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इंद्रधनुष आडिटोरियम परिसर में चतुर्थ पंचकूला पुस्तक मेला 7 से थीम :ज्ञान की रोशनी से रोशन होता हरियाणा

शुक्रवार को होगा चतुर्थ पंचकूला पुस्तक मेले का उद्घाटनएक भारत श्रेष्ठ भारत का वाहक बनेंगी किताबें 8 से अधिक विभाग का संयुक्त प्रयास है ये पंचकूला पुस्तक मेला: पी के दासज्ञान, साहित्य और कला का संगम होगा किताब उत्सवः श्यामल मिश्राकिताबें बुला रही है चलो इन्द्रधनुष नारे के साथ लगेगा पंचकूला पुस्तक मेला पंचकूला 05 नवम्बर, 2025(ईशान टाइम्स)।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अवधारणा सभी के लिए किताबें अभियान को साकार करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जी की प्रेरणा से एक भारत श्रेष्ठ भारत की अवधारणा को साकार करने की वाहक बनेगी किताबें अभियान के तहत ऊर्जा संस्कृति समिति की पहल पर ऊर्जा विभाग, पुलिस विभाग, एच एस वी पी, नगर निगम, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, अक्षय ऊर्जा विभाग, परिवहन विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त पहल पर हिन्दी, अंग्रेजी, पंजाबी भाषा के 100 से अधिक प्रकाशको की किताबों की दुनिया पंचकूला के नागरिक समाज के लिए प्रदर्शित की जा रही है। ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव श्श्यामल मिश्रा एवं ऊर्जा संस्कृति समिति के संरक्षक पी के दास ने संयुक्त रूप से पुस्तक मेले के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि किताबें श्रेष्ठ समाज की रचना का आधार है। हरियाणा राज्य की स्थापना के 60 वर्ष पूरे होने के अवसर पर समाज के सभी आयु समूह के लिए किताबों को जीवन का अनिवार्य हिस्सा बनाना आज़ादी के रंग किताबों के संग एवं आओ मनाये किताबों संग उत्सव नारे के साथ देश और दुनिया की किताबे ज्ञान की गंगा बहाने के लिए पंचकूला की सरजमी पर आ रही हैं। उन्होने कहा कि हरियाणा दिवस एवं दीपावली जैसे उत्सवों के अवसर पर मेले में प्रतिदिन विमर्श कार्यशाला और रंगमंच, लोकनृत्य जैसी गतिविधियों के माध्यम से समाज को चिन्तनशील बनाने के लिए कई आयोजन किये जा रहे है। 7 दिवसीय चतुर्थ पंचकूला पुस्तक मेले का उद्घाटन शुक्रवार को सुबह 10:00 बजे किया जायेगा। सोलर ऊर्जा- सतत, सशक्त एवं बेहतर भविष्य की राह, साईबर युग में किताबें, सडक सुरक्षा जीवन रक्षा, महिला सशक्तिकरण में साहित्य की भूमिका, स्वच्छ और सुन्दर शहर जैसे विषयो के माध्यम से प्रतिदिन युवाओं से संवाद होगा। बाल मंडप पवेलियन में चित्रकला पुस्तक प्रश्नोत्तरी, समूह गीत, नृत्य, रागनी, कवि गोष्ठी जैसी गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। आर्ट एजुकेशन में प्रसिद्ध चित्रकार विशेष हिस्सेदारी निभा रहे है। पंचकूला पुस्तक मेले में हरियाणा की क्रिएटिव ब्यूरोक्रेसी की कृतियों के साथ प्रकृति रक्षा में किताबें विशेष रूप से प्रदर्शनी है। मेले में लेखक से मिलिए साहित्य चौपाल फिल्म प्रदर्शन विशेष आकर्षण के केन्द्र रहेगे। भारत की साहित्य अकादमी, नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के साथ हरियाणा की साहित्य अकादमी, ग्रन्थ अकादमी, पंजाबी अकादमी, संस्कृति अकादमी, उर्दू अकादमी विशेष गतिविधियों के आयोजन के साथ अपने अपने स्टाल के माध्यम से पुस्तक प्रदर्शनी में विशेष हिस्सेदारी निभा रहे है। इतिहास एवं संस्कृति अकादमी की तरफ से इतिहास के पन्ने पर हरियाणा के सेनानी विषय पर युवाओं के लिए रचनात्मक शिविर आयोजित किया जा रहा है। नेशनल बुक ट्रस्ट एवं एनसीईआरटी द्वारा शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा युवाओं एवं विद्यार्थियों के लिए युवा लेखन एवं बाल लेखन शिविर का आयोजन हरियाणा के लिए विशेष उपहार जैसा है। मेले में देश भर से हिन्दी, अंग्रेजी, पंजाबी एवं उर्दू के विभिन्न प्रकाशकों की एक लाख से अधिक शीर्षक की किताबें पंचकूला की धरा पर महकेंगी। मेंले में प्रतिदिन उपस्थित समाज से संवाद के लिए प्रतिदिन विषय विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे है। आज की तैयारी बैठक में समीक्षा हेतु एचपीजीसीएल, एचवीपीएनएल, डीएचबीवीएनएल, यूएचबीवीएनएल, कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग, शिक्षा विभाग, नगर निगम, परिवहन विभाग, अक्षय ऊर्जा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस विभाग एवं एचएसवीपी के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने दायित्वों के निर्वहन की प्रतिबद्धता दोहराई।

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भदोही में ‘विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ के लिए जनभागीदारी पर जोर

भदोही, 5 नवम्बर 2025(राजेश जायसवाल, ईशान टाइम्स)।प्रदेश सरकार के “विकसित उत्तर प्रदेश @2047” विज़न डॉक्यूमेंट निर्माण अभियान के तहत सोमवार को भदोही में अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई।जिलाधिकारी शैलेष कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविंद शुक्ल ने की, जबकि अपर जिलाधिकारी कुंवर वीरेंद्र मौर्य ने अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। सीडीओ ने कहा कि “विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश का सपना तभी साकार होगा जब इसमें जनभागीदारी होगी। यह सिर्फ सरकार नहीं, बल्कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक का साझा संकल्प है।”उन्होंने जनपदवासियों से अधिकाधिक सुझाव देने की अपील करते हुए कहा कि एक सशक्त, आत्मनिर्भर और समृद्ध उत्तर प्रदेश के निर्माण में हर व्यक्ति की भागीदारी आवश्यक है। एडीएम कुंवर वीरेंद्र मौर्य ने बताया कि नागरिक अपने सुझाव QR कोड स्कैन कर या पोर्टल https://samarthuttarpradesh.up.gov.in पर ऑनलाइन सबमिट कर सकते हैं।डीएम भदोही के फेसबुक, एक्स (ट्विटर) एकाउंट सहित कलेक्ट्रेट, विकास भवन, तहसीलों, थानों व प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर “विकसित उत्तर प्रदेश @2047” विषयक होर्डिंग्स और स्टैण्डी लगाए गए हैं, जिन पर QR कोड व लिंक उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन सुझाव सबमिट करने वालों को सहभागिता प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा और चयनित सुझावों को जनपद व प्रदेश स्तर पर पुरस्कृत भी किया जाएगा। एक मोबाइल नंबर से अधिकतम तीन सुझाव भेजे जा सकते हैं। बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी विभाग अपने निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार नागरिकों से सुझाव अपलोड कराने में सक्रिय भूमिका निभाएं। बैठक में सीएमओ डॉ. संतोष चक, डीडीओ ज्ञान प्रकाश, डीपीआरओ संजय मिश्रा, डीआईओएस अंशुमान, बीएसए विकास चौधरी, उपायुक्त उद्योग अनुराग राय सहित समस्त खंड विकास अधिकारी और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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असमय बारिश से फसलें बर्बाद, किसानों पर संकट — सपा प्रदेश सचिव आरिफ सिद्दीकी ने की मुआवजे की मांग

मुख्यमंत्री से विशेष सर्वेक्षण कर प्रभावित किसानों को तत्काल राहत देने की अपील भदोही, 5 नवम्बर 2025(राजेश जायसवाल,ईशान टाइम्स)समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव आरिफ सिद्दीकी ने कहा कि प्रदेशभर में हुई बिना मौसम की बारिश से किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। उन्होंने कहा कि यह किसानों के लिए “विकट संकट” की घड़ी है, जिसमें सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल राहत कदम उठाने चाहिए। श्री सिद्दीकी ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि विगत दिनों हुई असमय व भारी वर्षा के कारण विशेषकर भदोही जिले सहित प्रदेशभर में धान, मक्का, मूंगफली और अन्य खरीफ फसलें जो कटाई के लिए तैयार थीं, खेतों में ही नष्ट हो गई हैं। कई इलाकों में जलभराव से खड़ी फसलें सड़ने की कगार पर हैं। उन्होंने कहा कि यह नुकसान किसानों के लिए एक बड़ी आपदा बन गया है और पहले से चुनौतियों से जूझ रहे किसान अब पूरी तरह टूट चुके हैं। सिद्दीकी ने कहा, “ऐसे समय में किसानों का मनोबल बनाए रखना और उन्हें इस संकट से उबारना सरकार का नैतिक दायित्व है।” उन्होंने मांग की कि प्रभावित क्षेत्रों में फसलों के नुकसान का विशेष सर्वेक्षण अभियान चलाया जाए और किसानों को उनकी बर्बाद फसलों के लिए तत्काल और पर्याप्त आर्थिक मुआवजा दिया जाए। साथ ही, अल्पकालीन कृषि ऋणों की वसूली में छूट दी जाए और किसानों को नए ऋण आसान शर्तों पर उपलब्ध कराए जाएं।

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भदोही में साइबर अपराध से बचाव को लेकर पुलिस का जागरूकता अभियान शुरू

भदोही, 5 नवम्बर 2025(राजेश जायसवाल,ईशान टाइम्स)साइबर अपराधों की रोकथाम और आम नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से भदोही पुलिस द्वारा जिलेभर में व्यापक साइबर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।पुलिस अधीक्षक श्री अभिमन्यु मांगलिक के निर्देशन एवं अपर पुलिस अधीक्षक श्री शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में जनपदीय साइबर थाना/सेल व जनपद के सभी थानों की साइबर टीमों द्वारा विभिन्न स्थानों पर जन चौपाल का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में आज हरिहरनाथ मंदिर परिसर, ज्ञानपुर में साइबर थाना/सेल की टीम — का. कन्हैया कुमार, का. मान सिंह, उपनिरीक्षक ओम प्रकाश यादव व आरक्षी विनोद कुमार यादव ने उपस्थित लोगों को साइबर फ्रॉड से बचाव के उपाय बताए।लोगों को अनजान नंबरों से आए कॉल व संदेशों से सावधान रहने, संदिग्ध लिंक या APK फाइल्स न खोलने, तथा सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा न करने की सलाह दी गई। साथ ही यह भी बताया गया कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी या वित्तीय धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या cyber.gov.in पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराएं। इस दौरान उपस्थित नागरिकों को जागरूकता संबंधी पंपलेट भी वितरित किए गए। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि साइबर अपराध से बचाव का सबसे बड़ा हथियार सावधानी और जागरूकता है।

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वो काली रात ‘डॉक्टर’ नें जबरन पकड़ रखा था ! मैं चीखी, भागी, लेकिन कौन सुनेगा गरीब ‘नौकरानियों का दर्द’ !

मुंबई, ठाणे के वर्तकनगर इलाके से एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जो न सिर्फ एक डॉक्टर की हैवानियत को उजागर करती है, बल्कि गरीबी की उस काली सच्चाई को भी नंगा कर देती है, जहां मजबूर औरतें रोजगार के नाम पर शोषण की भेंट चढ़ जाती हैं। “डॉ. श्री अनिल गर्ग” नामक एक डॉक्टर पर चार महिलाओं के साथ यौन शोषण का गंभीर आरोप लगा है। वर्तकनगर पुलिस थानें में दर्ज FIR (संख्या 800/2025) भारतीय दंड संहिता की धारा 74 और 79 के तहत दर्ज की गई है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह केस सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाएगा। या सरकार इस गरीबी की चीख को सुन पाएगी, 21 साल की महिला श्रीमती सुषमा ( बदला हुआ नाम), एक गरीब परिवार की बेटी, जो वावेट गांव (रायगढ़ जिला) की मूल निवासी हैं, आज अपनी आंसुओं भरी आपबीती बयां कर रही हैं। “मैं तो बस परिवार का पेट पालने के लिए भांडुप की दीपक एजेंसी में केयरटेकर का काम कर रही थी। छह महीने से रोज सुबह उठकर घरों में झाड़ू-पोंछा, बर्तन धोना, मालिश करना—सब कुछ। मेरी कमाई से पापा, दो बहनें और गांव का घर चलता है। लेकिन 17 जून 2025 को जब एजेंसी ने मुझे डॉक्टर अनिल गर्ग के फ्लैट हस्ता बिल्डिंग, कोरस नक्षत्र टावर) वर्तकनगर ,थानें भेजा, तो मैंने सोचा था कि यह बस एक और नौकरी है। कौन जानता था कि यह मेरी जिंदगी का सबसे काला दिन साबित होगा। सुषमा की जुबानी, शुरुआत तो सामान्य थी। डॉक्टर साहब और उनकी पत्नी प्रीति गर्ग के घर झाड़ू लगाना, बाहर घुमाने जाना, हाथ-पैर की मालिश करना—सब कुछ सहन हो गया। लेकिन 18 अक्टूबर 2025 को मालिश के बहाने अनिल गर्ग ने अपनी हैवानियत दिखाई। “उन्होंने कहा, ‘गुप्तांगों की भी मालिश करो’। मैंने मना किया, लेकिन उनकी पत्नी ने कहा, ‘वह मजबूर नहीं कर रहे’। फिर 26 अक्टूबर की वह काली रात—रात 8:30 बजे बेडरूम में गाने चला दिए, मुझे जबरन छुआ, शरीर पर गंदे हाथ फेरने की कोशिश की। मैं चीखी, भागी, लेकिन कौन सुनेगा एक गरीब नौकरानी की!” समीक्षा रोते हुए बताती हैं। काम छोड़ दिया, लेकिन तब तक तीन अन्य महिलाएं भी इसी डॉक्टर के जाल में फंस चुकी थीं। ये महिलाएं भी एजेंसी के जरिए भेजी गईं—गरीबी ने उन्हें मजबूर किया, और एक ‘डॉक्टर’ ने उन्हें शिकार बनाया। यह घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे समाज की लाचारी का आईना है। डॉक्टर अनिल गर्ग—जिन्हें समाज ‘भगवान’ का दर्जा देता है—एक सम्मानित पेशे को कलंकित कर दिया। मरीजों की सेवा करने वाले हाथों से महिलाओं का शोषण. यह कैसी विडंबना है! लेकिन असली अपराधी कौन। वह गरीबी जो इन महिलाओं को एजेंसी के चंगुल में धकेल देती है, जहां कोई सुरक्षा नहीं, कोई जांच नहीं। दीपक एजेंसी जैसी संस्थाएं बिना बैकग्राउंड चेक के घरों में भेजती हैं, और शोषण होता रहता है। चार महिलाएं—सभी गरीब, सभी मजबूर। एक की कहानी सुनकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं, तो चार की कल्पना कीजिए। और सरकार। महाराष्ट्र सरकार की महिलाओं की सुरक्षा योजनाएं—’बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ से लेकर ‘महिला हेल्पलाइन’ तक—कहां हैं? ठाणे जैसे महानगर में, जहां करोड़ों की महिलाएं घरेलू कामगार हैं, वहां श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी, स्वास्थ्य बीमा या शोषण रोकने के लिए सख्त कानून क्यों नहीं।नकेंद्र सरकार की ‘उज्ज्वला’ या ‘पीएम आवास’ जैसी स्कीम्स गरीबी मिटाने का दावा करती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि गांव की बेटियां शहरों में आती हैं तो शोषण का शिकार बनती हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़े बताते हैं कि 2024 में ही महाराष्ट्र में घरेलू कामगार महिलाओं पर यौन शोषण के 1,200 से ज्यादा मामले दर्ज हुए, लेकिन सजा के दरकारे कितने। मुश्किल से 5%! यह आंकड़े नहीं, चीखें हैं जो सरकार की नींद उड़ाने चाहिए। समीक्षा कहती हैं, “मैंने FIR दर्ज कराई, लेकिन डर लगता है। क्या न्याय मिलेगा।नया डॉक्टर साहब की ‘रसूख’ सब दबा देगी।” अन्य तीन महिलाएं भी नाम छिपाकर मीडिया के सामने आकर बोल रही हैं—गरीबी का बोझ इतना कि आवाज दब जाती है। यह घटना ठाणे की सड़कों पर गूंज रही है, लेकिन विधानसभा में बहस कब होगी। मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस और महिला एवं बाल विकास मंत्री से सवाल है—क्या इन गरीब बहनों के लिए कोई ठोस कदम उठेगा। एजेंसियों पर सख्त निगरानी, डॉक्टरों के बैकग्राउंड चेक, और गरीबी उन्मूलन के वास्तविक कार्यक्रम—बिना इनके, यह शोषण का चक्र चलता रहेगा। आज समीक्षा और उन चार बहनों की आंखों में आंसू हैं, लेकिन समाज की अंतरात्मा जागे तो शायद न्याय की किरण दिखे। गरीबी कोई अपराध नहीं, लेकिन इसका फायदा उठाना सबसे बड़ा पाप है। सरकार, जागिए! डॉक्टरों का सम्मान बचाइए, और इन गरीब बहनों को न्याय दीजिए। वरना, यह चीखें और तेज हो जाएंगी।

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भदोही में भाजपा का मतदाता पुनरीक्षण अभियान शुरू

चार दिसंबर तक चलेगा विशेष अभियान, हर बूथ पर बीएलए व प्रवासी कार्यकर्ता सक्रिय भदोही, 5 नवम्बर 2025(राजेश जायसवाल, ईशान टाइम्स)भदोही जनपद की तीनों विधानसभाओं—भदोही, ज्ञानपुर और औराई—में भाजपा ने आज मतदाता पुनरीक्षण अभियान की औपचारिक शुरुआत की। कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित दीनदयाल उपाध्याय एवं डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला प्रभारी नागेंद्र रघुवंशी उपस्थित रहे, जबकि अध्यक्षता जिला अध्यक्ष दीपक मिश्रा ने की।जिला प्रभारी रघुवंशी ने बताया कि बीएलए-1, बीएलए-2 और जिला प्रवासी कार्यकर्ताओं को प्रत्येक बूथ पर जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह अभियान 4 नवम्बर से 4 दिसम्बर तक चलेगा, जिसके अंतर्गत नए मतदाताओं को जोड़ने और मतदाता सूची में सुधार का कार्य किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 10 से 20 नवम्बर तक जनपदभर में जनजागरण पदयात्रा निकाली जाएगी, जिसमें सभी जनप्रतिनिधि व कार्यकर्ता भाग लेंगे।औराई के त्रिलोकपुर में आयोजित कार्यक्रम में विधायक दीनानाथ भास्कर, जबकि ज्ञानपुर में विधायक विपुल दुबे ने भाग लेकर कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया। इस अवसर पर रविंद्र नाथ त्रिपाठी, कन्हैया लाल मिश्रा, हौसला प्रसाद पाठक, पुष्पा मालवी, मनीषा अंबड, गोवर्धन राय सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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रजनीश ने सी ए बनकर भदोही का मान बढ़ाया

भदोही(राजेश जायसवाल , ईशान टाइम्स)।जनपद की पहचान कालीन है पर अब शिक्षा के क्षेत्र में बच्चे आई ए एस, पी सी एस, डॉक्टर इंजीनियर चार्टर्ड अकाउंटेंट बनकर भदोही का नाम रोशन कर रहे है। 3 नवंबर को सी ए फाइनल का परिणाम घोषित हुआ है जिसमें भदोही के नेशनल इंटर कॉलेज के वरिष्ठ शिक्षक डॉ राजेंद्र प्रसाद गुप्ता के छोटे पुत्र रजनीश अग्रहरि ने यह परीक्षा पास कर भदोही का मान बढ़ाया है। परिणाम आते ही घर बधाई देने वाले का ताता लग गया। सभी ने रजनीश को मिठाई खिलाकर इस सफलता पर बधाई दी। रजनीश ने इस सफलता का श्रेय अपने माता पिता और गुरुजनों के मार्गदर्शन को दिया और कहा कि वास्तव में यह परीक्षा देश के सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है पर निरंतरता और कठिन परिश्रम करके लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है मै प्रतिदिन 13 से 14 घंटे पढ़ाई करता था। रजनीश के पिता जी ने बताया कि रजनीश बचपन से ही पढ़ाई में रुचि रखता था। रजनीश ने हाई स्कूल 2016 में वुडवर्ड पब्लिक स्कूल से 95% से पास किया। इंटर मीडिएट की परीक्षा ग्रीन व्यू पब्लिक स्कूल से 2018 में 92% से पास किया। शुरू से ही इनकी रुचि सी ए में थी इसलिए इंटर के बाद से ही सी ए की तैयारी शुरू कर दी।

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करनाल में सरकारी धान घोटाले में लगातार एक्शन जारी

अब जिला प्रबंधक (डीएम) अमित कुमार को निलंबित किया करनाल (ईशान राय)।जिले में सरकारी धान घोटाले का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। धान खरीद में हुई गड़बड़ी के बाद अब हैफेड विभाग में बड़ा एक्शन लिया गया है। विभाग के प्रबंध निदेशक ने जिला प्रबंधक (डीएम) अमित कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। हैफेड मुख्यालय पंचकूला से 4 नवंबर 2025 को जारी आदेश में कहा गया है कि निलंबन अवधि के दौरान वे नियम अनुसार वेतन और भत्ते प्राप्त करेंगे। इस दौरान उनका मुख्यालय पंचकूला रहेगा। करनाल और तरावड़ी मंडियों में धान खरीद में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद पहले ही कई अधिकारी नप चुके हैं। फूड एंड सप्लाई विभाग के 4 इंस्पेक्टर, 1 सब इंस्पेक्टर,तरावड़ी मार्केट कमेटी के सचिव संजीव सचदेवा,करनाल मंडी की सचिव आशा रानी, 2 मंडी सुपरवाइजर, 1 ऑक्शन रिकॉर्डर और 3 ऑपरेटरों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। अब हैफेड के जिला प्रबंधक अमित कुमार पर भी गाज गिरी है। सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में और भी अधिकारियों पर कार्रवाई की संभावना है।

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जनता घबराई,”अब तो कुछ कीजिए!” वो बोले,”बस एक रैली

जनता घबराई,”अब तो कुछ कीजिए!” वो बोले,”बस एक रैली और,फकीर को पकड़कर लाए, ताज सिर पर रखा ! फकीर का सिंहासन।जब झोला उठाकर भागने की तैयारी हो! एक राज्य था, जहाँ पुराना राजा चल बसा।उत्तराधिकार की लड़ाई शुरू हुई, तो दरबारियों ने सोचा क्यों न किसी बाहरी को ताज पहना दें। तभी महल के बाहर से एक फकीर गुजर रहा था – न घर, न परिवार, न कोई जिम्मेदारी। “इसे राजा बना दो,” किसी ने सलाह दी, “यह तो सादा जीवन जीता है, राज्य को लूटेगा नहीं!” फकीर को पकड़कर लाए, ताज सिर पर रखा, और घोषणा हो गई नया महाराज! अब फकीर की मौज! सुबह-सुबह सात तरह के पकवान, रेशमी बिस्तर पर नींद, सोने के कपड़े, और दिन भर दरबार में चोपड़ की बाजियां। पड़ोसी राज्य के राजा को खबर लगी “अरे, ये तो फकीर है, जो सिर्फ पासे फेंकता रहता है!” उसने सेना भेज दी – हमला हो गया!सेनापति दौड़ा “महाराज, दुश्मन आ गया, कुछ कीजिए!” फकीर बोला, “अरे, चिंता मत करो, एक बाजी और खेल लूं!” सेनापति फिर आया “महराज, सेना द्वार पर है!” फकीर: “बस एक बाजी और!” आखिर सेनापति चिल्लाया, “महराज, दुश्मन महल में घुस आया!” फकीर मुस्कुराया: “अच्छा। तो मेरे कौन से बाल-गोपाल रो रहे हैं।मैं तो फकीर हूं, झोला उठाकर निकल लूंगा!” और खिड़की से कूदकर फरार! कहानी पुरानी है, लेकिन भारत की राजनीति में आजकल ऐसे फकीरों की भरमार है। चुनाव आते ही कोई ‘सादा जीवन, उच्च विचार’ वाला चेहरा उभरता है – न कोई पुराना बोझ, न परिवारवाद की जंजीरें। जनता सोचती है: “ये तो हमारा मसीहा है, भ्रष्टाचार मिटा देगा!” वोट डालो, ताज पहनाओ, और शुरू हो जाता है चोपड़ का खेल – नहीं, माफ कीजिए, ‘जनसेवा’ का ड्रामा! पड़ोसी ‘राज्य’ (यानी विपक्ष या कोई संकट) हमला करता है – महंगाई की सेना, बेरोजगारी का घेरा, या भ्रष्टाचार का तूफान। नेता जी चिल्लाते हैं “चिंता मत करो, एक प्रेस कॉन्फ्रेंस और कर लूं!” जनता घबराई,”अब तो कुछ कीजिए!” वो बोले,”बस एक रैली और!” आखिर जब ‘सेना’ सिंहासन तक पहुंचती है – मतलब जनता का गुस्सा सड़कों पर – तो फकीर मुस्कुराते हैं, “अरे, मेरे कौन से वोटर रो रहे हैं। मैं तो ‘फकीर’ हूं, झोला उठाकर अगले राज्य (या पार्टी) चला जाऊंगा! देखिए न, कितने ‘फकीर’ आजकल सत्ता के महल में बैठे हैं। एक कहता है “मैं तो फकीर हूं, झोला लेकर चल दूंगा” – लेकिन झोला तो हीरे-जवाहरात से भरा रहता है! दूसरा ‘आम आदमी’ बनकर आता है, लेकिन सिंहासन पर बैठते ही रेशमी कुर्सी चिपक जाती है। हमला होता है – अर्थव्यवस्था डूबती है, युवा बेरोजगार सड़कों पर – नेता जी: “एक योजना और लॉन्च कर लूं!” जनता चिल्लाए: “अब तो बचाओ!” वो, “बस एक चुनाव और जीत लूं!”कटाक्ष ये कि फकीरों के भरोसे राज्य नहीं चलता, भई! फकीर तो आते हैं, मौज करते हैं, और भाग जाते हैं। असली राजा वो जो जिम्मेदारी निभाए, न कि झोला तैयार रखे। वरना भारत का महल खाली हो जाएगा, और हम फिर किसी नए फकीर की तलाश में लग जाएंगे। संयोग मात्र। हां, बिलकुल – जैसे हर चुनाव में नया ‘मसीहा’ आता है, और पुराना झोला उठाकर फरार। अंत में ,नोट”:इस लेख से भारत की राजनीति से कोई लेना देना नही है यह एक काल्पनिक सोच हैं।

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भदोही जहाँ जाम ‘राजा’ है और अधिकारी ‘रानी’ सो रही हैं!लेकिन असली ‘क्लाइमेक्स’ तो तब आता है जब एंबुलेंस फंस जाती है!

भदोही,(उत्तरप्रदेश)। आजकल कालीन नगरी भदोही शहर का लिप्पन तिराहा किसी जंगल की भूलभुलैया से कम नहीं। यहाँ वाहनों की लंबी-लंबी कतारें ऐसी लगती हैं मानो कोई ‘ट्रैफिक महाकाव्य’ लिखा जा रहा हो – बस, इसमें हीरो की जगह हॉर्न बजाने वाले ड्राइवर हैं और विलेन हैं वो अतिक्रमणकारी दुकानदार जो सड़क को अपनी ‘प्राइवेट पार्किंग’ समझ बैठे हैं। लेकिन असली ‘क्लाइमेक्स’ तो तब आता है जब एंबुलेंस फंस जाती है – जी हाँ, वो एंबुलेंस जो किसी की जान बचाने दौड़ रही होती है, लेकिन यहाँ तो वो भी ‘ट्रैफिक सिग्नल’ की तरह रुक जाती है। कल्पना कीजिए: मरीज तड़प रहा है, सायरन चीख रही है, लेकिन अधिकारी महोदयों के कानों में जूँ तक नहीं रेंग रही!पिछले हफ्ते ही, 1 नवंबर को, लिप्पन तिराहे और गजिया ओवरब्रिज पर ऐसा ही तमाशा हुआ। आम आदमी के साथ-साथ बड़े-बड़े अधिकारी भी घंटों फंसे रहे – हाँ, वही अधिकारी जो ‘यातायात सुधार’ के नाम पर मीटिंग्स में चाय पीते हैं। एंबुलेंस फंसी, स्कूली बच्चे रोते-बिलखते, लेकिन ट्रैफिक पुलिस के जवान तो जैसे ‘जादूगर’ बन गए – कड़ी मशक्कत के बाद जाम खुला, लेकिन अगले दिन फिर वही पुरानी कहानी। क्या यह ओवरब्रिज बनवाने का मतलब था! कि जाम को ‘उन्नत’ स्तर पर ले जाया जाए? फरवरी में तो कई अखबारों ने भी चिल्ला-चिल्लाकर कहा था कि ‘ओवरब्रिज ही समस्या बन गया है’, लेकिन सरकार के कानों पर तो जैसे ‘साइलेंसर’ लगा है – कुछ सुनाई ही नहीं देता!?अब जरा सोचिए, हमारे माननीय अधिकारियों का क्या हाल होगा। वो तो एसी कारों में घूमते हैं, जहाँ जाम का मतलब है ‘जल्दी अमीर’ होना! लिप्पन तिराहे पर जाम लगे तो वो सोचते होंगे, “अरे, ये तो जनता का ‘एक्सरसाइज’ है – रोजाना वॉकिंग ट्रेनिंग!” या फिर, “ओवरब्रिज बन गया, अब तो सब सेट। बाकी तो ड्राइवरों की गलती है।” हाँ भाई, गलती तो हमारी ही है जो हम टैक्स देते हैं, लेकिन सड़कें बनाने की बजाय ‘सेल्फी पॉइंट्स’ बनवा देते हैं। जुलाई में तो तीन घंटे स्कूली वाहन फंसे थे – बच्चे तो डर से काँप रहे होंगे, लेकिन शिक्षा विभाग के बाबूजी शायद ‘ऑनलाइन क्लास’ की योजना बना रहे होंगे। और सरकार। अरे वाह! ‘उत्तर प्रदेश विकास का इंजन’ – लेकिन यह इंजन तो लिप्पन तिराहे पर ही पटरी से उतर गया। चुनावी वादों में ‘स्मार्ट सिटी’ का जाप तो करते हैं, लेकिन यहाँ तो ‘स्मार्ट जाम’ चल रहा है – हर दिन नया रिकॉर्ड तोड़ता। क्या कोई मंत्री साहब कभी पैदल चलकर देख लें। या फिर, ट्रैफिक पुलिस को ‘सुपरपावर’ दे दें – जैसे, जाम को ‘हाइप्नोटाइज’ करने की। नहीं तो जनता की कराहें तो जारी रहेंगी, और अधिकारी महोदयों के ‘कान साफ’ करने का इंतजार ही करते रहेंगे। कहते हैं न, ‘जब तक जूँ न रेंगे, तब तक कान न खुजलाएँगे।’ लेकिन भदोही की जनता के लिए तो ये जूँ ही नहीं, पूरा ‘ट्रैफिक सर्कस’ रेंग रहा है! कब सुधरेंगे ये ‘विकास के पहिए’। या फिर, अगले चुनाव तक इंतजार करें – तब शायद ‘जाम-मुक्त भदोही’ का वादा फिर सुनाई दे। तब तक, हॉर्न बजाते रहिए, भाइयों-बहनों। क्योंकि यही तो हमारा ‘राष्ट्रीय गान’ बन गया है!

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