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संसद में उठना चाहिए दम घोंटती हवा का सवाल

संजय राय, देश में वायु प्रदूषण अब किसी मौसम-विशेष की समस्या नहीं रहा, बल्कि यह एक स्थायी और गहराता हुआ जनस्वास्थ्य संकट बन चुका है। यह वह संकट है जो बिना शोर किए लोगों की उम्र घटा रहा है, बीमारियों को सामान्य बना रहा है और आने वाली पीढ़ियों की सेहत पर स्थायी असर डाल रहा है। विडंबना यह है कि इतना बड़ा खतरा होते हुए भी वायु प्रदूषण पर नीति-निर्माण के उच्चतम मंच—संसद—में वह गंभीर और निरंतर चर्चा नहीं हो पा रही, जिसकी यह मांग करता है। आज शहरों से लेकर गांवों तक हवा में घुले सूक्ष्म जहरीले कण हर सांस के साथ शरीर में प्रवेश कर रहे हैं। वाहनों का धुआं, औद्योगिक उत्सर्जन, कोयला आधारित बिजली संयंत्र, निर्माण गतिविधियों की धूल और घरेलू ईंधन से निकलने वाला धुआं—सब मिलकर हवा को धीरे-धीरे ज़हर में बदल चुके हैं। इसकी सबसे भयावह विशेषता यह है कि इसका असर तुरंत दिखाई नहीं देता, लेकिन यह शरीर को भीतर से खोखला करता चला जाता है। वायु प्रदूषण को अब केवल पर्यावरणीय समस्या के रूप में देखना एक बड़ी भूल होगी। यह एक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातस्थिति है, जिसका बोझ सबसे ज्यादा उन लोगों पर पड़ता है जो इसके लिए सबसे कम जिम्मेदार हैं। झुग्गियों में रहने वाले परिवार, सड़क किनारे काम करने वाले मजदूर, औद्योगिक इलाकों के आसपास बसने वाले समुदाय—यही वे लोग हैं जो सबसे जहरीली हवा सांस में लेते हैं। इस तरह वायु प्रदूषण सामाजिक असमानता को और गहरा करता है। आज सांस की बीमारियां जैसे अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और सीओपीडी असाधारण नहीं रहीं। दिल का दौरा, उच्च रक्तचाप और स्ट्रोक जैसे रोगों में भी वायु प्रदूषण की भूमिका तेजी से सामने आ रही है। हवा में मौजूद सूक्ष्म कण रक्त में घुलकर हृदय और मस्तिष्क को प्रभावित करते हैं। बच्चों पर इसका प्रभाव और भी खतरनाक है। उनके विकसित हो रहे फेफड़े प्रदूषित हवा को सहन नहीं कर पाते, जिससे उनकी श्वसन क्षमता जीवनभर के लिए कम हो सकती है। बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए यह खतरा कई गुना बढ़ जाता है। अंतरराष्ट्रीय आंकड़े इस संकट की भयावहता को और स्पष्ट करते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, हर साल दुनिया भर में लगभग 90 लाख लोगों की मौत वायु प्रदूषण से जुड़ी होती है। लैंसेट में प्रकाशित हालिया रिपोर्ट बताती है कि वर्ष 2022 में भारत में ही करीब 17 लाख मौतें वायु प्रदूषण के कारण हुईं—जो 2010 की तुलना में लगभग 38 प्रतिशत अधिक हैं। इनमें से बड़ी संख्या जीवाश्म ईंधन, विशेषकर कोयले से उत्पन्न प्रदूषण से जुड़ी है। यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब दिल्ली और उत्तर भारत का बड़ा हिस्सा एक बार फिर शीतकालीन धुंध की चादर में लिपटा हुआ है। कई इलाकों में पीएम 2.5 का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन की सुरक्षित सीमा से कई गुना अधिक दर्ज किया गया है। हरियाणा जैसे राज्यों में प्रदूषण के कारण समय से पहले प्रसव के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जो यह दिखाता है कि वायु प्रदूषण केवल सांसों तक सीमित नहीं, बल्कि जीवन की शुरुआत को भी प्रभावित कर रहा है। भारत में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए कानूनों और योजनाओं की कमी नहीं है। वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 और राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) जैसे ढांचे मौजूद हैं। लेकिन समस्या नीति के अभाव की नहीं, बल्कि उसके कमजोर क्रियान्वयन की है। स्वीकृत बजट का पूरा उपयोग न होना और लक्ष्य प्राप्ति में ढिलाई यह संकेत देती है कि वायु प्रदूषण अभी भी प्राथमिकता की सूची में ऊपर नहीं है। राज्यों की स्थिति भी चिंता बढ़ाने वाली है। मध्यप्रदेश जैसे राज्यों में “स्वच्छ शहर” का तमगा पाने वाले नगरों की हवा भी लगातार खराब हो रही है। आदिवासी और वनवासी क्षेत्रों तक प्रदूषण का दायरा फैलना बताता है कि यह संकट अब शहरी सीमाओं से बाहर निकल चुका है। इसके साथ ही, विकास परियोजनाओं के नाम पर बड़े पैमाने पर पेड़ कटाई और पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी इस समस्या को और गंभीर बना रही है। एक ओर नगर वन जैसी योजनाओं की घोषणा होती है, तो दूसरी ओर हजारों पेड़ों की कटाई के प्रस्ताव सामने आते हैं। यह दोहरा रवैया दर्शाता है कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन अभी भी नीति-निर्माण में सही जगह नहीं पा सका है। असल सवाल यह है कि क्या हम वायु प्रदूषण को उतनी गंभीरता से ले रहे हैं, जितनी इसकी मांग है? जब तक इसे संसद में स्वास्थ्य आपातकाल के रूप में नहीं देखा जाएगा, तब तक समाधान आधे-अधूरे ही रहेंगे। वायु प्रदूषण कोई भविष्य की चुनौती नहीं, बल्कि वर्तमान की आपदा है। यदि नीति, राजनीति और समाज ने मिलकर इसे प्राथमिकता नहीं बनाया, तो आने वाले वर्षों में इसका मूल्य हमें सांसों, जीवन और उत्पादकता—तीनों से चुकाना पड़ेगा। अब समय आ गया है कि दम घोंटती हवा का सवाल संसद के केंद्र में आए—क्योंकि यह केवल पर्यावरण का नहीं, देश के अस्तित्व और नागरिकों के जीवन का प्रश्न है।

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Haryana Police’s ‘Operation Hotspot’: Raids at Over 700 Locations, 165 Arrested, Large Quantity of Drugs and Illegal Weapons Seized

Chandigarh, 5 December (Ishan Rai). Haryana Police conducted a large-scale and intensive campaign under ‘Operation Hotspot Domination’ to strengthen law and order in the state and create fear among criminals. During this special drive conducted on 4 December 2025, various police teams simultaneously raided 707 identified hotspots (crime-prone areas) across the state. As a result of the police’s swift and coordinated action, a total of 92 new criminal cases were registered and 165 accused involved in various offences were arrested and sent behind bars within just one day. Crushing Drug Networks and Arresting Drug Traffickers Reaffirming its resolve to make the state drug-free, the police dealt a major blow to drug dealers during this operation. Ground-level raids led to the recovery of a large quantity of narcotics. Across different districts, police seized a total of 4.33 kg ganja, 218 grams opium, 2 kg doda post, and more than 85 grams heroin. Additionally, 890 intoxicating tablets and 23.5 grams smack were recovered from drug traffickers. The operations in districts like Sirsa and Fatehabad especially inflicted significant damage on drug networks, sending a clear message that there is no place for drug trafficking in Haryana. Major Crackdown on Illegal Liquor and Weapons Illegal liquor and illegal arms remain major challenges in the world of crime, and the operation focused specifically on curbing these. Police teams seized a large quantity of illicit liquor across the state, including 839 bottles of country-made liquor, English liquor, and other illegal liquor—amounting to over 1000 bottles in total. Along with this, 570 litres of lahan was also confiscated. The police achieved success against illegal weapons as well, recovering 3 pistols and 5 live cartridges from criminals. Five new cases under the Arms Act were registered, and 5 accused were arrested. Encircling Gangsters and Violent Criminals Haryana Police’s ‘zero tolerance’ policy against organised crime and gangsters was clearly visible in this campaign as well. Using an active intelligence network, the police succeeded in arresting 22 dangerous and violent criminals. Additionally, inter-state coordination was strengthened with neighbouring states by sharing 15 important intelligence reports to prevent criminals from exploiting state borders. In this sequence, a Look Out Circular (LOC) was issued in Fatehabad, and a proposal was sent to cancel the passport of a violent offender to prevent him from fleeing abroad. Bulldozing Illegal Properties and Attachment of Crime Proceeds The police have not limited their action to arresting criminals but have also begun targeting property earned through crime. Delivering an economic blow, police in Fatehabad attached (seized) the illegally acquired property of a violent criminal. In Hansi district, police and district administration jointly demolished 3 illegal encroachments made by violent offenders. This step aims to dry up criminals’ financial sources and send a strong message that property earned through crime will not remain safe. The Human Face of Khaki: Service Along with Security While the police acted fiercely against criminals, they also extended humanitarian support to those in need. ‘Operation Hotspot’ was not limited to catching criminals; it also highlighted the police’s community responsibility. During duty, police personnel assisted 399 people across the state who were in distress or required help. This demonstrates that while Haryana Police is strict in enforcing the law, it is equally sensitive when it comes to service and public safety. Swift Police Action in Youth Murder Case: Special Detective Unit Arrests a Suspect In a brutal murder case of a youth in the City Police Station area of Kaithal, the district police showed remarkable promptness. According to the police spokesperson, Rakesh Kumar’s 20-year-old son Ashu, a resident of Deha Basti who ran a grocery shop, left home on 4 December after receiving a phone call but did not return. Later, his body was found in bushes near Ramnagar railway crossing, with deep injury marks on his head. Understanding the seriousness of the case, SP Upasana immediately handed over the investigation to the Special Detective Unit (SDU) and CIA-1, directing them to solve the case on priority. The police’s swift action bore fruit and the SDU arrested a suspect, who is now being interrogated thoroughly. Police Action in University Gate Firing and Vandalism Case: 3 Suspects Detained In the daring act of firing and vandalism at the NIILM University gate in Kaithal, police acted swiftly and detained three suspects. Acting on the statement of the victim student, Nitin, the police reported that around noon on 4 December, some youths travelling in a black Scorpio quarrelled with students at the gate, damaged property with sticks, and attempted to run their vehicle over them. During this, the accused opened fire, and a bullet hit Nitin’s left leg. The attackers have been identified as Karan, Arun, Siddhanshu, and Harsh alias Hanny, among others. As soon as information was received, the Special Detective Unit took charge and detained three suspects, who are currently being questioned regarding the incident. Police Strike Against Cyber Fraudsters: 22 Arrested and ₹59 Lakh Saved from Fraud Under the ongoing campaign against cybercrime, police have delivered outstanding performance in the last 24 hours. A total of 309 complaints were received on Cyber Helpline 1930, involving an attempted fraud amount of around ₹88,36,208. The cyber team acted swiftly and intelligently and froze ₹59,14,533 (about 66.94 percent) of the amount before it could reach the fraudsters’ accounts. In one special case, due to timely reporting by the victim, the team held back ₹91,976 (83.25%) out of ₹1,10,476. Additionally, police arrested 22 cyber criminals in separate cases, recovered ₹2.53 lakh from them, and refunded ₹30,51,748 to victims’ bank accounts.

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संविधानदिवस पर दिल्ली में ‘तिरंगा’पुस्तक का भव्य विमोचन पूर्व CJI के.जी. बालकृष्णन ने किया

नई दिल्ली(इंद्र यादव,ईशान टाइम्स ग्रुप)।संविधान दिवस के पावन अवसर पर नई दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में एक गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस के.जी. बालकृष्णन ने जगद्गुरु कृष्णानंद सरस्वती एवं अन्य संभ्रांत अतिथियों की उपस्थिति में चर्चित पुस्तक “तिरंगा” का विधिवत विमोचन किया। कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री श्याम जाजू की विशेष उपस्थिति रही। मंच पर जगद्गुरु कृष्णानंद सरस्वती, जस्टिस के.जी. बालकृष्णन तथा अन्य गणमान्य नागरिक एक साथ उपस्थित रहे और सभी ने मिलकर तिरंगे के प्रतीक चिह्न वाली इस पुस्तक का लोकार्पण किया।पुस्तक “तिरंगा” राष्ट्रीय ध्वज के गौरव, उसके इतिहास और भारतीय संविधान में निहित मूल्यों को समर्पित है। विमोचन के बाद उपस्थित लोगों ने इसे राष्ट्रप्रेम और संवैधानिक चेतना को जगाने वाली महत्वपूर्ण रचना बताया। कार्यक्रम में कांस्टीट्यूशन क्लब के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता और युवा उपस्थित रहे। संविधान दिवस और “रत्न” थीम के साथ आयोजित इस समारोह ने राष्ट्रीय एकता और संवैधानिक मूल्यों को फिर से याद दिलाया। पुस्तक के लेखक ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट श्री अनिल कुमार यादव जी ने विमोचन के बाद कहा कि “तिरंगा सिर्फ़ कपड़े का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की आकांक्षाओं और बलिदानों का प्रतीक है। इस पुस्तक के माध्यम से नई पीढ़ी तक यह संदेश पहुँचाना मेरा उद्देश्य है।”कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

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सत्य को आत्मसात करना ही वीरेंद्र सेंगर को सच्ची श्रद्धांजलि : सोमपाल शास्त्री

नई दिल्ली, 7 नवम्बर (Ishantimes)। पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री सोमपाल शास्त्री ने कहा है कि वरिष्ठ पत्रकार स्व. वीरेंद्र सेंगर एक खांटी पत्रकार थे। वे बेहद संवेदनशील थे और विपरीत परिस्थितियों में भी कभी विचलित नहीं हुए। उन्होंने हमेशा सच लिखा। उनके लिखे सत्य को आत्मसात करना ही वीरेंद्र सेंगर को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। सोमपाल शास्त्री ने ये बात निडर और बेबाक पत्रकार स्व. वीरेंद्र सेंगर द्वारा लिखी गई दो पुस्तकों, सच के सिवाय व आगे और आग है के विमोचन के अवसर पर कही। नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री सोमपाल शास्त्री ने की। पूर्व डीजीपी सेवानिवृत्त आईपीएस विभूति नारायण राय विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे और वरिष्ठ पत्रकार कमर वहीद नकवी की इस मौके पर गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर प्रसिद्ध लेखक व विचारक प्रो. पुरुषोत्तम अग्रवाल मुख्य वक्ता थे। इस अवसर पर वीरेंद्र सेंगर के साथ काम कर चुके पत्रकारों और उनके अत्यंत घनिष्ठ मित्रों द्वारा लिखी गई स्मारिका स्मृतियां वीरेंद्र सेंगर की भी जारी की गई। देश के प्रख्यात पत्रकारों ने इस आयोजन में भाग लिया। इस मौके पर विभूति नारायण राय ने कहा कि सच लिखने में बहुत बाधाएं हैं लेकिन वीरेंद्र सेंगर इन बाधाओं से तनिक भी नहीं घबराए। इस अवसर पर कमर वहीद नकवी ने कहा कि सच न बोलना ठगना है। वीरेंद्र सेंगर सच्चे पत्रकार थे। वे पक्षपाती नहीं थे। दिल्ली के सुधा गोयल हत्याकांड की उन्होंने जो रिपोर्टिंग की वो बेमिसाल है। प्रो. पुरुषोत्तम अग्रवाल ने कहा कि देश में माहौल ऐसा है कि मूर्ख होना गर्व का विषय हो गया है। विरेंद्र सेंगर ने सच को सच लिखने की हिम्मत की। यही वजह है कि वे कालजयी पत्रकार बन गए हैं। गौरतलब है कि 1955 में उत्तरप्रदेश के कानपुर के गांव खांडेपुर में जन्में वरिष्ठ पत्रकार वीरेंद्र सेंगर का 26 मार्च 2025 को उत्तराखंड नैनीताल जिले के नौकिछियाताल में निधन हो गया था। उन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत कानपुर से की थी और उसके बाद दिल्ली आकर चार दशक तक उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी निर्भीक पत्रकारिता की धाक जमाई। सेंगर चौथी दुनिया समाचार पत्र के आधार स्तंभ रहे, अमर उजाला व संडे मेल आदि अनेक नामी गिरामी अखबारों में भी उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। जब उत्तरप्रदेश के हाशिमपुरा कांड की खबर को कोई हाथ लगाने को तैयार नहीं था तब उस खबर को वीरेंद्र सेंगर ने सबूतों के साथ छापा। इससे पूरी दुनिया को आजाद भारत में हुए इस वीभत्स नरसंहार का पता चला। पूरे देश को भी पहली बार इस रिपोर्टिंग से वीरेंद्र सेंगर की प्रतिभा, पत्रकारिता और जज्बे का पता चला। प्रसिद्ध किसान नेता स्व. महेंद्र सिंह टिकैत द्वारा चलाये गए किसान आंदोलन की वीरेंद्र सेंगर द्वारा की गई रिपोर्टिंग को मील का पत्थर माना जाता है। इसी तरह उन्होंने गुजरात दंगों पर भी बेहतरीन रिपोर्टिंग की थी। वीरेंद्र सेंगर द्वारा लिखी गई दो पुस्तकों सच के सिवाय व आगे और आग विमोचन के अवसर पर उनकी पत्नी रीता भदौरिया, बेटी ऋतंभरा, आलोक भदौरिया, संतोष भारतीय, विनोद अग्निहोत्री, के एम सिंह, धर्मपाल धनखड़, अमरनाथ सिंह, ममता सिंह, अमित नेहरा, अमरेंद्र राय, संजय राय, उमेश जोशी व शिवाजी सरकार आदि अनेक जाने-माने पत्रकारों ने हिस्सा लिया।

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करनाल में सरकारी धान घोटाले में लगातार एक्शन जारी

अब जिला प्रबंधक (डीएम) अमित कुमार को निलंबित किया करनाल (ईशान राय)।जिले में सरकारी धान घोटाले का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। धान खरीद में हुई गड़बड़ी के बाद अब हैफेड विभाग में बड़ा एक्शन लिया गया है। विभाग के प्रबंध निदेशक ने जिला प्रबंधक (डीएम) अमित कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। हैफेड मुख्यालय पंचकूला से 4 नवंबर 2025 को जारी आदेश में कहा गया है कि निलंबन अवधि के दौरान वे नियम अनुसार वेतन और भत्ते प्राप्त करेंगे। इस दौरान उनका मुख्यालय पंचकूला रहेगा। करनाल और तरावड़ी मंडियों में धान खरीद में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद पहले ही कई अधिकारी नप चुके हैं। फूड एंड सप्लाई विभाग के 4 इंस्पेक्टर, 1 सब इंस्पेक्टर,तरावड़ी मार्केट कमेटी के सचिव संजीव सचदेवा,करनाल मंडी की सचिव आशा रानी, 2 मंडी सुपरवाइजर, 1 ऑक्शन रिकॉर्डर और 3 ऑपरेटरों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। अब हैफेड के जिला प्रबंधक अमित कुमार पर भी गाज गिरी है। सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में और भी अधिकारियों पर कार्रवाई की संभावना है।

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राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने गुरुग्राम में “इंटरनेशनल रिलेशंस” पुस्तक का द्वितीय संस्करण किया लॉन्च

21वीं सदी में अंतरराष्ट्रीय संबंधों का अध्ययन आज पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण: राज्यपाल गुरुग्राम, 4 नवंबर (Sanjay Rai): हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने मंगलवार को गुरुग्राम स्थित साउथेम्प्टन विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर आधारित पुस्तक “इंटरनेशनल रिलेशंस – सिविल सेवा एवं राज्य सेवा परीक्षाओं हेतु” के दूसरे संस्करण का विमोचन किया। कार्यक्रम में भारत सरकार के पूर्व विदेश मंत्रालय सचिव दामु रवि विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस पुस्तक के लेखक हैं स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी हरियाणा के कुलपति प्रो. अशोक कुमार और गुरुग्राम के डीसीपी ट्रैफिक डॉ. राजेश मोहन। विमोचन से पहले राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि 21वीं सदी में अंतरराष्ट्रीय संबंधों का अध्ययन पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो गया है। उन्होंने बताया कि भौगोलिक सीमाओं के बावजूद आज की दुनिया अर्थव्यवस्था, प्रौद्योगिकी, संचार और पर्यावरण के स्तर पर आपस में गहराई से जुड़ी हुई है। जलवायु परिवर्तन, वैश्विक व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य जैसे मुद्दे अब किसी भी देश तक सीमित नहीं रह गए हैं। राज्यपाल ने पुस्तक को केवल एक शैक्षणिक मार्गदर्शिका नहीं बताया, बल्कि इसे जीवन दृष्टिकोण और नेतृत्व कौशल विकसित करने वाली कृति कहा। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक युवाओं को विवेकशील सोच, विचारशीलता और राष्ट्र सेवा के भाव से प्रेरित करेगी। प्रो. घोष ने आगे कहा कि पुस्तक में अनुभवसंपन्न प्रशासनिक और कूटनीतिक विशेषज्ञों की ज्ञान संपदा निहित है, जो विद्यार्थियों और नीति निर्माताओं के लिए मार्गदर्शन का कार्य करेगी। विशिष्ट अतिथि दामु रवि ने पुस्तक के नवीनतम संस्करण की सराहना करते हुए इसे समसामयिक और अत्यंत उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि इसमें भारत की विदेश नीति में आए नए बदलाव और वैश्विक घटनाक्रमों का समावेश किया गया है। यह न केवल सिविल सेवा अभ्यर्थियों, बल्कि नीति निर्माता, शोधकर्ता और आम पाठकों के लिए भी लाभकारी होगी। पुस्तक के सह लेखक प्रो. अशोक कुमार ने बताया कि पुस्तक भारत की विदेश नीति, इंडो-पैसिफिक रणनीति, क्वाड सहयोग, कोविड संकट में मानवीय नेतृत्व और बहुपक्षीय मंचों जैसे जी-20 और ब्रिक्स पर भारत के बढ़ते प्रभाव का विश्लेषण करती है। वहीं, डॉ. राजेश मोहन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संबंध अब केवल औपचारिक कूटनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि डिजिटल युग में यह निरंतर बदलती प्रक्रिया बन गई है। विमोचन समारोह में राज्यपाल की धर्मपत्नी श्रीमती मित्रा घोष, हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान के महानिदेशक मनोज यादव, साउथेम्प्टन विश्वविद्यालय की प्रोवोस्ट प्रोफेसर एलायस फिलिप्स, गुरुग्राम विश्वविद्यालय के वीसी डॉ. संजय कौशिक, मैकग्रा हिल एजुकेशन के प्रोडक्ट डायरेक्टर तनवीर अहमद, एसडीएम बादशाहपुर संजीव सिंगला, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षाविद और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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नेशनल लेवर पार्टी” ने की चंडीगढ़ से नई पार्टी की शुरूआत

“पंचकूला,(कमल कलसी, ईशान टाइम्स)।राष्ट्रीय अध्यक्ष किसान पुत्र नीरज राय ने चंडीगढ़ के सेक्टर 27 प्रैस क्लब वार्ता को संबोधित करते हुए बताया कि देश के श्रमिकों, किसानों, मजदूरों, महिलाओं और युवाओं की आवाज़ को सशक्त बनाने तथा सामाजिक और आर्थिक न्याय की दिशा में ठोस कदम उठाने के उद्देश्य से नेशनल लेबर पार्टी (National Labour Party) का गठन किया गया है। इस अवसर पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के सुप्रीम प्रेसीडेंट डॉ. दलजीत सिंह चौहान और राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज राय ने संयुक्त रूप से पार्टी की नीति, उद्देश्य और मिशन की घोषणा की। डॉ. दलजीत सिंह चौहान ने कहा कि —“देश में आज मेहनतकश वर्ग सबसे बड़ा लेकिन सबसे उपेक्षित वर्ग है। नेशनल लेबर पार्टी इस वर्ग की आवाज़ को संसद और विधानसभाओं तक पहुंचाएगी। हमारी पार्टी का सिद्धांत है — ‘कामगार भारत, सम्मानित भारत।’ हम ऐसी व्यवस्था बनाना चाहते हैं जिसमें हर मेहनतकश नागरिक को सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर मिले।” राष्ट्रीय अध्यक्ष किसान पुत्र नीरज राय ने कहा कि नेशनल लेबर पार्टी का उद्देश्य राजनीति को जनसेवा से जोड़ना है, न कि सत्ता की होड़ से। उन्होंने कहा कि पार्टी जमीनी स्तर पर संगठन मजबूत कर रही है और प्रत्येक राज्य में जनसंवाद यात्रा शुरू करने की योजना बना रही है ताकि आम जनता की समस्याओं को सीधे समझकर समाधान के लिए ठोस नीति बनाई जा सके। उन्होंने आगे कहा कि —“देश के मजदूर, किसान, युवा और महिलाएँ अब मौन नहीं रहेंगे। नेशनल लेबर पार्टी उन्हें एक मज़बूत मंच देगी, जो केवल वादे नहीं बल्कि परिणाम देगा।” 📢 संदेश जनता के नाम:नेशनल लेबर पार्टी सभी नागरिकों से अपील करती है कि वे जाति, धर्म और राजनीति से ऊपर उठकर देश के विकास और मेहनतकश वर्ग के सम्मान के लिए एकजुट हों।पार्टी का उद्देश्य है —“हर मेहनतकश का मान, यही है सच्चा हिन्दुस्तान।” 🔴 पार्टी का मुख्य एजेंडा और नीति आज निम्न राष्ट्रीय पदाधिकारियों को नामित किया गया..राष्ट्रीय सलाहकार-परविंदर सिंह सेठीसुप्रीम अध्यक्ष-डॉ दलजीत सिंह चौहानराष्ट्रीय अध्यक्ष – नीरज रायराष्ट्रीय उपाध्यक्ष- संजीव कौशिकराष्ट्रीय महासचिव-कंचन कुमारी सहित अनेकों पार्टी सदस्य मौजूद रहे।

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खाद्य आपूर्ति कार्यालय की मनमानी से उपभोक्ता परेशान

आपूर्ति कार्यालय की मनमानी से उपभोक्ता परेशान, पूर्व सभासद दानिश सिद्दीकी ने जताई नाराज़गी गरीबों के राशन कार्ड बिना कारण काटे जाने पर उठाए सवाल, ईओ से मिलकर की शिकायत भदोही, 28 अक्टूबर (राजेश जायसवाल, ईशान टाइम्स)।नगर के पूर्व सभासद एवं समाजवादी पार्टी के युवा नेता दानिश सिद्दीकी ने सोमवार को नगर पालिका परिषद भदोही के अधिशासी अधिकारी से मुलाकात कर खाद्य आपूर्ति अधिकारी के खिलाफ एक शिकायती पत्र सौंपा। दानिश सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि नगर के पात्र गृहस्थी राशन कार्ड धारकों के नाम बिना किसी ठोस कारण के पात्रता सूची से काटे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब इस संबंध में खाद्य आपूर्ति अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि यह कार्रवाई नगर पालिका द्वारा कराए गए सत्यापन के आधार पर की गई है, जबकि अधिशासी अधिकारी को इस तरह की किसी जांच की जानकारी ही नहीं है। दानिश ने कहा कि आपूर्ति कार्यालय के कर्मचारियों की मनमानी, हठधर्मिता और लालच के चलते गरीब उपभोक्ताओं के राशन कार्ड निरस्त किए जा रहे हैं। इससे गरीब परिवारों के सामने दो जून की रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही पात्र लाभार्थियों के राशन कार्ड बहाल नहीं किए गए, तो आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।अधिशासी अधिकारी ने इस संबंध में दानिश सिद्दीकी को आश्वासन दिया कि मामले की तत्काल जांच कराई जाएगी और सभी पात्र उपभोक्ताओं के राशन कार्ड पुनः बहाल कराए जाएंगे, ताकि गरीबों को सरकार द्वारा दी जा रही राशन सुविधा का लाभ मिल सके।

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जहवाँ हरियाणा के माटी में ताकत बा, ओही जगह पूर्वाचल के संस्कृति में भावना- मुख्यमंत्री नायब सैनी

छठ पर्व भारतीय संस्कृति का सेतु ही नहीं बल्कि देश के हर क्षेत्र को आस्था के धागे से जोड़ता है- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी छठ पर्व ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत‘ का उत्तम उदाहरण पंचकूला 27 अक्तूबर (संजय राय, )। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि छठ पर्व भारतीय संस्कृति का सेतु ही नहीं बल्कि देश के हर क्षेत्र को आस्था के धागे से जोड़ता है। साथ ही यह समानता की अद्भुत मिसाल भी है और हमारी संस्कृति व आस्था का प्रकृति से कितना गहरा जुड़ाव भी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यह बात आज यहां पंचकूला में आयोजित राज्य स्तरीय छठ पूजा महोत्सव में उपस्थित लोगों को सम्बोधित के दौरान कही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आस्था के महापर्व छठ पूजा की बधाई और शुभकामनाएं भी दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि छठ पूजा समिति, पंचकूला द्वारा छठ घाट के सौंदर्यकरण से सम्बंधित मांगों को पूरा करवाया जाएगा। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने छठ मईया की पूजा-अर्चना में भाग लिया तथा घाट पर डूबते सूर्य देव को अर्ध्य अर्पित किया । नायब सिंह सैनी ने कहा कि जहवाँ हरियाणा के माटी में ताकत बा, ओही जगह पूर्वाचल के संस्कृति में भावना बा-जब दुगो मिल जाला, त विकास आ विश्वास दुनो बढ़ जाला। उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें आपसी मेलजोल सिखाता है। यहां कोई बड़ा-छोटा नहीं है, कोई ऊंच-नीच नहीं है। पूर्वांचल में मनाया जाने वाला यह पर्व अब विभिन्न प्रदेशों की सीमाएं लांघकर देशभर में मनाया जाने लगा मुख्यमंत्री ने कहा कि छठ पर्व को ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत‘ का उत्तम उदाहरण कहा जा सकता है। मूल रूप से पूर्वांचल में मनाया जाने वाला यह पर्व अब विभिन्न प्रदेशों की सीमाएं लांघकर देशभर में मनाया जाने लगा है। पूर्वांचल के मेहनती और कर्मठ लोग आज विभिन्न प्रदेशों में अपनी कड़ी मेहनत से वहां की अर्थव्यवस्था में योगदान कर रहे हैं। आप जहां-जहां गये, वहां-वहां छठ पर्व भी पहुंच गया और सनातन संस्कृति के वहां के पुजारियों ने भी छठ पर्व को श्रद्धा व आस्था के साथ मनाना शुरू कर दिया। प्रदेश में कई शहरों में छठ पूजा के लिए बनाए जा चुके है घाट उन्होंने कहा कि छठ पूजा के लिए पंचकूला में भी घाट बनाया जा चुका है। इसके अलावा, दानवीर कर्ण की नगरी करनाल में भी सूर्यनारायण मन्दिर के सामने पश्चिमी यमुना कैनाल पर 4 करोड़ 48 लाख रुपये की लागत से स्नान घाट का निर्माण किया गया है। इसी घाट के सामने नहर के दूसरे किनारे पर भी स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत एक और घाट का निर्माण हो चुका है। इसके अलावा, पानीपत व सोनीपत में भी घाट बन चुके हैं। पिछले 11 वर्षों में सुरक्षा, सम्मान और समृद्धि के लिए अनेक योजनाएं शुरू की नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ही मार्गदर्शन में हमने ‘श्रमेव जयते‘ में विश्वास करते हुए पिछले 11 वर्षों में आपकी सुरक्षा, सम्मान और समृद्धि के लिए अनेक योजनाएं शुरू की हैं। प्रधानमंत्री ने मातृशक्ति की क्षमताओं को पहचानते हुए लोक सभा और विधान सभा में 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान किया है। निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए पिछले 11 वर्षों में करोडो रूपये किए खर्च मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड ने विभिन्न योजनाओं के तहत पिछले 11 वर्षों में निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए 3 हजार 866 करोड़ रुपये खर्च किये हैं। इसके अलावा, हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड द्वारा भी 11 वर्षों में श्रमिकों के कल्याण के लिए लगभग 778 करोड़ रुपये खर्च किये गये हैं। उन्होंने कहा कि श्रमिक परिवारों को ‘कन्यादान स्कीम‘ के तहत बेटियों की शादी के लिए हर शादी में 1 लाख 1 हजार रुपये का कन्यादान दिया जाता है। इसी प्रकार, बेटे व स्वयं की शादी पर भी 21 हजार रुपये की शगुन राशि दी जाती है। ‘अंत्योदय आहार योजना‘ के तहत महिलाओं को दिया जा रहा है कैंटीनों का प्रबंधन उन्होंने कहा कि ‘अंत्योदय आहार योजना‘ के तहत श्रमिकों को रियायती भोजन उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसके लिए प्रदेशभर में 175 कैंटीन चल रही हैं। इन कैंटीनों का प्रबंधन महिला स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों द्वारा किया जाता है, जिससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलता है। इसके अलावा, भवन निर्माण और उद्योगों में कार्यरत श्रमिकों के फेफड़े सिलीकोसिस की विकट बीमारी से प्रभावित श्रमिक के पुनर्वास के लिए 5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है। ई.एस.आई. लाभार्थियों को कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएं कर रहे प्रदान नायब सिंह सैनी ने कहा कि श्रमिकों व उनके आश्रितों को 7 ई.एस.आई. अस्पतालों, 93 डिस्पेंसरी व 3 आयुर्वेदिक डिसपेंसरियों और एक मोबाइल डिस्पेंसरी द्वारा समग्र स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। इसके अलावा, 157 सूचीबद्ध निजी अस्पताल ई.एस.आई. लाभार्थियों को कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। प्रदेश के 4 शहरों में ई.एस.आई. अस्पताल खोलने की दी अनुमति सरकार ने हिसार, रोहतक और अंबाला में भी 100-100 तथा सोनीपत में 150 बिस्तरों वाले ई.एस.आई. अस्पताल खोलने की अनुमति दी है। इसके अलावा, हर श्रमिक का अपना घर हो इसको लेकर ‘प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता योजना‘ लागू की है। इसमें मुख्यमंत्री आवास योजना के पात्र निर्माण श्रमिकों को 2 लाख 50 हजार रुपये तक की वित्तीय सहायता सीधे दी जाती है। मुुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण श्रमिक कार्यस्थलों पर दुर्घटनाओं के शिकार हो जाते हैं। ऐसे मामलों में श्रमिकों को समय पर मुआवज़ा उपलब्ध करवाने के लिए हमने एक श्रमिक हितैषी मुआवज़ा नीति बनाई है। इसके तहत, 10 लाख रुपये से कम लागत वाले निर्माण कार्य में किसी भी दुर्घटना पर मुआवजा में किसी भी कमी की भरपाई सीधे हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण श्रमिक कल्याण कोष से की जाएगी। इस अवसर पर हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, पंचकूला के मेयर कुलभूषण गोयल, जिला अध्यक्ष अजय मित्तल, उपायुक्त सतपाल शर्मा, पुलिस आयुक्त शिवास कविराज, पुलिस उपायुक्त सृष्टि गुप्ता , मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण अत्रे, पंचकूला छठ पूजा समिति के चेयरमैन श्री संजय कुमार, प्रधान श्री काशी नाथ, उप-प्रधान श्री चंद्रेश्वर चौरसिया, महासचिव श्री इंद्रजीत चौरसिया सहित काफी संख्या में छठ मैया के भक्तजन उपस्थित रहे।

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नशे की गिरफ्त में आए युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना प्राथमिकता:नायब सिंह सैनी

*नशे के विरुद्ध संघर्ष में सराहनीय कार्य करने वालों को मिलेगा प्रोत्साहन, लापरवाही बरतने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई – मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी* *हरियाणा में नशे के खिलाफ कार्रवाई होगी और मजबूत, बॉर्डर क्षेत्रों में बढ़ेगी एचएसएनसीबी की ताकत* चंडीगढ़, 27 अक्टूबर(,ईशान टाइम्स) — हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जिन पुलिस थाना क्षेत्रों में नशे के विरुद्ध पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा सराहनीय कार्य किया जा रहा है, उन्हें सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जहां लापरवाही या ढिलाई बरती जा रही है, वहां सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखना चाहिए ताकि अन्य कर्मियों को भी संदेश जाए कि नशे के खिलाफ उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मान मिलेगा, और जहां नशा फैल रहा है वहां कठोर कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज यहां नशा मुक्त भारत अभियान योजना के सम्बन्ध में आयोजित एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। नायब सिंह सैनी ने निर्देश दिए कि नशा मुक्त घोषित गांवों का नियमित पुनर्मूल्यांकन किया जाए और अन्य राज्यों के साथ लगती प्रदेश की सीमा क्षेत्रों में हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की ताकत बढ़ाई जाए। इसके साथ ही विशेषज्ञों  को भी टीम में शामिल कर नशे की आपूर्ति पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को नशे के खिलाफ संयुक्त अभियान को तेज करने, एनफोर्समेंट, डी-एडिक्शन और अवेयरनेस के तीनों पहलुओं पर समान रूप से काम करने और पंचायतों को सक्रिय भागीदार बनाने का निर्देश दिया। नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो अन्य सम्बंधित विभागों के साथ एक व्यापक अभियान चलाकर नशे की गिरफ्त में आए युवाओं की गंभीरता से स्क्रीनिंग सुनिश्चित करे। इस सम्बन्ध में तह तक जाकर पूरी जांच-पड़ताल की जाए। यह पता लगाया जाए कि नशा कहां से और किन स्रोतों से लाया जा रहा है। इस प्रकार नशे की पूरी सप्लाई चैन को पकड़कर उस पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। हमारा उद्देश्य केवल नशे को रोकना नहीं है, बल्कि नशे की गिरफ्त में आए युवाओं को पुनः समाज की मुख्यधारा में जोड़ना है।  उन्होंने कहा कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, सेवा विभाग और स्वास्थ्य विभाग मिलकर नशे के खिलाफ संयुक्त अभियान की मुहीम को और तेज करें जिससे इस बुराई को जड़ से समाप्त किया जा सके। साथ ही, सभी संबंधित विभाग नशे के खिलाफ सशक्त अभियान में पंचायतों की भी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। अच्छा कार्य करने वाली पंचायतों और सरपंचों को सम्मानित किया जाए। सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाएं। *स्टेट प्रगति पोर्टल पर 75 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए समय पर पूरा करने के दिए निर्देश* इसके उपरांत मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्टेट प्रगति पोर्टल पर 75 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली विभिन्न 7 परियोजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी बैठक में ऐसे विभागों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाए, जिनकी परियोजनाएं अंतर-विभागीय  मुद्दों के कारण समय पर पूर्ण नहीं हो पा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी बैठकों में संबंधित विभागों की उपस्थिति से इन समस्याओं का तत्काल समाधान किया जा सकेगा, जिससे परियोजनाएं समय पर पूरी हों और नागरिकों को उनका लाभ शीघ्र मिल सके। मुख्यमंत्री ने हिसार जिले में मिर्जापुर रोड से राष्ट्रीय राजमार्ग-9 को राष्ट्रीय राजमार्ग-52 से जोड़ने वाली चार लेन सड़क, बुढलाडा–रतिया–फतेहाबाद–भट्टू–भादरा सड़क निर्माण, घोगरीपुर से हरियाणा-दिल्ली सीमा तक दो लेन वाली रिलीफ रोड के निर्माण, नोएडा से फरीदाबाद होते हुए गुरुग्राम तक मास्टर रोड के निर्माण, पश्चिमी फरीदाबाद से पूर्वी फरीदाबाद तक निर्बाध संपर्क प्रदान करने वाली दो लिंक सड़कों के निर्माण, गुरुग्राम में नए न्यायिक परिसर (टॉवर ऑफ जस्टिस) तथा फतेहाबाद सेक्टर-9 में 200 बिस्तरों वाले अस्पताल के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि ये सभी महत्वपूर्ण परियोजनाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण की जाएं ताकि प्रदेश के विकास कार्यों की गति और तेज हो सके। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह विभाग डॉ. सुमित्रा मिश्रा, अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यावरण विभाग विनीत गर्ग, अतिरिक्त मुख्य सचिव सेवा विभाग जी अनुपमा, अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा विभाग अपूर्व कुमार सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव लोक निर्माण विभाग अनुराग, अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक संजय कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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