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हर थाना बनेगा विश्वास का प्रतीक, हर पुलिसकर्मी रहेगा सुरक्षित — डीजीपी ओ.पी. सिंह

हरियाणा के डीजीपी ओ पी सिंह की अध्यक्षता में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक आयोजित, प्रदेश भर के अधिकारियों ने वी सी के माध्यम से लिया बैठक में भाग– कहा- हरियाणा पुलिस का नया संकल्प: प्रोएक्टिव पुलिसिंग और ‘फाइटिंग फिट और वर्किंग आर्डर (fighting fit & working order)’ की नीति– सेवा भी, सुरक्षा भी: हरियाणा पुलिस की कार्यशैली में बड़ा बदलाव चंडीगढ़, (ईशान टाइम्स)— हरियाणा पुलिस महानिदेशक (DGP) श्री ओ.पी. सिंह ने पुलिस मुख्यालय में सभी पुलिस आयुक्तों (CPs), पुलिस अधीक्षकों (SPs) और थाना प्रभारियों (SHOs) की बैठक ली। उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस की कार्यशैली पूरी तरह बदलेगी। पुलिस को अब प्रोएक्टिव, समाधान देने वाली, समन्वयित और जनता के हित में काम करने वाली बनना होगा। साथ ही पुलिसकर्मियों के रहने और काम करने की स्थिति में भी सुधार किया जाएगा। थानों की हालत सुधारने के दिए आदेशडीजीपी ने हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन (HPHC) के अधिकारियों को आदेश दिए कि वे दो सप्ताह में सभी थानों और चौकियों की स्थिति में सुधार सुनिश्चित करें। रसोई, शौचालय, बिजली की वायरिंग और सुरक्षा व्यवस्था को ठीक किया जाए। उन्होंने कहा कि हर थाना साफ, सुरक्षित और व्यवस्थित दिखना चाहिए। इसके लिए इंजीनियरों को जिम्मेदारी दी गई है कि वे हर थाना खुद जाकर देखें और रिपोर्ट दें। जनता की सुरक्षा के लिए फाइटिंग फिट और वर्किंग आर्डर (fighting fit & working order)’ की नीतिहरियाणा पुलिस को फाइटिंग फिट और वर्किंग ऑर्डर में रखना मेरा प्रमुख ध्येय है। ड्यूटी के दौरान गलती होना स्वाभाविक है, पर अनुशासनहीनता या बदमाशी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं होगी।हरियाणा पुलिस 365 दिन, 24 घंटे जनता की सेवा में तत्पर है। मैं अपने किसी भी पुलिसकर्मी को नुकसान में नहीं देख सकता — हम यहाँ जान देने नहीं, बल्कि जनता की सेवा और सुरक्षा के लिए हैं।अपराधी को कानून के अनुसार सलाखों के पीछे भेजा जाएगा, लेकिन यदि कोई प्रतिकार करेगा, तो उसे तुरंत और उचित जवाब मिलेगा। हरियाणा पुलिस जनता और अपराधियों के बीच मजबूत ढाल बनकर खड़ी है। शहीद परिवारों की मदद में तेजीपुलिसकर्मियों के कल्याण संबंधी उन्होंने निर्देश दिए कि शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों को नियमानुसार तुरंत मदद दी जाए। किसी काम में देरी न हो और हर 15 दिन में उनकी स्थिति की रिपोर्ट दी जाए। शहीदों के परिवार के काम रुकने नहीं चाहिए। जनता से संवाद और पुलिसकर्मियों से जुड़ावडीजीपी ने कहा कि जिले के सभी अधिकारी नियमित फील्ड विज़िट करें, पुलिसकर्मियों से बात करें और उनका मनोबल बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि जनता से अच्छा व्यवहार बहुत ज़रूरी है। पुलिसकर्मी “Please, Sorry, Thank You” जैसे शब्दों का इस्तेमाल करें — इससे पुलिस की छवि बेहतर होगी और जनता का भरोसा बढ़ेगा। सोशल मीडिया पर सतर्कता और संवादडीजीपी ने कहा कि अब पुलिस को सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहना होगा। अफवाह फैलाने वालों और पुलिस विरोधी गलत जानकारी फैलाने वालों पर शुरुआत से ही नज़र रखी जाए। जिले के अधिकारी रोजाना सोशल मीडिया या टीवी के ज़रिए जनता से संवाद करें ताकि पारदर्शिता और भरोसा बना रहे। सहयोग से अपराध नियंत्रणसभी थाना और चौकियां मिलकर काम करें और आस पास के क्षेत्र में अपराध कम करने के लिए साझा रणनीति बनाएं। हरियाणा पुलिस अकादमी के निदेशक श्री अर्शिंदर चावला को नए पुलिस सब-इंस्पेक्टरों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए, ताकि वे फिल्मी नहीं बल्कि वास्तविक पुलिसिंग सीखें। अपराध में कमी और उपलब्धियां डीजीपी ने बताया कि हरियाणा में रेप के मामलों में 50 प्रतिशत की कमी आई है और कुल अपराधों में भी गिरावट दर्ज हुई है। नए आपराधिक कानूनों का सफल क्रियान्वयन गृह मंत्री ने सराहा है। सीसीटीएनएस सिस्टम में भी हरियाणा पूरे देश में शीर्ष पर है। अनुशासन और जिम्मेदारी डीजीपी ने कहा — विभाग पहले, सुविधा बाद में। उन्होंने निर्देश दिए कि संवेदनशील इलाकों में तैनात अधिकारी बिना सूचना के छुट्टी पर न जाएं। SHO को छुट्टी से पहले IG को और SP को ADG (L&O) को सूचित करना होगा। डीजीपी श्री ओ.पी. सिंह ने कहा कि हरियाणा पुलिस का लक्ष्य है – हर पुलिसकर्मी सुरक्षित रहे, जनता निडर रहे, और हर थाना जनता के विश्वास का प्रतीक बने।

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नायब के नेतृत्व में हरियाणा ने एक साल में भरी विकास की उड़ान

अपनी मुस्कान और मिलनसार शैली से मन मोह लेने वाले नायब सैनी ने केंद्रीय नेतृत्व के आदेश पर पहली बार 12 मार्च 2024 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद अक्टूबर 2024 में चुनाव हुए तो खुद को साबित करके भी दिखाया और आज ही के दिन 17 अक्टूबर 2024 को फिर से मुख्यमंत्री की शपथ ली। इस डेढ़ साल में मुख्यमंत्री नायब ने अपने आपको नायाब साबित करने के साथ-साथ प्रदेश की जनता के सपनों को साकार करने की दिशा में ऐसे-ऐसे कदम उठाए हैं, जो हरियाणा को विकसित हरियाणा की तरफ लेकर जाते दिख रहे हैं। हालांकि विपक्ष उनके खिलाफ हर समय एक झूठा नैरेटिव गढ़ने और उन्हें डमी बताने का घटिया प्रोपगंडा रचता रहता है, लेकिन नायब सैनी ने अपनी खिलखिलाती मुस्कान और अपने सरल स्वभाव से प्रदेश की जनता का दिल और विधानसभा की 48 सीटें जीतकर विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे सारे मिथक तोड़े। तब से लगातार नायब सैनी का फोकस  प्रदेश के विकास पर है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के विजन में हरियाणा की भूमिका को सबसे महत्वपूर्ण बनाने पर है। इसलिए चुनाव के समय संकल्प पत्र के वादों को अब एक-एक कर पूरा करने के साथ साथ ऐसी नई योजनाओं पर भी काम किये जा रहे हैं, जिनसे प्रदेश के गरीब, युवा, महिला और किसान समाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं। विभागीय कार्यों में पारदर्शिता से पर्ची-खर्ची का दौर लगभग पूरी तरह समाप्त हुआ है। आईए, सबसे पहले उन कार्यों पर नजर डालते हैं, जिनसे नायब सरकार जनता का विश्वास जीतने में कामयाब रही है।नायब सैनी मातृभूमि के लिए जान देने वाले शहीदों के परिवारों व उनके आश्रितों का सहारा बनें। स्वतंत्रता सेनानियों व उनकी विधवाओं की पेंशन 25 हजार रुपये से बढ़ाकर 40 हजार की। युद्ध में शहीद सैनिकों के परिवारों के लिए अनुग्रह राशि बढ़ाकर 1 करोड रुपये की। शहीद सैनिकों के परिवारों के 410 आश्रितों को नौकरियां दी हैं। युवाओं को पिछले साढ़े 10 साल में 1 लाख 80 हजार नौकरियां दी हैं. जबकि कांग्रेस 10 साल के राज में मात्र 80 हजार नौकरियां ही दे पाई थी। हाल ही में कॉमन पात्रता परीक्षा में 13 लाख युवाओं ने भाग लिया। इस परीक्षा ने प्रबंधन और पारदर्शिता में नायब सरकार का लोहा मनवाया। कानून बनाकर हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत कार्यरत युवाओं के भविष्य को भी सुक्षित किया। अब इन युवाओं को नियमित कर्मचारियों की तर्ज पर महंगाई भत्ता और वार्षिक इंक्रीमेंट भी दिया जाएगा। किसानों से किए गए वादे की निभाते हुए नायब सैनी सरकार ने सभी 24 फसलों को न केवल एमएसपी पर खरीदना शुरू किया बल्कि सरकार एमएसपी बढ़ाकर दे रही है। अब तक 12 लाख किसानों के खातों में फसल खरीद के 48 हजार करोड़ रुपये भी डाले जा चुके हैं। पिछले साढ़े 10 सालों में किसानों को फसल खराबे के मुआवजे के रूप में 15 हजार 465 करोड़ से अधिक रुपये दिये हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत भी लगभग हजार करोड़ रुपये किसानों के खातों में डाले गए हैं। अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे आबियाने को जड़ से खत्म किया। कृषि भूमि पट्टा एक्ट लागू करके पट्टेदार किसानों और भूमि मालिकों के बीच विश्वास बहाल किया है।गरीब कल्याण के लिए कदम बढ़ाते हुए नायब सरकार ने अनुसूचित जातियों के आरक्षण को दो वर्गों में बांटकर अब तक वंचित रह गए लोगों को उनका अधिकार दिया। पिछड़ा वर्ग की क्रीमिलेयर आय सीमा को 6 लाख से बढ़ाकर 8 लाख रुपये किया है। पिछड़ा वर्ग को पंचायती राज संस्थाओं व शहरी स्थानीय निकायों में आरक्षण दिया है। प्रजापति समाज को मिट्टी के बर्तन का कारोबार चलाने के लिए 1700 गांवों में जमीन दी है। गरीब परिवारों की बेटियों को शादी पर ’मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना’ के तहत 71 हजार रुपये तक शगुन नायब सरकार द्वारा दिया जा रहा है।गरीबों के सिर पर छत उपलब्ध करवाने के लिए ’प्रधानमंत्री आवास योजना’ के तहत 1 लाख 47 हजार मकान दिये जा चुके हैं। गरीब परिवारों को ’मुख्यमंत्री आवास योजना-शहरी’ के तहत 14 शहरों में 15 हजार 256 गरीब परिवारों प्लाट दिए जा चुके हैं। ’मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण’ के तहत 58 ग्राम पंचायतों में 3 हजार 884 प्लाट दिए हैं। इस योजना के दूसरे चरण में 1 लाख 59 हजार परिवारों ने पंजीकरण करवाया है। गांवों में पंचायती भूमि पर बने 500 वर्ग गज तक के मकानों पर काबिज लोगों को मालिकाना हक दिया है।सामाजिक सुरक्षा पेंशन एक हजार रुपये से बढ़ाकर 3 हजार रुपये मासिक की है। नायब सरकार ने ऐसी व्यवस्था की है कि धन के अभाव में कोई भी गरीब इलाज से वंचित नहीं रह सके। ’आयुष्मान भारत-चिरायु योजना के तहत अब तक 22 लाख लोग अपना इलाज मुफ्त करवा चुके हैं। किडनी के रोग से पीड़ित रोगियों के लिए सभी सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में मुफ्त डायलिसिस की सेवाएं शुरू की हैं। प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है तथा 9 अन्य निर्माणाधीन हैं।खेलों का जिक्र होते ही हर हरियाणावासी का सीना चौड़ा हो जाता है। खेल नीति के तहत ओलंपिक पदक विजेता खिलाड़ियों को 6 करोड़ रुपये तक नकद इनाम देने की परम्परा भाजपा सरकार ने ही शुरू की। 19 जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में 50 करोड़ रुपये की लागत से 250 इंडोर जिम खोले गये हैं।संकल्प पत्र में महिलाओं को लाडो लक्ष्मी योजना के तहत 2100 रुपए देने का वादा नायब सैनी ने निभाया। पहले ही चरण में एक लाख रुपए वार्षिक आय तक की 20 लाख से अधिक महिलाओं को ये मिलने लगेंगे। 18 लाख गरीब महिलाओं को  रसोई चलाने के लिए हर महीने केवल 500 रुपये में गैस सिलेंडर दिया जा रहा है। गांवों के विकास में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उन्हें पंचायती राज संस्थाओं में 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व दिया है। बहन बेटियों को उच्च शिक्षा देने के लिए प्रदेश में खोले गये 80 कालेजों में से 30 लड़कियों के हैं। 5 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने की तरफ बढ़ते हुए अब तक 2 लाख 13 हजार महिलाओं को लखपति दीदी बनाया जा चुका है।’ड्रोन दीदी योजना’ में 100 महिलाओं को मुफ्त ड्रोन व प्रशिक्षण दिया जा चुका

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धर्म,जाति या राजनीति के आधार पर फर्जी खबर, भड़काऊ पोस्ट , अफवाह फैलाई तो कार्रवाई तय: डीसीपी सृष्टि गुप्ता

साइबर मॉनिटरिंग टीम गठित, 24 घंटे सक्रियता से प्रत्येक प्लेटफॉर्म पर रहेगी निगरानी सोशल मीडिया एक सकारात्मक और जिम्मेदार संवाद का मंच बने, न कि अफवाहों और नफरत का अड्डा: डीसीपी सृष्टि गुप्ता पंचकूला,(कमल कलसी, ईशान टाइम्स)। सोशल मीडिया के बढ़ते दुरुपयोग पर अब पंचकूला पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। डीसीपी सृष्टि गुप्ता के आदेशानुसार जिला पंचकूला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी कीमत पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को अपराध और नफरत फैलाने का माध्यम नहीं बनने दिया जाएगा।डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने कहा कि धर्म, जाति या राजनीति के आधार पर सोशल मीडिया पर भड़काऊ, झूठी या अफवाह फैलाने वाली पोस्ट करने वालों के खिलाफ अब सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि फॉरवर्ड करने वाला भी दोषी माना जाएगा और ग्रुप एडमिन को विशेषकर जिम्मेदार ठहराया जाएगा। इसके साथ ही अनावश्यक कमेंट, लाइक या फॉरवर्ड करने वालो को भी पुलिस कानून के दायरे मे लाएगी।डीसीपी ने बताया कि पंचकूला पुलिस ने सोशल मीडिया पर निगरानी के लिए एक विशेष साइबर मॉनिटरिंग टीम गठित की है, जो 24 घंटे सक्रिय रहकर हर प्लेटफॉर्म — व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स (ट्विटर), यूट्यूब आदि पर नजर रख रही है। इस टीम का उद्देश्य समाज में शांति, सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति सोशल मीडिया पर नफरत, अफवाह, या दहशत फैलाने का प्रयास करता है, तो उसके खिलाफ आईटी एक्ट व भारतीय न्याय संहिता की संगीन धाराओं के तहत तुरंत मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की जाएगी।डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की फर्जी खबर, एडिटेड वीडियो, भड़काऊ मैसेज या उकसाने वाली पोस्ट शेयर न करें। उन्होंने कहा कि “फॉरवर्डेड” लिखकर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश अब नहीं चलेगी — कानून हर उस व्यक्ति तक पहुंचेगा जो ऐसी सामग्री को फैलाने में शामिल है। सोशल मीडिया एक सकारात्मक और जिम्मेदार संवाद का मंच बने, न कि अफवाहों और नफरत का अड्डा।डीसीपी ने अंत में कहा कि सोशल मीडिया पर आज़ादी के साथ जिम्मेदारी भी जरूरी है। कोई भी व्यक्ति यदि समाज की शांति व सद्भावना भंग करेगा, तो उसे कानून का सामना करना पड़ेगा।” इसलिए भड़काऊ पोस्ट डालने या फॉरवर्ड करने से पहले सोचें, वरना कार्रवाई तय है।

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ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने आईपीएस वाई पुरन कुमार की दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की

BREAKING NEWS विज ने चंडीगढ़ स्थित निवास पहुंच कर परिजनों को ढांडस बंधाया,परिजनों के दुख में शामिल हुए चंडीगढ़, 11 अक्टूबर(संजय राय ,ईशान टाइम्स)। हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने आज पर आईपीएस अधिकारी वाई पुरन कुमार की दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके चंडीगढ़ स्थित निवास पहुंच कर परिजनों को ढांडस बंधाया। इस मौके पर उन्होंने वाई पुरन कुमार के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। इसके पश्चात, मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए कहा कि वे आज यहां परिजनों के दुख में शामिल होने के लिए आए है। उल्लेखनीय है कि श्री विज ने वाई पुरन कुमार की पत्नी आईएएस अधिकारी अमनित पी कुमार से मुलाकात कर सांत्वना दी। इसके अलावा, श्री विज आज अमनित पी कुमार के भाई, दोनों बेटियों और वाई पुरन कुमार के भाईयों सहित अन्य परिजनों से भी मिले और उनके दुख में शामिल हुए।……..

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100 टीबी से ग्रस्त मरीज़ो के लिए विश्वास फाउंडेशन ने डोनेट की प्रोटीनयुक्त पोषक डाइट

पंचकूला 10 अक्टूबर ( संजय राय,ईशान टाइम्स)। स्टेट टीबी ऑफिसर राजेश राजू व सीएमओ मुक्ता कुमार की अध्यक्षता में विश्वास फाउंडेशन द्वारा गुरुदेव श्री विश्वास जी के आशीर्वाद से 100 टीबी से ग्रस्त मरीज़ों के लिए प्रोटीन युक्त पोषण डाइट दी गई। डिटीओ संदीप छाबड़ा द्वारा सभी सदस्यों का आभार जताते हुए टीबी मुक्त अभियान के लिए एक सराहनीय कदम बताया।विश्वास फाउंडेशन की अध्यक्ष साध्वी नीलिमा विश्वास ने बताया कि यह पोषण डाइट के 16 पैकेट पीएससी ओल्ड पंचकूला, गाँव नाड़ा की डिस्पेंसरी में 7 पैकेट दिए गए, यूडी 19 में 30 पैकेट, गवर्नमेंट डिस्पेंसरी 12 ए में 12 पैकेट व 15 पोषण किट पॉलीक्लिनिक 26 में मरीजों के लिए दिए गए। वहीँ गवर्नमेंट डिस्पेंसरी 8 में 6 पैकेट, जीडी 21 में 8 पैकेट व सेक्टर 6 टीबी हट में 6 पैकेट दिए गए। इस अवसर पर विश्वास फाउंडेशन से ऋषि सरल विश्वास, रणधीर सिंह, मदन नागपाल व टीबी विभाग से सतीश वत्स मौजूद रहे।उन्होंने बताया कि इस पैक्ड किट में मरीजों के लिए 1 किलो सोया दाल, 1 किलो सोया आटा, 500 ग्राम सोयाबीन बड़ी, 500 ग्राम भूना चना, 500 ग्राम गुड़ व 1 डिब्बा प्रोटीन पाउडर होता है। संस्था द्वारा जून 2022 से मरीजों को डाइट देनी शुरू की गई थी और यह प्रक्रिया आगे भी इसी तरह जारी रहेगी। संस्था ने टीबी के मरीजों को अतिरिक्त पोषण, सोशल, मोरल सपोर्ट व टीबी मुक्त भारत के लिए कम्युनिटी सपोर्ट देने का काम किया है।

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हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान जन चेतना ट्रस्ट बनेगा दलितों के हकों की आवाज : सुदेश कटारिया

नारायणगढ़ से शुरू हुआ विधानसभा स्तर पर हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान सम्मेलन का आगाज चण्डीगढ़(ईशान टाइम्स) : केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल के मुख्य मीडिया सलाहकार सुदेश कटारिया ने कहा कि कांग्रेस राज में हर 18वें मिनट में दलित उत्पीड़न होता था। मगर वर्ष 2014 में जब मनोहर लाल ने हरियाणा प्रदेश के मुख्यमंत्री की कमान संभाली तो उन्होंने दलितों की सबसे पुरानी मांग को पूरा करते हुए एससी कमीशन का गठन किया। आज एससी कमीशन दलितों की सुनवाई का सबसे बड़ा मंच गया है। इसके साथ ही दलितों के हकों की आवाज बुलंद करने और उनके अधिकारों की रक्षा करने के लिए हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान जनचेतना ट्रस्ट का गठन किया गया है, जिसके जिलाध्यक्षों की नियुक्ति की जा चुकी है।केंद्रीय ऊर्जा मंत्री के मुख्य मीडिया सलाहकार नारायणगढ़ में आयोजित हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान समारोह में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। नारायणगढ़ से हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान समारोह का विधानसभा स्तर पर आयोजन का सिलसिला शुरू हुआ। नारायणगढ़ विधानसभा में आयोजित समारोह के आयोजक गौरव जौली थी। इसके साथ ही डॉ. कपूर सिंह और रवि चौधरी भी प्रमुख तौर पर मौजूद रहे।समारोह में पहुंचने पर लोगों ने हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान जन चेतना ट्रस्ट के अध्यक्ष सुदेश कटारिया का फूल-मालाओं के साथ स्वागत किया। वहीं, आयोजक गौरव जौली ने मुख्यातिथि को संविधान निर्माता बाबा साहेब का चित्र और शॉल भेंट कर सम्मानित किया।हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान जन चेतना ट्रस्ट के अध्यक्ष सुदेश कटारिया ने कहा कि वर्ष 2014 से पहली की सरकारों में क्षेत्रवाद, परिवारवाद और भाई-भतीजावाद का बोल-बोला था। धौलकपड़िये और कमीशनखोरी के जरिये जनता के काम होते थे। मगर जब वर्ष 2014 में मनोहर लाल ने प्रदेश के मुख्यमंत्री की बागडोर संभाली तो उन्होंने सबसे पहले क्षेत्रवाद, परिवारवाद और भाई-भतीजावाद को समाप्त करते हुए हरियाणा एक-हरियाणवीं एक का नारा दिया और उन्होंने पूरे प्रदेश में समान विकास कराया। उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारों में दलितों की अनदेखी होती थी, दलित मंत्री जरूर बनते थे, लेकिन वे पॉवर लेस डम्मी मंत्री होते थे। मगर मनोहर लाल ने उन्हें सीएमओ में अपनी बराबर वाली कुर्सी पर बैठाकर राजनीति में नई मिसाल पेश की, उनके लिए हर वर्ग सम्मान है, चाहे वह दलित हो या फिर पिछड़ा। यही नहीं, मनोहर लाल ने उन्हें दलितों के काम करने की पॉवर भी दी, जिससे उन्होंने अपनी कलम को दलितों के हित में प्रयोग किया है। कांग्रेस ने वोट चोरी करके हराया बाबा साहेब कोहमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान जन चेतना ट्रस्ट के अध्यक्ष सुदेश कटारिया ने कांग्रेस के वोट चोरी के आरोप पर पलटवार करते हुए कहा कि वर्ष 1952 में कांग्रेस ने वोट चोरी करके संविधान निर्माता बाबा साहेब को हराया था। तब तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने 74 हजार वोट रद्द करवाकर दलितों के सम्मान को ठेस पहुंचाने के साथ लोकतंत्र की हत्या की थी। आज वही लोग संविधान हाथ में लेकर संविधान को खतरा होने और वोट चोरी के नाम पर दलितों को गुमराह कर रहे हैं। मगर संविधान कोई दस्तावेज नहीं है, यह लोकतंत्र और दलितों की आत्मा है, जिससे बाबा साहेब से अपने खून-पसीने से सींचा है।उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनावों में कांग्रेस ने दलितों को गुमराह करके वोट हासिल किए, लेकिन विधानसभा चुनाव में दलित कांग्रेस के झांसे में नहीं आए और उनके हितों की रक्षा करने वाली भाजपा की प्रदेश में तीसरी बार सरकार बनाई।

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National Union of Journalists (India) Tributes to Samir Pal

New Delhi, Oct 9(Ishan Times)- The National Union of Journalists (India) is saddened at the demise of veteran journalist SAMIR PAL in Delhi today. He had served the HINDUSTAN TIMES for several decades with distinction. A post-graduate in English, he was a teacher at school before opting for journalism. Samir Pal had tutored newcomers to the profession. His wife was a senior officer in the Indian Council for Cultural Relations. She has predeceased him. He has left behind a son ,his family & other relatives. His demise due to prolonged age related issues at 90 has saddened the journalists community in Delhi – NCR. He was a thorough professional and loved by his colleagues. The NUJ-I remembers him for being one of the founders of the organisation and a torch-bearer of ethical journalism. The NUJI-I national executive condoles his death. The NUJ-I conveys heartfelt condolences to his bereaved family. – Uppala Lakshman, National Coordinator; Ravi Meenakshi Sundaram, Secretary General; Shivaji Sarkar, President

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किडनी ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. नीरज गोयल को ‘इमर्जिंग स्टार इन रीनल ट्रांसप्लांट एक्सीलेंस’ अवार्ड से सम्मानित

पंचकुला, ईशान राय: अल्केमिस्ट हॉस्पिटल, पंचकुला के एसोसिएट डायरेक्टर एवं चीफ किडनी ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. नीरज गोयल को नई दिल्ली में आयोजित स्वास्थ्य शिखर सम्मेलन 2025 के दौरान ‘इमर्जिंग स्टार इन रीनल ट्रांसप्लांट एक्सीलेंस’ अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार इस क्षेत्र से किसी किडनी ट्रांसप्लांट सर्जन को मिली अपनी तरह की पहली राष्ट्रीय मान्यता है। डॉ. गोयल को क्षेत्र में किडनी ट्रांसप्लांटेशन प्रोग्राम की स्थापना और उसे निरंतर आगे बढ़ाने में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया। अपने करियर में वे अब तक 1000 से अधिक किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी सफलतापूर्वक कर चुके हैं। इस अवसर पर डॉ. गोयल ने कहा, “पहले क्षेत्र के मरीजों को किडनी ट्रांसप्लांट के लिए दिल्ली-एनसीआर या अन्य मेट्रो शहरों की यात्रा करनी पड़ती थी, जिससे उन्हें लंबी प्रतीक्षा सूची, लॉजिस्टिक कठिनाइयों और भावनात्मक तनाव का सामना करना पड़ता था। अब पंचकुला में ट्रांसप्लांट सेवाओं की उपलब्धता ने हरियाणा के साथ-साथ चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और यूपी के मरीजों के लिए नई उम्मीद जगाई है।” इससे पहले, नेशनल डॉक्टर्स डे के अवसर पर भी डॉ. नीरज गोयल को किडनी ट्रांसप्लांट के क्षेत्र में उनके अनुकरणीय योगदान के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा सम्मानित किया जा चुका है।

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वन औषधीय पौधारोपण कार्यक्रम किया आरोग्यभारती चंडीगढ़ ने

BREAKING NEWS चंडीगढ़ (ईशान टाइम्स )।आरोग्य भारती चंडीगढ़ महानगर द्वारा वन औषधि वाटिका पौधारोपण का कार्यक्रम आयोजित किया किया गया, कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन समाज में वन औषधि पौधों ,वृक्षों का प्रचार प्रसार व इनके अध्यात्मिक धार्मिक व वैज्ञानिक गुणों को हर भारतीय के घर तक पहुंचा जाये। आज लोग इन्हें खर पतवार समझकर काट रहे है, प्राचीन समय से औषधीय विज्ञान भारतीय संस्कृति की धरोहर रही है ।इसलिए आरोग्य भारती पूरे भारत वर्ष में इस धरोहर को संजोय रखने के लिए प्रयासरत है। हर्बल पौधों में तुलसी, इल्लाची, ब्रह्मी, लैमन ग्रास,अश्वगंधा, शतावरी व लाजवंती और पीपल,नीम व वरगद की त्रिवेणी लगाई। कार्यक्रम में आरोग्य भारती के राजस्थान एवं उत्तर क्षेत्र संयोजक, राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य व आरोग्य मित्र योजना के अखिल भारतीय प्रमुख संजीवन कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे । चंडीगढ़ म्युनिस्पल कॉरपोरेशन के कमिश्नर अमित कुमार मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित रहे । प्रितपाल सिंह एक्सियन आरोग्य भारती चंडीगढ़ महानगर के अध्यक्ष डॉक्टर संतोष कुमार व सचिव प्रोफेसर शिवानी शर्मा व उपाध्यक्ष अधिवक्ता करमजीत चौधरी , पूर्व वाइस चांसलर प्रोफेसर सुशील कुमार तौमर, प्रोफेसर श्री मति अनुपम बाहरी संयोजिका पंजाब विश्वविद्यालय, सुरिंदर पाल चौहान चंडीगढ़ व हरियाणा प्रांत प्रचार प्रसार व सम्पर्क प्रमुख, कार्यालय प्रमुख जगत राम , अमित दीवान संयोजक पीजीआईएमईआर चण्डीगढ़ कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

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पीओके की पुकार: दमन के खिलाफ इंसाफ़ का आह्वान

संजय राय, पाकिस्तान की स्थापना धर्म-आधारित विचारधारा पर हुई थी, पर उसके छह दशकों से अधिक के राजनीतिक सफर ने यह भी दिखाया है कि केवल विचार से पक्की रजवाड़ीय स्थिरता कायम नहीं रहती। बांग्लादेश का विभाजन, अफगानिस्तान से जुड़ी जटिलताएँ और सीमाओं के भीतर उठते विद्रोह—इन सबने पाकिस्तान की अस्थिरता की तस्वीर उकेरी है। इसी अस्थिरता के बीच पाकिस्तान-नियंत्रित कश्मीर, यानी पीओके, लंबे समय से दबे और उदासीन स्थानीय संकट का केंद्र बना हुआ है। हाल के दिनों में पीओके में जो विरोध-प्रदर्शन उभरे हैं—बिजली और आधारभूत सेवाओं की कमी, महंगे बिल, इंटरनेट कटौती और व्यापक आर्थिक उपेक्षा के खिलाफ—उनका मंसूबा नागरिक शिकायतों को आवाज़ देना था। परन्तु जब सुरक्षा बलों का दमन और गोलियों की आवाज़ें सुनाई दें, जब गिरफ्तारी और अज्ञात विलुप्तियों की रिपोर्टें सामने आएँ, तो यह स्थानीय समस्या अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार जाँच का विषय बन जाती है। जिनेवा में यूनाइटेड कश्मीर पीपुल नेशनल पार्टी द्वारा उठाए गए आरोप —हिंसा, प्रवर्तन एजेंसियों की बर्बरता, और लोगों के अधिकारों का हनन—इन सब पर विश्व समुदाय का ध्यान खींचना आवश्यक है। पीओके के लोग बार-बार यही मांग करते आए हैं कि उनके लिए बुनियादी सुविधाएँ और न्याय सुनिश्चित किया जाए। जब देश की नागरिकता का अर्थ केवल शासन-व्यवस्था तक सीमित रह जाए और लोगों की ज़रूरतों, आवाज़ों और आज़ादी का ध्यान न रखा जाए, तो विद्रोह और असंतोष पनपना स्वाभाविक है। स्थानीय नेताओं और नागरिक संगठनों के अनुसार 29 सितंबर से चले प्रदर्शनों में दर्ज होने वाली मौतें और गिरफ्तारी की खबरें एक चिंता-जाग्रत स्थिति का संकेत हैं — हर जीवन की कीमत अनमोल है और कोई भी शक्ति इसे मामूली नहीं कर सकती। यह समय भावनाओं के बहाव में आकर नारे लगाने का नहीं, बल्कि संयम और ठोस कूटनीतिक और मानवीय जवाब तलाशने का है। भारत के लिए पीओके का मुद्दा संवेदनशील है — ऐतिहासिक, मानवीय और राजनीतिक कारणों से। पर किसी भी कार्रवाई का स्वरूप और उद्देश्य स्पष्ट, कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होना चाहिए। हिंसा का हर रूप—चाहे वह राज्य-हिंसा हो या सशस्त्र विद्रोह—नागरिकों के जीवन और अधिकारों पर प्रतिकूल असर डालता है। इसलिए भारत, जैसे किसी भी क्षेत्रीय शक्ति के, सर्वप्रथम कूटनीतिक मोर्चे पर आवाज उठानी चाहिए: संयुक्त राष्ट्र, मानवाधिकार मंच और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समक्ष पीओके में हो रहे मानवाधिकार उल्लंघनों का तथ्यात्मक ब्यौरा पेश करना चाहिए और त्वरित मानवतावादी पहुँच की माँग करनी चाहिए। इसके साथ ही भारत को आवश्यक है कि वह अपनी नीतियों को ठोस तर्क और सहानुभूति के साथ पेश करे — केवल विरोध प्रदर्शन दिखाने या आक्रामक बयानबाज़ी से इस मुद्दे का समाधान असंभव है। बांग्लादेश के विभाजन से मिली सबक ने यह सिखाया है कि जटिल कूटनीति, अन्तरराष्ट्रीय समर्थन और स्थानीय जनभावनाओं का संयोजन ही ठोस और दीर्घकालिक समाधान देता है। पीओके के लोग अगर भारत के साथ समावेशन की मंशा रखते हैं, तो उनकी आवाज़ों को सुने जाने, उनकी सुरक्षा के लिए ठोस अंतरराष्ट्रीय कवायद और उनके मानवीय संकट के त्वरित समाधान की व्यवस्था की जानी चाहिए। हमें यह भी याद रखना चाहिए कि सीमा-विवादों और क्षेत्रीय दावों के बीच सबसे अधिक प्रभावित वही लोग होते हैं जो रोज़मर्रा की जिंदगी जीते हैं—किसान, दुकानदार, छात्र, परिवार। इसलिए समाधान का केंद्र भी नागरिक की गरिमा, अधिकारों की रक्षा और विकास-अवसर सुनिश्चित करना होना चाहिए। पाकिस्तान के भीतर लोकतांत्रिक दबाव, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं की निष्पक्ष जाँच और स्थानीय मामलों में पारदर्शिता—ये सभी पीओके के हालात बदलने में सहायक हो सकते हैं। अंततः, पीओके की पुकार सिर्फ़ भौगोलिक पुनरावेदन की माँग नहीं है—यह मानवाधिकार, न्याय और गरिमा की माँग है। जो भी बाहरी हित हो, उससे ऊपर उठकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय, क्षेत्रीय शक्तियाँ और स्थानीय नेता इस बात पर सहमत हों कि पीओके के लोग हिंसा और उपेक्षा के चक्र से मुक्त हों। भारत के लिए यह अवसर है कि वह मानवतावादी दृष्टिकोण से इस संकट को रेखांकित करे, और संयुक्त रूप से ऐसे कदम उठाये जाएँ जो पीओके में स्थायी शांति, न्याय और समावेशी विकास की राह खोलें।

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