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खोखली होती जड़ें: क्या हम अपनी अगली पीढ़ी को नशे के हवाले कर रहे हैं!

मुंबई (इंद्र यादव) हाल ही में राजस्थान के श्रीगंगानगर और असम के गुवाहाटी में हुई बड़ी कार्रवाई—जिसमें ₹32 करोड़ से अधिक की हेरोइन और गांजा जब्त किया गया—महज पुलिस की एक सफलता नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज के भीतर गहरे तक धंसे उस नासूर की चेतावनी है जो हमारी आने वाली पीढ़ियों को चाट रहा है। एक तरफ पाकिस्तान की ‘ड्रोन वाली साजिश’ है, तो दूसरी तरफ देश के भीतर ‘गुप्त चैंबर’ वाले ट्रक। यह नशा केवल सरहदों को पार नहीं कर रहा, बल्कि हमारे घरों की दहलीज लांघकर युवाओं की नसों में जहर घोल रहा है। सामाजिक दर्द: चूल्हे की आग बुझाता नशा इस ₹32 करोड़ की हेरोइन को सिर्फ एक आंकड़े की तरह न देखें। इसके पीछे उन हजारों पिताओं का दर्द छिपा है जिनकी कमाई नशे की भेंट चढ़ गई, उन मांओं की सिसकियाँ हैं जिनके जवान बेटे अंधेरी गलियों में सुइयां लगा रहे हैं, और उन बच्चों का भविष्य है जिनके हाथ में किताब की जगह पुड़िया थमा दी गई है। जब श्रीगंगानगर के खेतों में 6 किलो हेरोइन मिलती है, तो वह केवल पाउडर नहीं है, वह पंजाब और राजस्थान के सीमावर्ती गांवों के विनाश का सामान है। नशा आज समाज के उस ‘सामाजिक ताने-बाने’ को छिन्न-भिन्न कर रहा है जिसे बुनने में सदियां लगी थीं। व्यवस्था पर सवाल: क्या सिर्फ प्यादे ही पकड़े जाएंगे! सुरक्षा एजेंसियों की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति और ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ का स्वागत है, लेकिन सवाल वही पुराना है—क्या हमेशा सिर्फ ड्राइवर, कूरियर और छोटे तस्कर ही पकड़े जाएंगे? मणिपुर के जंगलों से चलकर पश्चिम बंगाल तक पहुँचने वाला ट्रक कई राज्यों की सीमाओं और चेकपोस्टों को पार करता है, फिर भी वह ‘सीक्रेट चैंबर’ सुरक्षित कैसे रहता है!क्या बिना स्थानीय संरक्षण और तंत्र की मिलीभगत के इतनाबड़ा सिंडिकेट फल-फूल सकता है!कानूनी व्यवस्था की सबसे बड़ी कमजोरी यह है कि हम ‘सप्लाई’ की पूंछ तो काट देते हैं, लेकिन उस ‘मगरमच्छ’ तक नहीं पहुँच पाते जो एयरकंडीशंड कमरों में बैठकर इस मौत के व्यापार का रिमोट कंट्रोल थामे हुए है। चुनाव के समय ‘नशा मुक्त समाज’ का नारा देने वाले हमारे माननीय नेता अक्सर कार्रवाई के बाद प्रेस नोट जारी कर अपनी पीठ थपथपाते हैं। लेकिन चिंतन का विषय यह है कि समाजसेवा का चोला ओढ़े इन नेताओं की जिम्मेदारी क्या सिर्फ बयानबाजी तक सीमित है!वोट बैंक की राजनीति: कई बार स्थानीय रसूखदार लोग ही इन तस्करों के ‘ढाल’ बन जाते हैं। क्या हमारे नेता अपने क्षेत्र के ऐसे ‘काले भेड़ों’ को बेनकाब करने का साहस जुटा पाएंगे!पुनर्वास का अभाव: सिर्फ नशा पकड़ना काफी नहीं है। जो युवा इसकी गिरफ्त में आ चुके हैं, उनके लिए सरकारी नशामुक्ति केंद्रों की हालत किसी जेल से बदतर है। नेताओं को बजट और नीतियों में इन केंद्रों को प्राथमिकता देनी होगी।नैतिक नेतृत्व: समाजसेवा का अर्थ केवल सड़कें बनवाना नहीं, बल्कि समाज के चरित्र का निर्माण करना भी है। यदि क्षेत्र का युवा नशे में डूबा है, तो वह विकास किसके लिए है! NCB और पुलिस की यह स्ट्राइक सराहनीय है, लेकिन इसे ‘निर्णायक जंग’ तब माना जाएगा जब नशे की इस अर्थव्यवस्था की जड़ यानी ‘फाइनेंसिंग’ पर चोट होगी। समाज को केवल पुलिस के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। जब तक माता-पिता जागरूक नहीं होंगे, शिक्षक सतर्क नहीं होंगे और जनसेवक अपनी नैतिक जिम्मेदारी नहीं समझेंगे, तब तक सरहद पार से आने वाले ड्रोन हमारी नस्लों को तबाह करते रहेंगे।आज सवाल हमारी सुरक्षा का नहीं, हमारे वजूद का है। क्या हम अपनी आने वाली पीढ़ी को एक ‘नशा मुक्त’ सुबह दे पाएंगे या फिर ये सुर्खियां हर हफ्ते यूँ ही आती रहेंगी

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शिलफाटा में सरेराह खूनी खेल, पुलिस शिकायत से भड़के गुंडों ने भाइयों को चाकू से गोदा

! मुंबई (इंद्र यादव) ठाणे । शिलफाटा ,कानून का खौफ खत्म हो चुका है और आपसी रंजिश अब सड़कों पर खून बहाने लगी है। ठाणे के शिलफाटा इलाके में पुलिस में शिकायत करने से नाराज चार दबंगों ने दो सगे भाइयों पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना 8 मार्च की रात करीब 10 बजे की है। खान कंपाउंड के रहने वाले मोहम्मद हारून उस्मान शेख (21) जब अपने घर लौट रहे थे, तभी कसवा प्लाजा के पास आरोपी अख्तर और उसके साथियों ने उन्हें जाल बिछाकर रोका। बातचीत के बहाने हारून को माहिनूर बिल्डिंग के पास बुलाया गया।वहां पहुँचते ही आरोपियों ने हारून को घेर लिया और चिल्लाते हुए पूछा— “तूने हमारे खिलाफ पुलिस में शिकायत क्यों की! देखते ही देखते बहस मारपीट में बदल गई। आरोपियों ने हारून को बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया!अख्तर ने हारून को थप्पड़ जड़े और फिर चाकू की मूठ से उसके सिर पर दो बार जोरदार प्रहार किया, जिससे हारून लहूलुहान होकर गिर पड़ा।सलमान, समीर और मूसा ने जमीन पर गिरे हारून को लात-घूंसों से जमकर पीटा। अपने भाई को पिटता देख जब मोहम्मद अदनान बीच-बचाव करने पहुँचा और पुलिस को फोन करने की कोशिश की, तो हमलावर और भी हिंसक हो गए। आरोपियों ने अदनान पर भी चाकू से वार किया और उसे अधमरा कर मौके से फरार हो गए। “दोनों घायलों को पहले क्वीन्स हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर देखते हुए उन्हें कलवा के छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल में शिफ्ट किया गया है।” डायघर पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए चारों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है:धारा 118(1): खतरनाक हथियारों से हमला।धारा 115(2): स्वेच्छा से चोट पहुँचाना।धारा 352: शांति भंग करने के इरादे से अपमान।धारा 3(5): सामान्य इरादा (मिलीभगत)।फिलहाल उपनिरीक्षक नागेश सोमणाथ शिरस्कार मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं। इलाके में इस घटना के बाद से तनाव का माहौल है और स्थानीय लोग आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।

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दरोगा की रिश्वत के लिए गिरवी रखने पड़े पत्नी के जेवर

गोंडा: बेबस गुलाम हैदर की आँखों से छलके आँसू, बोले- ! गोंडा (इंद्र यादव) उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश पुलिस जहाँ एक ओर अपनी कार्यशैली में सुधार के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं गोंडा से आई एक वायरल वीडियो ने विभाग की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ सूबे के मुख्यमंत्री ‘जीरो टॉलरेंस’ की बात करते हैं, तो दूसरी तरफ रक्षक ही भक्षक बनकर गरीबों का खून चूसने में लगे हैं। पत्नी के जेवर गिरवी रखकर भरी दरोगा की जेब मामला गोंडा के दरजी कुआं चौकी का है, जहाँ के निवासी गुलाम हैदर नामक एक बुजुर्ग का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में बुजुर्ग फूट-फूटकर रोते हुए अपनी आपबीती सुना रहे हैं। गुलाम हैदर का आरोप है कि दरजी कुआं चौकी इंचार्ज सुनील पाल उन्हें लंबे समय से प्रताड़ित कर रहे हैं।बुजुर्ग का कहना है कि दरोगा ने उन्हें जेल भेजने की धमकी दी और बदले में 15 हजार रुपये की मांग की। गरीबी की मार झेल रहे इस बुजुर्ग के पास पैसे नहीं थे, तो उन्होंने अपनी पत्नी के जेवर गिरवी रखकर दरोगा की रिश्वत की भूख शांत की। “अब तो मौत ही सहारा है” वीडियो में बुजुर्ग की बेबसी साफ देखी जा सकती है। उन्होंने बताया कि यह पहली बार नहीं है; दरोगा सुनील पाल उन्हें तीसरी बार परेशान कर रहे हैं। बार-बार की जा रही इस वसूली और मानसिक प्रताड़ना से टूट चुके गुलाम हैदर ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वे आत्महत्या कर लेंगे। “साहब, मेरे पास अब और कोई रास्ता नहीं बचा है। दरोगा जी बार-बार धमकी देते हैं। पत्नी के गहने तक बिक गए, अब मैं क्या करूँ!मैं अब जान दे दूँगा।” – पीड़ित गुलाम हैदर क्या सो रहा है पुलिस प्रशासन! सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद यूपी पुलिस और डीजीपी को टैग कर लोग सवाल पूछ रहे हैं। जनता का कहना है कि क्या अब पुलिसकर्मियों को रिश्वत लेने की ट्रेनिंग दी जा रही है? आए दिन खाकी की उगाही के वीडियो सामने आना पुलिस विभाग की गिरती छवि का प्रमाण है।मुख्य बिंदु!आरोपी: चौकी इंचार्ज सुनील पाल (दरजी कुआं, गोंडा)।आरोप: 15 हजार रुपये की रिश्वत और जेल भेजने की धमकी।पीड़ित की स्थिति: पत्नी के जेवर गिरवी रखे, अब आत्महत्या करने की कगार पर।अब देखना यह है कि क्या गोंडा पुलिस प्रशासन इस ‘रिश्वतखोर’ दरोगा पर कोई सख्त कार्रवाई करता है या फिर एक गरीब की पुकार फाइलों में दबकर रह जाएगी। GondaPolice #UPPolice #JusticeForGhulamHaidar #CorruptionInKhaki #YogiAdityanath #ZeroTolerance #PoliceBrutality #UPGovt #HumanRightsViolation #GondaNews #DGPUP #StopCorruption

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पात्र व्यक्तियों के वोट बनवाने को जजपा ने दिया ज्ञापन

जिला चुनाव कार्यालय के अधिकारियों द्वारा पात्र व्यक्तियों के वोट न बनाने पर उनके वोट बनवाने के लिए जजपा ने उपायुक्त पंचकूला को सौंपा ज्ञापन भारत के संविधान के अनुच्छेद 326 के अंतर्गत किसी भी भारतीय नागरिक की 18 वर्ष की आयु होने पर उसको मतदान का अधिकार -ओ पी सिहाग पंचकूला , 27 फरवरी(ईशान राय): पात्र व्यक्तियों के नाम पंचकूला हल्का की निर्वाचक नामावली में प्रारूप 6 के अंतर्गत सम्मलित करने बारे जजपा ने आज उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी पंचकूला को जजपा ने ज़िला अध्यक्ष ओ पी सिहाग की अगुआई में ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने वाले नेताओ में महिला प्रदेश प्रभारी किरण पूनिया, प्रदेश उपाध्यक्ष के सी भारद्वाज, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य नरेंद जैन, पंचकुला हल्का अध्यक्ष राजेश निषाद,जिला कार्यालय सचिव सुरिन्दर चड्डा , जिला उपाध्यक्ष सतबीर धनखड़, जिला महासचिव रणधीर पवार, जिला सचिव हीरामन वर्मा जिला कार्यकारिणी सदस्य कनिष्क पूनिया शामिल थे। इस बारे ज़िला अध्यक्ष ओ पी सिहाग ने उपायुक्त पंचकूला सतपाल शर्मा को बताया कि जिला चुनाव कार्यालय में चुनाव से संबंधित कार्य कर रहे अधिकारी पंचकूला विधान सभा क्षेत्र में नियमानुसार कोई व्यक्ति जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद 326 के अंतर्गत मतदान में हिस्सा लेने के लिए योग्य हो तथा अपना नाम पंचकूला हल्के की निर्वाचक नियमावली में सम्मिलित करवाना चाहता हो उसके नाम को शामिल नहीं कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त कुछ मतदाता जो पंचकूला हल्के में विभिन्न गांवों एवं कालोनियों में किराये पर रहते हैं तथा अब उन लोगों ने किसी दूसरी जगह किराये पर मकान ले लिया हो या अपना मकान बना लिया हो उसके वोट को प्रारूप 8 के अंतर्गत दूसरी जगह ट्रांसफ़र नही करके निर्वाचक नियमावली से काट रहे हैं। ऐसा करके आपके अधीन चुनाव से सम्बंधित कार्य कर रहे अधिकारी/कर्मचारी भारतीय संविधान एवं भारतीय निर्वाचक आयोग द्वारा निर्धारित नियमो के खिलाफ कार्य कर रहे हैं। ज्ञापन बारे जजपा ज़िला अध्यक्ष ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के द्वारा जारी की गई गाइड लाइन के अनुसार कोई भी भारत का नागरिक जो 18 साल या उससे अधिक की आयु रखता हो तथा नियमानुसार मतदान का अधिकारी हो तो उसका मत बनाना है अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि चुनाव कार्यालय द्वारा मत बनाने बारे प्रारूप 6 का जो फॉर्म जारी किया गया है उसमे बकायदा मार्गदर्शक सिद्धांत के अनुसार अगर कोई भी भारतीय नागरिक मत बनाने के लिये आयु सीमा पूरी करता हो तथा नियमानुसार मतदान का अधिकारी हो तो चाहे वो बिना अपने घर के किसी शेड या फुटपाथ पर रहता हो उसका वोट बनाना जरूरी है बशर्ते चुनाव आयोग से जुड़े अधिकारियों द्वारा मोका सत्यापन करने के लिए जाने पर उसका वहां होना जरूरी है।ज्ञापन में जजपा नेताओं ने उपायुक्त पंचकूला से अनुरोध किया कि पंचकूला में जिन भी पात्र व्यक्तियों ने अपना वोट बनवाने के लिए प्रारूप 6 प्रारूप 8 के अंतर्गत फॉर्म भरा है उनके वोट बनाने के लिए ज़िला चुनाव कार्यालय के अधिकारियों को आदेश देने का कष्ट ताकि योग्य पात्र व्यक्तियों के नाम हल्के की निर्वाचक नियमावली में शामिल हो सके।

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ठाणे में शर्मनाक घटना, वागले एस्टेट में 13 साल की मासूम से छेड़छाड़

, 26 वर्षीय आरोपी पर POCSO के तहत FIR दर्ज! मुंबई (इंद्र यादव) ठाणे, महाराष्ट्र के ठाणे स्थित वागले एस्टेट इलाके से एक रूह कंपा देने वाली और शर्मनाक घटना सामने आई है। यहाँ एक 26 वर्षीय युवक ने 5वीं कक्षा में पढ़ने वाली 13 साल की मासूम बच्ची के साथ छेड़छाड़ की है। इस घटना ने पूरे इलाके में आक्रोश और डर का माहौल पैदा कर दिया है। मिली जानकारी के अनुसार, घटना वागले एस्टेट के रोड नंबर 22 स्थित एक सार्वजनिक शौचालय के पास की है। आरोपी की पहचान अभी उजागर नहीं की गई है, लेकिन श्रीनगर पुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ कड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।पीड़िता केवल 13 वर्ष की है और स्कूल में 5वीं कक्षा की छात्रा है। पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, आरोपी ने बच्ची के साथ अश्लील हरकतें कीं और उसे प्रताड़ित किया।पुलिस की सख्त कार्रवाई (FIR की मुख्य बातें)श्रीनगर पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज की है। FIR कॉपी के अनुसार, आरोपी पर निम्नलिखित धाराओं के तहत मुकदमा चलाया जा रहा है:भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023: धारा 115(2) और धारा 74।POCSO एक्ट (2012): धारा 7 और धारा 8 (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम)।घटना का समय: 18 फरवरी से 23 फरवरी 2026 के बीच।शिकायत दर्ज: 23 फरवरी 2026, रात 10:43 बजे।स्थान: रोड नंबर 22, वागले एस्टेट, ठाणे।इस घटना के बाद से वागले एस्टेट के स्थानीय निवासियों में भारी गुस्सा है। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर मासूम बच्चियों की सुरक्षा पर अब बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। श्रीनगर पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।नोट: बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों में पीड़िता की पहचान गुप्त रखना कानूनी रूप से अनिवार्य है। पुलिस प्रशासन जनता से अपील कर रहा है कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें। ​#ThaneCrime #JusticeForMinor #WagleEstate #POCSOAct #MumbaiNews #ChildSafety #StopChildAbuse #MaharashtraPolice #CriminalJustice #SafetyFirst #india #mumbai #thane

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बुझ गई घोसी चीनी मिल की चिमनी, किसानों के चूल्हे ठंडे होने की कगार पर!

मऊ (इंद्र यादव ,विशेष संवाददाता) घोसी।उत्तर प्रदेश के मऊ जिले की घोसी चीनी मिल की पहचान कभी यहाँ की खुशहाली से होती थी, इस मिल को तत्कालीन केंद्रीय मंत्री स्व.कल्पनाथ राय ने किसानों की खुशहाली और क्षेत्र के विकाश के लिए लगवाया था ।लेकिन आज वहां का मंजर किसी मातम से कम नहीं है। मिल के बाहर खड़ी सैकड़ों गन्ना लदी ट्रालियां केवल फसल नहीं, बल्कि किसानों की उम्मीदें ढो रही हैं, जिन्हें अब ‘मिल बंदी’ के फरमान ने मिट्टी में मिला दिया है। अब केवल किसानों के गन्ना की तोल और पर्ची देने तक सीमित रह गई है। नेता लोग राजनीति कर रहे ।स्थानीय नेताओं के दबाव में तौल शुरू हो पाई नहीं तो मिल की ओर से फरमान जारी था कि आप अपने खर्च पर दूसरी चीनी मिल आजमगढ़ जिले की सठियाव ले जाएं भारी विरोध हुआ सरकार बैक फुट पर चली गईं ।लखनऊ दिल्ली तक लोग दौड़े ।जिससे इस बार तो गन्ना उतरा और सरकार खुद ले जाएगी जहां मर्जी वहां लेकिन अगली बार क्या होगा ये सवाल खड़ा है ? खेतों में मेहनत, मिल पर आंसू ! कड़ाके की धूप और हाड़ कंपा देने वाली ठंड में गन्ने की फसल तैयार करने वाला किसान आज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। मिल के गेट पर कतार में खड़े किसानों की आंखों में गुस्सा भी है और बेबसी भी।एक बुजुर्ग किसान की रुआंसी आवाज इस दर्द को साफ बयां करती है: “हमने अपना खून-पसीना एक कर के गन्ना उगाया कि बच्चों की स्कूल फीस भरेंगे, बेटी की शादी करेंगे। लेकिन यहाँ तो मिल ही बंद कर दी गई। अब इस गन्ने को हम कहाँ ले जाएं? क्या इसे जला दें” सत्ता की बेरुखी और व्यवस्था का शोषण ! यह आरोप आम है कि अधिकारियों और नीति निर्माताओं की मिलीभगत और गलत नीतियों ने इस चलती हुई मिल को दम तोड़ने पर मजबूर कर दिया। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह केवल घाटे का सौदा नहीं, बल्कि उन रसूखदारों की साजिश है जिन्हें गरीब किसान के संघर्ष से कोई सरोकार नहीं है।सैकड़ों ट्रालियां लावारिस: मिल परिसर में गन्ने से लदी गाड़ियां खड़ी-खड़ी सूख रही हैं।बर्बादी की आहट: मिल बंद होने का मतलब है हजारों मजदूरों की बेरोजगारी और किसानों का आर्थिक पतन।जनता का आक्रोश: लोगों में इस कदर नाराजगी है कि वे इसे ‘व्यवस्था द्वारा किया गया कत्ल’ करार दे रहे हैं। परिणाम : श्राप या चेतावनी!जब पेट की आग और मेहनत की बर्बादी एक साथ मिलती है, तो वह ‘श्राप’ बनकर निकलती है। आज घोसी का हर वो किसान जिसके घर में मिल बंदी के कारण अंधेरा छा गया है, वह उन चेहरों को कोस रहा है जिन्होंने अपनी फाइलों में एक दस्तखत के साथ हजारों जिंदगियों को दांव पर लगा दिया।

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कुल 556 करोड़ जिसमें ब्याज के 22 करोड़ भी शामिल है वो सारा पैसा 24 घंटे के अंदर वापस लाया गया:मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का सदन में बयान एक दिन पहले जिस IDFC First Bank के पैसे की बात की जा रही थी वो सारा पैसा सरकार के खातों में वापस आ गया है कुल 556 करोड़ जिसमें ब्याज के 22 करोड़ भी शामिल है वो सारा पैसा 24 घंटे के अंदर वापस लाया गया इसमें बैंक की चंडीगढ़ की ब्रांच के 4-5 कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आई है इस मामले में कोई भी चाहे वो बैंक कर्मचारी हो, निजी व्यक्ति हो या फिर कोई सरकारी अधिकारी किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा आज इस देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसा मजबूत चौकीदार बैठा है 2.80 करोड़ लोगों की मेहनत के पैसे की तरफ कोई आँख उठाकर भी नहीं देख सकता आज हरियाणा में शासन व्यवस्था बदल गई रै और जनता की एक एक पाई का हिसाब रखे जाता है हमनें वित्त सचिव की अध्यक्षता में इस पूरे मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है यह कमेटी ना केवल पूरे प्रकरण की जांच करेगी बल्कि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति ना हो इसके लिए भी सुझाव देगी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार बुजुर्गों का करती है सम्मान- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का सदन में बयान हमारे बुजुर्ग हमारे पिता के समान है, उनकी पेंशन काटने का सवाल ही नहीं उठता- मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 70 साल से बड़ी उम्र के बुजुर्गों का इलाज फ्री किया पेंशन पर विपक्ष ने झूठ फैलाकर पाप किया, विपक्ष पेंशन के विषय में बात करते हुए अपने समय को भी ध्यान रखें विपक्ष के समय में 6-6 महीने तक पेंशन नहीं मिलती थी और 5 किलोमीटर तक उनको पेंशन के लिए भटकना पड़ता था हमारी सरकार के समय में मोबाइल में पेंशन का मैसेज आ जाता है

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25 फरवरी को हरियाणा विधानसभा का घेराव करेगी कांग्रेस — संजय चौहान

जनविरोधी नीतियों के खिलाफ कांग्रेस का संघर्ष रहेगा जारी — सुधा भारद्वाज पंचकूला में जिला कांग्रेस कार्यकारिणी की अहम बैठक संपन्न हुई पंचकूला (संजय राय)। पंचकूला में जिला अध्यक्ष संजय चौहान की अध्यक्षता में जिला कांग्रेस कार्यकारिणी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश की मौजूदा सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ 25 फरवरी को होने वाले हरियाणा विधानसभा घेराव कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही पंचकूला नगर निकाय चुनावों को लेकर भी रणनीतिक विचार-विमर्श किया गया।जिला अध्यक्ष संजय चौहान ने कहा कि 25 फरवरी का विधानसभा घेराव केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ एक व्यापक लोकतांत्रिक आंदोलन होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा के नाम पर ग्रामीण श्रमिकों के साथ छल किया जा रहा है। मजदूरों को समय पर काम और भुगतान नहीं मिल रहा, जिससे हजारों परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण गरीब, किसान और मजदूर वर्ग लगातार उपेक्षित हो रहा है। मनरेगा संग्राम की संयोजक सुधा भारद्वाज ने कहा कि सरकार द्वारा मनरेगा योजना के मूल स्वरूप में बदलाव तानाशाही मानसिकता को दर्शाता है। बुढ़ापा पेंशन का मापदंड बच्चों की आय से जोड़ना बुजुर्गों के साथ अन्याय है। उन्होंने एचपीएससी भर्तियों में प्रदेश के युवाओं की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया। साथ ही भारत-अमेरिका ट्रेड डील को किसानों के हितों के विरुद्ध बताते हुए कहा कि मौजूदा सरकार की नीतियों से समाज का हर वर्ग प्रभावित है। कांग्रेस दबी-कुचली आवाज़ों को बुलंद करती रहेगी और हाईकमान के निर्देशानुसार 25 फरवरी को हरियाणा विधानसभा का घेराव किया जाएगा, जिसमें हजारों कार्यकर्ता भाग लेंगे।बैठक में पंचकूला नगर निकाय चुनावों को लेकर भी चर्चा की गई। पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि उम्मीदवारों का चयन उनकी कार्यशैली, जनसेवा और संगठन के प्रति प्रतिबद्धता के आधार पर किया जाएगा। पार्टी का निर्णय सर्वमान्य और अंतिम होगा। कांग्रेस इस चुनाव में पूरी मजबूती के साथ उतरकर विजय का परचम फहराएगी।इस अवसर पर अजय गौतम, संजीव गोयल, नीतीश रावल, गुरुभाग सिंह, महेश कुमार, जीत ठाकुर, गफूर मोहम्मद, गुरबचन शर्मा, गुरुदेव सिंह, सुरजीत सिंह, बशीर मोहम्मद, सी.बी. गर्ग, योगेंद्र शर्मा, दशरथ शर्मा, हरपाल सिंह, शुभम वर्मा, अनिल कुमार शर्मा, रणदीप सिंह, मुकेश सिरसवाल, माला सिंह, अनिल चौहान, अश्विनी नागरा, राजेंद्र सिंह खेरवाली, अभिषेक सैनी, ब्रिज भूषण शर्मा, सीमा गर्ग, कंवर राय राम चौहान, गौतम चौहान, प्रेम, राजा राम, शुभम, सचिन सूद सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित

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590करोड़ के सरकारी रकम घोटाले पर मुख्यमंत्री का बयान

सरकार के पैसे पुराने समय से अलग अलग बैंकों में पैसे रखे जाते हैं, IDFC First Bank में हमारे कुछ विभागों के पैसे थे सरकार ने प्रो-एक्टिव होकर बैंक खातों का मिलान किया तो सरकार ने पाया कि कुछ खातों का मिलान नहीं पाया जनवरी माह के मध्य में कुछ खातों का मिलान नहीं हो पाया, हमनें तुरंत बैंक को खाता बंद करने के लिए निर्देशित किया बैंक ने 21 तारीख़ को पत्र लिखा जबकि उससे पहले ही सरकार की तरफ से बैंक से कम्युनिकेशन कर लिया गया था इसके साथ ही सरकार ने बैंक को संपूर्ण राशि ब्याज सहित अधिकृत बैंक में स्थानांतरित करने को कहा इसमें बैंक के कर्मचारियों की भूमिका सामने आ रही हैं, हरियाणा सरकार के विभागों ने इस मामले को ध्यान में लाया है हरियाणा सरकार ने पूरा मामला एंटी करप्शन ब्यूरो को जांच करने के लिए दिया है इसके अलावा एक उच्चस्तरीय कमेटी बनाई जा रही है जो इस पूरे मामले की जांच करेगी और दोषियों की ज़िम्मेदारी तय की जाएगी इसमें दोषी जो भी कोई पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी हमारा एक एक पैसा सुरक्षित और पूरा का पूरा पैसा सरकार वापस लेकर आएगी

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