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निठारी हत्याकांड’ ,सुप्रीम कोर्ट का फैसला और ‘भारत’ में किसी भी निर्दोष को जेल में सड़ाने की ‘साजिश’ !

‘ नोएडा के निठारी गांव में 2005-2006 के दौरान हुईं बच्चियों की सामूहिक हत्याओं ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया था। दर्जनों मासूमों के अवशेष घर के बाहर गड्ढों से बरामद हुए, और मुख्य आरोपी सुरेंद्र कोली को फांसी की सजा सुनाई गई। लेकिन 10 नवंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने कोली को बरी करते हुए निचली अदालतों के फैसलों को पलट दिया। कोर्ट ने कहा कि सबूतों की चेन टूटी हुई है, गवाहों के बयान अविश्वसनीय हैं, और जांच में भारी खामियां हैं। यह फैसला न केवल न्याय व्यवस्था की जीत है, बल्कि पुलिस, फॉरेंसिक और सरकारी तंत्र की घोर नाकामी को उजागर करता है। क्या हमारी जांच एजेंसियां इतनी अक्षम हैं कि 19 साल बाद भी सच्चाई दबकर रह जाती है?जांच की शुरुआती लापरवाही: सबूतों का गायब होनामामला सामने आने पर नोएडा पुलिस ने तुरंत घर की तलाशी ली, लेकिन फॉरेंसिक टीम को बुलाने में देरी की। अवशेषों को खुले में छोड़ दिया गया, जिससे बारिश और जानवरों ने उन्हें नष्ट कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि डीएनए सैंपल्स की चेन ऑफ कस्टडी टूटी हुई थी,कई सैंपल गायब हो गए या दूषित हो चुके थे। सीबीआई ने बाद में जांच संभाली, लेकिन उनकी रिपोर्ट में भी विरोधाभास थे। क्या यह महज लापरवाही थी या जानबूझकर सबूत मिटाने की साजिश! अगर पुलिस शुरुआत से ही प्रोफेशनल होती, तो कोली को दोषी ठहराने के लिए ठोस आधार मिलते। लेकिन सरकार ने जांच एजेंसियों को आधुनिक उपकरण और ट्रेनिंग क्यों नहीं दी ! कोर्ट ने कई गवाहों के बयान अविश्वसनीय करार दिए। कुछ गवाहों ने बाद में कबूल किया कि पुलिस दबाव में झूठ बोला गया। यह उत्तर प्रदेश पुलिस की पुरानी आदत है,मामलों को जल्दी सुलझाने के चक्कर में निर्दोषों को फंसाना या असली अपराधियों को बचाना। निठारी में घर के मालिक मोनिंदर सिंह पंधेर को भी आरोपी बनाया गया, लेकिन बाद में बरी कर दिया। क्या जांच एजेंसियां राजनीतिक दबाव में काम करती हैं? 2006 में यूपी सरकार बदल रही थी, और यह केस सनसनी बन चुका था। मीडिया ट्रायल ने पुलिस को जल्दबाजी में फैसला लेने पर मजबूर किया, लेकिन सच्चाई की कीमत पीड़ित परिवारों ने चुकाई।/सुप्रीम कोर्ट ने फॉरेंसिक रिपोर्ट्स पर सवाल उठाए। कई शवों की पहचान नहीं हो सकी, और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट्स अधर में लटक गईं। भारत में फॉरेंसिक लैब्स की हालत दयनीय है ! केंद्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, देश में सिर्फ 7 राष्ट्रीय स्तर की लैब्स हैं, जबकि हजारों मामले लंबित हैं। निठारी जैसे हाई-प्रोफाइल केस में भी डीएनए टेस्टिंग में महीनों लग गए। क्या यह संसाधनों की कमी है या प्राथमिकता की? अगर सरकार जांच एजेंसियों को बजट बढ़ाती, ट्रेनिंग देती, तो निर्दोष जेल में सड़ते नहीं ! यह फैसला केंद्र और राज्य सरकारों के लिए झटका है। निठारी के बाद कई कमीशन बने, लेकिन सुधार कहां हुए! पुलिस रिफॉर्म्स पर सुप्रीम कोर्ट के प्रकाश सिंह जजमेंट को 19 साल हो गए, फिर भी लागू नहीं। सीबीआई को स्वायत्तता देने की बातें होती हैं, लेकिन राजनीतिक हस्तक्षेप जारी है। पीड़ितों के परिवार आज भी इंसाफ की आस में हैं!/क्या सरकार उन्हें मुआवजा और पुनर्वास देगी! या फिर अगला स्कैंडल आने तक सब भूल जाएंगे!निठारी हत्याकांड न्याय की जीत है, लेकिन जांच तंत्र की हार। सुप्रीम कोर्ट ने साबित कर दिया कि सबूतों के बिना सजा नहीं दी जा सकती। अब वक्त है कि सरकार पुलिस, सीबीआई और फॉरेंसिक सिस्टम को मजबूत करे। वरना ऐसे मामले दोहराते रहेंगे, और मासूमों की चीखें अनसुनी रह जाएंगी। क्या हम सीखेंगे, या फिर इंतजार करेंगे अगले निठारी का !

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यूपी में ‘सोती” हुई बच्ची को ‘खींच” ले गए ‘दरिंदे’ ! पहले ‘गैंगरेप’ किया, फिर ‘चीखें’ दबाने के लिए ‘तेजाब’ पिलाया

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में, जलालपुर थाना क्षेत्र के एक छोटे से गांव में, सरकार की काली रात ने इंसानियत को हमेशा के लिए शर्मसार कर दिया। एक 16 साल की मासूम किशोरी, जो अपनी जिंदगी के सपनों की उड़ान भरने की उम्र में थी, तीन हैवानों के हाथों सामूहिक दुष्कर्म की शिकार बनी। विरोध करने पर उसके मुंह में तेजाब डाल दिया गया , जिंदगी छीनने की नाकाम कोशिश! आज वह लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में मौत से जूझ रही है, उसकी सांसें टूटी हुईं, शरीर जख्मों से लथपथ। लेकिन दर्द सिर्फ उसका नहीं , यह दर्द पूरे समाज का है, पूरे उत्तर प्रदेश का है, और सबसे बड़ा सवाल योगी सरकार पर है, क्या बेटियां सिर्फ चुनावी नारे हैं, या उनकी सुरक्षा के लिए कोई ठोस इंतजाम! कल्पना कीजिए उस रात की। रात के 12 बजे, जब गांव सोया हुआ था, तीन युवक दीवार फांदकर छत से घुसे। सोती हुई बच्ची को ऊपरी कमरे में खींच ले गए। पहले बलात्कार, फिर चीखें दबाने के लिए तेजाब! परिवार ने उसे सरीला सीएचसी पहुंचाया, वहां से उरई, फिर झांसी, और अंत में लखनऊ। 12 दिन झांसी में इलाज, लेकिन कोई सुधार नहीं। अब केजीएमयू में भर्ती, हालत स्थिर लेकिन गंभीर। परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा – इलाज का खर्च कहां से लाएं? सरकारी अस्पतालों में रेफरल का अंतहीन चक्कर, न दवा, न सहारा। परिवार दर-दर भटक रहा, गुहार लगा रहा सरकारी मदद की। लेकिन सरकार कहां है! योगी आदित्यनाथ की ‘बेटी बचाओ’ की गूंज कहां खो गई! यह कोई पहली घटना नहीं। उत्तर प्रदेश में बलात्कार और एसिड अटैक की वारदातें रोज की खबर बन चुकी हैं। हाथरस, उन्नाव, लखीमपुर , हर बार वादे, हर बार आंसू, लेकिन न्याय! पुलिस ने सिर्फ एक नाबालिग आरोपी को पकड़ा, बाकी दो फरार! एफआईआर दर्ज हुई, जांच चल रही है , यही पुराना राग। क्या यही है कानून व्यवस्था! क्या आरोपियों को पकड़ने के लिए विशेष टीम नहीं बन सकती!क्या तेजाब जैसे खतरनाक पदार्थों की बिक्री पर सख्ती नहीं हो सकती! सरकार करोड़ों रुपये विज्ञापनों पर उड़ा रही है, लेकिन बेटियों की सुरक्षा पर खर्च कहां! अस्पतालों में मुफ्त इलाज, तुरंत मुआवजा, मनोवैज्ञानिक सहायता,ये सब कागजों पर हैं या हकीकत में!ओ योगी सरकार, सुनो इस परिवार की चीख! यह किशोरी तुम्हारी बेटी हो सकती थी। उसके पिता की आंखों में आंसू, मां की गोद में दर्द , यह दर्द तुम्हें जगाएगा या नहीं! आर्थिक मदद दो, आरोपियों को फांसी दो, ऐसी वारदातों पर जीरो टॉलरेंस दिखाओ। नहीं तो याद रखो, जनता की याददाश्त लंबी होती है। बेटियां सुरक्षित नहीं, तो सत्ता क्या काम की! हमीरपुर की यह बेटी न्याय मांग रही है , उठो, जागो, सरकार! वरना इतिहास तुम्हें माफ नहीं करेगा

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सरस मेला पंचकूला 2025 ग्रामीण हस्तशिल्प और संस्कृति का अद्भुत संगम

* पंचकूला, 11 नवंबर : हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और जिला प्रशाशन पंचकूला, ‌द्वारा आयोजित बहुप्रतीक्षित “सरस मेला 2025” पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित परेड ग्राउंड में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। यह मेला ग्रामीण भारत की हस्तशिल्प, हस्तकरघा, लोककला, पारंपरिक व्यंजन और सांस्कृतिक धरोहर का जीवंत प्रदर्शन है। इस मेले में देशभर के विभिन्न राज्यों से आए महिला स्वयं सहायता समूहों  और ग्रामीण कारीगरों द्वारा बनाए गए हस्तनिर्मित उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट, जूट व बांस उत्पाद, मिट्टी के बर्तन, पारंपरिक परिधान, आभूषण, घरेलू सजावटी वस्तुएँ तथा स्थानीय स्वादों से भरपूर व्यंजन शामिल हैं। सरस मेला ग्रामीण उद्यमिता को सशक्त बनाने, स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। मेले के दौरान प्रतिदिन सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें लोकनृत्य, संगीत, नाटक और लोकगीतों की प्रस्तुति दी जाती है। साथ ही, आगंतुकों को ग्रामीण उत्पादों की खरीद के साथ-साथ भारत की विवि***

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मनुष्य बने रहने के लिए कला से जुड़ाव होना आवश्यक है-सुनील पवार

जब तक मनुष्य रहेगा तब तक कला रहेगी-सुनील पवार सामुदायिक भागीदारी के जरिये कार्बन उत्सर्जन एवं प्रदूषण पर रोकथाम लगाने के लिए प्रयास करें-चन्द्रभूषण चतुर्थ पंचकूला पुस्तक मेंले में आये प्रकाशकों से 10 लाख रूपये की किताबें खरीदेंगे पुलिस आयुक्त पंचकूला शिवास कविराज पंचकूला नवंबर 11( ईशान टाइम्स): हरियाणा प्रदेश के प्रत्येक पुलिस लाईन में निर्मित सरदार पटेल पुलिस पुस्तकालयों को सबर्द्धित करने के लिए पंचकूला के पुलिस आयुक्त शिवास कविराज पंचकूला पुस्तक मेले से 10 लाख रूपये की किताबों की खरीद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा के नौनिहालो के उज्जवल भविष्य के लिए आवश्यक है कि अच्छी किताबों को पढ़े क्योंकि पढ़ने से ही उनके सुनहरे भविष्य का मार्ग प्रशस्त होगा। पुस्तक मेंले के पांचवे दिन उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के सहयोग से समय, समाज और पर्यावरण पर विमर्श एवं समकालीन समय जल संकट थीम पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। विमर्श में मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत करते हुए कर्नाटका कैडर के वरिष्ठ आई एफ एस अधिकारी डा. सुनील पवार ने साहित्य एवं कला के एतिहासिक परिदृश्य पर बात रखते हुए कहा कि कला तब भी मौजूद थी जब मनुष्य के शरीर पर कपड़ा नहीं था, कला आज भी मौजूद है जब विज्ञान एवं सूचना क्रान्ति का प्रभाव है और कला तब भी मौजूद रहेगी जब भविष्य के गर्भ में मनुष्यता नया इतिहास रचेगी। उन्होंने कहा कि मनुष्यता का सबसे बड़ा वाहक कला है इसलिए मनुष्य को मनुष्य बने रहने के लिए कला से जुड़ाव होना आवश्यक है। सांस्कृतिक कार्यक्रम में एसई चंदन ने अपने बांसुरी वादन से पूरी दर्शक समूह को मंत्रमूग्ध कर दिया। उसके बाद यूएचबीवीएन के मनीश एवं उनकी टीम द्वारा सैक्सो फोन की संगीतात्मक प्रस्तुति की गई। मुख्य सांस्कृतिक कार्यक्रम में कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के सहयोग से प्रख्यात गायिका सुश्री गीता भारद्वाज ने शानदार संगीतात्मक प्रस्तुति दी। विदित हो कि सुश्री गीता भारद्वाज इंडियन आईडल फेम की गायिका हैं।

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कैप्टन रोहित कौशल की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई

जनरल वीपी मलिक ने कहा, “जो राष्ट्र अपने शहीदों को याद रखता है, वह निरंतर विकास करता है और निर्बाध रूप से आगे बढ़ता है इस अवसर पर 16 सिख रेजिमेंट द्वारा गार्ड-ऑफ-ऑनर दिया गया और पूर्व सेना प्रमुख, आईटीबीपी के महानिरीक्षक, जिला प्रशासन, नगर निगम, जिला सैनिक बोर्ड, जिला रेड क्रॉस और 18 पंजाब के कमांडिंग ऑफिसर ने पुष्पांजलि अर्पित की। शहीद कैप्टन रोहित कौशल सीनियर सेकेंडरी स्कूल जालौली ने शहीद के बारे में एक संस्मरण प्रस्तुत किया पंचकूला नवंबर 11(ईशान टाइम्स): कैप्टन रोहित कौशल, एसएम (गैलेंट्री) की 30वीं पुण्यतिथि आज उनके स्मारक, जालौली पंचकूला में मनाई गई। कैप्टन रोहित, 18 पंजाब रेजिमेंट के जवान, ने 11 नवंबर, 1995 को जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में अपने प्राणों की आहुति दी थी। इस अवसर पर 16 सिख रेजिमेंट द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर प्रस्तुत किया गया। पुष्पांजलि अर्पित करने वालों में जनरल वीपी मलिक (पूर्व सेनाध्यक्ष), अशोक नेगी (आईटीबीपी के आईजी), चंद्रकांत कटारिया (एसडीएम), गौरव चौहान (नगर निगम के संयुक्त आयुक्त), सलीम खान ( पार्षद), विंग कमांडर संजय राय (जिला सैनिक बोर्ड), लाइजन ऑफिसर लेफ्टिनेंट हेमंत मलिक (18 पंजाब की ओर से), पुष्पा देवी , शहीद कैप्टन रोहित कौशाल सीनियर सेकेंडरी स्कूल की प्रिंसिपल, और जिला रेड क्रॉस शामिल थे। कैप्टन रोहित के माता-पिता एसएस कौशल और वीणा शर्मा ने भी श्रद्धांजलि दी।स्कूल के छात्रों और स्टाफ ने शहीद पर एक मेमॉयर प्रस्तुत किया। जनरल वीपी मलिक ने अपने संबोधन में कहा, “जो राष्ट्र अपने शहीदों को याद रखता है, वह निरंतर विकास करता है और निर्बाध रूप से आगे बढ़ता है।” उन्होंने शहीद परिवारों के प्रति संवेदनशील रहने का आग्रह किया। आईटीबीपी के आईजी अशोक नेगी ने कहा कि ऐसे स्मारक युवाओं में देशभक्ति की भावना को बढ़ावा देते हैं। विनोद वशिष्ठ शहीद कैप्टन रोहित कौशल ट्रस्ट के संरक्षक ने कहा कि पिछले तीस वर्षों से रक्षा सेवाओं, अर्धसैनिक बलों, राज्य प्रशासन, नगर निगम पंचकूला और एनजीओ के सहयोग से यह समारोह निरंतर जारी है। रोहित कौशल का जन्म 5 अगस्त, 1968 को अंबाला कैंट में हुआ था। वे वीणा शर्मा और एसएस कौशाल के इकलौते पुत्र थे। कैप्टन रोहित ने अपनी टुकड़ी का नेतृत्व करते हुए आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अपनी जान दी। उनकी शादी 27 नवंबर, 1995 को होनी थी, लेकिन नियति ने कुछ और ही तय कर रखा था। 10-11 नवंबर, 1995 की रात को कैप्टन रोहित ने डोडा के गैंडोह क्षेत्र में आतंकवादियों के ठिकाने पर हमला किया। मुठभेड़ में उनके सीने और गर्दन में गोलियां लगीं, लेकिन उन्होंने दो आतंकवादियों को मार गिराया और वीरगति को प्राप्त हुए। भारत सरकार ने उन्हें मरणोपरांत सेना मेडल से सम्मानित किया। हरियाणा सरकार और उनके परिवार ने मिलकर एक स्मारक का निर्माण किया, जिसका अनावरण 1997 में पूर्व राज्यपाल महाबीर प्रसाद ने किया। पंचकूला के सेक्टर-12 में एक रोड और सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल का नाम भी उनके नाम पर रखा गया है। राज्य सरकार ने जौल्ली स्थित सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का नाम शहीद कैप्टन रोहित कौशल सीनियर सेकेंडरी स्कूल रखा है। सेक्टर 12 पंचकूला में जिला सैनिक भवन की ओर जाने वाली सड़क का नाम भी शहीद के नाम पर रखा गया है। रोहित कौशाल की याद में पंचकूला, चंडीगढ़ और अंबाला में कई स्मारक और गौरव गाथाएं स्थापित हैं। कैप्टन रोहित की स्मृति पंचकूला शहीद स्मारक (सेक्टर 12), चंडीगढ़ शहीद स्मारक (सेक्टर 3), डीएवी कॉलेज शहीद गैलरी (सेक्टर 10) और टेरेस गार्डन (सेक्टर 33) में बने शहीद स्तंभों में भी अमर है।

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राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने जिलास्तरीय गली क्रिकेट टूर्नामेंट के पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यअतिथि के रूप में की शिरकत

राज्यपाल ने विजेता टीम को अटल ट्रॉफी व 1 लाख रूपये की नकद राशि ईनाम स्वरूप भेंट की उपविजेता टीम को अश्विनी गुप्ता ट्रॉफी व 51,000 रुपये की राशि से किया सम्मानित पंचकूला, 11 नवंबर(ईशान टाइम्स) : हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष ने आज सैक्टर-3 स्थित ताऊ देवीलाल स्टेडियम में प्रथम भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जिलास्तरीय गली क्रिकेट टूर्नामेंट के समापन अवसर पर पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यअतिथि के रूप में सैक्टर-1 की विजेता टीम को अटल ट्रॉफी व 1 लाख रूपये की नकद राशि ईनाम स्वरूप देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर राज्यपाल की धर्मपत्नी श्रीमती मित्रा घोष भी मौजूद रही। इस मौके पर हरियाणा के राज्यपाल ने स्पोर्टस प्रमोशन सोसायटी पंचकूला को 1 लाख रूपये देने की घोषणा की। हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष ने खिलाडियों को संबोधित करते हुए कहा कि जिलास्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिता का थीम ‘‘छक्का लगाओ नशा भगाओ‘‘ बडा ही प्रेरणादायक है। इससे युवाओं को नशे से दूर रहने की प्रेरणा मिलती है और लग्न और मेहनत से खेल खेलकर मैडल जीत कर प्रदेश का नाम रोशन करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होने कहा कि हरियाणा के खिलाडियों ने खेलों में विश्वस्तर पर मैडल जीतकर देश व प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्होने कहा कि भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी बाजपेयी के नाम से पूरे प्रदेश में खेल करवाए जाने चाहिए ताकि गली व गांव की छुपी हुई प्रतिभा को निखरने का प्लेटफार्म मिले। उन्होने स्पोर्टस प्रमोशन सोसायटी पंचकूला की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह के टूर्नामेंट करवाकर यह सोसायटी जिले के ग्रामीण परिवेश के खिलाडियों को तराशने का काम कर रही है। प्रोफेसर घोष ने इससे पूर्व सभी खिलाडियों से हाथ मिलाकर परिचय किया और स्वयं क्रिकेट खेलकर खिलाडियों की हौसलाअफजाई की। राज्यपाल ने उपविजेता टीम को अश्विनी गुप्ता ट्रॉफी व 51,000 रुपये की राशि ईनाम स्वरूप प्रदान की। प्रोफेसर घोष ने इस अवसर पर जिलास्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिता में सहयोग के लिए जिला शिक्षा अधिकारी पंचकूला, सतलुज पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल , गेस्ट आफ आनर रोहित सिंगला व युवराज कौशिक को भी मौमेंटो देकर सम्मानित किया। प्रोफ़ेसर घोष ने सतलुज, राजकीय माडल संस्कृति स्कूल के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति की सराहना की। उन्होने कहा कि मुझे दोबारा इस तरह के टूर्नामेंट में आने का मौका मिला तो मैं युवा खिलाडियों के बीच आकर अपने आपको भाग्यशाली समझूंगा। इस अवसर पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं स्पोर्ट्स प्रमोशन सोसाइटी के चेयरमैन ज्ञानचंद गुप्ता ने बताया कि टूर्नामेंट में स्कूल, कॉलेज, लेबर कॉलोनी और उद्योग जगत से कुल 116 टीमें ने भाग लिया , जिन्हें आठ जोन में विभाजित किया गया था । प्रत्येक जोन का नाम स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर रखा गया । इस टूर्नामेंट का उद्देश्य युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित कर उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखना है। इस टूर्नामेंट में लगभग 1400 खिलाडियों ने अपने बेहतरीन खेल का प्रर्दशन किया। उन्होने खिलाडियों को बधाई व शुभकामनांए दी। इस अवसर पर शिवालिक विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष ओमप्रकाश देवी नगर, फार्मेसी काउंसिल के चेयरमैन बीबी सिंगल, प्रधान जी डी.पी. सोनी, डीपी सिंघल, महासचिव एन.डी. शर्मा, कोषाध्यक्ष वीरेंद्र मेहता, सचिव जितेंद्र महाजन, पूर्व जिलाध्यक्ष दीपक शर्मा, पार्षद हरेंद्र मलिक, भाजपा युवा मोर्चा कोषाध्यक्ष अमित गुप्ता सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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पिंजौर की पावन भूमि से शुरू हुई ‘हिंद की चादर’ श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष की पवित्र नगर कीर्तन यात्रा

24 नवंबर को कुरुक्षेत्र में होगा समापन, 25 नवंबर को प्रधानमंत्री होंगे महासमागम में मुख्य अतिथि श्री गुरु तेग बहादुर जी संपूर्ण विश्व के मानवाधिकारों के प्रथम महानायक – मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक, अंबाला का नाम श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर रखने की मुख्यमंत्री ने की घोषणा पंचकूला़, 11 नवंबर(ईशान टाइम्स)- ‘हिंद की चादर’ श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष के पावन अवसर पर मंगलवार को दूसरी पवित्र नगर कीर्तन यात्रा का शुभारंभ हरियाणा के पंचकूला जिले के पिंजौर स्थित पावन भूमि से हुआ। इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की उपस्थिति में गुरुद्वारा श्री गुरु नानक दरबार, गांव गोरखनाथ में अरदास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष अरदास करते हुए प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक, अंबाला का नाम श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर रखने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी केवल सिख समुदाय या भारत के ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व के मानवाधिकारों के प्रथम महानायक हैं। उन्होंने धर्म और देश की रक्षा हेतु सर्वोच्च बलिदान दिया। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिंजौर से आरंभ की गई यह दूसरी नगर कीर्तन यात्रा, गुरु जी के तप, त्याग, विचार और धर्म रक्षा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का व्यापक अभियान है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी होंगे श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी वर्ष पर कुरुक्षेत्र महासमागम के मुख्य अतिथि उन्होंने बताया कि श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष के उपलक्ष्य में प्रदेशभर में चार पवित्र नगर कीर्तन यात्राएं निकाली जा रही हैं जो हरियाणा के सभी जिलों से गुजरेंगी। इन यात्राओं का समापन 24 नवंबर को कुरुक्षेत्र में होगा। अगले दिन, 25 नवंबर को श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी वर्ष पर कुरुक्षेत्र में महासमागम का आयोजन होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी का हरियाणा की पावन धरा से गहरा संबंध रहा है। वर्ष 1665 में उन्होंने सिख पंथ के मुख्यालय को धमतान (परगना जींद, बांगर देश दृ वर्तमान हरियाणा) में स्थानांतरित किया था। उसी वर्ष उन्होंने बांगर देश से लोहगढ़ की यात्रा करते हुए जींद, कैथल, चीका, कराह, सियाना सईदा और पिहोवा में संगत से मिलकर उन्हें धर्म मार्ग पर चलने का संदेश दिया। इसके पश्चात गुरु जी ने कुरुक्षेत्र जिले के बारना गांव, थानेसर, लाडवा और यमुनानगर क्षेत्र में भी दौरा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणावासियों का यह परम सौभाग्य है कि श्री गुरु तेग बहादुर जी के पावन चरण इस भूमि पर कई बार पड़े। उन्होंने अपने प्रवास के दौरान संगतों को दिव्य ज्ञान प्रदान किया और धर्म की रक्षा के लिए प्रेरित किया। जहां-जहां वे पधारे, वहां स्थापित गुरुघर आज भी उनकी शिक्षाओं और आदर्शों की ज्योति को प्रज्वलित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा हमारे महापुरुषों और गुरुओं के पर्वों को भव्य स्तर पर मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने श्री गुरु नानक देव जी की 550वीं जयंती को बड़े ही श्रद्धा और सम्मान के साथ राज्य स्तर पर मनाने का काम किया। अब श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष को भी राज्य स्तर पर अत्यंत भव्य रूप से आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन की अगुवाई हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार जगदीश सिंह झिंडा कर रहे हैं, जो लगातार इन यात्राओं को आगे बढ़ा रहे हैं। कमेटी द्वारा गुरुओं की वाणी, शिक्षाओं और इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने का सराहनीय कार्य किया जा रहा है। प्रदेश सरकार की ओर से किए गए विभिन्न कार्यों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सिरसा स्थित चैधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम से एक अनुसंधान पीठ (चेयर) स्थापित की गई है, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ उनके जीवन, दर्शन और योगदान पर शोध कर सकें और गुरुओं के इतिहास से आने वाली पीढ़ियां प्रेरणा प्राप्त करें। यमुनानगर में बन रहे मेडिकल कॉलेज का नाम भी श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर रखा गया है, जो शीघ्र ही पूर्ण होकर जनता को समर्पित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचकूला से पोंटा साहिब तक की सड़क का नाम श्री गुरु गोविंद सिंह जी के नाम पर रखा गया है। इसी प्रकार, असंध स्थित एक कॉलेज का नाम श्री गुरु गोविंद सिंह जी के छोटे पुत्र के नाम पर रखा गया है। साथ ही, गुरु गोविंद सिंह जी की ननिहाल लखनौर साहिब में माता गुजरी देवी के नाम से वी.एल.डी.ए. कॉलेज की स्थापना की गई है, जो गुरु परंपरा और हमारी सांस्कृतिक विरासत के सम्मान का प्रतीक है। इस अवसर पर हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के प्रधान सरदार जगदीश सिंह झिंडा, हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के उप प्रधान सरदार गुरमीत सिंह रामसर, सरदार बलजीत सिंह दादूवाल, राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा, कार्तिकेय शर्मा, विधायक शक्तिरानी शर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, उपायुक्त सतपाल शर्मा, पुलिस उपायुक्त सृष्टि गुप्ता, एसडीएम कालका संयम गर्ग, जिला अध्यक्ष अजय मित्तल, बंतो कटारिया, मुख्यमंत्री के राजनैतिक सचिव तरूण भंडारी, ओएसडी डॉ प्रभलीन सिंह, ओम प्रकाश देवीनगर, सरदार गुलाब सिंह, बीबी करतार कौर सहित अन्य गणमान्य भी मौजूद रहे। पंचकूला जिले में 11 से 14 नवंबर तक निकलेगी नगर कीर्तन यात्रा यह नगर कीर्तन यात्रा 11 नवंबर को गुरुद्वारा श्री नानक दरबार गांव गोरखनाथ से शुरू होकर गांव मंढावाला, नानकपुर, करणपुर, जोहलुवाल, कीर्तपुर, लोहगढ़, खेड़ा बसला से होती हुई गुरुद्वारा श्री मंजीसाहिब पिंजोर पहुंचेगी, जहाँ रात्रि विश्राम होगा। इसी तरह दूसरे दिन 12 नवंबर को नगर कीर्तन यात्रा गुरुद्वारा श्री मंजीसाहिब पिंजोर से शुरू होकर कालका, टिपरा, मल्लामोड़, हिमशिखा, सीआरपीएफ कैम्प से होती हुई गुरुद्वारा सिंह साहिब बख्शीवाला पहुंचेगी, जाकर रात्रि ठहराव होगा। तीसरे दिन 13 नवंबर को नगर कीर्तन यात्रा गुरुद्वारा सिंह साहिब बख्शीवाला से शुरू होगी और गुरुद्वारा हिमशिखा, गुरुद्वारा डीएलएफ, अमरावती, चण्डी मंदिर, ओल्ड पंचकूला, माजरी चैंक से होते हुए गुरुद्वारा श्री नाडा साहिब पंचकुला पहुंचेगी, जहाँ रात्रि विश्राम होगा। चैथे दिन 14 नवंबर को गुरुद्वारा नाडा साहिब से

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हरियाणा महिला विकास निगम द्वारा चलाई जा रही व्यक्तिगत ऋण स्कीम

1.80 लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाली महिलाएं, ले सकती है स्कीम का लाभ पंचकूला, 11 नवंबर(ईशान टाइम्स)- हरियाणा महिला विकास निगम द्वारा चलाई जा रही व्यक्तिगत ऋण स्कीम की जानकारी देते हुए निगम की जिला प्रबन्धक कमलेश कुमारी ने बताया कि वर्ष 2025-26 के लिए 60 केसों ( 20 अन्य श्रेणी व 40 अनुसूचित जाति ) का लक्ष्य रखा गया है। जिन महिलाओं की वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से अधिक न हो तथा उसके परिवार का कोई सदस्य आयकर दाता न हो इस योजना के अन्तर्गत 1.50 लाख रुपये का आवेदन कर सकती है। इस पर निगम द्वारा 25 प्रतिशत ( अधिकतम 10,000 रुपये अन्य श्रेणी व 25,000 रुपये अनुसूचित जाति ) अनुदान राशि विभिन्न क्रियाकलापों के लिए जैसे की सिलाई, कढ़ाई, करियाना, मनियारी, रेडीमेट गारमैन्टस, कपड़े की दुकान, स्टेशनरी, बुटीक व जनरल स्टोर इत्यादि के लिए दी जाती है। 10 प्रतिशत लाभार्थी को स्वयं वहन करना पड़ता है। शेष राशि की व्यवस्था राष्टीªयकृत/ सहकारी बैकों से करवाई जाती है।यह ऋण योजना शहरी/ग्रामीण दोनों के लिए उपलब्ध है। अधिक जानकारी के लिए निगम के जिला प्रबन्धक, हरियाणा महिला विकास निगम, कमरा न0 52, तीसरी मंजिल, नई बिल्डिग, मिनी सचिवालय सैक्टर-1 पंचकूला, फोन न0 0172-2585271 पर सम्पर्क कर सकते हैं।

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14 नवंबर 2025 को जागरूकता शिविर का होगा आयोजन- उपायुक्त

“आपकी पूंजी, आपका अधिकार” पर 14 नवंबर 2025 को जागरूकता शिविर का होगा आयोजन- उपायुक्त पंचकूला, 11 नवंबर( ईशान राय, ईशान टाइम्स)। उपायुक्त सतपाल शर्मा ने बताया कि भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के वित्त सेवा विभाग द्वारा अक्टूबर से दिसम्बर तिमाही के लिए विशेष अभियान “आपकी पूंजी, आपका अधिकार” की शुरुआत की गई है, जिसमें विभिन्न बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों में अनकलेम्ड राशि को उनके खाताधारकों द्वारा दावा करने एवं उन्हें राशि वापस प्राप्त करने के बारे में जिलावासियों को जागरूक किया जाएगा। उन्होने बताया कि इस कड़ी में 14 नवंबर 2025 को प्रातः 11 बजे से सायं 5 बजे तक होटल पल्लवी ग्रैंड, सेक्टर-5 पंचकूला में लोगों को जागरूक करने के लिए कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। उन्होने बताया कि जिले में कार्य कर रहे सभी बैंकों के जिला अधिकारी, नियंत्रक अधिकारी, प्रमुख बीमा कंपनियां, म्यूचुअल फंड, पेंशन फंड विभागों के अधिकारी इस कैंप में भाग लेंगे और लोगों को जागरूक करेंगे। श्री शर्मा ने बताया कि कैम्प में बैंकों व बीमा कंपनियों द्वारा स्टॉल लगाकर इस विषय पर प्रतिभागियों को जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी तथा भारत सरकार के निर्देशानुसार शॉर्ट फिल्म के माध्यम से जनता को जागरूक किया जाएगा। उपायुक्त ने जिलावासियों से अपील की कि कार्यक्रम में भाग लेकर विस्तार से जानकारी प्राप्त करें और स्वयं के साथ-साथ परिवार जनों एवं सगे सम्बन्धियों के साथ जानकारी साझा करें, ताकि वित्तीय संस्थानों में अनकलेम्ड राशि को पात्र लाभार्थी तक पहुँचाने में भारत सरकार के इस अभियान को सफल बनाया जा सके।

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खनन अधिकारी ने पकड़ा एक ट्रैक्टर और एक डंपर, अवैध मिट्टी परिवहन का मामला

मोढ चौकी के पास खनन अधिकारी ने पकड़ा एक ट्रैक्टर और एक डंपर, अवैध मिट्टी परिवहन का मामला भदोही(राजेश जायसवाल,ईशान टाइम्स)।खनन अधिकारी द्वारा क्षेत्र भ्रमण के दौरान मोढ चौकी के समीप अवैध मिट्टी का परिवहन करते हुए एक ट्रैक्टर-ट्राली और एक डंपरनुमा डीसीएम वाहन पकड़ा गया। बताया गया कि खनन अधिकारी मौके से गुजर रहे थे, तभी सड़क पर मिट्टी लदे वाहन नजर आए। तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए उन्होंने दोनों वाहनों को रुकवाया और पूछताछ की। जांच में पाया गया कि वाहन बिना किसी वैध अनुमति के मिट्टी का परिवहन कर रहे थे। खनन अधिकारी ने दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर मोढ चौकी पर सुपुर्द किया, जहां आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।उन्होंने कहा कि अवैध खनन और परिवहन में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। विभागीय निगरानी आगे भी जारी रहेगी।

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