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नैशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट ने भ्रामक वेबसाइटों और यूट्यूब चैनलों पर रोक की मांग की

नई दिल्ली(ईशान टाइम्स)।नैशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट (इंडिया) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं ईशान टाइम्स समूह (नई दिल्ली व चंडीगढ़) के संपादक/प्रकाशक संजय राय ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को पत्र लिखकर भ्रामक वेबसाइटों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। श्री राय ने कहा कि कुछ वेबसाइटें बिना आरएनआई पंजीकरण के फर्जी अखबारों के नाम से संचालित हो रही हैं और ब्लैकमेलिंग व अधिकारियों की छवि धूमिल करने जैसे कार्यों में लिप्त हैं। चुनाव के समय ये वेबसाइटें भ्रामक समाचारों के माध्यम से जनता को गुमराह करने की कोशिश करती हैं, जिससे पत्रकारिता की साख पर बुरा असर पड़ता है।कुछ लोग यूट्यूब चैनल का नाम दे कर भ्रामक ऊटपटांग खबरों को चला कर सरकार ,किसी वर्ग विशेष,या व्यक्तियों को टारगेट कर बिना सबूतों झूठ अनर्गल पोस्ट को,वीडियो को वायरल करते हैं उस भी गहन नजर रखने की आवश्यकता है । उन्होंने मंत्रालय से ऐसे अवैध पोर्टलों की जांच कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। श्री राय ने कहा कि 2015 में भी इसी तरह की प्रवृत्तियों का विरोध यूनियन ने किया था और तब सकारात्मक परिणाम सामने आए थे। उन्होंने बताया कि छठ पूजा के बाद इस विषय पर जंतर मंतर पर चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जा रही है।

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पत्रकारों पर केस की धमकी देकर क्या साबित करना चाहते है भारत के रेल मंत्री

भारतीय रेलवे की खामियां उजागर करने वाली आवाज़ों को चुप कराने की कोशिश ? मोदी सरकार के रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया पर रेलवे से जुड़े ‘फर्जी वीडियो’ फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी जारी की है। लेकिन क्या यह चेतावनी केवल फेक न्यूज़ पर है, या रेलवे की जमीन पर सच्ची समस्याओं को उठाने वाले पत्रकारों और आम यात्रियों की आवाज़ को दबाने का नया हथियार बन रही है? हाल के बयानों से ऐसा लगता है कि मंत्री जी अब सवालों से ज्यादा ‘धमकी’ की भाषा बोल रहे हैं, जबकि रेलवे की बुनियादी सुविधाएं यात्रियों को परेशान करती जा रही हैं। रविवार को दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन का औचक निरीक्षण करने के बाद वैष्णव ने कहा, “रेलवे से जुड़े फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।” यह बयान त्योहारों के सीजन में यात्रियों की भीड़ प्रबंधन के बीच आया, जब स्टेशन पर सफाई और सुविधाओं की कमी साफ नजर आ रही थी। लेकिन सवाल यह है कि क्या हर वीडियो जो शौचालयों की गंदगी, पानी की कमी या दलाली के वीडियो दिखाता है, वह ‘फर्जी’ है? या यह सरकार की नाकामियों को छिपाने का बहाना है ? रेलवे में यात्रियों की शिकायतें पुरानी हो चुकी हैं। टिकट बुकिंग में दलाली का बाजार गर्म है—IRCTC पर आसानी से सीट न मिलने पर एजेंटों को हजारों रुपये चुकाने पड़ते हैं। ट्रेनों में पानी की बोतलें खत्म हो जाती हैं, शौचालय गंदे पड़े रहते हैं, और सफर के दौरान बुनियादी सुविधाओं की कमी से लाखों यात्री परेशान हैं। सोशल मीडिया पर ऐसे अनगिनत वीडियो वायरल होते हैं, जो इन समस्याओं को उजागर करते हैं। लेकिन अब मंत्री की चेतावनी से पत्रकार और एक्टिविस्ट डर के साए में हैं। क्या सच्चाई दिखाना अब ‘फर्जी’ कहलाकर मुकदमे का सबब बनेगा ? यह पहली बार नहीं है जब वैष्णव ने आलोचना का जवाब ‘कार्रवाई’ से दिया हो। संसद में विपक्ष के रेल हादसों पर सवालों पर वे भड़क उठे थे—”चुप बैठो… एकदम!” अब सोशल मीडिया पर भी यही तेवर। पत्रकारिता, जो लोकतंत्र का चौथा खंभा मानी जाती है, आज सत्ता के दबाव में सिकुड़ रही है। मोदी सरकार के दौर में मीडिया पर मुकदमों और ट्रोलिंग की बाढ़ आ गई है। रेल मंत्री का यह रुख न सिर्फ प्रेस फ्रीडम पर सवाल उठाता है, बल्कि रेलवे की जमीनी हकीकत से मुंह मोड़ने जैसा लगता है। यात्रियों और पत्रकार संगठनों ने इसकी निंदा की है। प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने कहा, “सच्ची खबरों को फर्जी ठहराकर चुप कराना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है।” क्या रेल मंत्री इन शिकायतों का समाधान करेंगे, या ‘सख्त कार्रवाई’ की धमकी से ही सब ठीक हो जाएगा? देश के करोड़ों रेल यात्रियों को इंतजार है—कि उनकी आवाज़ दबी न रहे, और ट्रेनें सिर्फ ‘वंदे भारत’ की चमक तक सीमित न रहें। इंद्र यादव,स्वतंत्र लेखक, indrayadavrti@gmail.com

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महिलाओं की आजादी, एक सशक्तिकरण की दिशा या सामाजिक भ्रम ?

आज के दौर में समाज में महिलाओं की भूमिका और उनकी आजादी को लेकर बहसें छिड़ी हुई हैं। हाल ही में एक लेख में महिलाओं की “अश्लीलता” को आजादी के नाम पर बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया है, जहां लेखक ने महिलाओं को सलाह दी है कि वे समाज में वैसा ही व्यवहार करें जैसा घर के परिजनों के साथ। यह दृष्टिकोण पुरातनवादी लगता है, जो महिलाओं की स्वतंत्रता को सीमित करने की कोशिश करता है। लेकिन क्या वाकई आजादी का मतलब सिर्फ “नंगा नाच” है, या यह एक गहरी सामाजिक क्रांति का हिस्सा है ? सबसे पहले, आजादी के नाम पर क्या हो रहा है? एक लेखक का कहना है कि महिलाओं की “अश्लीलता” देश को गलत दिशा दे रही है। लेकिन “अश्लीलता” की परिभाषा क्या है? क्या मॉडर्न कपड़े पहनना, क्लब जाना या सोशल मीडिया पर अपनी राय रखना अश्लील है? इतिहास गवाह है कि महिलाओं की आजादी की लड़ाई हमेशा से सामाजिक मानदंडों के खिलाफ रही है। 19वीं सदी में जब महिलाएं वोट का अधिकार मांग रही थीं, तब भी उन्हें “असभ्य” कहा जाता था। भारत में सती प्रथा, बाल विवाह जैसी कुरीतियों के खिलाफ राजा राममोहन रॉय और सावित्रीबाई फुले जैसी महिलाओं ने आवाज उठाई, तो समाज ने उन्हें “अश्लील” ठहराया। आज की महिलाएं उसी क्रम में आगे बढ़ रही हैं – शिक्षा, करियर, और व्यक्तिगत चुनावों में स्वतंत्रता पा रही हैं। लेखक का तर्क है कि हर चीज का “पैमाना” होना चाहिए, वरना जीवन व्यर्थ हो जाता है। सहमत हूं, लेकिन यह पैमाना पुरुषों द्वारा थोपा गया क्यों हो ? महिलाओं को क्यों हमेशा “समाज के लिए क्या हो” की याद दिलाई जाती है ? पुरुषों को क्लब जाना, देर रात बाहर रहना सामान्य लगता है, लेकिन महिलाओं के लिए यह “अश्लीलता” क्यों ? एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में महिलाओं की भागीदारी कार्यबल में केवल 25% है, जबकि पुरुषों की 80% से ज्यादा। यह असमानता आजादी की कमी से आती है, न कि ज्यादा आजादी से। यदि महिलाएं अपनी पसंद के कपड़े पहनें या अपनी सेक्सुअलिटी को एक्सप्रेस करें, तो यह समाज को कमजोर नहीं बनाता, बल्कि उसे समावेशी बनाता है। अब बात “सरकारी सुविधा” की। लेखक कहते हैं कि अश्लीलता फैलाने के लिए मॉल और क्लब हैं। लेकिन क्या ये जगहें सिर्फ “अश्लीलता” के लिए हैं ? नहीं, ये आधुनिक जीवन के हिस्से हैं, जहां लोग सोशल इंटरैक्शन करते हैं। भारत जैसे देश में, जहां महिलाओं पर घरेलू हिंसा के मामले सालाना लाखों में हैं (एनसीआरबी डेटा के अनुसार), आजादी का मतलब सुरक्षा और समानता है। महिलाएं जब समाज में “घर के परिजनों जैसा” व्यवहार करेंगी, तो क्या पुरुष भी वैसा ही करेंगे? क्या वे महिलाओं को बराबरी का दर्जा देंगे, या सिर्फ नियंत्रण करेंगे ? मानव जीवन की लंबाई पर सोचने की सलाह अच्छी है, लेकिन इसे सिर्फ महिलाओं पर क्यों लागू करें ? जीवन छोटा है, इसलिए हर व्यक्ति को अपनी पसंद से जीने का हक है – बिना किसी के फैसले के। सेक्सुअल आकर्षण को “ढोल पीटना” कहना गलत है; यह प्राकृतिक है और दोनों लिंगों में मौजूद है। समाज को आगे बढ़ाने के लिए महिलाओं की आजादी जरूरी है, क्योंकि शिक्षित और स्वतंत्र महिलाएं परिवार, समाज और देश को मजबूत बनाती हैं। उदाहरण के तौर पर, स्कैंडिनेवियाई देशों में महिलाओं की उच्च आजादी के कारण लिंग समानता सूचकांक में वे शीर्ष पर हैं, और उनका समाज अधिक खुशहाल है। अंत में, महिलाओं की आजादी “नंगा नाच” नहीं, बल्कि सशक्तिकरण है। समाज को बदलने के लिए पुरानी सोच को छोड़ना होगा। महिलाएं घर में भी सम्मान पाएं और बाहर भी, तभी सच्ची प्रगति होगी। लेखक की बातों में सच्चाई हो सकती है अगर अति हो, लेकिन अति हर जगह बुरी है – चाहे आजादी में हो या नियंत्रण में। सोचिए, एक समान समाज कैसा होगा जहां महिलाएं बिना डर के जी सकें ? यही सच्ची आजादी है। – इंद्र यादव ,स्वतंत्र लेखक, indrayadavrti@gmail.com

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लीड इंडिया पब्लिशर्स एसोसिएशन(लीपा )ने भ्रामक वेबसाइटों पर रोक की मांग की

ईशान टाइम्स, नई दिल्ली: लीड इंडिया पब्लिशर्स एसोसिएशन ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को पत्र लिखकर कुछ भ्रामक और कथित समाचार वेबसाइटों पर अंकुश लगाने की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि ये वेबसाइटें भ्रष्टाचार, ब्लैकमेलिंग और अधिकारियों की छवि धूमिल करने में सक्रिय हैं, जबकि इनमें से अधिकांश का सूचना मंत्रालय या RNI से कोई संबंध नहीं है। राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष सिंह ने बताया कि दीपावली और छठ पर्व के आयोजन के बाद इस मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री, प्रेस काउंसिल के अध्यक्ष और RNI कार्यालय से मिलकर गंभीरता पूर्वक विचार-विमर्श किया जाएगा। पत्र में यह भी कहा गया कि कुछ वेबसाइटें खुद को अखबार के नाम पर चलाती दिखाती हैं और दावा करती हैं कि उनके संचालन की जानकारी RNI को है, जबकि यह वास्तविकता के विपरीत है। एसोसिएशन ने चेताया कि चुनावी समय इन वेबसाइटों ने कथित समाचारों के जरिए जनता को भ्रमित करने और पत्रकारिता की गरिमा के साथ खिलवाड़ किया। लीड इंडिया पब्लिशर्स एसोसिएशन ने मंत्रालय से आग्रह किया है कि इन अवैध और भ्रामक वेबसाइटों की जांच कर उन्हें सख्त कानूनी कार्रवाई के दायरे में लाया जाए।

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लीड इंडिया पब्लिशर्स एसोसिएशन(लीपा )ने भ्रामक वेबसाइटों पर रोक की मांग की

नई दिल्ली(ईशान टाइम्स) लीड इंडिया पब्लिशर्स एसोसिएशन ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को पत्र लिखकर कुछ भ्रामक और कथित समाचार वेबसाइटों पर अंकुश लगाने की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि ये वेबसाइटें भ्रष्टाचार, ब्लैकमेलिंग और अधिकारियों की छवि धूमिल करने में सक्रिय हैं, जबकि इनमें से अधिकांश का सूचना मंत्रालय या RNI से कोई संबंध नहीं है। राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष सिंह ने बताया कि दीपावली और छठ पर्व के आयोजन के बाद इस मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री, प्रेस काउंसिल के अध्यक्ष और RNI कार्यालय से मिलकर गंभीरता पूर्वक विचार-विमर्श किया जाएगा। पत्र में यह भी कहा गया कि कुछ वेबसाइटें खुद को अखबार के नाम पर चलाती दिखाती हैं और दावा करती हैं कि उनके संचालन की जानकारी RNI को है, जबकि यह वास्तविकता के विपरीत है। एसोसिएशन ने चेताया कि चुनावी समय इन वेबसाइटों ने कथित समाचारों के जरिए जनता को भ्रमित करने और पत्रकारिता की गरिमा के साथ खिलवाड़ किया। लीड इंडिया पब्लिशर्स एसोसिएशन ने मंत्रालय से आग्रह किया है कि इन अवैध और भ्रामक वेबसाइटों की जांच कर उन्हें सख्त कानूनी कार्रवाई के दायरे में लाया जाए।

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किसान, गरीब, युवा और महिलाओं के उत्थान के लिए संकल्पबद्ध है सरकार — मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

स्पष्ट नीति और साफ नीयत के साथ प्रदेश में तीन गुणा गति से हो रहा विकास — मुख्यमंत्री सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास की भावना से आगे बढ़ रही है हरियाणा सरकार वंचित अनुसूचित जातियों को दिया उनका अधिकार, सरकारी नौकरियों, पंचायत व स्थानीय निकायों के चुनावों में भागीदारी हुई सुनिश्चित हरियाणा का सरकारी नौकरी का ‘भर्ती पारदर्शिता मॉडल’ आज पूरे देश में बन चुका एक मिसाल- नायब सिंह सैनी पंचकूला , 17 अक्तूबर(संजय राय ,ईशान टाइम्स) – हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार किसान, गरीब, युवा और महिलाओं के कल्याण तथा उनके सर्वांगीण उत्थान के लिए पूरी तरह संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की विकास की नीति स्पष्ट है, नीयत साफ है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में तीन गुणा गति से विकास के कार्य आगे बढ़ रहे हैं। राज्य सरकार सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास की भावना के साथ कार्य कर रही है। जिला पंचकूला में हरियाणा सरकार के गौरवमयी एक वर्ष पूरा होने पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह को मुख्यमंत्री संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष हरविंद कल्याण, विधायक श्रीमती शक्ति रानी शर्मा और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण सभी जिलों में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रमों में किया गया और प्रदेशभर के नागरिकों ने मुख्यमंत्री के संदेश को सुना। वंचित अनुसूचित जातियों को दिया उनका अधिकार, सरकारी नौकरियों, पंचायत व स्थानीय निकायों के चुनावों में भागीदारी हुई सुनिश्चित मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक वंचित रह गई अनुसूचित जातियों को उनका अधिकार दिया है। इससे इन जातियों के लिए सरकारी नौकरियों में, पंचायत व स्थानीय निकायों के चुनावों में भागीदारी सुनिश्चित हुई है। पिछड़ा वर्ग-बी को पंचायती राज संस्थाओं व शहरी स्थानीय निकायों में आरक्षण दिया है। सरपंच पद के लिए 5 प्रतिशत तथा अन्य पदों के लिए उनकी जनसंख्या का 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। इसके अलावा, सरकार ने प्रजापति समाज को मिट्टी के बर्तन का कारोबार चलाने के लिए 1700 गांवों में आवा-पजावा जमीन का अधिकार पत्र दिया है। अब उनके काम में कोई बाधा नहीं आएगी। हमने प्रजापति समाज के सम्मान को बढ़ाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा राज्य के गठन से पहले के पट्टेदारों को भूमि का मालिकाना हक देने हेतु हरियाणा ग्राम शामलात भूमि अधिनियम 1961 में संशोधन किया है। पंचायतों व पालिकाओं की भूमि पर 20 वर्षों से अधिक समय से काबिज परिवारों को मालिकाना हक देने का प्रावधान किया है। इसके तहत कोई भी नागरिक कलेक्टर रेट के डेढ़ गुणा मूल्य पर उस भूमि का मालिकाना हक बारे उपायुक्त को आवेदन कर सकता है। उन्होंने कहा कि पी.एम. सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत प्रदेश में 31 मार्च, 2027 तक घरों की छतों पर 2 किलोवाट तक का सोलर सिस्टम लगभग मुफ्त में लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना में अब तक 37,825 सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। अगर किसी को 3 किलोवाट का सोलर सिस्टम लगवाना है तो तीसरे 1 किलोवाट के लिए 18 हजार रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी दी जाती है। पिछले 11 साल में 1 लाख 61 हजार 837 सोलर पंप लगाए हैं। इनमें से 33,553 सोलर पंप पिछले एक साल में लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि दयालु योजना के तहत 1.80 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले 8,299 पात्र परिवारों को 309 करोड़ 67 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। इसके अलावा, गरीब परिवारों की बेटियों की शादी पर ‘मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना’ के तहत 71 हजार रुपये तक शगुन दिया जाता है। किसान कल्याण सरकार की प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने किसान को अपनी नीतियों के केंद्र में रखा है। आज हरियाणा में सभी फसलों की खरीद एम.एस.पी. पर की जाती है। पिछले 11 फसल सीजन में 12 लाख किसानों के खातों में 1 लाख 54 हजार करोड़ रुपये सीधे डाले गए हैं। फसल बेचने के 48 घंटे के भीतर भुगतान हमारी ईमानदार व्यवस्था का उदाहरण है। इसके अलावा, पिछले साल बारिश कम होने से किसानों के आर्थिक बोझ को कम करने के लिए खरीफ फसलों के लिए 2,000 रुपये प्रति एकड़ की दर से बोनस के रुप में कुल 1345 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई। सरकार ने फसल खराब होने पर गत 11 सालों में किसानों को मुआवजे और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अब तक 15 हजार करोड रुपये से अधिक की राशि दी है। उन्होंने कहा कि हरियाणा कृषि भूमि पट्टा विधेयक-2024 पारित करके पट्टेदार किसानों और भूमि मालिकों के बीच विश्वास बहाली का काम किया है। नकली खाद, बीज और कीटनाशक बनाने व बेचने वालों को 5 साल की सजा देने का कानून लागू किया। बागवानी को बढ़ावा देने के लिए हमने भावांतर भरपाई योजना लागू की है। इस योजना के तहत लगभग 30 हजार किसानों को 135 करोड़ 37 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि किसानों के बैंक खातों में डाली गई। गत मानसून सीजन में बाढ़ के कारण घरों, घरेलू सामान और पशुओं की हानि के लिए 2,386 लोगों को मुआवजे के तौर पर 4 करोड़ 72 लाख 6 हजार रुपये की राशि उनके खातों में डाली है। वहीं, प्रदेश के 6,397 गांवों के 5 लाख 37 हजार किसानों ने क्षतिपूर्ति पोर्टल पर 31 लाख एकड़ क्षेत्र का पंजीकरण करवाया है। इस क्षेत्र के सत्यापन का काम जारी है। क्षतिपूर्ति पोर्टल पर आए क्षेत्र का सत्यापन जल्दी करके किसानों को जल्द ही दी जाएगी। हरियाणा का सरकारी नौकरी का ‘भर्ती पारदर्शिता मॉडल’ आज पूरे देश में बन चुका एक मिसाल मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा का युवा ऊर्जा और प्रतिभा से भरा है। उनकी प्रतिभा के सम्मान स्वरूप हम सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया में क्रांतिकारी बदलाव लाए हैं। ग्रुप-सी और ग्रुप-डी की भर्तियों में इंटरव्यू को खत्म किया गया है। आज हमारा युवा सीना ठोककर कहता है कि उसे उसकी योग्यता के आधार पर नौकरी मिली है, किसी की सिफारिश पर नहीं हरियाणा का यह ‘भर्ती पारदर्शिता मॉडल’ आज पूरे देश में एक मिसाल बन चुका है, जिसकी सराहना स्वयं प्रधानमंत्री ने कई बार की है। राज्य सरकार ने 1 लाख

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नायब के नेतृत्व में हरियाणा ने एक साल में भरी विकास की उड़ान

अपनी मुस्कान और मिलनसार शैली से मन मोह लेने वाले नायब सैनी ने केंद्रीय नेतृत्व के आदेश पर पहली बार 12 मार्च 2024 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद अक्टूबर 2024 में चुनाव हुए तो खुद को साबित करके भी दिखाया और आज ही के दिन 17 अक्टूबर 2024 को फिर से मुख्यमंत्री की शपथ ली। इस डेढ़ साल में मुख्यमंत्री नायब ने अपने आपको नायाब साबित करने के साथ-साथ प्रदेश की जनता के सपनों को साकार करने की दिशा में ऐसे-ऐसे कदम उठाए हैं, जो हरियाणा को विकसित हरियाणा की तरफ लेकर जाते दिख रहे हैं। हालांकि विपक्ष उनके खिलाफ हर समय एक झूठा नैरेटिव गढ़ने और उन्हें डमी बताने का घटिया प्रोपगंडा रचता रहता है, लेकिन नायब सैनी ने अपनी खिलखिलाती मुस्कान और अपने सरल स्वभाव से प्रदेश की जनता का दिल और विधानसभा की 48 सीटें जीतकर विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे सारे मिथक तोड़े। तब से लगातार नायब सैनी का फोकस  प्रदेश के विकास पर है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के विजन में हरियाणा की भूमिका को सबसे महत्वपूर्ण बनाने पर है। इसलिए चुनाव के समय संकल्प पत्र के वादों को अब एक-एक कर पूरा करने के साथ साथ ऐसी नई योजनाओं पर भी काम किये जा रहे हैं, जिनसे प्रदेश के गरीब, युवा, महिला और किसान समाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं। विभागीय कार्यों में पारदर्शिता से पर्ची-खर्ची का दौर लगभग पूरी तरह समाप्त हुआ है। आईए, सबसे पहले उन कार्यों पर नजर डालते हैं, जिनसे नायब सरकार जनता का विश्वास जीतने में कामयाब रही है।नायब सैनी मातृभूमि के लिए जान देने वाले शहीदों के परिवारों व उनके आश्रितों का सहारा बनें। स्वतंत्रता सेनानियों व उनकी विधवाओं की पेंशन 25 हजार रुपये से बढ़ाकर 40 हजार की। युद्ध में शहीद सैनिकों के परिवारों के लिए अनुग्रह राशि बढ़ाकर 1 करोड रुपये की। शहीद सैनिकों के परिवारों के 410 आश्रितों को नौकरियां दी हैं। युवाओं को पिछले साढ़े 10 साल में 1 लाख 80 हजार नौकरियां दी हैं. जबकि कांग्रेस 10 साल के राज में मात्र 80 हजार नौकरियां ही दे पाई थी। हाल ही में कॉमन पात्रता परीक्षा में 13 लाख युवाओं ने भाग लिया। इस परीक्षा ने प्रबंधन और पारदर्शिता में नायब सरकार का लोहा मनवाया। कानून बनाकर हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत कार्यरत युवाओं के भविष्य को भी सुक्षित किया। अब इन युवाओं को नियमित कर्मचारियों की तर्ज पर महंगाई भत्ता और वार्षिक इंक्रीमेंट भी दिया जाएगा। किसानों से किए गए वादे की निभाते हुए नायब सैनी सरकार ने सभी 24 फसलों को न केवल एमएसपी पर खरीदना शुरू किया बल्कि सरकार एमएसपी बढ़ाकर दे रही है। अब तक 12 लाख किसानों के खातों में फसल खरीद के 48 हजार करोड़ रुपये भी डाले जा चुके हैं। पिछले साढ़े 10 सालों में किसानों को फसल खराबे के मुआवजे के रूप में 15 हजार 465 करोड़ से अधिक रुपये दिये हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत भी लगभग हजार करोड़ रुपये किसानों के खातों में डाले गए हैं। अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे आबियाने को जड़ से खत्म किया। कृषि भूमि पट्टा एक्ट लागू करके पट्टेदार किसानों और भूमि मालिकों के बीच विश्वास बहाल किया है।गरीब कल्याण के लिए कदम बढ़ाते हुए नायब सरकार ने अनुसूचित जातियों के आरक्षण को दो वर्गों में बांटकर अब तक वंचित रह गए लोगों को उनका अधिकार दिया। पिछड़ा वर्ग की क्रीमिलेयर आय सीमा को 6 लाख से बढ़ाकर 8 लाख रुपये किया है। पिछड़ा वर्ग को पंचायती राज संस्थाओं व शहरी स्थानीय निकायों में आरक्षण दिया है। प्रजापति समाज को मिट्टी के बर्तन का कारोबार चलाने के लिए 1700 गांवों में जमीन दी है। गरीब परिवारों की बेटियों को शादी पर ’मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना’ के तहत 71 हजार रुपये तक शगुन नायब सरकार द्वारा दिया जा रहा है।गरीबों के सिर पर छत उपलब्ध करवाने के लिए ’प्रधानमंत्री आवास योजना’ के तहत 1 लाख 47 हजार मकान दिये जा चुके हैं। गरीब परिवारों को ’मुख्यमंत्री आवास योजना-शहरी’ के तहत 14 शहरों में 15 हजार 256 गरीब परिवारों प्लाट दिए जा चुके हैं। ’मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण’ के तहत 58 ग्राम पंचायतों में 3 हजार 884 प्लाट दिए हैं। इस योजना के दूसरे चरण में 1 लाख 59 हजार परिवारों ने पंजीकरण करवाया है। गांवों में पंचायती भूमि पर बने 500 वर्ग गज तक के मकानों पर काबिज लोगों को मालिकाना हक दिया है।सामाजिक सुरक्षा पेंशन एक हजार रुपये से बढ़ाकर 3 हजार रुपये मासिक की है। नायब सरकार ने ऐसी व्यवस्था की है कि धन के अभाव में कोई भी गरीब इलाज से वंचित नहीं रह सके। ’आयुष्मान भारत-चिरायु योजना के तहत अब तक 22 लाख लोग अपना इलाज मुफ्त करवा चुके हैं। किडनी के रोग से पीड़ित रोगियों के लिए सभी सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में मुफ्त डायलिसिस की सेवाएं शुरू की हैं। प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है तथा 9 अन्य निर्माणाधीन हैं।खेलों का जिक्र होते ही हर हरियाणावासी का सीना चौड़ा हो जाता है। खेल नीति के तहत ओलंपिक पदक विजेता खिलाड़ियों को 6 करोड़ रुपये तक नकद इनाम देने की परम्परा भाजपा सरकार ने ही शुरू की। 19 जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में 50 करोड़ रुपये की लागत से 250 इंडोर जिम खोले गये हैं।संकल्प पत्र में महिलाओं को लाडो लक्ष्मी योजना के तहत 2100 रुपए देने का वादा नायब सैनी ने निभाया। पहले ही चरण में एक लाख रुपए वार्षिक आय तक की 20 लाख से अधिक महिलाओं को ये मिलने लगेंगे। 18 लाख गरीब महिलाओं को  रसोई चलाने के लिए हर महीने केवल 500 रुपये में गैस सिलेंडर दिया जा रहा है। गांवों के विकास में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उन्हें पंचायती राज संस्थाओं में 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व दिया है। बहन बेटियों को उच्च शिक्षा देने के लिए प्रदेश में खोले गये 80 कालेजों में से 30 लड़कियों के हैं। 5 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने की तरफ बढ़ते हुए अब तक 2 लाख 13 हजार महिलाओं को लखपति दीदी बनाया जा चुका है।’ड्रोन दीदी योजना’ में 100 महिलाओं को मुफ्त ड्रोन व प्रशिक्षण दिया जा चुका

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सभी सरकारी अस्पताल आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हो : मुख्यमंत्री

– भवन के मेन्टेन्स से लेकर सफाई व्यवस्था तक सभी कार्य दुरुस्त रखने के दिए निर्देश चंडीगढ़ , 16 अक्तूबर(ईशान टाइम्स )- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी अस्पताल आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होने चाहिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल के भवन आदि की मेन्टेन्स से लेकर सफाई व्यवस्था तक सभी कार्य दुरुस्त रखें। अधिकारी नियमित निरीक्षण करें , सफाई के मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी एवं कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी,  जबकि बेहतर कार्य करने वालों को सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री आज चंडीगढ़ में प्रदेश के लगभग एक दर्जन सरकारी अस्पतालों के मेन्टेन्स तथा सफाई व्यवस्था के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ,मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता ,स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल , लोक निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनुराग अग्रवाल , वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री मोहम्मद शाइन , मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ साकेत कुमार, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री भारत भूषण भारती  तथा श्री विवेक कालिया के अलावा स्वास्थ्य विभाग तथा लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने सरकारी अस्पतालों में चल रहे भवन के मरम्मत , बिजली से संबंधित  कार्य, अस्पताल के रिसेप्शन एवं वार्ड से लेकर जन सुविधाओं तक की साफ़ -सफाई एवं सौंदर्यकरण तथा परिसर को हरा भरा बनाने  संबंधित कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के सभी सरकारी अस्पताल एकदम से साफ और सुंदर हों , इस कार्य के लिए धन की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पतालों में सफाई -कल्चर पर विशेष बल दें।  जो अधिकारी या कर्मचारी स्वच्छता के मामले में लापरवाही बरतेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी जबकि उत्कृष्ट कार्य करने वाले को सम्मानित किया जाएगा।   मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए, इसका विशेष ख्याल रखा जाए। उन्होंने यह भी कहा कि लोक निर्माण विभाग द्वारा भवन आदि की मरम्मत करने के बाद उसके रखरखाव की जिम्मेवारी अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी की है। मुख्यमंत्री ने अस्पताल में पेड़ -पौधों की देखभाल करने , आवश्यकता अनुसार अन्य पौधे लगाने एवं पार्क की व्यवस्था दुरुस्त रखने के भी निर्देश दिए।

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हरियाणा सरकार के एक साल पूरा होने पर रहेगा प्रदेश भर में होंगे कार्यक्रम

17अक्टूबर को सरकार के एक साल पूरा होने पर रहेगा प्रदेश भर में होंगे कार्यक्रम पूरे प्रदेश में जिला स्तर पर जन विश्वास जन विकास समारोह मनाएगी सरकार कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के दूसरे फ़ेज़ में दिए जाएंगे लाभार्थियों को अलॉटमेंट लेटर पंचकूला में राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल कौशिक होंगे मुख्य अतिथि *फरीदाबाद में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल होंगे मुख्य अतिथि अंबाला में कैबिनेट मंत्री अनिल विज, भिवानी में कैबिनेट मंत्री श्रुति चौधरी चरखी दादरी में राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा होंगे मुख्य अतिथि* फतेहाबाद में राज्यसभा सांसद सुभाष बराला, गुरुग्राम में कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह, हिसार में कैबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गँगवा, झज्जर में कैबिनेट राज्यमंत्री राजेश नागर होंगे मौजूद जींद में विधानसभा उपाध्यक्ष कृष्ण मिड्ढा, कैथल में कैबिनेट राज्यमंत्री गौरव गौतम, करनाल में विधानसभा अध्यक्ष हरविंदर कल्याण, कुरुक्षेत्र में राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा रहेंगी उपस्थित महेंद्रगढ़ में सांसद धर्मबीर सिंह, मेवात में कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल , पलवल में केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्ण पाल गुर्जर, सोनीपत में कैबिनेट मंत्री महिपाल ढाँढा, पानीपत में कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार होंगे मुख्य अतिथि रेवाड़ी में कैबिनेट मंत्री कुमारी आरती सिंह राव, रोहतक में कैबिनेट मंत्री अरविंद कुमार शर्मा, सिरसा में कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी और यमुनानगर में कैबिनेट मंत्री श्याम सिंह राणा होंगे मौजूद।

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