नई दिल्ली, 9 अक्टूबर 2025(ईशान टाइम्स)
दिल्ली के वरिष्ठ पत्रकार और हिंदुस्तान टाइम्स के पूर्व वरिष्ठ सदस्य समीर पाल का 90 वर्ष की आयु में आज निधन हो गया। वे लंबे समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे। उनके निधन से दिल्ली-एनसीआर के पत्रकारिता जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
समीर पाल न केवल एक सधे हुए पत्रकार थे बल्कि उन्होंने पत्रकारिता को नई पीढ़ी तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई। अंग्रेज़ी में परास्नातक डिग्री प्राप्त करने के बाद उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शिक्षक के रूप में की थी, लेकिन जल्द ही उन्होंने पत्रकारिता को जीवन का उद्देश्य बना लिया। हिंदुस्तान टाइम्स में कई दशकों तक सेवा देने के दौरान उन्होंने अपने लेखन और संपादकीय दृष्टिकोण से पत्रकारिता के उच्च मानक स्थापित किए।
वे National Union of Journalists (India) [NUJ-I] के संस्थापक सदस्यों में से एक थे और हमेशा नैतिक पत्रकारिता के हिमायती रहे। समीर पाल अपने सहयोगियों के बीच एक अनुशासित, संवेदनशील और प्रेरणादायक व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते थे। पत्रकारिता जगत में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।
उनकी पत्नी, जो Indian Council for Cultural Relations (ICCR) में वरिष्ठ अधिकारी थीं, पहले ही उनका साथ छोड़ चुकी हैं। समीर पाल अपने पीछे एक पुत्र, परिवारजन और प्रियजनों को छोड़ गए हैं।
राष्ट्रीय पत्रकार संघ (NUJ-I) ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। संघ ने उन्हें “नैतिक पत्रकारिता के पथ प्रदर्शक और संगठन के प्रेरक स्तंभ” के रूप में श्रद्धांजलि दी है।
NUJ-I के राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने अपने शोक संदेश में कहा, “समीर पाल का निधन न केवल NUJ-I परिवार के लिए बल्कि संपूर्ण मीडिया जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने पत्रकारिता में सत्य, सादगी और नैतिकता को सर्वोपरि रखा। उनके मार्गदर्शन और विचार हमें हमेशा प्रेरित करते रहेंगे।”
संघ की ओर से शिवाजी सरकार (अध्यक्ष), उप्पला लक्ष्मण (राष्ट्रीय सलाहकार),संजय राय (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष) ,धर्मपाल धनखड़ (सचिव)और रवि मीनाक्षी सुंदरम (महासचिव) सहित सभी पदाधिकारियों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है। “ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे और परिवार को इस दुख की घड़ी में शक्ति दे। समीर पाल (1935–2025) — एक शिक्षक, एक पत्रकार, एक मार्गदर्शक, और सच्चे अर्थों में पत्रकारिता के कर्मयोगी थे




