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17 अक्टूबर को सरकार के एक वर्ष पूरे होने पर सोनीपत में आयोजित होने वाले विशेष कार्यक्रम में शामिल होंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रदेशवासियों को करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित हुई कैबिनेट की अनौपचारिक बैठक हरियाणा सरकार की एक वर्ष की उपलब्धियों और विकास कार्यों पर हुई विस्तृत चर्चा चंडीगढ़, 4 अक्टूबर(संजय राय),हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज राज्य कैबिनेट की अनौपचारिक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश सरकार की एक वर्ष की उपलब्धियों, विकास कार्यों, और विभिन्न प्रशासनिक मुद्दों पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया। यह बैठक सेवा पखवाड़े के सफल समापन के उपरांत आयोजित हुई, जिसमें कैबिनेट सदस्यों ने न केवल प्रदेश की प्रगति का मूल्यांकन किया बल्कि आगामी योजनाओं और विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर भी चर्चा की। बैठक में हरियाणा सरकार के गठन के एक वर्ष पूरे होने के अवसर पर 17 अक्टूबर को सोनीपत में आयोजित होने वाले राज्यस्तरीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन को लेकर विशेष चर्चा हुई। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोनीपत में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे और इस अवसर पर प्रदेशवासियों को करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात प्रदान करेंगे। यह कार्यक्रम वर्तमान सरकार की उपलब्धियों और विकास पहलों सहित जनता के समर्थन को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर होगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गत वर्ष अक्टूबर में हरियाणा की जनता ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार को लगातार तीसरी बार मजबूत जनादेश से चुना था। अब जब सरकार का एक वर्ष पूरा हो रहा है, इस उपलब्धि को विशेष रूप से मनाने के लिए सोनीपत में 17 अक्टूबर को आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि होंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री द्वारा प्रदेश की जनता के लिए विकास की नई योजनाओं और परियोजनाओं की सौगात दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हरियाणा प्रदेश के प्रति विशेष लगाव रहा है। पिछले एक वर्ष में उन्होंने प्रदेश में दो बार आकर विकास कार्यों को नई दिशा दी है। 8 दिसंबर 2024 को पानीपत में उन्होंने “बीमा सखी योजना” का शुभारंभ किया, वहीं 14 अप्रैल 2025 को बाबा भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर हिसार से हरियाणा के पहले महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट से अयोध्या के लिए पहली फ्लाइट रवाना की। उसी दिन यमुनानगर में 7 हजार करोड़ रुपये की लागत से बन रही 800 मेगावाट की थर्मल प्लांट की नई इकाई का शिलान्यास भी किया गया। इन परियोजनाओं ने प्रदेश के विकास को नई गति प्रदान की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब एक बार फिर प्रधानमंत्री के आगमन से हरियाणा में चल रहे नॉनस्टॉप विकास कार्यों को और तेजी मिलेगी। बैठक में कैबिनेट मंत्री अनिल विज, कृष्णलाल पंवार, डॉ अरविंद शर्मा, श्याम सिंह राणा, रणबीर गंगवा, कृष्ण बेदी और कुमारी आरती सिंह राव सहित अन्य मंत्रिगण भी उपस्थित रहे।

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तीन नए कानूनों से देश की न्याय प्रणाली हुई सशक्त, आमजन को मिल रहा त्वरित न्याय – मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

हरियाणा में तीन नए आपराधिक कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन, दोष सिद्धि दर पहुँची 82.6% – मुख्यमंत्री ऑनलाइन एफआईआर से लेकर ई-साक्ष्य तक, हरियाणा पुलिस बन रही देश के लिए आदर्श केंद्र सरकार के हर सुधार को तत्परता से लागू करेगा हरियाणा – मुख्यमंत्री चंडीगढ़, 3 अक्टूबर -(संजय राय) हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि तीन नए आपराधिक कानूनों के लागू होने से भारत की न्याय प्रणाली पहले से कहीं अधिक सशक्त, प्रभावी और पारदर्शी बनी है। इन कानूनों के माध्यम से आम नागरिकों को शीघ्र और सुगम न्याय प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह हरियाणा के लिए गर्व का विषय है कि राज्य ने इतने कम समय में न केवल इन कानूनों को लागू किया, बल्कि इनके लागू होने के बाद दोष सिद्धि दर को 82.6 प्रतिशत तक पहुँचाने में भी सफलता प्राप्त की है, जो कि एक बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी आज कुरुक्षेत्र में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह द्वारा तीन नए आपराधिक कानूनों की प्रदर्शनी के शुभारंभ अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र की पुण्य भूमि पर केंद्रीय गृहमंत्री का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह हरियाणा के लिए गर्व का विषय है कि गीता की जन्मस्थली कुरुक्षेत्र से तीन नए आपराधिक कानूनों की प्रदर्शनी का उद्घाटन हुआ है। यही वह भूमि है, जहाँ भगवान श्रीकृष्ण ने श्रीमद्भागवत गीता का उपदेश दिया था, जो आज भी संपूर्ण मानवता का मार्गदर्शन कर रही है। अमित शाह के नेतृत्व में ऐतिहासिक सुधार, अनुच्छेद 370 की समाप्ति से लेकर नए आपराधिक कानूनों तक, देश ने बदली दिशा – मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में देश में कई क्रांतिकारी निर्णय लिए गए हैं, जिनके माध्यम से ऐतिहासिक भूलों को सुधारा गया है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और धारा 35-A को हटाकर कश्मीर से कन्याकुमारी तक अखंड भारत के स्वप्न को साकार किया गया है। इसके अतिरिक्त, नागरिकता संशोधन अधिनियम के माध्यम से उन लाखों लोगों को नागरिकता प्रदान की गई है, जो वर्षों से अपने ही देश में शरणार्थी के रूप में जीवन यापन कर रहे थे। इसके साथ ही अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण भी संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के समय से प्रचलित तीन पुराने आपराधिक कानूनों को हटाकर देश में तीन नए आपराधिक कानून लागू करना भी एक ऐतिहासिक और दूरगामी निर्णय है, जिससे न्याय व्यवस्था सुदृढ़ हुई है। श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा न केवल कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने में अग्रणी राज्य है, बल्कि न्याय व्यवस्था के क्षेत्र में भी पूरे देश का मार्गदर्शन करने वाला राज्य बन चुका है। इन नए आपराधिक कानूनों को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए हरियाणा पुलिस को पूरी तरह प्रशिक्षित किया गया है। सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को इन नए कानूनों के प्रति पूरी तरह से जागरूक और सक्षम बनाया गया है। जांच अधिकारी अब इन कानूनों को समझते हुए उन्हें व्यवहार में लाने के लिए पूर्णतः सक्षम हैं। हरियाणा में न्यायिक सुधारों की नई इबारत, 2,145 वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष स्थापित उन्होंने कहा कि हरियाणा प्रदेश में इन कानूनों के क्रियान्वयन में आधुनिक तकनीक का प्रभावी ढंग से उपयोग किया गया है। ई-साक्ष्य और ई-समन ऐप को सफलतापूर्वक लागू किया गया है। गवाही देने की प्रक्रिया में भी तकनीक का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया गया है। पुलिस थानों, फोरेंसिक प्रयोगशालाओं, न्यायालय कक्षों, कारागारों और बैंकों में कुल 2,145 वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष स्थापित किए गए हैं। 1 जनवरी 2025 से 31 अगस्त 2025 तक 96.71% मामलों में अपराध स्थल की फोरेंसिक जांच की रिकॉर्डिंग ई-साक्ष्य ऐप के माध्यम से की गई है। साथ ही, आपराधिक मामलों से जुड़े भौतिक साक्ष्यों की जांच, विश्लेषण एवं रिपोर्ट तैयार करने की व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए एफएसएल प्रयोगशालाओं को 19.54 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक बनाया गया है। उन्होंने बताया कि अब एफआईआर दर्ज कराने के लिए थानों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं है। ऑनलाइन एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है। सभी जीरो एफआईआर को 24 घंटे के भीतर नियमित एफआईआर में परिवर्तित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित सुधारों को हरियाणा सरकार पूरी तत्परता से लागू करेगी। इस अवसर पर गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने तीन नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी साझा करते हुए बताया कि नए कानूनों को लागू करने से पहले राज्य स्तर पर प्रशासनिक तैयारी, अधिकारियों का प्रशिक्षण, तथा तकनीकी अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में कई ठोस कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन न केवल विधि व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाएगा बल्कि आम नागरिकों का न्याय प्रणाली पर विश्वास भी और अधिक सुदृढ़ करेगा। इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज, विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, सहकारिता मंत्री डॉ अरविन्द शर्मा, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा, सेवा मंत्री कृष्ण बेदी, स्वास्थ्य मंत्री आरती राव, खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम, सांसद नवीन जिंदल और कार्तिकेय शर्मा, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे। सकती है। सभी जीरो एफआईआर को 24 घंटे के भीतर नियमित एफआईआर में परिवर्तित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित सुधारों को हरियाणा सरकार पूरी तत्परता से लागू करेगी। इस अवसर पर गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने तीन नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी साझा करते हुए बताया कि नए कानूनों को लागू करने से पहले राज्य स्तर पर प्रशासनिक तैयारी, अधिकारियों का प्रशिक्षण, तथा तकनीकी अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में कई ठोस कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन न केवल विधि व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाएगा बल्कि आम नागरिकों का न्याय प्रणाली पर विश्वास भी और अधिक सुदृढ़ करेगा। इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज, विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, सहकारिता मंत्री डॉ अरविन्द शर्मा,

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न्याय प्रणाली में विश्वास का स्वर्णिम अध्याय – कुरुक्षेत्र बना साक्षी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नए आपराधिक कानूनों पर प्रदर्शनी का किया उद्घाटन क्रियान्वयन प्रक्रिया का देखा नाट्य प्रदर्शन चंडीगढ़, 03 अक्तूबर(संजय राय)- धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र, जिसने गीता का अमर संदेश पूरी दुनिया को दिया, आज न्याय प्रणाली में विश्वास के स्वर्णिम युग का गवाह बना। अवसर था—संसद द्वारा मई 2023 में पारित तीन नए आपराधिक कानूनों—भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम-2023—पर आधारित प्रदर्शनी के उद्घाटन का। देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कुरुक्षेत्र में लगाई गई इस प्रदर्शनी का विधिवत शुभारंभ किया और इसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया का लाइव डेमो भी देखा। कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की कार्यशैली की सराहना करते हुए शाह ने कहा कि सैनी न केवल मृदुभाषी और हंसमुख व्यक्तित्व के हैं बल्कि मेहनती और दूरदर्शी नेता भी हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विज़न “विकसित भारत, 2047” को हरियाणा की धरती पर उतारने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रयासों की प्रशंसा की। ब्रह्मसरोवर बना ऐतिहासिक पल का साक्षी गीता जयंती महोत्सव के लिए प्रसिद्ध पवित्र ब्रह्मसरोवर के तट पर यह आयोजन विशेष महत्व रखता है। यहीं भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कर्म का संदेश दिया था—“कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन” इसी भाव को आगे बढ़ाते हुए नए आपराधिक कानून लागू करने के लिए कुरुक्षेत्र को प्रतीक स्थल के रूप में चुना गया। जनता को मिला दीपावली का तोहफा अमित शाह ने कार्यक्रम के दौरान हरियाणा की जनता के लिए गृह, सहकारिता, शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क से जुड़ी करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री सैनी गरीब-केंद्रित योजनाओं के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने का काम कर रहे हैं। नई न्याय प्रणाली का नाट्य प्रदर्शन किया कार्यक्रम में एक विशेष प्रदर्शन के जरिए दिखाया गया कि डायल 112 पर सूचना मिलते ही पुलिस किस तेजी से कार्रवाई करती है और किस प्रकार न्यायालय तक दोषी को सजा दिलाने की पूरी प्रक्रिया संपन्न होती है। इस डेमो को प्रदर्शनी स्थल पर एलईडी पैनलों के माध्यम से लाइव दिखाया गया, जिससे लोगों में न्याय प्रणाली के प्रति नए विश्वास की स्थापना हुई। गौरव का क्षण गृह मंत्री अमित शाह इस प्रदर्शनी और हरियाणा की न्याय व्यवस्था को देखकर गदगद हुए। उन्होंने कहा कि नए आपराधिक कानून न्यायपालिका में आमजन का विश्वास और मजबूत करेंगे। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी पहले भी ‘मन की बात’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और हरियाणा सरकार की विशेष पहलों की सराहना कर चुके हैं। आज का यह आयोजन न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है, जब न्याय प्रणाली में विश्वास का एक नया अध्याय कुरुक्षेत्र से शुरू हुआ।

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ठाणे के वागले स्टेट में बच्चों का अनोखा भंडारा,2000 भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।

०३ अक्टूबर २०२५ (इंद्र यादव – स्वतंत्र लेखक,ठाणे ( महाराष्ट्र )),महाराष्ट्र के ठाणे जिले के वागले स्टेट में इस बार नवरात्रि उत्सव ने एक अनोखा रंग बिखेरा। यहाँ के छोटे-छोटे बच्चों ने अपनी श्रद्धा और साहस का परिचय देते हुए 2000 भक्तों के लिए भंडारा आयोजित किया। इस नेक कार्य के लिए बच्चों ने न केवल चंदा इकट्ठा किया, बल्कि पूरे उत्साह और समर्पण के साथ भंडारे की व्यवस्था को भी संभाला। उनकी इस पहल ने न सिर्फ स्थानीय लोगों का दिल जीता, बल्कि समाजसेवी श्री.महेंद्र सोडारी जी का भी ध्यान आकर्षित किया। “बिन पगारी, मोटा अधिकारी की तर्ज पर मासूम बच्चों द्वारा बनाया गया नया संगठन “कालरात्रि मित्रं मंडल” के अध्यक्ष १५ वर्षीय अनमोल सरोज जी ने बताया कि हम बच्चों नें अनुराग सरोज (१३),विशाल जैसवार (१६),प्रतीक चौहान (१२)आदित्य जैसवार (१४),अयूब जैसवार (१३),यश जोशी (१२),अंश प्रजापति (11),रुद चौहान (१२),अनुन जैसवार (८),अविनाश मौर्या,अर्णव सहानी,विराज गौरव,देव शर्मा ने मिलकर इस भंडारे का विचार बनाया और इसे साकार करने के लिए दिन-रात मेहनत की। अनमोल सरोज ने कहा, “हम चाहते थे कि नवरात्रि के इस पवित्र अवसर पर माता रानी के भक्तों की सेवा करें। हमने घर-घर जाकर चंदा इकट्ठा किया और सामूहिक प्रयास से भंडारे की तैयारी की।” बच्चों की यह पहल देखकर हर कोई हैरान था कि इतनी कम उम्र में वे इतना बड़ा आयोजन कैसे कर पाए।इस आयोजन की खबर जब समाजसेवी श्री.महेंद्र सोडारी जी तक पहुँची, तो वे बच्चों के उत्साह और श्रद्धा से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने तुरंत ₹10,000 का योगदान दिया। इसके साथ ही, उन्होंने बच्चों की सराहना करते हुए कहा इस मौके पर किसी भी प्रकार की सहायता के लिए मैं सदैव खड़ा हूं, इन बच्चों ने साबित कर दिया कि उम्र कोई मायने नहीं रखती, जब दिल में श्रद्धा और सेवा का जज्बा हो। इनका यह प्रयास समाज के लिए एक मिसाल है।” भंडारे में 2000 भक्तों ने प्रसाद के रूप में काबुली चनें की सब्जी,जीरा राईस, बुनियाँ माता रानी का प्रसाद ग्रहण किया। बच्चों ने न केवल भोजन की व्यवस्था की, बल्कि स्वच्छता और अनुशासन का भी विशेष ध्यान रखा। स्थानीय लोगों ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बताया और बच्चों की एकता और मेहनत की जमकर तारीफ की। यह आयोजन न केवल नवरात्रि के उत्सव को और भी खास बनाया, बल्कि यह भी दिखाया कि छोटी उम्र में भी बड़े सपने और सेवा का जज्बा समाज में बदलाव ला सकता है। बच्चों का यह प्रयास निश्चित रूप से वागले स्टेट के लिए गर्व का विषय बन गया है।

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25 सितम्बर से 25 दिसम्बर तक चलेगा आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान अभियान

हरियाणा आत्मनिर्भर भारत में निभाएगा अग्रणी भूमिका : नायब सिंह सैनीस्वदेशी ही हमारी ताकत, हर गांव में पहुंचेगा अभियान चंडीगढ़, (संजय राय )- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘विकसित भारत’ के विज़न को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने का मार्ग आत्मनिर्भरता से होकर जाता है और यह अभियान आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने में अग्रणी भूमिका निभाएगा।मुख्यमंत्री आज चंडीगढ़ में मीडिया बंधुओं को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि यह अभियान गत 25 सितम्बर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती से शुरू हुआ है और 25 दिसम्बर, भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती तक चलेगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा की पौने तीन करोड़ जनता इस राष्ट्रीय महायज्ञ में अपनी अग्रणी भूमिका निभाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने इस अभियान को हरियाणा के हर गांव और हर शहर तक पहुंचाने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना बनाई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘स्वदेशी’ का विचार हमारे लिए नया नहीं है। महर्षि दयानंद सरस्वती जी, बंगाल के स्वदेशी आंदोलन, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के नेतृत्व में स्वतंत्रता संग्राम और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के एकात्म मानव दर्शन से यह स्पष्ट होता है कि आर्थिक व्यवस्था स्वदेशी पर आधारित होनी चाहिए। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में हम उसी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।स्वदेशी, स्वभाषा और स्वभूषा – आत्मनिर्भर भारत के तीन स्तंभ उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान तीन स्तंभों स्वदेशी, स्वभाषा और स्वभूषा पर आधारित है। स्वदेशी का अर्थ भारत में ही वस्तुओं का उत्पादन और उपयोग करना है। इस दिशा में देश में स्टार्टअप्स की संख्या 1.60 लाख तक पहुंच गई है। हाल ही में इसरो ने भारत की पहली स्वदेशी सेमीकंडक्टर चिप ‘विक्रम-32’ विकसित की है। आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता बन चुका है। मुद्रा और पी.एल.आई. योजनाओं के माध्यम से MSME और निर्माताओं को बड़े स्तर पर सहयोग दिया जा रहा है, जिससे निर्यात 825 बिलियन डॉलर तक पहुंचा है। श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि स्वभाषा का अर्थ भारतीय भाषाओं और ज्ञान प्रणालियों को बढ़ावा देना है। नई शिक्षा नीति में त्रिभाषा शिक्षा को प्रोत्साहन दिया गया है और MBBS, इंजीनियरिंग सहित कई विषय भारतीय भाषाओं में पढ़ाए जा रहे हैं। इसी तरह, स्वभूषा का अभिप्राय हमारी अपनी विरासत, डिज़ाइन और सौंदर्यशास्त्र को अपनाने से है। खादी और ग्राम उद्योगों का कारोबार 1.70 लाख करोड़ रुपये पार कर चुका है। एक जिला-एक उत्पाद योजना में 750 जिलों से 1200 से अधिक उत्पादों की पहचान की गई है, जिनकी बिक्री ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों पर 2,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है।आत्मनिर्भर भारत की नई उपलब्धियां उन्होंने कहा कि भारत के लिए आत्मनिर्भरता केवल एक कल्पना नहीं, बल्कि आज जमीन पर उतरती हकीकत है। रक्षा निर्यात 34 गुना बढ़ा है, UPI दुनिया में अपनी पहचान बना चुका है, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स 2 से बढ़कर 300 से अधिक हो गई हैं, और इसरो के मंगलयान, चंद्रयान-3, आदित्य-L1 तथा गगनयान मिशनों ने दुनिया में भारत का डंका बजाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत दुनिया की दवाओं और टीकों का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बन चुका है। हम वैश्विक स्तर पर 20 प्रतिशत जेनेरिक दवाएं और 60 प्रतिशत वैक्सीन की आपूर्ति कर रहे हैं। आज अमेरिका में उपयोग होने वाली 40 प्रतिशत और ब्रिटेन में 25 प्रतिशत दवाएं भारत से जाती हैं। उन्होंने बताया कि ‘मेक इन इंडिया’ की नीति का प्रभाव यह है कि आज देश में बिकने वाले 99.20 प्रतिशत मोबाइल फोन अब मेड इन इंडिया हैं। नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में भी भारत ने अभूतपूर्व प्रगति की है। देश नवीकरणीय क्षमता मंह चौथे, सौर ऊर्जा में तीसरे और पवन ऊर्जा में चौथे स्थान पर है। हमारी सौर क्षमता 39 गुणा बढ़ी है और पवन ऊर्जा दोगुनी हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 10 करोड़ से अधिक बहनें स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से सशक्त हुई हैं। मुद्रा ऋण लेने वालों में 68 प्रतिशत और स्टैंड-अप इंडिया लाभार्थियों में 83 प्रतिशत हमारी बहन-बेटियां हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सच्ची आत्मनिर्भरता केवल आर्थिक नहीं, बल्कि मानसिक और सांस्कृतिक भी होती है। दिल्ली में राजपथ का नाम ‘कर्तव्य पथ’ करना, भारतीय नौसेना के ध्वज में परिवर्तन और IPC व CRPC के स्थान पर भारतीय न्याय, नागरिक सुरक्षा व साक्ष्य संहिता का आना, गुलामी की मानसिकता के प्रतीकों को मिटाने के ऐतिहासिक कदम हैं। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान में हरियाणा प्रदेश अपनी पूरी शक्ति से योगदान देगा। ‘जय जवान, जय किसान’ के साथ-साथ ‘जय विज्ञान’ को चरितार्थ करने में हरियाणा हमेशा आगे रहा है। इसके लिए हरियाणा सरकार ने विस्तृत कार्ययोजना बनाई है। जिलों और मंडलों में होंगे सम्मेलन, रथ यात्रा, व्यापारी और MSME संगोष्ठियाँउन्होंने बताया प्रदेश के सभी जिलों और मंडलों में नवंबर-दिसंबर में ‘आत्मनिर्भर भारत संकल्प सम्मेलन’ आयोजित किए जाएंगे। व्यापारी सम्मेलन’, ‘MSME उद्योगपति सम्मेलन’ और कॉलेजों में युवाओं के साथ संवाद के लिए ‘संकल्प सेमिनार’ होंगे। पूरे प्रदेश में ‘आत्मनिर्भर भारत संकल्प रथ यात्रा’ निकाली जाएगी। दिवाली पर विदेशी लाइट्स की जगह स्थानीय मिट्टी के दीयों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा। ‘संकल्प फॉर आत्मनिर्भर भारत’ का लोगो तैयार करके दुकानदारों व व्यापारियों को वितरित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि किसान प्राकृतिक खेती अपनाएं, युवा नौकरी लेने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें, माताएं-बहनें स्थानीय उत्पाद खरीदें और व्यापारी मित्र स्वदेशी उत्पाद बेचने का संकल्प लें। इस अवसर पर सुरेंद्र पूनिया महामंत्री और प्रभारी आत्मनिर्भर भारत अभियान, प्रवीण अत्रे मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव, पर्व शर्मा संयोजक आत्मनिर्भर भारत अभियान, संदीप तथा सन्नी नारा सदस्य आत्मनिर्भर भारत अभियान समिति आदि उपस्थित थे l

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हम खुश हैं कि हम एशिया कप जीतें है और हमारे खिलाड़ियों ने बिना शील्ड लिए ही जीत का जश्न खेल के मैदान में मनाना शुरू किया : अनिल विज

कांग्रेस द्वारा एक वर्ष बाद नेता विपक्ष चुनने व उभरती गुटबाजी पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज तंज, बोले “इब्तिदा-ए-इश्क है रोता है क्या, आगे-आगे देखिये होता है क्या” बिहार में शुद्ध मतदाता सूची पर किसी को कोई एतराज नहीं होना चाहिए : विज चंडीगढ़, 30 सितम्बर (संजय राय ) हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने कांग्रेस द्वारा विपक्ष का नेता चुनने में लगभग एक वर्ष लगाने व उभरती गुटबाजी पर अपने अंदाज में तंज कसते हुए गुनगुनाया “इब्तिदा-ए-इश्क है रोता है क्या, आगे आगे देखिये होता है क्या”। श्री विज आज पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किस पार्टी का कौन बनेगा, किसको क्या दायित्व दिया जाएगा इससे हमारा कोई लेना देना नहीं। मगर एक बात है कि निर्णय लेने में इन्होंने लगभग एक साल लगा दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कभी सत्ता में आए ऐसा तो होना नहीं है, मगर यदि यह सत्ता में हो और देश में पाकिस्तान से हमला हो जाए तो इनके फैसला लेते-लेते पाकिस्तान की सेना दिल्ली में घुस जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने एक साल लगाया है विपक्ष नेता चुनने में। यह देश की जिम्मेवार पार्टी नहीं है, यह देश के दायित्वों का, देश की जिम्मेवारियों का, विपक्ष के नेता का यह दायित्व पूरा नहीं कर सके। हम खुश हैं कि हम जीतें है और हमारे खिलाड़ियों ने बिना शील्ड लिए ही जीत का जश्न खेल के मैदान में मनाना शुरू किया : अनिल विज टी-20 एशिया कप में विजेता भारतीय टीम द्वारा पाकिस्तान के एसीसी अध्यक्ष मोहसीन से ट्राफी नहीं लेने पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि किसी भी मैच की सबसे बड़ी शील्ड वो होती है जो लोग देते हैं। सारे मैच हराकर और एशिया कप को जीतकर 144 करोड़ भारतीयों ने जो दिल की भावनाओं से शील्ड दी उसके मुकाबले वो शील्ड कुछ नहीं है। नापाक व खून से रंगे हाथों से तीर्थ यात्रियों पर हमला करने वाले हाथों से खिलाड़ी शील्ड कैसे ले सकते हैं। हम खुश हैं कि हम जीतें है और हमारे खिलाड़ियों ने बिना शील्ड लिए ही जीत का जश्न खेल के मैदान में मनाना शुरू किया। बिहार में शुद्ध मतदाता सूची पर किसी को कोई एतराज नहीं होना चाहिए : मंत्री अनिल विज बिहार में नई मतदाता सूची के प्रश्न पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि बिहार में शुद्ध मतदाता सूची जारी की जा रही है जिस पर किसी को कोई एतराज नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐतराज करने के लिए नियमों के तहत प्रावधान एक माह पहले दिया गया था, उसके बाद ही मतदाता सूची जारी की गई है और इस पर चुनाव सबको करवा लेना चाहिए।

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अखिल भारतीय दुर्गा पूजा सेवा समिति द्वारा भव्य नव दिवसीय नवरात्र उत्सव

ठाणे,महाराष्ट्र (इंद्र यादव )30सितंबर। शरद ऋतु की मंद सुगंध और आसमान पर घने बादलों के बीच,ठाणे जिले के वागले एस्टेट इलाके में रूपादेवी क्षेत्र एक बार फिर भक्ति की लहरों से सराबोर हो गया है। यहां की “अखिल भारतीय दुर्गा पूजा सेवा समिति” द्वारा आयोजित सार्वजनिक नव दिवसीय नवरात्र उत्सव ने स्थानीय निवासियों के साथ-साथ दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं को एकजुट कर दिया है। यह उत्सव न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सांस्कृतिक एकता और सामुदायिक सद्भाव का भी जीवंत उदाहरण बन गया है।समिति के अनुसार, रूपादेवी के इस सार्वजनिक पंडाल में पारंपरिक विधि-विधान के साथ मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की जाएगी।वागले एस्टेट का यह इलाका, जो ठाणे शहर का एक व्यस्त आवासीय क्षेत्र है, नवरात्र के दौरान एक आध्यात्मिक केंद्र में बदल जाता है। आसपास की सड़कें रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों की सजावट से जगमगा उठती हैं। पूर्व नागसेवक श्री.राज कुमार यादव जी ने बताया कि, “यहां का उत्सव हमें अपनी जड़ों और संस्कृति से जोड़ता है। समिति के अध्यक्ष श्री.राज कुमार मिश्रा जी ने बताया, “यह उत्सव मात्र पूजा,अर्चना तक सीमित नहीं है। हमने नौ दिनों के लिए विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया है, जिसमें गुजराती गरबा, बंगाली धुनों पर आधारित नृत्य और महाराष्ट्रीयन लोकगीतों की प्रस्तुतियां शामिल हैं। इस मौके पर समाजसेवी- श्री.महेंद्र सोडारी जी,श्री राधा फ़त्ते बहादुर सिंह ,श्री. सचिन पटवा, पं. बदिनाथ शुक्ला, श्री. लक्ष्मण चौहान,श्री. फुलचंद साड़ी,श्री. गुलाबचंद गुप्ता,श्री. गोकुल रावत, श्री. अरुण विश्वकर्मा,श्री. प्रदिप चौहान, श्री. शशिकांत भगवान, श्री. बबलु मिश्रा, श्री. संतीप राय, श्री. विक्की उपाध्याय,श्री. यशश्रीराम राजभर,श्री बेचन प्रसाद यादव उपस्थित रहे।यदि आप भी इस दिव्य उत्सव का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो वागले एस्टेट, रूपादेवी पहुंचें।

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माता मनसा देवी मंदिर से दर्शन कर लौट के जा रहे श्रद्धालुओं की गाड़ी पिकअप पलटी

पंचकूला,कमल कलसी , 35 से ज्यादा श्रद्धालु एक पिकअप गाड़ी में माता मनसा देवी के दर्शनों को गए थे। जब सभी श्रद्धालु पिकअप गाड़ी से माता के दर्शन कर लौट रहे थे तो पंचकूला के सेक्टर 3 के सामने शिमला जीरकपुर हाईवे पर अनियंत्रित होकर पलट गई।जिसमें सवार एक व्यक्ति की मौत हो गई और करीब 25 से 30 घायलों को सेक्टर 6 हॉस्पिटल में उपचार के लिए लाया गया। जिनमें करीब दर्जन भर घायलों को चंडीगढ़ सेक्टर 32 हॉस्पिटल और चंडीगढ़ पीजीआई रेफर किए गए है। सूचना मिलने पर उपायुक्त पंचकूला सतपाल शर्मा और पुलिस उपायुक्त सृष्टि गुप्त व सेक्टर 21पुलिस चौंकी दीदार सिंह मरीजों का हाल जानने सेक्टर 6 के हॉस्पिटल पहुंचे। बताया जा रहा है। मनसा देवी मंदिर से दर्शन करके सभी श्रद्धालु जीरकपुर के प्रभात गांव अपने घर जा रहे थे। और जैसे ही पुराने पंचकूला से आगे गाड़ी मोड़ते वक्त मोहिंदरा पिकअप अनियंत्रित होकर पलट गई। डॉक्टर मनीदर ने बताया कि घायलों के नाम जिनमें एक बिना नाम व्यक्ति 40 साल, अमित 17 साल, गौरव 11 साल को चंडीगढ़ पीजीआई रेफर किया गया। और शाम सुंदर 32 साल, विजय 20 साल, रिशु 12 साल, प्रिंस 18 साल को चंडीगढ़ के सेक्टर 32 रेफर किया गया। काजल 20 साल, रेणु देवी 20 साल, कंवर पाल 28 साल, अंकुश 15 साल, निर्दोष कुमार 45 साल, धर्मेद्र 35 साल, नीतीश 18 साल, राम कृष्ण 24 साल, अमन कुमार 9 साल, दर्शन 11 साल, शिवम 22 साल, ऋतिक सिंह 8 साल, रूम सिंह 38 साल, रेखा सिंह 40 साल, उमेश 50 साल, पिंटू 27 साल, अमृत 15 साल है जिनका इलाज सेक्टर 6 हॉस्पिटल में चल रहा है। सभी जीरकपुर के गांव प्रभात के रहने वाले बताए जा रहे है। स्थानीय समाज सेवी द्वारा चलाई जा रही एम्बुलेंस ने जायदा मरीजों को पंचकुला हॉस्पिटल पहुचाने में मदद की है।

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लद्दाख : आंदोलन की आग या शांति का संदेश?

संजय राय, लद्दाख, जिसे आमतौर पर शांति, ठंडे मौसम और आध्यात्मिक सुकून की धरती माना जाता है, हाल के दिनों में अचानक चर्चा का केंद्र बन गया। लेह-कारगिल की ऊँचाइयों पर जहां अब तक बौद्ध मठों की घंटियाँ और पर्यटकों की चहल-पहल सुनाई देती थी, वहीं अब पत्थरबाज़ी, सरकारी गाड़ियों में आगज़नी और तनावपूर्ण नारे गूंज उठे। यह वही इलाका है, जो भारत-चीन की वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के नज़दीक है और जहाँ कुछ समय पहले तक दोनों देशों की सेनाएँ आमने-सामने खड़ी थीं। हालाँकि अब हालात सामान्य बनाने के लिए कई दौर की वार्ताएँ हो चुकी हैं। लेकिन लद्दाख के भीतर का असंतोष एक अलग ही कहानी कह रहा है। आंदोलन की जड़ें स्थानीय लोगों की मुख्य मांगें हैं—लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाए और उसे संविधान की छठी अनुसूची के अंतर्गत विशेष संरक्षण मिले। 2019 में जम्मू-कश्मीर से अलग कर जब लद्दाख को केंद्रशासित क्षेत्र बनाया गया, तब लोगों ने सोचा था कि अब क्षेत्र का विकास तेजी से होगा और स्थानीय आकांक्षाएँ पूरी होंगी। लेकिन राज्य का दर्जा न मिलने और राजनीतिक अधिकारों के सीमित होने से असंतोष लगातार पनपता रहा। सोनम वांगचुक की भूमिका प्रसिद्ध शिक्षाविद् और पर्यावरण चिंतक सोनम वांगचुक का आमरण अनशन इस असंतोष का प्रतीक बना। हालांकि उन्होंने शांति की अपील करते हुए अपना अनशन तोड़ा, लेकिन उनके आंदोलन ने युवाओं में उबाल पैदा किया। हाल की हिंसक घटनाओं को देखकर यह सवाल उठना लाजमी है कि आखिर शांत माने जाने वाले लद्दाख में इस तरह की आग कैसे भड़क उठी? प्रशासनिक सख्ती विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई झड़पों में कई लोगों की जान गई और दर्जनों घायल हुए। हालात काबू में रखने के लिए प्रशासन को कर्फ़्यू और इंटरनेट बंदी जैसे कदम उठाने पड़े। लेह और कारगिल में अब रैलियों और बड़े जमावड़ों पर पाबंदी लागू है। इस बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गए हैं। आगे का रास्ता लद्दाख भले ही भौगोलिक रूप से छोटा और जनसंख्या के लिहाज़ से सीमित क्षेत्र हो, लेकिन इसकी सामरिक और सांस्कृतिक अहमियत बेहद बड़ी है। भारत सरकार के लिए यह आसान नहीं होगा कि वह इसे पूर्ण राज्य बना दे, क्योंकि इसी तरह की मांगें जम्मू-कश्मीर और दिल्ली से भी उठ रही हैं। फिर भी लद्दाख के लोगों की उम्मीदें और उनका आक्रोश अनदेखा भी नहीं किया जा सकता। निष्कर्ष लद्दाख के मौजूदा हालात हमें यह सोचने पर मजबूर करते हैं कि क्या हिंसक प्रदर्शन वास्तव में किसी समाधान की ओर ले जाएंगे, या फिर संवाद और धैर्य ही इस ठंडी धरती की असल पहचान को बनाए रख पाएंगे। सवाल यही है—लद्दाख का भविष्य ‘जेन ज़ी’ अंदाज़ की सड़क पर तय होगा, या फिर वह अपनी प्राचीन शांति और धैर्य की परंपरा को जीवित रखेगा?

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उपायुक्त ने अधिकारियों को लंबित शिकायतों का त्वरित समाधान करने के दिए निर्देश

आयुक्त एव सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी उपायुक्तों के साथ समाधान शिविरों में लंबित शिकायतों को लेकर समीक्षा बैठक की करी अध्यक्षता पंचकूला, 26 सितंबर(ईशान राय )। हरियाणा हाउसिंग फॉर आल विभाग के आयुक्त एव सचिव मोहम्मद शाईन ने आज चंडीगढ से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी उपायुक्तों के साथ समाधान शिविरों में लंबित शिकायतों को लेकर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होने प्रदेश के सभी उपायुक्तों को लंबित शिकायतों का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होने कहा कि प्रत्येक शिकायत का एक तय समय सीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाए। वीडियो कांफ्रेंसिंग के उपरांत उपायुक्त श्री सतपाल शर्मा ने लघु सचिवालय के सभागार में विभिन्न विभागों के जिला अधिकारियों की बैठक ली। उन्होने संबंधित विभाग के नोडल अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि वे समाधान शिविर में आने वाली शिकायतों का बारीकी से अध्ययन कर उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि वे रि-ओपन शिकायतों की शीघ्र ही समीक्षा करेंगे ताकि ऐसी शिकायतों का स्थाई समाधान किया जा सके। उन्होने निर्देश दिए कि अधिकारी एसडीएम कालका से मिलकर कालका उपमंडल से संबंधित शिकायतों का निवारण करवाएं ताकि कोई शिकायत लंबित न रहे। उपायुक्त ने कहा कि लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के निर्देश पर प्रत्येक सोमवार और वीरवार को प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक लघु सचिवालय के सभागार में समाधान शिविर का आयोजन किया जाता है। इस दौरान सभी विभागों के संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहते हैं। उन्होने कहा कि समाधान शिविर का उदेश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोगों को अपनी समस्याओं के निवारण के लिए अलग अलग कार्यालयों में न जाना पड़े और एक स्थान पर उनकी समस्याओं का एक तय समय सीमा में समाधान हो । उन्होने अधिकारियों से आहवान किया कि वे समाधान शिविर में आने वाली प्रत्येक समस्या को गंभीरता से लें और उसका प्राथमिकता के आधार पर समाधान करें। मुख्यमंत्री का सपना समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े गरीब से गरीब व्यक्ति तक सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहंुचाना है। इस अवसर पर एसडीएम पंचकूला चंद्रकांत कटारिया, एसडीएम कालका संयम गर्ग, तहसीलदार सुरेश कुमार, नायब तहसीलदार हरदेव, जनस्वास्थ्य अभियंत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता समीर शर्मा सहित अन्य विभागों के संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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