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17 अक्टूबर को सरकार के एक वर्ष पूरे होने पर सोनीपत में आयोजित होने वाले विशेष कार्यक्रम में शामिल होंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रदेशवासियों को करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित हुई कैबिनेट की अनौपचारिक बैठक हरियाणा सरकार की एक वर्ष की उपलब्धियों और विकास कार्यों पर हुई विस्तृत चर्चा चंडीगढ़, 4 अक्टूबर(संजय राय),हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज राज्य कैबिनेट की अनौपचारिक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश सरकार की एक वर्ष की उपलब्धियों, विकास कार्यों, और विभिन्न प्रशासनिक मुद्दों पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया। यह बैठक सेवा पखवाड़े के सफल समापन के उपरांत आयोजित हुई, जिसमें कैबिनेट सदस्यों ने न केवल प्रदेश की प्रगति का मूल्यांकन किया बल्कि आगामी योजनाओं और विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर भी चर्चा की। बैठक में हरियाणा सरकार के गठन के एक वर्ष पूरे होने के अवसर पर 17 अक्टूबर को सोनीपत में आयोजित होने वाले राज्यस्तरीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन को लेकर विशेष चर्चा हुई। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोनीपत में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे और इस अवसर पर प्रदेशवासियों को करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात प्रदान करेंगे। यह कार्यक्रम वर्तमान सरकार की उपलब्धियों और विकास पहलों सहित जनता के समर्थन को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर होगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गत वर्ष अक्टूबर में हरियाणा की जनता ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार को लगातार तीसरी बार मजबूत जनादेश से चुना था। अब जब सरकार का एक वर्ष पूरा हो रहा है, इस उपलब्धि को विशेष रूप से मनाने के लिए सोनीपत में 17 अक्टूबर को आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि होंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री द्वारा प्रदेश की जनता के लिए विकास की नई योजनाओं और परियोजनाओं की सौगात दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हरियाणा प्रदेश के प्रति विशेष लगाव रहा है। पिछले एक वर्ष में उन्होंने प्रदेश में दो बार आकर विकास कार्यों को नई दिशा दी है। 8 दिसंबर 2024 को पानीपत में उन्होंने “बीमा सखी योजना” का शुभारंभ किया, वहीं 14 अप्रैल 2025 को बाबा भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर हिसार से हरियाणा के पहले महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट से अयोध्या के लिए पहली फ्लाइट रवाना की। उसी दिन यमुनानगर में 7 हजार करोड़ रुपये की लागत से बन रही 800 मेगावाट की थर्मल प्लांट की नई इकाई का शिलान्यास भी किया गया। इन परियोजनाओं ने प्रदेश के विकास को नई गति प्रदान की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब एक बार फिर प्रधानमंत्री के आगमन से हरियाणा में चल रहे नॉनस्टॉप विकास कार्यों को और तेजी मिलेगी। बैठक में कैबिनेट मंत्री अनिल विज, कृष्णलाल पंवार, डॉ अरविंद शर्मा, श्याम सिंह राणा, रणबीर गंगवा, कृष्ण बेदी और कुमारी आरती सिंह राव सहित अन्य मंत्रिगण भी उपस्थित रहे।

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मोदी सरकार की नीतियों के कारण ही देश के 8 करोड़ किसान डेयरी सेक्टर से जुड़ गए हैं:अमित शाह

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज हरियाणा के रोहतक में साबर डेयरी प्लांट का लोकार्पण किया प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में सहकारिता की मजबूत नींव रखी जा रही है, वर्ष 2029 से पहले देश की हर पंचायत में एक सहकारिता समिति बनेगी साबर डेयरी ने हरियाणा के दूध उत्पादक किसानों के कल्याण के लिए 350 करोड़ रुपए की लागत से देश का सबसे बड़ा दही, दूध और मिठाई बनाने का प्लांट लगाया प्रतिदिन 150 मीट्रिक टन दही, 10 मीट्रिक टन योगर्ट, 3 लाख लीटर छाछ और 10 हज़ार किलो मिठाई बनाने वाली साबर प्लांट डेयरी किसानों की समृद्धि का प्रतीक बनेगा मोदी जी के नेतृत्व में 70 फीसद की गति से देश का डेयरी सेक्टर दुनिया में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाला सेक्टर बना है आज देश की दुग्ध प्रसंस्करण की क्षमता 660 लाख लीटर प्रतिदिन है, जिसे 2028-29 में 1 हजार लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुँचाना है मोदी सरकार डेयरी संयंत्र निर्माण और उससे जुड़े रिसर्च व डेवलपमेंट के सेक्टर में तीन गुना तेजी लाकर डेयरी सेक्टर में आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही है रोहतक , 3 अक्टूबर(संजय राय, ईशान टाइम्स)। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज हरियाणा के रोहतक में साबर डेयरी प्लांट का लोकार्पण किया। इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, केन्द्रीय सहकारिता राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर और केन्द्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इस अवसर पर अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश के किसानों की दशकों पुरानी अलग सहकारिता मंत्रालय के गठन की मांग को पूरा करने का काम किया है और इसके लिए पूरे देश की ओर से उनका आभार है। उन्होंने कहा कि पिछले 4 सालों में देश की सभी राज्य सरकारों को साथ लेकर सहकारिता मंत्रालय ने सहकारिता की नींव को गहरा करने का काम किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2029 से पहले देश की एक भी पंचायत ऐसी नहीं रहेगी, जहां एक भी सहकारिता समिति न हो।अमित शाह ने कहा कि आज साबर डेयरी के माध्यम से दूध उत्पादकों के कल्याण के लिए लगभग 350 करोड़ रुपए की लागत से पूरे देश का सबसे बड़ा दही, छाछ और योगर्ट बनाने के प्लांट का काम पूरा हो गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा से ही पूरे दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (Delhi-NCR) की दुग्ध उत्पादों की जरूरत पूरी होगी। साबर डेयरी ने गुजरात के साबरकांठा जिले से शुरूआत कर 9 राज्यों के दुग्ध उत्पादकों के लिए बहुत बड़े मौके का सृजन किया है। श्री शाह ने कहा कि गुजरात में त्रिभुवन भाई, भूरा भाई और गलबा भाई ने डेयरियों की नींव रखी और आज कोऑपरेटिव डेयरी के माध्यम से गुजरात की 35 लाख बहनें सालाना 85 हज़ार करोड़ रुपए का व्यापार कर रही हैं।केन्द्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि साबर प्लांट में प्रतिदिन 150 मीट्रिक टन दही, 10 मीट्रिक टन योगर्ट, 3 लाख लीटर छाछ और प्रतिदिन 10 हज़ार किलो मिठाई बनेंगे औऱ इससे किसानों की समृद्धि का रास्ता खुलेगा। उन्होने कहा कि आज हमारी साबर डेयरी राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र, पंजाब, उत्तर प्रदेश और बिहार के किसानों की सेवा कर रही है। अमूल के नेतृत्व में गुजरात में आधुनिक प्रजनन तकनीकों – भ्रूण स्थानांतरण औऱ लिंग निर्धारण – पर काफी वैज्ञानिक काम हुआ है। ये दोनों तकनीकें हरियाणा के पशुपालकों को भी उपलब्ध होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके साथ-साथ मधुमक्खी पालन औऱ जैविक खेती को भी राज्य में बढ़ावा देने की ज़रूरत है। गुजरात में गोबर गैस के लिए कई अच्छे प्रयोग हुए हैं और हरियाणा में भी इन प्रयोगों को लागू करने की जरूरत है। केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत का डेयरी सेक्टर पिछले 11 साल में 70 प्रतिशत की क्षमता से बढ़ा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत का डेयरी सेक्टर विश्व में सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला डेयरी सेक्टर बना है। उन्होंने कहा कि 2014-15 में भारत में दूध देने वाले पशुओं की संख्या 86 मिलियन थी जो अब बढ़कर 112 मिलियन हो गई है। इसी प्रकार, दुग्ध उत्पादन 146 मिलियन टन से बढ़कर 239 मिलियन टन हो गया है। उन्होंने कहा कि देसी नस्ल की गाय के दूध का उत्पादन 29 मिलियन टन से बढ़कर 50 मिलियन टन तक पहुंच गया है। अमित शाह ने कहा कि आज भारत के लगभग 8 करोड़ किसान डेयरी क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारत में दूध की प्रति व्यक्ति उपलब्धता को 124 ग्राम से बढ़ाकर 471 ग्राम करने का काम हमारे देश के किसानों ने किया है। उन्होंने कहा कि पिछले 11 साल में भारत के डेयरी सेक्टर में कई बदलाव हुए हैं और इसके कारण हमारे किसान समृद्ध हुए हैं।केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि श्वेत क्रांति 2.0 के तहत आने वाले दिनों में देशभर में 75 हज़ार से अधिक डेयरी समितियों की स्थापना होगी और सरकार 46 हज़ार डेयरी कोऑपरेटिव समितियों को मज़बूत भी करेगी। सहकारिता मंत्री शाह ने कहा कि हमारा वर्तमान दुग्ध प्रोक्योरमेंट 660 लाख लीटर प्रतिदिन है और वर्ष 2028-29 तक इसे बढ़ाकर 1 हज़ार लाख मीट्रिक टन तक करने का हमारा लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य हासिल करने पर सारा मुनाफा दुग्ध उत्पादन करने वाली हमारी किसान माताओं बहनों को मिलता है। एक साल में ही लगभग 33 हज़ार कोऑपेरेटिव्स को पंजीकृत कर दिया गया है।अमित शाह ने कहा कि हाल ही में मोदी सरकार ने तीन राष्ट्रीय सहकारी समितियां बनाईं हैं – पशु आहार के उत्पादन के लिए, गोबर के प्रबंधन के लिए औऱ मृत पशुओं के अवशेषों का सर्कुलर इकोनॉमी में उपयोग करने के लिए। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन, राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम शुरू किया, पशुपालन इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड बनाया और राष्ट्रीय पशुरोग नियंत्रण कार्यक्रम चलाया। शाह ने कहा कि आने वाले दिनों में हम डेयरी संयंत्र के निर्माण की दृष्टि से भी आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं और इसके लिए NDDB और बाकी सभी डेयरियां मिलतर संयंत्र निर्माण में 3 गुना कैपेसिटी एक्सपेंशन का काम करेंगे।

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तीन नए कानूनों से देश की न्याय प्रणाली हुई सशक्त, आमजन को मिल रहा त्वरित न्याय – मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

हरियाणा में तीन नए आपराधिक कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन, दोष सिद्धि दर पहुँची 82.6% – मुख्यमंत्री ऑनलाइन एफआईआर से लेकर ई-साक्ष्य तक, हरियाणा पुलिस बन रही देश के लिए आदर्श केंद्र सरकार के हर सुधार को तत्परता से लागू करेगा हरियाणा – मुख्यमंत्री चंडीगढ़, 3 अक्टूबर -(संजय राय) हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि तीन नए आपराधिक कानूनों के लागू होने से भारत की न्याय प्रणाली पहले से कहीं अधिक सशक्त, प्रभावी और पारदर्शी बनी है। इन कानूनों के माध्यम से आम नागरिकों को शीघ्र और सुगम न्याय प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह हरियाणा के लिए गर्व का विषय है कि राज्य ने इतने कम समय में न केवल इन कानूनों को लागू किया, बल्कि इनके लागू होने के बाद दोष सिद्धि दर को 82.6 प्रतिशत तक पहुँचाने में भी सफलता प्राप्त की है, जो कि एक बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी आज कुरुक्षेत्र में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह द्वारा तीन नए आपराधिक कानूनों की प्रदर्शनी के शुभारंभ अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र की पुण्य भूमि पर केंद्रीय गृहमंत्री का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह हरियाणा के लिए गर्व का विषय है कि गीता की जन्मस्थली कुरुक्षेत्र से तीन नए आपराधिक कानूनों की प्रदर्शनी का उद्घाटन हुआ है। यही वह भूमि है, जहाँ भगवान श्रीकृष्ण ने श्रीमद्भागवत गीता का उपदेश दिया था, जो आज भी संपूर्ण मानवता का मार्गदर्शन कर रही है। अमित शाह के नेतृत्व में ऐतिहासिक सुधार, अनुच्छेद 370 की समाप्ति से लेकर नए आपराधिक कानूनों तक, देश ने बदली दिशा – मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में देश में कई क्रांतिकारी निर्णय लिए गए हैं, जिनके माध्यम से ऐतिहासिक भूलों को सुधारा गया है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और धारा 35-A को हटाकर कश्मीर से कन्याकुमारी तक अखंड भारत के स्वप्न को साकार किया गया है। इसके अतिरिक्त, नागरिकता संशोधन अधिनियम के माध्यम से उन लाखों लोगों को नागरिकता प्रदान की गई है, जो वर्षों से अपने ही देश में शरणार्थी के रूप में जीवन यापन कर रहे थे। इसके साथ ही अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण भी संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के समय से प्रचलित तीन पुराने आपराधिक कानूनों को हटाकर देश में तीन नए आपराधिक कानून लागू करना भी एक ऐतिहासिक और दूरगामी निर्णय है, जिससे न्याय व्यवस्था सुदृढ़ हुई है। श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा न केवल कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने में अग्रणी राज्य है, बल्कि न्याय व्यवस्था के क्षेत्र में भी पूरे देश का मार्गदर्शन करने वाला राज्य बन चुका है। इन नए आपराधिक कानूनों को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए हरियाणा पुलिस को पूरी तरह प्रशिक्षित किया गया है। सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को इन नए कानूनों के प्रति पूरी तरह से जागरूक और सक्षम बनाया गया है। जांच अधिकारी अब इन कानूनों को समझते हुए उन्हें व्यवहार में लाने के लिए पूर्णतः सक्षम हैं। हरियाणा में न्यायिक सुधारों की नई इबारत, 2,145 वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष स्थापित उन्होंने कहा कि हरियाणा प्रदेश में इन कानूनों के क्रियान्वयन में आधुनिक तकनीक का प्रभावी ढंग से उपयोग किया गया है। ई-साक्ष्य और ई-समन ऐप को सफलतापूर्वक लागू किया गया है। गवाही देने की प्रक्रिया में भी तकनीक का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया गया है। पुलिस थानों, फोरेंसिक प्रयोगशालाओं, न्यायालय कक्षों, कारागारों और बैंकों में कुल 2,145 वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष स्थापित किए गए हैं। 1 जनवरी 2025 से 31 अगस्त 2025 तक 96.71% मामलों में अपराध स्थल की फोरेंसिक जांच की रिकॉर्डिंग ई-साक्ष्य ऐप के माध्यम से की गई है। साथ ही, आपराधिक मामलों से जुड़े भौतिक साक्ष्यों की जांच, विश्लेषण एवं रिपोर्ट तैयार करने की व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए एफएसएल प्रयोगशालाओं को 19.54 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक बनाया गया है। उन्होंने बताया कि अब एफआईआर दर्ज कराने के लिए थानों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं है। ऑनलाइन एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है। सभी जीरो एफआईआर को 24 घंटे के भीतर नियमित एफआईआर में परिवर्तित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित सुधारों को हरियाणा सरकार पूरी तत्परता से लागू करेगी। इस अवसर पर गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने तीन नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी साझा करते हुए बताया कि नए कानूनों को लागू करने से पहले राज्य स्तर पर प्रशासनिक तैयारी, अधिकारियों का प्रशिक्षण, तथा तकनीकी अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में कई ठोस कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन न केवल विधि व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाएगा बल्कि आम नागरिकों का न्याय प्रणाली पर विश्वास भी और अधिक सुदृढ़ करेगा। इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज, विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, सहकारिता मंत्री डॉ अरविन्द शर्मा, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा, सेवा मंत्री कृष्ण बेदी, स्वास्थ्य मंत्री आरती राव, खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम, सांसद नवीन जिंदल और कार्तिकेय शर्मा, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे। सकती है। सभी जीरो एफआईआर को 24 घंटे के भीतर नियमित एफआईआर में परिवर्तित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित सुधारों को हरियाणा सरकार पूरी तत्परता से लागू करेगी। इस अवसर पर गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने तीन नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी साझा करते हुए बताया कि नए कानूनों को लागू करने से पहले राज्य स्तर पर प्रशासनिक तैयारी, अधिकारियों का प्रशिक्षण, तथा तकनीकी अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में कई ठोस कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन न केवल विधि व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाएगा बल्कि आम नागरिकों का न्याय प्रणाली पर विश्वास भी और अधिक सुदृढ़ करेगा। इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज, विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, सहकारिता मंत्री डॉ अरविन्द शर्मा,

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केंद्र सरकार ने एक बार फिर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की कार्यशैली की करी सराहना

नायब सिंह के नेतृत्व में हरियाणा में युवाओं को योग्यता के आधार पर पारदर्शी व निष्पक्ष रूप से मिल रही सरकारी नौकरियाँ चंडीगढ़, 3 अक्टूबर(संजय राय) – केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की एक बार फिर प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में प्रदेश में युवाओं को योग्यता के आधार पर बिना खर्ची-पर्ची के पारदर्शी प्रक्रिया के तहत सरकारी नौकरियाँ प्रदान की जा रही हैं। अमित शाह ने इस पहल को एक सराहनीय कदम बताते हुए मुख्यमंत्री को प्रदेश की जनता की ओर से बधाई एवं साधुवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की व्यवस्था प्रदेश के युवाओं में सरकारी तंत्र के प्रति विश्वास और पारदर्शिता की भावना को मजबूत कर रही है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह आज कुरुक्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम में तीन नए आपराधिक कानूनों से संबंधित प्रदर्शनी के शुभारंभ अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने राज्य सरकार की पारदर्शी भर्ती प्रणाली की विशेष रूप से प्रशंसा की।

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न्याय प्रणाली में विश्वास का स्वर्णिम अध्याय – कुरुक्षेत्र बना साक्षी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नए आपराधिक कानूनों पर प्रदर्शनी का किया उद्घाटन क्रियान्वयन प्रक्रिया का देखा नाट्य प्रदर्शन चंडीगढ़, 03 अक्तूबर(संजय राय)- धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र, जिसने गीता का अमर संदेश पूरी दुनिया को दिया, आज न्याय प्रणाली में विश्वास के स्वर्णिम युग का गवाह बना। अवसर था—संसद द्वारा मई 2023 में पारित तीन नए आपराधिक कानूनों—भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम-2023—पर आधारित प्रदर्शनी के उद्घाटन का। देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कुरुक्षेत्र में लगाई गई इस प्रदर्शनी का विधिवत शुभारंभ किया और इसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया का लाइव डेमो भी देखा। कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की कार्यशैली की सराहना करते हुए शाह ने कहा कि सैनी न केवल मृदुभाषी और हंसमुख व्यक्तित्व के हैं बल्कि मेहनती और दूरदर्शी नेता भी हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विज़न “विकसित भारत, 2047” को हरियाणा की धरती पर उतारने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रयासों की प्रशंसा की। ब्रह्मसरोवर बना ऐतिहासिक पल का साक्षी गीता जयंती महोत्सव के लिए प्रसिद्ध पवित्र ब्रह्मसरोवर के तट पर यह आयोजन विशेष महत्व रखता है। यहीं भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कर्म का संदेश दिया था—“कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन” इसी भाव को आगे बढ़ाते हुए नए आपराधिक कानून लागू करने के लिए कुरुक्षेत्र को प्रतीक स्थल के रूप में चुना गया। जनता को मिला दीपावली का तोहफा अमित शाह ने कार्यक्रम के दौरान हरियाणा की जनता के लिए गृह, सहकारिता, शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क से जुड़ी करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री सैनी गरीब-केंद्रित योजनाओं के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने का काम कर रहे हैं। नई न्याय प्रणाली का नाट्य प्रदर्शन किया कार्यक्रम में एक विशेष प्रदर्शन के जरिए दिखाया गया कि डायल 112 पर सूचना मिलते ही पुलिस किस तेजी से कार्रवाई करती है और किस प्रकार न्यायालय तक दोषी को सजा दिलाने की पूरी प्रक्रिया संपन्न होती है। इस डेमो को प्रदर्शनी स्थल पर एलईडी पैनलों के माध्यम से लाइव दिखाया गया, जिससे लोगों में न्याय प्रणाली के प्रति नए विश्वास की स्थापना हुई। गौरव का क्षण गृह मंत्री अमित शाह इस प्रदर्शनी और हरियाणा की न्याय व्यवस्था को देखकर गदगद हुए। उन्होंने कहा कि नए आपराधिक कानून न्यायपालिका में आमजन का विश्वास और मजबूत करेंगे। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी पहले भी ‘मन की बात’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और हरियाणा सरकार की विशेष पहलों की सराहना कर चुके हैं। आज का यह आयोजन न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है, जब न्याय प्रणाली में विश्वास का एक नया अध्याय कुरुक्षेत्र से शुरू हुआ।

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क्त फूल सिंह के नाम से यूनिवर्सिटी में चेयर स्थापित की जाए : डॉ मलिक

पंचकुला , 2 अक्तूबर – हरियाणा पुलिस के पूर्व पुलिस महानिदेशक एवं जाट सभा के अध्यक्ष डॉ महेंद्र सिंह मलिक ने प्रदेश सरकार से मांग की कि भक्त फूल सिंह विश्वविद्यालय खानपुर कलां में भक्त फूल सिंह के नाम से एक चेयर स्थापित की जानी चाहिए ताकि विद्यार्थी उनके जीवन पर शोध कर सकें और युवा पीढ़ी उनसे प्रेरणा ले सके। डॉ मलिक आज यहां चौधरी छोटूराम जाट भवन में भक्त फूल सिंह की याद में आयोजित एक विचार गोष्ठी को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर जाट समाज के विवाह योग्य युवक एवं युवतियों का परिचय-सम्मेलन भी आयोजित किया गया। गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए महेंद्र सिंह मलिक ने कहा कि भक्त फूल सिंह ने नारी शिक्षा के लिए जो कार्य किया , वह एक अनूठा उदाहरण है। आर्य समाज के प्रभाव में आकर उन्होंने अपनी सरकारी नौकरी को छोड़कर मात्र तीन लड़कियों की संख्या से कन्या गुरुकुल आरम्भ किया था। उनके द्वारा लगाया गया शिक्षा का वह पौधा अब विश्वविद्यालय के रूप में वट वृक्ष बन चुका है। उन्होंने भक्त फूल सिंह के नाम पर विश्वविद्यालय स्थापित करने पर प्रदेश सरकार का धन्यवाद किया , साथ ही उन्होंने मांग की कि भक्त फूल सिंह द्वारा शुरू किया गया गुरुकुल को पुनः मॉडर्न स्वरूप में आरम्भ किया जाए।डॉ मलिक ने लोगों को आज दशहरा पर्व की बधाई दी और महात्मा गांधी तथा पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर दोनों महापुरुषों को भी नमन किया।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि तथा गुरुकुल खानपुर कलां एवं भैंसवाल कलां की पूर्व चेयरमैन कृष्णा मलिक ने भक्त फूल सिंह को देहाती गांधी की संज्ञा देते हुए कहा कि उन्होंने जिस समय में लड़कियों को पढ़ाने के लिए गुरुकुल की स्थापना की थी उस समय नारी शिक्षा की कल्पना करना भी मुश्किल था। लेकिन भक्त फूल सिंह अपने दृढ निश्चय पर डटे रहे और बेटियों को शिक्षा दिलाने के लिए आगे आए।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे गुरुकुल खानपुर कलां के पूर्व महासचिव जय सिंह ठेकेदार ने भी भक्त फूल सिंह को सच्चा गांधीवादी विचारधारा का व्यक्ति बताया। उन्होंने कन्या गुरुकुल की स्थापना से लेकर लड़कियों की पढाई के लिए किए गए कार्यों की विस्तार से जानकारी दी।इस अवसर पर भक्त फूल सिंह पॉलिटेक्निक एवं अन्य शैक्षणिक संस्थाओं में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए पूर्व प्राचार्या किरण जिंदल , सुमन दलाल , डॉ ज्ञानवती , साहब कौर समेत अन्य शिक्षविदों को सम्मानित भी किया गया।गोष्ठी के बाद जाट समाज के विवाह योग्य युवक एवं युवतियों के लिए एक “जाट परिवार परिचय सम्मेलन” भी आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में 200 से अधिक युवाओं का बायोडाटा एकत्रित हुआ जिसको लेकर विभिन्न परिवारों ने परस्पर चर्चा की। कुछ परिवारों की मौके पर ही मीटिंग करके बातचीत को आगे बढ़ाया गया।इस अवसर पर जाट सभा के उपाध्यक्ष जयपाल पुनिया , सचिव बीएस गिल , एचएसएससी के सदस्य साधु राम जाखड़ ,राजेंद्र खर्ब , नरेश दहिया , रणबीर सिंह राठी , ईश्वर सिंह दुहन , राज सिंह कादयान ,अनिल आर्य , जगबीर कादयान , राकेश गिल, सुरेन्द्र कुंडू, आजाद मलिक, प्रोमिला सांगवान , प्रोमिला नैन , संदीप गोयत , प्रेम सिंह ,आनंद लाठर के अलावा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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ठाणे के वागले स्टेट में बच्चों का अनोखा भंडारा,2000 भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।

०३ अक्टूबर २०२५ (इंद्र यादव – स्वतंत्र लेखक,ठाणे ( महाराष्ट्र )),महाराष्ट्र के ठाणे जिले के वागले स्टेट में इस बार नवरात्रि उत्सव ने एक अनोखा रंग बिखेरा। यहाँ के छोटे-छोटे बच्चों ने अपनी श्रद्धा और साहस का परिचय देते हुए 2000 भक्तों के लिए भंडारा आयोजित किया। इस नेक कार्य के लिए बच्चों ने न केवल चंदा इकट्ठा किया, बल्कि पूरे उत्साह और समर्पण के साथ भंडारे की व्यवस्था को भी संभाला। उनकी इस पहल ने न सिर्फ स्थानीय लोगों का दिल जीता, बल्कि समाजसेवी श्री.महेंद्र सोडारी जी का भी ध्यान आकर्षित किया। “बिन पगारी, मोटा अधिकारी की तर्ज पर मासूम बच्चों द्वारा बनाया गया नया संगठन “कालरात्रि मित्रं मंडल” के अध्यक्ष १५ वर्षीय अनमोल सरोज जी ने बताया कि हम बच्चों नें अनुराग सरोज (१३),विशाल जैसवार (१६),प्रतीक चौहान (१२)आदित्य जैसवार (१४),अयूब जैसवार (१३),यश जोशी (१२),अंश प्रजापति (11),रुद चौहान (१२),अनुन जैसवार (८),अविनाश मौर्या,अर्णव सहानी,विराज गौरव,देव शर्मा ने मिलकर इस भंडारे का विचार बनाया और इसे साकार करने के लिए दिन-रात मेहनत की। अनमोल सरोज ने कहा, “हम चाहते थे कि नवरात्रि के इस पवित्र अवसर पर माता रानी के भक्तों की सेवा करें। हमने घर-घर जाकर चंदा इकट्ठा किया और सामूहिक प्रयास से भंडारे की तैयारी की।” बच्चों की यह पहल देखकर हर कोई हैरान था कि इतनी कम उम्र में वे इतना बड़ा आयोजन कैसे कर पाए।इस आयोजन की खबर जब समाजसेवी श्री.महेंद्र सोडारी जी तक पहुँची, तो वे बच्चों के उत्साह और श्रद्धा से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने तुरंत ₹10,000 का योगदान दिया। इसके साथ ही, उन्होंने बच्चों की सराहना करते हुए कहा इस मौके पर किसी भी प्रकार की सहायता के लिए मैं सदैव खड़ा हूं, इन बच्चों ने साबित कर दिया कि उम्र कोई मायने नहीं रखती, जब दिल में श्रद्धा और सेवा का जज्बा हो। इनका यह प्रयास समाज के लिए एक मिसाल है।” भंडारे में 2000 भक्तों ने प्रसाद के रूप में काबुली चनें की सब्जी,जीरा राईस, बुनियाँ माता रानी का प्रसाद ग्रहण किया। बच्चों ने न केवल भोजन की व्यवस्था की, बल्कि स्वच्छता और अनुशासन का भी विशेष ध्यान रखा। स्थानीय लोगों ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बताया और बच्चों की एकता और मेहनत की जमकर तारीफ की। यह आयोजन न केवल नवरात्रि के उत्सव को और भी खास बनाया, बल्कि यह भी दिखाया कि छोटी उम्र में भी बड़े सपने और सेवा का जज्बा समाज में बदलाव ला सकता है। बच्चों का यह प्रयास निश्चित रूप से वागले स्टेट के लिए गर्व का विषय बन गया है।

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धधकते रावण संग मिटा अहंकार, जीवंत हुई रामायण की सीख

राख में बदला रावण, लेकिन संदेश अमर कर गया लपटों के पार दिखी अच्छाई की राह, हर दर्शक हुआ भावुक दहन के हर अंगारे ने सुनाई धर्म और साहस की गाथा धर्म की विजय के प्रतीक पर्व पर रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले जलाए गए मोहाली, 2 अक्तूबर(वीना देवी, ईशान टाइम्स): श्री रामलीला एवं दशहरा कमेटी, फेज़-1, मोहाली द्वारा आज शाम भव्य दशहरा महोत्सव का आयोजन किया गया। मैदान में चारों ओर उत्साह और उल्लास का माहौल था। जैसे ही रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशालकाय पुतलों का दहन हुआ, पूरा परिसर “जय श्रीराम” के जयकारों से गूंज उठा। रावण-वध का मंचन और भगवान श्रीराम की विजय का दृश्य देखते ही दर्शक भाव-विभोर हो उठे। पुतला दहन के साथ की गई रंग-बिरंगी आतिशबाज़ी ने पूरे वातावरण को रोशनी और उमंग से भर दिया। जब रावण का पुतला राख में तब्दील हुआ तो दर्शकों की आँखों में यह संदेश साफ झलक रहा था कि बुराई कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः उसका नाश निश्चित है। यही सीख हर पीढ़ी के लिए अमर हो गई। आयोजन में हजारों श्रद्धालु एवं स्थानीय नागरिक शामिल हुए। बच्चों से लेकर बुज़ुर्गों तक सभी ने उत्साहपूर्वक इस पर्व का आनंद लिया। मैदान में लगे मेले और स्टॉल्स ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया। आज के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मोहाली के विधायक कुलवंत सिंह जी पधारे। उन्होंने पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस अवसर पर संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि “दशहरा केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में मनाया जाता है। यह पर्व हमें यह संदेश देता है कि अच्छाई हमेशा बुराई पर विजय प्राप्त करती है।” उन्होंने कहा कि श्री रामलीला एवं दशहरा कमेटी, फेज़-1, कमेटी स्वयं सभी पात्रों की भूमिकाएँ निभाकर समाज को संस्कृति और आस्था से जोड़ रही है, जो सराहनीय है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक मेला नहीं, बल्कि जीवन के लिए शिक्षा है। “यदि हम गलत कार्य करेंगे तो उसका परिणाम भी वैसा ही होगा जैसा रावण को मिला। यही सीख यह पर्व हमें देता है।” कुलवंत सिंह जी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ियों को भी इन चरित्रों से प्रेरणा लेनी चाहिए और अपने जीवन में अच्छाई का मार्ग अपनाना चाहिए। उन्होंने सभी को शुभकामनाएँ दीं और अरदास की कि “भगवान श्रीराम सभी को सच्चाई और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दें।” कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में सरदार बलबीर सिंह सिद्धू, पूर्व कैबिनेट मंत्री, पंजाब तथा सरदार अमरजीत सिंह सिद्धू, मेयर, मोहाली उपस्थित रहे। रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन इन्हीं विशिष्ट अतिथियों ने किया और इस अवसर पर उन्होंने बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया। कमेटी के प्रधान आशु सूद ने कहा कि दशहरा बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि हम सब अपने जीवन में भी सत्य और धर्म का पालन करें।

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हुड्डा की नियुक्ति का पत्र लेकर विस अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण से मिले कांग्रेसी विधायक

चंडीगढ़ : (ईशान टाइम्स)।कांग्रेस विधायक दल के नेता के रूप में भूपेन्द्र सिंह हुड्डा की नियुक्ति के बाद कांग्रेस के सात विधायक मंगलवार शाम हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण से भेंट करने उनके आवास पर पहुंचे।विधायक आफताब अहमद, गीता भुक्कल, इंदुराज नरवाल, जस्सी पेटवाड़, देवेंद्र हंस, बलराम दांगी और विकास सहारण ने हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह की ओर से भेजा गया नियुक्ति पत्र विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण को सौंपा। इस पत्र में कहा गया है कि कांग्रेस विधायक दल ने सर्वसम्मति से भूपेन्द्र सिंह हुड्डा को अपना नेता चुना है। सदन में कांग्रेस सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी होने के नाते उन्हें नेता प्रतिपक्ष के तौर पर मान्यता देने की मांग की।इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने भूपेन्द्र सिंह हुड्डा को कांग्रेस विधायक दल का नेता बनाए जाने पर शुभकामनाएं दीं।सदन की कार्यवाही के सुचारू रूप से चलने में नेता प्रतिपक्ष की विशेष भूमिका रहती है। लोकतंत्र में इस पद का विशेष महत्व है। पार्टी द्वारा उनकी नियुक्ति से हरियाणा विधान सभा में इस पद की रिक्ति खत्म होने का रास्ता साफ हो गया है।

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भारत में होगा जी.एस.सी. ट्रस्ट स्थापित : डॉ. कंवलजीत कौर

ग्लोबल सिख काउंसिल ने तख़्तों की प्रभुसत्ता, विरासती स्थलों की देखभाल और भारत में सेवा संबंधी लिए निर्णय, अगली ए.जी.एम. नवंबर माह में चंडीगढ़ में चंडीगढ़ : (राजकुमार)। विश्व स्तर पर सिखों के तालमेल को मजबूत करने और पंथक प्राथमिकताओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से 28 देशों की राष्ट्रीय सिख संस्थाओं की प्रतिनिधि संस्था ग्लोबल सिख काउंसिल (जी.एस.सी.) ने पाकिस्तान में सिख विरासती स्थलों के संरक्षण के साथ-साथ भारत स्थित तख़्तों की प्रभुसत्ता, मान-मर्यादा और आध्यात्मिक अधिकारों की बहाली की वकालत की है। यह निर्णय जी.एस.सी. की तीन घंटे से अधिक चली वार्षिक आम सभा (ए.जी.एम.) की ऑनलाइन सत्र के दौरान लिया गया।काउंसिल की प्रधान लेडी सिंह डॉ. कंवलजीत कौर की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सिख कौम से जुड़े धार्मिक, मानवतावादी और प्रशासनिक मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। बैठक के विवरण साझा करते हुए प्रधान डॉ. कंवलजीत कौर और सचिव हरजीत सिंह ग्रेवाल ने बताया कि ए.जी.एम. की शुरुआत उप-प्रधान परमजीत सिंह बेदी (अमेरिका) द्वारा पंजाब में बाढ़ प्रभावित परिवारों की भलाई और पुनर्वास के लिए की गई अरदास से हुई और पीड़ितों के प्रति संवेदना प्रकट की गई।उन्होंने बताया कि जी.एस.सी. श्री हजूर साहिब और श्री पटना साहिब तख़्तों को क्रमशः महाराष्ट्र और बिहार राज्य सरकारों के प्रशासनिक नियंत्रण से मुक्त कराने हेतु पुराने गुरुद्वारा क़ानूनों में संशोधन करवाने के लिए स्थानीय संगत के नेतृत्व वाली कोशिशों का समर्थन करेगी।इसके साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि कौम की पारदर्शी ढंग से सेवा करने और बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए भारत में एक पंजीकृत ट्रस्ट स्थापित किया जाएगा और परोपकारी व सामुदायिक सेवाओं हेतु विदेशी अंशदान विनियामक अधिनियम (एफ.सी.आर.ए.) के अंतर्गत प्रमाणपत्र प्राप्त किया जाएगा। काउंसिल ने नवंबर 2026 के मध्य में चंडीगढ़ में अगली वार्षिक ए.जी.ਐਮ. बुलाने का भी फैसला लिया।काउंसिल की धार्मिक मामले कमेटी के चेयरमैन डॉ. करमिंदर सिंह ने अपने शोध पत्र में तख़्तों की स्वतंत्रता, मान-सम्मान और आध्यात्मिक अधिकारों की बहाली की वकालत की। उन्होंने सिख धर्म में इन धार्मिक स्थलों की प्रमुखता को दोहराया और राजनीतिक दखलअंदाज़ी से मुक्त कराकर उपयुक्त स्वतंत्र दर्जा दिलाने के लिए पंथक एकता का आह्वान किया।सिख शख्सियतों की पदवी को लेकर हो रही गलत व्याख्याओं पर कानूनी मामले समिति के चेयरपर्सन जगीर सिंह ने ‘संत’ और ‘ब्रह्म ज्ञानी’ नामकरण के गुरबाणी-आधारित प्रामाणिक अर्थों पर प्रभावशाली शोध पत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने दिव्य अवस्था और स्वयंघोषित उपाधियों के बीच अंतर को स्पष्ट किया, जिससे संगत गुमराह होती है और मौजूदा समय में भ्रम की स्थिति बढ़ती है।मानवतावादी संकट की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए जी.एस.सी. के खज़ांची हरसरन सिंह ने पंजाब के बाढ़ प्रभावित गांवों में तबाही के पैमाने का विवरण दिया, विशेषकर फिरोज़पुर और फाजिल्का जिलों में किसानों और सीमावर्ती निवासियों की कठिन स्थिति को उजागर किया। काउंसिल ने समन्वित राहत कार्यों के लिए विश्वव्यापी सिख संस्थाओं से सहयोग जुटाने की अपील भी की।विरासत समिति के चेयरमैन यसपाल सिंह बैस (अमेरिका) ने पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक सिख स्थलों की बहाली पर रिपोर्ट पेश की। उन्होंने इवैक्यू ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड और पाकिस्तान के पुरातत्व विभाग के सहयोग का स्वागत किया और उपेक्षित गुरुद्वारों व विरासती स्थलों को संरक्षित रखने के लिए निरंतर निगरानी और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।अपनी-अपनी रिपोर्टों में प्रधान डॉ. कंवलजीत कौर, सचिव हरजीत सिंह और खज़ांची हरसरन सिंह ने जी.एस.ਸੀ. द्वारा भविष्य में किए जाने वाले धार्मिक सुधारों, मानवतावादी मदद और अन्य पहलकदमियों के लिए स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत किया। बैठक के समापन पर उप-प्रधान राम सिंह बम्बे ने सभी का धन्यवाद करते हुए प्रतिनिधियों के सूझबूझ भरे योगदान की सराहना की और कहा कि यह सत्र न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से ज्ञानवर्धक रहा बल्कि एकता और दूरदृष्टि के उद्देश्य से सिख कौम की सेवा के प्रति ग्लोबल सिख काउंसिल की वचनबद्धता को भी दोहराता है।

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