ishantimes

Cmoharyana

Breaking News

ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने आईपीएस वाई पुरन कुमार की दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की

BREAKING NEWS विज ने चंडीगढ़ स्थित निवास पहुंच कर परिजनों को ढांडस बंधाया,परिजनों के दुख में शामिल हुए चंडीगढ़, 11 अक्टूबर(संजय राय ,ईशान टाइम्स)। हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री श्री अनिल विज ने आज पर आईपीएस अधिकारी वाई पुरन कुमार की दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके चंडीगढ़ स्थित निवास पहुंच कर परिजनों को ढांडस बंधाया। इस मौके पर उन्होंने वाई पुरन कुमार के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। इसके पश्चात, मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए कहा कि वे आज यहां परिजनों के दुख में शामिल होने के लिए आए है। उल्लेखनीय है कि श्री विज ने वाई पुरन कुमार की पत्नी आईएएस अधिकारी अमनित पी कुमार से मुलाकात कर सांत्वना दी। इसके अलावा, श्री विज आज अमनित पी कुमार के भाई, दोनों बेटियों और वाई पुरन कुमार के भाईयों सहित अन्य परिजनों से भी मिले और उनके दुख में शामिल हुए।……..

Breaking News

78वें वार्षिक निरंकारी संत समागम की तैयारियाँ व्यापक स्तर पर

चंडीगढ़/पंचकुला/मोहाली, 10 अक्टूबर, (संजय राय ,ईशान टाइम्स)।- संत निरंकारी मिशन का 78वां वार्षिक संत समागम, पूर्ववर्ती वर्षों की दिव्यता और गरिमा के अनुरूप, इस वर्ष भी 31 अक्टूबर से 3 नवम्बर, 2025 तक समालखा (हरियाणा) स्थित संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल पर अत्यंत भव्यता, श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास के साथ आयोजित होने जा रहा है। यह दिव्य आयोजन सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित जी के पावन सान्निध्य में संपन्न होगा, जिसकी शुभ सूचना ने समस्त श्रद्धालु भक्तों के हृदयों में अपार हर्ष और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार कर दिया है। यह जानकारी चंडीगढ़ ज़ोन के ज़ोनल इंचार्ज श्री ओ पी निरंकारी जी ने दी और उन्होने बताया की इस समागम में सेवा के लिए ट्राईसिटी से सकड़ों सेवादल के सदस्य गए हुए है। ‘आत्ममंथन’ विषय पर आधारित इस वर्ष का वार्षिक संत समागम अपने आप में एक अद्भुत एवं अनुपम आध्यात्मिक यात्रा है, जहां श्रद्धालु ब्रह्मज्ञान की आंतरिक ज्योति में सेवा, सिमरन और सत्संग करते हुए आनंद और प्रेमाभक्ति का अनुभव प्राप्त करेंगे। इस दिव्य उत्सव की तैयारियां अत्यंत श्रद्धा, लगन एवं निःस्वार्थ भावना से की जा रही हैं। श्रद्धालु भक्त, चाहे वे वृद्ध हों या युवा, पुरुष हों या महिलाएं, हर पृष्ठभूमि के भक्त सेवा में पूर्ण रूप से रत हैं। प्रातः काल की प्रथम किरण से लेकर संध्या के अंतिम प्रकाश तक, हर ओर भक्ति भाव से समर्पित सेवा का अपूर्व आलोक दिखाई देता है। कोई मिट्टी के तसले ढो रहा है, कोई शामियाने गाढ़ रहा है, तो कोई सफाई, जल प्रबंधन या भोजन व्यवस्था में जुटा है। 78वें वार्षिक संत समागम की भव्यता को प्रकट करता हुआ मुख्य गेट भी आकार लेने लगा है – एक ऐसा प्रवेश-द्वार, जो प्रेम, समरसता और आत्मिक एकत्व की यात्रा का प्रतीक बनेगा।’ यह सब कुछ समर्पण की उस भावना का प्रमाण है, जो सतगुरु के ज्ञान से उत्पन्न होती है। जिस प्रकार कहा भी गया है कि ‘जहाँ सेवा में समर्पण जुड़ जाता है, वहीं हर क्षण उत्सव बन जाता है।’ सेवा भाव की गरिमा को देखकर यह स्पष्ट हो जाता है कि इन सेवकों के मुखमंडलों पर कोई थकान नहीं, अपितु आनंद और उल्लास की आभा झलक रही है। यह वही दिव्य आनंद है, जिसे केवल सतगुरु की छत्रछाया में रहकर, सेवा और भक्ति के माध्यम से अनुभव किया जा सकता है। सतगुरु माता जी भी अपने प्रवचनों में बारंबार यही प्रेरणा देती हैं कि ‘तन पवित्र सेवा किये, धन पवित्र दिये दान, मन पवित्र हरि भजन सों, त्रिबिध होई कल्याण।‘ देश के कोने-कोने से ही नहीं, अपितु विदेशों से भी लाखों श्रद्धालु भक्त इस संत समागम में सम्मिलित होने के लिए पधारते हैं। उनके स्वागत एवं सुविधाओं हेतु सभी आवश्यक प्रबंध अत्यंत सुचारू रूप से किए जा रहे हैं। रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और हवाई अड्डों पर निरंकारी सेवादल के अनुशासित, मर्यादित एवं सुसज्जित सेवादार अपनी नीली और खाकी वर्दियों में श्रद्धालुओं का हार्दिक अभिनंदन करते हुए उन्हें उनके निर्धारित निवास स्थलों तक ससम्मान पहुँचाने हेतु सतत तत्पर रहेंगे। निसंदेह यह समागम केवल एक साधारण आयोजन नहीं, अपितु मानवता के उत्थान और समरसता के जागरण का एक अनुपम पर्व है, जहाँ विविध संस्कृतियों, भाषाओं और परिवेशों से आए श्रद्धालु भक्त ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना को आत्मसात करते हुए, सतगुरु की अमृतवाणी से अपनी अंतरात्मा को जागृत करते हैं। इस पावन अवसर पर हर उस सज्जन, भाई व बहन का हृदय से स्वागत है, जो प्रेम, शांति, समरसता के इस दिव्य महायज्ञ का हिस्सा बनना चाहती है।

Breaking News

हरियाणा के IPS सुसाइड केस में SIT का गठन

चंडीगढ़ (संजय राय, ईशान टाइम्स)।चंडीगढ़ पुलिस के IG पुष्पेंद्र के नेतृत्व में 6 सदस्यी टीम बनाई, जिसमें SSP कंवरदीप कौर भी शामिल हैं । #Chandigarh Police #Constitutes SIT in IPS Y #Puran Kumar Suicide Case Chandigarh Police #Constitutes SIT in IPS Y #Puran Kumar Suicide हरियाणा के ADGP रैंक के सीनियर आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार के सुसाइड केस में कार्रवाई शुरू हो चुकी है। चंडीगढ़ पुलिस ने केस को लेकर 6 सदस्यी स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन कर दिया है। चंडीगढ़ IG पुष्पेंद्र SIT का नेतृत्व करेंगे। वहीं टीम में 5 अन्य सदस्यों में SSP कंवरदीप कौर, SP सिटी केएम प्रियंका, DSP चरणजीत सिंह विर्क, SDPO साउथ गुरजीत कौर और SHO सेक्टर 11 वेस्ट इंस्पेक्टर जयवीर राणा को शामिल किया गया है। चंडीगढ़ पुलिस की यह SIT टीम ही अब IPS सुसाइड केस में हर तरह से जांच को आगे बढ़ाएगी। गौरतलब है की IPS वाई पूरन कुमार ने अपने सुसाइड नोट में हरियाणा के जिन आईपीएस और आईएएस अफसरों के नाम छोड़े हैं, उनके खिलाफ चंडीगढ़ पुलिस ने गुरुवार देर रात FIR दर्ज कर ली थी। हालांकि चंडीगढ़ पुलिस की दर्ज FIR में IAS अमनीत पी कुमार ने आपत्ति जताई है और SSP कंवरदीप कौर को पत्र लिखकर इसमें संसोधन की मांग की है। अमनीत पी कुमार का कहना है कि FIR में स्पष्ट रूप से आरोपियों के नामों का उल्लेख नहीं किया गया है। FIR में आरोपियों के कॉलम में सुसाइड नोट में शामिल अफसरों के नाम नहीं लिखे गए हैं। इसके अलावा SC-ST एक्ट के तहत जो धाराएं लगाई जानी चाहिए थीं वो नहीं नहीं लगाई गईं हैं। अमनीत पी कुमार ने चंडीगढ़ पुलिस से निष्पक्ष और न्यायपूर्ण ढंग से कार्रवाई की मांग की है। बता दें कि अभी तक वाई पूरन कुमार का पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार नहीं हो सका है। वहीं वाई पूरन कुमार का सुसाइड केस अब पूरे देश में गरमा गया है। इस केस को लेकर दलित सियासत भी गर्म नजर आ रही है। फिलहाल इस सुसाइड (Haryana IPS Y Puran Kumar) से हरियाणा के शासकीय और प्रशासनिक प्रणाली सवालों के घेरे में है। इस पूरे घटनाक्रम ने हरियाणा की ब्यूरोक्रेशी को बड़े स्टार पर प्रभावित किया है। मेरे पति को प्रताड़ित और अपमानित किया वाई पूरन कुमार की IAS पत्नी अमनीत पी कुमार का कहना है कि हरियाणा के उच्च पदस्थ अधिकारियों ने मेरे पति को न सिर्फ मानसिक प्रताड़ित किया बल्कि अनुसूचित जाति से आने के चलते सार्वजनिक और जातिगत रूप से अपमानित भी किया। उन्होंने अपनी पुलिस सेवा में हमेशा ईमानदारी और निष्ठा से काम किया और खुद को बेदाग रखा। लेकिन उन्हें साजिश रचकर झूठे केसों में फंसाने की कोशिश की गई। अमनीत पी कुमार ने कहा कि मेरे पति को मानसिक रूप से इस कदर प्रताड़ित किया गया कि उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा। एक पत्नी के रूप में मेरी आत्मा न्याय के लिए रो रही है। मेरे पति और हमारे परिवार को न्याय मिलना चाहिए। वाई पूरन कुमार ने 7 अक्टूबर को सुसाइड किया आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार (Haryana IPS Y Puran Kumar) ने 7 अक्टूबर को चंडीगढ़ स्थित अपने आवास सुसाइड किया था। IPS वाई पूरन कुमार ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मारी। जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं उन्होंने जब यह कदम उठाया तो उस समय में घर में पत्नी की मौजूदगी नहीं थी. दरअसल, वाई पूरन कुमार की आईएएस पत्नी अमनीत कुमार उस बीच मुख्यमंत्री नायब सैनी के साथ जापान के दौरे पर गई हुईं थीं। सुसाइड के बाद वाई पूरन कुमार के सेक्टर-11 स्थित आवास से 8 पन्नों का फाइनल नोट मिला था। चंडीगढ़ पुलिस और सीएफएसएल की टीम ने कई सबूत एकत्रित किए। 2001 बैच के IPS अफसर थे वाई पूरन कुमार वाई पूरन कुमार हरियाणा कैडर 2001 बैच के सीनियर IPS अफसर थे। पिछले महीने ही उन्हें ADGP रोहतक रेंज से ट्रांसफर कर IG पीटीसी सुनारिया (रोहतक) नियुक्त किया गया था। वाई पूरन कुमार इससे पहले रोहतक रेंज के IG भी रहे हैं। वह IG HAP मधुबन और IG होम गार्ड्स भी रहे। मसलन वाई पूरन कुमार ने अपने आईपीएस करियर में हरियाणा पुलिस के कई अहम और बड़े पदों पर काम किया। इस दौरान वह (IPS Y Puran Kumar) हरियाणा की अफसरशाही में काफी चर्चा में बने रहे।

Breaking News

हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान जन चेतना ट्रस्ट बनेगा दलितों के हकों की आवाज : सुदेश कटारिया

नारायणगढ़ से शुरू हुआ विधानसभा स्तर पर हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान सम्मेलन का आगाज चण्डीगढ़(ईशान टाइम्स) : केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल के मुख्य मीडिया सलाहकार सुदेश कटारिया ने कहा कि कांग्रेस राज में हर 18वें मिनट में दलित उत्पीड़न होता था। मगर वर्ष 2014 में जब मनोहर लाल ने हरियाणा प्रदेश के मुख्यमंत्री की कमान संभाली तो उन्होंने दलितों की सबसे पुरानी मांग को पूरा करते हुए एससी कमीशन का गठन किया। आज एससी कमीशन दलितों की सुनवाई का सबसे बड़ा मंच गया है। इसके साथ ही दलितों के हकों की आवाज बुलंद करने और उनके अधिकारों की रक्षा करने के लिए हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान जनचेतना ट्रस्ट का गठन किया गया है, जिसके जिलाध्यक्षों की नियुक्ति की जा चुकी है।केंद्रीय ऊर्जा मंत्री के मुख्य मीडिया सलाहकार नारायणगढ़ में आयोजित हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान समारोह में बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। नारायणगढ़ से हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान समारोह का विधानसभा स्तर पर आयोजन का सिलसिला शुरू हुआ। नारायणगढ़ विधानसभा में आयोजित समारोह के आयोजक गौरव जौली थी। इसके साथ ही डॉ. कपूर सिंह और रवि चौधरी भी प्रमुख तौर पर मौजूद रहे।समारोह में पहुंचने पर लोगों ने हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान जन चेतना ट्रस्ट के अध्यक्ष सुदेश कटारिया का फूल-मालाओं के साथ स्वागत किया। वहीं, आयोजक गौरव जौली ने मुख्यातिथि को संविधान निर्माता बाबा साहेब का चित्र और शॉल भेंट कर सम्मानित किया।हमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान जन चेतना ट्रस्ट के अध्यक्ष सुदेश कटारिया ने कहा कि वर्ष 2014 से पहली की सरकारों में क्षेत्रवाद, परिवारवाद और भाई-भतीजावाद का बोल-बोला था। धौलकपड़िये और कमीशनखोरी के जरिये जनता के काम होते थे। मगर जब वर्ष 2014 में मनोहर लाल ने प्रदेश के मुख्यमंत्री की बागडोर संभाली तो उन्होंने सबसे पहले क्षेत्रवाद, परिवारवाद और भाई-भतीजावाद को समाप्त करते हुए हरियाणा एक-हरियाणवीं एक का नारा दिया और उन्होंने पूरे प्रदेश में समान विकास कराया। उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारों में दलितों की अनदेखी होती थी, दलित मंत्री जरूर बनते थे, लेकिन वे पॉवर लेस डम्मी मंत्री होते थे। मगर मनोहर लाल ने उन्हें सीएमओ में अपनी बराबर वाली कुर्सी पर बैठाकर राजनीति में नई मिसाल पेश की, उनके लिए हर वर्ग सम्मान है, चाहे वह दलित हो या फिर पिछड़ा। यही नहीं, मनोहर लाल ने उन्हें दलितों के काम करने की पॉवर भी दी, जिससे उन्होंने अपनी कलम को दलितों के हित में प्रयोग किया है। कांग्रेस ने वोट चोरी करके हराया बाबा साहेब कोहमारा संविधान-हमारा स्वाभिमान जन चेतना ट्रस्ट के अध्यक्ष सुदेश कटारिया ने कांग्रेस के वोट चोरी के आरोप पर पलटवार करते हुए कहा कि वर्ष 1952 में कांग्रेस ने वोट चोरी करके संविधान निर्माता बाबा साहेब को हराया था। तब तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने 74 हजार वोट रद्द करवाकर दलितों के सम्मान को ठेस पहुंचाने के साथ लोकतंत्र की हत्या की थी। आज वही लोग संविधान हाथ में लेकर संविधान को खतरा होने और वोट चोरी के नाम पर दलितों को गुमराह कर रहे हैं। मगर संविधान कोई दस्तावेज नहीं है, यह लोकतंत्र और दलितों की आत्मा है, जिससे बाबा साहेब से अपने खून-पसीने से सींचा है।उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनावों में कांग्रेस ने दलितों को गुमराह करके वोट हासिल किए, लेकिन विधानसभा चुनाव में दलित कांग्रेस के झांसे में नहीं आए और उनके हितों की रक्षा करने वाली भाजपा की प्रदेश में तीसरी बार सरकार बनाई।

Breaking News

वोट” और “मतदान” का मतलब है की आप नेता के गुलाम हो

“ भारत के लोकतंत्र में मतदान को सबसे शक्तिशाली हथियार माना जाता है। यह वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से नागरिक अपने नेताओं का चयन करते हैं और देश के भविष्य को आकार देने में अपनी भूमिका निभाते हैं। लेकिन क्या मतदान का मतलब केवल एक वोट डालना है, या इसके पीछे कोई गहरा अर्थ छिपा है? कुछ लोग कहते हैं कि मतदान करना यानी नेताओं के गुलाम बनना, क्योंकि हम अपनी स्वतंत्र इच्छा से चुने गए नेताओं के निर्णयों पर निर्भर हो जाते हैं। मतदान केवल एक कागजी प्रक्रिया या इलेक्ट्रॉनिक बटन दबाने का कार्य नहीं है। यह एक नागरिक का अधिकार, कर्तव्य और जिम्मेदारी है। मतदान के जरिए हम अपने प्रतिनिधियों को चुनते हैं, जो हमारी आवाज को सरकार तक पहुंचाते हैं। लेकिन यह सवाल उठता है कि क्या हम वास्तव में स्वतंत्र रूप से अपनी पसंद व्यक्त करते हैं, या फिर हम सामाजिक दबाव, प्रचार, या भावनात्मक प्रभावों के गुलाम बन जाते हैं? कई बार लोग नेताओं के वादों, जाति, धर्म, या क्षेत्रीय भावनाओं के आधार पर वोट देते हैं। ऐसे में मतदान स्वतंत्र इच्छा की अभिव्यक्ति कम और बाहरी प्रभावों का परिणाम ज्यादा बन जाता है। अगर हम बिना सोचे-समझे वोट डालते हैं, तो यह संभव है कि हम उन नेताओं के हाथों में शक्ति सौंप दें जो हमारे हितों की बजाय अपने निजी स्वार्थों को प्राथमिकता दें। इस दृष्टि से, मतदान हमें नेताओं का “गुलाम” बना सकता है, अगर हम अपनी शक्ति का उपयोग विवेकपूर्ण ढंग से नहीं करते। मतदान की कीमत को दो दृष्टिकोणों से समझा जा सकता है: एक, वह मूल्य जो यह लोकतंत्र को देता है, और दूसरा, वह लागत जो इसके गलत उपयोग से समाज को चुकानी पड़ती है।मतदान लोकतंत्र का आधार है। इसके जरिए हर नागरिक को समान अधिकार मिलता है, चाहे वह किसी भी सामाजिक, आर्थिक या सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से हो। एक वोट की कीमत एक पूरे देश के भविष्य को बदलने की ताकत रखती है। यह वह शक्ति है जो सरकारों को बनाती और गिराती है। इतिहास में कई उदाहरण हैं जहां एक-एक वोट ने बड़े बदलाव लाए। मतदान करने का मतलब केवल एक दिन के लिए मतदान केंद्र जाना नहीं है। यह एक ऐसी जिम्मेदारी है जो हमें अपने नेताओं के प्रति जवाबदेह बनाती है। अगर हम गलत व्यक्ति को चुनते हैं, तो हमें अगले पांच साल तक उनके निर्णयों का परिणाम भुगतना पड़ सकता है। उदाहरण के लिए, भ्रष्टाचार, नीतिगत असफलताएं, या सामाजिक अस्थिरता जैसी समस्याएं गलत मतदान का परिणाम हो सकती हैं। कई बार लोग वोट देने के लिए समय, पैसा, और मेहनत खर्च करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग लंबी दूरी तय करके मतदान केंद्रों तक जाते हैं। लेकिन अगर मतदान का परिणाम अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं होता, तो यह निराशा और अविश्वास को जन्म देता है। इसके अलावा, गलत नेतृत्व के कारण समाज में असमानता, बेरोजगारी, और अन्य समस्याएं बढ़ सकती हैं, जो मतदान की गलत पसंद की कीमत होती हैं। ऐसे में हमें मतदान को गुलामी से बचानें की जरूरत है।मतदान को नेताओं की गुलामी बनने से बचाने के लिए हमें जागरूक और विवेकपूर्ण होना होगा। निम्नलिखित कदम मदद कर सकते है,जैसे कि उम्मीदवारों के पिछले कार्यों, उनके दृष्टिकोण, और नीतियों का अध्ययन करें। प्रचार और भावनात्मक भाषणों से प्रभावित होने की बजाय तथ्यों पर ध्यान दें। जाति, धर्म, या क्षेत्रीयता के आधार पर वोट देने से बचें। अपने और समाज के हित को प्राथमिकता दें,मतदान के बाद भी नेताओं के कामकाज पर नजर रखें। लोकतंत्र में नागरिकों की भूमिका केवल वोट देने तक सीमित नहीं है। मतदान के महत्व और इसके प्रभाव को समझाने के लिए समाज में जागरूकता फैलाएं। मतदान कोई गुलामी नहीं है, बल्कि यह हमारी शक्ति और स्वतंत्रता का प्रतीक है। लेकिन इस शक्ति का सही उपयोग तभी संभव है जब हम जागरूक, शिक्षित, और विवेकपूर्ण ढंग से अपने वोट का उपयोग करें। मतदान की कीमत तब सार्थक होती है जब यह समाज में सकारात्मक बदलाव लाए, न कि नेताओं के गलत इरादों को बढ़ावा दे। आइए, हम अपने मत का उपयोग एक मजबूत, समावेशी, और प्रगतिशील समाज के निर्माण के लिए करें, न कि किसी की गुलामी स्वीकार करने के लिए।एक वोट बदल सकता है सब कुछ, बशर्ते वह सोच-समझकर डाला जाए। -इंद्र यादव – स्वतंत्र लेखक,महाराष्ट्रindrayadavrti@gmail.com

Breaking News, General

पारदर्शिता व जनभागीदारी की दिशा में हरियाणा सरकार का बड़ा कदम, मुख्यमंत्री ने लॉन्च किया ‘म्हारी सड़क मोबाइल एप’

डिजिटल एप से नागरिक सीधे सरकार तक पहुँचा सकेंगे सड़क से संबंधित समस्याएं ‘म्हारी सड़क ऐप’में जी.आई.एस आधारित डिजिटल मैपिंग से सड़क की स्थिति पर होगी सीधी नजर पंचकूला, 4 अक्टूबर (संजय राय)– हरियाणा में ढांचागत विकास को नई गति देने के लिए पारदर्शिता व जनभागीदारी की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज म्हारी सड़क मोबाइल एप्लीकेशन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ऐप नागरिक और सरकार के बीच सेतु का काम करेगा। सरकार का लक्ष्य प्रदेश में बेहतर सड़कों का जाल बिछाकर ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों को मजबूत आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है। सड़कें विकास का मार्ग प्रशस्त करती हैं और इस दिशा में हरियाणा सरकार दृढ़ संकल्पित है। पंचकूला में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ऐप नागरिकों को सड़कों की स्थिति की जानकारी सीधे सरकार तक पहुंचाने का माध्यम है। इस ऐप के माध्यम से नागरिक सड़कों पर गड्ढे, टूटी सड़क या सड़क पर जलभराव की समस्या की लोकेशन के साथ शिकायत दर्ज कर सकेंगे। संबंधित विभाग को तत्काल सूचना मिलते ही सड़क के सुदृढ़ीकरण का कार्य किया जाएगा। इस ऐप के माध्यम से शिकायत की टाइम बाउंड मॉनिटरिंग होगी। म्हारी सड़क ऐप में जी.आई.एस आधारित डिजिटल मैपिंग से सड़क की स्थिति पर होगी सीधी नजर उन्होंने कहा कि हरियाणा के आधारभूत ढांचे को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है और पारदर्शिता, जवाबदेही एवं जनभागीदारी को अपनी प्राथमिकता बना रही है। उन्होंने कहा कि हमने एक नया हरियाणा बनाने का संकल्प लिया है, एक ऐसा हरियाणा जहां हर नागरिक को बेहतर जीवन मिले, जहां विकास की गति कभी न थमे और विकास की गति के लिए सबसे पहली जरूरत है अच्छी सड़कें। सड़कें किसी भी राज्य की जीवन रेखा होती हैं। ये न सिर्फ लोगों को जोड़ती हैं, बल्कि अर्थव्यवस्था को भी गति देती हैं। उन्होंने कहा कि म्हारी सड़क ऐप में जी.आई.एस-आधारित तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे राज्य की सभी सड़कों का डिजिटल मानचित्रण संभव हुआ है। इससे नागरिकों को सड़कों की स्थिति की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। प्रादेशिक सड़क उत्थान परियोजना बनेगी विकसित हरियाणा का आधारस्तंभ नायब सिंह सैनी ने कहा कि गत 21 सितम्बर को हिसार में ‘प्रादेशिक सड़क उत्थान परियोजना’ का शुभारंभ किया था। यह परियोजना आने वाले वर्षों में ‘विकसित भारत-विकसित हरियाणा’ के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगी। इस परियोजना के तहत चालू वित्त वर्ष में 4,827 करोड़ रुपये की लागत से 9,410 किलोमीटर लंबी 4,227 सड़कों की मरम्मत एवं उत्थान का काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मानना है कि ‘यदि देश को गति देनी है, तो सड़कों को मजबूती देनी होगी। सड़कें सिर्फ यात्रा का साधन नहीं होतीं, बल्कि यह अर्थव्यवस्था की धमनियां होती हैं।’ इसी सोच के तहत, पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में भारत ने सड़क अवसंरचना में अभूतपूर्व क्रांति देखी है। आज, देशभर में डिफेंस कॉरिडोर से लेकर फ्रेट कॉरिडोर तक, भारतमाला से सागरमाला तक, रोडवेज, रेलवेज और एयरवेज कनेक्टिविटी का जाल पूरे देश में मिशन मोड पर काम कर रहे हैं। साथ ही, पी.एम. गतिशक्ति के माध्यम से आधारभूत परियोजनाओं को बेहतर बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदेश में पिछले 11 वर्षों में 28,651 करोड़ रुपये की लागत से 43,703 किलोमीटर लंबी सड़कों का सुधार किया है। इसके साथ ही, 2,534 करोड़ रुपये की लागत से 2,417 किलोमीटर लंबी नई सड़कों का निर्माण भी किया है। इनके अलावा, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत प्रदेश में 1, 077 करोड़ रुपये की लागत से 2,432 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया जा चुका है। हरियाणा में 21 नये राष्ट्रीय राजमार्ग स्वीकृत किए हैं। इनमें से 12 राजमार्ग बन चुके हैं। प्रदेश में पिछले 11 वर्षों में 28,582 करोड़ रुपये की लागत से 1,719 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण किया गया है। जबकि, 2014 से पहले की सरकार के 10 साल के शासनकाल में 1,713 करोड़ रुपये की लागत से 451 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग बनाए गए। इतना ही नहीं, यातायात को सुगम बनाने के लिए 27 टोल टैक्स बैरियर हटाने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिक टेक्नोलॉजी से जुड़े, उनकी भागीदारी इस ऐप को सफल बनाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाएगी। हर स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी में इसके लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ‘हरियाणा ए.आई. मिशन’ के तहत ई-गवर्नेस को बढ़ावा दे रही है। इस मिशन के तहत गुरुग्राम और पंचकूला में ए.आई. हब स्थापित किए जाएंगे, जहां 50 हजार से अधिक युवाओं को उन्नत तकनीकों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस डिजिटल पहल से न केवल सड़कें बेहतर होंगी, बल्कि जनता और प्रशासन के बीच पारदर्शिता और विश्वास भी मजबूत होगा – लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि किसी भी प्रदेश के विकास का आंकलन उसकी सड़कों की स्थिति से लगाया जा सकता है और हरियाणा लगातार अपने सड़क तंत्र को मजबूत कर रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) विभाग प्रदेश में सड़कों की रिपेयर, नवनिर्माण, सुदृढ़ीकरण और पैच-वर्क के कार्य को युद्ध स्तर पर कररहा है। उन्होंने कहा कि गत दिनों ही मुख्यमंत्री द्वारा प्रादेशिक सड़क उत्थान परियोजना का शुभारंभ किया गया। ये परियोजना विकसित हरियाणा के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि सड़कें केवल यातायात का साधन नहीं हैं, बल्कि यह गांवों और शहरों को जोड़ने के साथ-साथ राज्य के समग्र विकास की धुरी भी हैं। रणबीर गंगवा ने कहा कि नागरिक फोटो के साथ सड़क संबंधित शिकायतें इस एप पर अपलोड कर सकते हैं। इस डिजिटल सिस्टम में जेई से लेकर विभागाध्यक्ष तक सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय की गई है। शिकायत प्राप्त होने के बाद निर्धारित समय में संबंधित अधिकारी सड़क सुधार कार्य पूरा करने के बाद की फोटो भी एप पर अपलोड करेंगे और शिकायतकर्ता को सूचित किया जाएगा। इस पहल से न केवल सड़कें बेहतर होंगी, बल्कि जनता और प्रशासन के बीच पारदर्शिता और विश्वास भी मजबूत होगा। इस अवसर पर

Breaking News, General, Politics

17 अक्टूबर को सरकार के एक वर्ष पूरे होने पर सोनीपत में आयोजित होने वाले विशेष कार्यक्रम में शामिल होंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रदेशवासियों को करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित हुई कैबिनेट की अनौपचारिक बैठक हरियाणा सरकार की एक वर्ष की उपलब्धियों और विकास कार्यों पर हुई विस्तृत चर्चा चंडीगढ़, 4 अक्टूबर(संजय राय),हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज राज्य कैबिनेट की अनौपचारिक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश सरकार की एक वर्ष की उपलब्धियों, विकास कार्यों, और विभिन्न प्रशासनिक मुद्दों पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया। यह बैठक सेवा पखवाड़े के सफल समापन के उपरांत आयोजित हुई, जिसमें कैबिनेट सदस्यों ने न केवल प्रदेश की प्रगति का मूल्यांकन किया बल्कि आगामी योजनाओं और विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर भी चर्चा की। बैठक में हरियाणा सरकार के गठन के एक वर्ष पूरे होने के अवसर पर 17 अक्टूबर को सोनीपत में आयोजित होने वाले राज्यस्तरीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन को लेकर विशेष चर्चा हुई। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोनीपत में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे और इस अवसर पर प्रदेशवासियों को करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात प्रदान करेंगे। यह कार्यक्रम वर्तमान सरकार की उपलब्धियों और विकास पहलों सहित जनता के समर्थन को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर होगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गत वर्ष अक्टूबर में हरियाणा की जनता ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार को लगातार तीसरी बार मजबूत जनादेश से चुना था। अब जब सरकार का एक वर्ष पूरा हो रहा है, इस उपलब्धि को विशेष रूप से मनाने के लिए सोनीपत में 17 अक्टूबर को आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि होंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री द्वारा प्रदेश की जनता के लिए विकास की नई योजनाओं और परियोजनाओं की सौगात दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हरियाणा प्रदेश के प्रति विशेष लगाव रहा है। पिछले एक वर्ष में उन्होंने प्रदेश में दो बार आकर विकास कार्यों को नई दिशा दी है। 8 दिसंबर 2024 को पानीपत में उन्होंने “बीमा सखी योजना” का शुभारंभ किया, वहीं 14 अप्रैल 2025 को बाबा भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर हिसार से हरियाणा के पहले महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट से अयोध्या के लिए पहली फ्लाइट रवाना की। उसी दिन यमुनानगर में 7 हजार करोड़ रुपये की लागत से बन रही 800 मेगावाट की थर्मल प्लांट की नई इकाई का शिलान्यास भी किया गया। इन परियोजनाओं ने प्रदेश के विकास को नई गति प्रदान की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब एक बार फिर प्रधानमंत्री के आगमन से हरियाणा में चल रहे नॉनस्टॉप विकास कार्यों को और तेजी मिलेगी। बैठक में कैबिनेट मंत्री अनिल विज, कृष्णलाल पंवार, डॉ अरविंद शर्मा, श्याम सिंह राणा, रणबीर गंगवा, कृष्ण बेदी और कुमारी आरती सिंह राव सहित अन्य मंत्रिगण भी उपस्थित रहे।

Breaking News

मोदी सरकार की नीतियों के कारण ही देश के 8 करोड़ किसान डेयरी सेक्टर से जुड़ गए हैं:अमित शाह

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज हरियाणा के रोहतक में साबर डेयरी प्लांट का लोकार्पण किया प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में सहकारिता की मजबूत नींव रखी जा रही है, वर्ष 2029 से पहले देश की हर पंचायत में एक सहकारिता समिति बनेगी साबर डेयरी ने हरियाणा के दूध उत्पादक किसानों के कल्याण के लिए 350 करोड़ रुपए की लागत से देश का सबसे बड़ा दही, दूध और मिठाई बनाने का प्लांट लगाया प्रतिदिन 150 मीट्रिक टन दही, 10 मीट्रिक टन योगर्ट, 3 लाख लीटर छाछ और 10 हज़ार किलो मिठाई बनाने वाली साबर प्लांट डेयरी किसानों की समृद्धि का प्रतीक बनेगा मोदी जी के नेतृत्व में 70 फीसद की गति से देश का डेयरी सेक्टर दुनिया में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाला सेक्टर बना है आज देश की दुग्ध प्रसंस्करण की क्षमता 660 लाख लीटर प्रतिदिन है, जिसे 2028-29 में 1 हजार लाख लीटर प्रतिदिन तक पहुँचाना है मोदी सरकार डेयरी संयंत्र निर्माण और उससे जुड़े रिसर्च व डेवलपमेंट के सेक्टर में तीन गुना तेजी लाकर डेयरी सेक्टर में आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही है रोहतक , 3 अक्टूबर(संजय राय, ईशान टाइम्स)। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज हरियाणा के रोहतक में साबर डेयरी प्लांट का लोकार्पण किया। इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, केन्द्रीय सहकारिता राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर और केन्द्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इस अवसर पर अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश के किसानों की दशकों पुरानी अलग सहकारिता मंत्रालय के गठन की मांग को पूरा करने का काम किया है और इसके लिए पूरे देश की ओर से उनका आभार है। उन्होंने कहा कि पिछले 4 सालों में देश की सभी राज्य सरकारों को साथ लेकर सहकारिता मंत्रालय ने सहकारिता की नींव को गहरा करने का काम किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2029 से पहले देश की एक भी पंचायत ऐसी नहीं रहेगी, जहां एक भी सहकारिता समिति न हो।अमित शाह ने कहा कि आज साबर डेयरी के माध्यम से दूध उत्पादकों के कल्याण के लिए लगभग 350 करोड़ रुपए की लागत से पूरे देश का सबसे बड़ा दही, छाछ और योगर्ट बनाने के प्लांट का काम पूरा हो गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा से ही पूरे दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (Delhi-NCR) की दुग्ध उत्पादों की जरूरत पूरी होगी। साबर डेयरी ने गुजरात के साबरकांठा जिले से शुरूआत कर 9 राज्यों के दुग्ध उत्पादकों के लिए बहुत बड़े मौके का सृजन किया है। श्री शाह ने कहा कि गुजरात में त्रिभुवन भाई, भूरा भाई और गलबा भाई ने डेयरियों की नींव रखी और आज कोऑपरेटिव डेयरी के माध्यम से गुजरात की 35 लाख बहनें सालाना 85 हज़ार करोड़ रुपए का व्यापार कर रही हैं।केन्द्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि साबर प्लांट में प्रतिदिन 150 मीट्रिक टन दही, 10 मीट्रिक टन योगर्ट, 3 लाख लीटर छाछ और प्रतिदिन 10 हज़ार किलो मिठाई बनेंगे औऱ इससे किसानों की समृद्धि का रास्ता खुलेगा। उन्होने कहा कि आज हमारी साबर डेयरी राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र, पंजाब, उत्तर प्रदेश और बिहार के किसानों की सेवा कर रही है। अमूल के नेतृत्व में गुजरात में आधुनिक प्रजनन तकनीकों – भ्रूण स्थानांतरण औऱ लिंग निर्धारण – पर काफी वैज्ञानिक काम हुआ है। ये दोनों तकनीकें हरियाणा के पशुपालकों को भी उपलब्ध होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके साथ-साथ मधुमक्खी पालन औऱ जैविक खेती को भी राज्य में बढ़ावा देने की ज़रूरत है। गुजरात में गोबर गैस के लिए कई अच्छे प्रयोग हुए हैं और हरियाणा में भी इन प्रयोगों को लागू करने की जरूरत है। केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत का डेयरी सेक्टर पिछले 11 साल में 70 प्रतिशत की क्षमता से बढ़ा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत का डेयरी सेक्टर विश्व में सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला डेयरी सेक्टर बना है। उन्होंने कहा कि 2014-15 में भारत में दूध देने वाले पशुओं की संख्या 86 मिलियन थी जो अब बढ़कर 112 मिलियन हो गई है। इसी प्रकार, दुग्ध उत्पादन 146 मिलियन टन से बढ़कर 239 मिलियन टन हो गया है। उन्होंने कहा कि देसी नस्ल की गाय के दूध का उत्पादन 29 मिलियन टन से बढ़कर 50 मिलियन टन तक पहुंच गया है। अमित शाह ने कहा कि आज भारत के लगभग 8 करोड़ किसान डेयरी क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारत में दूध की प्रति व्यक्ति उपलब्धता को 124 ग्राम से बढ़ाकर 471 ग्राम करने का काम हमारे देश के किसानों ने किया है। उन्होंने कहा कि पिछले 11 साल में भारत के डेयरी सेक्टर में कई बदलाव हुए हैं और इसके कारण हमारे किसान समृद्ध हुए हैं।केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि श्वेत क्रांति 2.0 के तहत आने वाले दिनों में देशभर में 75 हज़ार से अधिक डेयरी समितियों की स्थापना होगी और सरकार 46 हज़ार डेयरी कोऑपरेटिव समितियों को मज़बूत भी करेगी। सहकारिता मंत्री शाह ने कहा कि हमारा वर्तमान दुग्ध प्रोक्योरमेंट 660 लाख लीटर प्रतिदिन है और वर्ष 2028-29 तक इसे बढ़ाकर 1 हज़ार लाख मीट्रिक टन तक करने का हमारा लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य हासिल करने पर सारा मुनाफा दुग्ध उत्पादन करने वाली हमारी किसान माताओं बहनों को मिलता है। एक साल में ही लगभग 33 हज़ार कोऑपेरेटिव्स को पंजीकृत कर दिया गया है।अमित शाह ने कहा कि हाल ही में मोदी सरकार ने तीन राष्ट्रीय सहकारी समितियां बनाईं हैं – पशु आहार के उत्पादन के लिए, गोबर के प्रबंधन के लिए औऱ मृत पशुओं के अवशेषों का सर्कुलर इकोनॉमी में उपयोग करने के लिए। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन, राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम शुरू किया, पशुपालन इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड बनाया और राष्ट्रीय पशुरोग नियंत्रण कार्यक्रम चलाया। शाह ने कहा कि आने वाले दिनों में हम डेयरी संयंत्र के निर्माण की दृष्टि से भी आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं और इसके लिए NDDB और बाकी सभी डेयरियां मिलतर संयंत्र निर्माण में 3 गुना कैपेसिटी एक्सपेंशन का काम करेंगे।

Breaking News, General, Politics

तीन नए कानूनों से देश की न्याय प्रणाली हुई सशक्त, आमजन को मिल रहा त्वरित न्याय – मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

हरियाणा में तीन नए आपराधिक कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन, दोष सिद्धि दर पहुँची 82.6% – मुख्यमंत्री ऑनलाइन एफआईआर से लेकर ई-साक्ष्य तक, हरियाणा पुलिस बन रही देश के लिए आदर्श केंद्र सरकार के हर सुधार को तत्परता से लागू करेगा हरियाणा – मुख्यमंत्री चंडीगढ़, 3 अक्टूबर -(संजय राय) हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि तीन नए आपराधिक कानूनों के लागू होने से भारत की न्याय प्रणाली पहले से कहीं अधिक सशक्त, प्रभावी और पारदर्शी बनी है। इन कानूनों के माध्यम से आम नागरिकों को शीघ्र और सुगम न्याय प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह हरियाणा के लिए गर्व का विषय है कि राज्य ने इतने कम समय में न केवल इन कानूनों को लागू किया, बल्कि इनके लागू होने के बाद दोष सिद्धि दर को 82.6 प्रतिशत तक पहुँचाने में भी सफलता प्राप्त की है, जो कि एक बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी आज कुरुक्षेत्र में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह द्वारा तीन नए आपराधिक कानूनों की प्रदर्शनी के शुभारंभ अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र की पुण्य भूमि पर केंद्रीय गृहमंत्री का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह हरियाणा के लिए गर्व का विषय है कि गीता की जन्मस्थली कुरुक्षेत्र से तीन नए आपराधिक कानूनों की प्रदर्शनी का उद्घाटन हुआ है। यही वह भूमि है, जहाँ भगवान श्रीकृष्ण ने श्रीमद्भागवत गीता का उपदेश दिया था, जो आज भी संपूर्ण मानवता का मार्गदर्शन कर रही है। अमित शाह के नेतृत्व में ऐतिहासिक सुधार, अनुच्छेद 370 की समाप्ति से लेकर नए आपराधिक कानूनों तक, देश ने बदली दिशा – मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में देश में कई क्रांतिकारी निर्णय लिए गए हैं, जिनके माध्यम से ऐतिहासिक भूलों को सुधारा गया है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और धारा 35-A को हटाकर कश्मीर से कन्याकुमारी तक अखंड भारत के स्वप्न को साकार किया गया है। इसके अतिरिक्त, नागरिकता संशोधन अधिनियम के माध्यम से उन लाखों लोगों को नागरिकता प्रदान की गई है, जो वर्षों से अपने ही देश में शरणार्थी के रूप में जीवन यापन कर रहे थे। इसके साथ ही अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण भी संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के समय से प्रचलित तीन पुराने आपराधिक कानूनों को हटाकर देश में तीन नए आपराधिक कानून लागू करना भी एक ऐतिहासिक और दूरगामी निर्णय है, जिससे न्याय व्यवस्था सुदृढ़ हुई है। श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा न केवल कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने में अग्रणी राज्य है, बल्कि न्याय व्यवस्था के क्षेत्र में भी पूरे देश का मार्गदर्शन करने वाला राज्य बन चुका है। इन नए आपराधिक कानूनों को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए हरियाणा पुलिस को पूरी तरह प्रशिक्षित किया गया है। सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को इन नए कानूनों के प्रति पूरी तरह से जागरूक और सक्षम बनाया गया है। जांच अधिकारी अब इन कानूनों को समझते हुए उन्हें व्यवहार में लाने के लिए पूर्णतः सक्षम हैं। हरियाणा में न्यायिक सुधारों की नई इबारत, 2,145 वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष स्थापित उन्होंने कहा कि हरियाणा प्रदेश में इन कानूनों के क्रियान्वयन में आधुनिक तकनीक का प्रभावी ढंग से उपयोग किया गया है। ई-साक्ष्य और ई-समन ऐप को सफलतापूर्वक लागू किया गया है। गवाही देने की प्रक्रिया में भी तकनीक का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया गया है। पुलिस थानों, फोरेंसिक प्रयोगशालाओं, न्यायालय कक्षों, कारागारों और बैंकों में कुल 2,145 वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष स्थापित किए गए हैं। 1 जनवरी 2025 से 31 अगस्त 2025 तक 96.71% मामलों में अपराध स्थल की फोरेंसिक जांच की रिकॉर्डिंग ई-साक्ष्य ऐप के माध्यम से की गई है। साथ ही, आपराधिक मामलों से जुड़े भौतिक साक्ष्यों की जांच, विश्लेषण एवं रिपोर्ट तैयार करने की व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए एफएसएल प्रयोगशालाओं को 19.54 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक बनाया गया है। उन्होंने बताया कि अब एफआईआर दर्ज कराने के लिए थानों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं है। ऑनलाइन एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है। सभी जीरो एफआईआर को 24 घंटे के भीतर नियमित एफआईआर में परिवर्तित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित सुधारों को हरियाणा सरकार पूरी तत्परता से लागू करेगी। इस अवसर पर गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने तीन नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी साझा करते हुए बताया कि नए कानूनों को लागू करने से पहले राज्य स्तर पर प्रशासनिक तैयारी, अधिकारियों का प्रशिक्षण, तथा तकनीकी अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में कई ठोस कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन न केवल विधि व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाएगा बल्कि आम नागरिकों का न्याय प्रणाली पर विश्वास भी और अधिक सुदृढ़ करेगा। इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज, विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, सहकारिता मंत्री डॉ अरविन्द शर्मा, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा, सेवा मंत्री कृष्ण बेदी, स्वास्थ्य मंत्री आरती राव, खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम, सांसद नवीन जिंदल और कार्तिकेय शर्मा, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे। सकती है। सभी जीरो एफआईआर को 24 घंटे के भीतर नियमित एफआईआर में परिवर्तित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित सुधारों को हरियाणा सरकार पूरी तत्परता से लागू करेगी। इस अवसर पर गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने तीन नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी साझा करते हुए बताया कि नए कानूनों को लागू करने से पहले राज्य स्तर पर प्रशासनिक तैयारी, अधिकारियों का प्रशिक्षण, तथा तकनीकी अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में कई ठोस कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन न केवल विधि व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाएगा बल्कि आम नागरिकों का न्याय प्रणाली पर विश्वास भी और अधिक सुदृढ़ करेगा। इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री अनिल विज, विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, सहकारिता मंत्री डॉ अरविन्द शर्मा,

Breaking News, General, Politics

केंद्र सरकार ने एक बार फिर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की कार्यशैली की करी सराहना

नायब सिंह के नेतृत्व में हरियाणा में युवाओं को योग्यता के आधार पर पारदर्शी व निष्पक्ष रूप से मिल रही सरकारी नौकरियाँ चंडीगढ़, 3 अक्टूबर(संजय राय) – केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की एक बार फिर प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में प्रदेश में युवाओं को योग्यता के आधार पर बिना खर्ची-पर्ची के पारदर्शी प्रक्रिया के तहत सरकारी नौकरियाँ प्रदान की जा रही हैं। अमित शाह ने इस पहल को एक सराहनीय कदम बताते हुए मुख्यमंत्री को प्रदेश की जनता की ओर से बधाई एवं साधुवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की व्यवस्था प्रदेश के युवाओं में सरकारी तंत्र के प्रति विश्वास और पारदर्शिता की भावना को मजबूत कर रही है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह आज कुरुक्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम में तीन नए आपराधिक कानूनों से संबंधित प्रदर्शनी के शुभारंभ अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने राज्य सरकार की पारदर्शी भर्ती प्रणाली की विशेष रूप से प्रशंसा की।

Scroll to Top