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नायब सिंह सैनी ने नई स्टेट एनवायरमेंट प्लान का अनावरण किया

पंचकुला (Ishan Rai,Ishantimes) : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को यहां नई स्टेट एनवायरमेंट प्लान का अनावरण किया। यह महत्वपूर्ण योजना राज्य के पर्यावरणीय परिदृश्य का संपूर्ण विश्लेषण प्रस्तुत करती है। इसमें कृषि, अपशिष्ट प्रबंधन, परिवहन, उद्योग, और प्रदूषण (वायु और ध्वनि) जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को कवर किया गया है, इसके साथ ही जैव विविधता को भी शामिल किया गया है।यह स्टेट एनवायरमेंट प्लान हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, इंस्टिट्यूट फॉर गवर्नेंस एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट (आईजीएसडी), और ऊर्जा और संसाधन संस्थान (TERI) के बीच साझेदारी के माध्यम से विकसित की गई है।इस मौके पर एक उच्च-प्रभाव वाली रिपोर्ट, ‘सततता की ओर डुअल स्ट्रैटेजी स्प्रिंट: हरियाणा के लिए नॉन -CO₂ पाथवे’ भी जारी की गई। यह दस्तावेज़ एक दो-तरफा दृष्टिकोण की मांग करता है। यह CO₂ के अलावा, तेज़ी से सक्रिय होने वाले जलवायु बलों के रूप में नॉन-CO₂ प्रदूषण या शॉर्ट-लिव्ड क्लाइमेट पॉल्यूटेंट्स से निपटने पर जोर देता है। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि शॉर्ट-लिव्ड क्लाइमेट पॉल्यूटेंट्स न्यूनीकरण तुरंत दोहरा लाभ प्रदान करता है। यह हवा की गुणवत्ता को नाटकीय रूप से सुधारता है और जलवायु परिवर्तन से तेजी से लड़ता है। येथाई स्थिति स्पष्ट है। हरियाणा के 2022 गर्मी तनाव के अनुभव ने पहले से ही फसलों को महत्वपूर्ण नुकसान दिखाया। भविष्य के आकलनों में अनुमान लगाया गया है कि मध्य शताब्दी तक आवश्यक सिंचित चावल और गेहूँ की पैदावार में 15-17% की कमी आएगी। यह राज्य की खाद्य सुरक्षा के लिए एक गंभीर जोखिम प्रस्तुत करता है। यह रिपोर्ट आईजीएसडी , हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और ऊर्जा और संसाधन संस्थान द्वारा मिलकर विकसित की गई थी।नायब सिंह सैनी ने कहा , “यहां तक कि अगर हमारा जीडीपी दुनिया में सबसे उच्च है, अगर हमारी हवा प्रदूषित है, हमारा पानी प्रदूषित है, और हमारे आवश्यक संसाधन समाप्त हो रहे हैं, तो हमारी ज़िंदगी का कोई अर्थ नहीं होगा, चाहे हमारी अर्थव्यवस्था कागज पर कितनी मजबूत दिखती हो।”मुख्यमंत्री ने कचरा प्रबंधन और नागरिक भागीदारी की दोहरी चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 2013 में एकल उपयोग प्लास्टिक पर लगाए गए प्रतिबंध के बावजूद, पॉलीथीन अभी भी व्यापक है। कोई भी कानून, अभियान या एनजीओ का प्रयास तब तक सफल नहीं होगा जब तक लोग खुद महसूस नहीं करेंगे कि प्रदूषण जीवन को असहनीय बना रहा है।उन्होंने एकजुट मोर्चे की अपील करते हुए कहा कि मानव जीवन की तीन आवश्यकताएँ—खाद्य, पानी, और ऑक्सीजन—आज सभी प्रदूषित हैं। सरकार अपनी कोशिशें जारी रखेगी, लेकिन जब तक एनजीओ, छात्र, समुदाय और सामान्य नागरिक हाथ नहीं मिलाते, कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं बदलेगा। पर्यावरण, वन और वन्यजीव मंत्री राव नरबीर सिंह ने सार्वजनिक जागरूकता की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा, “सर्वाधिक समस्या कचरे का पृथक्करण है। लोग गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण के बारे में अभी भी जागरूक नहीं हैं। केवल जुर्माना और चालान समस्या का समाधान नहीं कर सकते—बदलाव भीतर से आना चाहिए।सदस्य सचिव एचएसपीसीबी प्रदीप कुमार, आईएएस ने राज्य की दीर्घकालिक स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए कहा कि हमारा ध्यान केवल अल्पकालिक लक्ष्यों को प्राप्त करने पर नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने पर है कि हरियाणा में विकास हमेशा स्थिरता के सिद्धांतों के साथ संरेखित हो। विकास कभी भी हमारे पर्यावरण की कीमत पर नहीं होना चाहिए। उन्होंने फसल अवशेष प्रबंधन, प्लास्टिक प्रदूषण नियंत्रण, और वायु और जल गुणवत्ता जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विभागीय प्रयासों का विवरण भी दिया।डायरेक्टर इंडिया प्रोग्राम , ईजीएसडी ज़ेरिन ओशो ने कहा, “हरियाणा का 2025 SEP इसे देश में एक नॉन -CO₂फोकस के साथ पहला बनाता है जो इसके पारंपरिक ढांचे से परे है। स्टेट एनवायरमेंट प्लान की दोहरी रणनीति निकट भविष्य में नॉन -CO₂ उत्सर्जन को कम करना और लंबे समय में CO₂ को कम करना, अन्य लोगों के लिए एक मॉडल है। यह राज्य के लिए दीर्घकालिक खाद्य और सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करेगा

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महानिदेशक का आदेश ठुकराया, अफसरशाही की ज़िद में कलम को बंधक बनाने की साज़िश

गुरुग्राम (Ishantimes) । हरियाणा का एक जिला लोक संपर्क अधिकारी अपने ही विभाग के महानिदेशक के निर्णय को ठेंगा दिखाकर वर्ष 2021 से लगातार दबंग हरियाणा समाचार पत्र के खिलाफ मोर्चा खोले बैठा है। नीयत में खोट, पद का दुरुपयोग और लोकतंत्र की रीढ़—स्वतंत्र पत्रकारिता—को झुकाने का यह षड्यंत्र अब खुलकर सामने आ गया है। समाचार पत्र के संपादक ने मीडिया को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि इस षड्यंत्र की शिकायत राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग को कर दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन जिला लोक संपर्क अधिकारी सुरेंद्र बजाड़, वर्ष 2021 से योजनाबद्ध तरीके से झूठी रिपोर्टों का पुलिंदा तैयार कर रहे हैं ताकि अखबार को बदनाम किया जा सके और कलम को सत्ता की गुलामी स्वीकार करनी पड़े। “यह केवल एक अखबार के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरी लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला है।” – संपादक शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि सुरेंद्र बजाड़ ने महानिदेशक की स्पष्ट रिपोर्ट के बावजूद अपने पद का दुरुपयोग करते हुए विभाग को गुमराह किया और लगातार साजिशों का जाल बिछाया। हैरानी की बात तो यह है कि महानिदेशक द्वारा अधिकारी की रिपोर्ट को गलत ठहराने के बावजूद वह अफसर आज भी अपने फैसलों से विभाग को दिशा दे रहा है। शिकायत में मांगा गया है कि भारतीय दंड संहिता की धाराएं 61, 356, 179, 255, 228 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 और 13(1)(d), साथ ही BNS की धारा 356(1), 356(2) के तहत एफआईआर दर्ज कर इस अधिकारी को कठोरतम सज़ा दी जाए। सबसे अहम बात —शिकायतकर्ता ने अपने आरोपों की पुष्टि करने वाले 20 ठोस साक्ष्य भी विभाग को सौंप दिए हैं। इन साक्ष्यों में वह जांच रिपोर्ट भी शामिल है जिसमें महानिदेशक द्वारा साफ-साफ जिला अधिकारी की अनुशंसा को अनुचित ठहराया गया है। इतना ही नहीं, सुरेंद्र बजाड़ के खिलाफ पहले भी 2018 में विभागीय जांच हो चुकी है, जिसमें उन्हें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत दोषी पाया गया था (डायरी नंबर 4952/24.05.2018)। बावजूद इसके, अफसरशाही की ढीठी देखिए—वो न जांच से डरते हैं, न विभागीय रिपोर्टों से। अब सवाल यह है: क्या विभाग इस बार न्याय करेगा या फिर अफसरशाही की ज़िद के आगे लोकतंत्र फिर एक बार शर्मसार होगा?क्या पत्रकारिता की स्वतंत्रता सत्ता के गलियारों में गिरवी रख दी जाएगी या दोषियों पर गिरेगा सख़्त कार्रवाई का चाबुक? “सत्ता की कलम को झुकाने की चाह, लोकतंत्र पर पड़ा फिर एक कलंकित दाग़!”

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रायपुररानी में हिंदी पखवाड़ा की हुई शुरुआत,हिन्दी दिवस मनाया गया

रा.व.मा.वि. भूड खंड रायपुररानी में हिंदी पखवाड़ा मनाया गया पंचकूला, कमल कलसी(ईशान टाइम्स)। उक्त शब्द रा.व.मा.वि. भूड खंड रायपुररानी में हिंदी पखवाड़ा के अवसर पर बोलते हुए वरिष्ठ साहित्यकार, पत्रकार एस. के. जैन ने कहे, इस अवसर पर विभिन्न कक्षाओं के छात्र छात्राओं नें विभिन्न हिंदी विधाओं कविता, भाषण, व हिंदी लेखन की उत्कृष्ट प्रस्तुतियाँ दी, कार्यक्रम में बच्चों को सम्मानित किया गया, प्रधानाचार्य सुनिता मलिक ने बच्चों व अध्यापकों को हिंदी सेवा में तत्पर रहने का संदेश देते हुए सभी का आभार व्यक्त किया व विशेष रूप से हिदी प्राध्यपक ड़ाॅ. विनोद शर्मा के हिंदी उत्थान के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर प्राध्यपक विजय कुमार ने तकनीकी हिंदी की आवश्यकता पर बल दिया, विद्यालय के प्राध्यापक प्रदीप, मनोज, कमलदीप, योगेश, मनीषा, यादराम, संदीप, शिवांगी, सहित भारी संख्या में स्कूल के विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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दिल्ली हाई कोर्ट को उड़ाने की आई ई मेल

JustIn | #DelhiHighCourt receives bomb threat via email, hearings suspended. Bomb squad at Delhi HC premises दिल्ली हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकीदिल्ली पुलिस को धमकी भरा मेल मिलाईमेल के जरिए HC को उड़ाने की धमकीईमेल में कहा हाईकोर्ट में तीन बम है HC परिसर की ली जा रही है तलाशीदिल्ली HC परिसर को कराया जा रहा खाली

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वर्किंग जर्नलिस्ट ऑफ इंडिया बिहार प्रदेश कार्यकारिणी हुई घोषित

गूगल meet में उपस्थित हुए राष्ट्रीय और प्रदेश पदाधिकारी पटना(ईशान टाइम्स ब्यूरो)।आज गुरुवार दिनांक 11 सितम्बर, 2025 को WJI, BIHAR STATE इकाई की ऑनलाइन बैठक हुई। यह बैठक WJI, बिहार स्टेट इकाई के गठन को लेकर आयोजित की गई। इसमें भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री श्री गणेश मिश्रा ने विशेष रूप से शिरकत की। अध्यक्षता WJI के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय उपाध्याय ने की। इसमें WJI के राष्ट्रीय महासचिव श्री नरेंद्र भंडारी और WJI के राष्ट्रीय सलाहकार श्री सुरेंद्र वर्मा भी शामिल हुए। राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री संजय उपाध्याय ने नवगठित WJI, BIHAR STATE इकाई के पदाधिकारियों और कार्यसमिति सदस्यों के नामों की घोषणा की। ऑनलाइन बैठक के दौरान WJI, BIHAR STATE इकाई के जिन पदाधिकारियों के नामों की केंद्रीय कमिटी की सहमति के बाद घोषणा की गई, उनमें : अध्यक्ष : श्री भोलानाथ उपाध्यक्ष : महासचिव : सचिव : कोषाध्यक्ष : श्री एन. के. डी. वर्मा कानूनी सलाहकार – श्री अरविन्द उज्ज्वल कार्यसमिति सदस्य : नवगठित WJI, BIHAR STATE इकाई के पदाधिकारियों और सदस्यों को WJI इकाई के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय उपाध्याय, महासचिव नरेंद्र भंडारी और बीएमएस के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री श्री गणेश मिश्रा और wji के राष्ट्रीय सलाहकार श्री सुरेन्द्र वर्मा ने बधाई दी। राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने संगठन के आगामी राष्ट्रीय और राज्यस्तरीय कार्यक्रमों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।

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पूर्वांचल से दिल्ली आकर शिक्षकों का सम्मान करना बड़ी बात: पद्मश्री अशोक भगत

नई दिल्ली, 06 सितंबर( ब्यूरो, ईशान टाइम्स )। कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ़ इंडिया में शिक्षक दिवस के अवसर पर कमला ग्राम विकास संस्थान, सेंगोल इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, श्री नारायण समाज कल्याण सेवा संस्थान,वॉइस फॉर चाइल्ड राइट्स, स्वरातमिका फाउंडेशन ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में शिक्षक समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह में ‘भाषाई लोकतंत्र और भारतीय शिक्षण परम्परा’ विषय पर वक्ताओं ने विचार रखे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर पद्मश्री अशोक भगत ने कहा कि देश में शिक्षकों के सम्मान के लिए ऐसे आयोजन होते रहने चाहिए। पूर्वोत्तर और पूर्वांचल का कोई व्यक्ति देश की राजधानी दिल्ली में आकर शिक्षकों के सम्मान में ऐसा कार्यक्रम आयोजित करता है तो यह बड़ी बात है। समाज में शिक्षक की बड़ी भूमिका है। उनका सम्मान करना समाज का कर्तव्य है। विशिष्ट अतिथि के तौर पर सांसद कालीचरण सिंह, डॉ• संजय राय, डॉ• उदय प्रताप सिंह मौजूद रहे। वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता पद्म भूषण राम बहादुर राय ने किया। संचालन श्लेष गौतम ने किया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर दक्षिणी एशिया विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर विवेक दीक्षित और बीएचयू के एसिस्टेंट प्रोफेसर डॉ• सत्यप्रकाश राय मौजूद रहे। इस दौरान शिक्षा जगत में बेहतरीन काम करने वालों को पौधा, स्मृति चिह्न और सम्मान पत्र दिया गया। कार्यक्रम के अध्यक्ष पद्म भूषण राम बहादुर राय ने कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही पूरे देश का विकास संभव है। विद्यालय से हमें शिक्षा, संस्कार और अनुशासन मिलता है।कार्यक्रम में आयोजक अजीत सिंह ने कहा कि बदलते समाज में शिक्षक की भूमिका ज्यादा महत्वपूर्ण हो गयी है। बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार देने कठिन होता जा रहा है, क्यों कि माता पिता बच्चे को स्कूल छोड़कर अपनी जिम्मेदारी भूल जाते हैं।कार्यक्रम के दरम्यान वक्ताओं ने भाषाई लोकतंत्र और भारतीय शिक्षण परम्परा से जुड़े विषयक पर प्रकाश डाला।शिक्षक सम्मान समरोह में दिल्ली विश्व विद्यालय कई संघटक महाविद्यालय के प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, काशी हिंदू विश्व विद्यालय वाराणसी, एमिटी कॉलेज दिल्ली, इलाहाबाद विश्व विद्यालय के 21 शिक्षकों को “विद्या सेतु “सम्मान 2025 से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के आयोजक अजीत कुमार, डॉ• अनुराग सिंह ने सबका आभार जताया।

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सहकार भारती ने विष्णु चौहान को सौपा प्रान्त प्रमुख, मीडिया का दायित्व

(संजय राय ईशान टाइम्स) पलवल/गुरुग्राम/दिल्ली। समरस गंगा महोत्सव के मीडिया प्रबंधक के रूप में रास्ट्रीय स्तर तक अपनी प्रतिभाशाली भूमिका निभा चुके विष्णु चौहान को को अब नया दायित्व संगठन की तरफ से सौपा गया है। राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री संजय पाचपोर जी के मार्गदर्शन में प्रदेश कार्यकारिणी विस्तार के दौरान यह जानकारी डॉ राजवीर सिंह प्रदेश अध्यक्ष, एवं डॉ सौरभ भीष्म महामंत्री द्वारा उपलब्ध कराई कि विष्णु चौहान अब प्रान्त प्रमुख (मीडिया) सहकार भारती के रूप में हरियाणा प्रदेश में कार्य संभालेंगे। समरस गंगा महोत्सव कार्यक्रम की सीआईडी रिपोर्ट के अनुसार 54 से 55 हजार सामाजिक लोगों ने कार्यक्रम में शिरकत की। कार्यक्रम आयोजन की चर्चा मीडिया में 50 दिन से अधिक समय रही। परिणाम स्वरूप कार्यक्रम अखिल भारतीय स्तर तक चर्चित रहा ।विष्णु चौहान वर्तमान में विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़कर राष्ट्र एवं सामाजिक सेवा में रत हैं।पत्र सूचना कार्यालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार एवं हरियाणा सरकार से मान्यता प्राप्त विष्णु चौहान पिछले 20 वर्षों से अधिक समय से मीडिया क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। इस दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, नवभारत टाइम्स, रोजगार समाचार में अपनी सेवाएं दी। वह लगभग 14 वर्ष से प्रधान संपादक के रूप में कार्य करते हुए राष्ट्र वंदना में सेवारत हैं।विष्णु चौहान प्रान्त टोली सदस्य, प्रचार विभाग, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, राष्ट्रीय प्रवक्ता,अखिल भारती राजपूत संयुक्त परिषद,राष्ट्रीय प्रवक्ता “समरस भारत-समर्थ भारत”,संस्थापक सदस्य“तिरुपति चैरिटेबल ट्रस्ट”, संस्थापक “मिशन जर्नलिस्ट प्रोटेक्शन, भारत एसोसिएशन”, महासचिव – अखिल भारतीय लघु एवं मध्यम समाचार पत्र संघ, हरियाणा, राज्य कोर सदस्य – राष्ट्रीय पत्रकार संघ हरियाणा,निदेशक – विकास संसाधन केंद्र, आगरा उत्तर प्रदेश, सदस्य – हरियाणा खेल विकास समिति, होडल जिला पलवल, कार्यकारी सदस्य – थोरा विकास समिति, गौतमबुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश आदि क्षमताओ के साथ प्राप्त विभिन्न उपलब्धियां एवं सम्मान आरएसएस द्वारा आयोजित समरस गंगा महोत्सव में उत्कृष्ट मीडिया प्रबंधन के लिए प्रशंसा पुरस्कार, विश्व संवाद केंद्र, हरियाणा द्वारा राष्ट्रीय मीडिया सम्मेलन में “म्हारा हरियाणा”, राज्य स्तरीय ग्रामीण पत्रकार नारद सम्मान, वी.वी. गिरि राष्ट्रीय श्रम संस्थान (श्रम मंत्रालय, भारत सरकार) द्वारा “मीडिया क्षेत्र में नेतृत्व विकास कार्यक्रम” आदि-आदि में मिले सम्मान सहित प्रदेश के सभी जिलों में जिला मीडिया प्रमुख एवं सह मीडिया प्रमुख की नियुक्ति कर संगठन की नीति और रीति को विस्तार देने हेतु सहकार भारती के कार्य को समर्पित रहेंगे।

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एन यू जे (आई)राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजय राय का भव्य स्वागत हुआ चेन्नई में

चेन्नई (डॉ इंद्रा राय )। नैशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट (इंडिया) पत्रकारों की एकता और सहयोग को पूरे देश में प्रसारित करने के लिए आपसी सहयोग , दायित्व और वैचारिक समन्वय को आगे बढ़ाने में अग्रणी है । इसी क्रम में राष्ट्रीय महासचिव रवि मीनाक्षी सुंदरम ने चेन्नई में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजय राय का चेन्नई पहुंचने पर गर्मजोशी से स्वागत किया।एनयूजे (इंडिया) ने पत्रकारों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई नेताओं ने दक्षिणी राज्यों में एनयूजे (इंडिया) की उपस्थिति का विस्तार करने और मीडिया पेशेवरों के नेटवर्क को मजबूत करने के महत्व पर जोर दिया । एन यू जे (इंडिया) महासचिव रवि मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि एन यू जे (इंडिया) हमेशा कामकाजी पत्रकारों की आवाज रहा है और उनका उद्देश्य पत्रकारों को सशक्त बनाना है। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष (नॉर्थ) संजय राय ने चेन्नई में गर्मजोशी से स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया और पत्रकारों को पेशेवर रूप से विकसित करने के लिए प्लेटफ़ॉर्म बनाने की बात कही। एन यू जे (इंडिया) के बारे में: एन यू जे (इंडिया) देश के अग्रणी पत्रकार संगठनों में से एक है, इस संस्था की स्थापना 1972में ही हुई थी ।जो कामकाजी पत्रकारों के हितों की रक्षा और प्रेस स्वतंत्रता को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है।

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भदोही में प्रशासन कि सह पर झोलाछाप डॉक्टरों का आतंक

भदोही (यूपी) सुरियावां थाना क्षेत्र के बिंद नगर बाजार में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने राजकुमार बिंद के क्लिनिक की जांच की। नोडल डॉक्टर आशीष दुबे के नेतृत्व में की गई जांच में पता चला कि राजकुमार के पास न तो चिकित्सा की कोई डिग्री है और न ही पंजीकरण।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) दुर्गागंज के अधीक्षक डॉ. शुभांकर श्रीवास्तव ने सुरियावां थाने में मुकदमा दर्ज कराया भदोही में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी एक बड़ा कारण है कि लोग इन झोलाछाप डॉक्टरों पर निर्भर हो जाते हैं। जिले में केवल तीन तहसीलें—भदोही, औराई और ज्ञानपुर—और छह विकास खंड हैं, जहां सरकारी स्वास्थ्य सुविधाएं सीमित हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की कमी और योग्य डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण लोग इन फर्जी डॉक्टरों के पास जाने को मजबूर हैं। ये झोलाछाप डॉक्टर मरीजों को गलत दवाएं, अनावश्यक इंजेक्शन और ग्लूकोज की बोतलें लगाकर उनकी सेहत को खतरे में डालते हैं। कई बार मरीजों की स्थिति बिगड़ने पर उन्हें बड़े शहरों जैसे वाराणसी या प्रयागराज रेफर कर दिया जाता है, जिससे मरीजों और उनके परिवारों को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।झोलाछाप डॉक्टर न केवल गलत इलाज करते हैं, बल्कि मनमाने ढंग से मरीजों से मोटी फीस भी वसूलते हैं। दवाइयों को अधिक कीमत पर बेचकर और अनावश्यक जांच करवाकर ये लोग मरीजों की आर्थिक स्थिति को कमजोर करते हैं। उदाहरण के लिए, एक सामान्य बुखार के इलाज के लिए ये लोग सैकड़ों रुपये वसूल सकते हैं, जबकि योग्य डॉक्टर उसी इलाज को कम खर्च में और सुरक्षित तरीके से कर सकते हैं। इसके अलावा, गलत दवाइयों और इंजेक्शनों के कारण मरीजों में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं जैसे किडनी की खराबी, लिवर डैमेज या एलर्जी तक हो सकती हैं। भदोही जिले में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की कमी एक और गंभीर समस्या है। अन्य जिलों जैसे धार (मध्य प्रदेश) में प्रशासन ने फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं, जैसे क्लीनिक सील करना और कानूनी कार्रवाई करना। भदोही जिले में झोलाछाप डॉक्टरों की मौजूदगी के पीछे कई सामाजिक और आर्थिक कारण हैं। पहला, जिले की जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों में रहता है, जहां शिक्षा और जागरूकता का स्तर कम है। लोग अक्सर यह नहीं जान पाते कि जिस डॉक्टर के पास वे जा रहे हैं, वह योग्य है या नहीं। दूसरा, सरकारी अस्पतालों में लंबी कतारें, डॉक्टरों की कमी और दवाइयों की अनुपलब्धता लोगों को इन फर्जी डॉक्टरों की ओर धकेलती है। तीसरा, भदोही में कालीन उद्योग के बाद कृषि प्रमुख रोजगार का स्रोत है, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर लोग निजी अस्पतालों का खर्च वहन नहीं कर पाते, जिसके कारण वे सस्ते और आसानी से उपलब्ध झोलाछाप डॉक्टरों पर निर्भर हो जाते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए कुछ ठोस कदम उठाए जाने की जरूरत है।स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ नियमित छापेमारी और सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। मध्य प्रदेश के धार जिले की तरह निरीक्षण दलों का गठन कर अवैध क्लीनिकों को सील किया जा सकता है।ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को शिक्षित करने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाने चाहिए, ताकि वे योग्य और गैर-योग्य डॉक्टरों के बीच अंतर समझ सकें। सरकार को भदोही में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और योग्य डॉक्टरों की संख्या बढ़ानी चाहिए, ताकि लोग इन फर्जी डॉक्टरों पर निर्भर न रहें। मेडिकल स्टोर्स और क्लीनिकों के लिए सख्त लाइसेंसिंग नियम लागू किए जाएं, ताकि अवैध दवाइयों की बिक्री पर रोक लग सके।स्थानीय लोगों को शिकायत दर्ज करने और फर्जी डॉक्टरों की पहचान करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।भदोही जिले में झोलाछाप डॉक्टरों का आतंक एक गंभीर समस्या है, जो न केवल लोगों की सेहत को खतरे में डाल रही है, बल्कि उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति को भी प्रभावित कर रही है। इस समस्या का समाधान तभी संभव है जब प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और समुदाय मिलकर काम करें। सरकार को चाहिए कि वह इस दिशा में त्वरित और सख्त कदम उठाए, ताकि भदोही के लोग सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त कर सकें। अन्यथा, यह आतंक न केवल लोगों की जान लेता रहेगा, बल्कि जिले की प्रगति को भी बाधित करेगा।

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