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रहेंगे हिन्दुस्तान मे, खाएंगे यहां, लेकिन वंदे मातरम का विरोध करेंगे:योगी आदित्यनाथ

यूपी के बाराबंकी मेंसीएम योगी आदित्यनाथ ने वंदे मातरम का विरोध करने वालों पर जमकर हमला बोला.कहा ‘रहेंगे हिन्दुस्तान मे, खाएंगे यहां, लेकिन वंदे मातरम का विरोध करेंगेबाराबंकी (ईशान टाइम्स)।.बाराबंकी प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने आज बन्देमाँ तरम का विरोध करने वाले पर जमकर भड़ास निकालीसीएम ने कहा इन चेहरों को पहचानो, जो शासकीय योजना में हड़पने की होड़ में पहली लाइन में खड़े होते हैं, लेकिन जब ‘वंदे मातरम’ गान की बात होती है तो कहते हैं कि हम नहीं गाएंगे.’सीएम योगी ने ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारों के साथ अपने भाषण की शुरुआत की. इसके साथ ही उन्होंने सरदार पटेल और डॉ. आंबेडकर के योगदान को भी याद किया. सीएम ने कहा कि अंग्रेजों और मुगलों ने देश को बांटने का काम किया.सीएम योगी आदित्यनाथ ने सीतापुर की महमूदाबाद स्टेट को शत्रु संपत्ति बताते हुए कहा कि ये महमूदाबाद का नवाब (राजा) मुस्लिम लीग का कोषाध्यक्ष था. इसने पाकिस्तान बनवाने में बड़ा सहयोग दिया था. आज इसकी सारी संपत्ति शत्रु संपत्ति है.सीएम यहीं नहीं रुके, उन्होंने सरदार पटेल की प्रशंसा करते हुए कहा कि हैदराबाद का निजाम और जूनागढ़ का नवाब अपनी स्टेट को पाकिस्तान में मिलाना चाहते थे, लेकिन सरदार पटेल ने इनको समझाया तो ये लोग पाकिस्तान चले गए.कांग्रेस पर किया वारसीएम योगी ने आगे कहा कांग्रेस ने कभी सरदार पटेल का सम्मान नहीं किया. देश के 14 राज्यों ने कहा था सरदार पटेल को देश का प्रधानमंत्री बना दो. लेकिन इन लोगों ने नहीं बनने दिया. ये परिवार की राजनीति करने वाले लोग हैं. जातीय राजनीति, परिवार की राजनीति, मजहब की राजनीति और विभाजनकारी नीतियों जैसी बातों को कतई स्वीकार नहीं करना चाहिए.फ़ैमिली गेमसीएम बोले- बाराबंकी में विकास की बहाई गंगासीएम योगी ने बाराबंकी जिले के विकास को लेकर कहा कि यहां किसान खूब तरक्की कर रहा है. हमने मेंथा की फसल में 18% जीएसटी घटाकर 5% कर दिया है. उन्होंने बाराबंकी की दरियाबाद विधानसभा के विधायक सतीश शर्मा के कहने पर रामसनेही घाट में 232 एकड़ का इंडस्ट्रियल एरिया का निर्माण कराए जाने की घोषणा की. इसके अलावा हैदरगढ़ विधानसभा के पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर विधायक दिनेश रावत के प्रस्ताव पर 100 एकड़ में इंडस्ट्रियल और स्किल डेवलपमेंट के विकास के निर्माण करवाया जाएगा.सीएम योगी का पोस्टअपने पोस्ट में सीएम योगी ने लिखा- ‘राष्ट्रीय एकता, केवल एक शब्द नहीं, हम सभी की आन, बान और शान है, हमारा अस्तित्व है, हमारा और आने वाली पीढ़ी का भविष्य है. लौह पुरुष, ‘भारत रत्न’ सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की 150वीं जयंती समारोह अभियान के अंतर्गत आज जनपद बाराबंकी की विकास यात्रा को गति देते हुए ₹1,734 करोड़ लागत की 254 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया. इस अवसर पर विभिन्न लोक-कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को चेक एवं प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए. बाबा लोधेश्वर महादेव जी की पावन धरा को कोटि-कोटि नमन एवं सभी लाभार्थियों को हार्दिक बधाई.’

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ठंडी रात में 16घर जल के हुए राख

कुल्लू (ईशान टाइम्स )।कुल्लू घाटी की ठंडी रातों में झनियार गांव के 16 परिवारों की उम्मीदें पलभर में राख हो गई। भीषण अग्निकांड में पीडि़त परिवारों की जिंदगी की सारी जमा-पूंजी आग की लपटों में जलकर राख के ढेर में तबदील हो गई। सोमवार दोपहर करीब दो बजे जब पहाड़ खामोश थे, तब एक घर से उठी चिंगारी ने पलक झपकते ही पूरे गांव को अपने चपेट में ले लिया। लोगों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए खुद को घरों से बाहर निकाला, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। आग इतनी भयंकर थी कि देखते ही देखते सारी कमाई आंखों के सामने तबाह हो गई। अग्निकांड में मासूम बच्चों के खिलौने व स्कूल बैग भी जल गए। अग्निकांड के बाद गांव में सन्नाटा छा गया। अब हर चेहरे पर एक ही सवाल है। इस सर्दी में रात कैसे कटेगी। जहां कभी रसोई की आंच से घर गर्म रहता था। वहां अब राख उड़ रही है और ठंडी हवाएं सीने को चीर जाती हैं। इन जले हुए घरों से उठता धुआं सिर्फ आग का नहीं उन लोगों की मजबूरी, बेबसी और टूटे हुए सपनों की निशानी है। अब प्रभावितों की नजर सरकार पर टिकी हुई है कि अब सरकार ही उन्हें उनके गांव व घर को बसाने में मदद कर पाएगी। प्रभावितों को अब सरकार से ही उम्मीद है कि फिर से पूरा गांव बसाने में सरकार ही प्रभावितों की मदद कर पाएगी।

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पत्नी की डिमांड बढ़ रही थी राहुल झूल गया फंदे से

उत्तर प्रदेश की मिट्टी फिर से खून से लाल हो गई। बदायूं में 22 साल का राहुल दुबे, जो जागरण पार्टी में गाता था और ईको गाड़ी चलाकर परिवार पालता था, फांसी के फंदे पर लटक गया। मौत से ठीक पहले उसने ऑडियो रिकॉर्ड किया “पत्नी दुर्गा और ससुराल वाले जिम्मेदार हैं। सात लाख मांग रही है, दिल्ली में भाइयों के साथ रहने का दबाव, दहेज केस की धमकी, तलाक की जिद!” भाई शिवम रोते हुए कहता है, “भाई मेहनती था, लेकिन भाभी नहीं रहना चाहती थीं।” पुलिस पोस्टमॉर्टम करा रही है, ऑडियो फॉरेंसिक में जाएगा, और ससुराल पर केस बनेगा। घर में कोहराम, मातम का माहौल। लेकिन हे सरकार! हे हमारे “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” वाले महानायकों! यह सब देखकर आपकी हंसी नहीं रुकती! आखिर यह तो आपकी “महिला सशक्तिकरण” नीति का जीता-जागता प्रमाण है न!सोचिए जरा, शादी के दो साल भी नहीं हुए, 21 मई 2023 को ब्याह हुआ, और पत्नी सीधे दिल्ली भाग गई भाइयों के पास। राहुल अकेला कमरे में बंद, तीन लाख देने को तैयार, लेकिन नहीं! सात लाख चाहिए, वरना दहेज उत्पीड़न का मुकदमा, घरेलू हिंसा का केस, पूरे परिवार को जेल! अरे, क्या खूबसूरत “सशक्तिकरण” है यह! सरकार जी, आपने तो कानून बनाए हैं, IPC 498A, दहेज निषेध अधिनियम, घरेलू हिंसा कानून। लेकिन ये कानून तो सिर्फ एक तरफ की तलवार हैं न! पति की गर्दन पर लटकती है, पत्नी की हाथ में चाबुक। राहुल जैसे हजारों युवक रोज आत्महत्या कर रहे हैं, लेकिन आंकड़े! ओह, वो तो “महिलाओं के खिलाफ अपराध” में गिने जाते हैं। पुरुषों की आत्महत्या! वो तो “मानसिक तनाव” है, “व्यक्तिगत समस्या”। सरकार की रिपोर्ट्स में “दहेज से मौत” सिर्फ बहू की होती है, दामाद की नहीं। राहुल का ऑडियो सुना! वो चीख रहा है ,”मैं तंग आ गया!” लेकिन कानून कहता है, “महिला की बात पहले मानो, सबूत बाद में। हे माननीयों! आपकी सभाओं में भाषण देते हो, “महिलाओं को अधिकार दो!” लेकिन अधिकार के नाम पर धमकी! सात लाख की मांग को “अधिकार” कहोगे! दिल्ली में भाई-भाभी के साथ रहने की जिद को “स्वतंत्रता”! और अगर पति ने तीन लाख दिए, तो क्या! वो तो “दहेज देना” अपराध है न! कानून कहता है, दहेज लेना-देना दोनों गुनाह। लेकिन पत्नी मांगती है तो “उसका हक”, पति देता है तो “अपराधी”। राहुल ने नहीं दिया, तो फंदा लगा लिया। अगर दे देता, तो जेल जाता। दोनों तरफ मौत! सरकार जी, आपकी यह “लैंगिक समानता” क्या है! पुरुषों के लिए फांसी का फंदा, महिलाओं के लिए धमकी का हथियार! परिवार बिखर रहे हैं, युवक मर रहे हैं। बदायूं का यह मामला अकेला नहीं ,हरियाणा, राजस्थान, यूपी में रोज ऐसी खबरें। लेकिन आप क्या कर रहे हो? “महिला हेल्पलाइन” तो है, “पुरुष हेल्पलाइन” कहां! कानून में संशोधन कब, कि झूठे केस पर सजा हो! नहीं, आप तो वोटबैंक की राजनीति में व्यस्त हो। “बेटियों को सशक्त बनाओ” कहकर कानून एकतरफा बनाए, अब बेटों की लाशें गिनो। राहुल का भाई रो रहा है, मां बेसुध है, लेकिन ससुराल वाले, शायद दिल्ली में पार्टी मना रहे होंगे “जीत गए! दहेज का दानव कानून के कठघरे में छिपा है, और आप चुप हो। राहुल जैसे युवकों की आत्मा चीख रही है, “न्याय दो!” लेकिन न्याय! वो तो सिर्फ बहू के लिए है न! हे सरकार, जागो! वरना अगला फंदा कोई और राहुल लगाएगा, और तुम्हारी “सशक्त भारत” की इमारत लाशों पर खड़ी होगी। दर्दभरा सत्य यह कि कानून सुधारो, वरना यह व्यंग्य शोकगीत बन जाएगा , हर घर का। जय हिंद! नहीं, जय न्याय!

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किसान हुए परेशान, राजकीय नलकूप की नाली निर्माण कार्य में ढकी

भदोही।(राजेश जायसवाल, ईशान टाइम्स)।जनपद भदोही के ब्लॉक अभोली अंतर्गत गौरा गांव में स्थित राजकीय नलकूप संख्या 189 बीजी की नाली को नेशनल हाईवे 731B के निर्माण कार्य के दौरान ढक दिए जाने से किसान परेशान हैं। बता दें कि पहले रोड क्रॉस कर नलकूप की नाली के लिए साइफन बनाया गया था, जिससे खेतों तक पानी की आपूर्ति सुचारू रूप से होती थी। मगर, हाईवे निर्माण कार्य के दौरान उस साइफन को तोड़कर मिट्टी से भर दिया गया, जिससे सिंचाई की व्यवस्था पूरी तरह बाधित हो गई है। ग्रामीण किसानों ने बताया कि नाली बंद होने से खेतों में सिंचाई नहीं हो पा रही है, जिससे रबी की फसल बर्बाद होने का खतरा है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नाली का निर्माण पुनः नहीं कराया गया, तो वे बड़े आंदोलन को बाध्य होंगे। इस दौरान लल्लन पांडे, राम इकबाल पांडे, अभय कुमार पांडे, आशुतोष पांडे, दिलीप कुमार पांडे समेत कई किसानों ने -प्रदर्शन करते हुए नाली निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने की मांग की।

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भदोही में iRAD/EDAR पोर्टल पर पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षण, सड़क सुरक्षा डेटा होगा और सटीक

भदोही, 11 नवम्बर 2025(राजेश जायसवाल, ईशान टाइम्स)पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक के निर्देशन एवं अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में मंगलवार को पुलिस लाइन, ज्ञानपुर में क्षेत्राधिकारी यातायात राजीव सिंह द्वारा iRAD/EDAR पोर्टल के संबंध में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में जनपद के सभी थानों के कंप्यूटर ऑपरेटरों के साथ-साथ प्रत्येक थाने से नामित उप निरीक्षकगण भी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य iRAD/EDAR पोर्टल के प्रभावी क्रियान्वयन, डेटा एंट्री प्रक्रिया, तथा तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत जानकारी व प्रशिक्षण प्रदान करना था। क्षेत्राधिकारी राजीव सिंह ने बताया कि iRAD/EDAR प्रणाली के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित डेटा का संग्रहण, अपलोडिंग एवं विश्लेषण अधिक सटीक, त्वरित और प्रभावी बनाया जा सकेगा। यह प्रणाली सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने एवं दुर्घटनाओं के कारणों की पहचान के लिए अत्यंत उपयोगी है। उन्होंने निर्देश दिए कि दुर्घटना स्थल पर iRAD फॉर्म तत्काल भरा जाए, तथा फोटो, वीडियो, गवाह बयान आदि सभी विवरण सटीक रूप से दर्ज किए जाएं। साथ ही, डेटा अपलोडिंग में किसी भी प्रकार की देरी न हो, इस पर विशेष बल दिया गया। कार्यशाला के दौरान कंप्यूटर ऑपरेटरों को पोर्टल पर डेटा एंट्री, वैरिफिकेशन, रिपोर्ट जनरेशन एवं तकनीकी समस्याओं के समाधान के संबंध में व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। यह कार्यशाला iRAD/EDAR प्रणाली को पुलिस विभाग में पूर्ण रूप से सक्रिय करने तथा सड़क सुरक्षा डेटा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक ठोस और महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी। यह पहल यातायात प्रबंधन को और अधिक पारदर्शी, डिजिटल एवं कुशल बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगी।

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लाल किला धमाके के बाद भदोही पुलिस हाई अलर्ट पर, संवेदनशील स्थलों पर सघन चेकिंग जारी

भदोही(राजेश जायसवाल,ईशान टाइम्स)दिल्ली के लाल किले क्षेत्र में दिनांक 10 नवम्बर 2025 को मेट्रो स्टेशन के पास कार में हुए धमाके में हुई जनहानि के बाद प्रदेशभर में सतर्कता बढ़ा दी गई है। मुख्यमंत्री एवं पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर जनपद भदोही पुलिस भी पूरी तरह से हाई अलर्ट मोड में है। अभिमन्यु मांगलिक, पुलिस अधीक्षक भदोही के निर्देशन में जिले के विभिन्न उच्चाधिकारियों, थाना एवं चौकी प्रभारियों द्वारा लगातार संवेदनशील स्थानों पर सघन चेकिंग, फूट पेट्रोलिंग व फ्लैग मार्च किया जा रहा है। जनपद की इंटेलिजेंस टीम, डॉग स्क्वाड, क्यूआरटी एवं अन्य विशेष इकाइयों को और अधिक सक्रिय कर दिया गया है। थाना स्तर पर गठित टीमों द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में निरंतर भ्रमण, वाहन जांच एवं निगरानी की जा रही है। भीड़भाड़ वाले बाजारों, धार्मिक स्थलों, अस्पतालों, यात्री वाहनों एवं सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस बल द्वारा विशेष पेट्रोलिंग की जा रही है। इस दौरान स्थानीय दुकानदारों, व्यापारियों, होटल संचालकों, रिक्शा एवं टैक्सी चालकों से संवाद स्थापित कर उन्हें सतर्क रहने और पुलिस का सहयोग करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक भदोही ने नागरिकों से अपील की है कि— “किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु के दिखने पर तत्काल स्थानीय पुलिस को या डायल 112 पर सूचित करें। जनता की सजगता ही सुरक्षा का सबसे मजबूत आधार है।”

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ब्रेकिंग संक्षिप्त खबरें दिल्ली और आसपास

✒️ *69वीं स्कूल नेशनल गेम्स में अलीगढ़ के दो शिक्षक राष्ट्रीय निर्णायक की भूमिका में हुए चयनित*69वीं स्कूल नेशनल गेम्स के अंतर्गत वॉलीबॉल नेशनल (अंडर–17 बालक/बालिका वर्ग) का आयोजन 11 से 15 नवंबर तक बरेली में किया जाएगा। इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में अलीगढ़ जनपद के दो व्यायाम शिक्षक निर्णायक (नेशनल रेफरी) की भूमिका निभाएंगे, यह जिले के लिए गौरव की बात है। प्रतियोगिता में चयनित निर्णायक डॉ. चंद्र भानु मिश्रा, व्यायाम शिक्षक ठाकुर मलखान सिंह इंटर कॉलेज, हसोना जगमोहनपुर, अमित कुमार, व्यायाम शिक्षक राष्ट्रीय विद्यालय इंटर कॉलेज खैर दोनों शिक्षकों का चयन स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा किया गया है। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका निभाना न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है बल्कि अलीगढ़ जिले के खेल क्षेत्र के विकास के लिए भी गौरवपूर्ण उपलब्धि है। डॉ. मिश्रा और अमित कुमार ने कहा कि यह अवसर उनके लिए सम्मान की बात है और इससे जिले के खिलाड़ियों में भी खेल के प्रति उत्साह बढ़ेगा। ✒️ *18 नवंबर को इगलास में आयोजित होगी विधायक खेल स्पर्धा*विधानसभा इगलास की विधायक खेल स्पर्धा का आयोजन आगामी 18 नवंबर को किया जाएगा। यह कार्यक्रम लाला बृजकिशोर पब्लिक स्कूल, कजरौठ (इगलास) के खेल मैदान में प्रातः 09 बजे से शुरू होगा। यह आयोजन महानिदेशक, युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल, उत्तर प्रदेश लखनऊ के निर्देशों के अनुपालन में किया जा रहा है। स्पर्धा के सफल आयोजन के लिए उपजिलाधिकारी इगलास एवं संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियाँ पूर्ण करने के निर्देश दे दिए गए हैं। ✒️ *एबीवीपी की इकाई का हुआ गठन*इगलास। लाला मिश्रीलाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में विद्यार्थी परिषद की इकाई का गठन करके कौशल चौधरी को इकाई अध्यक्ष तथा वर्षा चौधरी को मंत्री बनाया गया है। यह जानकारी संगठन के जिला सह संयोजक विपिन उपाध्याय ने देते हुए कहा है कि धर्मेन्द्र सिंह को उपाध्यक्ष, निर्मल शर्मा को सहमंत्री, अंतरा को मीडिया संयोजक, तमन्ना को सह संयोजक तथा तनु कुमारी को सोशल मीडिया की जिम्मेदारी दी गई है। नवगठित कमैटी विद्यालय में शैक्षिक वातावरण को बेहतर बनाने के लिए काम करेंगे। इस दौरान विभाग संगठन मंत्री विश्वेन्द्र के साथ ही हिमांक अरोरा भी मौजूद रहे। ✒️ *एएमयू के पूर्व छात्र अभिषेक कुमार सिंह सीआईएसएफ में हुए सब इंस्पेक्टर नियुक्त*अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र और गूलर रोड निवासी अभिषेक कुमार सिंह को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में सब इंस्पेक्टर पद पर नियुक्ति मिली है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। अभिषेक की सफलता पर परिजनों ने उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। ✒️ *अलीगढ़ में न्यूनतम तापमान 19.7 और अधिकतम 27.5 डिग्री*मंगलवार को अलीगढ़ में न्यूनतम तापमान 19.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, वहीं दिन में तापमान बढ़कर 27.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार दिन के दौरान तापमान लगभग 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा, जबकि रात में तापमान गिरकर 15.7 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है। सुबह और शाम के समय हल्की ठंड महसूस की जा रही है। हवा की गति 7.4 किमी प्रति घंटा रिकॉर्ड की गई है। जिससे मौसम में ठंडक का असर बढ़ा है। एक्यूआई 351 दर्ज किया गया जोकि बहुत ही खराब है। ✒️ *डॉ. मोहम्मद साकिब यूपी स्टेट ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी की साइंटिफिक का सदस्य चुना गया*अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के इंस्टीट्यूट ऑफ ऑप्थैल्मोलॉजी के फैकल्टी सदस्य डॉ. मोहम्मद साकिब को उत्तर प्रदेश स्टेट ऑप्थैल्मोलॉजिकल सोसाइटी (UP State Ophthalmological Society – UPOSOS) की साइंटिफिक कमेटी का सदस्य चुना गया है। यह चुनाव हाल ही में सोसाइटी द्वारा आयोजित वार्षिक सम्मेलन के दौरान गोरखपुर में संपन्न हुआ। डॉ. साकिब की इस प्रतिष्ठित पद पर नियुक्ति को विश्वविद्यालय समुदाय और चिकित्सा जगत में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। डॉ. साकिब ने कहा कि उन्हें यह दायित्व सौंपे जाने पर खुशी और गर्व है तथा वे नेत्र विज्ञान के क्षेत्र में अनुसंधान और शिक्षण कार्य को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ✒️ *दीवानी परिसर में सुरक्षा चूक के चलते यूपीएसएसएफ ने 6 सिपाही किए निलंबित*अलीगढ़ दीवानी परिसर में बड़ी सुरक्षा चूक सामने आने के बाद यूपीएसएसएफ ने सख्त कार्रवाई की है। यूपीएसएसएफ 4वीं वाहिनी के सेनानायक डॉ. राम सुरेश यादव ने 6 सिपाहियों को निलंबित कर दिया है। 30 अक्टूबर को दीवानी परिसर में नोएडा पुलिस सादे वर्दी और हथियार के साथ प्रवेश कर दोहरे हत्याकांड के आरोपी शूटर को उठाकर ले गई थी। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात यूपीएसएसएफ सिपाहियों की लापरवाही सामने आई। घटना के बाद नोएडा पुलिस पहले ही अपने स्तर पर बड़ी कार्रवाई कर चुकी है, जबकि अब यूपीएसएसएफ सेनानायक ने दोषी पाए गए 6 सिपाहियों को निलंबित किया है। ✒️ *29 नवंबर तक किसानों को वितरित की जाएगी मुआवजा राशि*अलीगढ़–पलवल राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण और चौड़ीकरण कार्य से प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया ने गति पकड़ ली है। प्रशासन ग्रामीण क्षेत्रों में कैंप आयोजित कर किसानों को मुआवजा राशि उपलब्ध करा रहा है। एडीएम प्रशासन पंकज कुमार ने बताया कि तहसील कोल के 3 गाँवों एवं तहसील खैर के 28 गाँवों के भूमि स्वामियों को मुआवजा वितरित किया जाएगा। इस कार्य को 29 नवंबर 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ✒️ *अपराधियों पर पुलिस का शिकंजा, 55 मुठभेड़ों में 120 गिरफ्तार, दो बदमाश ढेर*मुरादाबाद। जिले में अपराधियों के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। इस वर्ष एक जनवरी से अब तक 55 मुठभेड़ हो चुकी हैं, जिनमें 120 अपराधियों की गिरफ्तारी की गई है। इनमें से 80 बदमाश पुलिस की गोली से घायल हुए हैं। सोमवार देर रात हुई ताज़ा मुठभेड़ में मेरठ के दो कुख्यात बदमाश ढेर हो गए। इससे पहले साल की पहली मुठभेड़ में मूंढापांडे क्षेत्र में गोकशी के आरोपी को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने बताया कि अभियान का उद्देश्य जिले में अपराध पर काबू पाना और अपराधियों में कानून का भय पैदा करना है। ✒️ *घर से नाराज होकर निकली युवती को जीआरपी ने स्टेशन से पकड़कर स्वजन को किया सुपुर्द*घर के काम को लेकर मां से हुए विवाद के बाद नाराज़ होकर एक युवती घर से निकल गई और अलीगढ़ रेलवे स्टेशन पर पहुंच गई। स्टेशन पर

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मुंबई का “पल्लवी पुरकायस्थ हत्याकांड”! बॉम्बे हाईकोर्ट ने सज्जाद पठान की उम्रकैद बरकरार रखी! फांसी की मांग खारिज !

मुंबई(इंद्र यादव,ईशान टाइम्स )।बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2012 के चर्चित पल्लवी पुरकायस्थ हत्याकांड में दोषी सज्जाद अहमद मुगल उर्फ सज्जाद पठान की आजीवन कारावास की सजा बरकरार रखी है। पीड़िता के पिता और महाराष्ट्र सरकार की फांसी की अपील को कोर्ट ने खारिज कर दिया।जस्टिस एएस गडकरी और जस्टिस कमल खाता की खंडपीठ ने सेशन कोर्ट के 2014 के फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि मामले में मौत की सजा देने लायक ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ की श्रेणी सिद्ध नहीं होती! 9 अगस्त 2012 की रात वडाला की हिमालयन हाइट्स बिल्डिंग में रहने वाली 25 वर्षीय वकील पल्लवी पुरकायस्थ अकेली थीं। बिल्डिंग का सिक्योरिटी गार्ड सज्जाद पठान चोरी की नीयत से 17वीं मंजिल के फ्लैट में घुसा। पल्लवी के विरोध करने पर उसने गला दबाकर और चाकू से 16 वार कर उनकी हत्या कर दी। सेशन कोर्ट ने सज्जाद को हत्या, छेड़छाड़),घर में अनधिकृत प्रवेश के तहत दोषी ठहराया था। 2016 में पैरोल पर रिहा होने के बाद सज्जाद फरार हो गया। मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम ने 11 महीने की तलाश के बाद उसे जम्मू-कश्मीर के कुलगाम से गिरफ्तार किया। पल्लवी के पिता अतानू पुरकायस्थ ने कहा, “हमने उम्मीद की थी कि क्रूरता को देखते हुए फांसी मिलेगी। कानून की प्रक्रिया अब भी जारी है, हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। मामले ने बिल्डिंग सिक्योरिटी और अकेली रहने वाली महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए। पल्लवी के मंगेतर अविक सेनगुप्ता ने घटना के बाद ‘सेफ्टी पिन’ नामक एनजीओ शुरू किया था। कोर्ट ने दोषी पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी बरकरार रखा, जो पीड़िता के परिवार को दिया जाएगा।

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निठारी हत्याकांड’ ,सुप्रीम कोर्ट का फैसला और ‘भारत’ में किसी भी निर्दोष को जेल में सड़ाने की ‘साजिश’ !

‘ नोएडा के निठारी गांव में 2005-2006 के दौरान हुईं बच्चियों की सामूहिक हत्याओं ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया था। दर्जनों मासूमों के अवशेष घर के बाहर गड्ढों से बरामद हुए, और मुख्य आरोपी सुरेंद्र कोली को फांसी की सजा सुनाई गई। लेकिन 10 नवंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने कोली को बरी करते हुए निचली अदालतों के फैसलों को पलट दिया। कोर्ट ने कहा कि सबूतों की चेन टूटी हुई है, गवाहों के बयान अविश्वसनीय हैं, और जांच में भारी खामियां हैं। यह फैसला न केवल न्याय व्यवस्था की जीत है, बल्कि पुलिस, फॉरेंसिक और सरकारी तंत्र की घोर नाकामी को उजागर करता है। क्या हमारी जांच एजेंसियां इतनी अक्षम हैं कि 19 साल बाद भी सच्चाई दबकर रह जाती है?जांच की शुरुआती लापरवाही: सबूतों का गायब होनामामला सामने आने पर नोएडा पुलिस ने तुरंत घर की तलाशी ली, लेकिन फॉरेंसिक टीम को बुलाने में देरी की। अवशेषों को खुले में छोड़ दिया गया, जिससे बारिश और जानवरों ने उन्हें नष्ट कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि डीएनए सैंपल्स की चेन ऑफ कस्टडी टूटी हुई थी,कई सैंपल गायब हो गए या दूषित हो चुके थे। सीबीआई ने बाद में जांच संभाली, लेकिन उनकी रिपोर्ट में भी विरोधाभास थे। क्या यह महज लापरवाही थी या जानबूझकर सबूत मिटाने की साजिश! अगर पुलिस शुरुआत से ही प्रोफेशनल होती, तो कोली को दोषी ठहराने के लिए ठोस आधार मिलते। लेकिन सरकार ने जांच एजेंसियों को आधुनिक उपकरण और ट्रेनिंग क्यों नहीं दी ! कोर्ट ने कई गवाहों के बयान अविश्वसनीय करार दिए। कुछ गवाहों ने बाद में कबूल किया कि पुलिस दबाव में झूठ बोला गया। यह उत्तर प्रदेश पुलिस की पुरानी आदत है,मामलों को जल्दी सुलझाने के चक्कर में निर्दोषों को फंसाना या असली अपराधियों को बचाना। निठारी में घर के मालिक मोनिंदर सिंह पंधेर को भी आरोपी बनाया गया, लेकिन बाद में बरी कर दिया। क्या जांच एजेंसियां राजनीतिक दबाव में काम करती हैं? 2006 में यूपी सरकार बदल रही थी, और यह केस सनसनी बन चुका था। मीडिया ट्रायल ने पुलिस को जल्दबाजी में फैसला लेने पर मजबूर किया, लेकिन सच्चाई की कीमत पीड़ित परिवारों ने चुकाई।/सुप्रीम कोर्ट ने फॉरेंसिक रिपोर्ट्स पर सवाल उठाए। कई शवों की पहचान नहीं हो सकी, और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट्स अधर में लटक गईं। भारत में फॉरेंसिक लैब्स की हालत दयनीय है ! केंद्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, देश में सिर्फ 7 राष्ट्रीय स्तर की लैब्स हैं, जबकि हजारों मामले लंबित हैं। निठारी जैसे हाई-प्रोफाइल केस में भी डीएनए टेस्टिंग में महीनों लग गए। क्या यह संसाधनों की कमी है या प्राथमिकता की? अगर सरकार जांच एजेंसियों को बजट बढ़ाती, ट्रेनिंग देती, तो निर्दोष जेल में सड़ते नहीं ! यह फैसला केंद्र और राज्य सरकारों के लिए झटका है। निठारी के बाद कई कमीशन बने, लेकिन सुधार कहां हुए! पुलिस रिफॉर्म्स पर सुप्रीम कोर्ट के प्रकाश सिंह जजमेंट को 19 साल हो गए, फिर भी लागू नहीं। सीबीआई को स्वायत्तता देने की बातें होती हैं, लेकिन राजनीतिक हस्तक्षेप जारी है। पीड़ितों के परिवार आज भी इंसाफ की आस में हैं!/क्या सरकार उन्हें मुआवजा और पुनर्वास देगी! या फिर अगला स्कैंडल आने तक सब भूल जाएंगे!निठारी हत्याकांड न्याय की जीत है, लेकिन जांच तंत्र की हार। सुप्रीम कोर्ट ने साबित कर दिया कि सबूतों के बिना सजा नहीं दी जा सकती। अब वक्त है कि सरकार पुलिस, सीबीआई और फॉरेंसिक सिस्टम को मजबूत करे। वरना ऐसे मामले दोहराते रहेंगे, और मासूमों की चीखें अनसुनी रह जाएंगी। क्या हम सीखेंगे, या फिर इंतजार करेंगे अगले निठारी का !

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यूपी में ‘सोती” हुई बच्ची को ‘खींच” ले गए ‘दरिंदे’ ! पहले ‘गैंगरेप’ किया, फिर ‘चीखें’ दबाने के लिए ‘तेजाब’ पिलाया

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में, जलालपुर थाना क्षेत्र के एक छोटे से गांव में, सरकार की काली रात ने इंसानियत को हमेशा के लिए शर्मसार कर दिया। एक 16 साल की मासूम किशोरी, जो अपनी जिंदगी के सपनों की उड़ान भरने की उम्र में थी, तीन हैवानों के हाथों सामूहिक दुष्कर्म की शिकार बनी। विरोध करने पर उसके मुंह में तेजाब डाल दिया गया , जिंदगी छीनने की नाकाम कोशिश! आज वह लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में मौत से जूझ रही है, उसकी सांसें टूटी हुईं, शरीर जख्मों से लथपथ। लेकिन दर्द सिर्फ उसका नहीं , यह दर्द पूरे समाज का है, पूरे उत्तर प्रदेश का है, और सबसे बड़ा सवाल योगी सरकार पर है, क्या बेटियां सिर्फ चुनावी नारे हैं, या उनकी सुरक्षा के लिए कोई ठोस इंतजाम! कल्पना कीजिए उस रात की। रात के 12 बजे, जब गांव सोया हुआ था, तीन युवक दीवार फांदकर छत से घुसे। सोती हुई बच्ची को ऊपरी कमरे में खींच ले गए। पहले बलात्कार, फिर चीखें दबाने के लिए तेजाब! परिवार ने उसे सरीला सीएचसी पहुंचाया, वहां से उरई, फिर झांसी, और अंत में लखनऊ। 12 दिन झांसी में इलाज, लेकिन कोई सुधार नहीं। अब केजीएमयू में भर्ती, हालत स्थिर लेकिन गंभीर। परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा – इलाज का खर्च कहां से लाएं? सरकारी अस्पतालों में रेफरल का अंतहीन चक्कर, न दवा, न सहारा। परिवार दर-दर भटक रहा, गुहार लगा रहा सरकारी मदद की। लेकिन सरकार कहां है! योगी आदित्यनाथ की ‘बेटी बचाओ’ की गूंज कहां खो गई! यह कोई पहली घटना नहीं। उत्तर प्रदेश में बलात्कार और एसिड अटैक की वारदातें रोज की खबर बन चुकी हैं। हाथरस, उन्नाव, लखीमपुर , हर बार वादे, हर बार आंसू, लेकिन न्याय! पुलिस ने सिर्फ एक नाबालिग आरोपी को पकड़ा, बाकी दो फरार! एफआईआर दर्ज हुई, जांच चल रही है , यही पुराना राग। क्या यही है कानून व्यवस्था! क्या आरोपियों को पकड़ने के लिए विशेष टीम नहीं बन सकती!क्या तेजाब जैसे खतरनाक पदार्थों की बिक्री पर सख्ती नहीं हो सकती! सरकार करोड़ों रुपये विज्ञापनों पर उड़ा रही है, लेकिन बेटियों की सुरक्षा पर खर्च कहां! अस्पतालों में मुफ्त इलाज, तुरंत मुआवजा, मनोवैज्ञानिक सहायता,ये सब कागजों पर हैं या हकीकत में!ओ योगी सरकार, सुनो इस परिवार की चीख! यह किशोरी तुम्हारी बेटी हो सकती थी। उसके पिता की आंखों में आंसू, मां की गोद में दर्द , यह दर्द तुम्हें जगाएगा या नहीं! आर्थिक मदद दो, आरोपियों को फांसी दो, ऐसी वारदातों पर जीरो टॉलरेंस दिखाओ। नहीं तो याद रखो, जनता की याददाश्त लंबी होती है। बेटियां सुरक्षित नहीं, तो सत्ता क्या काम की! हमीरपुर की यह बेटी न्याय मांग रही है , उठो, जागो, सरकार! वरना इतिहास तुम्हें माफ नहीं करेगा

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