नवी मुंबई में राशन माफिया पर बड़ी कार्रवाई: 4.69 लाख का अवैध खाद्यान्न बरामद, ट्रक सहित जप्त ! गरीब का गेहूँ, अमीर का बिरयानी चावल !

मुंबई/नवी मुंबई के महापे में कल रात को ऐसा धमाका हुआ कि लग रहा था कोई बॉलीवुड मूवी की शूटिंग चल रही है , हीरो पुलिस, विलेन राशन माफिया, और बैकग्राउंड में बज रहा गाना “ये देश है वीर जवानों का… और राशन चोर व्यापारियों का।” मेसर्स सिमोज एंटरप्राइजेस नाम की मिल में छापा पड़ा तो मालिक साहब शायद सोच रहे होंगे , “अरे यार, आज तो हम सिर्फ़ गरीबों का हक मारकर अपना हक बना रहे थे, पुलिस को क्या तकलीफ़ हो गई!” पुलिस ने देखा तो वहाँ टाटा इंट्रा ट्रक खड़ा था, जैसे कोई ईमानदार टैक्सी वाला लाइन में लगा हो। अंदर! पूरा ट्रक गेहूँ-चावल से भरा हुआ। मतलब साहब लोग गरीबों का राशन लेकर बिरयानी बनाने की तैयारी कर रहे थे!
3520 किलो खाद्यान्न + एक ट्रक = कुल कीमत 4 लाख 69 हज़ार 213 रुपये। अब ये 213 रुपये अलग से क्यों जोड़े गए, ये तो वही बता सकते हैं जिन्होंने हिसाब किया। शायद वो बोरे में चिपके आखिरी तीन दाने भी तौल लिए होंगे, सरकारी ईमानदारी जो ठहरी!अधिकारी महोदय तो बड़म-बम हुए जा रहे हैं।
मा. श्री चंद्रकांत डांगे साहब (भा.प्र.से.) ने शायद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा होगा, “हमने गरीबों का हक बचाया है।” अरे सर, आपने तो सिर्फ़ 3520 किलो बचाया, बाकी 35,20,000 किलो कहाँ जा रहा है रोज़, उसकी भी कोई जाँच कर लो ना! वरना अगली बार ये माफिया वाला ट्रक नहीं, कंटेनर लेकर आएगा, फिर आपकी गाड़ी छोटी पड़ जाएगी।सबसे मज़े की बात , ये जो राशन था ना, वो गरीबों को 2-3 रुपये किलो मिलना था। इन्होंने 30-40 रुपये किलो में बेचने की तैयारी कर रखी थी। यानी सीधा-सीधा 10-15 गुना मुनाफ़ा। भाई, शेयर मार्केट भी शर्मा जाए इतना रिटर्न देखकर!अब अगला प्लान क्या होगा। जो ट्रक पकड़ा है ना, उसपे लिख देंगे ,“गरीब का राशन, गरीब तक” और उसे हर राशन दुकान के बाहर खड़ा कर देंगे। जो दुकानदार फिर भी कालाबाजार करे, उसकी दुकान में यही ट्रक घुसा देंगे। फिर देखते हैं कौन हिम्मत करता है!फिलहाल तो बस यही कहूँगा ज़जय जवान, जय किसान, जय शिधावाटप अधिकारी… और बाकी सबको सावधान! अबकी बार अगर राशन चोरी करते पकड़े गए, तो सीधा जेल नहीं, सीधा “राशन वितरण केंद्र” में ड्यूटी लगा दी जाएगी, खुद 2 रुपये किलो बाँटते फिरना, 5 साल तक।बस इतना ही। बाकी आप अपना राशन कार्ड संभाल के रखिए, वरना कोई सिमोज एंटरप्राइजेस वाला आकर कहेगा, “भाईसाब, आपका गेहूँ हमारी बिरयानी में बहुत अच्छा लगेगा!
-Indra Yadav / Ishan Times Group


