यूपी में ‘सोती” हुई बच्ची को ‘खींच” ले गए ‘दरिंदे’ ! पहले ‘गैंगरेप’ किया, फिर ‘चीखें’ दबाने के लिए ‘तेजाब’ पिलाया

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में, जलालपुर थाना क्षेत्र के एक छोटे से गांव में, सरकार की काली रात ने इंसानियत को हमेशा के लिए शर्मसार कर दिया। एक 16 साल की मासूम किशोरी, जो अपनी जिंदगी के सपनों की उड़ान भरने की उम्र में थी, तीन हैवानों के हाथों सामूहिक दुष्कर्म की शिकार बनी। विरोध करने पर उसके मुंह में तेजाब डाल दिया गया , जिंदगी छीनने की नाकाम कोशिश! आज वह लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में मौत से जूझ रही है, उसकी सांसें टूटी हुईं, शरीर जख्मों से लथपथ। लेकिन दर्द सिर्फ उसका नहीं , यह दर्द पूरे समाज का है, पूरे उत्तर प्रदेश का है, और सबसे बड़ा सवाल योगी सरकार पर है, क्या बेटियां सिर्फ चुनावी नारे हैं, या उनकी सुरक्षा के लिए कोई ठोस इंतजाम! कल्पना कीजिए उस रात की। रात के 12 बजे, जब गांव सोया हुआ था, तीन युवक दीवार फांदकर छत से घुसे। सोती हुई बच्ची को ऊपरी कमरे में खींच ले गए। पहले बलात्कार, फिर चीखें दबाने के लिए तेजाब! परिवार ने उसे सरीला सीएचसी पहुंचाया, वहां से उरई, फिर झांसी, और अंत में लखनऊ। 12 दिन झांसी में इलाज, लेकिन कोई सुधार नहीं। अब केजीएमयू में भर्ती, हालत स्थिर लेकिन गंभीर। परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा – इलाज का खर्च कहां से लाएं? सरकारी अस्पतालों में रेफरल का अंतहीन चक्कर, न दवा, न सहारा। परिवार दर-दर भटक रहा, गुहार लगा रहा सरकारी मदद की। लेकिन सरकार कहां है! योगी आदित्यनाथ की ‘बेटी बचाओ’ की गूंज कहां खो गई! यह कोई पहली घटना नहीं। उत्तर प्रदेश में बलात्कार और एसिड अटैक की वारदातें रोज की खबर बन चुकी हैं। हाथरस, उन्नाव, लखीमपुर , हर बार वादे, हर बार आंसू, लेकिन न्याय! पुलिस ने सिर्फ एक नाबालिग आरोपी को पकड़ा, बाकी दो फरार! एफआईआर दर्ज हुई, जांच चल रही है , यही पुराना राग। क्या यही है कानून व्यवस्था! क्या आरोपियों को पकड़ने के लिए विशेष टीम नहीं बन सकती!क्या तेजाब जैसे खतरनाक पदार्थों की बिक्री पर सख्ती नहीं हो सकती! सरकार करोड़ों रुपये विज्ञापनों पर उड़ा रही है, लेकिन बेटियों की सुरक्षा पर खर्च कहां! अस्पतालों में मुफ्त इलाज, तुरंत मुआवजा, मनोवैज्ञानिक सहायता,ये सब कागजों पर हैं या हकीकत में!ओ योगी सरकार, सुनो इस परिवार की चीख! यह किशोरी तुम्हारी बेटी हो सकती थी। उसके पिता की आंखों में आंसू, मां की गोद में दर्द , यह दर्द तुम्हें जगाएगा या नहीं! आर्थिक मदद दो, आरोपियों को फांसी दो, ऐसी वारदातों पर जीरो टॉलरेंस दिखाओ। नहीं तो याद रखो, जनता की याददाश्त लंबी होती है। बेटियां सुरक्षित नहीं, तो सत्ता क्या काम की! हमीरपुर की यह बेटी न्याय मांग रही है , उठो, जागो, सरकार! वरना इतिहास तुम्हें माफ नहीं करेगा

  • इंद्र यादव / ईशान टाइम्स

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top