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पढ़ाई करने गए भारतीय छात्रों को अमेरिकन सरकार द्वारा डिपोर्ट करने पर चौ. अभय सिंह चौटाला ने उठाई आवाज

भारतीय छात्रों को अमेरिकन सरकार द्वारा डिपोर्ट करने के खिलाफ भारत सरकार अमेरिका में वकील करे नियुक्त: चौ. अभय सिंह चौटाला

अगर स्टूडेंट वीजा पर पढ़ाई करने अमेरिका गए बच्चों को पढ़ाई पूरी होने से पहले ही डिपोर्ट कर दिया जाएगा तो उनका भविष्य पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगा

विभिन्न कोर्स की पढ़ाई करने अमेरिका गए भारतीय छात्रों की संख्या लगभग 25 लाख है और उसमें से लाखों बच्चे हरियाणा के हैं

हरियाणा में बेरोजगारी पूरे देश में सबसे अधिक है और अमेरिका ऐसे ही पढऩे गए बच्चों को डिपोर्ट करता रहेगा तो प्रदेश में बेरोजगारी और ज्यादा बढ़ेगी

चंडीगढ़, 17 अप्रैल(संजय राय)। अमेरिकन सरकार द्वारा भारत के छात्रों को जबरन डिपोर्ट किए जाने पर इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ. अभय सिंह चौटाला ने आवाज उठाते हुए कहा कि अमेरिका हमारे देश के युवाओं के साथ ज्यादती कर रहा है और भारत की सरकार इस संवेदनशील मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है। विभिन्न कोर्स की पढ़ाई करने अमेरिका गए भारतीय छात्रों की संख्या लगभग 25 लाख है और उसमें से लाखों बच्चे हरियाणा के हैं। अगर स्टूडेंट वीजा पर पढ़ाई करने अमेरिका गए बच्चों को पढ़ाई पूरी होने से पहले ही डिपोर्ट कर दिया जाएगा तो उनका भविष्य पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगा। भारत से जो बच्चे स्टूडेंट वीजा पर पढ़ाई करने जाते हैं उनमें से ज्यादातर बच्चे गरीब घरों से होते हैं और स्टडी लोन लेकर जाते हैं। अभय सिंह चौटाला ने मांग की कि भारत सरकार जब भारत में वांटेड लोगों को वापिस लाने के लिए विदेशों में वकील हायर कर सकते हैं तो यह भारत सरकार का कर्तव्य बनता है कि पढ़ाई करने अमेरिका गए भारतीय छात्रों के भविष्य को बचाने के लिए उन्हें डिफेंड करे और भारतीय एंबेसी को निर्देश दे कि उन बच्चों के लिए वकील नियुक्त करें। उन्होंने बताया कि अभी एक केस सामने आया है जिसमें एक छात्र के मां बाप ने 2 करोड़ 18 लाख रूपए खर्च करके स्नातक की डिग्री करने अमेरिका भेजा। उस छात्र को अमेरिकन सरकार ने डिग्री पूरी होने से पहले ही डिपोर्ट करने के आदेश दे दिए। वो बच्चा कोर्ट में गया तब उसे राहत मिली। अभय सिंह चौटाला ने कहा कि हाल ही में जिन बच्चों को अमेरिका ने बेडिय़ां और हथडिय़ां पहना कर भारत डिपोर्ट किया था उनकों भी भारत सरकार को डिफेंड करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि हरियाणा में बेरोजगारी पूरे देश में सबसे अधिक है और अमेरिका ऐसे ही पढऩे गए बच्चों को डिपोर्ट करता रहेगा तो प्रदेश में बेरोजगारी और ज्यादा बढ़ेगी।

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