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महाराष्ट्र में फिर भड़का किसानों का ग़ुस्सा — अधूरे वादों के खिलाफ ‘यलगार’

महाराष्ट्र एक बार फिर किसानों के ग़ुस्से का केंद्र बन गया है। चुनावी मंचों पर किए गए वादे अब किसानों के लिए धुएं में उड़ते दिख रहे हैं। सत्ता में आए दस महीने बीत चुके हैं, लेकिन कर्जमाफी, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और फसल बीमा योजनाओं से जुड़ी घोषणाएँ अब तक ज़मीन पर नहीं उतर पाई हैं।सरकार कहती है — “राज्य आर्थिक संकट में है।”लेकिन किसानों का कहना है — “हमारा संकट उससे भी बड़ा है।” कर्जमाफी का अधूरा वादा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हाल ही में साफ कहा कि फिलहाल पूर्ण कर्जमाफी संभव नहीं।यह बयान उन लाखों किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा था जो मानसून और बाजार दोनों से हार चुके हैं।राज्य की वित्तीय हालत पर सरकार चिंता जता रही है — लेकिन किसानों का तर्क है कि अगर उद्योगों के लिए राहत पैकेज दिए जा सकते हैं, तो खेतों के लिए क्यों नहीं? फसल बीमा बना कंपनियों का लाभ खेल फसल बीमा योजना को किसानों ने अब “कंपनी बीमा योजना” कहना शुरू कर दिया है।किसान कह रहे हैं कि दावों के नाम पर उन्हें केवल आश्वासन मिलता है, जबकि बीमा कंपनियाँ अरबों का मुनाफ़ा कमा रही हैं।सरकार ने 1 रुपए की प्रतीकात्मक प्रीमियम सहायता तक बंद कर दी है, जिससे लगभग 5000 करोड़ रुपए की बचत बताई जा रही है — लेकिन इस “बचत” की कीमत किसानों की निराशा बन गई है। नागपुर में किसानों का ‘यलगार’ इन्हीं हालातों ने महाराष्ट्र के नागपुर में किसानों को सड़कों पर उतरने पर मजबूर कर दिया।करीब डेढ़ लाख किसानों ने नागपुर में चक्का जाम कर सरकार के खिलाफ ‘यलगार’ का ऐलान किया।पूर्व मंत्री बच्चू कडू और उनकी प्रहार जनशक्ति पार्टी इस आंदोलन का नेतृत्व कर रही है।सड़कों पर बैठे किसानों का संदेश साफ है — “वादे पूरे करो या खेत छोड़ो।”बॉम्बे हाईकोर्ट को खुद हस्तक्षेप करना पड़ा और आदेश दिया कि सड़कों से भीड़ हटाई जाए, लेकिन किसानों का कहना है कि जब तक सरकार ठोस जवाब नहीं देती, ‘यलगार’ रुकेगा नहीं। राजनीति और जनभावना का संगम कई राजनीतिक विश्लेषक इस आंदोलन को केवल किसान असंतोष नहीं, बल्कि एक नए राजनीतिक स्वरूप के रूप में देख रहे हैं।देवेंद्र फडणवीस, नितिन गडकरी और संघ मुख्यालय — तीनों नागपुर से जुड़े हैं।ऐसे में यह आंदोलन केवल खेतों की बात नहीं, बल्कि सत्ता के केंद्र तक एक सीधा संदेश है।फडणवीस सरकार के लिए यह चेतावनी है कि किसानों के मुद्दों को अब “वायदा” नहीं, “वास्तविकता” बनाना ही होगा। कर्ज का जाल और बढ़ती आत्महत्याएँ महाराष्ट्र सरकार पर वर्तमान में लगभग 8.4 लाख करोड़ रुपए का कर्ज है, और राज्य का हर नागरिक औसतन 72,000 रुपए का कर्जदार है।लेकिन विडंबना यह है कि सबसे ज्यादा कर्ज उसी किसान पर है जो देश का अन्नदाता है।जनवरी से मार्च 2025 के बीच ही 767 किसानों ने आत्महत्या की है, जिनमें से 257 पश्चिमी विदर्भ के हैं — वही इलाका जो दशकों से किसान आत्महत्याओं का प्रतीक बन चुका है। अब समाधान कौन देगा? केंद्र सरकार एमएसपी तय करती है, इसलिए पहल वहीं से होनी चाहिए।यदि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य और समय पर सहायता नहीं मिली, तो महाराष्ट्र का यह आंदोलन “दिल्ली किसान आंदोलन” की तरह देशव्यापी रूप ले सकता है।किसान अब केवल राहत नहीं, सम्मानजनक नीति परिवर्तन की मांग कर रहे हैं। महाराष्ट्र का यह “यलगार” केवल कर्जमाफी का संघर्ष नहीं है।यह उस व्यवस्था के खिलाफ चेतावनी है जो हर चुनाव में किसानों को “अन्नदाता” कहती है, और हर सत्ता परिवर्तन के बाद उन्हें भूल जाती है।सवाल यह नहीं कि सरकार कितनी गरीब है, सवाल यह है कि किसान को गरीब बनाए रखने की राजनीति कब तक चलेगी?

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राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई जाएगी सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी फतेहाबाद में आयोजित रन फॉर यूनिटी में बतौर मुख्य अतिथि करेंगे शिकरत,आरती सिंह राव रहेंगी पंचकूला में चंडीगढ़, 30 अक्तूबर-(ईशान टाइम्स)भारत के लौह पुरूष व राष्ट्रीय एकता के मुख्य वास्तुकार सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती को प्रदेश में 31 अक्तूबर, 2025 को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस उपलक्ष्य में जिलों में विभिन्न कार्यक्रमों व शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी जिला फतेहाबाद में आयोजित रन फॉर यूनिटी में बतौर मुख्य अतिथि शिकरत करेंगे। इसके साथ ही, प्रदेश के सभी जिलों में मंत्रीगण, सांसद, विधायक कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे। एक सरकारी प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला करनाल में केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल व हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष श्री हरविंद्र कल्याण, जिला गुरुग्राम में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री राव इंद्रजीत तथा जिला जींद में हरियाणा विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे। इसी प्रकार जिला अंबाला में ऊर्जा मंत्री श्री अनिल विज, जिला झज्जर में सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा, जिला यमुनानगर में कृषि एवं कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा, जिला हिसार में जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर गंगवा, जिला भिवानी में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी तथा जिला पंचकूला में स्वास्थ्य मंत्री कुमारी आरती राव कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। इसी तरह जिला चरखी दादरी में सांसद श्री धर्मबीर सिंह, जिला कैथल में सांसद श्री कार्तिकेय शर्मा, जिला कुरुक्षेत्र में सांसद श्री नवीन जिंदल, जिला फरीदाबाद में विधायक श्री मूलचंद शर्मा, जिला महेंद्रगढ़ में विधायक श्री कंवर सिंह, जिला नूंह में विधायक श्री ओमप्रकाश यादव, जिला पलवल में विधायक श्री हरिंद्र सिंह, जिला पानीपत में विधायक श्री प्रमोद कुमार विज, जिला रेवाड़ी में विधायक श्री लक्ष्मण सिंह यादव, जिला रोहतक में विधायक श्री कृष्णा गहलावत, जिला सिरसा में विधायक श्री निखिल मदान तथा जिला सोनीपत विधायक श्री पवन खरखौदा कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रूप में शिरकत करेंगे।

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स्वास्थ्य संस्थानों का निर्माण गुणवत्ता पूर्ण जल्द पूरा करें: आरती सिंह राव

निर्देश, अब निर्माण गतिविधियों को सिविल सर्जन खुद देखेंगे चंडीगढ़, 30 अक्तूबर (ईशान टाइम्स )– हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों से संबंधित जितने भी निर्माण कार्य चल रहे हैं, उन सभी में गुणवत्तापूर्ण निर्माण सामग्री लगाई जाए तथा निर्धारित अवधि में कार्य पूरा होना चाहिए। उन्होंने वर्तमान नोडल अधिकारियों को हटा कर उनके स्थान पर सभी सिविल सर्जन को देख रेख करने का जिम्मा सौंपने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी अधिकारी अपने -अपने क्षेत्र में चल रहे निर्माणाधीन कार्यों के प्रति अपडेट रहें, इसमें कोताही बर्दाश्त नहीं की जा जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने पिछले दिनों कुछ जिलों में स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत निर्माणाधीन भवनों का औचक निरीक्षण किया था, इस दौरान जब उन्होंने नोडल अधिकारियों से निर्माण कार्यों के बारे में पूछताछ की तो वे कोई संतोषजनक ज़वाब नहीं दे पाए। वे अपनी जिम्मेवारी के प्रति अपडेटिड नहीं थे। स्वास्थ्य मंत्री ने इस मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को सख़्त हिदायतें दी, साथ ही उन्होंने अब सभी सिविल सर्जन को निर्माण कार्यों का भी नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए और कहा कि सभी अधिकारी निर्माणाधीन कार्यों के प्रति अपडेट रहें। आरती सिंह राव ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थान ऐसी जगह है जहां डॉक्टर मरीजों की जांच करके उनके इलाज करता है, इसलिए इनके निर्माण में काम आने वाले सामान की गुणवत्ता पर किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को सभी संस्थानों का निर्माण निर्धारित अवधि में पूरा करने के निर्देश दिए।

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दिल्ली की ‘बूंदों वाली बारिश’ पर “भाजपा” का ‘महंगा सपना’

कभी कभी मेरे दिल में ख्याल आता है… कि ये पैसे कहाँ गये! दिल्ली में वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या से निपटने के लिए मंगलवार को भाजपा सरकार नें कृत्रिम बारिश कराने का प्रयास किया , लेकिन यह कोशिश सफल नहीं हो सकी बल्कि फुसकी सुरसुरी साबित हुई। सेसना विमान ने पहले आईआईटी कानपुर की हवाई पट्टी से उड़ान भरी, फिर मेरठ की हवाई पट्टी से, और दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में ‘क्लाउड सीडिंग’ की तकनीक अपनाई गई। विमानों ने खेकड़ा, बुराड़ी, उत्तरी करोल बाग, मयूर विहार, सादकपुर, भोजपुर सहित अन्य इलाकों में हाइग्रोस्कोपिक नमक वाले फ्लेयर छोड़े। दिल्ली की जहरीली हवा में सांस लेते-लेते हम सब ‘गदर’ मचाने को तैयार हैं, लेकिन भाजपा सरकार ने तो ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ स्टाइल में क्लाउड सीडिंग करवा दी! 28 अक्टूबर को कानपुर से उड़कर आया प्लेन, दिल्ली के आसमान में फ्लेयर छोड़ते हुए बोला, “ये रिश्ता क्या कहलाता है। बारिश का!” लेकिन नतीजा। कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी, जैसे ‘शोले’ में बसंती का डांस – जोरदार लगने वाला, लेकिन पानी तो फिस्स! भाजपा सरकार, जो हर समस्या का हल ‘अच्छे दिन’ लाने का दावा करती है, ने प्रदूषण से लड़ने के नाम पर 3.21 करोड़ रुपये मंजूर किए थे पांच ट्रायल के लिए। यानी हर बारिश के ‘अटेंप्ट’ पर 64 लाख! एक वर्ग किलोमीटर के लिए एक लाख रुपये – दिल्ली के पूरे आसमान पर अगर हिसाब लगाओ तो ‘लगान’ फिल्म का टैक्स भी फीका पड़ जाए। और असर? नोएडा बॉर्डर पर दो बूंदें गिरीं, जैसे ‘मिस्टर इंडिया’ में अदृश्य हीरो की कोशिश – दिखा तो नहीं, लेकिन खर्चा हो गया! सोचिए, सिल्वर आयोडाइड छिड़ककर बादलों को ‘कहो ना प्यार है’ बोलना सिखाया, लेकिन वो तो ‘बादल’ फिल्म के हीरो की तरह भारी होकर नहीं गिरे। सरकार कहती है, “ये तो ट्रायल था!” अरे भाई, ट्रायल में भी ‘दबंग’ स्टाइल अपनाओ – सलमान खान की तरह जोर से मारो, न कि ‘प्यार का पंचनामा’ की तरह बस बातें! 70 लाख के आसपास खर्च हो गया इस ‘कुछ बूंदों’ के लिए, जबकि दिल्लीवासी 17 दिनों से स्मॉग की चादर में लिपटे ‘कहानी’ जी रहे हैं – बिना हीरोइन के!/भाजपा वाले तो ‘राजनीति’ खेलते हैं, लेकिन ये क्या ‘मकड़ी’ बुन ली? प्रदूषण कम करने का दावा, लेकिन AQI अभी भी ‘तेजस’ की स्पीड से ऊपर! जनता पूछ रही है, “ये कैसी जंग है भाई?” सरकार जवाब देती है, “अगली बार ज्यादा बारिश होगी!” वाह, जैसे ‘बजरंगी भाईजान’ में पाकिस्तान पहुँचने का वादा – रास्ता लंबा, खर्चा ज्यादा, मंजिल धुंधली। अंत में, दिल्लीवालों, हवा साफ करने के लिए मास्क लगाओ, और सरकार से कहो “पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त!” लेकिन अगली बार ये करोड़ों का ‘सपना’ मत देखना, वरना हम सब ‘अंदाज अपना अपना’ में फँस जाएंगे!

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विनयना बैंक के मैनेजर पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगाया

सपा ‘नेता’ के दम पर ‘लाखों’ रूपए हज़म करने को आमादा है मैनेजर! विधवा बूढ़ी मां ने पुलिस अधीक्षक से लगाई न्याय की गुहार ! उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था का काला अध्याय है यह घटना भदोही जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने फिर साबित कर दिया है कि सत्ता के गलियारों में बैठे कुछ लोग गरीबों की आहों को कुचलने का कुत्सित इरादा रखते हैं। जलालपुर के निवासी मेहंदी हसन ने विनयना बैंक के मैनेजर पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगाया है। लोन की किस्तें चुकाईं, बीमा का पैसा जमा किया, लेकिन जब रकम वापसी की बारी आई तो मैनेजर ने साफ इंकार कर दिया। ऊपर से धमकियां, जान से मारने की धमकी और फर्जी मुकदमों का भय दिखाकर गरीब परिवार को बर्बाद करने की साजिश! और इस सबके पीछे छिपा है सपा नेता का ‘दम’, जो मैनेजर को बेखौफ हत्यारा बना रहा है। क्या यही है समाजवादी पार्टी का ‘समाजवाद’, जहां गरीब विधवा मां की गुहार को ठुकरा दिया जाता है! मेहंदी हसन की कहानी किसी एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के उन लाखों गरीबों की पीड़ा का प्रतीक है। उन्होंने लोन चुकाए, ब्याज सहित 3.72 लाख रुपये ट्रांसफर किए, यहां तक कि बीमा के नाम पर रोजाना 500 रुपये जमा किए। मैनेजर ने वादा किया था कि एक साल बाद 20% ब्याज के साथ पैसा लौटेगा, जो बिटिया की शादी के लिए काम आएगा। लेकिन अब। मैनेजर के मुंह से निकलता है, ‘तुम्हारा कोई पैसा हमारे पास नहीं!’ ऊपर से पुलिस की वर्दी का रौब दिखाकर बेटे को डराना, ब्लैंक चेकों का दुरुपयोग कर फंसाने की धमकी। मेहंदी हसन ने भदोही कोतवाली में शिकायत की, मुख्यमंत्री पोर्टल पर गुहार लगाई, लेकिन क्या हुआ। खामोशी! सपा नेता का साया मैनेजर पर इस कदर है कि कानून की किताबें भी कागज के टुकड़े बन गईं। क्या सपा नेता खुद को ‘समाज का रक्षक’ मानते हैं, जो बैंक मैनेजर को हत्यारे की तरह बेलगाम छोड़ देते हैं। यह आलोचना नहीं, सच्चाई है कि सपा का ‘दम’ भ्रष्टाचार को पनपने का खतरा बन गया है, जहां गरीबों का खून-पसीना हजम करना आसान हो जाता है। उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर यह घटना तीखा प्रहार है। पुलिस कीतवाली में शिकायत दब जाती है, सीएम पोर्टल पर भी कार्रवाई का नामोनिशान नहीं। मैनेजर खुले आम धमकी देता है, सपा नेता के भरोसे पर पुलिस का हाथ साफ! क्या यूपी में कानून सिर्फ अमीरों-ताकतवरों के लिए है। विधवा बूढ़ी मां की आंखों में आंसू, बिटिया की शादी का सपना टूटा, लेकिन व्यवस्था सोती रही। सपा नेता का दबाव हो या राजनीतिक संरक्षण, यह साफ है कि भ्रष्टाचार के कीड़े कानून के जाल को चबा रहे हैं। मुख्यमंत्री पोर्टल जैसी डिजिटल पहल का मजाक उड़ाया जा रहा है, जहां शिकायतें दर्ज तो होती हैं लेकिन न्याय की जगह धमकियां मिलती हैं। क्या यूपी की जनता हमेशा ऐसी लाचारी झेलेगी। सपा का ‘दम’ अगर गरीबों के खिलाफ इस्तेमाल हो रहा है, तो यह पार्टी की नैतिक हार है।नमेहंदी हसन जैसे पीड़ितों को न्याय मिलना चाहिए। पुलिस अधीक्षक से लेकर उच्च अधिकारियों तक को जागना होगा। सपा नेता को जवाब देना पड़ेगा कि उनका ‘दम’ किसके हित में लगाया जा रहा है – गरीबों के या भ्रष्टाचारियों के। उत्तर प्रदेश को चाहिए एक ऐसी व्यवस्था जहां कानून सबके लिए बराबर हो, न कि सत्ता के गुलाम। अन्यथा, ऐसी घटनाएं राज्य की छवि को और काला करती रहेंगी। न्याय की गुहार सुन ली जाए, वरना जनता का सब्र टूटेगा!

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पंचकूला में एनएसयूआई का सिग्नेचर कैंपेन, छात्रों ने की ‘वोट चोरी’ मामले की निष्पक्ष जांच की मांग

PG कॉलेज पंचकूला में एनएसयूआई का सिग्नेचर कैंपेन, छात्रों ने की ‘वोट चोरी’ मामले की निष्पक्ष जांच की मांग पंचकूला : (ईशान राय ,ईशान टाइम्स) एनएसयूआई पंचकूला की ओर से आज सेक्टर-1 स्थित पीजी कॉलेज में सिग्नेचर कैंपेन का सफल आयोजन किया गया। इस अभियान में बड़ी संख्या में छात्रों ने भाग लिया और एकजुटता का परिचय देते हुए सरकार से ‘वोट चोरी’ मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। कार्यक्रम का नेतृत्व एनएसयूआई जिला प्रधान नीतीश रावल ने किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में युवाओं की आवाज सबसे ताकतवर होती है और जब अन्याय या अनियमितता होती है, तो युवाओं को आगे आकर सच्चाई के लिए लड़ना चाहिए। इस दौरान छात्रों ने अपने हस्ताक्षर कर मांग पत्र भरा और कहा कि “युवा शक्ति अब जाग चुकी है, हम न्याय की लड़ाई जारी रखेंगे।”

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नये आपराधिक कानूनों पर चला जागरूकता अभियान 2.0

भदोहीः(राजेश जायसवाल, ईशान टाइम्स)। मुख्यालय पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर भदोही पुलिस ने नये आपराधिक कानूनों के प्रति जनजागरूकता अभियान 2.0 के तहत 30 अक्तूबर से 1 नवम्बर तक तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसी क्रम में थानाध्यक्ष सुरियावां ने कस्बा स्थित B.P.M.G. स्कूल में स्टाफ को जीरो एफआईआर, ई-एफआईआर, समयबद्ध न्याय, महिला एवं बाल संरक्षण, फोरेंसिक उपयोग और पीड़ित-केन्द्रित प्रावधानों की जानकारी दी तथा आमजन को इन कानूनों के बारे में जागरूक करने की अपील की।

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ग्रामोद्योग रोजगार योजना से 10 लाख तक ऋण, 30 नवम्बर तक करें आवेदन

भदोहीः ( राजेश जायसवाल, ईशान टाइम्स)।मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना से 10 लाख तक ऋण, 30 नवम्बर तक आवेदन करें । भदोही में मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार का सुनहरा अवसर मिल रहा है। जिला ग्रामोद्योग अधिकारी यू.पी. सिंह ने बताया कि योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में नए उद्योग स्थापित करने हेतु अधिकतम 10 लाख रुपये तक का ऋण बैंकों के माध्यम से दिया जाएगा। सामान्य वर्ग के पुरुषों को 4% ब्याज देना होगा, शेष ब्याज सरकार वहन करेगी, जबकि आरक्षित वर्ग व महिलाओं को पूरा ब्याज अनुदान स्वरूप मिलेगा। इच्छुक 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग के आवेदक 30 नवम्बर 2025 तक वेबसाइट upkvib.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

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नारी सुरक्षा, नारी सम्मान, नारी स्वावलम्बन की दिशा में भदोही में मिशन शक्ति अभियान जारी

अहिमनपुर में घरेलू हिंसा एवं दहेज उन्मूलन पर ग्राम चौपाल का आयोजन भदोही, 30 अक्टूबर 2025(राजेश जायसवाल, ईशान टाइम्स)।निदेशक महिला कल्याण, उत्तर प्रदेश लखनऊ एवं जिलाधिकारी श्री शैलेष कुमार के निर्देशन में “नारी सुरक्षा, नारी सम्मान, नारी स्वावलम्बन” तथा स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार, विकसित भारत का आधार थीम पर केंद्रित मिशन शक्ति फेज 5.0 के तहत जनपद भदोही में विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। यह विशेष अभियान 17 अक्टूबर से 3 नवम्बर 2025 तक चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आज विकास खंड औराई के अंतर्गत ग्राम अहिमनपुर में घरेलू हिंसा, दहेज उन्मूलन एवं जन-जागरूकता विषय पर ग्राम चौपाल कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जेंडर स्पेशलिस्ट प्रियंका गुप्ता ने महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं — मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड व सामान्य), निराश्रित महिला पेंशन, स्पॉन्सरशिप योजना, वन स्टॉप सेंटर, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन एवं टोलफ्री नंबर 181 — के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत बालिकाओं को छह चरणों में वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है —1️⃣ जन्म पर ₹50002️⃣ पूर्ण टीकाकरण के उपरांत ₹20003️⃣ कक्षा 1 में प्रवेश पर ₹30004️⃣ कक्षा 6 में प्रवेश पर ₹30005️⃣ कक्षा 9 में प्रवेश पर ₹50006️⃣ 12वीं उत्तीर्ण कर स्नातक अथवा दो वर्षीय डिप्लोमा में प्रवेश पर ₹7000। अब तक जनपद में 18,570 लाभार्थियों को इस योजना के तहत लाभान्वित किया जा चुका है। कार्यक्रम में रेशमा भारती, प्रियंका गुप्ता, आनंद मौर्या, दिनेश चन्द्र पाण्डेय, आशा समूह की सदस्याएँ एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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डीएम व एसपी ने किया जिला कारागार का संयुक्त निरीक्षण

भदोही, 30 अक्टूबर 2025(राजेश जायसवाल, ईशान टाइम्स)।जिलाधिकारी शैलेष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने आज जिला कारागार ज्ञानपुर का आकस्मिक निरीक्षण किया। अधिकारियों ने महिला, पुरुष एवं किशोर बैरकों का भ्रमण कर कैदियों को उपलब्ध सरकारी सुविधाओं की जानकारी ली तथा जेल अधीक्षक को सभी सुविधाएँ समय से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान डीएम-एसपी ने रसोईघर, स्टोर, डिस्पेंसरी एवं पेयजल, शौचालय और साफ-सफाई व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने भोजन में प्रयुक्त सामग्री—आलू-परवल की सब्जी, अरहर की दाल और सरसों तेल—की गुणवत्ता की जांच की। डीएम ने जेल अधीक्षक अभिषेक सिंह को निर्देशित किया कि तैयार कालीनों पर जिला कारागार का लोगो एवं मार्क लगाया जाए, जिससे इन उत्पादों की अलग पहचान और ब्रांडिंग हो सके।

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