की गाडियों का हुआ चालान समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खां 23 महीने के बाद मंगलवार को सीतापुर की जेल से रिहा हो गए। लेकिन मंगलवार को उनकी रिहाई कराने गए समर्थक व सपा नेता व कार्यकर्ता बड़ी संख्या मे गाडियों से गए थे. उनमे से पुलिस ने उनकी 73 गाड़ियों का चालान कर दिया है। सभी गाड़ियों का नो पार्किंग में चालान किया गया है और करीब एक लाख 49 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है।आजम खां का जेल से बाहर स्वागत करने के लिए उनके दोनों बेटों अब्दुल्ला और अदीब के साथ ही सैकड़ों समर्थक मौजूद रहे। वहीं, कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस फोर्स की तैनाती की गई थी।

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दिखावा ही दिखावा है :जीएसटी सुधार और स्वदेशी का नारा

संजय राय जीएसटी सुधारों की प्रक्रिया हमेशा से स्पष्ट रही है—निर्णय जीएसटी परिषद के माध्यम से ही लिया जाता है, जिसमें सभी राज्यों की भागीदारी अनिवार्य होती है। लेकिन इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीधे राष्ट्रीय भाषण में घोषणा कर दी कि ‘सस्ते दिनों’ का आगाज हो गया है। यानी, बिना परिषद की औपचारिक सहमति के ही जनता को यह संदेश दिया गया कि अब सब कुछ बेहतर होगा। कुछ हफ्तों बाद केंद्र सरकार के दबाव में परिषद ने सिर्फ औपचारिक मंजूरी देकर इसे वैधता का आवरण दे दिया। मोदी सरकार और भाजपा की इस शैली में बड़े झूठ की रणनीति साफ झलकती है—‘बार-बार झूठ बोलो, और लोग मान लें कि सच है’। जीएसटी सुधारों को ‘बचत का उत्सव’ बताकर प्रचारित किया गया, मानो आठ साल तक जटिल और असमान कर प्रणाली के कारण आम जनता से वसूली का यह छोटा सा हिस्सा बड़ी कृपा हो। इसे हिंदू त्योहारों के मौसम से जोड़कर प्रचारित करना और ‘नवरात्रि से लागू’ होने का theatrics, सिर्फ जनता का ध्यान भटकाने और इसे एक सुखद तोहफे की तरह दिखाने की कोशिश है। सवाल उठता है—प्रधानमंत्री को खुद राष्ट्रीय भाषण में आकर यह घोषणा क्यों करनी पड़ी? पिछले छह महीनों में स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से और सूत्रों के जरिए यह जानकारी पहले ही दी जा चुकी थी। फिर भी दोबारा इसे याद दिलाना, मोदी सरकार की राजनीतिक असुरक्षा और प्रचार की रणनीति को उजागर करता है। इस बार के सुधारों का असली प्रभाव छोटे और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) पर लगभग नगण्य है। 2017 में लागू जीएसटी ने इस क्षेत्र को सबसे अधिक प्रभावित किया, जो रोजगार का दूसरा सबसे बड़ा स्त्रोत है। कथित सुधारों से कीमतों में मामूली कमी आएगी, लेकिन इससे एमएसएमई के वित्तीय संकट में कोई वास्तविक राहत नहीं मिलेगी। यह उतना ही असरदार है जितना मुर्दे का हल्का करने के लिए बाल काटना—प्रतीकात्मक और दिखावटी। वास्तविकता यह है कि इस मामूली कटौती का लाभ गरीब या मध्यम वर्ग को सीमित रूप से ही मिलेगा, जबकि संपन्न वर्ग के हिस्से में भी यह जाएगा। इस कारण अर्थव्यवस्था में वास्तविक मांग या निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि नहीं होगी। ट्रंप के टैरिफ और एच1बी वीसा शुल्क में वृद्धि जैसे अंतरराष्ट्रीय दबावों के सामने, यह जीएसटी सुधार महज प्रचार और दिखावे का उपकरण साबित हो रहा है। स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के उद्घोष भी इसी तरह का प्रचार प्रतीत होते हैं। पिछले तीन-चार सालों में मोदी सरकार ने इसे कई बार दोहराया—कोरोना संकट में आत्मनिर्भरता का दावा, 20 लाख करोड़ रुपये का निवेश, रक्षा और बीमा क्षेत्र में विदेशी कंपनियों को अवसर देना—असल में ये कदम स्वदेशी की दिशा में नहीं, बल्कि विदेशी पूंजी पर निर्भरता बढ़ाने वाले रहे। संक्षेप में कहा जाए तो, मोदी सरकार का यह “जीएसटी सुधार और स्वदेशी” अभियान वास्तविक लाभ से अधिक प्रचार का खेल है। यह जनता को दिखावे में खुश करने, मीडिया कवरेज पाने और चुनावी समर्थन जुटाने का प्रयास है, लेकिन आर्थिक और औद्योगिक संकटों को हल करने में इसकी सीमित क्षमता ही है।

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आजम खान 23 महीने बाद जेल से हुए रिहा

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान 23 महीने बाद जेल से रिहा हो गए हैं। जेल के अंदर से ही कार में बैठकर बाहर निकले और हाथ हिलाकर अपने समर्थकों का अभिवादन किया। जेल से निकलते ही उनके दोनों बेटे अदीब और फरहान उल्ला खान उन्हें लेने पहुंचे। अदीब ने कहा, “आज के हीरो आजम साहब हैं।” रिहाई में हुई देरी था जुर्माने का मामला आज सुबह 9 बजे आजम खान की रिहाई तय थी, लेकिन कागजी कार्रवाई के दौरान एक नया पेंच सामने आया। रामपुर कोर्ट में चल रहे एक केस में आजम पर 6 हजार रुपये का जुर्माना था, जिसे उन्होंने अभी तक नहीं भरा था। इसी कारण उनकी रिहाई रोक दी गई। कोर्ट खुलते ही रिश्तेदारों ने जुर्माने की रकम जमा करवाई और ईमेल के जरिए जेल को सूचना भेजी गई, जिसके बाद उन्हें जेल से रिहा किया गया।

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कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह की कोठी पर सुसाइड

गुरुग्राम कांस्टेबल ने किया सुसाइडकैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह की कोठी पर सुसाइडरात 2:00 बजे की घटनाकांस्टेबल का शव गार्ड रूम से बरामदझज्जर के सुखपुरा गांव का रहने वाला था मृतकमौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहींपुलिस मामले की जांच में जुटीशव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया

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फिलीपींस में अगले 24घंटे में भयंकर तूफान की चेतावनी

फिलीपींस में अगले 24 घंटों के भीतर एक प्रचंड तूफान के उत्पात मचाने की संभावना जताई जा रही है, जो हवा की गति 215 किलोमीटर प्रति घंटे से भी अधिक होगी। इसके चलते समुद्र में लहरें लगभग 10 फीट ऊंची उठेंगी, जिससे व्यापक तबाही का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने को कहा है। इस खबर के बाद ग्रामीण इलाके खाली होते जा रहे हैं और हजारों लोग अपने घर-बार छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है।  यह ‘सुपर तूफान’ फिलीपींस में इस साल के सबसे शक्तिशाली तूफानों में से एक माना जा रहा है, जिसका नाम ‘रागासा’ रखा गया है। यह तूफान तेजी से दक्षिण-पूर्वी चीन की ओर बढ़ रहा है। बाढ़ और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए, उत्तरी फिलीपींस के कई गांवों से बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। पड़ोसी ताइवान में भी सुरक्षा के मद्देनजर सभी स्कूल और कार्यालय बंद कर दिए गए हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, रागासा तूफान की हवा की रफ्तार 215 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, और यह तट पर पहुंचने के बाद 265 किलोमीटर प्रति घंटे तक तेज हो सकती है। इस तूफान के सोमवार दोपहर या रात के समय कागायन के बाबुयान द्वीपों के आसपास से गुजरने या सीधे टकराने की संभावना है। फिलीपींस की मौसम एजेंसी ने समुद्री इलाकों में खतरनाक लहरों के बारे में भी आगाह किया है। अगले 24 घंटों में उत्तरी प्रांतों जैसे कागायन, बाटानेस, इलोकोस नॉर्टे और इलोकोस सुर के खुले और तटीय क्षेत्रों में तीन मीटर से अधिक ऊंची तूफानी लहरें उठने की संभावना है। कागायन द्वीपों और अपायाओ में बिजली आपूर्ति बाधित हो चुकी है, लेकिन अभी तक किसी जानमाल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है। फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने राजधानी समेत उत्तर लूजोन के 29 प्रांतों में सरकारी कामकाज और शैक्षणिक संस्थान बंद करने के आदेश जारी किए हैं। 8,200 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचायाआपदा प्रबंधन अधिकारियों ने बताया कि कागायन प्रांत में 8,200 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि अपायाओ में 1,220 लोगों को शेल्टर होम में रखा गया है। बाढ़ और भूस्खलन के खतरे के मद्देनजर यह कदम उठाए गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में घरेलू उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, और समुद्री जहाजों को बंदरगाह छोड़ने की अनुमति नहीं है। इस तूफान को इस वर्ष फिलीपींस में दर्ज 14वीं प्राकृतिक आपदा माना जा रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि यह तूफान कम से कम बुधवार तक दक्षिणी चीन सागर में सक्रिय रहेगा और फिर ताइवान और हांगकांग के दक्षिणी इलाकों से होते हुए चीनी मुख्यभूमि तक पहुंचेगा। हांगकांग और मकाऊ में भी तूफान की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोग अतिरिक्त भोजन और आपातकालीन सामग्री जमा करने लगे हैं। हांगकांग सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में रेत के बोरे दोगुनी मात्रा में उपलब्ध कराए हैं। मकाऊ पुलिस ने निवासियों से सुरक्षा के लिए तैयार रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने का आग्रह किया है। अधिकारियों ने कहा है कि लोग अपने दरवाजे और खिड़कियों को मजबूत करें और जो लोग भूमिगत इलाकों में रहते हैं, वे तुरंत सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।

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गुरबत के सितारे” स्लम एरिया के बच्चों ने गाजियाबाद में जीते गोल्ड मेडल

“पंचकूला,(कमल कलसी ब्यूरो ईशान टाइम्स)एएमएटी ताइक्वांडो सोसाइटी पंचकूला के बच्चों ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में आयोजित 5वीं ओपन नेशनल ताइक्वांडो कप में शानदार प्रदर्शन किया। पंचकूला के स्लम एरिया खड़क मंगोली के रहने वाले इन बच्चों ने कुल 8 मेडल हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इन बच्चों में गोविंद, विपिन, अंशु और अर्पिता ने गोल्ड मेडल जीते, जबकि कोमल नाम की बच्ची ने भी एक गोल्ड मेडल अपने नाम किया। वहीं, रानी और संजना ने कांस्य पदक हासिल किए।सोसाइटी की हेड कोच अमिता मारवाह ने इसे बच्चों के समर्पण की जीत बताया। उन्होंने कहा, “आर्थिक हालातों की तंगी कई बार प्रतिभा को खत्म कर देती है, लेकिन सही मार्गदर्शन और मदद से न केवल इन बच्चों, बल्कि उनके परिवारों की भी किस्मत बदल जाती है।”सोसाइटी की असिस्टेंट कोच हिमांशि मारवाह ने बच्चों के प्रदर्शन पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद इन बच्चों ने यह साबित कर दिया है कि सफलता जज्बे से हासिल होती है, न कि संसाधनों से।यह प्रतियोगिता सब-जूनियर कैटेगरी (14 वर्ष से कम) और कैडेट कैटेगरी में हुई थी, जिसमें एएमएटी ताइक्वांडो सोसाइटी के कुल 7 बच्चों ने भाग लिया था।गौरतलब है कि एएमएटी ताइक्वांडो सोसाइटी पिछले कई सालों से स्लम एरिया के बच्चों को मुफ्त प्रशिक्षण और किट उपलब्ध करा रही है। इसके साथ ही, यह सोसाइटी इन बच्चों के प्रतियोगिता में भाग लेने से जुड़े अन्य खर्चों का भी वहन करती है। वर्ष 2011 से अब तक, सोसाइटी द्वारा प्रशिक्षित 1000 से अधिक बच्चों ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं।

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पेसमेकर इम्प्लांट सर्जरी से 1.6 किलोग्राम के नाज़ुक नवजात शिशु की जान बचाई

फोर्टिस मोहाली के डॉक्टरों ने परमानेंट पेसमेकर इम्प्लांट सर्जरी से 1.6 किलोग्राम के नाज़ुक नवजात शिशु की जान बचाई–धीमी धड़कन को नियंत्रित करने के लिए बच्चे के दिल में एक बैटरी-पॉवर्ड डिवाइस डाली गई पंचकूला,कमल कलसी, नवजात बच्चों की कार्डिक केयर (दिल की देखभाल) में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए, फोर्टिस हॉस्पिटल, मोहाली के डिपार्टमेंट ऑफ पीडियाट्रिक कार्डिक साइंसिज ने परमानेंट पेसमेकर इम्प्लांट सर्जरी के माध्यम से 1.6 किलोग्राम कम वज़न वाले नवजात शिशु की जान सफलतापूर्वक बचाई है। सर्जरी के बाद फॉलोअप जांच के दौरान, 24 सप्ताह की गर्भवती महिला को सिस्टमिक ल्यूपस एरिथेमेटोसस (एसएलई) का पता चला – एक ऑटोइम्यून रोग, जिसमें शरीर के इम्यून सिस्टम पर हमला होता है और ये हेल्दी टिश्यूज, जोड़ों, किडनियों, फेफड़ों और मस्तिष्क पर हमला करते है।मामले से जुड़े उच्च जोखिम को देखते हुए, महिला की साप्ताहिक जांच के साथ बारीकी से निगरानी की गई। 29वें सप्ताह में, अल्ट्रासाउंड से पता चला कि शिशु की हार्ट बीट यानि दिल की धड़कन बेहद कम होकर 32 धड़कन प्रति मिनट (गंभीर ब्राडकार्डिया) हो गई थी, और उसमें कंजेस्टिव हार्ट फेलियर (हृदय शरीर की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त रक्त पंप नहीं कर पाता) के लक्षण दिखाई दिए, साथ ही हाइड्रॉप्स फीटालिस (फीटस के टिश्यूज और अन्य प्रमुख अंगों में अत्यधिक तरल पदार्थ जमा होना) भी दिखाई दिया।महिला का तुरंत एक इमरजेंसी लोअर सेगमेंट सीजेरियन सेक्शन (एलएससीएस) किया गया और शिशु को नियोनटाल इंटेसिव केयर यूनिट में ट्रांसफर कर दिया गया, जहां उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। उसके बाद डॉ. रजत गुप्ता, सीनियर कंसल्टेंट, डिपार्टमेंट ऑफ पीडियाट्रिक कार्डिक साइंसिज, फोर्टिस हॉस्पिटल, मोहाली द्वारा एक टेम्प्ररेरी पेसमेकर लगाया गया।इस तरह के इंटरवेंशंस के दौरान, जहां नवजात शिशु का वजन कम होता है, पेसमेकर इमप्लांट के लिए अत्यधिक सटीकता की आवश्यकता होती है। नवजात शिशु के हृदय गति रुकने और समय से पहले जन्म के लिए भी एनआईसीयू में उसका प्रबंधन किया गया। स्थिर होने के बाद, शिशु की परमानेंट पेसमेकर इमप्लांट सर्जरी डॉक्टरों की एक टीम द्वारा की गई। इस टीम का नेतृत्व डॉ. टीएस महंत, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस), फोर्टिस हॉस्पिटल मोहाली; डॉ. आलोक सूर्यवंशी, सीनियर कंसल्टेंट, सीटीवीएस, फोर्टिस हॉस्पिटल मोहाली; और डॉ. रजत गुप्ता, सीनियर कंसल्टेंट, डिपार्टमेंट ऑफ पीडियाट्रिक कार्डिक साइंसिज, फोर्टिस हॉस्पिटल, मोहाली ने किया। इससे शिशु के दिल की धड़कन को स्थिर करने और दिल के कार्य को सहारा देने में मदद मिली।सर्जरी में धीमी या क्षतिग्रस्त हार्टबीट को नियंत्रित करने के लिए शिशु के दिल में एक बैटरी-पॉवर्ड डिवाइस लगाया गया। सर्जरी के बाद शिशु की रिकवरी काफी बेहतर रही और सर्जरी के पांच दिन बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।इस मामले पर चर्चा करते हुए, डॉ. टीएस महंत, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, सीटीवीएस, फोर्टिस हॉस्पिटल, मोहाली ने कहा कि “यह असाधारण मामला जल्दी डायग्नोसिस, कोऑर्डिनेटेड मल्टीडिसप्लनरी केयर और एडवांस्ड कार्डिक इंटरवेंशंस की उपलब्धता के महत्व को उजागर करता है। बच्चा अब तीन महीने का है और स्वस्थ जीवन जी रहा है। जन्मजात ही हार्ट में होने वाले विकारों का जल्द पता लगाने के बारे में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है। इन जन्मजात दोषों का समय पर इलाज न करने से बच्चे के दिल को कभी बेहतर न होने वाली क्षति हो सकती है।”फोर्टिस हॉस्पिटल, मोहाली का डिपार्टमेंट ऑफ पीडियाट्रिक कार्डिक साइंसिज इस क्षेत्र का एकमात्र सेंटर है जहां न केवल पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश, बल्कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान, इराक, मंगोलिया और दक्षिण अफ्रीका से भी मरीज आते हैं।

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नेपाली जनता का उग्र रूप देखकर वहां के मलाईदार नेताओँ की धुंधला गई आखें

पिछले दिनों नेपाल की सत्ता के विरोध मे वहा के नागरिको ने जो आक्रोष बगावती तेवर दिखाया उसका कारण वहां के हुक्मरान थे .जो जनता की सुध लेने के बदले,सत्ता की मलाई खाने मे मशगूल थे l नेपाली लोगों ने उनकी जड़े खोद दी l नेपाल मे चार दिन पहले तक जो हिंसा का तांडव हुआ .उससे नेपाल मे वही लोग दुखी है जो सेक्युलर वादी एवं हिन्दू विरोधी मानसिकता रखते थे।नेपाल मे सत्ता के विरोध मे जो कुछ हुआ उसकी एक बानगी देखकर कोई भी समझ जायेगा,कि वहा की जनता इतनी इतनी गुस्से मे क्यों थी lवहां के कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष व 5 बार नेपाल के प्रधानमंत्री रहे शेर बहादुर देउबा जिन्होंने सत्ता के लिए कम्युनिस्ट पार्टी से गठबंधन करके फिर से सत्ता की मलाई चाटने लगे.थे l परंतु नेपाल के मासूम और शांतिपसंद लोगों का वहां शोषण एवं अत्याचार,होने लगा व गौमाता का वध किया जाने लगा था।जनता को य़ह सहन नहीं हो रहा था l इसलिए बग़ावत पर उतरने के अलावा बड़े नेताओं व वीआईपी लोगों की जी भरकर हजामत कर दिए lशेर बहादुर देउबा,जो 5 बार प्रधानमंत्री थे साथ ही वर्तमान में नेपाली संसद के अध्यक्ष और उनकी पत्नी आरजू विदेश मंत्री थी उनकी भीड़ ने उसकी खतरनाक मोबलीचिंग की है पूरा शरीर लहूलुहान है हड्डियों में कई जगह फैक्चर हुएl साथ में उसकी पत्नी थींवह भी लहूलोहान हुईंउसका बड़ा बेटा साथ था उसके कपड़े फाड़ दिए गए ।नेपाली सैनिक अपनी जान पर खेल कर उन्हें बचाने की पूरी कोशिश करते रहे l जनता का गुस्सा इतना अधिक था कि उनके रेस्क्यू के लिए एक हेलीकॉप्टर आया तो नेपाल की भीड़ में हेलीकॉप्टर पर पत्थरबाजी कर दिया जिससे हेलीकॉप्टर लैंड नहीं हो पाया है बाद में उन लोगों बड़ी मुश्किल से उनकी जान बचाई गईlइससे ज़ाहिर होता है कि भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबे नेताओं कि दशा नेपाल और बांग्लादेश की तरह जनता कर देगी । नेपाल की घटना से हिंदुस्तान को सबक़ लेना चाहिये जनता को उसकी भावनाओं का निरादर करना भारी पड सकता है । जनता का विरोध भारी पड़ सकता है । मुद्दा पुराना नहीं हुआ इतिहास में दर्ज हो गया । संजय राय, एडिटर ईशान टाइम्स ग्रुप

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