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बुलडोजर की भक्ति और सरकार के विकास का नया मंत्र!

मध्य प्रदेश! इंदौर के मालवीय नगर में तो कमाल हो गया! सड़क बनाने के नाम पर 140 मकानों पर बुलडोजर चला दिया गया। विकास की लहर इतनी तेज़ आई कि घरों की नींव हिल गई, और लोगों की आँखें नम हो गईं। लेकिन असली ड्रामा तो तब शुरू हुआ जब कैमरे की नज़र पड़ी एक ऐसी महिला की बेटियों पर, जो 30 साल से भाजपा विधायक रमेश मंडोला उर्फ बाबा दयालु की ‘भक्त’ कार्यकर्ता रही हैं। बेचारी बेटियाँ रोती-बिलखती नज़र आईं , जैसे कोई बॉलीवुड फिल्म का क्लाइमेक्स सीन हो! महिला की बड़ी बेटी (रोते हुए, बुलडोजर की ओर इशारा करते हुए): “अरे बाबा दयालु! 30 साल हमने तुम्हारी रैलियों में नारे लगाए, झंडे लहराए, चाय-पानी पिलाया। अब विकास के नाम पर हमारा घर उड़ा दिया! ये कैसा दयालुता है भाई, हम तो तुम्हारी ‘कार्यकर्ता’ थीं, न कि ‘बाधक’!”छोटी बेटी (हाथ जोड़कर, विधायक के पोस्टर की ओर देखते हुए) “बाबा जी, आप तो कहते थे ‘सबका साथ, सबका विकास’! अब ये सबका घर उजाड़ना क्या है! सड़क तो बन रही है, लेकिन हमारी ज़िंदगी की गाड़ी कहाँ पार्क करेंगे! अगली बार वोट माँगने आएँ तो बुलडोजर साथ लाना, कम से कम ईमानदारी तो दिखे!”और विधायक जी! वो तो शायद किसी ‘विकास सम्मेलन’ में व्यस्त होंगे। उनके समर्थक कहेंगे, “अरे, ये तो कानूनी कार्रवाई है! अवैध निर्माण थे ना!” हाँ भाई, 30 साल पुरानी ‘भक्ति’ भी अवैध हो गई क्या!या फिर विकास का मतलब सिर्फ़ सड़कें चौड़ी करना है, दिल नहीं! ये तो वही पुरानी कहानी है, ऊपर से चमचमाती सड़कें, नीचे से उजड़े आशियाने। भाजपा की ‘डबल इंजन’ सरकार में बुलडोजर तीसरा इंजन बन गया है! अगली बार चुनाव में नारा लगेगा “बुलडोजर चलाओ, वोट पाओ!” लेकिन उन रोती बेटियों की आँखें याद रखना, क्योंकि विकास की चकाचौंध में इंसानियत कहीं खो न जाए।सोचिए ज़रा, अगर यही ‘दयालु’ बाबा अपनी कार्यकर्ता के घर पर बुलडोजर रोक लेते, तो कितना ‘सच्चा विकास’ होता! फिलहाल, सड़क बन रही है… लेकिन रिश्तों की दीवारें गिर रही हैं। जय हो बुलडोजर बाबा की..!

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नारा गूंजा ठाणे में कांग्रेस का धरना ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ का

ठाणे में कांग्रेस का धरना ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ का नारा गूंजा !न चाय वाला है, न गाय वाला है,तो अडानी-अंबानी का क्या लगता साला है ! मुंबई। (इंद्र यादव ,ईशान टाइम्स)।ठाणे के वागले एस्टेट स्थित इंद्रा नगर नाके पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जत्था जमा हो गया। ब्लॉक नंबर ५ के अध्यक्ष श्रीमती अंजनी कुमार सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस आंदोलन में केंद्र सरकार पर तीखे प्रहार किए गए। । विशाल बैनर पर राहुल गांधी की मुस्कान और कांग्रेस का हाथ का निशान के बीच लाल अक्षरों में लिखा था“वोट चोर गद्दी छोड़!” बैनर के नीचे स्थानीय नेताओं , विक्रांत चौटाला, महेंद्र महाले, सनी भामस, प्रभुनाथ सिंह, राजाराम जैसवार,अमरनाथ गुप्ता, सुनीता कोट्टी, मीना काम्बला, आशा गोखले, राकेश कम्बले, संजय अकलिया, हिया और राजेंद्र हसवतो के पोस्टर लगे थे। सभी के चेहरों पर एक ही संकल्प दिख रहा था ‘अब बहुत हुआ!’ चाय की खाली केतली, गाय का सूखा दूध। कार्यक्रम की शुरुआत में एक कार्यकर्ता ने माइक थामकर कहा, “२०१४ में चाय की दुकान पर दो करोड़ नौकरियों का वादा किया गया था। आज चाय की केतली तो मिल गई, लेकिन नौकरी कहां है। उल्टे चाय की कीमत ₹2 से ₹15 हो गई!” भीड़ ने तालियां बजाकर समर्थन किया। दूसरे कार्यकर्ता ने गाय माता का मुद्दा उठाया,“गाय की जय बोलकर वोट लिया, अब दूध ₹१०० लीटर! माता भूखी मर रही है, बेटा अडानी के गोदाम में बैठा है! अडानी-अंबानी का ‘रिश्ता’ पर श्रीमती अंजनी कुमार सिंह ने फोन पर लाइव स्ट्रीमिंग करते हुए प्रधानमंत्री से सवाल किया,“मोदी जी, आप न चाय वाले हैं, न गाय वाले। फिर अडानी-अंबानी का क्या लगता है भाई। जीजा। साला। या साझेदार।” भीड़ हंस पड़ी। एक बैनर लहराया गया, “अडानी का बंदरगाह, अंबानी का डेटा ,जनता का राशन कार्ड कट!” महंगाई का ‘अमंगल काल’ लेकर महिला कार्यकर्ता सुनीता कोट्टी ने गृहिणी अंदाज में कहा, “दाल ₹८० से ₹२००, प्याज ₹5 से ₹40, गैस ₹४०० से ₹1150 ! ये अमृत काल है या अमंगल काल,” मीना काम्बला ने जी ने कहा, “हमारी साड़ी ₹100 की, मंत्री की कुर्सी ₹५००० करोड़ की! ये डिजिटल इंडिया है,हमारा पैसा डिजिटल, उनकी जेबें फिजिकल!” यह तो भ्रष्टाचार का ‘नया भारत’है। विक्रांत चौटाला ने इलेक्टोरल बॉन्ड का जिक्र किया: “₹१६,००० करोड़! कंपनी देती है करोड़ों, बदले में ठेका मिलता है। ये नया भारत है,वोट खरीदने का रेट कार्ड, जनता का राशन कार्ड कट!” सनी भामस ने व्यंग्य कसा, “पहले भ्रष्टाचार छुपता था, अब ललित मोदी से नीरव मोदी त,सब मोदी जी के ‘मित्र मंडल’ में!” श्री अंजनी सिंह ने अंत में गरजकर कहा,“ये सरकार वोट चोर है! वादा किया १५ लाख—दिया जीरो! महंगाई कम,कीमतें डबल!भ्रष्टाचार खत्म,खुद का ठेका शुरू! अब बस! वोट चोर गद्दी छोड़!”भीड़ ने एक स्वर में नारा लगाया, “न चाय वाला है, न गाय वाला है,तो अडानी-अंबानी का क्या लगता साला है,” सोशल मीडिया पर ट्रेंड, दिल्ली तक संदेश ,रात गहराने तक नारे नहीं थमे। ठाणे के इस नाके से निकला संदेश दिल्ली तक पहुंचने को बेताब था, “ये सरकार नहीं, कॉरपोरेट की दलाल है! जनता जागी है, गद्दी डगमगाई है। पार्टी ने घोषणा की कि अगला पड़ाव दिल्ली की सड़कें होंगी।

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मुंबई’ का ‘गुटखा महोत्सव’ ! सरकार की ‘स्वास्थ्य नीति’ का तमाशा !

‘ महाराष्ट्र! ठाणे के मानपाड़ा इलाके में संदेश दुकान के मालिक टी.आर. चौधरी की दुकान से लाखों रुपये का प्रतिबंधित गुटखा बरामद हुआ। जैसे कोई बॉलीवुड थ्रिलर का क्लाइमैक्स! लेकिन सवाल ये है,महाराष्ट्र में गुटखा पर प्रतिबंध है ना! फिर ये ‘खतरनाक सामान’ दुकानों में कैसे घुस रहा है! क्या सरकार सो रही है, या ये सब ‘स्वास्थ्य मंत्रालय’ का नया ‘इनोवेटिव बिजनेस मॉडल’ है! चलिए, पहले गुटखा की ‘महिमा’ गाते हैं, ये छोटा-सा पैकेट, जो जेब में फिट हो जाता है, मुंह में डालते ही आपको ‘सुपरहीरो’ बना देता है। लेकिन असलियत! ये तंबाकू, चूना, सुपारी और क्या-क्या मिलाकर बना ‘जहर का कॉकटेल’ है। डॉक्टरों की मानें तो गुटखा चबाने से मुंह का कैंसर, गले का कैंसर, दांतों का गिरना, दिल की बीमारियां और तो और, नपुंसकता तक हो सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) कहता है कि भारत में हर साल लाखों लोग तंबाकू से जुड़ी बीमारियों से मरते हैं, और गुटखा उसका ‘स्टार प्रोडक्ट’ है। एक स्टडी में पाया गया कि गुटखा चबाने वालों में ओरल कैंसर का खतरा 8-10 गुना बढ़ जाता है। फिर भी, ठाणे जैसे ‘स्मार्ट सिटी’ में ये बिक रहा है! वाह, क्या प्रगति है! महाराष्ट्र सरकार, जो गुटखा पर 2012 से प्रतिबंध लगाकर तालियां बटोर रही थी। “हम जनता की सेहत की रक्षा कर रहे हैं!” ये उनका चुनावी नारा था। लेकिन हकीकत! ठाणे में लाखों का स्टॉक बरामद हो रहा है, और पुलिस को ‘सूचना’ मिल रही है। मतलब, दुकानदार खुलेआम बेच रहे हैं, और सरकार की ‘एंटी-गुटखा स्क्वॉड’ कहां है! शायद छुट्टी पर! या फिर, ये प्रतिबंध सिर्फ कागजों पर है – असल में तो गुटखा कारोबार फल-फूल रहा है। क्यों? क्योंकि अवैध व्यापार से टैक्स नहीं आता, लेकिन ‘कुछ हाथों’ में पैसे जरूर जाते हैं। सरकार कहती है, “हम सख्त हैं!” लेकिन सख्ती कहां! क्या पुलिस वाले गुटखा चबाते हुए गश्त कर रहे हैं! बात करें तो, सरकार का ये ‘प्रतिबंध’ ऐसा है जैसे कोई कहे, “मैं डाइट पर हूं, लेकिन रोज केक खाता हूं!” ठाणे में गुटखा बिकना साबित करता है कि कानून सिर्फ गरीबों के लिए है ,अमीर व्यापारी तो ‘संदेश दुकान’ खोलकर करोड़ों कमा रहे हैं। और हम जनता! हम चबाते रहो, कैंसर होते रहो, अस्पतालों में लाइन लगाओ , सरकार तो ‘स्वास्थ्य बजट’ बढ़ाकर खुश है! अगली बार चुनाव में वोट मांगने आएंगे तो कहेंगे, “हमने गुटखा बैन किया!” हां भाई, बैन किया, लेकिन ‘अनबैन’ भी कर दिया!?समय आ गया है कि हम सब मिलकर सरकार से पूछें की प्रतिबंध है तो लागू क्यों नहीं! गुटखा से होने वाली बीमारियों का बोझ जनता क्यों उठाए! या ये सब ‘आर्थिक विकास’ का हिस्सा है ,अस्पतालों को मरीज चाहिए ना! ठाणे की इस घटना से सबक लो, सरकार,या तो सख्ती दिखाओ, या प्रतिबंध हटाओ और टैक्स लगाओ, कम से कम राजस्व तो आएगा। वरना, ये व्यंग्य नहीं, हकीकत बन जाएगी “गुटखा मुक्त महाराष्ट्र” सिर्फ पोस्टरों पर!

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मुंबई में ‘लोन’ रिकवरी का ‘मॉडर्न टच’! पति कर्जदार, पत्नी पोर्न ‘स्टार’!

मुंबई की बोरीवली पुलिस ने तो कमाल कर दिया। एक 23 साल का नौजवान तुषार सालुंखे, जो नवी मुंबई का ‘क्रिएटिव जीनियस’ है, लोन वसूली के लिए ग्राहक की पत्नी का मॉर्फ्ड अश्लील वीडियो बनाकर वायरल कर रहा था। पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, जांच चल रही है। ब्रावो! अब तो लोन कंपनियां सोचेंगी कि बस फोन पर धमकी देना पुराना हो गया, अब तो ‘डिजिटल ब्लैकमेल’ का जमाना है। आखिर, कर्ज वसूलने का सबसे आसान तरीका क्या है। परिवार की इज्जत को इंस्टाग्राम पर लाइव स्ट्रीम कर दो! सोचिए जरा, दिसंबर 2024 में 1.5 लाख का लोन लिया, ईएमआई नहीं चुकाई। तुषार भाई ने फोन किया “पैसा नहीं तो परिवार को ऑनलाइन बदनाम कर दूंगा।” और कर दिया! पत्नी की फोटो एडिट करके अश्लील वीडियो बना डाला, फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट से पोस्ट किया, रिश्तेदारों-दोस्तों को टैग कर भेजा। पूरा परिवार मानसिक आघात में। अरे भाई, यह तो ‘फैमिली एंटरटेनमेंट’ का नया फॉर्मूला है! पहले रिकवरी एजेंट दरवाजे पर आते थे, चिल्लाते थे, अब तो घर बैठे ‘वायरल स्टार’ बना देते हैं। कंपनी का इंसेंटिव मिलेगा, खुद का आर्थिक दबाव कम होगा ,डबल प्रॉफिट! पुलिस कहती है “वित्तीय विवाद कानूनी रास्ते से सुलझाएं।” हां जी, बिल्कुल! लेकिन एजेंटों को तो लगता है कानून क्या होता है। वे तो ‘सोशल मीडिया जस्टिस’ के योद्धा हैं। लोन ऐप डाउनलोड करो, पैसा लो, ईएमआई मिस करो और हो जाओ ‘इंस्टा फेमस’! डीसीपी जाधव साहब,”धमकियों से घबराएं नहीं, पुलिस से संपर्क करें।” अरे साहब, घबराएं क्यों नहीं अगली बार तो एजेंट डीपफेक में पूरा परिवार डांस करवा देगा “कर्ज चुकाओ, वरना टिकटॉक पर ट्रेंड करो!”यह डिजिटल युग का कमाल है भाई। लोन कंपनियां कहती हैं “आसान ईएमआई”, लेकिन रिकवरी में “आसान बदनामी”। सावधानी बरतें। हां, लोन लेते समय पूछो “अगर नहीं चुकाया तो पत्नी को पोर्न स्टार बनाओगे।” नहीं तो क्या पता, आपका परिवार अगला ‘वायरल स्कैंडल’ बने। पुलिस गिरफ्तार करेगी, लेकिन इज्जत। वो तो ऑनलाइन हमेशा के लिए ‘डाउनलोड’ हो चुकी। है ना ‘प्रोग्रेसिव इंडिया’। कर्ज दो, बदनामी लो फ्री में !

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पत्रकार वेलफेयर एसोसिएशन का राष्ट्रीय अधिवेशन आज वाराणसी में

उत्तर प्रदेश । वाराणसी के औरा नहर,आयर स्थित मां वैष्णो लान में पत्रकार वेलफेयर एसोसिएशन भारत द्वारा आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन का भव्य आयोजन होने जा रहा है जिसमें देश के सभी राज्यों से पत्रकारों का आगमन होने जा रहा है। बतादें कि पत्रकार वेलफेयर एसोसिएशन की शाखा उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा आदि राज्यों में कार्यरत हैं जिनके सदस्यों की संख्या हजारों में है। वहीं इस अधिवेशन में भारी संख्या में पत्रकार एक मंच पर देखने को मिलेंगे। जिसके लिए एसोसिएशन के संस्थापक/राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेन्‍द्र प्रसाद पांडे व उत्तर प्रदेश की टीम द्वारा लोगों के रहने व खाने-पीने की सारी सुविधाओं की व्यवस्था की गयी है। संस्थापक/अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद पांडे ने देश भर के सभी शाखाओं के सदस्यों से भारी संख्या में उपस्थित रहकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की है।

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अजित पवार’ के ‘बेटे’ पार्थ पर ₹1800 ‘करोड़’ जमीन घोटाला ! सौदा रद्द, जांच तेज, विपक्षी हमला जारी !

‘ महाराष्ट्र की राजनीति में उपमुख्यमंत्री अजित पवार के परिवार से जुड़ा एक नया विवाद सामने आया है। उनके बेटे पार्थ पवार पर पुणे में सरकारी जमीन की खरीद में ₹1800 करोड़ के घोटाले का आरोप लगा है। इस मामले ने सत्ता गठबंधन महायुति और विपक्ष के बीच तीखी बहस छेड़ दी है। अजित पवार ने अपने बेटे का बचाव करते हुए कहा कि पार्थ को जमीन के सरकारी होने की कोई जानकारी नहीं थी, जबकि ₹300 करोड़ का विवादित सौदा रद्द कर दिया गया है। राज्य सरकार ने उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी है, जिसकी रिपोर्ट एक महीने में आने की उम्मीद है। पार्थ को नहीं थी जानकारी-अजित पवार का दावा। शुक्रवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात के बाद अजित पवार ने मीडिया को संबोधित किया। एनसीपी (अजित पवार गुट) के नेता ने स्पष्ट किया कि पार्थ पवार और उनके साथी दिग्विजय पाटिल को पुणे की उस जमीन के सरकारी स्वामित्व का पता नहीं था। पवार ने कहा, “यह जमीन सरकारी है और इसे बेचा नहीं जा सकता। मेरे बेटे को इसकी कोई जानकारी नहीं थी। रजिस्ट्रेशन कैसे हुआ और कौन जिम्मेदार है, इसकी पूरी जांच होगी। “उन्होंने जोर दिया कि पार्थ की कंपनी अमाडिया एंटरप्राइजेज एलएलपी पर किसी अधिकारी को दबाव नहीं डाला गया। एफआईआर में तीन लोगों के नाम हैं, जिनमें दिग्विजय पाटिल शामिल हैं, लेकिन पार्थ का नाम नहीं है। कारण बताते हुए पवार ने कहा कि केवल ये तीन लोग ही दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने रजिस्ट्रार कार्यालय गए थे।₹300 करोड़ सौदा रद्द, ₹1800 करोड़ नुकसान का आरोपविवाद पुणे की सरकारी जमीन से जुड़ा है, जिसे पार्थ की कंपनी ने कथित रूप से बाजार मूल्य से कम कीमत पर खरीदा। आरोपों के मुताबिक, इससे सरकारी खजाने को ₹1800 करोड़ का नुकसान हुआ। हालांकि, अजित पवार ने बताया कि ₹300 करोड़ का सौदा अब पूरी तरह रद्द कर दिया गया है। उन्होंने खुद और अपने बेटे को मामले से अलग रखते हुए कहा कि उनकी कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं है। विपक्ष का तीखा प्रहार और इस्तीफे की मांग-विपक्षी दल कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) ने इस मुद्दे को हथियार बना लिया है। वे अजित पवार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और इसे ‘परिवारवाद का चरम’ बता रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि सरकारी जमीन की अवैध हस्तांतरण में उच्चस्तरीय मिलीभगत है और जांच को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है। शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा कि यह महायुति सरकार की भ्रष्टाचार की मिसाल है।जांच समिति गठित, रिपोर्ट का इंतजारमामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) विकास खारगे की अध्यक्षता में जांच समिति बनाई है। समिति एक महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। अजित पवार ने आश्वासन दिया कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे कोई भी हों।/यह घोटाला महाराष्ट्र की सियासत में नया मोड़ ला रहा है। सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज है, जबकि जांच के नतीजे आने वाले दिनों में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। क्या यह परिवारवाद पर लगाम लगाएगा या सिर्फ एक और विवाद बनकर रह जाएगा, यह देखना बाकी है।

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सत्य को आत्मसात करना ही वीरेंद्र सेंगर को सच्ची श्रद्धांजलि : सोमपाल शास्त्री

नई दिल्ली, 7 नवम्बर (Ishantimes)। पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री सोमपाल शास्त्री ने कहा है कि वरिष्ठ पत्रकार स्व. वीरेंद्र सेंगर एक खांटी पत्रकार थे। वे बेहद संवेदनशील थे और विपरीत परिस्थितियों में भी कभी विचलित नहीं हुए। उन्होंने हमेशा सच लिखा। उनके लिखे सत्य को आत्मसात करना ही वीरेंद्र सेंगर को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। सोमपाल शास्त्री ने ये बात निडर और बेबाक पत्रकार स्व. वीरेंद्र सेंगर द्वारा लिखी गई दो पुस्तकों, सच के सिवाय व आगे और आग है के विमोचन के अवसर पर कही। नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री सोमपाल शास्त्री ने की। पूर्व डीजीपी सेवानिवृत्त आईपीएस विभूति नारायण राय विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे और वरिष्ठ पत्रकार कमर वहीद नकवी की इस मौके पर गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर प्रसिद्ध लेखक व विचारक प्रो. पुरुषोत्तम अग्रवाल मुख्य वक्ता थे। इस अवसर पर वीरेंद्र सेंगर के साथ काम कर चुके पत्रकारों और उनके अत्यंत घनिष्ठ मित्रों द्वारा लिखी गई स्मारिका स्मृतियां वीरेंद्र सेंगर की भी जारी की गई। देश के प्रख्यात पत्रकारों ने इस आयोजन में भाग लिया। इस मौके पर विभूति नारायण राय ने कहा कि सच लिखने में बहुत बाधाएं हैं लेकिन वीरेंद्र सेंगर इन बाधाओं से तनिक भी नहीं घबराए। इस अवसर पर कमर वहीद नकवी ने कहा कि सच न बोलना ठगना है। वीरेंद्र सेंगर सच्चे पत्रकार थे। वे पक्षपाती नहीं थे। दिल्ली के सुधा गोयल हत्याकांड की उन्होंने जो रिपोर्टिंग की वो बेमिसाल है। प्रो. पुरुषोत्तम अग्रवाल ने कहा कि देश में माहौल ऐसा है कि मूर्ख होना गर्व का विषय हो गया है। विरेंद्र सेंगर ने सच को सच लिखने की हिम्मत की। यही वजह है कि वे कालजयी पत्रकार बन गए हैं। गौरतलब है कि 1955 में उत्तरप्रदेश के कानपुर के गांव खांडेपुर में जन्में वरिष्ठ पत्रकार वीरेंद्र सेंगर का 26 मार्च 2025 को उत्तराखंड नैनीताल जिले के नौकिछियाताल में निधन हो गया था। उन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत कानपुर से की थी और उसके बाद दिल्ली आकर चार दशक तक उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी निर्भीक पत्रकारिता की धाक जमाई। सेंगर चौथी दुनिया समाचार पत्र के आधार स्तंभ रहे, अमर उजाला व संडे मेल आदि अनेक नामी गिरामी अखबारों में भी उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। जब उत्तरप्रदेश के हाशिमपुरा कांड की खबर को कोई हाथ लगाने को तैयार नहीं था तब उस खबर को वीरेंद्र सेंगर ने सबूतों के साथ छापा। इससे पूरी दुनिया को आजाद भारत में हुए इस वीभत्स नरसंहार का पता चला। पूरे देश को भी पहली बार इस रिपोर्टिंग से वीरेंद्र सेंगर की प्रतिभा, पत्रकारिता और जज्बे का पता चला। प्रसिद्ध किसान नेता स्व. महेंद्र सिंह टिकैत द्वारा चलाये गए किसान आंदोलन की वीरेंद्र सेंगर द्वारा की गई रिपोर्टिंग को मील का पत्थर माना जाता है। इसी तरह उन्होंने गुजरात दंगों पर भी बेहतरीन रिपोर्टिंग की थी। वीरेंद्र सेंगर द्वारा लिखी गई दो पुस्तकों सच के सिवाय व आगे और आग विमोचन के अवसर पर उनकी पत्नी रीता भदौरिया, बेटी ऋतंभरा, आलोक भदौरिया, संतोष भारतीय, विनोद अग्निहोत्री, के एम सिंह, धर्मपाल धनखड़, अमरनाथ सिंह, ममता सिंह, अमित नेहरा, अमरेंद्र राय, संजय राय, उमेश जोशी व शिवाजी सरकार आदि अनेक जाने-माने पत्रकारों ने हिस्सा लिया।

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पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने किया अटल बिहारी वाजपेयी जिला गली क्रिकेट टूर्नामेंट का शुभारंभ

पंजाब और हरियाणा ने खेलों के क्षेत्र में देश का गौरव राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया है – राज्यपाल नशामुक्त हरियाणा-नशामुक्त पंचकूला के संदेश के साथ 116 टीमें लेंगी भाग पंचकूला, 6 नवंबर(ईशान टाइम्स )–पंजाब के राज्यपाल एवं यू.टी. चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने आज सेक्टर-3 स्थित ताऊ देवी लाल खेल स्टेडियम में प्रथम भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जिला गली क्रिकेट टूर्नामेंट का विधिवत शुभारंभ किया। छह दिन तक चलने वाले इस टूर्नामेंट में कुल 116 टीमें भाग ले रही हैं। इस अवसर पर राज्यपाल ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और स्वयं मैदान में उतरकर खेल के कुछ पल उनके साथ साझा किए, जिससे खिलाड़ियों का उत्साह और मनोबल बढ़ा। उनके साथ हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष एवं स्पोर्ट्स प्रमोशन सोसाइटी के चेयरमैन ज्ञानचंद गुप्ता भी उपस्थित रहे। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कटारिया ने नशामुक्त पंचकूला और नशामुक्त हरियाणा के संकल्प के साथ इस गली क्रिकेट टूर्नामेंट के आयोजन के लिए स्पोर्ट्स प्रमोशन सोसाइटी की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह प्रतियोगिता ग्रामीण और शहरी युवाओं को खेल प्रतिभा प्रदर्शित करने का एक सशक्त मंच प्रदान कर रही है। राज्यपाल ने कहा कि इस टूर्नामेंट का आयोजन ऐसे महान व्यक्तित्व के नाम पर किया जा रहा है, जो न केवल एक कवि और साहित्यकार थे, बल्कि सच्चे राष्ट्रभक्त थे। अटल बिहारी वाजपेयी का पूरा जीवन देश सेवा को समर्पित रहा। कटारिया ने कहा कि उन्हें स्वयं भी अटल जी के साथ लंबे समय तक कार्य करने और सीखने का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस टूर्नामेंट के माध्यम से युवा न केवल अपनी खेल प्रतिभा प्रदर्शित करेंगे, बल्कि अटल जी के जीवन से प्रेरणा भी प्राप्त करेंगे। राज्यपाल ने कहा कि पंजाब और हरियाणा ने खेलों के क्षेत्र में देश का गौरव राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया है। हाल ही में महिला विश्व कप क्रिकेट जीतने वाली भारतीय टीम को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि इस टीम की चार खिलाड़ी पंजाब और हरियाणा से हैं, जो गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेलो इंडिया और फिट इंडिया जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से देश की युवा पीढ़ी को स्वाभिमान और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने की दिशा में प्रेरित किया जा रहा है। भारत में वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों की तैयारियां भी अभी से प्रारंभ कर दी गई हैं। राज्यपाल ने कहा कि देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें सही दिशा और अवसर प्रदान करने की आवश्यकता है। उन्होंने अभिभावकों से आह्वान किया कि वे बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी प्रोत्साहित करें, ताकि वे स्वस्थ रहकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकें। इस अवसर पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं स्पोर्ट्स प्रमोशन सोसाइटी के चेयरमैन ज्ञानचंद गुप्ता ने बताया कि टूर्नामेंट में स्कूल, कॉलेज, लेबर कॉलोनी और उद्योग जगत से कुल 116 टीमें भाग ले रही हैं, जिन्हें आठ जोन में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन का नाम स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर रखा गया है। इस टूर्नामेंट का उद्देश्य युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित कर उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखना है। उन्होंने बताया कि विजेता टीम को अटल ट्रॉफी व1,00,000 रुपये का पुरस्कार तथा उपविजेता टीम को अश्विनी गुप्ता ट्रॉफी व 51,000 रुपये प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा, सर्वश्रेष्ठ क्षेत्ररक्षक, सर्वश्रेष्ठ कैचर, सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज, सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर और मैन ऑफ द टूर्नामेंट को 5,100-5,100 रुपये की राशि से सम्मानित किया जाएगा। गुप्ता ने बताया कि स्पोर्ट्स प्रमोशन सोसाइटी, पंचकूला पिछले लगभग 15 वर्षों से जिले में क्रिकेट, बैडमिंटन और कबड्डी जैसी प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन करती आ रही है। संस्था का उद्देश्य युवाओं को खेलों से जोड़कर उन्हें नशे और अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रखना है, ताकि वे समाज और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभा सकें। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष गली क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया गया है। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्रीमती रेखा शर्मा, समाजसेवी प्रदीप गोयल, स्पोर्ट्स प्रमोशन सोसाइटी के पैट्रन विनोद मित्तल, प्रधान डी.पी. सोनी, डीपी सिंघल, महासचिव एन.डी. शर्मा, कोषाध्यक्ष वीरेंद्र मेहता, सचिव जितेंद्र महाजन, शिवालिक विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष ओमप्रकाश देवी नगर, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती बंतो कटारिया, युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष दीपक शर्मा, पार्षद हरेंद्र मलिक, भाजपा युवा मोर्चा कोषाध्यक्ष अमित गुप्ता, अमरजीत कुमार सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे

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10नवम्बर से 30 नवम्बर 2025 तक जनगणना 2027 प्री-टेस्ट को होगा आयोजन

पंचकूला, 6 नवंबर(ईशान टाइम्स)- नगराधीश व जनगणना 2027 की नोडल अधिकारी जागृति ने बताया कि जनगणना 2027 प्री-टेस्ट के लिए पंचकूला जिले के कालका तहसील को चुना गया है। इस संबंध में तैयारियों के तहत 50 प्रगणको एवं पर्यवेक्षकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम दिनांक 4 से 6 नवम्बर 2025 तक जनगणना कार्य निदेशालय, हरियाणा के अधिकारियों के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। उन्होंने बताया कि देश में भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय द्वारा जनगणना 2027 प्री-टेस्ट का आयोजन 10 नवम्बर से 30 नवम्बर 2025 तक किया जाना है, जिसके लिए हरियाणा राज्य के 3 जिलों को चयनित किया गया है जिसमें पंचकुला जिले की तहसील कालका के 12 गाँवों को इसमें सम्मिलित किया गया है। जनगणना 2027 प्री टेस्ट के लिए तहसीलदार, कालका को चार्ज अधिकारी नियुक्त किया गया है।

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हरियाणा सरकार की महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की मुहिम में साथ आई एसएसीसी संस्था

अतिरिक्त उपायुक्त निशा यादव ने किया पंचकूला ‘उड़ान’ कार्यक्रम का शुभारंभ उड़ान’ कार्यक्रम पंचकूला जिले में आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक परिवर्तनकारी कदम: अतिरिक्त उपायुक्त निशा यादव पंचकूला, नवंबर 6(ईशान टाइम्स )।हरियाणा सरकार की महिला सशक्तिकरण की मुहिम को आगे बढ़ाते हुए पंचकूला जिला में आज एक संस्था के सहयोग से ‘उड़ान’ कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस महत्वपूर्ण पहल का उद्घाटन पंचकूला की अतिरिक्त उपायुक्त श्रीमती निशा यादव ने किया। हरियाणा राज्य में महिला श्रम बल भागीदारी दर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की अत्यंत संभावनाएँ हैं। इसी क्रम में, पंचकूला जिला अब स्वरोजगार शुरू करने व सरकारी उद्योग योजनाओं का लाभ उठाने वाली महिलाओं की संख्या बढ़ाने पर विशेष ज़ोर दे रहा है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम लेते हुए एसएसीसी संस्था ने डीएलएफ के संस्थापक के पी सिंह की फाउंडेशन के साथ मिलकर ‘उड़ान’ कार्यक्रम की शुरुआत की जिसका शुभारंभ पंचकुला की अतिरिक्त उपायुक्त श्रीमती निशा यादव के द्वारा किया गया। ‘उड़ान’ हरियाणा प्रदेश में अगले एक साल में कम से कम 10,000 महिलाओं को उद्यमिता के लिए प्रेरित करते हुए, 2,000 महिलाओं को उद्यमिता, डिजिटल साक्षरता और वित्तीय स्वतंत्रता में प्रशिक्षित करने के लिए डिज़ाइन की गई है। इसके पहले चरण में उन महिलाओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा जिनके पास व्यावसायिक विचार, घर-आधारित गतिविधियाँ या छोटे उद्यम हैं, जिनमें कारीगरों और होम शेफ से लेकर ब्यूटीशियन, सेवा प्रदाताओं और अन्य होमप्रेन्योर शामिल हैं। अपने विचार साँझा करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त श्रीमती निशा यादव ने कहा की यह कार्यक्रम महिलाओं में आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल सफल महिला उद्यमी बनाएगा, बल्कि समाज के लिए महत्वपूर्ण रोल मॉडल बनकर उभरेगा । यह कार्यक्रम नए उद्यम बनाकर, गरीबी कम करके और महिला स्नातकों के लिए महिला श्रम बल भागीदारी दर व महिला-नेतृत्व वाले एमएसएमई की संख्या बढ़ाकर यूनाइटेड नेशंस के प्रमुख सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स पर जिले के प्रदर्शन को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा देने का काम करेगा।

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