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AjaySinghal(IPS) Assumes Charge as Chief of Haryana State Vigilance and Anti-Corruption Bureau

Chandigarh/ Panchkula.(Sanjay Rai ),Strengthening its decisive campaign against corruption, the Haryana Government has appointed senior IPS officer of the 1992 batch, Shri Ajay Singhal, as the Chief of the State Vigilance and Anti-Corruption Bureau, Haryana. He assumed charge today at the Panchkula headquarters. Known for his honest, firm, and result-oriented working style, Shri Singhal’s appointment is expected to further reinforce the ongoing anti-corruption efforts in the state. ⸻ Firm Action Against Corruption—Ajay Singhal’s Clear Commitment Upon assuming charge, Shri Singhal stated that corruption would not be tolerated at any level in Haryana. He said that the functioning of the Vigilance Bureau would be made faster, more transparent, and more systematic to ensure swift and concrete action in cases involving bribery and irregularities. Enhancing transparency in government departments, ensuring timely response to complaints, and expediting the investigation of serious cases will be among his top priorities. ⸻ A Strong and Clear Message for Honest Administration Shri Singhal said that his aim is to create an environment where honest officers feel respected, while those involved in corruption remain in constant fear of the law. He emphasized that all Vigilance investigations will be strictly fact-based and evidence-driven, and no leniency or external pressure will be tolerated. He also stated that special focus will be kept on institutional corruption and economic offences. ⸻ Prompt Action on Public Complaints to Be Ensured The newly appointed Chief stated that public complaints will be treated with utmost priority by the Vigilance Bureau. He said that winning public trust is essential, and therefore every complaint will be handled with speed, transparency, and sensitivity to ensure concrete results in corruption-related cases. The Chief of the State Vigilance and Anti-Corruption Bureau, Haryana, has appealed to the public that if any officer or employee demands a bribe in exchange for performing any government work, they should immediately report it to the Haryana Anti-Corruption Bureau on toll-free number 1800-180-2022 or 1064.

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अजय सिंघल, IPS (1992 बैच) ने संभाली हरियाणा स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो की कमान

चंडीगढ़, पंचकूला(संजय राय)। हरियाणा सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी सख़्त मुहिम को नई दिशा देते हुए 1992 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी श्री अजय सिंघल को स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो, हरियाणा का चीफ़ नियुक्त किया है। उन्होंने आज पंचकूला मुख्यालय में पदभार ग्रहण किया। अपनी ईमानदार, सख़्त और परिणाम-केंद्रित कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले श्री सिंघल का पदभार लेना राज्य में भ्रष्टाचार-विरोधी प्रयासों को और प्रभावी बनाने वाला कदम माना जा रहा है। ⸻ भ्रष्टाचार पर सख़्त रोक—अजय सिंघल का स्पष्ट संकल्प पदभार ग्रहण करते ही श्री सिंघल ने कहा कि हरियाणा में भ्रष्टाचार को किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विजिलेंस ब्यूरो की कार्रवाई को और तेज़, निष्पक्ष और व्यवस्थित किया जाएगा, ताकि रिश्वतखोरी और अनियमितताओं के मामलों पर तुरंत और ठोस कार्रवाई हो सके। सरकारी विभागों में पारदर्शिता बढ़ाना, शिकायतों पर समयबद्ध प्रतिक्रिया देना और गंभीर मामलों की जांच को तेज़ करना उनकी पहली प्राथमिकताएँ होंगी। ⸻ ईमानदार प्रशासन के लिए सख़्त और साफ़ संदेश श्री सिंघल ने कहा कि उनका उद्देश्य ऐसा माहौल बनाना है जिसमें ईमानदार अधिकारी सम्मानित हों और भ्रष्टाचार करने वालों को कानून का डर लगातार महसूस हो। उन्होंने कहा कि विजिलेंस की जांच पूरी तरह तथ्यों और साक्ष्यों पर आधारित होगी तथा किसी भी मामले में ढिलाई या दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि संस्थागत भ्रष्टाचार और आर्थिक अपराधों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। ⸻ जनता की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित होगी नवनियुक्त चीफ़ ने बताया कि आम लोगों की शिकायतों को विजिलेंस ब्यूरो सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ लेगा। उन्होंने कहा कि जनता का भरोसा जीतना बेहद ज़रूरी है और इसलिए हर शिकायत पर तेज़, पारदर्शी और संवेदनशील कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, जिससे भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में ठोस नतीजे सामने आएँ। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, हरियाणा के प्रमुख ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी सरकारी कार्य के बदले रिश्वत की माँग करता है, तो इसकी तुरंत सूचना हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो के टोल-फ्री नंबर 1800-180-2022 या 1064 पर अवश्य दें।

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यूपी में एंटी पावर थेफ्ट पुलिस का इंस्पेक्टर ही निकला सबसे बड़ा “करंट चोर”!

उत्तर प्रदेश/बरेली, में ईमानदारी का बोलबाला है भई! योगी जी की सरकार में भ्रष्टाचार नाम की कोई चीज़ बची ही कहाँ है! हर थाने में सीसीटीवी, हर अफसर पर निगरानी, हर फाइल पर पारदर्शिता,और फिर भी, बेचारे इकबालपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक श्री.अरुण कुमार यादव साहब जी को क्या हो गया जिन्हें भ्रष्टाचार निवारण संगठन (ACB) ने उन्हें रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। अरे भाई, मात्र पाँच हज़ार रुपये! वो भी बिजली चोरी के एक मामूली से आरोपी पिता-पुत्र को जमानत दिलाने के एवज में। अब सोचिए जरा,इतने बड़े इंस्पेक्टर साहब, जिनकी वर्दी पर तारे चमकते हैं, जिनके नाम से इलाके में दहशत फैलती है, वो सिर्फ़ पाँच हज़ार में बिक गए! ये तो वही बात हुई कि शेरनी का दूध पिलाकर बड़ा किया गया शेर, अंत में चूहे के जाल में फँस जाए। साहब ने शायद सोचा होगा कि “आजकल महँगाई इतनी है, पेट्रोल सौ पार कर गया, बच्चों की फीस, बीवी की शॉपिंग,पाँच हज़ार क्या बुराई है! छोटा-मोटा सर्विस चार्ज ही तो है! लोग कहते हैं न,“रिश्वत लेना गुनाह नहीं, पकड़े जाना गुनाह है”। बेचारे यादव साहब तो पुराने ज़माने के खिलाड़ी थे। उन्हें क्या पता था कि अब ACB वाले भी ऑनलाइन हो गए हैं! शिकायत आई, जाल बिछा, दोपहर में ट्रैप सफल,बस हो गया खेल! जैसे कोई अमेज़न से सामान ऑर्डर करो और डिलीवरी टाइम पर पहुँच जाए। फर्क सिर्फ़ इतना कि यहाँ डिलीवरी लड़के की जगह हथकड़ी लेकर आई। सबसे मज़ेदार बात तो ये है कि मामला बिजली चोरी का था। यानी बिजली चुराने वालों से जमानत दिलाने के लिए खुद बिजली (करंट) ले लिया साहब ने। ऊपर से पाँच हज़ार! अरे साहब, कम से कम दस-पंद्रह तो माँग लेते। थोड़ी तौहीन तो बनती थी न अपनी कुर्सी की! अब तो लोग कह रहे हैं,“भईया, बरेली में अब जमानत का रेट क्रैश हो गया, पहले लाखों में बात होती थी, अब पाँच हज़ार में काम तमाम!”योगी जी ने साफ़ कहा है,“भ्रष्टाचार नहीं चलेगा”। बिलकुल सही कहा। अब तो भ्रष्टाचार भी डर के मारे रिटायरमेंट लेने लगा है। एक-एक करके सारे पुराने खिलाड़ी पकड़े जा रहे हैं। नया नियम है,या तो ईमानदार बन जाओ, या ACB की मेहमाननवाजी के लिए तैयार रहो। तो अगली बार जब कोई थानेदार आपसे “कुछ चाय-पानी” माँगे, तो मुस्कुराकर कह देना,“साहब, चाय-पानी तो ठीक है, पर ACB को भी तो कुछ चाहिए न!” वरना पाँच हज़ार में आपकी जमानत भी हो जाएगी और साहब की नौकरी भी।ईमानदारी जिंदाबाद! ACB जिंदाबाद! और वो पाँच हज़ार… वो तो अब सरकारी खाते में जमा हो गए होंगे,टैक्स फ्री!

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40 खबरें देश दुनिया की एक साथ

(ईशान टाइम्स ग्रुप) रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4 दिसंबर को भारत दौरे परनई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4 दिसंबर को वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत के दौरे पर आ रहे हैं। यह दौरा दो दिन का रहने वाला है। पुतिन के दौरे को लेकर सुरक्षा तैयारियों को काफी कड़ा और सघन किया गया है। सुरक्षा का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि भले ही पुतिन 4 दिसंबर को भारत पहुंचेंगे, लेकिन रूसी सुरक्षा एजेंसी की टीम पहले ही भारत में मौजूद है। अधिकारियों ने बताया कि दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को विशेष रूप से सुनिश्चित किया जाएगा। @@@@@@ आईपीएल 2026 मिनी-ऑक्शन में 45 खिलाड़ी दो करोड़ रुपये वर्ग में कराया रजिस्ट्रेशननई दिल्ली। आईपीएल 2026 के मिनी-ऑक्शन के लिए कुल 1,355 खिलाड़ियों ने लंबी सूची में अपना नाम दर्ज कराया है। यह सूची फ्रेंचाइजियों के साथ साझा की गई है और रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख 30 नवंबर रखी गई है। अब फ्रेंचाइजियां इन खिलाड़ियों में से प्रमुख नामों पर सहमति जताएंगी और इसके बाद ऑक्शन के लिए खिलाड़ियों की फाइनल लिस्ट तैयार की जाएगी। इन 1,355 रजिस्टर्ड खिलाड़ियों में से 45 खिलाड़ियों ने सबसे ऊंची श्रेणी, यानी दो करोड़ रुपये वाले वर्ग में रजिस्ट्रेशन कराया है। हालांकि पूर्व ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ग्लेन मैक्सवेल का नाम इस सूची में नहीं है, यानी वह ऑक्शन में शामिल नहीं होंगे। प्रत्येक फ्रेंचाइजी अधिकतम 25 खिलाड़ियों का स्क्वॉड बना सकती है। इस आधार पर ऑक्शन में कुल 77 स्लॉट भरे जाने हैं, जिनमें से 31 स्लॉट विदेशी खिलाड़ियों के लिए आरक्षित हैं। इंदिरा गांधी एयरपोर्ट यूनिट ने नकली फ्रेंच D टाइप वीजा नेटवर्क का किया भंडाफोड़नई दिल्ली। इंदिरा गांधी एयरपोर्ट यूनिट ने एक इंटरस्टेट नकली वीज़ा नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जो भारतीय नौकरी के उम्मीदवारों के लिए फ्रांस का नकली D टाइप वीजा उपलब्ध कराता था। इस कार्रवाई में तमिलनाडु के नमक्कल के एजेंट वी. कन्नन वडामलाई (55) को तमिलनाडु में गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने बताया कि गिरफ़्तार किए गए एजेंट के माध्यम से कई भारतीय युवाओं को फ्रांस जाने के लिए नकली वीज़ा मुहैया कराए जा रहे थे। मामले की जांच और आरोपी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए एयरपोर्ट यूनिट और संबंधित राज्य पुलिस मिलकर आगे की कार्रवाई कर रही है। यू-ट्यूबर शादाब जकाती के वायरल वीडियो पर व्यापारी नेता ने सीएम पोर्टल पर की शिकायतचर्चित यू-ट्यूबर शादाब जकाती अपने वीडियो दो घूंट पिला दे साकिया को लेकर विवादों में फंसते नजर आ रहे हैं। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब एक व्यापारी नेता ने इस पर आपत्ति जताई है। व्यापारी नेता ने सीएम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर शादाब जकाती के खिलाफ कार्रवाई और केस दर्ज करने की मांग की है। अभी तक शादाब की ओर से इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वीडियो वायरल होने और शिकायत दर्ज होने के बाद सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है। जल्द अलीगढ़ एयरपोर्ट से खेरेश्वर धाम तक दौड़ेगी मेट्रो रेलअलीगढ़ में मेट्रो रेल परियोजना को गति देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा अलीगढ़ विकास प्राधिकरण (एडीए) से मांगे गए व्यवहारिकता प्रमाणपत्र के जवाब में प्राधिकरण ने अपनी अनापत्ति दे दी है। एडीए ने प्रारंभिक सर्वे रिपोर्ट के साथ शासन को यह विवरण भेजा है, जिसमें अलीगढ़ में मेट्रो को पब्लिक ट्रांसपोर्ट के रूप में सफल बनाने की मजबूत संभावनाएं बताई गई हैं। विवरण में भविष्य की जरूरतों और शहर में यातायात प्रबंधन की दिशा भी रेखांकित की गई है। मेट्रो के लिए प्रस्तावित रूट लगभग 50 किलोमीटर का है, जिसमें दो मुख्य गलियारे शामिल किए जा सकते हैं। मुख्य रूट अलीगढ़ एयरपोर्ट से लेकर खेरेश्वर धाम तक प्रस्तावित किया गया है। शासन ने इस रूट को भी मंजूरी दे दी है, जिससे शहर में आधुनिक और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होने की संभावना है। संसद को चुनावी हताशा निकालने का मंच न बनाएं: प्रधानमंत्रीनई दिल्ली। संसद के शीत सत्र की शुरुआत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान कांग्रेस का नाम लिए बिना विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हाल के समय में संसद का इस्तेमाल चुनावों की तैयारी करने या चुनावी हार की हताशा निकालने के लिए किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। पीएम मोदी ने उम्मीद जताई कि शीत सत्र राष्ट्रहित के महत्व वाले मुद्दों पर सार्थक और सकारात्मक चर्चा का मंच बनेगा। उन्होंने सभी दलों से रचनात्मक सहयोग की अपील भी की। हैदराबाद मेट्रो ने ट्रांसजेंडर सुरक्षा कर्मियों को सौंपी कमानहैदराबाद मेट्रो रेल लिमिटेड ने एक अनूठी पहल करते हुए 20 ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को सुरक्षा कर्मियों के रूप में मेट्रो स्टेशनों पर तैनात किया है। इस कदम का उद्देश्य ट्रांसजेंडर समुदाय को सशक्त बनाना और उन्हें समाज में स्वीकृति दिलाना बताया जा रहा है। इन सुरक्षा कर्मियों को मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा जांच, यात्रियों की सहायता और स्टेशन संचालन जैसे महत्वपूर्ण कार्य सौंपे गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह पहल न केवल ट्रांसजेंडर समुदाय को रोजगार के अवसर देगी, बल्कि समाज में उनके प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को भी बढ़ावा देगी। योगी सरकार की कैबिनेट बैठक आज, 20 प्रस्तावों पर लगेगी मुहरलखनऊ। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज कैबिनेट बैठक होने जा रही है। बैठक में लगभग 20 प्रस्तावों पर मुहर लगने की संभावना है। अधिकारियों के अनुसार, बैठक में लिए गए निर्णयों से दो जिलों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा सरकार राज्य के विकास को गति देने के लिए कुछ नई योजनाओं को भी मंजूरी दे सकती है। कैबिनेट बैठक के परिणाम राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं और प्रशासनिक सुधारों को प्रभावित कर सकते हैं। यूपी सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में एक लाख करोड़ रुपये का करेगी निवेश करेगीलखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए एक लाख करोड़ रुपये का बड़ा निवेश करने जा रही है। इस योजना के तहत अस्पतालों का आधुनिकीकरण, चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता बढ़ाना और स्वास्थ्य कर्मियों का प्रशिक्षण शामिल है। सरकार का विशेष ध्यान ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य केंद्रों और

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उत्तरप्रदेश में कानून व्यवस्था में हो रहा बदलाव

यूपी में योगी ने खींची तलवार ! DG से लेकर आरक्षी तक सबकी कुर्सी हिली, अब कोई “सेटिंग” नहीं चलेगी ! उत्तर प्रदेश पुलिस के इतिहास में 2 दिसंबर 2025 का दिन एक महत्वपूर्ण मोड़ बन गया है। 1994 बैच के तेज-तर्रार IPS अधिकारी सुजीत पांडेय को सीधे ADG से डायरेक्टर जनरल (DG) के पद पर प्रोन्नत कर दिया गया है। यह सिर्फ एक पदोन्नति नहीं, बल्कि प्रदेश पुलिस के शीर्ष नेतृत्व में अनुभव और कुशलता की जीत है। साथ ही लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट (खासकर पूर्वी जोन) में निरीक्षक, उप-निरीक्षक से लेकर आरक्षी स्तर तक सैकड़ों पुलिसकर्मियों के बड़े पैमाने पर तबादले कर दिए गए हैं।ये दोनों घटनाएँ अलग-अलग नहीं, एक ही रणनीति के दो हिस्से हैं , पुलिस महकमे को चुस्त-दुरुस्त बनाने और जवाबदेही तय करने की। सुजीत पांडेय कोई अजनबी नाम नहीं हैं। लखनऊ के पहले पुलिस कमिश्नर रह चुके इस अधिकारी ने कमिश्नरेट सिस्टम को जमीन पर उतारा था। उनके कार्यकाल में डायल-112 की प्रभावी मॉनिटरिंग, ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार, गैंगस्टरों पर सख्ती और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े कई कदम याद किए जाते हैं। अब DG बनने के बाद उनके कंधों पर पूरे प्रदेश की कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी होगी। यह प्रोन्नति बताती है कि योगी सरकार पुलिस नेतृत्व में “परफॉर्मेंस” को तरजीह दे रही है, न कि सिर्फ सीनियरिटी को। लखनऊ राजधानी है, यहाँ की लॉ एंड ऑर्डर पूरे देश की नजर में रहती है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में कई थानों में एक ही इंस्पेक्टर-दारोगा-आरक्षी वर्षों से जमे हुए थे। इसका नतीजा! स्थानीय अपराधियों-रेत माफिया-शराब माफिया से साँठ-गाँठ के आरोप! शिकायतों का निस्तारण में देरी! गश्त और पेट्रोलिंग में लापरवाही! ट्रैफिक पुलिस की मनमानी! इन सबको खत्म करने के लिए बड़े पैमाने पर रोटेशन जरूरी था। अब नए चेहरे नए थानों में आएँगे, नई ऊर्जा आएगी, पुरानी गठजोड़ टूटेंगी। पीएसी बटालियनों में भी फेरबदल हुआ है, जिससे बल की तैनाती ज्यादा रणनीतिक होगी। ये तबादले और सुजीत पांडेय की ताजपोशी दो संदेश दे रहे हैं,1. मेरिट और परफॉर्मेंस को अब तरजीह मिलेगी, 2. लंबे समय तक एक जगह जमे रहने की “आराम की कुर्सी” खत्म होगी। जो पुलिसकर्मी जनता की सेवा करेंगे, अपराधियों पर सख्ती दिखाएँगे, उन्हें सम्मान और तरक्की मिलेगी। जो सुस्ती दिखाएँगे, उनके लिए सजा के रूप में ट्रांसफर या फिर कुछ और इंतजार कर रहा है। थानों में अब पुराने “चहेते” नहीं, नए और सक्रिय अफसर मिलेंगे! गश्त बढ़ेगी, रात में भी पुलिस की गाड़ियाँ दिखेंगी! महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों की सुरक्षा पर विशेष फोकस! अपराधियों के हौसले टूटेंगे क्योंकि अब उनके “अपने” थानों में नहीं रहेंगे! यह बदलाव एक दिन में चमत्कार नहीं करेगा, लेकिन दिशा सही है। योगी सरकार ने साफ संदेश दे दिया है – उत्तर प्रदेश पुलिस अब सिर्फ “संख्या बल” नहीं, “कुशल और जवाबदेह बल” बनेगी। सुजीत पांडेय जैसे अनुभवी और सख्त अधिकारी के नेतृत्व में यूपी पुलिस के स्वर्णिम दिनों की वापसी की उम्मीद जग गई है। अब देखना यह है कि यह नई शुरुआत कितनी जल्दी रंग दिखाती है।लखनऊ की सड़कों पर अब नई नीली वर्दी में नई ऊर्जा दिखेगी। जनता का भरोसा लौटेगा, यही सबसे बड़ी जीत होगी। – इंद्र यादव , ईशान टाइम्स

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नए श्रम कानून: बदलती कार्य-संस्कृति और उभरती आर्थिक गति का नया दौर

संजय राय, भारत में लंबे समय से चर्चा में रहे श्रम सुधार अब 21 नवंबर से वास्तविक रूप ले चुके हैं। केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई चार नयी श्रम संहिताएँ—मजदूरी संहिता, औद्योगिक संबंध संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता और व्यावसायिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य संहिता—देश के श्रमिक वर्ग तथा औद्योगिक क्षेत्र दोनों के लिए कामकाजी ढाँचे का एक बिल्कुल नया खाका तैयार करती हैं। स्वतंत्रता के बाद पहली बार ऐसा व्यापक संशोधन हुआ है, जो श्रमिक सुरक्षा, उद्यम की सरलता और रोजगार सृजन—इन तीनों को एक साथ जोड़ता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन सुधारों को “आज़ादी के बाद सबसे बड़े श्रमिक-केन्द्रित बदलाव” बताते हुए कहा है कि ये संहिताएँ आने वाले दशकों की कार्य-संस्कृति को नए मानक देंगी। अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) और अंतरराष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा संघ भी इन कानूनों को भारत की एक मजबूत सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था की दिशा में ऐतिहासिक कदम बता चुके हैं। क्यों ज़रूरी थे बड़े श्रम सुधार? भारत में अधिकांश श्रम कानून आज़ादी से पहले या उसके तुरंत बाद बने थे। उस समय न उद्योगों की प्रकृति आज जैसी थी, न तकनीक, न नौकरी का ढाँचा। वैश्वीकरण और डिजिटल कामकाज के बाद दुनिया ने श्रम नीतियों में बड़ा बदलाव देखा, पर भारत पुराने ढाँचों के भार तले दबा रहा।29 अलग-अलग केंद्रीय कानून, सैकड़ों जटिल नियम और उद्योगों के लिए अनुपालन का कठिन ढाँचा—ये स्थितियाँ रोजगार विस्तार में बड़ी बाधा बनती रहीं। सुप्रीम कोर्ट भी कई बार इन कानूनों की उलझनों को दूर करने की सलाह दे चुका था। नई संहिताएँ इन सभी बिखरे नियमों को चार सरल, आधुनिक और एकीकृत ढाँचों में बदल देती हैं। नई श्रम संहिताओं से क्या बदलेगा? सभी श्रमिकों को अब नियुक्ति-पत्र अनिवार्य। न्यूनतम मजदूरी तय समय पर देने की बाध्यता। 40 वर्ष से ज्यादा आयु वाले कर्मचारियों के लिए मुफ़्त वार्षिक स्वास्थ्य जांच। गिग व प्लेटफ़ॉर्म कामगार (जैसे स्विगी, ओला, अमेज़न डिलीवरी) पहली बार राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा के दायरे में। ठेका/अस्थायी श्रमिकों को स्थायी कर्मचारियों के बराबर लाभ ग्रेच्युटी का लाभ केवल 1 वर्ष काम करने के बाद भी संभव। महिलाओं को रात की शिफ्ट में काम करने की अनुमति, सुरक्षा प्रबंधों के साथ। नई संहिताएँ उद्योगों को जटिल कागज़ी कार्रवाई से मुक्त करती हैं। एकल पंजीकरण, एकल रिटर्न और कई पुराने फार्मों के स्थान पर सरल डिजिटल प्रक्रिया। विवाद समाधान तंत्र अधिक तेज़ और पारदर्शी। बड़े उद्योगों के लिए क्षमता विस्तार अब पहले से ज्यादा आसान। आर्थिक प्रभाव: कितने रोजगार और कितनी रफ्तार? उल्लेखनीय है कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की हालिया रिपोर्ट का अनुमान है कि इन कानूनों के लागू होने के बाद मध्यम अवधि में लगभग 77 लाख नयी नौकरियाँ भारत में पैदा हो सकती हैं। आज देश का औपचारिक कार्यबल लगभग 60 प्रतिशत के आसपास अनुमानित है। नई संहिताएँ इसे 75 प्रतिशत से ऊपर ले जा सकती हैं। भारत में 44 करोड़ से अधिक लोग असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं। इनमें से लगभग 31 करोड़ ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत हैं। यदि इनका सिर्फ एक-पाँचवां हिस्सा भी औपचारिक क्षेत्र में आ जाता है, तो लगभग 10 करोड़ श्रमिक नियमित लाभ, बीमा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ सकेंगे। इससे— खपत बढ़ेगी घरेलू बचत मजबूत होगी उत्पादन में स्थिरता आएगी जो विकास दर को गति दे सकता है। दुनिया से सबक और भारत का नया मार्ग सिंगापुर, डेनमार्क, वियतनाम, न्यूज़ीलैंड जैसे देशों ने श्रम कानूनों को सरल बनाकर तेज़ औद्योगीकरण वैश्विक निवेश रोजगार वृद्धि हासिल की है। भारत अब उसी दिशा में कदम बढ़ा रहा है। यह बदलाव केवल तत्काल लाभ नहीं देगा, बल्कि भारत को वैश्विक उत्पादन केंद्र (मैन्युफैक्चरिंग हब) बनाने की नींव भी रखेगा। सुधारों की राह में चुनौतियाँ भी नई संहिताओं को सफल बनाने के लिए— केंद्र और राज्यों के बीच तालमेल डिजिटल अनुपालन की बेहतर प्रणाली असंगठित क्षेत्र में व्यापक जागरूकता श्रमिक संगठनों और उद्योगों के बीच सहयोग आवश्यक होगा। कार्यान्वयन जितना मजबूत होगा, लाभ उतने व्यापक होंगे। आगे का रास्ता: क्या होगा प्रभाव? नई श्रम संहिताएँ कई नई संभावनाओं की नींव रखती हैं— अधिक उत्पादक और सुरक्षित श्रमबल तेज़ और लचीला उद्योग ढाँचा सामाजिक सुरक्षा का विस्तार रोजगार के अधिक अवसर वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत की स्थिति मजबूत जैसे इनकम टैक्स और जीएसटी सुधारों ने अर्थव्यवस्था में नई गतिशीलता पैदा की थी, वैसे ही ये श्रम सुधार आने वाले वर्षों में भारत को 2027 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को भी बल देंगे।

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तस्कर काँपते हैं, माफिया थर-थर काँपता है ! मुंबई कस्टम्स के इस ‘यमदूत’ को मिला भारत गौरव सम्मान 2025 !

इंद्र यादव (ईशान टाइम्स) भारत/हैदराबाद में 28 नवंबर 2025 को आयोजित ‘भारत गौरव सम्मान 2025’ समारोह में जब मुंबई के वरिष्ठ भारतीय राजस्व सेवा (IRS) अधिकारी एवं कमिश्नर डॉ. कुंदन यादव को मंच पर बुलाया गया, तो तालियों की गड़गड़ाहट ने साफ बता दिया कि यह सम्मान केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उस संपूर्ण मूल्य-व्यवस्था का सम्मान है जिसे वे अपने जीवन में जीते हैं। डॉ. यादव सिर्फ एक ईमानदार और सख्त अफसर नहीं हैं। वे एक ऐसे दुर्लभ अधिकारी हैं जिन्होंने सरकारी दायित्वों के साथ-साथ भारतीय संस्कृति के संरक्षण, शिक्षा के प्रसार और समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान को भी अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाया है।तस्करी के खिलाफ जंग और स्वच्छ चुनाव, दोहरी जिम्मेदारी! मुंबई कस्टम्स में कमिश्नर के रूप में डॉ. यादव ने सोने, नशीले पदार्थों और विदेशी मुद्रा की तस्करी के खिलाफ अभूतपूर्व कार्रवाइयाँ की हैं। करोड़ों-अरबों की अवैध संपत्ति जब्त करने से लेकर अंतरराष्ट्रीय तस्कर गिरोहों को नेस्तनाबूद करने तक उनकी भूमिका को वित्त मंत्रालय से लेकर गृह मंत्रालय तक सराहा गया है। पर इससे भी बड़ी उनकी भूमिका रही है चुनाव आयोग के कड़े पर्यवेक्षक (Observer) के रूप में। कई राज्यों के विधानसभा एवं लोकसभा चुनावों में उन्होंने पैसे और शराब के दम पर होने वाली खरीद-फरोख्त को रोकने में निर्णायक भूमिका निभाई। नतीजा यह हुआ कि उनके क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत बढ़ा और मतदाताओं का विश्वास लोकतंत्र पर लौटा। विदेश में हिंदी और भारतीय संस्कृति का दूत ,अमेरिका के इलिनॉय विश्वविद्यालय, शिकागो में फुलब्राइट स्कॉलर के रूप में डॉ. यादव ने हिंदी साहित्य और भारतीय दर्शन पढ़ाया। सैकड़ों अमेरिकी छात्रों ने पहली बार कबीर, तुलसी, प्रेमचंद और गांधी को उनकी क्लास में जाना। आज भी वे उन छात्रों के साथ लगातार संपर्क में हैं और भारत की सॉफ्ट पावर को बढ़ाने में योगदान दे रहे हैं। डॉ. कुंदन यादव के समाजसेवा की बात करे तो ! चुपचाप, लेकिन गहरा असर! बनारस और मुंबई में जरूरतमंद बच्चों को मुफ्त कोचिंग एवं किताबें उपलब्ध कराना, कोविड काल में सैकड़ों प्रवासी मजदूरों को राशन एवं दवाइयाँ पहुँचाना!ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण में व्यक्तिगत योगदान !महिला सशक्तीकरण के लिए कई एनजीओ के साथ मिलकर कौशल प्रशिक्षण शिविर !ये सभी कार्य वे बिना किसी प्रचार के करते रहे। उनकी मान्यता है!“सम्मान तब मिलना चाहिए जब काम पूरा हो जाए, काम के बीच में नहीं! एक संदेश युवा पीढ़ी के लिए! डॉ. कुंदन यादव बार-बार कहते हैं, “IAS-IPS-IRS बनना सिर्फ नौकरी है, बल्कि यह देश को बेहतर बनाने का अवसर है। यदि हम अपने पद का उपयोग केवल सुख-सुविधा के लिए करेंगे तो हमारा चयन व्यर्थ है। आज जब भ्रष्टाचार और स्वार्थ की खबरें आम है, तब डॉ. यादव जैसे अधिकारी यह साबित करते हैं कि सिस्टम में अभी भी ऐसे लोग हैं जो रीढ़ की हड्डी बने हुए हैं। उनका ‘भारत गौरव सम्मान 2025’ केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रप्रेम की जीत है।डॉ. यादव ने सम्मान मिलने के बाद कहा था ,“यह सम्मान मेरे अकेले का नहीं है। यह उन सभी साथियों का है जो रात-दिन बिना नाम के देश सेवा करते हैं। मैं इसे उन माँ-बाप को समर्पित करता हूँ जिन्होंने मुझे काशी की गलियों में संस्कार दिए और उन गुरुओं को जिन्होंने इलाहाबाद, BHU और JNU में मुझे सोचने का रास्ता दिखाया। ऐसे अधिकारी जब तक हमारे सिस्टम में हैं, तब तक भारत का गौरव अटल है। डॉ. कुंदन यादव सिर्फ एक नाम नहीं, एक प्रेरणा हैं , आने वाली पीढ़ियों के लिए। जय हिंद !

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सफाई मित्रों को निगम ने बकाया एरियर का तोहफा नहीं दिया: मनोज अग्रवाल

पंचकूला 27नवंबर( संजय राय ,ईशान टाइम्स)।पंचकूला नगर निगम द्वारा 2017 से सफाई मित्रों के एरियर के लगभग 9 करोड रूपए हरियाणा अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग ने दिलवाए हैं ना कि पंचकूला नगर निगम ने उन्हें कोई तोहफा दिया है ! मंत्री, मेयर आदि ने तो नकली वाहवाही लूटने की कवायद की है क्यों कि पंचकूला नगर निगम के चुनाव शीघ्र ही होने वाले हैं !यह आरोप लगाते हुए इंडियन नेशनल लोकदल के जिलाध्यक्ष शहरी पंचकूला एवं प्रदेश कोषाध्यक्ष मनोज अग्रवाल ने कहा कि सफाई मित्रों द्वारा एरियर देने की मांग को लेकर दिए गए ज्ञापनों तथा किए गए धरना प्रदर्शनों के बावजूद निगम द्वारा विभिन्न बहानों से टालमटोल की जा रही थी ! वर्ष 2017 से यानि लगभग 9 वर्ष से मामला लटकाया गया था ! आखिर हार कर सफाई मित्रों ने हरियाणा अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग में गुहार लगाई ! आयोग ने त्वरित कार्यवाही करते हुए मेयर कुलभूषण गोयल, कमिश्नर नगर निगम तथा महानिदेशक स्थानीय निकाय विभाग को 11 नवम्बर को व्यक्तिगत तौर पर पेश होकर रिपोर्ट देने को कहा ! लेकिन उपरोक्त में से कोई भी पेश नहीं हुआ ! अतिरिक्त कमिश्नर विनोद ने पेश होकर एरियर देने के लिए और समय की मांग की !मनोज अग्रवाल ने कहा कि आयोग ने पुन: आदेश जारी करते हुए मेयर, कमिश्नर, महानिदेशक को 27.11 को व्यक्तिगत तौर पर हाजिर हो कर स्थिति स्पष्ट करने तथा उसी दिन केस का निपटारा करने का पत्र जारी कर दिया ! पेश ना होने की स्थिति में अनुसूचित जाति एवं जनजाति कानून के तहत कार्यवाही कर वारंट जारी किए जाने का संकेत भी दिया !मनोज अग्रवाल ने कहा कि गिरफ्तारी के भय से अफसरों ने मात्रा आठ दिन में एरियर देने का फैसला कर दिया जबकि गरीब सफाई मित्रों का मामला नो साल से लंबित था !

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पंचकूला में ग्रीन बेल्ट पर कांग्रेस घास ,भांग एवं अन्य जंगली जड़ी बूटियों व गन्दगी की भरमार

पंचकूला, 27 नवंबर ( ईशान राय , ईशान टाइम्स): जननायक जनता पार्टी जिला पंचकूला के अध्यक्ष ओ पी सिहाग ने पंचकूला के सबसे व्यस्तम मार्ग जो चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड चौक से जीरकपुर – कालका हाई वे से मिलता है जो सेक्टर 12 एवं सेक्टर 12 ए से गुजरता है जिसकी डिवाइडिग रोड के सेक्टर 12 की तरफ की ग्रीन बेल्ट की खस्ता हालत पर रोष जताते हुए कहा कि प्रशानिक अधिकारियों की लापरवाही , अकर्मण्यता एवं ढुलमुल रवैये के कारण पंचकूला अपनी पहचान खोता जा रहा है । ओ पी सिहाग ने कहा कि लगभग दो महीने पहले उन्होंने पंचकूला मेट्रोपोलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी एवं नगर निगम पंचकूला के वरिष्ठ अधिकारियों को शहर में जगह जगह बढ़ रही गन्दगी एवं ग्रीन बेल्ट में घास एवं फूल पौधों की जगह उगी हुई कॉंग्रेस घास, भांग एवं अन्य जंगली खर-पतवार ने डेरा डाल दिया है तथा इस बारे अधिकारियों से तुरंत उचित कार्रवाई करने की मांग की थी। उन्होंने हैरान होते हुए कहा कि शहर के घघर पार सेक्टरो सहित आज भी हालात ज्यों के त्यों हैं। जजपा जिला अध्यक्ष ओ पी सिहाग ने आज सेक्टर 12 एवं सेक्टर 12ए पंचकूला के डिवाइडिग रोड पर सेक्टर 12 की तरफ ग्रीन बेल्ट का एक वीडियो जारी करते हुए प्रशासन के अधिकारियों से पुनः अनुरोध किया कि पंचकूला की सुन्दरता का ध्यान रखते हुए उन्हें कार्यवाही करनी चाहिए। उन्होंने नगर निगम पंचकूला,हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण एवं पी एम डी ए के सम्बंधित अधिकारियों से अनुरोध किया कि वो पूरे शहर में जहां जहां गन्दगी है या ग्रीन बेल्ट एवं खाली प्लॉटों में कांग्रेस घास या भांग ने क़ब्ज़ा कर रखा है तो उसको समयबद्ध तरीके से साफ़ करवाने का काम करे।

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गढ़मुक्तेश्वर में “मौत का मेकओवर”! जब लाश भी बन गई “मेड इन चाइना”!

मरा हुआ था, फिर भी ज़िन्दा बच गया! उत्तर प्रदेश का नया विश्व रिकॉर्ड”! गढ़मुक्तेश्वर(उत्तर प्रदेश) इंद्र यादव ,ईशान टाइम्स ।उत्तरप्रदेश तो पहले से ही विश्व रिकॉर्ड धारक था , सबसे ज्यादा मुख्यमंत्री, सबसे ज्यादा बिजली चोरी, सबसे ज्यादा गोबर ,लेकिन अब एक और कीर्तिमान जोड़ लिया ,दुनिया का पहला ऐसा अंतिम संस्कार जहाँ मुर्दा खुद जलने से बचकर निकल गया। बधाई हो हमें! मंगलवार को गढ़मुक्तेश्वर के घाट पर दो होनहार युवा एक कार में “शव” लेकर पहुँचे। कार का डिग्गी खोला, कंधा दिया, लकड़ी सजाई, अगरबत्ती जलाने ही वाले थे कि एक सजग नागरिक को शक हुआ। भाईसाहब ने कफनखी से देखा – कफन के नीचे से प्लास्टिक की चमक दिख रही थी। कफन हटाया तो सामने था एकदम ताज़ा-ताज़ा प्लास्टिक का पुतला, जो शायद अलीएक्सप्रेस से “डेड बॉडी रिप्लिका – फ्री शिपिंग” पर मंगाया गया था। लोगों ने तुरंत दोनों कलाकारों को दबोच लिया। पुलिस आई। पूछताछ शुरू हुई। अब सवाल ये है कि ये दोनों महानुभाव आखिर करना क्या चाहते थे। तीन संभावनाएँ सबसे मज़बूत चल रही हैं । बीमा घोटाला, प्रीमियम वर्ज़न,किसी रिश्तेदार को ज़िंदा रखो, पुतला जला दो, बीमा कंपनी को बिल्कुल हाई-डेफिनिशन में रोते हुए फोटो भेज दो। कंपनी वाले तो वैसे भी पोस्टमार्टम नहीं करवाते, बस फोटो देखकर पैसे ट्रांसफर कर देते हैं। नया बिज़ , “प्लास्टिक की लाश, असली मुनाफा।”कोई गैंगस्टर भागा हुआ है, पुलिस तलाश कर रही है। तो उसका पुतला जला दो, ढोल नगाड़े बजाओ, अंतिम संस्कार कर दो। अगले दिन अखबार में हेडलाइन , “कुख्यात गुंडा अग्नि को समाहित।” गुंडा हँसते हुए दुबई में बिरयानी खा रहा होता है। शायद ये दोनों स्टार्टअप वाले थे। नाम सोच लिया था , “अन्तिमयात्राडॉटकाम”। स्लोगन ,“अब अपने दुश्मन को भी ज़िंदा जलाए बिना जेल गए।” सर्विस पैकेज , बेसिक : सिर्फ पुतला – ₹8,999 , प्रीमियम : पुतला + कफन + रोने वाली औरतें – ₹24,999, अल्ट्रा प्रीमियम : पुतला + फेक पोस्टमार्टम रिपोर्ट + अखबार में विज्ञापन , ₹99,999- पुलिस अब पूछ रही है ,“पुतला कहाँ से लाये।जवाब मिला , “सर, लोकल मार्केट से। वहाँ लिखा था , ‘ह्यूमन लाइक फिगर, बहुत रियलिस्टिक, शादी-ब्याह और अंतिम संस्कार दोनों के लिए परफेक्ट’।अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि अगर ये पुतला सच में जल जाता तो क्या होता।गंगा मैया को पहली बार प्लास्टिक प्रदूषण नहीं, प्लास्टिक मुर्दा प्रदूषण झेलना पड़ता। मछलियाँ खातीं, हम खाते, फिर हम भी प्लास्टिक बन जाते। पूरी मानवजाति अमर हो जाती – क्योंकि प्लास्टिक तो सड़ता नहीं। फिर भी, हमारे दोनों नवोदित कलाकारों को सलाम। कम से कम उन्होंने साबित कर दिया कि इस देश में “मेक इन इंडिया” नहीं, “फेक इन इंडिया” ज़्यादा चल रहा है।पुतला जलाने से पहले पुलिस पकड़ ले, वरना आज गढ़मुक्तेश्वर में अंतिम संस्कार होता एक ऐसे शव का जिसने कभी जन्म ही नहीं लिया था। सचमुच, हमारा देश अद्भुत है , यहाँ मरने के लिए भी ओरिजनल होना पड़ता है, नकली चलता नहीं। जय हो प्लास्टिक मुक्त भारत की… नहीं-नहीं, प्लास्टिक मुर्दा मुक्त भारत की!

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