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उपायुक्त ने एचएसवीपी को सैक्टर 21 से मलबा हटवाने के दिए निर्देश

पंचकूला, 6 नवंबर(ईशान टाइम्स)- उपायुक्त सतपाल शर्मा ने अधिकारियो को दिए सख्त निर्देश, सभी अधिकारी गंभीरता से व तय समय सीमा में समाधान शिविर में आई हुई जिलावासियों की समस्याओं का करें समाधान। सतपाल शर्मा ने सैक्टर-21 के वेदपाल की सैक्टर से मलबा हटवाने और सडक की मुरम्मत करवाने की मांग पर संज्ञान लेते हुए एचएसवीपी को मौके का मुआयना कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने व मलबा हटवाने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशानुसार लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। जिले में सोमवार व वीरवार को कार्यदिवस के दिन प्रातः 10 से 12 बजे तक समाधान शिविर का लघु सचिवालय के सभागार में आयोजन किया जा रहा है। उन्होने बताया कि समाधान शिविर में आई लोगों की समस्याओं की मुख्यमंत्री स्वयं मानिटरिंग करते हैं और समाधान शिविर से वीडियो कांफ्रेंंिसग के माध्यम से जुडते भी हैं। उपायुक्त लघु सचिवालय के सभागार में आज सरकार द्वारा निर्देशित समाधान शिविर में जिलावासियों की समस्याएं सुन रहे थे। उपायुक्त ने आज समाधान शिविर में 9 लोगों की समस्याएं सुनी व संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए। उपायुक्त ने जिलावासियों से समाधान शिविर में अपनी समस्याएं रखकर उनका समाधान करवाने की अपील की। इस अवसर पर नगराधीश जागृति, जिला विकास एव पंचायत अधिकारी विशाल पराशर, तहसीलदार सुरेश कुमार, जिला वन अधिकारी, जिला बागवानी अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग, पीडब्ल्यूडी बी एंड आर, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, सिंचाई, नगर निगम, नगर परिषद, पुलिस तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

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कार्तिकेय शर्मा ने नितिन गडकरी से मुलाकात कर पंचकूला की तीन सड़क परियोजनाओं पर की चर्चा

पंचकूला नवंबर 6(ईशान टाइम्स): राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा ने नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर पंचकूला जिला से जुड़ी तीन अहम सड़क-संबंधी समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बताया कि पिंजौर–नालागढ़ फोरलेन (NH-105) की स्थिति खराब है । यह राष्ट्रीय राजमार्ग हरियाणा को हिमाचल प्रदेश से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण औद्योगिक मार्ग है। इस सड़क की कई जगहों पर स्थिति बेहद खराब है, विशेष रूप से पिंजौर और सुखोमाजरी के पास बड़े गड्ढे और टूटी परतों के कारण वाहनों की आवाजाही मुश्किल हो गई है। सांसद कार्तिकेय शर्मा ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से अनुरोध किया कि NHAI को तत्काल मरम्मत और सुदृढ़ीकरण कार्य के लिए निर्देशित किया जाए, ताकि सड़क सुरक्षा और यातायात दोनों सुचारू हो सकें। सांसद कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि मौली–बगवाली (NH-344) पर प्रकाश व्यवस्था का अभाव है। इस सड़क खंड पर स्ट्रीट लाइट बिल्कुल नहीं हैं, जबकि यहाँ से रोज़ाना औद्योगिक और स्थानीय ट्रैफिक का भारी दबाव रहता है। रात के समय पूरा क्षेत्र अंधकार में रहता है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है।उन्होंने सुझाव दिया कि इस हिस्से में प्रकाश व्यवस्था स्थापित करने के लिए एक विशेष प्रोजेक्ट तैयार किया जाए, ताकि सड़क सुरक्षा और दृश्यता दोनों में सुधार हो सके। सांसद कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि हिमालयन एक्सप्रेस हाईवे (पिंजौर बाइपास) के निर्माण के दौरान NHAI द्वारा उचित रिटेनिंग वॉल्स नहीं बनाई गईं, जिसके चलते सड़क के किनारे बसे कई घरों की नींव कमजोर हो चुकी है।हाल की बारिश में कई दीवारें गिर गई हैं और मिट्टी खिसकने से लोगों की ज़िंदगी खतरे में है। सांसद ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि NHAI को तुरंत तकनीकी सर्वेक्षण और नई रिटेनिंग वॉल्स के निर्माण के निर्देश दिए जाएँ ताकि आगे किसी भी प्रकार की जनहानि रोकी जा सके। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने तीनों विषयों को गंभीरता से लेते हुए मंत्रालय के अधिकारियों को शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि इन परियोजनाओं को जनहित और सुरक्षा की दृष्टि से प्राथमिकता में रखा जाएगा।

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प्रो. संपत सिंह और उनके सुपुत्र गौरव संपत सिंह इनेलो में हुए शामिल, दी बड़ी जिम्मेवारी बनाया पार्टी का राष्ट्रीय संरक्षक

प्रोफेसर संपत सिंह चौधरी देवीलाल के नवरत्नों में शामिल थे: रामपाल माजरा मेरे लिए बुरा दिन था जब मैं इनेलो छोडक़र कांग्रेस में गया था, मेरे 16 साल खराब हुए: प्रोफेसर संपत सिंह चौधरी संपत सिंह और रामपाल माजरा को इनेलो पार्टी छोड़ने के लिए अजय चौटाला ने किया था मजबूर: चौधरी अभय सिंह चौटाला बीजेपी और कांग्रेस चोर चोर मौसेरे भाई हैं, एक सांपनाथ है तो दूसरा नागनाथ है: अभय सिंह चौटाला –वोट चोरी करनी किसने सिखाई?, पहले ये काम कांग्रेस करती थी, अब भाजपा इस काम को आगे बढ़ा रही है चंडीगढ़, 5 नवंबर(ईशान टाइम्स)। इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा ने कहा कि आज गुरु पर्व जैसा पवित्र दिन है और हरियाणा की राजनीति में बड़ा धमाका होने जा रहा है। जिन्होंने चौधरी देवीलाल के साथ काम किया उनके साथ लड़ाई लड़ी आज प्रोफेसर संपत सिंह हमारे बीच मौजूद हैं और इनेलो पार्टी में शामिल होने पर उनका स्वागत करते हैं। गौरव संपत सिंह का भी स्वागत है। चौधरी देवीलाल ने प्रोफेसर संपत सिंह को वित्त मंत्री बनाया। ये उनके नवरत्नों में शामिल थे। इस दौरान राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष आरएस चौधरी, राष्ट्रीय प्रधान महासचिव प्रकाश भारती, संगठन सचिव उमेद लोहान, इनेलो विधायक अदित्य देवीलाल, पार्टी सचिव नछत्तर सिंह मलहान मौजूद रहे।अपने संबोधन में प्रोफेसर संपत सिंह ने कहा कि वे अभय सिंह चौटाला और रामपाल माजरा का धन्यवाद करते हैं। जो मंच मुझे चौधरी देवीलाल और चौधरी ओमप्रकाश चौटाला ने दिया आज फिर से मुझे काम करने के लिए वही मंच दिया। जो शिक्षा और अनुभव उन्होंने चौधरी देवीलाल के साथ रहते हुए हासिल किया था। जब चौधरी साहब का निधन हुआ था। उन्होंने कहा था कि पार्टी आप संभालोगे। मुझे ऐसा लगा कि वो मुझे आदेश दे रहे हैं। मेरा एक सपना है कि प्रदेश के लोग जो बीजेपी को बदलना चाहते हैं अब मेरी अपनी पार्टी इनेलो हरियाणा में भाजपा के सामने एक मजबूत विकल्प बने।मेरे लिए बुरा दिन था जब मैं इनेलो छोडक़र कांग्रेस में गया था। मुझे दुख है कि मैंने इनेलो को छोड़ा और 16 साल कांग्रेस में रहा। मेरे 16 साल खराब हुए। भूपेंद्र हुड्डा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कांग्रेस में कई लोगों ने मुझे घर बैठाने की कोशिश की। मुझे कहीं कोई जगह नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता साल 2016 के राज्यसभा चुनाव के स्याही कांड के बारे में बोलते नहीं हैं जब इन्होंने पेन बदल कर वोट चोरी किए। अकेले उचाना में भूपेंद्र हुड्डा के आशीर्वाद प्राप्त आजाद उम्मीदवारों के रूप में 60 हजार वोट चोरी हुई है। उन लोगों ने किसने खड़ा किया।? जब आपको सीएम बनाया आपने श्रीकृष्ण हुड्डा का इस्तीफा लिया। लोकसभा की टिकट पर श्रीकृष्ण हुड्डा का हक बनता था लेकिन अपने बेटे को चुनाव लड़ा दिया। विधान सभा चुनावों में जीतने वाले लोगों की टिकटें काट दी और जिनके पास धन बल था उनको टिकट दे दिए। कांग्रेसी नेता सिर्फ दिखावे के लिए ही एससी बीसी की बात करते हैं। जब कुमारी सैलजा के खिलाफ टिप्पणी की गई तब इन्होंने कार्रवाई करने की जगह उसे वायरल किया। कुम्हार जाति से आने वाले रामनिवास घोड़ेला का बरवाला से टिकट काट दिया। कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं। लेकिन क्या ये कभी सडक़ पर दिखे? 4 महीने से किसानों के घर और खेत डूबे हुए हैं। कांग्रेस ने क्या किया? किसानों को खाद नहीं मिल रहा। बीजेपी की सरकार एचकेआरएन के माध्यम से युवाओं का शोषण कर रही है। कांग्रेस ने इसके खिलाफ क्या किया?प्रो. संपत सिंह ने बीजेपी पर भी हमला बोलते हुए कहा कि जहां निजीकरण आता है मतलब वहां सरकार फेल है। बीजेपी सरकार यूनिवर्सिटी को फंड नहीं दे रही बल्कि लोन दे रही है। कॉलेज बंद हो रहे हैं क्योंकि कोर्स एक जैसे हैं। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं खराब हैं। प्राइवेट अस्पतालों में मुफ्त इलाज बंद कर दिया गया है। सरकारी अस्पतालों में सुविधाएं नहीं हैं। हरियाणा के सबसे बुरे हालात हैं। हमारे युवाओं को विदेशों में मारा जा रहा है। उन्हें वापिस भेजा जा रहा है।प्रो. संपत सिंह ने कहा कि आज भले ही इनेलो के पास दो विधायक हैं। लेकिन मेरी तरफ से यह संकल्प है कि मैं इसे उठाने का काम करूंगा और इनेलो को बीजेपी का सबसे मजबूत विकल्प बनाऊंगा। इनेलो की सरकार बनने पर जहां सभी वर्गों के विकास के लिए नीतियां बनाएंगे वहीं सबसे ज्यादा ध्यान शिक्षा और चिकित्सा पर दिया जाएगा।इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने कहा कि चौधरी संपत सिंह ने इनेलो में शामिल होने का जो फैसला आज लिया है। यह इनेलो के लिए यह बड़ा दिन है। इन्होंने चौधरी देवीलाल की नीतियों को आगे बढ़ाने के लिए यह फैसला लिया है। हम इनका आभार व्यक्त करते हैं। हमारी पार्टी में चौधरी देवीलाल और चौधरी ओमप्रकाश चौटाला के बाद संपत सिंह और रामपाल माजरा ने संघर्ष किया। रामपाल माजरा प्रदेशाध्यक्ष हैं। चौधरी संपत सिंह हमारे सबसे पुराने साथी है। मेरे राजनीति में आने से पहले मंत्री और विधायक रह चुके हैं। इनको संगठन का बहुत अनुभव है। इसलिए हम चौधरी संपत सिंह को पार्टी का राष्ट्रीय संरक्षक बना रहे हैं। अभय चौटाला ने यह भी खुलासा किया कि चौधरी संपत सिंह और रामपाल माजरा को इनेलो पार्टी छोड़ने के लिए अजय चौटाला ने मजबूर किया था।राहुल गांधी की प्रैस वार्ता को लेकर कहा कि वोट चोरी करनी किसने सिखाई? पहले ये काम कांग्रेस करती थी। अब भाजपा इस काम को आगे बढ़ा रही है। जब कांग्रेस हिमाचल, कर्नाटक और तेलंगाना में सत्ता में आई तो राहुल गांधी ने इनका उदाहरण क्यों नहीं दिया? वहां भी तो वोट चोरी हो सकती थी। वोट चोरी पर अभय चौटाला ने कहा कि हमने देखा है कि यूपी और बिहार में वोट कैसे डलते थे। एक आदमी मशीन पर खड़ा होकर ठप्पे लगा कर सारे वोट डलवाता था। तब कांग्रेस की सरकार थी। तब इनको वोट चोरी दिखाई नहीं दी।भाजपा इसलिए सत्ता में नहीं आई कि वो अच्छी पार्टी है बल्कि कांग्रेस ने बहुत बड़े बड़े स्कैम किए थे इसलिए कांग्रेस सत्ता से बाहर हुई। भाजपा को सत्ता में लाने वाली कांग्रेस ही है। ये दोनों चोर चोर मौसेरे भाई हैं। एक सांपनाथ है तो दूसरा

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आज देव दीपावली काशी की देखिए

बाबा विश्वनाथ की पावन नगरी आज देव दीपावली के अनुपम प्रकाश से आलोकित है। मां गंगा के किनारे काशी के घाटों पर प्रज्वलित लाखों दीपों में सबके लिए सुख-समृद्धि की कामना है। यह दिव्यता और भव्यता हर किसी के मन-प्राण को मंत्रमुग्ध कर देने वाली है। आप सभी को देव दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं। हर-हर महादेव!

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नेताओं का धर्म, अपराध और जाति का संरक्षण

संजय राय सुबह की हल्की ठंड थी। सिर में मामूली दर्द के साथ मैंने रोज़ की तरह किताब खोली — भवदेव पांडेय की ‘आचार्य रामचंद्र शुक्ल आलोचना के नये मानदंड’। रामचंद्र शुक्ल पर कई लेख लिख चुका हूँ और हर बार यह महसूस करता हूँ कि हिंदी आलोचना में केवल एक ही नहीं, बल्कि दो परंपराएँ हैं —एक जो शास्त्रों, पुराणों और सनातन विचारधारा की छाया में विकसित हुई, और दूसरी जो लोकजीवन, श्रम और सामाजिक यथार्थ की जमीन से निकली।आज भारतीय राजनीति भी इन्हीं दो परंपराओं की तरह बंटी हुई है — एक दिखावटी, दूसरी वास्तविक; एक धर्म के नाम पर सजाई गई, दूसरी जनहित के नाम पर भूलाई गई। जाति – राजनीति की धमनियों में जहर एक बार मैंने एक पुराने साथी से पूछा — “किसे वोट दोगे?”उन्होंने बिना झिझक कहा, “अपनी जाति के उम्मीदवार को।”वह जवाब जितना सरल था, उतना ही डरावना भी।हम एक ऐसे समाज में जी रहे हैं जहाँ जाति अब विचार नहीं, पहचान बन चुकी है — और राजनीति ने इस पहचान को अपना सबसे बड़ा हथियार बना लिया है। मुझे बचपन की एक घटना याद आती है। बिहार विधानसभा चुनाव चल रहा था। गाँव के एक अनपढ़ गोरखिया से पूछा गया — “किसे वोट दोगे?”उसने जवाब दिया — “चाँद छाप को।”क्योंकि उस उम्मीदवार की जाति वही थी।उसे न उसके विचार मालूम थे, न काम — बस जाति ही उसका चुनावी मानक थी। अपराध और जाति का गठबंधन आज यह मानसिकता केवल जनता तक सीमित नहीं है, राजनीति ने इसे पूरी तरह आत्मसात कर लिया है।बिहार के चुनावों में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह जैसे नेता कुख्यात अपराधी अनंत सिंह के प्रचार में जुटे हैं।कभी इसी समाज के आदर्श सहजानंद सरस्वती, श्रीकृष्ण सिंह या राष्ट्रकवि दिनकर हुआ करते थे —अब आदर्श बदल गए हैं।आज अपराधी नेताओं के पोस्टर लगते हैं, पदक नहीं। तेजस्वी यादव कहते हैं कि अगर वे मुख्यमंत्री बने तो दो महीने में सभी अपराधी जेल में होंगे —पर सवाल है, क्या अपनी पार्टी के अपराधी भी जेल जाएंगे, या केवल विरोधियों के?राजनीति अब अपराध की पनाहगाह बन चुकी है,जहाँ मुकदमों की संख्या कद बढ़ाने का पैमाना बन गई है। धर्म और पाखंड की राजनीति धर्म अब आस्था नहीं, राजनीतिक उत्पाद बन चुका है।हर दल अपने-अपने भगवान गढ़ रहा है और हर मंच पर धर्म का उद्घोष राजनीति की गूंज में बदल गया है।नेता मंदिर जाते हैं, पूजा करते हैं, पर जनता के दुखों से उनका कोई संवाद नहीं।गरीब की भूख और बेरोज़गारी को ‘कर्म’ कहकर टाल दिया जाता है।राजनीति का धर्म अब नैतिकता नहीं, सत्ता की स्थिरता है। प्रधानमंत्री जब कहते थे — “न खाऊँगा, न खाने दूँगा”,तो यह एक उम्मीद की तरह लगा था।लेकिन आज वही लोग अरबों के खेल में शामिल हैं —जिन्हें कभी जनता ने ईमानदारी का प्रतीक माना था।कई नेता, जो कल तक साइकिल पर चलते थे, आज करोड़ों में खेल रहे हैं।सत्ता ने उन्हें न केवल पद दिया, बल्कि संवेदनहीनता की नई चमड़ी भी दे दी। नैतिकता की लाश पर टिकी राजनीति अब नेता झूठ बोलते हैं, और झूठ को सच साबित करने के लिएटीवी चैनल, ट्रोल आर्मी और प्रचार तंत्र झोंक देते हैं।कभी कहा जाता था कि नेताओं की चमड़ी हाथी जैसी होती है,लेकिन अब तो हाथी भी शरमा जाए —क्योंकि नेताओं की चमड़ी न नैतिकता को महसूस करती है,न जनभावना को। आज का नेता अलग प्रजाति का प्राणी है —जिसके लिए सत्ता ही साध्य और साधन दोनों है।जाति, धर्म और अपराध — ये तीनों उसकी राजनीति के स्थायी स्तंभ हैं। समाज को सोचना होगा जब तक नागरिक जाति और धर्म की दीवारों को नहीं तोड़ेगा,अपराधियों को वोट मिलते रहेंगे, और राजनीति पवित्रता खोती जाएगी।वोट की शक्ति वही है जो समाज को उठाती भी है और गिराती भी है।नेताओं से पहले जनता को तय करना होगा किवह किसे अपना आदर्श बनाना चाहती है —एक अपराधी, एक जातिवादी, या एक इंसान। अगर समाज नहीं बदला, तो अगली पीढ़ियाँइसी “अपराधी लोकतंत्र” की विरासत पाएँगी।और तब इतिहास पूछेगा —क्या हमने सचमुच आज़ादी पाई थी,या सिर्फ़ स्वतंत्र अपराधियों का शासन स्वीकार किया था?

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इंद्रधनुष आडिटोरियम परिसर में चतुर्थ पंचकूला पुस्तक मेला 7 से थीम :ज्ञान की रोशनी से रोशन होता हरियाणा

शुक्रवार को होगा चतुर्थ पंचकूला पुस्तक मेले का उद्घाटनएक भारत श्रेष्ठ भारत का वाहक बनेंगी किताबें 8 से अधिक विभाग का संयुक्त प्रयास है ये पंचकूला पुस्तक मेला: पी के दासज्ञान, साहित्य और कला का संगम होगा किताब उत्सवः श्यामल मिश्राकिताबें बुला रही है चलो इन्द्रधनुष नारे के साथ लगेगा पंचकूला पुस्तक मेला पंचकूला 05 नवम्बर, 2025(ईशान टाइम्स)।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अवधारणा सभी के लिए किताबें अभियान को साकार करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जी की प्रेरणा से एक भारत श्रेष्ठ भारत की अवधारणा को साकार करने की वाहक बनेगी किताबें अभियान के तहत ऊर्जा संस्कृति समिति की पहल पर ऊर्जा विभाग, पुलिस विभाग, एच एस वी पी, नगर निगम, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, अक्षय ऊर्जा विभाग, परिवहन विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त पहल पर हिन्दी, अंग्रेजी, पंजाबी भाषा के 100 से अधिक प्रकाशको की किताबों की दुनिया पंचकूला के नागरिक समाज के लिए प्रदर्शित की जा रही है। ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव श्श्यामल मिश्रा एवं ऊर्जा संस्कृति समिति के संरक्षक पी के दास ने संयुक्त रूप से पुस्तक मेले के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि किताबें श्रेष्ठ समाज की रचना का आधार है। हरियाणा राज्य की स्थापना के 60 वर्ष पूरे होने के अवसर पर समाज के सभी आयु समूह के लिए किताबों को जीवन का अनिवार्य हिस्सा बनाना आज़ादी के रंग किताबों के संग एवं आओ मनाये किताबों संग उत्सव नारे के साथ देश और दुनिया की किताबे ज्ञान की गंगा बहाने के लिए पंचकूला की सरजमी पर आ रही हैं। उन्होने कहा कि हरियाणा दिवस एवं दीपावली जैसे उत्सवों के अवसर पर मेले में प्रतिदिन विमर्श कार्यशाला और रंगमंच, लोकनृत्य जैसी गतिविधियों के माध्यम से समाज को चिन्तनशील बनाने के लिए कई आयोजन किये जा रहे है। 7 दिवसीय चतुर्थ पंचकूला पुस्तक मेले का उद्घाटन शुक्रवार को सुबह 10:00 बजे किया जायेगा। सोलर ऊर्जा- सतत, सशक्त एवं बेहतर भविष्य की राह, साईबर युग में किताबें, सडक सुरक्षा जीवन रक्षा, महिला सशक्तिकरण में साहित्य की भूमिका, स्वच्छ और सुन्दर शहर जैसे विषयो के माध्यम से प्रतिदिन युवाओं से संवाद होगा। बाल मंडप पवेलियन में चित्रकला पुस्तक प्रश्नोत्तरी, समूह गीत, नृत्य, रागनी, कवि गोष्ठी जैसी गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। आर्ट एजुकेशन में प्रसिद्ध चित्रकार विशेष हिस्सेदारी निभा रहे है। पंचकूला पुस्तक मेले में हरियाणा की क्रिएटिव ब्यूरोक्रेसी की कृतियों के साथ प्रकृति रक्षा में किताबें विशेष रूप से प्रदर्शनी है। मेले में लेखक से मिलिए साहित्य चौपाल फिल्म प्रदर्शन विशेष आकर्षण के केन्द्र रहेगे। भारत की साहित्य अकादमी, नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के साथ हरियाणा की साहित्य अकादमी, ग्रन्थ अकादमी, पंजाबी अकादमी, संस्कृति अकादमी, उर्दू अकादमी विशेष गतिविधियों के आयोजन के साथ अपने अपने स्टाल के माध्यम से पुस्तक प्रदर्शनी में विशेष हिस्सेदारी निभा रहे है। इतिहास एवं संस्कृति अकादमी की तरफ से इतिहास के पन्ने पर हरियाणा के सेनानी विषय पर युवाओं के लिए रचनात्मक शिविर आयोजित किया जा रहा है। नेशनल बुक ट्रस्ट एवं एनसीईआरटी द्वारा शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा युवाओं एवं विद्यार्थियों के लिए युवा लेखन एवं बाल लेखन शिविर का आयोजन हरियाणा के लिए विशेष उपहार जैसा है। मेले में देश भर से हिन्दी, अंग्रेजी, पंजाबी एवं उर्दू के विभिन्न प्रकाशकों की एक लाख से अधिक शीर्षक की किताबें पंचकूला की धरा पर महकेंगी। मेंले में प्रतिदिन उपस्थित समाज से संवाद के लिए प्रतिदिन विषय विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे है। आज की तैयारी बैठक में समीक्षा हेतु एचपीजीसीएल, एचवीपीएनएल, डीएचबीवीएनएल, यूएचबीवीएनएल, कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग, शिक्षा विभाग, नगर निगम, परिवहन विभाग, अक्षय ऊर्जा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस विभाग एवं एचएसवीपी के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने दायित्वों के निर्वहन की प्रतिबद्धता दोहराई।

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भदोही में ‘विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ के लिए जनभागीदारी पर जोर

भदोही, 5 नवम्बर 2025(राजेश जायसवाल, ईशान टाइम्स)।प्रदेश सरकार के “विकसित उत्तर प्रदेश @2047” विज़न डॉक्यूमेंट निर्माण अभियान के तहत सोमवार को भदोही में अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई।जिलाधिकारी शैलेष कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविंद शुक्ल ने की, जबकि अपर जिलाधिकारी कुंवर वीरेंद्र मौर्य ने अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। सीडीओ ने कहा कि “विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश का सपना तभी साकार होगा जब इसमें जनभागीदारी होगी। यह सिर्फ सरकार नहीं, बल्कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक का साझा संकल्प है।”उन्होंने जनपदवासियों से अधिकाधिक सुझाव देने की अपील करते हुए कहा कि एक सशक्त, आत्मनिर्भर और समृद्ध उत्तर प्रदेश के निर्माण में हर व्यक्ति की भागीदारी आवश्यक है। एडीएम कुंवर वीरेंद्र मौर्य ने बताया कि नागरिक अपने सुझाव QR कोड स्कैन कर या पोर्टल https://samarthuttarpradesh.up.gov.in पर ऑनलाइन सबमिट कर सकते हैं।डीएम भदोही के फेसबुक, एक्स (ट्विटर) एकाउंट सहित कलेक्ट्रेट, विकास भवन, तहसीलों, थानों व प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर “विकसित उत्तर प्रदेश @2047” विषयक होर्डिंग्स और स्टैण्डी लगाए गए हैं, जिन पर QR कोड व लिंक उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन सुझाव सबमिट करने वालों को सहभागिता प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा और चयनित सुझावों को जनपद व प्रदेश स्तर पर पुरस्कृत भी किया जाएगा। एक मोबाइल नंबर से अधिकतम तीन सुझाव भेजे जा सकते हैं। बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी विभाग अपने निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार नागरिकों से सुझाव अपलोड कराने में सक्रिय भूमिका निभाएं। बैठक में सीएमओ डॉ. संतोष चक, डीडीओ ज्ञान प्रकाश, डीपीआरओ संजय मिश्रा, डीआईओएस अंशुमान, बीएसए विकास चौधरी, उपायुक्त उद्योग अनुराग राय सहित समस्त खंड विकास अधिकारी और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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असमय बारिश से फसलें बर्बाद, किसानों पर संकट — सपा प्रदेश सचिव आरिफ सिद्दीकी ने की मुआवजे की मांग

मुख्यमंत्री से विशेष सर्वेक्षण कर प्रभावित किसानों को तत्काल राहत देने की अपील भदोही, 5 नवम्बर 2025(राजेश जायसवाल,ईशान टाइम्स)समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव आरिफ सिद्दीकी ने कहा कि प्रदेशभर में हुई बिना मौसम की बारिश से किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। उन्होंने कहा कि यह किसानों के लिए “विकट संकट” की घड़ी है, जिसमें सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल राहत कदम उठाने चाहिए। श्री सिद्दीकी ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि विगत दिनों हुई असमय व भारी वर्षा के कारण विशेषकर भदोही जिले सहित प्रदेशभर में धान, मक्का, मूंगफली और अन्य खरीफ फसलें जो कटाई के लिए तैयार थीं, खेतों में ही नष्ट हो गई हैं। कई इलाकों में जलभराव से खड़ी फसलें सड़ने की कगार पर हैं। उन्होंने कहा कि यह नुकसान किसानों के लिए एक बड़ी आपदा बन गया है और पहले से चुनौतियों से जूझ रहे किसान अब पूरी तरह टूट चुके हैं। सिद्दीकी ने कहा, “ऐसे समय में किसानों का मनोबल बनाए रखना और उन्हें इस संकट से उबारना सरकार का नैतिक दायित्व है।” उन्होंने मांग की कि प्रभावित क्षेत्रों में फसलों के नुकसान का विशेष सर्वेक्षण अभियान चलाया जाए और किसानों को उनकी बर्बाद फसलों के लिए तत्काल और पर्याप्त आर्थिक मुआवजा दिया जाए। साथ ही, अल्पकालीन कृषि ऋणों की वसूली में छूट दी जाए और किसानों को नए ऋण आसान शर्तों पर उपलब्ध कराए जाएं।

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भदोही में साइबर अपराध से बचाव को लेकर पुलिस का जागरूकता अभियान शुरू

भदोही, 5 नवम्बर 2025(राजेश जायसवाल,ईशान टाइम्स)साइबर अपराधों की रोकथाम और आम नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से भदोही पुलिस द्वारा जिलेभर में व्यापक साइबर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।पुलिस अधीक्षक श्री अभिमन्यु मांगलिक के निर्देशन एवं अपर पुलिस अधीक्षक श्री शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में जनपदीय साइबर थाना/सेल व जनपद के सभी थानों की साइबर टीमों द्वारा विभिन्न स्थानों पर जन चौपाल का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में आज हरिहरनाथ मंदिर परिसर, ज्ञानपुर में साइबर थाना/सेल की टीम — का. कन्हैया कुमार, का. मान सिंह, उपनिरीक्षक ओम प्रकाश यादव व आरक्षी विनोद कुमार यादव ने उपस्थित लोगों को साइबर फ्रॉड से बचाव के उपाय बताए।लोगों को अनजान नंबरों से आए कॉल व संदेशों से सावधान रहने, संदिग्ध लिंक या APK फाइल्स न खोलने, तथा सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा न करने की सलाह दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी या वित्तीय धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या cyber.gov.in पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराएं। इस दौरान उपस्थित नागरिकों को जागरूकता संबंधी पंपलेट भी वितरित किए गए। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि साइबर अपराध से बचाव का सबसे बड़ा हथियार सावधानी और जागरूकता है।

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वो काली रात ‘डॉक्टर’ नें जबरन पकड़ रखा था ! मैं चीखी, भागी, लेकिन कौन सुनेगा गरीब ‘नौकरानियों का दर्द’ !

मुंबई, ठाणे के वर्तकनगर इलाके से एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जो न सिर्फ एक डॉक्टर की हैवानियत को उजागर करती है, बल्कि गरीबी की उस काली सच्चाई को भी नंगा कर देती है, जहां मजबूर औरतें रोजगार के नाम पर शोषण की भेंट चढ़ जाती हैं। “डॉ. श्री अनिल गर्ग” नामक एक डॉक्टर पर चार महिलाओं के साथ यौन शोषण का गंभीर आरोप लगा है। वर्तकनगर पुलिस थानें में दर्ज FIR (संख्या 800/2025) भारतीय दंड संहिता की धारा 74 और 79 के तहत दर्ज की गई है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह केस सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाएगा। या सरकार इस गरीबी की चीख को सुन पाएगी, 21 साल की महिला श्रीमती सुषमा ( बदला हुआ नाम), एक गरीब परिवार की बेटी, जो वावेट गांव (रायगढ़ जिला) की मूल निवासी हैं, आज अपनी आंसुओं भरी आपबीती बयां कर रही हैं। “मैं तो बस परिवार का पेट पालने के लिए भांडुप की दीपक एजेंसी में केयरटेकर का काम कर रही थी। छह महीने से रोज सुबह उठकर घरों में झाड़ू-पोंछा, बर्तन धोना, मालिश करना—सब कुछ। मेरी कमाई से पापा, दो बहनें और गांव का घर चलता है। लेकिन 17 जून 2025 को जब एजेंसी ने मुझे डॉक्टर अनिल गर्ग के फ्लैट हस्ता बिल्डिंग, कोरस नक्षत्र टावर) वर्तकनगर ,थानें भेजा, तो मैंने सोचा था कि यह बस एक और नौकरी है। कौन जानता था कि यह मेरी जिंदगी का सबसे काला दिन साबित होगा। सुषमा की जुबानी, शुरुआत तो सामान्य थी। डॉक्टर साहब और उनकी पत्नी प्रीति गर्ग के घर झाड़ू लगाना, बाहर घुमाने जाना, हाथ-पैर की मालिश करना—सब कुछ सहन हो गया। लेकिन 18 अक्टूबर 2025 को मालिश के बहाने अनिल गर्ग ने अपनी हैवानियत दिखाई। “उन्होंने कहा, ‘गुप्तांगों की भी मालिश करो’। मैंने मना किया, लेकिन उनकी पत्नी ने कहा, ‘वह मजबूर नहीं कर रहे’। फिर 26 अक्टूबर की वह काली रात—रात 8:30 बजे बेडरूम में गाने चला दिए, मुझे जबरन छुआ, शरीर पर गंदे हाथ फेरने की कोशिश की। मैं चीखी, भागी, लेकिन कौन सुनेगा एक गरीब नौकरानी की!” समीक्षा रोते हुए बताती हैं। काम छोड़ दिया, लेकिन तब तक तीन अन्य महिलाएं भी इसी डॉक्टर के जाल में फंस चुकी थीं। ये महिलाएं भी एजेंसी के जरिए भेजी गईं—गरीबी ने उन्हें मजबूर किया, और एक ‘डॉक्टर’ ने उन्हें शिकार बनाया। यह घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे समाज की लाचारी का आईना है। डॉक्टर अनिल गर्ग—जिन्हें समाज ‘भगवान’ का दर्जा देता है—एक सम्मानित पेशे को कलंकित कर दिया। मरीजों की सेवा करने वाले हाथों से महिलाओं का शोषण. यह कैसी विडंबना है! लेकिन असली अपराधी कौन। वह गरीबी जो इन महिलाओं को एजेंसी के चंगुल में धकेल देती है, जहां कोई सुरक्षा नहीं, कोई जांच नहीं। दीपक एजेंसी जैसी संस्थाएं बिना बैकग्राउंड चेक के घरों में भेजती हैं, और शोषण होता रहता है। चार महिलाएं—सभी गरीब, सभी मजबूर। एक की कहानी सुनकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं, तो चार की कल्पना कीजिए। और सरकार। महाराष्ट्र सरकार की महिलाओं की सुरक्षा योजनाएं—’बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ से लेकर ‘महिला हेल्पलाइन’ तक—कहां हैं? ठाणे जैसे महानगर में, जहां करोड़ों की महिलाएं घरेलू कामगार हैं, वहां श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी, स्वास्थ्य बीमा या शोषण रोकने के लिए सख्त कानून क्यों नहीं।नकेंद्र सरकार की ‘उज्ज्वला’ या ‘पीएम आवास’ जैसी स्कीम्स गरीबी मिटाने का दावा करती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि गांव की बेटियां शहरों में आती हैं तो शोषण का शिकार बनती हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़े बताते हैं कि 2024 में ही महाराष्ट्र में घरेलू कामगार महिलाओं पर यौन शोषण के 1,200 से ज्यादा मामले दर्ज हुए, लेकिन सजा के दरकारे कितने। मुश्किल से 5%! यह आंकड़े नहीं, चीखें हैं जो सरकार की नींद उड़ाने चाहिए। समीक्षा कहती हैं, “मैंने FIR दर्ज कराई, लेकिन डर लगता है। क्या न्याय मिलेगा।नया डॉक्टर साहब की ‘रसूख’ सब दबा देगी।” अन्य तीन महिलाएं भी नाम छिपाकर मीडिया के सामने आकर बोल रही हैं—गरीबी का बोझ इतना कि आवाज दब जाती है। यह घटना ठाणे की सड़कों पर गूंज रही है, लेकिन विधानसभा में बहस कब होगी। मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस और महिला एवं बाल विकास मंत्री से सवाल है—क्या इन गरीब बहनों के लिए कोई ठोस कदम उठेगा। एजेंसियों पर सख्त निगरानी, डॉक्टरों के बैकग्राउंड चेक, और गरीबी उन्मूलन के वास्तविक कार्यक्रम—बिना इनके, यह शोषण का चक्र चलता रहेगा। आज समीक्षा और उन चार बहनों की आंखों में आंसू हैं, लेकिन समाज की अंतरात्मा जागे तो शायद न्याय की किरण दिखे। गरीबी कोई अपराध नहीं, लेकिन इसका फायदा उठाना सबसे बड़ा पाप है। सरकार, जागिए! डॉक्टरों का सम्मान बचाइए, और इन गरीब बहनों को न्याय दीजिए। वरना, यह चीखें और तेज हो जाएंगी।

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