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ISRO वैज्ञानिक बन 11 महिलाओं का यौन शोषण, 12 नामों से रची साजिश:बहरूपिया 'साइंटिस्ट' गिरफ्तार

मुंबई (इंद्र यादव) नवी मुंबई: महाराष्ट्र में अंधश्रद्धा और ठगी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। अभी नासिक के ढोंगी बाबा अशोक खरात का मामला ठंडा भी नहीं पड़ा था कि नवी मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे ‘हाई-टेक’ जालसाज को दबोचा है, जिसने खुद को ISRO (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) का वैज्ञानिक बताकर राज्य भर की 11 महिलाओं को अपनी हवस और लालच का शिकार बनाया।

मैट्रिमोनियल साइट्स को बनाया शिकार का अड्डा

आरोपी की पहचान आदर्श म्हात्रे के रूप में हुई है। हैरानी की बात यह है कि आदर्श महज 10वीं पास है, लेकिन उसका रहन-सहन और बात करने का तरीका किसी बड़े अधिकारी जैसा था। उसने ‘मैट्रिमोनियल वेबसाइट्स’ और सोशल मीडिया पर अपनी फर्जी प्रोफाइल बना रखी थी। खुद को कभी ISRO का वैज्ञानिक तो कभी लोक निर्माण विभाग (PWD) का क्लास-वन अधिकारी बताकर वह पढ़ी-लिखी और संपन्न महिलाओं को अपने जाल में फंसाता था।

शारीरिक शोषण के साथ लाखों की लूट

पुलिस जांच में आरोपी की बेहद घिनौनी ‘मोडस ऑपरेंडी’ (काम करने का तरीका) सामने आई है:
टारगेट: वह विशेष रूप से डॉक्टर, इंजीनियर और बैंक अधिकारियों जैसी उच्च शिक्षित महिलाओं को चुनता था।
विश्वास: शादी का झांसा देकर पहले उनका भरोसा जीतता और फिर उनके साथ शारीरिक संबंध बनाता था।
वसूली: एक बार रिश्ता गहरा होने पर, वह किसी ‘इमरजेंसी’ या ‘काम के सिलसिले’ का बहाना बनाकर उनसे लाखों रुपये ऐंठ लेता था।

चौंकाने वाला खुलासा: जांच में पता चला कि वह एक महिला से लूटे गए पैसों को दूसरी महिला पर प्रभाव जमाने के लिए खर्च करता था। बाकी बचे हुए पैसों से वह कैसीनो में जुआ खेलता और ऐश-ओ-आराम की जिंदगी जीता था।

12 चेहरे, 11 केस और पूरे महाराष्ट्र में फैला जाल

पकड़े जाने के डर से आदर्श म्हात्रे लगातार अपनी पहचान बदलता रहता था। पुलिस को अब तक उसके 12 फर्जी नामों का पता चला है, जिनमें स्वप्निल वारुले, हेमंत गायकर, नहुश म्हात्रे और रुद्रेश गोंधली जैसे नाम शामिल हैं।
उसके खिलाफ अब तक 11 मामले दर्ज हो चुके हैं। ठगी का यह जाल सिर्फ नवी मुंबई तक सीमित नहीं था, बल्कि उसने निम्नलिखित शहरों की महिलाओं को भी अपना शिकार बनाया:
मुंबई और ठाणे
पिंपरी-चिंचवड़ (पुणे)
नागपुर
यवतमाल

पुलिस की अपील: डरें नहीं, सामने आएं

नवी मुंबई के पुलिस निरीक्षक सुनील शिंदे और उनकी टीम ने तकनीकी जांच के आधार पर इस बहरूपिये को सलाखों के पीछे पहुंचाया है। पुलिस आयुक्त ने अपील की है कि.
बदनामी के डर से चुप न रहें, अगर कोई और भी इस ठगी का शिकार हुआ है तो तुरंत पुलिस से संपर्क करें।
वैवाहिक वेबसाइटों पर किसी से भी मिलने या पैसे का लेनदेन करने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल अवश्य करें।
सावधान रहें! ऑनलाइन दुनिया में दिखने वाला हर चेहरा सच नहीं होता। एक छोटी सी सावधानी आपको बड़े आर्थिक और मानसिक आघात से बचा सकती है।

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