नवाचार को आगे बढ़ाने हेतु विद्यार्थियों का किया आह्वान स्वामी दयानंद के विचारों से आत्मसात कर आगे बढ़े युवा पीढ़ी रोहतक, 19 अप्रैल(संजय राय ,ईशान टाइम्स)। विद्यार्थी इन्नोवेटिव बनें, नवाचार को आगे बढ़ाएं। नवाचार से ही रोजगार का रास्ता प्रशस्त होगा। हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने यह उद्गार महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के टैगोर सभागार में आज विश्वविद्यालय के 50वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित स्वर्ण जयंती समारोह में बतौर मुख्यातिथि व्यक्त किए।राज्यपाल एवं एमडीयू के कुलाधिपति बंडारू दत्तात्रेय ने एमडीयू समुदाय को 50 वर्ष की गौरवशाली यात्रा तय करने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि स्वर्ण जयंती समारोह विश्वविद्यालय की यात्रा का एक पड़ाव है, उन्होंने एमडीयू समुदाय से विश्वविद्यालय की स्वर्णिम विरासत को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। राज्यपाल ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती के नाम पर इस विश्वविद्यालय का नाम होना गौरव की बात है, युवा पीढ़ी स्वामी दयानंद के योगदान एवं विचारों को आत्मसात कर आगे बढ़े।राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने नई शिक्षा नीति को गेम चेंजर बताते हुए तेजी से इसे आगे बढ़ाने की बात कही। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थान मातृभाषा हिन्दी में डिग्री दें, जिसका फायदा गरीब और ग्रामीण को होगा। उन्होंने एमडीयू के कार्यों और उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि आज शिक्षा, खेल, संस्कृति, देश सेवा समेत हर क्षेत्र में एमडीयू के एलुमनी बड़े ओहदों पर हैं, जो गर्व की बात है, ऐसा राज्यपाल का कहना था। उन्होंने एमडीयू कुलपति प्रो. राजबीर सिंह और विश्वविद्यालय टीम के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि एमडीयू का भविष्य सशक्त और उज्ज्वल होगा।बॉक्स :-भारत को विश्वगुरू बनाने में सबका योगदान वांछित :- शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा भारतीय संस्कृति ही कर सकती है विश्व कल्याणशिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने बतौर गेस्ट ऑफ ऑनर संबोधित करते हुए एमडीयू की 50 वर्ष की विकास यात्रा को सराहा। उन्होंने कहा कि एमडीयू को नाम ऐसे महापुरुष के नाम पर है, जिसे दुनिया को उज्ज्वल जीवन जीने की राह दिखाई। शिक्षा मंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति और भारत राष्ट्र ही विश्व कल्याण कर सकता है। इसलिए आज सारी दुनिया भारत की तरफ मार्गदर्शन के लिए देख रही है। उन्होंने 2047 तक भारत को दुनिया का सबसे ताकतवर देश बनाने का संकल्प दोहराया और इस संकल्प को पूरा करने के लिए एकजुट होकर प्रयास करने का आह्वान किया। विकसित भारत बनाने, विश्व गुरु बनाने में अपना योगदान देने की बात शिक्षा मंत्री ने कही।हरियाणा स्टेट हायर एजुकेशन काउंसिल के चेयरपर्सन कैलाश चंद्र शर्मा ने बतौर विशिष्ट अतिथि अपने संबोधन में एमडीयू को स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई देते हुए कहा की विश्वविद्यालय की यात्रा सदियों तक होती है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की सराहना करते हुए इसे उपयोगी बताया। स्थापना दिवस गौरवशाली विकास यात्रा का प्रतीक :- कुलपति प्रो. राजबीर सिंहएमडीयू कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि एमडीयू का 50वां स्थापना दिवस एक विशेष पड़ाव है जो विश्वविद्यालय की गौरवशाली विकास यात्रा का प्रतीक है, साथ ही यह भविष्य की नई संभावनाओं और रोड मैप को नए सिरे से तैयार करने का मौका भी है। उन्होंने कहा कि शोध, शिक्षा, खेल और संस्कृति के क्षेत्र में एमडीयू नित नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि एमडीयू में शिक्षा के अनुकूल वातावरण तैयार हुआ है और विद्यार्थियों की कैपेसिटी बिल्डिंग पर विशेष फोकस किया गया है। विद्यार्थियों का सोशल कनेक्ट बनाने और पढ़ाई को रुचिकर बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है। एमडीयू ने विभागों और कॉलेजों में एनईपी 2020 को लागू किया है, ऐसा कुलपति ने बताया। उन्होंने एमडीयू की विकास यात्रा में विशिष्ट योगदान देने के लिए प्रदेश सरकार का आभार जताया।डीन, एकेडमिक अफेयर्स प्रो. ए. एस. मान ने प्रारंभ में स्वागत भाषण देते हुए विश्वविद्यालय की विकास यात्रा का ब्यौरा दिया। कुलसचिव डा. कृष्णकांत ने आभार जताया। डीन, स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. रणदीप राणा ने कार्यक्रम का संयोजन किया। सीसीपीसी निदेशिका प्रो. दिव्या मल्हान ने बेहतर मंच संचालन किया। निदेशक युवा कल्याण डॉ. प्रताप राठी ने समन्वयन सहयोग दिया।इस अवसर पर भारतीय पुनर्वास परिषद की अध्यक्षा डॉ. शरणजीत कौर, सीडीएलयू, भिवानी की कुलपति डॉ. दीप्ति धर्मानी, रोहतक के मेयर राम अवतार वाल्मीकि, कुलसचिव डा. कृष्णकांत, डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. रणदीप राणा, पूर्व मेयर मनमोहन गोयल, प्रतिष्ठित उद्योगपति एवं समाजसेवी राजेश जैन, प्रतिष्ठित शिक्षाविद् डॉ. सीताराम व्यास, प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉ. आदित्य बत्रा, सुभाष आहूजा, भाजपा नेता सतीश नांदल, प्रो. आर.सी. कुहाड़, एमडीयू के डीन, विभागाध्यक्ष, शिक्षक, अधिकारी, गैर शिक्षक कर्मी, सेवानिवृत्त शिक्षक, कर्मी, एलुमनी, शोधार्थी, विद्यार्थी और शहर के गणमान्यजन उपस्थित रहे।एफडीसी कैंटीन का उद्घाटनराज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने एमडीयू के 50वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में फैकल्टी डेवलपमेंट सेंटर के नीचे नवनिर्मित कैफेटेरिया का उद्घाटन किया। राज्यपाल ने उम्मीद जताई की कैफेटेरिया में शिक्षक वैचारिक आदान-प्रदान करेंगे और नई सोच एवं विचार को यहां सृजन होगा। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, हरियाणा स्टेट हायर एजुकेशन काउंसिल के चेयरपर्सन कैलाश चंद्र शर्मा, एमडीयू कुलपति प्रो. राजबीर सिंह, डीन, एकेडमिक एफेयर्स प्रो. ए.एस.मान, भारतीय पुनर्वास परिषद की अध्यक्षा डॉ. शरणजीत कौर, सीडीएलयू, भिवानी की कुलपति डॉ. दीप्ति धर्मानी, रोहतक के मेयर राम अवतार वाल्मीकि, कुलसचिव डा. कृष्णकांत, प्रतिष्ठित उद्योगपति राजेश जैन समेत शिक्षकगण एवं शहर के गणमान्यजन उपस्थित रहे।गोल्डन जुबली लोगो, सोविनियर, एमडीयू मिरर और एलुमनाई वेबसाइट का उद्घाटनमहर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के टैगोर सभागार में आयोजित विश्वविद्यालय के 50वें स्थापना दिवस (फाउंडेशन डे) समारोह में मुख्य अतिथि राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने एमडीयू गोल्डन जुबली लोगो का उद्घाटन किया। राज्यपाल ने सोविनियर तथा एमडीयू मिरर त्रैमासिक न्यूज लेटर का भी उद्घाटन किया। उन्होंने इस अवसर पर एमडीयू की एलुमनाई वेबसाइट को भी लॉन्च किया। इस अवसर पर इस अवसर पर शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, हरियाणा स्टेट हायर एजुकेशन काउंसिल के चेयरपर्सन कैलाश चंद्र शर्मा, एमडीयू कुलपति प्रो. राजबीर सिंह, भारतीय पुनर्वास परिषद की अध्यक्षा डॉ. शरणजीत कौर, सीडीएलयू, भिवानी की कुलपति डॉ. दीप्ति धर्मानी, रोहतक के मेयर राम अवतार वाल्मीकि, कुलसचिव डा. कृष्णकांत साथ रहे।टैगोर की गैलरी में आयोजित प्रदर्शनी में दिखी एमडीयू की विकास यात्रा की झलकमहर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के टैगोर सभागार की गैलरी में विश्वविद्यालय के 50वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में एमडीयू की विकास यात्रा को रेखांकित करती प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने किया। शिक्षा मंत्री महिपाल