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मुंबई के ‘आर्मी’ मुख्यालय में चोरी !मोदी सरकार की ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ सिर्फ नारा, हकीकत में खोखला निकला!

मुंबई, देश की रक्षा का गढ़ माने जाने वाले मुंबई के दक्षिणी कमान मुख्यालय (आर्मी हेडक्वार्टर) में चोरों ने धावा बोलकर कर्नल की केबिन से पिस्टल, 9 जिंदा कारतूस, 480 ग्राम चांदी के गहने और करीब 3 लाख रुपये नकद उड़ा लिए। आरोपी गोवा में लग्जरी होटल में मौज उड़ाते रहे, जबकि सेना की ‘अभेद्य’ सुरक्षा सोती रही। यह कोई साधारण चोरी नहीं, बल्कि मोदी सरकार की ढीली-ढाली सुरक्षा नीतियों का जीता-जागता सबूत है, जो आतंकियों के लिए खुला न्योता दे रही है!सुरक्षा का मजाक,चोरों का खेल, सरकार की नींद!पुलिस जांच से खुलासा हुआ कि आरोपी रात के अंधेरे में मुख्यालय के पीछे वाले रास्ते से घुसे। पहले रेकी की, कमजोर कड़ियों का पता लगाया और केबिन का ताला तोड़ (या डुप्लीकेट चाबी से (जांच जारी) सामान साफ कर दिया। एक बाहर पहरा देता रहा, दो अंदर घुसे। क्राइम ब्रांच ने ‘इनसाइड जॉब’ की आशंका खारिज कर दी, यानी बाहरी चोरों ने सेना के हाई-सिक्योरिटी जोन को खिलौना बना दिया। सवाल उठता है,मोदी सरकार के ‘सुरक्षित भारत’ के दावों का क्या हुआ!2014 से अब तक रक्षा बजट बढ़ा, लेकिन ग्राउंड पर सुरक्षा प्रोटोकॉल कहां हैं! सीसीटीवी कैमरे सो रहे थे! गश्ती दल कहां गायब थे! यह चूक नहीं, सरासर लापरवाही है, जो सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े करती है! मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट-12 ने चार दिनों में मालाड के कुरार इलाके से तीन आरोपियों को धर दबोचा,दीपक कृष्णा धनवे (मुख्य आरोपी) – आर्मी कैंप के आसपास पहले भी रेकी कर चुका। विनायक गोपीचंद बाविस्कर। एक नाबालिग (हिरासत में)। तीनों कुरार पुलिस स्टेशन में चोरी के कई मामलों में वांछित। चोरी के बाद गोवा फरार होकर 3 लाख में से ज्यादातर पैसे लग्जरी होटल, शराब और पार्टी पर उड़ा दिए। मुंबई लौटते ही मुखबिर की सूचना पर पकड़े गए। बरामद हुआ, पिस्टल, 9 कारतूस, चांदी के गहने और बचा नकद। लेकिन असली सवाल , ये हथियार आतंकियों के हाथ लगते तो! मोदी सरकार की ‘आतंक पर जीरो टॉलरेंस’ नीति कहां गई! यह घटना सिर्फ मुंबई तक सीमित नहीं। आर्मी मुख्यालय जैसे संवेदनशील इलाके में चोरी आतंकी हमलों का रिहर्सल साबित हो सकती है। हथियार गलत हाथों में पहुंचे तो पुलवामा जैसी त्रासदी दोहराई जा सकती है। सेना ने आंतरिक जांच शुरू की है, लेकिन मोदी सरकार चुप क्यों! रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह क्या कहेंगे! पीएम मोदी के ‘न्यू इंडिया’ में सेना के कैंप चोरों के लिए पिकनिक स्पॉट बन गए हैं! विपक्ष रहता तो बवाल मच जाता, लेकिन सत्ता के दबाव में मीडिया खामोश! क्राइम ब्रांच के अधिकारी बोले, “आरोपी चालाक हैं, लेकिन हमने तेज कार्रवाई की।/लेकिन सरकार की नाकामी पर क्यों नहीं बोलते! यह चूक रक्षा व्यवस्था की जड़ों को हिला रही है। मोदी सरकार जवाब दे , बजट बढ़ाने से क्या फायदा, जब ग्राउंड पर सुरक्षा शून्य हो! यह मामला न सिर्फ मुंबई पुलिस, बल्कि पूरी रक्षा व्यवस्था पर कलंक है। सरकार जागे, वरना ‘सुरक्षित भारत’ सिर्फ चुनावी जुमला बनकर रह जाएगा!

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चंदौली में मिला अवैध शस्त्र फैक्ट्री का कारखाना, मुख्य सरगना संजू हुआ गिरफ्तार

चंदौली(ईशान टाइम्स)। बलुआ थाना पुलिस ने अवैध हथियार निर्माण में लिप्त एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने नदेसर गांव में एक घर के अंदर चल रही अवैध शस्त्र फैक्ट्री का खुलासा करते हुए मुख्य सरगना संजय शर्मा उर्फ संजू (53 वर्ष) को हथियार बनाते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।एसपी आदित्य लांग्हे के निर्देश पर प्रभारी थानाध्यक्ष अतुल कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की गई .मौके से तीन तमंचे (एक 12 बोर, एक 315 बोर और एक अर्द्धनिर्मित), कारतूस के खोखे, और ड्रिलिंग मशीन, वेल्डिंग मशीन, ग्राइंडर, निहाई, ब्लोअर सहित भारी मात्रा में हथियार निर्माण उपकरण बरामद किए गए।पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह तमंचे 3,000 से 3,500 रुपये में बेचता था और उसके ग्राहक चंदौली, गाजीपुर व वाराणसी से आते थे। आरोपी पुराने हथियारों की मरम्मत का कार्य भी करता था।पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।एसपी ने इस सफलता के लिए बलुआ पुलिस टीम को 20 हजार रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।

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लाल किला मेट्रो के सामने कार में हुआ विस्फोट

BIG BREAKING NEWS दिल्ली धमाके में 8 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है ब्रेकिंग न्यूज़: दिल्ली में लाल किले के पास बड़ा धमाका, कार में आग लगने से हड़कंप दिल्ली। राजधानी दिल्ली में ऐतिहासिक लाल किले के पास शनिवार शाम को एक खड़ी कार में जोरदार धमाका हो गया, जिससे पूरे इलाके में दहशत और भगदड़ का माहौल बन गया। धमाका होते ही कार में भीषण आग लग गई, जिसने पास खड़ी दो अन्य गाड़ियों को भी अपनी चपेट में ले लिया। बताया जा रहा है कि घटना में 2 से 3 लोग घायल हुए हैं। मेट्रो के शीशे भी चटकने की सूचना घटना लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास हुई है, जो हमेशा भीड़भाड़ वाला इलाका रहता है। दमकल की पांच गाड़ियां और दिल्ली पुलिस की कई टीमें मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने में जुटी हुई हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, धमाका सीएनजी लीक या किसी तकनीकी खराबी के कारण हुआ हो सकता है, लेकिन पुलिस ने सभी संभावनाओं की जांच शुरू कर दी है। फॉरेंसिक एक्सपर्ट टीम भी मौके पर बुलाई गई है ताकि विस्फोट के सही कारणों का पता लगाया जा सके। स्थानीय लोगों के मुताबिक, धमाका इतना जोरदार था कि आसपास की इमारतें तक हिल गईं और गाड़ियों के परखच्चे उड़ गए। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि धमाके की आवाज कई सौ मीटर दूर तक सुनी गई। फिलहाल, इलाके को घेरकर ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया है। पुलिस आयुक्त और वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल का जायजा ले रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, “हर एंगल से जांच की जा रही है, यह सिर्फ तकनीकी विस्फोट था या कोई अन्य कारण, इसकी पुष्टि फॉरेंसिक जांच के बाद ही की जा सकेगी।” 🔹 मुख्य बिंदु: लाल किले के पास खड़ी कार में जोरदार धमाका आग की चपेट में आईं तीन कारें, कई घायल 5 दमकल गाड़ियां और पुलिस मौके पर फॉरेंसिक टीम जांच में जुटी धमाके की आवाज दूर तक सुनी गई जनता से अपील की गई है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और पुलिस की जांच में सहयोग करें। धमाके की आवाज दरीबाकलां तक सुनाई दी गई। धमाके के बाद पूरी दिल्ली हाई अलर्ट पर दिल्ली कर धमाके में आठ लोगों की मौत 8 शव LNJP अस्पताल ले जाए गए धमाके में 12 लोगों के घायल होने की खबर लाल किला मेट्रो स्टेशन गेट नंबर 1 के पास विस्फोट | दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, “अभी मैं कुछ नहीं बता सकता। इसकी जांच चल रही है।” : लाल किले के पास हुए विस्फोट पर उप मुख्य अग्निशमन अधिकारी एके मलिक ने कहा, “हमें शाम 6:55 बजे एक फोन आया था वहां एक गेट के बाहर किसी गाड़ी में ब्लास्ट हुआ है और कुछ गाड़ियो में आग लग गई है… हमने 7:29 बजे आग बुझा दी थी… हम पुलिस से बात कर रहे हैं… हमारी सारी टीम वहां मौजूद है…” लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास एक कार में विस्फोट की सूचना मिलने के बाद, दमकल गाड़ियां, एम्बुलेंस और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। विस्फोट के बाद तीन-चार गाड़ियों में भी आग लग गई और उन्हें नुकसान पहुंचा। लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास हुए विस्फोट के कारण कई घायलों को LNJP अस्पताल लाया गया है। सूत्रों ने ANI को बताया कि इस घटना में कई लोग घायल हुए हैं। विस्फोट की तीव्रता के कारण कार के पुर्जे इधर-उधर बिखरे दिखाई दिए। लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास हुए विस्फोट के कारण कई घायलों को LNJP अस्पताल लाया गया है। सूत्रों ने ANI को बताया कि इस घटना में कई लोग घायल हुए हैं। लाल किले के पास विस्फोट | एक स्थानीय व्यक्ति ने ANI से कहा, “जब हमने सड़क पर किसी का हाथ देखा, तो हम बिल्कुल चौंक गए। मैं इसे शब्दों में बयां नहीं कर सकता…” लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास विस्फोट | 15 लोगों को लोक नायक अस्पताल लाया गया है। उनमें से 8 की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई। तीन गंभीर रूप से घायल हैं। एक की हालत स्थिर है: चिकित्सा अधीक्षक, लोक नायक जय प्रकाश नारायण (LNJP) अस्पताल ने ANI को बताया दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास हुए विस्फोट के बाद उत्तर प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश के ADG (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश ने ANI से बात करते हुए बताया कि DGP ने उत्तर प्रदेश के सभी वरिष्ठ अधिकारियों को संवेदनशील धार्मिक स्थलों, संवेदनशील जिलों और सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। सभी सुरक्षा एजेंसियों को भी अलर्ट कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश के सभी जिलों की पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है। लखनऊ से संवेदनशील इलाकों में गश्त और जांच बढ़ाने का आदेश जारी किया गया है।

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बुलडोजर की भक्ति और सरकार के विकास का नया मंत्र!

मध्य प्रदेश! इंदौर के मालवीय नगर में तो कमाल हो गया! सड़क बनाने के नाम पर 140 मकानों पर बुलडोजर चला दिया गया। विकास की लहर इतनी तेज़ आई कि घरों की नींव हिल गई, और लोगों की आँखें नम हो गईं। लेकिन असली ड्रामा तो तब शुरू हुआ जब कैमरे की नज़र पड़ी एक ऐसी महिला की बेटियों पर, जो 30 साल से भाजपा विधायक रमेश मंडोला उर्फ बाबा दयालु की ‘भक्त’ कार्यकर्ता रही हैं। बेचारी बेटियाँ रोती-बिलखती नज़र आईं , जैसे कोई बॉलीवुड फिल्म का क्लाइमेक्स सीन हो! महिला की बड़ी बेटी (रोते हुए, बुलडोजर की ओर इशारा करते हुए): “अरे बाबा दयालु! 30 साल हमने तुम्हारी रैलियों में नारे लगाए, झंडे लहराए, चाय-पानी पिलाया। अब विकास के नाम पर हमारा घर उड़ा दिया! ये कैसा दयालुता है भाई, हम तो तुम्हारी ‘कार्यकर्ता’ थीं, न कि ‘बाधक’!”छोटी बेटी (हाथ जोड़कर, विधायक के पोस्टर की ओर देखते हुए) “बाबा जी, आप तो कहते थे ‘सबका साथ, सबका विकास’! अब ये सबका घर उजाड़ना क्या है! सड़क तो बन रही है, लेकिन हमारी ज़िंदगी की गाड़ी कहाँ पार्क करेंगे! अगली बार वोट माँगने आएँ तो बुलडोजर साथ लाना, कम से कम ईमानदारी तो दिखे!”और विधायक जी! वो तो शायद किसी ‘विकास सम्मेलन’ में व्यस्त होंगे। उनके समर्थक कहेंगे, “अरे, ये तो कानूनी कार्रवाई है! अवैध निर्माण थे ना!” हाँ भाई, 30 साल पुरानी ‘भक्ति’ भी अवैध हो गई क्या!या फिर विकास का मतलब सिर्फ़ सड़कें चौड़ी करना है, दिल नहीं! ये तो वही पुरानी कहानी है, ऊपर से चमचमाती सड़कें, नीचे से उजड़े आशियाने। भाजपा की ‘डबल इंजन’ सरकार में बुलडोजर तीसरा इंजन बन गया है! अगली बार चुनाव में नारा लगेगा “बुलडोजर चलाओ, वोट पाओ!” लेकिन उन रोती बेटियों की आँखें याद रखना, क्योंकि विकास की चकाचौंध में इंसानियत कहीं खो न जाए।सोचिए ज़रा, अगर यही ‘दयालु’ बाबा अपनी कार्यकर्ता के घर पर बुलडोजर रोक लेते, तो कितना ‘सच्चा विकास’ होता! फिलहाल, सड़क बन रही है… लेकिन रिश्तों की दीवारें गिर रही हैं। जय हो बुलडोजर बाबा की..!

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नारा गूंजा ठाणे में कांग्रेस का धरना ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ का

ठाणे में कांग्रेस का धरना ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ का नारा गूंजा !न चाय वाला है, न गाय वाला है,तो अडानी-अंबानी का क्या लगता साला है ! मुंबई। (इंद्र यादव ,ईशान टाइम्स)।ठाणे के वागले एस्टेट स्थित इंद्रा नगर नाके पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जत्था जमा हो गया। ब्लॉक नंबर ५ के अध्यक्ष श्रीमती अंजनी कुमार सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस आंदोलन में केंद्र सरकार पर तीखे प्रहार किए गए। । विशाल बैनर पर राहुल गांधी की मुस्कान और कांग्रेस का हाथ का निशान के बीच लाल अक्षरों में लिखा था“वोट चोर गद्दी छोड़!” बैनर के नीचे स्थानीय नेताओं , विक्रांत चौटाला, महेंद्र महाले, सनी भामस, प्रभुनाथ सिंह, राजाराम जैसवार,अमरनाथ गुप्ता, सुनीता कोट्टी, मीना काम्बला, आशा गोखले, राकेश कम्बले, संजय अकलिया, हिया और राजेंद्र हसवतो के पोस्टर लगे थे। सभी के चेहरों पर एक ही संकल्प दिख रहा था ‘अब बहुत हुआ!’ चाय की खाली केतली, गाय का सूखा दूध। कार्यक्रम की शुरुआत में एक कार्यकर्ता ने माइक थामकर कहा, “२०१४ में चाय की दुकान पर दो करोड़ नौकरियों का वादा किया गया था। आज चाय की केतली तो मिल गई, लेकिन नौकरी कहां है। उल्टे चाय की कीमत ₹2 से ₹15 हो गई!” भीड़ ने तालियां बजाकर समर्थन किया। दूसरे कार्यकर्ता ने गाय माता का मुद्दा उठाया,“गाय की जय बोलकर वोट लिया, अब दूध ₹१०० लीटर! माता भूखी मर रही है, बेटा अडानी के गोदाम में बैठा है! अडानी-अंबानी का ‘रिश्ता’ पर श्रीमती अंजनी कुमार सिंह ने फोन पर लाइव स्ट्रीमिंग करते हुए प्रधानमंत्री से सवाल किया,“मोदी जी, आप न चाय वाले हैं, न गाय वाले। फिर अडानी-अंबानी का क्या लगता है भाई। जीजा। साला। या साझेदार।” भीड़ हंस पड़ी। एक बैनर लहराया गया, “अडानी का बंदरगाह, अंबानी का डेटा ,जनता का राशन कार्ड कट!” महंगाई का ‘अमंगल काल’ लेकर महिला कार्यकर्ता सुनीता कोट्टी ने गृहिणी अंदाज में कहा, “दाल ₹८० से ₹२००, प्याज ₹5 से ₹40, गैस ₹४०० से ₹1150 ! ये अमृत काल है या अमंगल काल,” मीना काम्बला ने जी ने कहा, “हमारी साड़ी ₹100 की, मंत्री की कुर्सी ₹५००० करोड़ की! ये डिजिटल इंडिया है,हमारा पैसा डिजिटल, उनकी जेबें फिजिकल!” यह तो भ्रष्टाचार का ‘नया भारत’है। विक्रांत चौटाला ने इलेक्टोरल बॉन्ड का जिक्र किया: “₹१६,००० करोड़! कंपनी देती है करोड़ों, बदले में ठेका मिलता है। ये नया भारत है,वोट खरीदने का रेट कार्ड, जनता का राशन कार्ड कट!” सनी भामस ने व्यंग्य कसा, “पहले भ्रष्टाचार छुपता था, अब ललित मोदी से नीरव मोदी त,सब मोदी जी के ‘मित्र मंडल’ में!” श्री अंजनी सिंह ने अंत में गरजकर कहा,“ये सरकार वोट चोर है! वादा किया १५ लाख—दिया जीरो! महंगाई कम,कीमतें डबल!भ्रष्टाचार खत्म,खुद का ठेका शुरू! अब बस! वोट चोर गद्दी छोड़!”भीड़ ने एक स्वर में नारा लगाया, “न चाय वाला है, न गाय वाला है,तो अडानी-अंबानी का क्या लगता साला है,” सोशल मीडिया पर ट्रेंड, दिल्ली तक संदेश ,रात गहराने तक नारे नहीं थमे। ठाणे के इस नाके से निकला संदेश दिल्ली तक पहुंचने को बेताब था, “ये सरकार नहीं, कॉरपोरेट की दलाल है! जनता जागी है, गद्दी डगमगाई है। पार्टी ने घोषणा की कि अगला पड़ाव दिल्ली की सड़कें होंगी।

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मुंबई’ का ‘गुटखा महोत्सव’ ! सरकार की ‘स्वास्थ्य नीति’ का तमाशा !

‘ महाराष्ट्र! ठाणे के मानपाड़ा इलाके में संदेश दुकान के मालिक टी.आर. चौधरी की दुकान से लाखों रुपये का प्रतिबंधित गुटखा बरामद हुआ। जैसे कोई बॉलीवुड थ्रिलर का क्लाइमैक्स! लेकिन सवाल ये है,महाराष्ट्र में गुटखा पर प्रतिबंध है ना! फिर ये ‘खतरनाक सामान’ दुकानों में कैसे घुस रहा है! क्या सरकार सो रही है, या ये सब ‘स्वास्थ्य मंत्रालय’ का नया ‘इनोवेटिव बिजनेस मॉडल’ है! चलिए, पहले गुटखा की ‘महिमा’ गाते हैं, ये छोटा-सा पैकेट, जो जेब में फिट हो जाता है, मुंह में डालते ही आपको ‘सुपरहीरो’ बना देता है। लेकिन असलियत! ये तंबाकू, चूना, सुपारी और क्या-क्या मिलाकर बना ‘जहर का कॉकटेल’ है। डॉक्टरों की मानें तो गुटखा चबाने से मुंह का कैंसर, गले का कैंसर, दांतों का गिरना, दिल की बीमारियां और तो और, नपुंसकता तक हो सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) कहता है कि भारत में हर साल लाखों लोग तंबाकू से जुड़ी बीमारियों से मरते हैं, और गुटखा उसका ‘स्टार प्रोडक्ट’ है। एक स्टडी में पाया गया कि गुटखा चबाने वालों में ओरल कैंसर का खतरा 8-10 गुना बढ़ जाता है। फिर भी, ठाणे जैसे ‘स्मार्ट सिटी’ में ये बिक रहा है! वाह, क्या प्रगति है! महाराष्ट्र सरकार, जो गुटखा पर 2012 से प्रतिबंध लगाकर तालियां बटोर रही थी। “हम जनता की सेहत की रक्षा कर रहे हैं!” ये उनका चुनावी नारा था। लेकिन हकीकत! ठाणे में लाखों का स्टॉक बरामद हो रहा है, और पुलिस को ‘सूचना’ मिल रही है। मतलब, दुकानदार खुलेआम बेच रहे हैं, और सरकार की ‘एंटी-गुटखा स्क्वॉड’ कहां है! शायद छुट्टी पर! या फिर, ये प्रतिबंध सिर्फ कागजों पर है – असल में तो गुटखा कारोबार फल-फूल रहा है। क्यों? क्योंकि अवैध व्यापार से टैक्स नहीं आता, लेकिन ‘कुछ हाथों’ में पैसे जरूर जाते हैं। सरकार कहती है, “हम सख्त हैं!” लेकिन सख्ती कहां! क्या पुलिस वाले गुटखा चबाते हुए गश्त कर रहे हैं! बात करें तो, सरकार का ये ‘प्रतिबंध’ ऐसा है जैसे कोई कहे, “मैं डाइट पर हूं, लेकिन रोज केक खाता हूं!” ठाणे में गुटखा बिकना साबित करता है कि कानून सिर्फ गरीबों के लिए है ,अमीर व्यापारी तो ‘संदेश दुकान’ खोलकर करोड़ों कमा रहे हैं। और हम जनता! हम चबाते रहो, कैंसर होते रहो, अस्पतालों में लाइन लगाओ , सरकार तो ‘स्वास्थ्य बजट’ बढ़ाकर खुश है! अगली बार चुनाव में वोट मांगने आएंगे तो कहेंगे, “हमने गुटखा बैन किया!” हां भाई, बैन किया, लेकिन ‘अनबैन’ भी कर दिया!?समय आ गया है कि हम सब मिलकर सरकार से पूछें की प्रतिबंध है तो लागू क्यों नहीं! गुटखा से होने वाली बीमारियों का बोझ जनता क्यों उठाए! या ये सब ‘आर्थिक विकास’ का हिस्सा है ,अस्पतालों को मरीज चाहिए ना! ठाणे की इस घटना से सबक लो, सरकार,या तो सख्ती दिखाओ, या प्रतिबंध हटाओ और टैक्स लगाओ, कम से कम राजस्व तो आएगा। वरना, ये व्यंग्य नहीं, हकीकत बन जाएगी “गुटखा मुक्त महाराष्ट्र” सिर्फ पोस्टरों पर!

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मुंबई में ‘लोन’ रिकवरी का ‘मॉडर्न टच’! पति कर्जदार, पत्नी पोर्न ‘स्टार’!

मुंबई की बोरीवली पुलिस ने तो कमाल कर दिया। एक 23 साल का नौजवान तुषार सालुंखे, जो नवी मुंबई का ‘क्रिएटिव जीनियस’ है, लोन वसूली के लिए ग्राहक की पत्नी का मॉर्फ्ड अश्लील वीडियो बनाकर वायरल कर रहा था। पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, जांच चल रही है। ब्रावो! अब तो लोन कंपनियां सोचेंगी कि बस फोन पर धमकी देना पुराना हो गया, अब तो ‘डिजिटल ब्लैकमेल’ का जमाना है। आखिर, कर्ज वसूलने का सबसे आसान तरीका क्या है। परिवार की इज्जत को इंस्टाग्राम पर लाइव स्ट्रीम कर दो! सोचिए जरा, दिसंबर 2024 में 1.5 लाख का लोन लिया, ईएमआई नहीं चुकाई। तुषार भाई ने फोन किया “पैसा नहीं तो परिवार को ऑनलाइन बदनाम कर दूंगा।” और कर दिया! पत्नी की फोटो एडिट करके अश्लील वीडियो बना डाला, फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट से पोस्ट किया, रिश्तेदारों-दोस्तों को टैग कर भेजा। पूरा परिवार मानसिक आघात में। अरे भाई, यह तो ‘फैमिली एंटरटेनमेंट’ का नया फॉर्मूला है! पहले रिकवरी एजेंट दरवाजे पर आते थे, चिल्लाते थे, अब तो घर बैठे ‘वायरल स्टार’ बना देते हैं। कंपनी का इंसेंटिव मिलेगा, खुद का आर्थिक दबाव कम होगा ,डबल प्रॉफिट! पुलिस कहती है “वित्तीय विवाद कानूनी रास्ते से सुलझाएं।” हां जी, बिल्कुल! लेकिन एजेंटों को तो लगता है कानून क्या होता है। वे तो ‘सोशल मीडिया जस्टिस’ के योद्धा हैं। लोन ऐप डाउनलोड करो, पैसा लो, ईएमआई मिस करो और हो जाओ ‘इंस्टा फेमस’! डीसीपी जाधव साहब,”धमकियों से घबराएं नहीं, पुलिस से संपर्क करें।” अरे साहब, घबराएं क्यों नहीं अगली बार तो एजेंट डीपफेक में पूरा परिवार डांस करवा देगा “कर्ज चुकाओ, वरना टिकटॉक पर ट्रेंड करो!”यह डिजिटल युग का कमाल है भाई। लोन कंपनियां कहती हैं “आसान ईएमआई”, लेकिन रिकवरी में “आसान बदनामी”। सावधानी बरतें। हां, लोन लेते समय पूछो “अगर नहीं चुकाया तो पत्नी को पोर्न स्टार बनाओगे।” नहीं तो क्या पता, आपका परिवार अगला ‘वायरल स्कैंडल’ बने। पुलिस गिरफ्तार करेगी, लेकिन इज्जत। वो तो ऑनलाइन हमेशा के लिए ‘डाउनलोड’ हो चुकी। है ना ‘प्रोग्रेसिव इंडिया’। कर्ज दो, बदनामी लो फ्री में !

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पत्रकार वेलफेयर एसोसिएशन का राष्ट्रीय अधिवेशन आज वाराणसी में

उत्तर प्रदेश । वाराणसी के औरा नहर,आयर स्थित मां वैष्णो लान में पत्रकार वेलफेयर एसोसिएशन भारत द्वारा आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन का भव्य आयोजन होने जा रहा है जिसमें देश के सभी राज्यों से पत्रकारों का आगमन होने जा रहा है। बतादें कि पत्रकार वेलफेयर एसोसिएशन की शाखा उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा आदि राज्यों में कार्यरत हैं जिनके सदस्यों की संख्या हजारों में है। वहीं इस अधिवेशन में भारी संख्या में पत्रकार एक मंच पर देखने को मिलेंगे। जिसके लिए एसोसिएशन के संस्थापक/राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेन्‍द्र प्रसाद पांडे व उत्तर प्रदेश की टीम द्वारा लोगों के रहने व खाने-पीने की सारी सुविधाओं की व्यवस्था की गयी है। संस्थापक/अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद पांडे ने देश भर के सभी शाखाओं के सदस्यों से भारी संख्या में उपस्थित रहकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।

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अजित पवार’ के ‘बेटे’ पार्थ पर ₹1800 ‘करोड़’ जमीन घोटाला ! सौदा रद्द, जांच तेज, विपक्षी हमला जारी !

‘ महाराष्ट्र की राजनीति में उपमुख्यमंत्री अजित पवार के परिवार से जुड़ा एक नया विवाद सामने आया है। उनके बेटे पार्थ पवार पर पुणे में सरकारी जमीन की खरीद में ₹1800 करोड़ के घोटाले का आरोप लगा है। इस मामले ने सत्ता गठबंधन महायुति और विपक्ष के बीच तीखी बहस छेड़ दी है। अजित पवार ने अपने बेटे का बचाव करते हुए कहा कि पार्थ को जमीन के सरकारी होने की कोई जानकारी नहीं थी, जबकि ₹300 करोड़ का विवादित सौदा रद्द कर दिया गया है। राज्य सरकार ने उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी है, जिसकी रिपोर्ट एक महीने में आने की उम्मीद है। पार्थ को नहीं थी जानकारी-अजित पवार का दावा। शुक्रवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात के बाद अजित पवार ने मीडिया को संबोधित किया। एनसीपी (अजित पवार गुट) के नेता ने स्पष्ट किया कि पार्थ पवार और उनके साथी दिग्विजय पाटिल को पुणे की उस जमीन के सरकारी स्वामित्व का पता नहीं था। पवार ने कहा, “यह जमीन सरकारी है और इसे बेचा नहीं जा सकता। मेरे बेटे को इसकी कोई जानकारी नहीं थी। रजिस्ट्रेशन कैसे हुआ और कौन जिम्मेदार है, इसकी पूरी जांच होगी। “उन्होंने जोर दिया कि पार्थ की कंपनी अमाडिया एंटरप्राइजेज एलएलपी पर किसी अधिकारी को दबाव नहीं डाला गया। एफआईआर में तीन लोगों के नाम हैं, जिनमें दिग्विजय पाटिल शामिल हैं, लेकिन पार्थ का नाम नहीं है। कारण बताते हुए पवार ने कहा कि केवल ये तीन लोग ही दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने रजिस्ट्रार कार्यालय गए थे।₹300 करोड़ सौदा रद्द, ₹1800 करोड़ नुकसान का आरोपविवाद पुणे की सरकारी जमीन से जुड़ा है, जिसे पार्थ की कंपनी ने कथित रूप से बाजार मूल्य से कम कीमत पर खरीदा। आरोपों के मुताबिक, इससे सरकारी खजाने को ₹1800 करोड़ का नुकसान हुआ। हालांकि, अजित पवार ने बताया कि ₹300 करोड़ का सौदा अब पूरी तरह रद्द कर दिया गया है। उन्होंने खुद और अपने बेटे को मामले से अलग रखते हुए कहा कि उनकी कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं है। विपक्ष का तीखा प्रहार और इस्तीफे की मांग-विपक्षी दल कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) ने इस मुद्दे को हथियार बना लिया है। वे अजित पवार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और इसे ‘परिवारवाद का चरम’ बता रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि सरकारी जमीन की अवैध हस्तांतरण में उच्चस्तरीय मिलीभगत है और जांच को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है। शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा कि यह महायुति सरकार की भ्रष्टाचार की मिसाल है।जांच समिति गठित, रिपोर्ट का इंतजारमामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) विकास खारगे की अध्यक्षता में जांच समिति बनाई है। समिति एक महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। अजित पवार ने आश्वासन दिया कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे कोई भी हों।/यह घोटाला महाराष्ट्र की सियासत में नया मोड़ ला रहा है। सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज है, जबकि जांच के नतीजे आने वाले दिनों में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। क्या यह परिवारवाद पर लगाम लगाएगा या सिर्फ एक और विवाद बनकर रह जाएगा, यह देखना बाकी है।

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सत्य को आत्मसात करना ही वीरेंद्र सेंगर को सच्ची श्रद्धांजलि : सोमपाल शास्त्री

नई दिल्ली, 7 नवम्बर (Ishantimes)। पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री सोमपाल शास्त्री ने कहा है कि वरिष्ठ पत्रकार स्व. वीरेंद्र सेंगर एक खांटी पत्रकार थे। वे बेहद संवेदनशील थे और विपरीत परिस्थितियों में भी कभी विचलित नहीं हुए। उन्होंने हमेशा सच लिखा। उनके लिखे सत्य को आत्मसात करना ही वीरेंद्र सेंगर को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। सोमपाल शास्त्री ने ये बात निडर और बेबाक पत्रकार स्व. वीरेंद्र सेंगर द्वारा लिखी गई दो पुस्तकों, सच के सिवाय व आगे और आग है के विमोचन के अवसर पर कही। नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री सोमपाल शास्त्री ने की। पूर्व डीजीपी सेवानिवृत्त आईपीएस विभूति नारायण राय विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे और वरिष्ठ पत्रकार कमर वहीद नकवी की इस मौके पर गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर प्रसिद्ध लेखक व विचारक प्रो. पुरुषोत्तम अग्रवाल मुख्य वक्ता थे। इस अवसर पर वीरेंद्र सेंगर के साथ काम कर चुके पत्रकारों और उनके अत्यंत घनिष्ठ मित्रों द्वारा लिखी गई स्मारिका स्मृतियां वीरेंद्र सेंगर की भी जारी की गई। देश के प्रख्यात पत्रकारों ने इस आयोजन में भाग लिया। इस मौके पर विभूति नारायण राय ने कहा कि सच लिखने में बहुत बाधाएं हैं लेकिन वीरेंद्र सेंगर इन बाधाओं से तनिक भी नहीं घबराए। इस अवसर पर कमर वहीद नकवी ने कहा कि सच न बोलना ठगना है। वीरेंद्र सेंगर सच्चे पत्रकार थे। वे पक्षपाती नहीं थे। दिल्ली के सुधा गोयल हत्याकांड की उन्होंने जो रिपोर्टिंग की वो बेमिसाल है। प्रो. पुरुषोत्तम अग्रवाल ने कहा कि देश में माहौल ऐसा है कि मूर्ख होना गर्व का विषय हो गया है। विरेंद्र सेंगर ने सच को सच लिखने की हिम्मत की। यही वजह है कि वे कालजयी पत्रकार बन गए हैं। गौरतलब है कि 1955 में उत्तरप्रदेश के कानपुर के गांव खांडेपुर में जन्में वरिष्ठ पत्रकार वीरेंद्र सेंगर का 26 मार्च 2025 को उत्तराखंड नैनीताल जिले के नौकिछियाताल में निधन हो गया था। उन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत कानपुर से की थी और उसके बाद दिल्ली आकर चार दशक तक उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी निर्भीक पत्रकारिता की धाक जमाई। सेंगर चौथी दुनिया समाचार पत्र के आधार स्तंभ रहे, अमर उजाला व संडे मेल आदि अनेक नामी गिरामी अखबारों में भी उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। जब उत्तरप्रदेश के हाशिमपुरा कांड की खबर को कोई हाथ लगाने को तैयार नहीं था तब उस खबर को वीरेंद्र सेंगर ने सबूतों के साथ छापा। इससे पूरी दुनिया को आजाद भारत में हुए इस वीभत्स नरसंहार का पता चला। पूरे देश को भी पहली बार इस रिपोर्टिंग से वीरेंद्र सेंगर की प्रतिभा, पत्रकारिता और जज्बे का पता चला। प्रसिद्ध किसान नेता स्व. महेंद्र सिंह टिकैत द्वारा चलाये गए किसान आंदोलन की वीरेंद्र सेंगर द्वारा की गई रिपोर्टिंग को मील का पत्थर माना जाता है। इसी तरह उन्होंने गुजरात दंगों पर भी बेहतरीन रिपोर्टिंग की थी। वीरेंद्र सेंगर द्वारा लिखी गई दो पुस्तकों सच के सिवाय व आगे और आग विमोचन के अवसर पर उनकी पत्नी रीता भदौरिया, बेटी ऋतंभरा, आलोक भदौरिया, संतोष भारतीय, विनोद अग्निहोत्री, के एम सिंह, धर्मपाल धनखड़, अमरनाथ सिंह, ममता सिंह, अमित नेहरा, अमरेंद्र राय, संजय राय, उमेश जोशी व शिवाजी सरकार आदि अनेक जाने-माने पत्रकारों ने हिस्सा लिया।

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