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पारदर्शिता व जनभागीदारी की दिशा में हरियाणा सरकार का बड़ा कदम, मुख्यमंत्री ने लॉन्च किया ‘म्हारी सड़क मोबाइल एप’

डिजिटल एप से नागरिक सीधे सरकार तक पहुँचा सकेंगे सड़क से संबंधित समस्याएं ‘म्हारी सड़क ऐप’में जी.आई.एस आधारित डिजिटल मैपिंग से सड़क की स्थिति पर होगी सीधी नजर पंचकूला, 4 अक्टूबर (संजय राय)– हरियाणा में ढांचागत विकास को नई गति देने के लिए पारदर्शिता व जनभागीदारी की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज म्हारी सड़क मोबाइल एप्लीकेशन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ऐप नागरिक और सरकार के बीच सेतु का काम करेगा। सरकार का लक्ष्य प्रदेश में बेहतर सड़कों का जाल बिछाकर ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों को मजबूत आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है। सड़कें विकास का मार्ग प्रशस्त करती हैं और इस दिशा में हरियाणा सरकार दृढ़ संकल्पित है। पंचकूला में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ऐप नागरिकों को सड़कों की स्थिति की जानकारी सीधे सरकार तक पहुंचाने का माध्यम है। इस ऐप के माध्यम से नागरिक सड़कों पर गड्ढे, टूटी सड़क या सड़क पर जलभराव की समस्या की लोकेशन के साथ शिकायत दर्ज कर सकेंगे। संबंधित विभाग को तत्काल सूचना मिलते ही सड़क के सुदृढ़ीकरण का कार्य किया जाएगा। इस ऐप के माध्यम से शिकायत की टाइम बाउंड मॉनिटरिंग होगी। म्हारी सड़क ऐप में जी.आई.एस आधारित डिजिटल मैपिंग से सड़क की स्थिति पर होगी सीधी नजर उन्होंने कहा कि हरियाणा के आधारभूत ढांचे को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है और पारदर्शिता, जवाबदेही एवं जनभागीदारी को अपनी प्राथमिकता बना रही है। उन्होंने कहा कि हमने एक नया हरियाणा बनाने का संकल्प लिया है, एक ऐसा हरियाणा जहां हर नागरिक को बेहतर जीवन मिले, जहां विकास की गति कभी न थमे और विकास की गति के लिए सबसे पहली जरूरत है अच्छी सड़कें। सड़कें किसी भी राज्य की जीवन रेखा होती हैं। ये न सिर्फ लोगों को जोड़ती हैं, बल्कि अर्थव्यवस्था को भी गति देती हैं। उन्होंने कहा कि म्हारी सड़क ऐप में जी.आई.एस-आधारित तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे राज्य की सभी सड़कों का डिजिटल मानचित्रण संभव हुआ है। इससे नागरिकों को सड़कों की स्थिति की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। प्रादेशिक सड़क उत्थान परियोजना बनेगी विकसित हरियाणा का आधारस्तंभ नायब सिंह सैनी ने कहा कि गत 21 सितम्बर को हिसार में ‘प्रादेशिक सड़क उत्थान परियोजना’ का शुभारंभ किया था। यह परियोजना आने वाले वर्षों में ‘विकसित भारत-विकसित हरियाणा’ के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगी। इस परियोजना के तहत चालू वित्त वर्ष में 4,827 करोड़ रुपये की लागत से 9,410 किलोमीटर लंबी 4,227 सड़कों की मरम्मत एवं उत्थान का काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मानना है कि ‘यदि देश को गति देनी है, तो सड़कों को मजबूती देनी होगी। सड़कें सिर्फ यात्रा का साधन नहीं होतीं, बल्कि यह अर्थव्यवस्था की धमनियां होती हैं।’ इसी सोच के तहत, पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में भारत ने सड़क अवसंरचना में अभूतपूर्व क्रांति देखी है। आज, देशभर में डिफेंस कॉरिडोर से लेकर फ्रेट कॉरिडोर तक, भारतमाला से सागरमाला तक, रोडवेज, रेलवेज और एयरवेज कनेक्टिविटी का जाल पूरे देश में मिशन मोड पर काम कर रहे हैं। साथ ही, पी.एम. गतिशक्ति के माध्यम से आधारभूत परियोजनाओं को बेहतर बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदेश में पिछले 11 वर्षों में 28,651 करोड़ रुपये की लागत से 43,703 किलोमीटर लंबी सड़कों का सुधार किया है। इसके साथ ही, 2,534 करोड़ रुपये की लागत से 2,417 किलोमीटर लंबी नई सड़कों का निर्माण भी किया है। इनके अलावा, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत प्रदेश में 1, 077 करोड़ रुपये की लागत से 2,432 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया जा चुका है। हरियाणा में 21 नये राष्ट्रीय राजमार्ग स्वीकृत किए हैं। इनमें से 12 राजमार्ग बन चुके हैं। प्रदेश में पिछले 11 वर्षों में 28,582 करोड़ रुपये की लागत से 1,719 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया गया है। जबकि, 2014 से पहले की सरकार के 10 साल के शासनकाल में 1,713 करोड़ रुपये की लागत से 451 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग बनाए गए। इतना ही नहीं, यातायात को सुगम बनाने के लिए 27 टोल टैक्स बैरियर हटाने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिक टेक्नोलॉजी से जुड़े, उनकी भागीदारी इस ऐप को सफल बनाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाएगी। हर स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी में इसके लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ‘हरियाणा ए.आई. मिशन’ के तहत ई-गवर्नेस को बढ़ावा दे रही है। इस मिशन के तहत गुरुग्राम और पंचकूला में ए.आई. हब स्थापित किए जाएंगे, जहां 50 हजार से अधिक युवाओं को उन्नत तकनीकों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस डिजिटल पहल से न केवल सड़कें बेहतर होंगी, बल्कि जनता और प्रशासन के बीच पारदर्शिता और विश्वास भी मजबूत होगा – लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि किसी भी प्रदेश के विकास का आंकलन उसकी सड़कों की स्थिति से लगाया जा सकता है और हरियाणा लगातार अपने सड़क तंत्र को मजबूत कर रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) विभाग प्रदेश में सड़कों की रिपेयर, नवनिर्माण, सुदृढ़ीकरण और पैच-वर्क के कार्य को युद्ध स्तर पर कररहा है। उन्होंने कहा कि गत दिनों ही मुख्यमंत्री द्वारा प्रादेशिक सड़क उत्थान परियोजना का शुभारंभ किया गया। ये परियोजना विकसित हरियाणा के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि सड़कें केवल यातायात का साधन नहीं हैं, बल्कि यह गांवों और शहरों को जोड़ने के साथ-साथ राज्य के समग्र विकास की धुरी भी हैं। रणबीर गंगवा ने कहा कि नागरिक फोटो के साथ सड़क संबंधित शिकायतें इस एप पर अपलोड कर सकते हैं। इस डिजिटल सिस्टम में जेई से लेकर विभागाध्यक्ष तक सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय की गई है। शिकायत प्राप्त होने के बाद निर्धारित समय में संबंधित अधिकारी सड़क सुधार कार्य पूरा करने के बाद की फोटो भी एप पर अपलोड करेंगे और शिकायतकर्ता को सूचित किया जाएगा। इस पहल से न केवल सड़कें बेहतर होंगी, बल्कि जनता और प्रशासन के बीच पारदर्शिता और विश्वास भी मजबूत होगा। इस अवसर पर

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पीओके की पुकार: दमन के खिलाफ इंसाफ़ का आह्वान

संजय राय, पाकिस्तान की स्थापना धर्म-आधारित विचारधारा पर हुई थी, पर उसके छह दशकों से अधिक के राजनीतिक सफर ने यह भी दिखाया है कि केवल विचार से पक्की रजवाड़ीय स्थिरता कायम नहीं रहती। बांग्लादेश का विभाजन, अफगानिस्तान से जुड़ी जटिलताएँ और सीमाओं के भीतर उठते विद्रोह—इन सबने पाकिस्तान की अस्थिरता की तस्वीर उकेरी है। इसी अस्थिरता के बीच पाकिस्तान-नियंत्रित कश्मीर, यानी पीओके, लंबे समय से दबे और उदासीन स्थानीय संकट का केंद्र बना हुआ है। हाल के दिनों में पीओके में जो विरोध-प्रदर्शन उभरे हैं—बिजली और आधारभूत सेवाओं की कमी, महंगे बिल, इंटरनेट कटौती और व्यापक आर्थिक उपेक्षा के खिलाफ—उनका मंसूबा नागरिक शिकायतों को आवाज़ देना था। परन्तु जब सुरक्षा बलों का दमन और गोलियों की आवाज़ें सुनाई दें, जब गिरफ्तारी और अज्ञात विलुप्तियों की रिपोर्टें सामने आएँ, तो यह स्थानीय समस्या अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार जाँच का विषय बन जाती है। जिनेवा में यूनाइटेड कश्मीर पीपुल नेशनल पार्टी द्वारा उठाए गए आरोप —हिंसा, प्रवर्तन एजेंसियों की बर्बरता, और लोगों के अधिकारों का हनन—इन सब पर विश्व समुदाय का ध्यान खींचना आवश्यक है। पीओके के लोग बार-बार यही मांग करते आए हैं कि उनके लिए बुनियादी सुविधाएँ और न्याय सुनिश्चित किया जाए। जब देश की नागरिकता का अर्थ केवल शासन-व्यवस्था तक सीमित रह जाए और लोगों की ज़रूरतों, आवाज़ों और आज़ादी का ध्यान न रखा जाए, तो विद्रोह और असंतोष पनपना स्वाभाविक है। स्थानीय नेताओं और नागरिक संगठनों के अनुसार 29 सितंबर से चले प्रदर्शनों में दर्ज होने वाली मौतें और गिरफ्तारी की खबरें एक चिंता-जाग्रत स्थिति का संकेत हैं — हर जीवन की कीमत अनमोल है और कोई भी शक्ति इसे मामूली नहीं कर सकती। यह समय भावनाओं के बहाव में आकर नारे लगाने का नहीं, बल्कि संयम और ठोस कूटनीतिक और मानवीय जवाब तलाशने का है। भारत के लिए पीओके का मुद्दा संवेदनशील है — ऐतिहासिक, मानवीय और राजनीतिक कारणों से। पर किसी भी कार्रवाई का स्वरूप और उद्देश्य स्पष्ट, कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होना चाहिए। हिंसा का हर रूप—चाहे वह राज्य-हिंसा हो या सशस्त्र विद्रोह—नागरिकों के जीवन और अधिकारों पर प्रतिकूल असर डालता है। इसलिए भारत, जैसे किसी भी क्षेत्रीय शक्ति के, सर्वप्रथम कूटनीतिक मोर्चे पर आवाज उठानी चाहिए: संयुक्त राष्ट्र, मानवाधिकार मंच और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समक्ष पीओके में हो रहे मानवाधिकार उल्लंघनों का तथ्यात्मक ब्यौरा पेश करना चाहिए और त्वरित मानवतावादी पहुँच की माँग करनी चाहिए। इसके साथ ही भारत को आवश्यक है कि वह अपनी नीतियों को ठोस तर्क और सहानुभूति के साथ पेश करे — केवल विरोध प्रदर्शन दिखाने या आक्रामक बयानबाज़ी से इस मुद्दे का समाधान असंभव है। बांग्लादेश के विभाजन से मिली सबक ने यह सिखाया है कि जटिल कूटनीति, अन्तरराष्ट्रीय समर्थन और स्थानीय जनभावनाओं का संयोजन ही ठोस और दीर्घकालिक समाधान देता है। पीओके के लोग अगर भारत के साथ समावेशन की मंशा रखते हैं, तो उनकी आवाज़ों को सुने जाने, उनकी सुरक्षा के लिए ठोस अंतरराष्ट्रीय कवायद और उनके मानवीय संकट के त्वरित समाधान की व्यवस्था की जानी चाहिए। हमें यह भी याद रखना चाहिए कि सीमा-विवादों और क्षेत्रीय दावों के बीच सबसे अधिक प्रभावित वही लोग होते हैं जो रोज़मर्रा की जिंदगी जीते हैं—किसान, दुकानदार, छात्र, परिवार। इसलिए समाधान का केंद्र भी नागरिक की गरिमा, अधिकारों की रक्षा और विकास-अवसर सुनिश्चित करना होना चाहिए। पाकिस्तान के भीतर लोकतांत्रिक दबाव, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं की निष्पक्ष जाँच और स्थानीय मामलों में पारदर्शिता—ये सभी पीओके के हालात बदलने में सहायक हो सकते हैं। अंततः, पीओके की पुकार सिर्फ़ भौगोलिक पुनरावेदन की माँग नहीं है—यह मानवाधिकार, न्याय और गरिमा की माँग है। जो भी बाहरी हित हो, उससे ऊपर उठकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय, क्षेत्रीय शक्तियाँ और स्थानीय नेता इस बात पर सहमत हों कि पीओके के लोग हिंसा और उपेक्षा के चक्र से मुक्त हों। भारत के लिए यह अवसर है कि वह मानवतावादी दृष्टिकोण से इस संकट को रेखांकित करे, और संयुक्त रूप से ऐसे कदम उठाये जाएँ जो पीओके में स्थायी शांति, न्याय और समावेशी विकास की राह खोलें।

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न्याय प्रणाली में विश्वास का स्वर्णिम अध्याय – कुरुक्षेत्र बना साक्षी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नए आपराधिक कानूनों पर प्रदर्शनी का किया उद्घाटन क्रियान्वयन प्रक्रिया का देखा नाट्य प्रदर्शन चंडीगढ़, 03 अक्तूबर(संजय राय)- धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र, जिसने गीता का अमर संदेश पूरी दुनिया को दिया, आज न्याय प्रणाली में विश्वास के स्वर्णिम युग का गवाह बना। अवसर था—संसद द्वारा मई 2023 में पारित तीन नए आपराधिक कानूनों—भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम-2023—पर आधारित प्रदर्शनी के उद्घाटन का। देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कुरुक्षेत्र में लगाई गई इस प्रदर्शनी का विधिवत शुभारंभ किया और इसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया का लाइव डेमो भी देखा। कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की कार्यशैली की सराहना करते हुए शाह ने कहा कि सैनी न केवल मृदुभाषी और हंसमुख व्यक्तित्व के हैं बल्कि मेहनती और दूरदर्शी नेता भी हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विज़न “विकसित भारत, 2047” को हरियाणा की धरती पर उतारने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रयासों की प्रशंसा की। ब्रह्मसरोवर बना ऐतिहासिक पल का साक्षी गीता जयंती महोत्सव के लिए प्रसिद्ध पवित्र ब्रह्मसरोवर के तट पर यह आयोजन विशेष महत्व रखता है। यहीं भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कर्म का संदेश दिया था—“कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन” इसी भाव को आगे बढ़ाते हुए नए आपराधिक कानून लागू करने के लिए कुरुक्षेत्र को प्रतीक स्थल के रूप में चुना गया। जनता को मिला दीपावली का तोहफा अमित शाह ने कार्यक्रम के दौरान हरियाणा की जनता के लिए गृह, सहकारिता, शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क से जुड़ी करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री सैनी गरीब-केंद्रित योजनाओं के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने का काम कर रहे हैं। नई न्याय प्रणाली का नाट्य प्रदर्शन किया कार्यक्रम में एक विशेष प्रदर्शन के जरिए दिखाया गया कि डायल 112 पर सूचना मिलते ही पुलिस किस तेजी से कार्रवाई करती है और किस प्रकार न्यायालय तक दोषी को सजा दिलाने की पूरी प्रक्रिया संपन्न होती है। इस डेमो को प्रदर्शनी स्थल पर एलईडी पैनलों के माध्यम से लाइव दिखाया गया, जिससे लोगों में न्याय प्रणाली के प्रति नए विश्वास की स्थापना हुई। गौरव का क्षण गृह मंत्री अमित शाह इस प्रदर्शनी और हरियाणा की न्याय व्यवस्था को देखकर गदगद हुए। उन्होंने कहा कि नए आपराधिक कानून न्यायपालिका में आमजन का विश्वास और मजबूत करेंगे। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी पहले भी ‘मन की बात’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और हरियाणा सरकार की विशेष पहलों की सराहना कर चुके हैं। आज का यह आयोजन न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है, जब न्याय प्रणाली में विश्वास का एक नया अध्याय कुरुक्षेत्र से शुरू हुआ।

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ठाणे के वागले स्टेट में बच्चों का अनोखा भंडारा,2000 भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।

०३ अक्टूबर २०२५ (इंद्र यादव – स्वतंत्र लेखक,ठाणे ( महाराष्ट्र )),महाराष्ट्र के ठाणे जिले के वागले स्टेट में इस बार नवरात्रि उत्सव ने एक अनोखा रंग बिखेरा। यहाँ के छोटे-छोटे बच्चों ने अपनी श्रद्धा और साहस का परिचय देते हुए 2000 भक्तों के लिए भंडारा आयोजित किया। इस नेक कार्य के लिए बच्चों ने न केवल चंदा इकट्ठा किया, बल्कि पूरे उत्साह और समर्पण के साथ भंडारे की व्यवस्था को भी संभाला। उनकी इस पहल ने न सिर्फ स्थानीय लोगों का दिल जीता, बल्कि समाजसेवी श्री.महेंद्र सोडारी जी का भी ध्यान आकर्षित किया। “बिन पगारी, मोटा अधिकारी की तर्ज पर मासूम बच्चों द्वारा बनाया गया नया संगठन “कालरात्रि मित्रं मंडल” के अध्यक्ष १५ वर्षीय अनमोल सरोज जी ने बताया कि हम बच्चों नें अनुराग सरोज (१३),विशाल जैसवार (१६),प्रतीक चौहान (१२)आदित्य जैसवार (१४),अयूब जैसवार (१३),यश जोशी (१२),अंश प्रजापति (11),रुद चौहान (१२),अनुन जैसवार (८),अविनाश मौर्या,अर्णव सहानी,विराज गौरव,देव शर्मा ने मिलकर इस भंडारे का विचार बनाया और इसे साकार करने के लिए दिन-रात मेहनत की। अनमोल सरोज ने कहा, “हम चाहते थे कि नवरात्रि के इस पवित्र अवसर पर माता रानी के भक्तों की सेवा करें। हमने घर-घर जाकर चंदा इकट्ठा किया और सामूहिक प्रयास से भंडारे की तैयारी की।” बच्चों की यह पहल देखकर हर कोई हैरान था कि इतनी कम उम्र में वे इतना बड़ा आयोजन कैसे कर पाए।इस आयोजन की खबर जब समाजसेवी श्री.महेंद्र सोडारी जी तक पहुँची, तो वे बच्चों के उत्साह और श्रद्धा से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने तुरंत ₹10,000 का योगदान दिया। इसके साथ ही, उन्होंने बच्चों की सराहना करते हुए कहा इस मौके पर किसी भी प्रकार की सहायता के लिए मैं सदैव खड़ा हूं, इन बच्चों ने साबित कर दिया कि उम्र कोई मायने नहीं रखती, जब दिल में श्रद्धा और सेवा का जज्बा हो। इनका यह प्रयास समाज के लिए एक मिसाल है।” भंडारे में 2000 भक्तों ने प्रसाद के रूप में काबुली चनें की सब्जी,जीरा राईस, बुनियाँ माता रानी का प्रसाद ग्रहण किया। बच्चों ने न केवल भोजन की व्यवस्था की, बल्कि स्वच्छता और अनुशासन का भी विशेष ध्यान रखा। स्थानीय लोगों ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बताया और बच्चों की एकता और मेहनत की जमकर तारीफ की। यह आयोजन न केवल नवरात्रि के उत्सव को और भी खास बनाया, बल्कि यह भी दिखाया कि छोटी उम्र में भी बड़े सपने और सेवा का जज्बा समाज में बदलाव ला सकता है। बच्चों का यह प्रयास निश्चित रूप से वागले स्टेट के लिए गर्व का विषय बन गया है।

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25 सितम्बर से 25 दिसम्बर तक चलेगा आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान अभियान

हरियाणा आत्मनिर्भर भारत में निभाएगा अग्रणी भूमिका : नायब सिंह सैनीस्वदेशी ही हमारी ताकत, हर गांव में पहुंचेगा अभियान चंडीगढ़, (संजय राय )- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘विकसित भारत’ के विज़न को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने का मार्ग आत्मनिर्भरता से होकर जाता है और यह अभियान आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने में अग्रणी भूमिका निभाएगा।मुख्यमंत्री आज चंडीगढ़ में मीडिया बंधुओं को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि यह अभियान गत 25 सितम्बर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती से शुरू हुआ है और 25 दिसम्बर, भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती तक चलेगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा की पौने तीन करोड़ जनता इस राष्ट्रीय महायज्ञ में अपनी अग्रणी भूमिका निभाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने इस अभियान को हरियाणा के हर गांव और हर शहर तक पहुंचाने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना बनाई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘स्वदेशी’ का विचार हमारे लिए नया नहीं है। महर्षि दयानंद सरस्वती जी, बंगाल के स्वदेशी आंदोलन, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के नेतृत्व में स्वतंत्रता संग्राम और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के एकात्म मानव दर्शन से यह स्पष्ट होता है कि आर्थिक व्यवस्था स्वदेशी पर आधारित होनी चाहिए। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में हम उसी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।स्वदेशी, स्वभाषा और स्वभूषा – आत्मनिर्भर भारत के तीन स्तंभ उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान तीन स्तंभों स्वदेशी, स्वभाषा और स्वभूषा पर आधारित है। स्वदेशी का अर्थ भारत में ही वस्तुओं का उत्पादन और उपयोग करना है। इस दिशा में देश में स्टार्टअप्स की संख्या 1.60 लाख तक पहुंच गई है। हाल ही में इसरो ने भारत की पहली स्वदेशी सेमीकंडक्टर चिप ‘विक्रम-32’ विकसित की है। आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता बन चुका है। मुद्रा और पी.एल.आई. योजनाओं के माध्यम से MSME और निर्माताओं को बड़े स्तर पर सहयोग दिया जा रहा है, जिससे निर्यात 825 बिलियन डॉलर तक पहुंचा है। श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि स्वभाषा का अर्थ भारतीय भाषाओं और ज्ञान प्रणालियों को बढ़ावा देना है। नई शिक्षा नीति में त्रिभाषा शिक्षा को प्रोत्साहन दिया गया है और MBBS, इंजीनियरिंग सहित कई विषय भारतीय भाषाओं में पढ़ाए जा रहे हैं। इसी तरह, स्वभूषा का अभिप्राय हमारी अपनी विरासत, डिज़ाइन और सौंदर्यशास्त्र को अपनाने से है। खादी और ग्राम उद्योगों का कारोबार 1.70 लाख करोड़ रुपये पार कर चुका है। एक जिला-एक उत्पाद योजना में 750 जिलों से 1200 से अधिक उत्पादों की पहचान की गई है, जिनकी बिक्री ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों पर 2,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है।आत्मनिर्भर भारत की नई उपलब्धियां उन्होंने कहा कि भारत के लिए आत्मनिर्भरता केवल एक कल्पना नहीं, बल्कि आज जमीन पर उतरती हकीकत है। रक्षा निर्यात 34 गुना बढ़ा है, UPI दुनिया में अपनी पहचान बना चुका है, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स 2 से बढ़कर 300 से अधिक हो गई हैं, और इसरो के मंगलयान, चंद्रयान-3, आदित्य-L1 तथा गगनयान मिशनों ने दुनिया में भारत का डंका बजाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत दुनिया की दवाओं और टीकों का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बन चुका है। हम वैश्विक स्तर पर 20 प्रतिशत जेनेरिक दवाएं और 60 प्रतिशत वैक्सीन की आपूर्ति कर रहे हैं। आज अमेरिका में उपयोग होने वाली 40 प्रतिशत और ब्रिटेन में 25 प्रतिशत दवाएं भारत से जाती हैं। उन्होंने बताया कि ‘मेक इन इंडिया’ की नीति का प्रभाव यह है कि आज देश में बिकने वाले 99.20 प्रतिशत मोबाइल फोन अब मेड इन इंडिया हैं। नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में भी भारत ने अभूतपूर्व प्रगति की है। देश नवीकरणीय क्षमता मंह चौथे, सौर ऊर्जा में तीसरे और पवन ऊर्जा में चौथे स्थान पर है। हमारी सौर क्षमता 39 गुणा बढ़ी है और पवन ऊर्जा दोगुनी हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 10 करोड़ से अधिक बहनें स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से सशक्त हुई हैं। मुद्रा ऋण लेने वालों में 68 प्रतिशत और स्टैंड-अप इंडिया लाभार्थियों में 83 प्रतिशत हमारी बहन-बेटियां हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सच्ची आत्मनिर्भरता केवल आर्थिक नहीं, बल्कि मानसिक और सांस्कृतिक भी होती है। दिल्ली में राजपथ का नाम ‘कर्तव्य पथ’ करना, भारतीय नौसेना के ध्वज में परिवर्तन और IPC व CRPC के स्थान पर भारतीय न्याय, नागरिक सुरक्षा व साक्ष्य संहिता का आना, गुलामी की मानसिकता के प्रतीकों को मिटाने के ऐतिहासिक कदम हैं। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान में हरियाणा प्रदेश अपनी पूरी शक्ति से योगदान देगा। ‘जय जवान, जय किसान’ के साथ-साथ ‘जय विज्ञान’ को चरितार्थ करने में हरियाणा हमेशा आगे रहा है। इसके लिए हरियाणा सरकार ने विस्तृत कार्ययोजना बनाई है। जिलों और मंडलों में होंगे सम्मेलन, रथ यात्रा, व्यापारी और MSME संगोष्ठियाँउन्होंने बताया प्रदेश के सभी जिलों और मंडलों में नवंबर-दिसंबर में ‘आत्मनिर्भर भारत संकल्प सम्मेलन’ आयोजित किए जाएंगे। व्यापारी सम्मेलन’, ‘MSME उद्योगपति सम्मेलन’ और कॉलेजों में युवाओं के साथ संवाद के लिए ‘संकल्प सेमिनार’ होंगे। पूरे प्रदेश में ‘आत्मनिर्भर भारत संकल्प रथ यात्रा’ निकाली जाएगी। दिवाली पर विदेशी लाइट्स की जगह स्थानीय मिट्टी के दीयों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा। ‘संकल्प फॉर आत्मनिर्भर भारत’ का लोगो तैयार करके दुकानदारों व व्यापारियों को वितरित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि किसान प्राकृतिक खेती अपनाएं, युवा नौकरी लेने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें, माताएं-बहनें स्थानीय उत्पाद खरीदें और व्यापारी मित्र स्वदेशी उत्पाद बेचने का संकल्प लें। इस अवसर पर सुरेंद्र पूनिया महामंत्री और प्रभारी आत्मनिर्भर भारत अभियान, प्रवीण अत्रे मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव, पर्व शर्मा संयोजक आत्मनिर्भर भारत अभियान, संदीप तथा सन्नी नारा सदस्य आत्मनिर्भर भारत अभियान समिति आदि उपस्थित थे l

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हम खुश हैं कि हम एशिया कप जीतें है और हमारे खिलाड़ियों ने बिना शील्ड लिए ही जीत का जश्न खेल के मैदान में मनाना शुरू किया : अनिल विज

कांग्रेस द्वारा एक वर्ष बाद नेता विपक्ष चुनने व उभरती गुटबाजी पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज तंज, बोले “इब्तिदा-ए-इश्क है रोता है क्या, आगे-आगे देखिये होता है क्या” बिहार में शुद्ध मतदाता सूची पर किसी को कोई एतराज नहीं होना चाहिए : विज चंडीगढ़, 30 सितम्बर (संजय राय ) हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने कांग्रेस द्वारा विपक्ष का नेता चुनने में लगभग एक वर्ष लगाने व उभरती गुटबाजी पर अपने अंदाज में तंज कसते हुए गुनगुनाया “इब्तिदा-ए-इश्क है रोता है क्या, आगे आगे देखिये होता है क्या”। श्री विज आज पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किस पार्टी का कौन बनेगा, किसको क्या दायित्व दिया जाएगा इससे हमारा कोई लेना देना नहीं। मगर एक बात है कि निर्णय लेने में इन्होंने लगभग एक साल लगा दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कभी सत्ता में आए ऐसा तो होना नहीं है, मगर यदि यह सत्ता में हो और देश में पाकिस्तान से हमला हो जाए तो इनके फैसला लेते-लेते पाकिस्तान की सेना दिल्ली में घुस जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने एक साल लगाया है विपक्ष नेता चुनने में। यह देश की जिम्मेवार पार्टी नहीं है, यह देश के दायित्वों का, देश की जिम्मेवारियों का, विपक्ष के नेता का यह दायित्व पूरा नहीं कर सके। हम खुश हैं कि हम जीतें है और हमारे खिलाड़ियों ने बिना शील्ड लिए ही जीत का जश्न खेल के मैदान में मनाना शुरू किया : अनिल विज टी-20 एशिया कप में विजेता भारतीय टीम द्वारा पाकिस्तान के एसीसी अध्यक्ष मोहसीन से ट्राफी नहीं लेने पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि किसी भी मैच की सबसे बड़ी शील्ड वो होती है जो लोग देते हैं। सारे मैच हराकर और एशिया कप को जीतकर 144 करोड़ भारतीयों ने जो दिल की भावनाओं से शील्ड दी उसके मुकाबले वो शील्ड कुछ नहीं है। नापाक व खून से रंगे हाथों से तीर्थ यात्रियों पर हमला करने वाले हाथों से खिलाड़ी शील्ड कैसे ले सकते हैं। हम खुश हैं कि हम जीतें है और हमारे खिलाड़ियों ने बिना शील्ड लिए ही जीत का जश्न खेल के मैदान में मनाना शुरू किया। बिहार में शुद्ध मतदाता सूची पर किसी को कोई एतराज नहीं होना चाहिए : मंत्री अनिल विज बिहार में नई मतदाता सूची के प्रश्न पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि बिहार में शुद्ध मतदाता सूची जारी की जा रही है जिस पर किसी को कोई एतराज नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐतराज करने के लिए नियमों के तहत प्रावधान एक माह पहले दिया गया था, उसके बाद ही मतदाता सूची जारी की गई है और इस पर चुनाव सबको करवा लेना चाहिए।

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अखिल भारतीय दुर्गा पूजा सेवा समिति द्वारा भव्य नव दिवसीय नवरात्र उत्सव

ठाणे,महाराष्ट्र (इंद्र यादव )30सितंबर। शरद ऋतु की मंद सुगंध और आसमान पर घने बादलों के बीच,ठाणे जिले के वागले एस्टेट इलाके में रूपादेवी क्षेत्र एक बार फिर भक्ति की लहरों से सराबोर हो गया है। यहां की “अखिल भारतीय दुर्गा पूजा सेवा समिति” द्वारा आयोजित सार्वजनिक नव दिवसीय नवरात्र उत्सव ने स्थानीय निवासियों के साथ-साथ दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं को एकजुट कर दिया है। यह उत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सांस्कृतिक एकता और सामुदायिक सद्भाव का भी जीवंत उदाहरण बन गया है।समिति के अनुसार, रूपादेवी के इस सार्वजनिक पंडाल में पारंपरिक विधि-विधान के साथ मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की जाएगी।वागले एस्टेट का यह इलाका, जो ठाणे शहर का एक व्यस्त आवासीय क्षेत्र है, नवरात्र के दौरान एक आध्यात्मिक केंद्र में बदल जाता है। आसपास की सड़कें रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों की सजावट से जगमगा उठती हैं। पूर्व नागसेवक श्री.राज कुमार यादव जी ने बताया कि, “यहां का उत्सव हमें अपनी जड़ों और संस्कृति से जोड़ता है। समिति के अध्यक्ष श्री.राज कुमार मिश्रा जी ने बताया, “यह उत्सव मात्र पूजा,अर्चना तक सीमित नहीं है। हमने नौ दिनों के लिए विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया है, जिसमें गुजराती गरबा, बंगाली धुनों पर आधारित नृत्य और महाराष्ट्रीयन लोकगीतों की प्रस्तुतियां शामिल हैं। इस मौके पर समाजसेवी- श्री.महेंद्र सोडारी जी,श्री राधा फ़त्ते बहादुर सिंह ,श्री. सचिन पटवा, पं. बदिनाथ शुक्ला, श्री. लक्ष्मण चौहान,श्री. फुलचंद साड़ी,श्री. गुलाबचंद गुप्ता,श्री. गोकुल रावत, श्री. अरुण विश्वकर्मा,श्री. प्रदिप चौहान, श्री. शशिकांत भगवान, श्री. बबलु मिश्रा, श्री. संतीप राय, श्री. विक्की उपाध्याय,श्री. यशश्रीराम राजभर,श्री बेचन प्रसाद यादव उपस्थित रहे।यदि आप भी इस दिव्य उत्सव का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो वागले एस्टेट, रूपादेवी पहुंचें।

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उत्तर प्रदेश के बादलों में उड़ रहे “ड्रोनों की क्या है “साजिश” ?

(इंद्र यादव), उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में रात का सन्नाटा अब डरावना हो चला है। आकाश में टिमटिमाती लाइटों के साथ उड़ते संदिग्ध ड्रोन न केवल नींद चुरा रहे हैं, बल्कि पूरे परिवारों की शांति भी हराम कर रहे हैं। संभल, अमरोहा, मुरादाबाद, बिजनौर, हापुड़, जौनपुर, भदोही और गोरखपुर जैसे जिलों से ऐसी खबरें लगातार आ रही हैं, जहां ग्रामीण रातभर लाठियां-डंडे थामे पहरा दे रहे हैं। आखिर ये ड्रोन कौन उड़ा रहा है? क्या ये चोरी की साजिश का हिस्सा हैं, या सिर्फ अफवाहों का शिकार? और सबसे बड़ा सवाल-क्या ड्रोन नियमों का पालन हो रहा है। यह “राज”चोरों की ‘रेकी’ या सरकारी सर्वे है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पिछले दो महीनों से रात के अंधेरे में ड्रोन उड़ने की घटनाएं बढ़ गई हैं। संभल और अमरोहा के ग्रामीणों का कहना है कि ये ड्रोन घरों के ऊपर मंडराते हैं, जैसे किसी नजर रख रहे हों। एक ग्रामीण ने बताया, “रात के 12 बजे आसमान में लाल-नीली लाइटें चमक रही थीं। हमने सोचा चोर रेकी कर रहे हैं। पूरे गांव ने रात गुजार दी जागते हुए।” इसी तरह, बिजनौर के 50 से अधिक गांवों में ड्रोन की अफवाह ने दहशत मचा दी है। यहां तक कि कुछ जगहों पर निर्दोष लोगों को ड्रोन उड़ाने का शक लगने पर पीट दिया गया तो वंही जौनपुर के तियारी गांव में शुक्रवार रात कई ड्रोन देखे गए, जिसके बाद ग्रामीण हथियारों से लैस हो गए। भदोही में तो एक ड्रोन खेत में गिरा भी, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया। गोरखपुर के कैंपियरगंज क्षेत्र में राप्ती नदी के किनारे बसे गांवों में चार ड्रोन उड़ते देखे गए, जिससे लोग छतों पर चढ़कर निगरानी करने लगे। फतेहपुर के घिनवांखेड़ा गांव में ग्रामीणों ने ड्रोन का पीछा किया, लेकिन वस्तु गायब हो गई। पुलिस का कहना है कि ज्यादातर मामलों में ये अफवाहें ही हैं। हापुड़ में जो ड्रोन समझा गया, वो पतंग या प्लास्टिक बैग निकला। मुजफ्फरनगर में दो युवकों ने कबूतरों पर लाइटें बांधकर उड़ाए, जिससे भ्रम फैला। फिर भी, कुछ जगहों पर असली ड्रोन पाए गए हैं। गोरखपुर पुलिस ने स्पष्ट किया कि ये भारतीय सर्वेक्षण विभाग के नदियों के सर्वे के लिए हैं। लेकिन सवाल यह है कि रात में सर्वे क्यों? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्च स्तरीय बैठक में निर्देश दिए हैं कि बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा गरम है। एक यूजर ने लिखा, “भदोही में रात के ड्रोन ने दहशत फैला दी। पुलिस को सूचना दो, अफवाह मत फैलाओ।” वहीं, रायबरेली के सेमरी रना पुर गांव से शिकायत आई कि दो दिनों से ड्रोन उड़ रहे हैं, महिलाएं-बच्चे डरे हुए हैं। बस्ती के गौर थाना क्षेत्र में चोरी की घटनाओं के बाद ड्रोन उड़ान ने आक्रोश बढ़ा दिया। तो क्या बिना अनुमति के उड़ान भर रहे है ड्रोन। ड्रोन तकनीक ने कृषि, सर्वे और आपदा प्रबंधन में क्रांति ला दी है, लेकिन बिना नियंत्रण के ये खतरा बन सकती है। भारत सरकार के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के 2025 अपडेटेड दिशानिर्देशों के अनुसार, सभी ड्रोन को डिजिटल स्काई प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर करना अनिवार्य है। प्रत्येक ड्रोन को यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर (UIN) मिलना चाहिए। रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस – 250 ग्राम से अधिक वजन वाले ड्रोन के लिए रिमोट पायलट सर्टिफिकेट (RPC) जरूरी। ट्रेनिंग और परीक्षा पास करनी पड़ती है। ” फ्लाइट परमिशन” डिजिटल स्काई ऐप से अनुमति लें। रेड जोन (हवाई अड्डे, सैन्य क्षेत्र) में उड़ान प्रतिबंधित। जनसंख्या घनी जगहों पर स्थानीय पुलिस की मंजूरी चाहिए। रात में उड़ान के लिए विशेष अनुमति। अधिकतम ऊंचाई 400 फीट। नो-फ्लाई जोन में प्रवेश पर जुर्माना या जेल। बिना अनुमति उड़ान पर 1 लाख रुपये तक जुर्माना। यदि जासूसी या चोरी से जुड़ा, तो आईटी एक्ट और IPC के तहत मुकदमा।यूपी में बिजनौर प्रशासन ने ड्रोन उड़ाने पर 1 लाख का जुर्माना लगाने की एडवाइजरी जारी की है। फिर भी, शरारती तत्व खिलौना हेलीकॉप्टर या कबूतरों से भ्रम फैला रहे हैं। DGCA के अनुसार, 2025 में ड्रोन उपयोग बढ़ा है, लेकिन नियमों की अनदेखी से ही ऐसी घटनाएं हो रही हैं। ऐसे में आम नागरिक को चाहिए कि संदिग्ध ड्रोन देखें तो वीडियो बनाएं और पुलिस को सूचित करें।बअफवाहें न फैलाएं। ड्रोन खरीदने से पहले DGCA गाइडलाइंस पढ़ें। यह दहशत सिर्फ तकनीक का दुरुपयोग नहीं, बल्कि जागरूकता की कमी का परिणाम है। सरकार को ड्रोन रजिस्टर अनिवार्य कर स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने चाहिए। ताकि उत्तर प्रदेश का आकाश विकास का माध्यम बने, डर का नहीं। पुलिस की सक्रियता से स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन ग्रामीणों की चिंता बनी हुई है। क्या ये ड्रोन चोरों के हैं, या सर्वे के? समय जवाब देगा, लेकिन तब तक रातें जागरण की रहेंगी।

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माता मनसा देवी मंदिर से दर्शन कर लौट के जा रहे श्रद्धालुओं की गाड़ी पिकअप पलटी

पंचकूला,कमल कलसी , 35 से ज्यादा श्रद्धालु एक पिकअप गाड़ी में माता मनसा देवी के दर्शनों को गए थे। जब सभी श्रद्धालु पिकअप गाड़ी से माता के दर्शन कर लौट रहे थे तो पंचकूला के सेक्टर 3 के सामने शिमला जीरकपुर हाईवे पर अनियंत्रित होकर पलट गई।जिसमें सवार एक व्यक्ति की मौत हो गई और करीब 25 से 30 घायलों को सेक्टर 6 हॉस्पिटल में उपचार के लिए लाया गया। जिनमें करीब दर्जन भर घायलों को चंडीगढ़ सेक्टर 32 हॉस्पिटल और चंडीगढ़ पीजीआई रेफर किए गए है। सूचना मिलने पर उपायुक्त पंचकूला सतपाल शर्मा और पुलिस उपायुक्त सृष्टि गुप्त व सेक्टर 21पुलिस चौंकी दीदार सिंह मरीजों का हाल जानने सेक्टर 6 के हॉस्पिटल पहुंचे। बताया जा रहा है। मनसा देवी मंदिर से दर्शन करके सभी श्रद्धालु जीरकपुर के प्रभात गांव अपने घर जा रहे थे। और जैसे ही पुराने पंचकूला से आगे गाड़ी मोड़ते वक्त मोहिंदरा पिकअप अनियंत्रित होकर पलट गई। डॉक्टर मनीदर ने बताया कि घायलों के नाम जिनमें एक बिना नाम व्यक्ति 40 साल, अमित 17 साल, गौरव 11 साल को चंडीगढ़ पीजीआई रेफर किया गया। और शाम सुंदर 32 साल, विजय 20 साल, रिशु 12 साल, प्रिंस 18 साल को चंडीगढ़ के सेक्टर 32 रेफर किया गया। काजल 20 साल, रेणु देवी 20 साल, कंवर पाल 28 साल, अंकुश 15 साल, निर्दोष कुमार 45 साल, धर्मेद्र 35 साल, नीतीश 18 साल, राम कृष्ण 24 साल, अमन कुमार 9 साल, दर्शन 11 साल, शिवम 22 साल, ऋतिक सिंह 8 साल, रूम सिंह 38 साल, रेखा सिंह 40 साल, उमेश 50 साल, पिंटू 27 साल, अमृत 15 साल है जिनका इलाज सेक्टर 6 हॉस्पिटल में चल रहा है। सभी जीरकपुर के गांव प्रभात के रहने वाले बताए जा रहे है। स्थानीय समाज सेवी द्वारा चलाई जा रही एम्बुलेंस ने जायदा मरीजों को पंचकुला हॉस्पिटल पहुचाने में मदद की है।

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निगम कमिश्नर डा. आनंद शर्मा ने डांडिया नाईट कार्यक्रम में दिया स्वच्छता संदेश, जूट के बने बैग किए वितरित

रोहतक (ईशान टाइम्स )। नगर निगम आयुक्त डा0 आनंद कुमार शर्मा ने बताया कि रोहतक के ओल्ड आई.टी.आई. में स्थित मदनलाल ढींगरा कम्युनिटी सेंटर में एंकर सुकर्म जग्गा द्वारा डांडिया नाइट 2025 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में निगम आयुक्त ने स्वच्छता संदेश देने के लिए भाग लिया तथा उन्होने अपने संबोधन में कहा कि स्वच्छता किसी एक संस्था या विभाग की जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज के हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा यदि हम सब मिलकर छोटे-छोटे प्रयास करेंगे, तो रोहतक को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ शहर बनाने का सपना शीघ्र ही साकार होगा। कार्यक्रम में उपस्थित दर्शकों व प्रतिभागियों को नगर निगम द्वारा जूट से बने पर्यावरण अनुकूल बैग वितरित किए गए तथा कहा कि अब समय आ गया है कि हम सब मिलकर ‘‘प्लास्टिक को ना और जूट जैसे विकल्पों को हाँ’’ कहें। इसका उद्देश्य लोगों को प्रतिबंधित प्लास्टिक के उपयोग से हतोत्साहित करना और दैनिक जीवन में टिकाऊ विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित करना था। नगर निगम आयुक्त डा0 आनंद कुमार शर्मा ने लोगों से नगर निगम के स्वच्छता ऐप से जुड़ने का भी आह्वान किया। उन्होंने बताया कि इस ऐप के माध्यम से घर या आस-पास से सफाई से सम्बन्धित अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। कार्यक्रम में यह संकल्प भी लिया गया कि आने वाले दिनों में सभी नागरिक स्वच्छता अभियान को जन-आंदोलन बनाएंगे और अपने-अपने मोहल्लों, वार्डों व कालोनियों को स्वच्छ व प्लास्टिक मुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएँगे तथा अपने घरो/संस्थानो में डस्टबीन अवश्य रखेगें।

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