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केंद्र सरकार ने एक बार फिर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की कार्यशैली की करी सराहना

नायब सिंह के नेतृत्व में हरियाणा में युवाओं को योग्यता के आधार पर पारदर्शी व निष्पक्ष रूप से मिल रही सरकारी नौकरियाँ चंडीगढ़, 3 अक्टूबर(संजय राय) – केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की एक बार फिर प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में प्रदेश में युवाओं को योग्यता के आधार पर बिना खर्ची-पर्ची के पारदर्शी प्रक्रिया के तहत सरकारी नौकरियाँ प्रदान की जा रही हैं। अमित शाह ने इस पहल को एक सराहनीय कदम बताते हुए मुख्यमंत्री को प्रदेश की जनता की ओर से बधाई एवं साधुवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की व्यवस्था प्रदेश के युवाओं में सरकारी तंत्र के प्रति विश्वास और पारदर्शिता की भावना को मजबूत कर रही है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह आज कुरुक्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम में तीन नए आपराधिक कानूनों से संबंधित प्रदर्शनी के शुभारंभ अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने राज्य सरकार की पारदर्शी भर्ती प्रणाली की विशेष रूप से प्रशंसा की।

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न्याय प्रणाली में विश्वास का स्वर्णिम अध्याय – कुरुक्षेत्र बना साक्षी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नए आपराधिक कानूनों पर प्रदर्शनी का किया उद्घाटन क्रियान्वयन प्रक्रिया का देखा नाट्य प्रदर्शन चंडीगढ़, 03 अक्तूबर(संजय राय)- धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र, जिसने गीता का अमर संदेश पूरी दुनिया को दिया, आज न्याय प्रणाली में विश्वास के स्वर्णिम युग का गवाह बना। अवसर था—संसद द्वारा मई 2023 में पारित तीन नए आपराधिक कानूनों—भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम-2023—पर आधारित प्रदर्शनी के उद्घाटन का। देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कुरुक्षेत्र में लगाई गई इस प्रदर्शनी का विधिवत शुभारंभ किया और इसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया का लाइव डेमो भी देखा। कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की कार्यशैली की सराहना करते हुए शाह ने कहा कि सैनी न केवल मृदुभाषी और हंसमुख व्यक्तित्व के हैं बल्कि मेहनती और दूरदर्शी नेता भी हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विज़न “विकसित भारत, 2047” को हरियाणा की धरती पर उतारने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रयासों की प्रशंसा की। ब्रह्मसरोवर बना ऐतिहासिक पल का साक्षी गीता जयंती महोत्सव के लिए प्रसिद्ध पवित्र ब्रह्मसरोवर के तट पर यह आयोजन विशेष महत्व रखता है। यहीं भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कर्म का संदेश दिया था—“कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन” इसी भाव को आगे बढ़ाते हुए नए आपराधिक कानून लागू करने के लिए कुरुक्षेत्र को प्रतीक स्थल के रूप में चुना गया। जनता को मिला दीपावली का तोहफा अमित शाह ने कार्यक्रम के दौरान हरियाणा की जनता के लिए गृह, सहकारिता, शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क से जुड़ी करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री सैनी गरीब-केंद्रित योजनाओं के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने का काम कर रहे हैं। नई न्याय प्रणाली का नाट्य प्रदर्शन किया कार्यक्रम में एक विशेष प्रदर्शन के जरिए दिखाया गया कि डायल 112 पर सूचना मिलते ही पुलिस किस तेजी से कार्रवाई करती है और किस प्रकार न्यायालय तक दोषी को सजा दिलाने की पूरी प्रक्रिया संपन्न होती है। इस डेमो को प्रदर्शनी स्थल पर एलईडी पैनलों के माध्यम से लाइव दिखाया गया, जिससे लोगों में न्याय प्रणाली के प्रति नए विश्वास की स्थापना हुई। गौरव का क्षण गृह मंत्री अमित शाह इस प्रदर्शनी और हरियाणा की न्याय व्यवस्था को देखकर गदगद हुए। उन्होंने कहा कि नए आपराधिक कानून न्यायपालिका में आमजन का विश्वास और मजबूत करेंगे। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी पहले भी ‘मन की बात’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और हरियाणा सरकार की विशेष पहलों की सराहना कर चुके हैं। आज का यह आयोजन न केवल हरियाणा बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है, जब न्याय प्रणाली में विश्वास का एक नया अध्याय कुरुक्षेत्र से शुरू हुआ।

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क्त फूल सिंह के नाम से यूनिवर्सिटी में चेयर स्थापित की जाए : डॉ मलिक

पंचकुला , 2 अक्तूबर – हरियाणा पुलिस के पूर्व पुलिस महानिदेशक एवं जाट सभा के अध्यक्ष डॉ महेंद्र सिंह मलिक ने प्रदेश सरकार से मांग की कि भक्त फूल सिंह विश्वविद्यालय खानपुर कलां में भक्त फूल सिंह के नाम से एक चेयर स्थापित की जानी चाहिए ताकि विद्यार्थी उनके जीवन पर शोध कर सकें और युवा पीढ़ी उनसे प्रेरणा ले सके। डॉ मलिक आज यहां चौधरी छोटूराम जाट भवन में भक्त फूल सिंह की याद में आयोजित एक विचार गोष्ठी को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर जाट समाज के विवाह योग्य युवक एवं युवतियों का परिचय-सम्मेलन भी आयोजित किया गया। गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए महेंद्र सिंह मलिक ने कहा कि भक्त फूल सिंह ने नारी शिक्षा के लिए जो कार्य किया , वह एक अनूठा उदाहरण है। आर्य समाज के प्रभाव में आकर उन्होंने अपनी सरकारी नौकरी को छोड़कर मात्र तीन लड़कियों की संख्या से कन्या गुरुकुल आरम्भ किया था। उनके द्वारा लगाया गया शिक्षा का वह पौधा अब विश्वविद्यालय के रूप में वट वृक्ष बन चुका है। उन्होंने भक्त फूल सिंह के नाम पर विश्वविद्यालय स्थापित करने पर प्रदेश सरकार का धन्यवाद किया , साथ ही उन्होंने मांग की कि भक्त फूल सिंह द्वारा शुरू किया गया गुरुकुल को पुनः मॉडर्न स्वरूप में आरम्भ किया जाए।डॉ मलिक ने लोगों को आज दशहरा पर्व की बधाई दी और महात्मा गांधी तथा पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर दोनों महापुरुषों को भी नमन किया।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि तथा गुरुकुल खानपुर कलां एवं भैंसवाल कलां की पूर्व चेयरमैन कृष्णा मलिक ने भक्त फूल सिंह को देहाती गांधी की संज्ञा देते हुए कहा कि उन्होंने जिस समय में लड़कियों को पढ़ाने के लिए गुरुकुल की स्थापना की थी उस समय नारी शिक्षा की कल्पना करना भी मुश्किल था। लेकिन भक्त फूल सिंह अपने दृढ निश्चय पर डटे रहे और बेटियों को शिक्षा दिलाने के लिए आगे आए।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे गुरुकुल खानपुर कलां के पूर्व महासचिव जय सिंह ठेकेदार ने भी भक्त फूल सिंह को सच्चा गांधीवादी विचारधारा का व्यक्ति बताया। उन्होंने कन्या गुरुकुल की स्थापना से लेकर लड़कियों की पढाई के लिए किए गए कार्यों की विस्तार से जानकारी दी।इस अवसर पर भक्त फूल सिंह पॉलिटेक्निक एवं अन्य शैक्षणिक संस्थाओं में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए पूर्व प्राचार्या किरण जिंदल , सुमन दलाल , डॉ ज्ञानवती , साहब कौर समेत अन्य शिक्षविदों को सम्मानित भी किया गया।गोष्ठी के बाद जाट समाज के विवाह योग्य युवक एवं युवतियों के लिए एक “जाट परिवार परिचय सम्मेलन” भी आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में 200 से अधिक युवाओं का बायोडाटा एकत्रित हुआ जिसको लेकर विभिन्न परिवारों ने परस्पर चर्चा की। कुछ परिवारों की मौके पर ही मीटिंग करके बातचीत को आगे बढ़ाया गया।इस अवसर पर जाट सभा के उपाध्यक्ष जयपाल पुनिया , सचिव बीएस गिल , एचएसएससी के सदस्य साधु राम जाखड़ ,राजेंद्र खर्ब , नरेश दहिया , रणबीर सिंह राठी , ईश्वर सिंह दुहन , राज सिंह कादयान ,अनिल आर्य , जगबीर कादयान , राकेश गिल, सुरेन्द्र कुंडू, आजाद मलिक, प्रोमिला सांगवान , प्रोमिला नैन , संदीप गोयत , प्रेम सिंह ,आनंद लाठर के अलावा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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नेताओं के चमचे और भक्त मानव समाज के लिए खतरा है

इंद्र यादव – स्वतंत्र लेखक,भदोही ( यूपी ), भारत की राजनीति एक रंगमंच है, और इस मंच पर दो ऐसे पात्र हैं जो बिना स्क्रिप्ट के भी हर दृश्य में चमकते हैं—चमचे और भक्त। ये वो लोग हैं जो न तो संविधान में दर्ज हैं, न ही सरकारी रजिस्टर में, मगर फिर भी हर रैली, हर टीवी डिबेट, और हर सोशल मीडिया थ्रेड में इनकी उपस्थिति अनिवार्य है।चमचा बोले तो वफादारी का दूसरा नाम है गुरु। चमचा कोई नई प्रजाति नहीं है। ये वो लोग हैं जो अपने नेता के हर फैसले को, चाहे वह कितना भी अव्यवहारिक हो, सिर-आंखों पर चढ़ाते हैं। अगर नेता कहे कि चांद पर खेती होगी, तो चमचा तुरंत ट्रैक्टर की बुकिंग शुरू कर देगा। इनकी खासियत है कि ये सवाल नहीं करते, सिर्फ तारीफ करते हैं। चाहे नेता जी की नीति से महंगाई आसमान छूए या सड़कों पर गड्ढे गहरे हों, चमचा हर हाल में कहेगा, “ये सब तो दीर्घकालिक रणनीति है, तुम्हें क्या समझ आएगा!” चमचे हर पार्टी में हैं। ये रंग-बिरंगे झंडों के पीछे एकजुट होकर नारे लगाते हैं, और अगर मौका मिले तो विरोधियों को ट्रोल करने में भी पीछे नहीं हटते। इनका सबसे बड़ा हथियार है—तर्कहीन तर्क। जैसे, “हमारे नेता ने ये गलत किया, लेकिन तुम्हारे नेता ने तो वो गलत किया था!” इस तर्क का जवाब देना वैसा ही है जैसे समुद्र में नमक की मात्रा गिनना। चमचे का उन्नत संस्करण है। जहां चमचा वफादारी में डूबा रहता है, वहीं भक्त आस्था के सागर में गोते लगाता है। भक्त के लिए नेता सिर्फ एक इंसान नहीं, बल्कि एक अवतार है। अगर नेता जी ने ट्वीट किया कि “सूरज आज नीला है,” तो भक्त न सिर्फ नीले सूरज की तस्वीरें ढूंढ लेगा, बल्कि विरोधियों को “सूरज-अंधा” भी करार दे देगा। भक्तों की खासियत है कि वे हर आलोचना को देशद्रोह और हर सवाल को साजिश मानते हैं। अगर आप कहें कि “नेता जी की नीति से बेरोजगारी बढ़ी,” तो भक्त तुरंत जवाब देगा, “तुम्हें क्या पता, ये सब 2047 के विकसित भारत का मास्टरप्लान है!” भक्तों का सोशल मीडिया अकाउंट एक तीर्थस्थल है, जहां हर पोस्ट में “जय श्री” से लेकर “विकास की गंगा” तक का जिक्र होता है। चमचे और भक्त में अंतर समझना मुश्किल है, लेकिन अगर गौर करें तो चमचा जमीनी स्तर का सिपाही है, जो रैलियों में पानी की बोतलें बांटता है और स्थानीय कार्यकर्ताओं को खुश रखता है। वहीं भक्त डिजिटल योद्धा है, जो व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी से डिग्री लेकर हर ऑनलाइन बहस में कूद पड़ता है। चमचा ज्यादातर व्यक्तिगत लाभ के लिए निष्ठा दिखाता है—शायद एक टिकट, एक ठेका, या कम से कम एक सेल्फी। भक्त का मकसद बड़ा होता है—वो अपने नेता को इतिहास के पन्नों में अमर करना चाहता है, भले ही इसके लिए उसे तथ्यों को थोड़ा मोड़ना पड़े। ऐसा लगता है जैसे स्कूल में जब ज्ञान बंट रहा था तो उस समय चमचे और भक्त नेताजी के रैली की तैयारी में जुटे थे।चमचे और भक्त भारतीय राजनीति के मसाले हैं। बिना इनके, रैलियां सूनी, टीवी डिबेट बेस्वाद, और ट्विटर शांत होता। लेकिन इनकी अतिशयोक्ति कई बार लोकतंत्र के लिए चुनौती बन जाती है। जब सवाल पूछने की जगह तारीफ करने की होड़ लगती है, तो जवाबदेही कमजोर पड़ती है। फिर चाहे सड़क पर गड्ढा हो या नीति में खामियां, सब “नेता जी की माया” में ढक जाता है। हमें लगता है जैसे चमचे और भक्त, दोनों ही भारतीय राजनीति के रंग हैं। इनके बिना शायद हमारा लोकतंत्र इतना जीवंत न होता। लेकिन अगर आप भी कभी चमचागिरी या भक्ति के रास्ते पर निकलें, तो एक बार रुककर सोच लें—क्या आप अपने नेता के लिए बोल रहे हैं, या अपने विवेक के लिए।

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उपायुक्त ने अधिकारियों को लंबित शिकायतों का त्वरित समाधान करने के दिए निर्देश

आयुक्त एव सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी उपायुक्तों के साथ समाधान शिविरों में लंबित शिकायतों को लेकर समीक्षा बैठक की करी अध्यक्षता पंचकूला, 26 सितंबर(ईशान राय )। हरियाणा हाउसिंग फॉर आल विभाग के आयुक्त एव सचिव मोहम्मद शाईन ने आज चंडीगढ से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी उपायुक्तों के साथ समाधान शिविरों में लंबित शिकायतों को लेकर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होने प्रदेश के सभी उपायुक्तों को लंबित शिकायतों का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होने कहा कि प्रत्येक शिकायत का एक तय समय सीमा में समाधान सुनिश्चित किया जाए। वीडियो कांफ्रेंसिंग के उपरांत उपायुक्त श्री सतपाल शर्मा ने लघु सचिवालय के सभागार में विभिन्न विभागों के जिला अधिकारियों की बैठक ली। उन्होने संबंधित विभाग के नोडल अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि वे समाधान शिविर में आने वाली शिकायतों का बारीकी से अध्ययन कर उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि वे रि-ओपन शिकायतों की शीघ्र ही समीक्षा करेंगे ताकि ऐसी शिकायतों का स्थाई समाधान किया जा सके। उन्होने निर्देश दिए कि अधिकारी एसडीएम कालका से मिलकर कालका उपमंडल से संबंधित शिकायतों का निवारण करवाएं ताकि कोई शिकायत लंबित न रहे। उपायुक्त ने कहा कि लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के निर्देश पर प्रत्येक सोमवार और वीरवार को प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक लघु सचिवालय के सभागार में समाधान शिविर का आयोजन किया जाता है। इस दौरान सभी विभागों के संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहते हैं। उन्होने कहा कि समाधान शिविर का उदेश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोगों को अपनी समस्याओं के निवारण के लिए अलग अलग कार्यालयों में न जाना पड़े और एक स्थान पर उनकी समस्याओं का एक तय समय सीमा में समाधान हो । उन्होने अधिकारियों से आहवान किया कि वे समाधान शिविर में आने वाली प्रत्येक समस्या को गंभीरता से लें और उसका प्राथमिकता के आधार पर समाधान करें। मुख्यमंत्री का सपना समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े गरीब से गरीब व्यक्ति तक सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहंुचाना है। इस अवसर पर एसडीएम पंचकूला चंद्रकांत कटारिया, एसडीएम कालका संयम गर्ग, तहसीलदार सुरेश कुमार, नायब तहसीलदार हरदेव, जनस्वास्थ्य अभियंत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता समीर शर्मा सहित अन्य विभागों के संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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