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नशे की गिरफ्त में आए युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना प्राथमिकता:नायब सिंह सैनी

*नशे के विरुद्ध संघर्ष में सराहनीय कार्य करने वालों को मिलेगा प्रोत्साहन, लापरवाही बरतने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई – मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी* *हरियाणा में नशे के खिलाफ कार्रवाई होगी और मजबूत, बॉर्डर क्षेत्रों में बढ़ेगी एचएसएनसीबी की ताकत* चंडीगढ़, 27 अक्टूबर(,ईशान टाइम्स) — हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जिन पुलिस थाना क्षेत्रों में नशे के विरुद्ध पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा सराहनीय कार्य किया जा रहा है, उन्हें सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जहां लापरवाही या ढिलाई बरती जा रही है, वहां सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखना चाहिए ताकि अन्य कर्मियों को भी संदेश जाए कि नशे के खिलाफ उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मान मिलेगा, और जहां नशा फैल रहा है वहां कठोर कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज यहां नशा मुक्त भारत अभियान योजना के सम्बन्ध में आयोजित एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। नायब सिंह सैनी ने निर्देश दिए कि नशा मुक्त घोषित गांवों का नियमित पुनर्मूल्यांकन किया जाए और अन्य राज्यों के साथ लगती प्रदेश की सीमा क्षेत्रों में हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की ताकत बढ़ाई जाए। इसके साथ ही विशेषज्ञों  को भी टीम में शामिल कर नशे की आपूर्ति पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को नशे के खिलाफ संयुक्त अभियान को तेज करने, एनफोर्समेंट, डी-एडिक्शन और अवेयरनेस के तीनों पहलुओं पर समान रूप से काम करने और पंचायतों को सक्रिय भागीदार बनाने का निर्देश दिया। नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो अन्य सम्बंधित विभागों के साथ एक व्यापक अभियान चलाकर नशे की गिरफ्त में आए युवाओं की गंभीरता से स्क्रीनिंग सुनिश्चित करे। इस सम्बन्ध में तह तक जाकर पूरी जांच-पड़ताल की जाए। यह पता लगाया जाए कि नशा कहां से और किन स्रोतों से लाया जा रहा है। इस प्रकार नशे की पूरी सप्लाई चैन को पकड़कर उस पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। हमारा उद्देश्य केवल नशे को रोकना नहीं है, बल्कि नशे की गिरफ्त में आए युवाओं को पुनः समाज की मुख्यधारा में जोड़ना है।  उन्होंने कहा कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, सेवा विभाग और स्वास्थ्य विभाग मिलकर नशे के खिलाफ संयुक्त अभियान की मुहीम को और तेज करें जिससे इस बुराई को जड़ से समाप्त किया जा सके। साथ ही, सभी संबंधित विभाग नशे के खिलाफ सशक्त अभियान में पंचायतों की भी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। अच्छा कार्य करने वाली पंचायतों और सरपंचों को सम्मानित किया जाए। सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाएं। *स्टेट प्रगति पोर्टल पर 75 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए समय पर पूरा करने के दिए निर्देश* इसके उपरांत मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्टेट प्रगति पोर्टल पर 75 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली विभिन्न 7 परियोजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी बैठक में ऐसे विभागों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाए, जिनकी परियोजनाएं अंतर-विभागीय  मुद्दों के कारण समय पर पूर्ण नहीं हो पा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी बैठकों में संबंधित विभागों की उपस्थिति से इन समस्याओं का तत्काल समाधान किया जा सकेगा, जिससे परियोजनाएं समय पर पूरी हों और नागरिकों को उनका लाभ शीघ्र मिल सके। मुख्यमंत्री ने हिसार जिले में मिर्जापुर रोड से राष्ट्रीय राजमार्ग-9 को राष्ट्रीय राजमार्ग-52 से जोड़ने वाली चार लेन सड़क, बुढलाडा–रतिया–फतेहाबाद–भट्टू–भादरा सड़क निर्माण, घोगरीपुर से हरियाणा-दिल्ली सीमा तक दो लेन वाली रिलीफ रोड के निर्माण, नोएडा से फरीदाबाद होते हुए गुरुग्राम तक मास्टर रोड के निर्माण, पश्चिमी फरीदाबाद से पूर्वी फरीदाबाद तक निर्बाध संपर्क प्रदान करने वाली दो लिंक सड़कों के निर्माण, गुरुग्राम में नए न्यायिक परिसर (टॉवर ऑफ जस्टिस) तथा फतेहाबाद सेक्टर-9 में 200 बिस्तरों वाले अस्पताल के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि ये सभी महत्वपूर्ण परियोजनाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण की जाएं ताकि प्रदेश के विकास कार्यों की गति और तेज हो सके। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह विभाग डॉ. सुमित्रा मिश्रा, अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यावरण विभाग विनीत गर्ग, अतिरिक्त मुख्य सचिव सेवा विभाग जी अनुपमा, अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा विभाग अपूर्व कुमार सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव लोक निर्माण विभाग अनुराग, अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक संजय कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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परंपरा और प्रौद्योगिकी का संगम है नया भारत

– डॉ. मयंक चतुर्वेदी साल 2025 का भारत आर्थिक आत्मविश्वास और अर्जित सम्मान की नई ऊंचाइयों पर खड़ा है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, अमेरिकी टैरिफ और पश्चिमी दबावों जैसी चुनौतियों के बीच भी भारत ने अपनी विकास दर को स्थिर रखा है। साथ ही समावेशी और टिकाऊ विकास का उदाहरण भी पेश किया है। कहना होगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत आत्मनिर्भरता और आधुनिकता के संगम से एक नई आर्थिक पहचान गढ़ रहा है। सरकारी नीतियों की स्थिरता, जनकल्याण की निरंतरता और निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी ने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है। वस्‍तुत: अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों; आईएमएफ, विश्व बैंक और एशियन डेवलपमेंट बैंक की रिपोर्टों के अनुसार, भारत 2025 में लगभग 6.5 प्रतिशत की दर से आर्थिक वृद्धि दर्ज कर रहा है, जो वैश्विक औसत 3.2 प्रतिशत से लगभग दुगुनी और चीन की 4.8 प्रतिशत दर से भी अधिक है। भारत की कुल जीडीपी अब 4.3 ट्रिलियन डॉलर यानी 357 ट्रिलियन रुपये से अधिक हो चुकी है, जिससे वह अमेरिका और चीन के बाद दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित हो गया है। इस उपलब्धि के पीछे सरकार की पूंजीगत व्यय में ऐतिहासिक वृद्धि, सेवा क्षेत्र की तेजी, मजबूत घरेलू खपत और डिजिटल ढांचे का व्यापक विस्तार जैसे कारक हैं। रेलवे, सड़क, बंदरगाह, हरित ऊर्जा और रक्षा निर्माण में बढ़ते निवेश ने भारत की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती प्रदान की है। हमारे लिए यह गौरवपूर्ण बात हो सकती है कि अमेरिकी प्रशासन द्वारा भारतीय उत्पादों पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने के बाद भी निर्यातकों ने अद्भुत लचीलापन दिखाया। अप्रैल से सितंबर 2025 के बीच भारत का कुल निर्यात (वस्तु और सेवा मिलाकर) 413 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के 396 बिलियन डॉलर की तुलना में 4.45 प्रतिशत अधिक है। यह इस बात का प्रमाण है कि भारत वैश्विक संकटों के प्रभाव से उबरने में सक्षम है। मोदी सरकार ने कठिन परिस्थितियों में भी ऊर्जा नीति को राष्ट्रहित में रखा हुआ है। जैसा कि देखने में भी आया, रूस जैसे वैकल्पिक स्रोतों से सस्ते तेल आयात जारी रखकर औद्योगिक लागत को नियंत्रण में रख पाने में सरकार सफल रही है। घरेलू बाजार में त्योहारी सीजन के दौरान जबरदस्त उछाल रहा, दिवाली 2025 पर देश भर में रिकॉर्ड 6.05 लाख करोड़ रुपये का कारोबार हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक है। इससे यह स्पष्ट हुआ कि भारतीय उपभोक्ता का विश्वास अपनी अर्थव्यवस्था पर मजबूत बना हुआ है। यह भी हमारे लिए गौरव की बात है कि 87 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान भाग लेकर स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दी। धनतेरस पर एक ही दिन में एक लाख से अधिक चारपहिया वाहनों की बिक्री हुई, जिनमें प्रमुख रूप से भारतीय और भारत में निर्मित ब्रांड्स-टाटा, महिंद्रा, मारुति और हुंडई का दबदबा दिखा। यह दृश्य बताता है कि हमारी क्रय शक्ति लगातार बढ़ रही है। जिसमें कि आत्मनिर्भर भारत के प्रति समाज का भावनात्मक जुड़ाव भी है। स्वदेशी कंपनियों की सफलता की कहानियाँ अब वैश्विक स्तर पर चर्चा में हैं। ऑटोमोबाइल, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, एफएमसीजी और खुदरा क्षेत्र में भारतीय कंपनियाँ विदेशी ब्रांड्स को कड़ी टक्कर दे रही हैं। मोबाइल निर्माण के क्षेत्र में भारत अब 300 से अधिक उत्पादन इकाइयों के साथ विश्व का प्रमुख केंद्र बन चुका है। 2025 के पहले पाँच महीनों में ही देश में आईफोन के उत्पादन का मूल्य 10 बिलियन डॉलर पार कर गया। टाटा, महिंद्रा, बजाज और मारुति जैसे ब्रांड्स लगातार बाजार में अग्रणी हैं, जबकि एफएमसीजी और खुदरा क्षेत्र में डाबर, पतंजलि, आईटीसी, रिलायंस रिटेल और गोदरेज जैसी कंपनियों ने मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। ग्रामीण और शहरी दोनों बाजारों में स्थानीय उत्पादों की खपत बढ़ने से अपार नए रोजगार में वृद्धि दिख रही है। ऐसे में सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं भी ध्‍यान में आती हैं।  इस वर्ष में मोदी सरकार की दस प्रमुख योजनाओं ने गरीब, किसान, महिला, युवा और बुजुर्ग सभी वर्गों को सशक्त किया है। पीएम सूर्य घर योजना के तहत लाखों घरों में सौर ऊर्जा से मुफ्त बिजली मिल रही है। आयुष्मान भारत योजना से 50 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त इलाज का लाभ मिला है। जन-धन योजना के माध्यम से अब तक 52 करोड़ से अधिक खाते खुले हैं, जिससे वित्‍तीय समावेशन को वैश्विक स्तर पर मिसाल माना जा रहा है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना ने 80 करोड़ से अधिक नागरिकों को मुफ्त अनाज उपलब्ध कराया जा रहा है। आवास योजना में अब तक चार करोड़ से ज्यादा घरों का निर्माण हो चुका है। स्वच्छ भारत मिशन ने ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जीवनस्तर को सुधारा है, और कौशल विकास योजनाओं ने युवाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है। वृद्धावस्था पेंशन और अंत्योदय अन्न योजना जैसे कार्यक्रमों ने कमजोर तबकों को सुरक्षा कवच दिया है। विदेशी निवेश के क्षेत्र में भी भारत का प्रदर्शन उल्लेखनीय दिखता है। वित्‍त वर्ष 2024-25 में भारत में रिकॉर्ड 81 बिलियन डॉलर का एफडीआई आया, जो अब तक का सर्वाधिक है। यह निवेश सेवा, मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में हुआ, जिससे लाखों नए रोजगार बने। ‘मेक इन इंडिया’ और ‘पीएलआई’ योजनाओं ने एपल, फॉक्‍सकॉन, सेमसंग और माइक्रोन जैसी वैश्विक कंपनियों को भारत में उत्पादन इकाइयाँ स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम अब विश्व का तीसरा सबसे बड़ा बन चुका है, जहाँ सौ से अधिक यूनिकॉर्न्स सक्रिय हैं जोकि नवाचार के नए द्वार खोल रहे हैं। इसी तरह से आज कृषि, सेवा और औद्योगिक क्षेत्र तीनों ही मोर्चों पर संतुलित प्रगति दिखाई दे रही है। कृषि में 2025 में 3.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की जा चुकी है। ड्रोन, जैविक खेती, मृदा स्वास्थ्य कार्ड और ई-नाम प्लेटफॉर्म के कारण उत्पादकता में वृद्धि और किसानों की आय में सुधार हुआ है। सेवा क्षेत्र देश की जीडीपी में 55 प्रतिशत का योगदान दे रहा है, जबकि आईटी, टेलीकॉम और वित्‍तीय सेवाओं में तीव्र विकास ने भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ाया है। औद्योगिक क्षेत्र में नवाचार और अनुसंधान आधारित उत्पादन को बल मिला है और हाल के महीनों में आईपीओ बाजार में जुटाई गई पूंजी ने निवेशकों के भरोसे को नई ऊंचाई दी है। 2025

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अधिकारियों कर्मचारियों ने ओपन जिम के नाम पर किया 50लाख का घोटाला

भदोही के “अधिकारियों” ने ‘ओपन जिम’ के नाम पर किया 50 लाख का “घोटाला”,अब जांच कौन करेगा सरकार! भदोही(उत्तरप्रदेश):इंद्र यादव । भदोही में नगर पालिका ने एक बार फिर सुर्खियां बटोरीं, लेकिन इस बार विकास के नाम पर नहीं, बल्कि घोटाले और लापरवाही के लिए। ‘ओपन जिम’ के नाम पर 50 लाख रुपये की सरकारी राशि हवा में उड़ा दी गई, और अब सवाल उठता है—जांच कौन करेगा? जवाब ढूंढने में शायद जितना समय लगे, उतने में नगर पालिका कोई नया ‘विकास’ का नमूना पेश कर दे! नगर पालिका भदोही ने एक ऐसी जमीन पर ओपन जिम बनवाया, जिसका स्वामित्व पहले से ही अदालत में उलझा हुआ था। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पालिका को इस विवाद की पूरी जानकारी थी, फिर भी आंखें मूंदकर लाखों रुपये खर्च कर दिए गए। यह कोई विकास कार्य नहीं, बल्कि कमीशनखोरी का सुनहरा अवसर था, जिसे भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई। और जब बात खुली, तो सरकार का बुलडोजर चल गया—वही बुलडोजर, जो आमतौर पर अवैध निर्माण ढहाने के लिए जाना जाता है, इस बार सरकारी ‘उपलब्धि’ को ध्वस्त करने में जुट गया। जब मीडिया ने नगर अधिशासी अधिकारी धर्मराज सिंह से सवाल पूछने की कोशिश की, तो वे सवालों से बचते हुए ‘भागम-भाग’ मोड में नजर आए। शायद उन्हें लगा कि सवालों का जवाब देने से बेहतर है, दौड़ने की प्रैक्टिस कर ली जाए—आखिर ओपन जिम तो बन नहीं पाया! स्थानीय लोगों ने इसे नगर पालिका की लापरवाही और भ्रष्टाचार का जीता-जागता सबूत बताया। स्थानीय निवासियों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। उनका कहना है कि अगर नगर पालिका को विवादित जमीन की जानकारी थी, तो आखिर इतना बड़ा निर्माण क्यों शुरू किया गया? क्या यह सब सिर्फ कमीशन के चक्कर में किया गया? 50 लाख रुपये की बर्बादी का जिम्मेदार कौन है? जनता की मांग है कि इस घोटाले की गहराई तक जांच हो और दोषी अधिकारियों—खासकर चेयरमैन और अधिशासी अधिकारी—से इस राशि की वसूली की जाए। यहां यह बताना जरूरी है कि सीआरएस न्यूज़ ने इस घोटाले के खिलाफ शुरू से आवाज उठाई थी। लेकिन नगर पालिका के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। अब जब बुलडोजर ने ओपन जिम को ध्वस्त कर दिया, तो सवाल उठता है—क्या यह पैसा सिर्फ दिखावे के लिए खर्च किया गया? या फिर यह भदोही नगर पालिका में चल रही ‘बंदरबांट’ का एक और नमूना है! भदोही की जनता अब प्रशासन से जवाब मांग रही है। लोग चाहते हैं कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। साथ ही, यह सवाल भी उठ रहा है कि जब सरकारी योजनाओं पर ही बुलडोजर चल रहा है, तो जनता का भरोसा कैसे बनेगा? शायद भदोही नगर पालिका को अब ‘ओपन जिम’ की जगह ‘ओपन जवाबदेही’ की योजना पर काम करना चाहिए। अंत में, एक सुझाव—अगली बार अगर नगर पालिका को कोई ‘विकास’ करना हो, तो पहले जमीन का मालिकाना हक तो जांच लें, वरना बुलडोजर फिर तैयार रहेगा, और जनता के सवालों का जवाब देने के लिए कोई नया ‘धर्मराज’ ढूंढना पड़ेगा!

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महाराष्ट्र सरकार पर बलात्कार का “कलंक” ,सॉफ्टवेयर इंजीनियर गिरफ्तार, सब-इंस्पेक्टर पर दुष्कर्म का आरोप !

सतारा,महाराष्ट्र( इंद्र कुमार यादव ) के सतारा जिले से निकली एक दिल दहला देने वाली खबर ने न सिर्फ समाज को झकझोर दिया है, बल्कि राज्य सरकार की महिलाओं की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था पर भी काला धब्बा लगा दिया है। फलटण उप-जिला अस्पताल में चिकित्सा अधिकारी के रूप में सेवा दे रही 28 वर्षीय महिला डॉक्टर की होटल के कमरे में फंदे से लटकी लाश मिली—एक सुसाइड नोट के साथ, जो सीधे-सीधे सरकार की नाकामी की पोल खोलता है। नोट में नामित दो आरोपी—सब-इंस्पेक्टर गोपाल बदाने और सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रशांत बांकर—न केवल व्यक्तिगत अपराधी हैं, बल्कि वे उस सड़ांध भरी व्यवस्था के प्रतीक हैं, जिसे महाराष्ट्र सरकार वर्षों से सुधारने का दावा करती आ रही है। यह घटना कोई संयोग नहीं, बल्कि सरकार की उदासीनता का खुला प्रमाण है! मूल घटना की बात करें तो, डॉक्टर ने अपने सुसाइड नोट में साफ-साफ लिखा कि पिछले पांच महीनों से सब-इंस्पेक्टर गोपाल बदाने द्वारा बार-बार यौन शोषण और सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रशांत बांकर (उनके मकान मालिक के बेटे) द्वारा मानसिक प्रताड़ना ने उन्हें तोड़ दिया। पुलिस ने आखिरकार कार्रवाई की—बांकर को पुणे से गिरफ्तार किया गया, बदाने को निलंबित कर दिया गया, और दोनों के खिलाफ दुष्कर्म व आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज हुआ। लेकिन सवाल वही पुराना: यह कार्रवाई क्यों मौत के बाद? सतारा की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैशाली कडुस्कर का बयान—”अगर शिकायत पर तुरंत कार्रवाई हुई होती, तो यह हादसा टाला जा सकता था”—तो सीधे सरकार को आईना दिखाता है। क्या यह स्वीकारोक्ति नहीं कि खाकी यूनिफॉर्म पहने लोग ही अपराधी बनकर घूम रहे हैं, और सरकार उन्हें संरक्षण दे रही है? महाराष्ट्र सरकार पर यह प्रहार इसलिए जरूरी है क्योंकि यह घटना राज्य की महिलाओं की सुरक्षा नीतियों की पोल खोलती है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सरकार “महिला सशक्तिकरण” का ढोल पीटती है, लेकिन हकीकत में POSH (Prevention of Sexual Harassment) कानून का पालन अस्पतालों और सरकारी कार्यालयों में कागजों तक सीमित है। फलटण जैसे छोटे उप-जिले में एक डॉक्टर—जो खुद दूसरों की जान बचाती थी—अपनी पीड़ा साझा करने के लिए कोई सुरक्षित मंच नहीं ढूंढ पाई। क्यों। क्योंकि सरकार ने पुलिस विभाग में आंतरिक शिकायत तंत्र को मजबूत नहीं किया। क्यों सब-इंस्पेक्टर जैसे अधिकारी बिना डर के अपराध कर सकते हैं? क्योंकि सरकार की “शून्य सहनशीलता” नीति सिर्फ चुनावी जुमला साबित हो रही है।और बात अगर व्यापक हो, तो महाराष्ट्र में महिलाओं पर अपराधों का आंकड़ा चीख-चीखकर सरकार को जगाने की कोशिश कर रहा है। सतारा जैसी घटना इस आंकड़े का जीता-जागता प्रमाण है। डॉक्टर समुदाय का आक्रोश सही है—वे POSH कानून को सख्ती से लागू करने की मांग कर रहे हैं, और चेतावनी दे रहे हैं कि न्याय न मिला तो आंदोलन तेज होगा। लेकिन सरकार क्या कर रही है। बस बयानबाजी! स्वास्थ्य मंत्री या गृह विभाग से कोई ठोस कदम।नामुमकिन! यह उदासीनता न केवल एक डॉक्टर की मौत का कारण बनी, बल्कि पूरे चिकित्सा तंत्र में महिलाओं के लिए असुरक्षा का संदेश दे रही है। क्या सरकार यह स्वीकार करेगी कि उनकी नीतियां महिलाओं को “सुरक्षित” बनाने के बजाय उन्हें “शिकार” बनाने में सहायक सिद्ध हो रही हैं। यह त्रासदी केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे महाराष्ट्र की महिलाओं के लिए खतरे की घंटी है। सरकार को अब जागना होगा—नहीं तो यह “खाकी पर बलात्कार का कलंक” पूरे प्रशासन पर फैल जाएगा। मांग है। सरकार को चाहिए कि पुलिस सुधारों को तुरंत लागू करें, ताकि आरोपी अधिकारी बिना देरी के सलाखों के पीछे पहुंचें। कार्यस्थलों पर POSH कमिटी को सक्रिय बनाएं, और शिकायतों की गोपनीय जांच सुनिश्चित करें। महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य के लिए हेल्पलाइन और काउंसलिंग को मजबूत करें, न कि कागजी कार्रवाई तक सीमित रखें। महाराष्ट्र सरकार, अगर आप वाकई “महिला सम्मान” की बात करती हैं, तो इस मामले में न्याय सुनिश्चित करें—नहीं तो इतिहास आपको एक ऐसी सरकार के रूप में याद रखेगा, जिसने एक डॉक्टर की चीख को अनसुना कर दिया। समय आ गया है कि सिस्टम को संवेदनशील बनाएं, वरना अगली त्रासदी आपकी जिम्मेदारी पर होगी!

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मोहाली में होगा भव्य छठ महापर्व, श्रद्धालुओं के लिए की जा रही विशेष व्यवस्था

सूर्य उपासना का पर्व — मोहाली में 27 से 28 अक्टूबर तक मनाया जाएगा छठ महापर्व आस्था का संगम: मोहाली में छठ पूजा मनाने की तैयारियाँ जोरों पर श्री रामलीला एवं दशहरा कमेटी, फेज़-1 मोहाली द्वारा छठ महापर्व की तैयारियाँ शुरू मोहाली, 25 अक्तूबर( बीना देवी , ईशान टाइम्स)— श्री रामलीला एवं दशहरा कमेटी, फेज़-1, मोहाली की आज एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगामी छठ महापर्व को लेकर तैयारियों पर चर्चा की गई। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी 27 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक छठ पूजा का भव्य आयोजन किया जाएगा। कमेटी के प्रधान आशु सूद ने बताया कि छठ महापर्व आस्था, शुद्धता और लोक संस्कृति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि श्री रामलीला एवं दशहरा कमेटी न केवल रामलीला मंचन तक सीमित रहती है, बल्कि वर्षभर विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों के माध्यम से समाज में एकता और सद्भाव का संदेश देती है। उन्होंने यह भी बताया कि समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए विशेष छठ घाट की व्यवस्था की जा रही है, जहाँ स्वच्छता, सुरक्षा और सभी आवश्यक सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाएगा। कमेटी ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपने परिवार सहित यहाँ आयोजित छठ पूजा में शामिल हों और सामूहिक रूप से सूर्य देव की आराधना का पुण्य लाभ प्राप्त करें। आज की बैठक में सिकंदर राणा, दिनेश, प्रदीप, पुनीत, प्रिंस मिश्रा, जसबीर सिंह और अमित वर्मा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने आयोजन को सफल बनाने के लिए अपने-अपने सुझाव दिए और सहयोग का आश्वासन दिया।

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संस्कारवान समाज निर्माण के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत — उपायुक्त

31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर पंचकूलावासी ‘रन फॉर यूनिटी’ में भाग लेकर राष्ट्रीय एकता का देंगे संदेश श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर 11 नवंबर को पिंजौर से शुरू होगी यात्रा यात्रा का उद्देश्य महान गुरु द्वारा प्रतिपादित शांति, त्याग और सांप्रदायिक सद्भाव के शाश्वत संदेश को जन-जन तक पहुँचाना — उपायुक्त पंचकूला अक्टूबर 25 (ईशान टाइम्स)।: उपायुक्त श्री सतपाल शर्मा ने कहा की हरियाणा सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के मान-सम्मान को ध्यान में रखते हुए भावी पीढ़ी में संस्कारों का समावेश करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी उद्देश्य से सरकार द्वारा विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से जनता को जागृत किया जा रहा है। महान विभूतियों की जयंती और शहादत दिवसों को श्रद्धा व उत्साह के साथ मनाकर युवाओं को उनके आदर्शों और मूल्यों को आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उपायुक्त ने इसी श्रृंखला में नवंबर माह में आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों के सफल आयोजन के लिए संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया की लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में हर वर्ष की तरह इस बार भी 31 अक्टूबर को जिले में “रन फॉर यूनिटी” कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर पंचकूला निवासी देश की एकता और अखंडता का संकल्प लेते हुए ‘रन फॉर यूनिटी’ में भाग लेंगे। इस दौड़ में स्कूल और कॉलेजों के विद्यार्थी, खिलाड़ी, वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं तथा आमजन उत्साहपूर्वक भाग लेकर समाज में एकता और भाईचारे का संदेश देंगे। उन्होंने बताया कि यह दौड़ राष्ट्रीय एकता का प्रतीक होगी, जिसमें प्रतिभागी अपने हाथों में तिरंगा ध्वज लेकर देशभक्ति के जोश और उत्साह के साथ दौड़ लगाएंगे। साथ ही, सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में केंद्र सरकार द्वारा 31 अक्टूबर से 25 नवंबर तक देशभर में जिला स्तरीय पदयात्राओं का भी आयोजन किया जाएगा। उन्होंने इस पदयात्रा को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक तैयारियाँ समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए , ताकि कार्यक्रम का सफल और भव्य आयोजन सुनिश्चित किया जा सके। इससे पहले, मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सरकार द्वारा आयोजित किए जाने वाले जागरूकता कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा की और प्रदेश के सभी जिलों के उपायुक्तों एवं संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए । मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी कार्यक्रमों का आयोजन पूर्ण श्रद्धा, सम्मान और गरिमापूर्ण ढंग से किया जाए। उपायुक्त ने बताया कि प्रदेश स्तर पर निर्धारित कार्यक्रमों के तहत जिला पंचकूला में भी श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। हरियाणा सरकार ने श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में राज्यभर में यात्राएँ आयोजित करने का निर्णय लिया है। इन यात्राओं का उद्देश्य महान गुरु द्वारा प्रसारित शांति, त्याग और सांप्रदायिक सद्भाव के शाश्वत संदेश का जन-जन तक प्रसार करना है। राज्य के विभिन्न जिलों से चार यात्राएँ प्रारंभ होंगी, जो 24 नवंबर को कुरुक्षेत्र में आकर संपन्न होंगी। यह यात्राएँ गुरु तेग बहादुर जी से संबंधित ऐतिहासिक स्थलों से होकर गुजरेगी ताकि अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। इसी क्रम में 11 नवंबर को पिंजौर से एक यात्रा प्रारंभ की जाएगी। उपायुक्त श्री सतपाल शर्मा ने बताया कि देश के राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में व्यापक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 7 नवंबर 1875 को वंदे मातरम गीत की रचना की गई थी। इस ऐतिहासिक अवसर को यादगार बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा वर्षभर चलने वाले कार्यक्रम चार चरणों में आयोजित किए जाएंगे, जिनकी शुरुआत 7 नवंबर 2025 से होगी। उन्होंने बताया कि पहला चरण 7 नवंबर से 14 नवंबर 2025 तक, दूसरा चरण 19 जनवरी से 26 जनवरी 2026 तक, तीसरा चरण 7 अगस्त से 15 अगस्त 2026 तक तथा चौथा और अंतिम चरण 1 नवंबर से 7 नवंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर नगराधीश जागृति, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी श्री विशाल पराशर, डीएफएससी नीतीश सिंगला, जिला खेल अधिकारी नीलकमल, जिला शिक्षा अधिकारी संध्या मलिक सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे ।

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पत्रकारों को मिलेगी सुरक्षा- पुलिस कमिश्नर

मृतक पत्रकार के बच्चे की पढ़ाई और सरकारी योजनाओं से होगी मदद- जिलाधिकारी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब ने पत्रकारों हमले से आक्रोश प्रतिनिधिमंडल ने हत्या के आरोपियों को जल्द सजा दिलाने की मांगशोक सभा में मृतक पत्रकार को दी गई श्रद्धांजलि प्रयागराज(ईशान टाइम्स)। जिले में पत्रकारों की सुरक्षा व्यवस्था का पुलिस कमिश्नर ने आश्वासन दिया साथ ही जिलाधिकारी में मृतक पत्रकार के परिजनों को ज्यादा से ज्यादा सहायता दिलाने का भी वादा भी किया।सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में गुरुवार की रात पत्रकार एल.एन. सिंह उर्फ पप्पू की धारदार हथियार से की गई निर्मम हत्या ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। पत्रकारों की सुरक्षा और अन्य मांगों को लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब का एक प्रतिनिधि मंडल संयोजक वीरेन्द्र पाठक की अगुवाई में जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र सिंह से मिला। पुलिस कमिश्नर नेपत्रकारों की सुरक्षा का आश्वासन दिया साथ ही आगे ऐसी घटनाएं न घाटी इसके लिए पूरा प्रयास किए जाने की बात कही। दूसरी तरफ जिलाधिकारी ने मृतक परिवार को सरकारी सहायता के अलावा बच्चों की शिक्षा आदि व्यवस्था किए जाने की बात कही उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन की नीतियों के तहत ज्यादा से ज्यादा सहायता परिवार को दी जाएगी।प्रयागराज के सबसे पॉश इलाके में हुई इस सनसनीखेज वारदात ने न केवल कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं, बल्कि पत्रकारिता जगत में गहरा आक्रोश और शोक की लहर दौड़ गई है। घटना के बाद शुक्रवार की सुबह इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब की एक आपात बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता क्लब के संयोजक वीरेंद्र पाठक ने की। बैठक में शहर के वरिष्ठ, युवा और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े पत्रकारों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। बैठक के दौरान सभी पत्रकारों ने एक स्वर में मृतक पत्रकार को न्याय दिलाने की मांग की और शासन-प्रशासन से सख्त कार्रवाई की अपील की।मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाए ताकि पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय मिल सके। मृतक पत्रकार के परिजनों को शासन की ओर से उचित आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। घटना स्थल से अस्पताल तक ले जाने में हुई देरी की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए। बैठक में पत्रकारों ने घटना पर गहन चर्चा करते हुए चार प्रमुख बिंदुओं पर सर्वसम्मति व्यक्त की — पत्रकार एल.एन. सिंह हत्याकांड की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। इसी क्रम में शुक्रवार को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया क्लब से जुड़े पत्रकारों का एक प्रतिनिधिमंडल पुलिस कमिश्नर प्रयागराज जोगिंदर कुमार और जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा से मिला। पत्रकारों ने दोनों अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि शासन मृतक पत्रकार के परिवार को समुचित आर्थिक सहायता दे तथा हत्याकांड की गहन जांच कर शीघ्र पर्दाफाश किया जाए। पत्रकारों ने कहा कि शासन द्वारा पत्रकारों की सहायता के लिए निर्धारित राशि बेहद कम है, जिसे बढ़ाया जाना चाहिए ताकि दिवंगत पत्रकारों के परिवार को वास्तविक राहत मिल सके। अधिकारियों ने पत्रकारों को आश्वासन दिया कि मृतक पत्रकार के परिजनों को हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी और इस जघन्य हत्याकांड के पीछे के कारणों का शीघ्र खुलासा किया जाएगा। पत्रकारों ने प्रयागराज पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना भी की। पुलिस ने घटना के अगले ही दिन मुख्य आरोपी को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया था, जिसके पैर में तीन गोलियां लगीं। अब पत्रकारों ने हत्याकांड में शामिल अन्य सहयोगियों की भी गिरफ्तारी की मांग की है, ताकि पूरे प्रकरण का सच सामने आ सके। बैठक व प्रतिनिधिमंडल में वीरेंद्र पाठक, अनुपम शुक्ल राजेन्द्र गुप्ता, दिनेश तिवारी, मो आमिर, कुलदीप शुक्ला, नीतेश सोनी, शैलेश कुमार, आरव भारद्वाज, गगन सिंह, विकास मिश्रा, विनीत शेट्टी, पवन मिश्रा, शमशाद अहमद, मोहम्मद अनवर खान, पवन उपाध्याय, इमरान यूसुफी, पंकज गुप्ता, प्रवीण मिश्रा, सलमान अहमद, तारकेश्वर नाथ पांडे, धीरज कुमार, दिव्यांश पांडे, जिया सिद्दीकी, जैदुल्लाह, मनोज कुमार, अभिनव केसरवानी, फरहान अली, भेलचंद्र पांडे, संजीव मिश्रा आयुष श्रीवास्तव , रचना त्रिवेदी , मोहम्मद आरिज, पवन पटेल, पवन पाल, मोहम्मद लइक, सौरभ , शकील एहमद , आशीष भट, संतोष सिंह श्यामू कुशवाहा , सहित अनेक मीडिया कर्मी बैठक और प्रतिनिधि मंडल में शामिल रहे।

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हरियाणा बनेगा औद्योगिक विकास की धुरी : राव नरबीर सिंह

प्रदेश में 10 नए औद्योगिक मॉडल टाउनशिप स्थापित करने की तैयारी, गुरुग्राम में होगा ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट चंडीगढ़, 25 अक्तूबर(ईशान टाइम्स)— हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि दुनिया का कोई भी देश उद्योगों के बिना विकसित नहीं बन सकता। कृषि प्रधान हरियाणा को औद्योगिक विकास की नई पहचान देने के लिए राज्य सरकार ने आने वाले पांच वर्षों की विस्तृत औद्योगिक रूपरेखा तैयार की है, जिसके तहत 10 नए औद्योगिक मॉडल टाउनशिप (IMTs) विकसित किए जाएंगे। इनमें से दो गुरुग्राम के आसपास स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही, अप्रवासी भारतीय दिवस के अवसर पर गुरुग्राम में “ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट” का आयोजन किया जाएगा, जिसमें विश्वभर के निवेशकों को हरियाणा में उद्योग लगाने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। गुरुग्राम बनेगा “लघु विश्व”, औद्योगिक और पर्यावरणीय विकास का मॉडल शहर उद्योग मंत्री ने कहा कि गुरुग्राम अब ग्लोबल सिटी का रूप ले चुका है, जहां लघु भारत ही नहीं बल्कि लघु विश्व की झलक दिखाई देती है। हमारा उद्देश्य है कि यह शहर औद्योगिक विकास और पर्यावरणीय संतुलन का आदर्श उदाहरण बने। इसके लिए “हरित गुरुग्राम अभियान” के तहत बड़ी औद्योगिक कंपनियों से CSR फंड के माध्यम से सहयोग लिया जाएगा। हाइटेक नर्सरियों से सजेगा गुरुग्राम और सोहना राव नरबीर ने कहा कि वन विभाग ने गुरुग्राम और सोहना की सभी नर्सरियों को आदर्श हाइटेक नर्सरी के रूप में विकसित करने की योजना तैयार की है। इनमें ऐसे पौधे तैयार किए जाएंगे जिन्हें एक-दो वर्ष बाद शहर के विभिन्न हिस्सों में रोपा जा सके। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत की आधुनिक नर्सरियों का अध्ययन कर हरियाणा में वैसी ही मॉडर्न नर्सरियों को विकसित किया जाएगा। नए उद्यमों को मिलेगा बढ़ावा — पीएमईजीपी से 5064 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत उद्योग मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) को और अधिक सक्रियता से लागू किया जाए ताकि नए उद्यमों को ऋण के रूप में वित्तीय सहायता मिल सके। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 761 से अधिक मामलों को मंजूरी दी गई है और बैंकों के माध्यम से अब तक कुल लगभग 5064.40 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत किया जा चुका है। कृषि और उद्योग — विकास के दो पूरक स्तंभ राव नरबीर ने कहा कि हरियाणा हरित क्रांति का अग्रदूत रहा है, और अब समय है कि राज्य औद्योगिक क्रांति का प्रतीक बने। उन्होंने कहा कि उद्योग और कृषि एक-दूसरे के पूरक हैं, इसलिए दोनों क्षेत्रों को समान गति से आगे बढ़ाया जा रहा है। राज्य में सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण (PMFME) योजना के तहत 1300 से अधिक आवेदन स्वीकृत किए गए हैं, जिससे खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को भी प्रोत्साहन मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे।

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हरियाणा में विकास नहीं जंगलराज है, तेजी से बढ़ रहे है अपराध और भाजपा सरकार सो रही है: कुमारी सैलजा

चंडीगढ़, 25 अक्तूबर(ईशान टाइम्स)। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार भने ही विकास राज की बात कर रही है पर हकीकत से हैै प्रदेश में जंगलराज है। सरकार की अधिकारी नहीं सुन रहे है, अधिकारी जनता की नहीं सुन रहे है। अपराधियों को खाकी का कोई डर नहीं है, प्रदेश में रोजाना हत्याएं, लूट, डकैती, अपहरण, बलात्कार जैसे वारदातें सरेआम हो रही है। सारे अपराधों की जड़ नशे का धंधा आज भी फल फूल रहा है। रोज नशे से मौत हो रही है। सिरसा में तो युवाओं की जिंदगी से नशा तस्कर खिलवाड़ कर रहे हैं। मीडिया को जारी बयान में सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा में सरकार चल नहीं रही, बल्कि सोई हुई है। केंद्र सरकार की सोशल प्रोग्रेस इंडेक्स (एसपीआई) रिपोर्ट में हरियाणा देश के सबसे असुरक्षित राज्यों में शामिल है। प्रदेश में अपराध बड़ी तेजी के साथ बढ़ते जा रहे हैं और अपराधी बेखौफ हैं। कुमारी सैलजा ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार का ध्यान अपराध रोकने पर नहीं है और पुलिस पर सरकार का कोई अंकुश नहीं रह गया, जिस कारण अपराधी निरंकुश हो चुके हैं। जब जनता शोर मचाती है तो मुख्यमंत्री, मंत्री और विधायक दावा करते है कि अपराध नियंत्रण में है अगर कोई कानून तोड़ेगा तो उसे छोड़ा नहीं जाएगा। प्रदेश के हालात ये है कि रोजाना हत्याएं, लूट, डकैती, अपहरण, बलात्कार जैसे वारदातें सरेआम हो रही है। सोनीपत के खरखौदा में दिनदहाड़े कल सरेआम 12 गोलियां मारकर पिता पुत्र की हत्याएं कर दी गई और पुलिस बाद में पहले की तरह लकीर पीटने में लगे रही। इतना ही नहीं प्रदेश में रोजाना काफी लोग लापता हो रहे है, उनका आंकड़ा बहुत चिंताजनक है। सिर्फ इस साल जनवरी से मार्च तक प्रदेश से 4100 लोग लापता हुए हैं और 1000 से ज्यादा लोगों का अपहरण हुआ है। साथ ही हत्या और गैर इरादतन हत्या की घटनाओं में पिछले वर्षों की तुलना में चौंकाने वाली वृद्धि देखी गई है। यह आंकड़े प्रदेश की बीजेपी सरकार के तहत आने वाले सार्वजनिक सुरक्षा तंत्र के विफल होने की गंभीर स्थिति का स्पष्ट प्रमाण हैं। सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि ये केवल वे मामले हैं, जो पुलिस थानों में दर्ज हैं। बड़ी संख्या में ऐसे मामले भी होते हैं, जो न तो थानों तक पहुंचते हैं और न कहीं रिपोर्ट दर्ज होती है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि पिछले साल केंद्र सरकार की सोशल प्रोग्रेस इंडेक्स रिपोर्ट में हरियाणा को देश का सबसे असुरक्षित राज्य करार दिया गया था। एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक देश भर में हरियाणा महिलाओं, बच्चों के खिलाफ अपराध, दुष्कर्म, अपहरण, डकैती के मामलों में नंबर-1 पर रहा। सांसद ने कहा कि आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश में रोज तीन से चार लोगों की हत्या होती है। रोज 04 से 05 महिलाओं के साथ दुष्कर्म होता है। एक दर्जन अपहरण और करीब 100 चोरी, लूट, डकैती व फिरौती की वारदातें होती हैं। सांसद सैलजा ने कहा कि गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार, करनाल, सोनीपत, रोहतक और पानीपत जैसे जिले उच्च अपराध वाले क्षेत्रों के रूप में उभरे हैं। जहां आपराधिक मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

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हरियाणा सरकार की गलत नीतियों से किसान व आढ़ती बर्बादी की कगार पर है- बजरंग गर्ग

सरकार धान, बाजरा व कपास की खरीद एमएसपी पर नहीं कर रही है- बजरंग गर्ग सरकार ने कपास व सरसों की कमीशन खत्म करके आढ़तियों को बर्बाद करने पर तुली हुई है- बजरंग गर्ग सरकार को हर अनाज की खरीद पहले की तरह आढ़तियों के माध्यम से करनी चाहिए- बजरंग गर्ग हिसार(ईशान टाइम्स )।व्यापार मंडल के व्यापारी प्रतिनिधियों की मीटिंग हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष व हरियाणा कांन्फैड के पूर्व चेयरमैन बजरंग गर्ग की अध्यक्षता में हुई। इस मीटिंग में धान, बाजरा व कपास खरीद पर विचार किया गया व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा कि हरियाणा सरकार की गलत नीतियों से किसान व आढ़ती बर्बादी की कगार पर है। सरकार धान, बाजरा व कपास की खरीद एमएसपी पर नहीं कर रही है। बजरंग गर्ग ने कहा कि धान का एमएसपी 2389 रुपए है मगर किसान का धान 1750 रुपए से 2200 रुपए प्रति क्विंटल तक बिक रहा है। कपास की एमएसपी 8100 रुपए है मगर कपास 6500 रुपए से लेकर 7000 रुपए तक प्रति क्विंटल तक बाजार में बिक रहा है। इसी प्रकार बाजरे का एमएसपी 2775 रुपए है मगर बाजार 1500 रुपए से लेकर 2000 रुपए प्रति क्विंटल तक बिक रहा है। सरकार ने किसान का एक-एक फसल का दाना खरीदने का वादा किया था। सरकार द्वारा धान, बाजरा व कपास एमएसपी पर सरकारी खरीद ना करने से किसान मजबूरी में अपनी फसल औने-पौने दामों में बेचने के लिए मजबूर हो रहे हैं। जिसके कारण किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। बजरंग गर्ग ने कहा कि सरकार ने कपास व सरसों की कमीशन खत्म करके आढ़तियों को बर्बाद करने पर तुली हुई है जब सरसों व कपास की आढ़तियों के माध्यम से नहीं होगी और आढ़तियों को ढाई प्रतिशत कमीशन नहीं मिलेगा तो आढ़ती मंडी में दुकान करके क्या करेगा। सरकार को हर अनाज की खरीद पहले की तरह आढ़तियों के माध्यम से करनी चाहिए। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने धान की खरीद 3100 रुपए प्रति क्विंटल करने की घोषणा की थी सरकार ने धान की खरीद 3100 रुपए करना तो दूर की बात 2389 रुपए एमएसपी पर भी नहीं की। मुख्यमंत्री की घोषणा झूठ का पुलिंदा है। भाजपा सरकार झूठ व जुमलेबाजी की सरकार है। भाजपा सरकार ने झूठे वादे करके जनता को सिर्फ ठगने का काम किया है। इस मीटिंग में अनाज मंडी एसोसिएशन के जिला प्रधान पवन गर्ग, प्रदेश संगठन मंत्री राजेंद्र बंसल, प्रदेश सचिव निरंजन गोयल, जींद जिला प्रधान महावीर कंप्यूटर, सिरसा जिला प्रधान हीरालाल शर्मा, फतेहाबाद प्रधान अशोक नारंग, प्रदेश प्रचार सचिव राजीव गुप्ता कैथल, प्रदेश महासचिव पवन बुवानीवाला भिवानी, हरियाणा गाड़ी एसोसिएशन के प्रधान गौरव मित्तल रोहतक आदि व्यापारी प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखें।

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