मनुष्य बने रहने के लिए कला से जुड़ाव होना आवश्यक है-सुनील पवार

जब तक मनुष्य रहेगा तब तक कला रहेगी-सुनील पवार

सामुदायिक भागीदारी के जरिये कार्बन उत्सर्जन एवं प्रदूषण पर रोकथाम लगाने के लिए प्रयास करें-चन्द्रभूषण

चतुर्थ पंचकूला पुस्तक मेंले में आये प्रकाशकों से 10 लाख रूपये की किताबें खरीदेंगे पुलिस आयुक्त पंचकूला शिवास कविराज

पंचकूला नवंबर 11( ईशान टाइम्स): हरियाणा प्रदेश के प्रत्येक पुलिस लाईन में निर्मित सरदार पटेल पुलिस पुस्तकालयों को सबर्द्धित करने के लिए पंचकूला के पुलिस आयुक्त शिवास कविराज पंचकूला पुस्तक मेले से 10 लाख रूपये की किताबों की खरीद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा के नौनिहालो के उज्जवल भविष्य के लिए आवश्यक है कि अच्छी किताबों को पढ़े क्योंकि पढ़ने से ही उनके सुनहरे भविष्य का मार्ग प्रशस्त होगा।

पुस्तक मेंले के पांचवे दिन उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के सहयोग से समय, समाज और पर्यावरण पर विमर्श एवं समकालीन समय जल संकट थीम पर कार्यशाला का आयोजन किया गया।

विमर्श में मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत करते हुए कर्नाटका कैडर के वरिष्ठ आई एफ एस अधिकारी डा. सुनील पवार ने साहित्य एवं कला के एतिहासिक परिदृश्य पर बात रखते हुए कहा कि कला तब भी मौजूद थी जब मनुष्य के शरीर पर कपड़ा नहीं था, कला आज भी मौजूद है जब विज्ञान एवं सूचना क्रान्ति का प्रभाव है और कला तब भी मौजूद रहेगी जब भविष्य के गर्भ में मनुष्यता नया इतिहास रचेगी। उन्होंने कहा कि मनुष्यता का सबसे बड़ा वाहक कला है इसलिए मनुष्य को मनुष्य बने रहने के लिए कला से जुड़ाव होना आवश्यक है।

मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार श्री चन्द्रभूषण ने कार्बन उत्सर्जन पर अपने विचार रखते हुए कहा कि आज विश्व के सारे विकसित राष्ट्र कार्बन उत्सर्जन और उसके प्रभावों पर शोध कर रहे हैं उन तमाम मूल्कों में अब यह परिपाटी स्थापित की जा चुकी है कि कार्बन उत्सर्जन का एक पैमाना या सीमा तय की जाय। उन्होंने कहा कि बढ़ते हुए प्रदूषण के समय में सरकार और समाज सामुदायिक भागीदारी के जरिये कार्बन उत्सर्जन एवं प्रदूषण पर रोकथाम लगाने के लिए प्रयास करें।  

विमर्श की अध्यक्षता करते हुए ऊर्जा संस्कृति समिति के संरक्षक  श्री पी के दास ने कहा कि 21वी सदी में पर्यावरण संरक्षण का मुख्य मुद्दा है ऊर्जा संरक्षण। ऊर्जा का संरक्षण मात्र सरकार की परियोजना से सम्भव नहीं है इसमें हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है।
 विमर्श में अपने विचार रखते हुए एस डी श्री चंदन सिंह ने कहा किताबों को जरिये बिजली संरक्षण के लिए अपील करना एक सकारात्मक कार्य है।

इस एक दिवसीय विमर्श एवं कार्यशाला के सफल संयोजन में एसई सुधाकर तिवारी, श्री सुखविंदर, एसडीओ निमांशु, एसडीओ आशीष चोपड़ा का विशेष सहयोग रहा।

सांस्कृतिक कार्यक्रम में एसई चंदन ने अपने बांसुरी वादन से पूरी दर्शक समूह को मंत्रमूग्ध कर दिया। उसके बाद यूएचबीवीएन के मनीश एवं उनकी टीम द्वारा सैक्सो फोन की संगीतात्मक प्रस्तुति की गई।

मुख्य सांस्कृतिक कार्यक्रम में कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग के सहयोग से प्रख्यात गायिका सुश्री गीता भारद्वाज ने शानदार संगीतात्मक प्रस्तुति दी। विदित हो कि सुश्री गीता भारद्वाज इंडियन आईडल फेम की गायिका हैं।


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