रिश्वतखोरी और मनमानी के खुलासे जारी, लेकिन जिला प्रशासन मौन — आखिर क्यों?
नगर क्षेत्र में भ्रष्टाचार और अव्यवस्था का आलम यह है कि नगर पालिका अब रिश्वतखोरी का अड्डा बन चुकी है। आए दिन हो रहे घोटालों और खुलासों के बावजूद जिला प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, नगर में बिना मानकों के खड़ंजे, सीवर लाइन, और विवादित भूमि पर ओपन जिम निर्माण जैसे कार्य कराए जा रहे हैं। इन सभी में गुणवत्ता और पारदर्शिता का अभाव स्पष्ट दिखाई देता है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन कार्यों में जनता के पैसे की खुली बर्बादी हो रही है, लेकिन शिकायतों के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही।
जनता का कहना है —
“करदाताओं के पैसे से नगर का विकास होना चाहिए, लेकिन यहां तो बंदरबांट और कमीशनखोरी का खेल चल रहा है।”
अब सवाल उठता है कि —
क्या जिला प्रशासन जानबूझकर आंख मूंदे हुए है या फिर इस भ्रष्ट तंत्र का हिस्सा बन चुका है?
जनता को जवाब चाहिए, और जल्द चाहिए।

स्वतंत्र लेख राजेश जायसवाल
rajesh jaiswal1342@gmail.com



