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लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में एक 15 साल की किशोरी के साथ दुष्कर्म

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में एक 15 साल की किशोरी के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है, जो न सिर्फ एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि समाज की गहरी खामियों को उजागर करता है। किशोरी खुर्दही बाजार में फुफेरी बहन के यहां रह रही थी। परिवार से नाराज होकर देर रात अकेली घर से निकल पड़ी। रास्ते में आरोपी मनोज साहू ने उसे शरण का लालच देकर होटल अमन सागर ले गया और हवस का शिकार बना लिया। होटल मालिक की लापरवाही तो अलग से चर्चा का विषय है – आधी रात नाबालिग लड़की और युवक को बिना किसी आईडी चेक किए रूम दे दिया। अब होटल मालिक भी फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है। लेकिन असली सवाल यह है: क्या सिर्फ आरोपी और होटल मालिक ही जिम्मेदार हैं? नहीं, इसमें लड़कियों की नादानी और सरकार की घोर नाकामी भी बराबर की भागीदार है। यह किशोरी महज 15 साल की है, लेकिन देर रात अकेली सड़क पर निकलना क्या कोई समझदारी भरा फैसला था? परिवार से नाराजगी होना स्वाभाविक है, खासकर किशोरावस्था में, जहां भावनाएं उफान पर होती हैं। लेकिन क्या गुस्से में घर छोड़कर अंधेरे में भटकना समाधान है? आजकल की लड़कियां सोशल मीडिया और फिल्मों से प्रभावित होकर खुद को ‘स्वतंत्र’ समझती हैं, लेकिन सड़कों पर छिपे भेड़ियों की हकीकत से अनजान रहती हैं। मनोज साहू जैसे शिकारी तो इंतजार में बैठे रहते हैं – एक अकेली, नादान लड़की मिली और मौका हाथ लग गया। यह कोई पहला मामला नहीं। देशभर में हजारों लड़कियां हर साल ऐसी ही नादानी का शिकार होती हैं। स्कूलों में सेक्स एजुकेशन तो दूर, बेसिक सेफ्टी नियम भी नहीं सिखाए जाते। माता-पिता व्यस्तता में बच्चों को भावनात्मक सपोर्ट नहीं देते, नतीजा – बच्चे गलत कदम उठाते हैं। लड़कियां सोचती हैं कि ‘मैं संभाल लूंगी’, लेकिन रात के अंधेरे में अजनबी पर भरोसा करना आत्महत्या के बराबर है। अगर यह किशोरी थोड़ी समझदारी दिखाती, किसी विश्वसनीय रिश्तेदार या पुलिस हेल्पलाइन (1098 या 112) पर कॉल करती, तो शायद यह हादसा टल जाता। नादानी की यह कीमत समाज को चुकानी पड़ रही है – एक मासूम जिंदगी तबाह, परिवार बर्बाद। अब बात सरकार की। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार दावा करती है कि महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। एंटी-रोमियो स्क्वॉड, 1090 हेल्पलाइन, पिंक पेट्रोलिंग – कितने ढोल पीटे गए! लेकिन ग्राउंड पर क्या? लखनऊ जैसे मेट्रो शहर में देर रात सड़कें असुरक्षित, होटल बिना आईडी चेकिंग के रूम बांट रहे हैं। होटल मालिक फरार है, लेकिन सवाल यह है कि होटल लाइसेंस देने वाली पुलिस और प्रशासन ने कभी चेकिंग की क्या? POCSO एक्ट के तहत नाबालिग के साथ ऐसे मामलों में सख्त सजा का प्रावधान है, लेकिन रोकथाम कहां है। रात में स्ट्रीट लाइट्स खराब, सीसीटीवी कैमरे नाकारा। अकेली लड़की भटक रही थी, कोई पेट्रोलिंग नहीं। बिना आईडी रूम देना अवैध है, फिर भी हजारों होटल धड़ल्ले से चल रहे हैं। लाइसेंस सस्पेंड करने की बजाय, इंस्पेक्शन कभी होते ही नहीं। स्कूलों में लड़कियों को सेफ्टी ट्रेनिंग नहीं, एनजीओ को फंड मिलता है लेकिन जमीन पर कुछ नहीं। निर्भया फंड के अरबों रुपये कहां गायब। घटना के बाद होटल मालिक की तलाश ‘जारी’ है – मतलब अभी तक पकड़ा नहीं। ऐसे कितने केस में आरोपी सालों फरार घूमते हैं। योगी सरकार अपराधियों पर बुलडोजर चलाती है, पर फोकस जीरो। अगर सड़कों पर असली पेट्रोलिंग होती, होटलों पर सख्त नियम लागू होते, तो मनोज साहू जैसे दरिंदे खुलेआम शिकार नहीं करते। केंद्र की मोदी सरकार भी महिलाओं के लिए ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा देती है, लेकिन पढ़ाई के साथ सुरक्षा की पढ़ाई कहां। लड़कियां नादानी छोड़ें, भावनाओं को काबू में रखें और खतरे की घंटी बजते ही मदद मांगें। माता-पिता जिम्मेदारी लें, बच्चों से बात करें। लेकिन सबसे बड़ी जिम्मेदारी सरकार की है। कानून बनाना आसान, अमल मुश्किल। अगर यूपी सरकार सच में महिलाओं की सुरक्षा चाहती है, तो होटलों पर ताला लगाए, रात की पेट्रोलिंग दोगुनी करे, स्कूलों में अनिवार्य सेफ्टी कोर्स शुरू करे। वरना ऐसे कांड रोज सामने आते रहेंगे, और हम सिर्फ अफसोस करते रह जाएंगे। समय है सुधार का, वरना नादानी और नाकामी की यह चेन कभी नहीं टूटेगी।

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क्या इस बार मतदाता वादों से आगे बढ़कर विकास को चुनेंगे?बिहार में

बिहार चुनाव 2025: जनता के फैसले पर टिकी विकास की नई परिभाषा बिहार एक बार फिर चुनावी रंग में रंग चुका है। सड़कों से लेकर सोशल मीडिया तक हर ओर राजनीति की गूंज है। 6 नवम्बर को पहले चरण का मतदान है, और इस बार का मुद्दा जातीय समीकरणों से अधिक, विकास, रोजगार और जनकल्याण के इर्द-गिर्द घूमता दिख रहा है। पिछले एक दशक में बिहार ने बुनियादी ढांचे, शिक्षा और बिजली जैसी सेवाओं में सुधार ज़रूर देखा है, लेकिन बेरोज़गारी, पलायन और किसानों की समस्याएँ अब भी गहराई में मौजूद हैं। ऐसे में मतदाता अब सिर्फ़ नारों से नहीं, बल्कि नतीजों से जवाब चाहते हैं। 🔹 सत्ता पक्ष की रणनीति : “विकास के निरंतरता” का नारा सत्तारूढ़ दल भाजपा ने इस चुनाव को “विकास की निरंतरता बनाम अवरोध” की लड़ाई का रूप दिया है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शीर्ष नेतृत्व लगातार यह संदेश दे रहे हैं कि केंद्र और राज्य में एक जैसी विचारधारा की सरकार होने से योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आई है। एनडीए के घोषणा-पत्र में कई बड़े वादे शामिल हैं — प्रत्येक परिवार को 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली, महिलाओं के लिए ‘लखपति योजना’ के तहत ₹2 लाख तक सहायता, हर ज़िले में औद्योगिक विनिर्माण इकाई, एक करोड़ युवाओं को रोजगार, और 50 लाख पक्के मकान का निर्माण। इन वादों के ज़रिए भाजपा ने कोशिश की है कि जनता को यह भरोसा दिलाया जाए कि केंद्र की योजनाओं और राज्य की ज़रूरतों का संयोजन ही बिहार की असली ताकत है। 🔹 विपक्ष की चुनौती : “विकास अधूरा है” दूसरी ओर राजद और कांग्रेस गठबंधन ने इस चुनाव में सरकार को घेरने के लिए महंगाई, रोजगार और भ्रष्टाचार के मुद्दों को मुख्य हथियार बनाया है।तेजस्वी यादव बेरोज़गारी को चुनाव का केंद्रीय मुद्दा बनाकर युवा वर्ग को साधने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि बिहार में “जंगलराज” नहीं, बल्कि “रोज़गार राज” चाहिए। कांग्रेस, जो लंबे समय से राज्य की राजनीति के हाशिए पर रही है, इस बार खुद को प्रासंगिक बनाए रखने की कोशिश कर रही है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी दोनों बिहार में सक्रिय हैं, लेकिन संगठनात्मक स्तर पर पार्टी अभी भी कमजोर दिख रही है। 🔹 जनता की नज़र में चुनाव मतदाता अब जागरूक हैं। वे जानते हैं कि योजनाएँ कितनी धरातल पर उतरीं और कितनी सिर्फ़ घोषणा-पत्र में रह गईं।बिहार की जनता अब नए अवसरों, बेहतर शिक्षा और स्थायी रोजगार चाहती है।युवाओं के बीच यह भावना स्पष्ट है कि राज्य को अब राजनीति नहीं, नीति चाहिए। महिलाओं में आत्मनिर्भरता और सुरक्षा को लेकर अपेक्षाएँ भी बढ़ी हैं। ग्रामीण इलाकों में जनकल्याणकारी योजनाओं का असर तो है, पर असमानता अब भी एक बड़ी चुनौती है। 🔹 तकनीकी और पारदर्शिता पर फोकस चुनाव आयोग ने इस बार पारदर्शिता और निष्पक्षता के लिए सख्त कदम उठाए हैं।मतदान केंद्रों पर सुरक्षा बढ़ाई गई है और सोशल मीडिया पर फेक न्यूज़ की निगरानी के लिए विशेष सेल बनाए गए हैं।फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्सऐप अब राजनीतिक युद्धभूमि बन चुके हैं, जहाँ हर दल अपनी रणनीति के साथ मतदाताओं तक पहुँचने की कोशिश कर रहा है। उम्मीदों का बिहार बिहार चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया नहीं, बल्कि विकास की दिशा तय करने वाला फैसला है।यह चुनाव बताएगा कि क्या बिहार जातीय राजनीति की पुरानी सीमाओं से आगे निकलकर विकास की नई परिभाषा लिखने को तैयार है या नहीं। सवाल अब यह नहीं कि कौन जीतेगा, बल्कि यह है कि कौन बिहार को आगे ले जाएगा — योजनाओं के वादों से परे, नीतियों की सच्चाई तक।

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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंत्रिमंडल की बैठक में लिए फैसले की जानकारी दी

आज की बैठक में कुल 14 एजेंडे रखे गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ित परिवारों के दर्द को समझते हुए उनके परिवार के किसी एक सदस्य को रोज़गार- प्रदान करने का निर्णय लिया इसकी घोषणा मैंने हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान 25 अगस्त, 2025 को सदन में की थी ऐसे पीड़ित परिवार के एक सदस्य को एचकेआरएन के माध्यम से नौकरी दी जाएगी मंत्रीमंडल ने यह भी निर्णय लिया है कि उस समय जो हरियाणा के निवासी (Domicile) थे, जिनकी मृत्यु दंगों के दौरान चाहे हरियाणा से बाहर हुई हो, उनके आश्रितों को भी सरकार नौकरी देगी इनको 58 साल की आयु तक नौकरी से नहीं हटाया जाएगा,आज की बैठक में मंत्रिमंडल ने इस संबंध में अपनी सहमति दी बैठक में आबादी देह क्षेत्रों में कब्जा धारकों को स्वामित्व अधिकार प्रदान करने के लिए स्वामित्व योजना और ड्रोन आधारित सर्वेक्षणों के परिणामों को कानूनी आधार प्रदान करने का निर्णय लिया इस संबंध में आज की बैठक में एक अध्यादेश को मंजूरी दी गई है बैठक में विकास परियोजनाओं हेतु स्वेच्छा से दी जाने वाली भूमि की खरीद संबंधी नीति, में संशोधन को मंजूरी दी गई इस नीति में अब एक नया प्रावधान जोड़ा गया है, इसके अनुसार, यदि कोई भू-मालिक स्वयं या किसी एग्रीगेटर के माध्यम से ई-भूमि पोर्टल पर अपनी सहमति अपलोड करता है और सभी शर्तों को पूरा करता है, तो ऐसी सहमति को वैध माना जाएगा मौजूदा प्रावधानों के अंतर्गत, भू-मालिक या एग्रीगेटर कलेक्टर रेट के तीन गुणा की अधिकतम सीमा तक ही प्रस्ताव दे सकता था आज की बैठक में नई टीचर ट्रांसफर पॉलिसी- 2025 को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत पॉलिसी का सरलीकरण किया गया नई पॉलिसी के तहत, ज़ोनिंग का कॉन्सेप्ट हटा दिया गया है, जिससे शिक्षक सीधे कोई भी स्कूल चुन सकते हैं आज की बैठक में हरियाणा मूल के युद्ध में जान गंवाने वाले शहीद सैनिकों के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति के लिए हरियाणा सरकार की नीति में छूट प्रदान की गई है, जो निर्धारित तीन साल की अवधि के भीतर आवेदन नहीं कर सके इस फैसले से आज 2 आश्रितों को अनुकंपा आधार पर नियुक्ति की मंजूरी दी गई इससे पहले भी हमारी सरकार ने 26 जून, 2025 को मंत्रिमंडल की बैठक में शहीद सैनिकों के 8 आश्रितों को अनुकंपा आधार पर नियुक्ति दी है हरियाणा में श्रमिकों के कल्याण और औद्योगिक विकास में संतुलन स्थापित करने के लिए ‘कारखाना (संशोधन) अध्यादेश, 2025’ को भी मंजूरी दी गई अब, कारखाना प्रबंधन को हर श्रमिक को नियुक्ति के समय नियुक्ति पत्र अनिवार्य करने का प्रावधान है उद्योगों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए भी प्रावधान किया गया है इसके अनुसार अब, महिला श्रमिक भी मशीनरी पर आवश्यक सुरक्षात्मक उपकरण उपलब्ध होने पर कार्य कर सकेंगी संशोधन में प्रति तिमाही ओवर टाइम सीमा को 115 घंटे से बढ़ाकर 144 घंटे किया गया है सभी ओवरटाइम कार्य स्वैच्छिक रहेंगे। सामान्य मजदूरी दर से दोगुनी दर से मुआवजा दिया जाएगा, जिससे श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी बैठक में हरियाणा दुकान एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान (संशोधन) अध्यादेश, 2025 को मंज़ूरी दी गई संशोधन के तहत 20 से कम कर्मचा​री वाले प्रतिष्ठान/ दुकान पर हरियाणा दुकान एवं वाणिज्य प्रतिष्ठान लागू नहीं होंगे पंजीकरण, संशोधन और अन्य कार्य पूरी तरह से एक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से होंगे क्रिमीनल प्रोविजन को हटा दिया गया है सभी कर्मचारियों को Identity Card व appointment लैटर दिए जाएंगे पंजाब ग्राम शामलात भ‌ूमि नियमों में संशोधन को भी मंजूरी दी गई अब, पंचायत द्वारा खेती के लिए पट्टे पर दी जाने वाली प्रस्तावित भूमि में से 5 प्रतिशत भूमि 60 प्रतिशत से अधिक विकलांगता वाले व्यक्तियों के लिए आरक्षित होगी इसी प्रकार, पंचायत भूमि पर गौ अभ्यारण्य स्थापित करने के उद्देश्य से पशुपालन एवं डेयरी विभाग या हरियाणा गौ सेवा आयोग को 20 वर्ष की अवधि के लिए 5100 रुपये प्रति एकड़ प्रति वर्ष की दर से कुछ नियमों और शर्तों पर भूमि पट्टे पर देने का प्रावधान किया गया है बैठक में हरियाणा मंत्रिमंडल ने ईज ऑफ डुइंग बिजनेस के तहत इंडस्ट्रीय जोन में उद्योग स्थापित करने के लिए self- certification से कागजात लिए जाएंगे पारदर्शी व्यवस्था हमारी सरकार का मुख्य उद्देश्य रहा है। उद्योगों को इससे बहुत आसानी हो जाएगी

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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव पर पत्रकार वार्ता

मुख्यमंत्री ने सर्वप्रथम हरियाणा की बेटी शेफाली वर्मा को महिला वर्ल्ड कप फाइनल में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर जीत के लिए बधाई एवम शुभकामनाएं दी गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज की प्रेरणा और प्रयासों से मॉरीशस, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया समेत अन्य देशों में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का हो चुका है भव्य आयोजन 10वां अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव धर्म क्षेत्र कुरुक्षेत्र में 15 नवंबर से हो रहा है शुरू और 5 दिसंबर तक चलेगा पहली बार यह महोत्सव 21 दिन तक चलेगा इस महोत्सव में संस्कृति ज्ञान और आध्यात्मिकता का अलग ही संगम मिलेगा देखने को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से गीता महोत्सव को कुरुक्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनाने की शुरुआत वर्ष 2016 में हुई इस बार अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में मध्य प्रदेश सहयोगी राज्य की भूमिका में रहेगा मध्य प्रदेश द्वारा ब्रह्म सरोवर पर स्थित पुरुषोत्तमपुरा बाग में सांस्कृतिक पवेलियन बनाया जा रहा है 24 नवंबर को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय गीता संगोष्ठी का भी किया जाएगा शुभारंभ इस वर्ष भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय गीता संगोष्ठी में 16 देशों के 25 विद्वान रहेंगे उपस्थित विदेश मंत्रालय के माध्यम से 51 देश में गीता महोत्सव के कार्यक्रम भी होंगे आयोजित जिनका रहेगा लाइव प्रसारण फिजी और त्रिनिदाद एवं टोबैगो से 20 पंडित 2 दिन के लिए कुरुक्षेत्र आ रहे हैं जो महोत्सव के दौरान आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में लेंगे भाग महोत्सव के दौरान सूचना एवं जनसंपर्क विभाग हरियाणा द्वारा एक यूट्यूब चैनल चलाया जाएगा 15 नवंबर से 5 दिसंबर तक ब्रह्म सरोवर के पावन तट पर भाव गीत महा आरती का किया जाएगा आयोजन 1 दिसंबर को ज्योतिसर तीर्थ पर गीता यज्ञ गीता पाठ एवं भागवत कथा का होगा आयोजन उसी दिन 18 हजार विद्यार्थियों द्वारा गीता का वैश्विक पाठ किया जाएगा और सभी 182 तीर्थ पर दीपोत्सव का आयोजन भी किया जाएगा हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी ब्रह्म सरोवर पर 24 नवंबर से 1 दिसंबर तक गीता पुस्तक मेले का किया जाएगा आयोजन 7 देशों के 25 शिल्पकारों द्वारा अपनी शिल्प का प्रदर्शन महोत्सव के दौरान किया जाएगा गीता महोत्सव में बलराम कुश्ती दंगल का करवाया जाएगा आयोजन जिसमें देश के बड़े-बड़े कुश्ती खिलाड़ियों को भी किया जाएगा आमंत्रित अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के कार्यक्रम 28 नवंबर से सभी जिला मुख्यालयों पर होंगे शुरू सभी जिला मुख्यालयों में 1 दिसंबर को गीता जयंती के दिन 1800 विद्यार्थियों द्वारा किया जाएगा गीता का वैश्विक पाठ गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर भी कुरुक्षेत्र में होगा कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दोनों आयोजनों में रहेगी गरिमामयी उपस्थिति अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के आयोजन में सहभागिता हेतु समस्त हरियाणा वासियों तथा देशवासियों के मंगल भविष्य की करता हूं कामना – मुख्यमंत्री

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हरियाणा दिवस के अवसर पर पंचकूला में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का हुआ आगाज

प्रदेशवासियों की कड़ी मेहनत से समृद्ध हुआ हरियाणा : राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष बोले, हरियाणा की संस्कृति एवं विरासत का भविष्य सुनहरा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्यपाल को पगड़ी व राज्य की प्रगति के प्रतीकों को दर्शाता अनूठा स्मृति चिह्न और शाल भेंट कर किया सम्मानित पंचकूला , 1 नवंबर-(ईशान टाइम्स)- हरियाणा के राज्यपाल असीम कुमार घोष ने कहा कि हरियाणा राज्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के समर्पित प्रयासों से, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, औद्योगिक विकास, निवेश प्रोत्साहन, बुनियादी ढाँचे के उन्नयन और कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए, राज्य सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के सिद्धांत के साथ पूर्ण समन्वय के साथ कार्य कर रही है, जो विकसित भारत व विकसित हरियाणा के विजन को साकार करने का रोडमैप है। राज्यपाल आज हरियाणा के 60वें स्थापना दिवस के अवसर पर पंचकूला में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने हरियाणा के लोगों को हरियाणा दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इससे पूर्व राज्यपाल ने अपनी धर्मपत्नी एवं लेडी गवर्नर श्रीमती मित्रा घोष व मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ हरियाणा की संस्कृति एवं विरासत को प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर पर्यटन एवं विसारत मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा व पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता भी उनके साथ थे। राज्यपाल ने हरियाणा की विरासत पर लगी प्रदर्शनी व सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि इन प्रस्तुतियों से यह प्रतीत होता है कि हरियाणा की संस्कृति एवं विरासत का भविष्य बहुत सुनहरा है। उन्होंने कहा कि राजभवन से उनको हरियाणा के लोगों की सेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ है। यह उनके लिए यह बहुत ही गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर, 1966 को अपने गठन के बाद से, हरियाणा सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियों के साथ विकास और समृद्धि के साथ तीव्र विकास के पथ पर अग्रसर है। यह यात्रा हरियाणा के लोगों की कड़ी मेहनत, दृढ़ता और उद्यमशीलता से संभव हुई है। जब हम राज्य की 59 वर्षों की विकास यात्रा के इतिहास की समीक्षा करते हैं, तो पाते हैं कि राज्य ने गरीबी से समृद्धि तक कई मील के पत्थर स्थापित किए हैं। हरियाणा देश के क्षेत्रफल का केवल 1.34 प्रतिशत और जनसंख्या का 2.09 प्रतिशत होने के बावजूद भी देश के सकल घरेलू उत्पाद में 3.6 प्रतिशत योगदान दे रहा है। राज्य की प्रति व्यक्ति आय बड़े राज्यों में सबसे ज़्यादा है, जो लगभग 3 लाख 53 हज़ार है, जबकि 1966 में यह मात्र 343 रुपये थी। 1966 में राज्य का निर्यात केवल 4 करोड़ 50 लाख रुपये था, जो अब बढ़कर 2 लाख 75 हज़ार करोड़ से ज़्यादा हो गया है। इसी प्रकार हरियाणा प्रति व्यक्ति GST संग्रह में बड़े राज्यों में भी अग्रणी हैं। दुनिया की 250 से अधिक फॉर्च्यून कंपनियों के कार्यालय हरियाणा में स्थित हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा देश का पहला राज्य है जहाँ 24 फसलों की खरीद MSP पर की जाती है। देश में गन्ने का सर्वाधिक मूल्य 415 रुपये प्रति क्विंटल देने वाला राज्य भी हरियाणा ही है। राज्य में 3,200 रुपये प्रति माह की सामाजिक सुरक्षा पेंशन दी जा रही है, जो देश में सबसे ज्यादा है। हरियाणा का हर जिला राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ा है। पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देकर हरियाणा ने देश के समक्ष उदाहरण प्रस्तुत किया है। राज्यपाल ने कहा कि महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण और अनुसूचित जातियों एवं अन्य पिछड़ा वर्गों जैसे समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा की जा रही पहल सराहनीय है। उन्होंने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि हरियाणा के लोग इस बात से सहमत होंगे कि सही और सतत विकास तभी प्राप्त किया जा सकता है, जब प्रत्येक कल्याणकारी योजना और सेवा का लाभ अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुँचे और हरियाणा सरकार भी यह सुनिश्चित करने पर अडिग है कि विकास का लाभ प्रत्येक नागरिक को मिले। राज्यपाल ने कहा कि सामूहिक प्रयासों में हम समानता, समता, न्याय और बंधुत्व के आदर्शों को कायम रखेंगे और अपने हरियाणा के गौरव को और अधिक ऊंचाइयों पर ले जाएँगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्यपाल को हरियाणा की आन- बान -शान का प्रतीक पगड़ी व किसान, खिलाड़ी, महिला सशक्तिकरण में राज्य की प्रगति के प्रतीकों को दर्शाता अनूठा स्मृति चिह्न और शाल भेंट कर सम्मानित किया। जिसे देखकर राज्यपाल गदगद हो गए। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने 28 मार्च 2025 को अपनाए गए राज्य गीत “जय जय जय हरियाणा, जय जय जय हरियाणा। पावन धरती वेदों की, जहां हुआ हरिका आना।।“ के फिल्मांकन का रिमोट से बटन दबाकर लोकार्पण भी किया। *त्वरित ऑनलाइन सेवाओं के माध्यम से हरियाणा ने देश के समक्ष प्रस्तुत किया डिजिटल मॉडल : अनुराग रस्तोगी * मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने अपने स्वागत भाषण में राज्यपाल व मुख्यमंत्री सहित सभी गणमान्य व्यक्तियों का हरियाणा दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में पहुंचने पर स्वागत व अभिनन्दन किया और हरियाणा के लोगों को 60 वें स्थापना दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज का दिन हरियाणा के लोगों के लिए गर्व और गौरव दिन है। हम आज राज्य का 60वां स्थापना दिवस मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब हरियाणा पहली नवंबर 1966 को तत्कालीन पंजाब राज्य से अलग राज्य बना तो उस समय लोग सोचते थे कि हरियाणा अपना अस्तित्व बचा पाएगा या नहीं। राज्य की अपनी आय इतनी कम है कि कर्मचारियों को वेतन भी नहीं दे पाएगा। वर्ष 1967-68 में हरियाणा का पहला बजट 19.30 करोड़ रुपये का था। उन लोगों को यह पता नहीं था कि हरियाणा के लोग कितने मेहनती, कर्मठ व दृढ इच्छाशक्ति वाले हैं ना तो वे कठिनाइयों से घबराते हैं और ना ही उपलब्धियों से रुकते हैं। ऐसे लोगों की बदौलत ही हरियाणा आज देश के कई बड़े राज्यों से अधिक राजस्व

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सरदार पटेल के नेतृत्व ने जोड़ा राष्ट्र, रखी अखंड भारत की नींवः डॉ. अरविंद शर्मा

‘रन फॉर यूनिटी’ का भव्य आयोजन, लोगों ने दिया राष्ट्रीय एकता का संदेश चंडीगढ़, 31 अक्टूबर -(ईशान टाइम्स)- हरियाणा के सहकारिता, विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश को एक सूत्र में पिरोने का ऐतिहासिक कार्य किया। ‘रन फॉर यूनिटी’ का उद्देश्य समाज में एकता, अखंडता और देशभक्ति की भावना को वर्तमान पीढ़ी में और मजबूत करना है। डॉ. शर्मा ने राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर शुक्रवार सुबह झज्जर के महर्षि दयानंद सरस्वती स्टेडियम में आयोजित रन फॉर यूनिटी दौड़ को हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। इस दौड़ ने पूरे शहर में एकता, अखंडता और राष्ट्रभक्ति का संदेश प्रसारित किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि आज हम सभी भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी की जयंती पर राष्ट्र की एकता के संकल्प के साथ एकत्र हुए हैं। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने अपनी अदम्य इच्छाशक्ति, सशक्त नेतृत्व और दूरदर्शिता के बल पर भारत को एक सूत्र में पिरोकर अखंड राष्ट्र के निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय एकता दिवस मनाने और ‘रन फॉर यूनिटी’ के माध्यम से जन-जन में एकता, अनुशासन, फिटनेस और राष्ट्र निर्माण की भावना जगाने की पहल की सराहना की। डॉ. शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने ‘अखंड भारत’ के सपने को साकार करने की दिशा में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। इनमें जम्मू–कश्मीर से धारा 370 और अनुच्छेद 35A को हटाकर राज्य को मुख्यधारा से जोड़ना एक ऐतिहासिक कदम रहा है। उन्होंने कहा कि गुजरात के केवड़िया में स्थापित ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ केवल विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा नहीं, बल्कि भारत की एकता, शक्ति और गौरव का प्रतीक है। डॉ. शर्मा ने बताया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश के प्रत्येक जिले में ‘रन फॉर यूनिटी’ का आयोजन किया जा रहा है, जो सरदार पटेल के सपनों के भारत के निर्माण में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी का प्रतीक है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि इस दौड़ को केवल एक कार्यक्रम के रूप में न लें, बल्कि इसे एकता, समरसता और राष्ट्र सेवा के संदेश के रूप में जीवन में आत्मसात करें। दौड़ प्रारंभ होने से पूर्व मुख्य अतिथि द्वारा सभी प्रतिभागियों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम के दौरान बच्चों और युवाओं में उत्साह एवं देशभक्ति का अद्भुत जोश देखने को मिला।

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एडीसी ने कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर जारी किए दिशा-निर्देश

हरियाणा दिवस के अवसर पर कल आयोजित होगा सांस्कृतिक उत्सव :- नरेंद्र कुमार मदवि के राधाकृष्णन सभागार में प्रात: साढे 9 बजे आयोजित होगा कार्यक्रम रोहतक, 31 अक्तूबर(ईशान टाइम्स) : हरियाणा दिवस के उपलक्ष्य में एक नवंबर को हरियाणा सरकार द्वारा सांस्कृतिक उत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। अतिरिक्त उपायुक्त नरेंद्र कुमार ने महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के राधाकृष्णन सभागार में कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।नरेंद्र कुमार ने बताया कि हरियाणवी लोक कलाओं और परंपराओं से ओतप्रोत जिला स्तरीय समारोह का आयोजन होगा। इसमें जिलेभर से अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी रहेगी। राधाकृष्णन सभागार में होने वाले जिला स्तरीय कार्यक्रम को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा हरियाणा दिवस पर सांस्कृतिक उत्सव मनाने का उद्देश्य हरियाणा की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपरा और लोक कलाओं को बढ़ावा देना है। जिला स्तरीय समारोह में विश्वविद्यालय, महाविद्यालयों और विद्यालयों के विद्यार्थियों द्वारा हरियाणवी संस्कृति पर आधारित शानदार प्रस्तुतियां दी जाएंगी।इस दौरान सांपला के एसडीएम उत्सव आनंद, रोहतक के एसडीएम आशीष कुमार, नगर निगम के संयुक्त आयुक्त मनजीत कुमार, नगराधीश अंकित कुमार, मंडलायुक्त के ओएसडी शुभम, डीडीपीओ राजपाल चहल, सिविल सर्जन डॉ. रमेश चंद्र, जिला शिक्षा अधिकारी मनजीत मलिक सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

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महाराष्ट्र में फिर भड़का किसानों का ग़ुस्सा — अधूरे वादों के खिलाफ ‘यलगार’

महाराष्ट्र एक बार फिर किसानों के ग़ुस्से का केंद्र बन गया है। चुनावी मंचों पर किए गए वादे अब किसानों के लिए धुएं में उड़ते दिख रहे हैं। सत्ता में आए दस महीने बीत चुके हैं, लेकिन कर्जमाफी, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और फसल बीमा योजनाओं से जुड़ी घोषणाएँ अब तक ज़मीन पर नहीं उतर पाई हैं।सरकार कहती है — “राज्य आर्थिक संकट में है।”लेकिन किसानों का कहना है — “हमारा संकट उससे भी बड़ा है।” कर्जमाफी का अधूरा वादा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हाल ही में साफ कहा कि फिलहाल पूर्ण कर्जमाफी संभव नहीं।यह बयान उन लाखों किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा था जो मानसून और बाजार दोनों से हार चुके हैं।राज्य की वित्तीय हालत पर सरकार चिंता जता रही है — लेकिन किसानों का तर्क है कि अगर उद्योगों के लिए राहत पैकेज दिए जा सकते हैं, तो खेतों के लिए क्यों नहीं? फसल बीमा बना कंपनियों का लाभ खेल फसल बीमा योजना को किसानों ने अब “कंपनी बीमा योजना” कहना शुरू कर दिया है।किसान कह रहे हैं कि दावों के नाम पर उन्हें केवल आश्वासन मिलता है, जबकि बीमा कंपनियाँ अरबों का मुनाफ़ा कमा रही हैं।सरकार ने 1 रुपए की प्रतीकात्मक प्रीमियम सहायता तक बंद कर दी है, जिससे लगभग 5000 करोड़ रुपए की बचत बताई जा रही है — लेकिन इस “बचत” की कीमत किसानों की निराशा बन गई है। नागपुर में किसानों का ‘यलगार’ इन्हीं हालातों ने महाराष्ट्र के नागपुर में किसानों को सड़कों पर उतरने पर मजबूर कर दिया।करीब डेढ़ लाख किसानों ने नागपुर में चक्का जाम कर सरकार के खिलाफ ‘यलगार’ का ऐलान किया।पूर्व मंत्री बच्चू कडू और उनकी प्रहार जनशक्ति पार्टी इस आंदोलन का नेतृत्व कर रही है।सड़कों पर बैठे किसानों का संदेश साफ है — “वादे पूरे करो या खेत छोड़ो।”बॉम्बे हाईकोर्ट को खुद हस्तक्षेप करना पड़ा और आदेश दिया कि सड़कों से भीड़ हटाई जाए, लेकिन किसानों का कहना है कि जब तक सरकार ठोस जवाब नहीं देती, ‘यलगार’ रुकेगा नहीं। राजनीति और जनभावना का संगम कई राजनीतिक विश्लेषक इस आंदोलन को केवल किसान असंतोष नहीं, बल्कि एक नए राजनीतिक स्वरूप के रूप में देख रहे हैं।देवेंद्र फडणवीस, नितिन गडकरी और संघ मुख्यालय — तीनों नागपुर से जुड़े हैं।ऐसे में यह आंदोलन केवल खेतों की बात नहीं, बल्कि सत्ता के केंद्र तक एक सीधा संदेश है।फडणवीस सरकार के लिए यह चेतावनी है कि किसानों के मुद्दों को अब “वायदा” नहीं, “वास्तविकता” बनाना ही होगा। कर्ज का जाल और बढ़ती आत्महत्याएँ महाराष्ट्र सरकार पर वर्तमान में लगभग 8.4 लाख करोड़ रुपए का कर्ज है, और राज्य का हर नागरिक औसतन 72,000 रुपए का कर्जदार है।लेकिन विडंबना यह है कि सबसे ज्यादा कर्ज उसी किसान पर है जो देश का अन्नदाता है।जनवरी से मार्च 2025 के बीच ही 767 किसानों ने आत्महत्या की है, जिनमें से 257 पश्चिमी विदर्भ के हैं — वही इलाका जो दशकों से किसान आत्महत्याओं का प्रतीक बन चुका है। अब समाधान कौन देगा? केंद्र सरकार एमएसपी तय करती है, इसलिए पहल वहीं से होनी चाहिए।यदि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य और समय पर सहायता नहीं मिली, तो महाराष्ट्र का यह आंदोलन “दिल्ली किसान आंदोलन” की तरह देशव्यापी रूप ले सकता है।किसान अब केवल राहत नहीं, सम्मानजनक नीति परिवर्तन की मांग कर रहे हैं। महाराष्ट्र का यह “यलगार” केवल कर्जमाफी का संघर्ष नहीं है।यह उस व्यवस्था के खिलाफ चेतावनी है जो हर चुनाव में किसानों को “अन्नदाता” कहती है, और हर सत्ता परिवर्तन के बाद उन्हें भूल जाती है।सवाल यह नहीं कि सरकार कितनी गरीब है, सवाल यह है कि किसान को गरीब बनाए रखने की राजनीति कब तक चलेगी?

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राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई जाएगी सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी फतेहाबाद में आयोजित रन फॉर यूनिटी में बतौर मुख्य अतिथि करेंगे शिकरत,आरती सिंह राव रहेंगी पंचकूला में चंडीगढ़, 30 अक्तूबर-(ईशान टाइम्स)भारत के लौह पुरूष व राष्ट्रीय एकता के मुख्य वास्तुकार सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती को प्रदेश में 31 अक्तूबर, 2025 को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस उपलक्ष्य में जिलों में विभिन्न कार्यक्रमों व शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जिला फतेहाबाद में आयोजित रन फॉर यूनिटी में बतौर मुख्य अतिथि शिकरत करेंगे। इसके साथ ही, प्रदेश के सभी जिलों में मंत्रीगण, सांसद, विधायक कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे। एक सरकारी प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला करनाल में केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल व हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष श्री हरविंद्र कल्याण, जिला गुरुग्राम में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री राव इंद्रजीत तथा जिला जींद में हरियाणा विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे। इसी प्रकार जिला अंबाला में ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज, जिला झज्जर में सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा, जिला यमुनानगर में कृषि एवं कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा, जिला हिसार में जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर गंगवा, जिला भिवानी में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी तथा जिला पंचकूला में स्वास्थ्य मंत्री कुमारी आरती राव कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। इसी तरह जिला चरखी दादरी में सांसद श्री धर्मबीर सिंह, जिला कैथल में सांसद श्री कार्तिकेय शर्मा, जिला कुरुक्षेत्र में सांसद श्री नवीन जिंदल, जिला फरीदाबाद में विधायक श्री मूलचंद शर्मा, जिला महेंद्रगढ़ में विधायक श्री कंवर सिंह, जिला नूंह में विधायक श्री ओमप्रकाश यादव, जिला पलवल में विधायक श्री हरिंद्र सिंह, जिला पानीपत में विधायक श्री प्रमोद कुमार विज, जिला रेवाड़ी में विधायक श्री लक्ष्मण सिंह यादव, जिला रोहतक में विधायक श्री कृष्णा गहलावत, जिला सिरसा में विधायक श्री निखिल मदान तथा जिला सोनीपत विधायक श्री पवन खरखौदा कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रूप में शिरकत करेंगे।

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स्वास्थ्य संस्थानों का निर्माण गुणवत्ता पूर्ण जल्द पूरा करें: आरती सिंह राव

निर्देश, अब निर्माण गतिविधियों को सिविल सर्जन खुद देखेंगे चंडीगढ़, 30 अक्तूबर (ईशान टाइम्स )– हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों से संबंधित जितने भी निर्माण कार्य चल रहे हैं, उन सभी में गुणवत्तापूर्ण निर्माण सामग्री लगाई जाए तथा निर्धारित अवधि में कार्य पूरा होना चाहिए। उन्होंने वर्तमान नोडल अधिकारियों को हटा कर उनके स्थान पर सभी सिविल सर्जन को देख रेख करने का जिम्मा सौंपने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी अधिकारी अपने -अपने क्षेत्र में चल रहे निर्माणाधीन कार्यों के प्रति अपडेट रहें, इसमें कोताही बर्दाश्त नहीं की जा जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने पिछले दिनों कुछ जिलों में स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत निर्माणाधीन भवनों का औचक निरीक्षण किया था, इस दौरान जब उन्होंने नोडल अधिकारियों से निर्माण कार्यों के बारे में पूछताछ की तो वे कोई संतोषजनक ज़वाब नहीं दे पाए। वे अपनी जिम्मेवारी के प्रति अपडेटिड नहीं थे। स्वास्थ्य मंत्री ने इस मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को सख़्त हिदायतें दी, साथ ही उन्होंने अब सभी सिविल सर्जन को निर्माण कार्यों का भी नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए और कहा कि सभी अधिकारी निर्माणाधीन कार्यों के प्रति अपडेट रहें। आरती सिंह राव ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थान ऐसी जगह है जहां डॉक्टर मरीजों की जांच करके उनके इलाज करता है, इसलिए इनके निर्माण में काम आने वाले सामान की गुणवत्ता पर किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को सभी संस्थानों का निर्माण निर्धारित अवधि में पूरा करने के निर्देश दिए।

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