नोएडा ने मनाया 50वां स्थापना दिवस, सीईओ ने बताई प्राधिकरण की अगले साल के लिए प्लानिंगनोएडा(ईशान टाइम्स)

नोएडा ने मनाया 50वां स्थापना दिवस, सीईओ ने बताई प्राधिकरण की अगले साल के लिए प्लानिंगनोएडा(ईशान टाइम्स)। यूपी के शहरों में नोएडा ने अपनी खास पहचान ही नही बनाई बल्कि शो विंडो के रूप में भी जाना जाता है। यहां आने के बाद अब लोग इसे दिल्ली के साथ कंपेयर करते हैं। यहां ट्रांसपोर्ट, एजुकेशन, मेडिकल, सड़कें, बिजली, पार्क और लाइफस्टाइल के वे सभी संसाधन मौजूद हैं, जो किसी भी शहर के लिए जरूरी हैं।प्राधिकरण के हिसाब से 2031 के तहत नोएडा की आबादी कुल 25 लाख के करीब होगी। इसी के लिहाज से यहां विकास के प्रोजेक्ट किये जा रहे है। यही कारण है कि अब दिल्ली व गुरुग्राम से लोग नोएडा में बसना चाहते है। रियल एस्टेट कारोबार आसमान की ऊंचाइओं को छूने लगा है। एसीईओ संजय खत्री ने दावा किया कि पीछले 2 सालों मे ंनोएडा की प्रोपर्टी के रेट सबसे अधिक बढे है।

अब बनेगा चिल्ला ऐलिवेटेड, जाम से मिलेगी
ढांचागत विकास के साथ कनेक्टविटी के मामले में भी नोएडा एनसीआर के अन्य शहरों में अव्वल है। अब दिल्ली से चिल्ला ऐलिवेटेड के जरिये नोएडा से ग्रेटर नोएडा को जोड़ने की तैयारी है। बता दें कि यह दिल्ली से आगरा व लखनऊ तक आने जाने वालों की राह आसान कर रहा है। इस पर प्रतिदिन दस लाख वाहन फर्राटा भर रहे हैं। वाहनों का दबाव एक्सप्रेसवे पर कम करने के लिए शहर में भंगेल एलिवेटेड रोड बनाया जा रहा है।वहीं, दिल्ली से बेहतर कनेक्टिविटी के लिए कालिंदी कुंज के पास यमुना के समानांतर पुल बनाया जा चुका है।

अंडरपास कर रहे यातायात के दबाव को कम
बता दें कि सेक्टर-35 व 32, सेक्टर-51, 52, 71, 72, सेक्टर- 94, 18, 19, 62 में अब तक अंडरपास बन चुके है। बेहतर ट्रांसपोर्ट सिस्टम के तहत सेक्टर-15 से 63 तक ब्लू लाइन मेट्रो है, जबकि यहां पर ट्रैफिक जंक्शन के बीच में बॉटैनिकल गार्डन पर मेट्रो की मेजेंटा लाइन भी है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा के बीच बेहतर कनेक्टिविटी के लिए 30 किलोमीटर लंबी एक्वा लाइन मेट्रो को विकसित किया गया है। आइएसटीएमएस के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर का काम पूरा कर लिया गया है।सीईओ के सामने डीजीएम एसपी सिंह ने बताया कि 84 चैराहों पर 1065 मल्टी डाइमेंशनल कैमरे लगाए जा चुके है, जिसमें 120 कैमरों को नोएडा ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर भी गया है। इसके जरिये ई-चालान जेनरेट किए जा रहे है। करीब एक वर्ष बाद नोएडा सेफ सिटी में शामिल हो जाएगा।

कंपनियों की पंसदीदा जगह बन रहा नोएडा
नोएडा आईटी, आईटीईएस, बीपीओ, बीटीओ और केपीओ सेवाओं की पेशकश करने वाले बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, बीमा, फार्मा, ऑटो, फास्ट-मूविंग उपभोक्ता वस्तुओं और विनिर्माण जैसे विभिन्न डोमेन में कंपनियों की पसंदीदा जगह बन रहा है।

मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का हब बना
सीईओ लोकेश एम (CEO Lokesh M) ने कहा कि देश में मोबाइल बाजार बढ़ रहा है, 2025 तक देश में 400 अरब डॉलर कारोबार का लक्ष्य अभी निर्धारित है। शहर में अभी एक अरब मोबाइल हैंडसेट बनने लगेंगे। इनकी कीमत 190 अरब डॉलर (लगभग 13 लाख करोड़ रुपये) होगी। इसमें से 60 करोड़ मोबाइल हैंडसेट निर्यात के लिए होंगे, जिनकी कीमत 110 अरब डॉलर (लगभग सात लाख करोड़ रुपये) होगी। जिसमें नोएडा अहम भूमिका निभाने वाला है।

थीम बेस्ड पार्क के रूप में हुआ विकसित
सेक्टर-91 में औषधि पार्क बनाया गया है, इसी जगह पर बायोडायवरसिटी पार्क भी विकसित किया गया है। सेक्टर-78 में वेदवन पार्क बनाया गया है। ये पार्क हमारे प्राचीन ऋषियों व उनके द्वारा लिखे वेदों के ज्ञान पर आधारित है। पूरे पार्क को सात ऋषियों के नाम पर बांटा गया है। इसमें भारद्वाज, गौतम, विश्वामित्र और अगस्त आदि शामिल हैं। प्रत्येक योग को सुंदर चित्रकारी कहानियों को लेजर शो और झरनों के रूप में दिखाया जाएगा। इतना ही नही यहां अब डियर पार्क बनाने को मंजूरी मिल चुकी है। वहीं प्रदेश का पहला डॉग पार्क नोएडा के सेक्टर 137 में बनाया गया है। पार्क विश्व स्तरीय सुविधाओं से लैस है। पार्क में डॉग्स के उठने-बैठने, खाने, सोने, घूमने, नहाने और मनोरंजन के लिए तमाम साधनों को उपलब्ध कराया गया है।

किसानों को जल्द मिलेंगे 5 प्रतिशत के भूखंड
ओएसडी ने दावा कि किया फिलहाल 15 गांवों का सर्वे कराया जा चुका है। जल्द ही पात्र किसानों को 5 फीसदी वाले भूखंड दिये जाएंगे। उन्होंने बताया कि जहां प्राधिकरण से कोई त्रूटि हुई है वहा उसे सुधारा जा रहा है।

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