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वाराणसी की “पवित्र” गलियों में ‘OYO-धर्म’ का उदय !

“नरेंद्र मोदी” के संसदीय छेत्र वाराणसी की “पवित्र” गलियों में ‘OYO-धर्म’ का उदय ! सरकार की ‘मोरल पुलिस’ कहाँ सो रही है?

यूपी। वाराणसी, भगवान शिव की नगरी, जहाँ हर कदम पर आस्था का सागर लहराता है। गंगा की गोद में बसे इस शहर में तीर्थयात्री आते हैं मोक्ष की कामना लेकर, लेकिन हाल ही में होटल टाउन हॉउस में जो दृश्य सामने आया, वो मोक्ष से ज्यादा ‘मोक्ष-मुक्ति’ का लगता है। पुलिस ने छापा मारा, सेक्स रैकेट पकड़ा, चार लड़कियां ‘आपत्तिजनक अवस्था’ में धराईं, मैनेजर अमन रॉय जेल की हवा खा रहा है। ऊपर से दावा कि रशियन लड़कियां भी मौजूद थीं, जो चुटकियों में भाग निकलीं – शायद वीजा एक्सटेंशन की तरह आसानी से! होटल स्वामी पीयूष जायसवाल ने तो कमाल कर दिया oyo रूम की फ्रेंचाइजी लेकर ‘बजट होटल’ का धंधा चला रहे थे, जहाँ कोलकाता की तीन और दिल्ली की एक लड़की ‘ऑन डिमांड’ बुलाई गईं। ऑन डिमांड।जैसे अमेज़न पर प्राइम डिलीवरी! लेकिन सवाल ये कि ये सब ‘पवित्र’ वाराणसी में हो रहा था, और सरकार की आँखें मूंदी हुईं? क्या ये वही सरकार है जो ‘नारी शक्ति’ का डंका पीटती है, ‘बेटी बचाओ’ का नारा लगाती है, लेकिन जब बेटियां ‘ऑन डिमांड’ सर्विस में बदल जाती हैं, तो पुलिस को ‘रेड अलर्ट’ आने में महीनों लग जाते हैं। व्यंग्य तो ये है कि OYO जैसी कंपनियां फ्रेंचाइजी देकर ‘क्लीन’ इमेज बनाती हैं, लेकिन अंदर का काला धंधा फलता-फूलता रहता है। सरकार की ‘स्मार्ट सिटी’ स्कीम में वाराणसी शामिल है, तो क्या स्मार्ट सिटी में स्मार्ट रैकेट भी चलेंगे? रशियन लड़कियां भाग गईं – शायद इन्होंने गंगा स्नान करके ‘वीजा’ रिन्यू कर लिया! और हमारे ‘मजबूत प्रशासन’ वाले नेता? वे तो राम मंदिर का लोकार्पण कर चुके, लेकिन ये ‘अय्यासी मंदिर’ कब ढहाएंगे? पुलिस ने कार्रवाई की, हाँ, लेकिन ये रूटीन चेक क्यों नहीं? या फिर ‘टूरिज्म प्रमोशन’ के नाम पर आँखें बंद रखी जाती हैं – विदेशी पर्यटक आएं, डॉलर लाएं, और ‘सर्विस’ के साथ-साथ संस्कृति का भी ‘एक्सपीरियंस’ हो जाए! सरकार महोदय, अगर वाराणसी में गंगा की तरह शुद्धिकरण अभियान चलाना है, तो पहले इन ‘टाउन हॉउस’ को साफ कीजिए। नहीं तो जनता सोचेगी कि ‘डबल इंजन’ सरकार का एक इंजन तो ‘मोरल ब्रेक’ पर लग गया है, और दूसरा ‘स्पीड’ पकड़ने में व्यस्त। पवित्र नगरी में व्यभिचार का अड्डा – ये तो कमाल है! कब तक ‘नमामि गंगे’ कहकर गंगा को साफ करने का ढोंग चलेगा, जब शहर की नसों में ये गंदगी बह रही हो? समय है जागने का, वरना अगली रेड में रशियन नाचने वालीं के साथ ‘सरकारी स्टाइल’ का डांस भी हो जाएगा!

  • इंद्र यादव / स्वतंत्र लेखक,
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