संसद में बार-बार मंजूरी की आवश्यकता समाप्त — राष्ट्रपति द्वारा सीधे नियम बनाए जाने से प्रशासन होगा तेज़, सरल और प्रभावी

चंडीगढ़, 23 नवम्बर(ईशान राय)।
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष कैलाश चंद जैन ने चंडीगढ़ को अनुच्छेद 240 के अंतर्गत लाने हेतु केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित 131वें संविधान संशोधन विधेयक का गर्मजोशी से स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इस सुधार के बाद चंडीगढ़ से संबंधित किसी भी नियम, विनियम, संशोधन या नीति को लागू करने के लिए संसद में बार-बार प्रस्ताव पारित करवाने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी। अब राष्ट्रपति सीधे प्रशासनिक नियम बना सकेंगे, जिससे लंबे समय से लंबित कार्य भी समयबद्ध, सरल और शीघ्रता से पूरे हो सकेंगे। यह कदम शहरवासियों के लिए अत्यंत लाभदायक सिद्ध होगा।
जैन ने कहा कि अनुच्छेद 240 के अंतर्गत बनने वाले प्रशासनिक नियम चंडीगढ़ के शासन को तेज़, सरल, पारदर्शी और अधिक सक्षम बनाएंगे। नगर निगम, प्रशासनिक स्वीकृतियों और नागरिक सेवाओं से जुड़ी प्रक्रियाएँ अब अधिक प्रभावी एवं समयबद्ध रूप से पूरी की जा सकेंगी, जिससे आम नागरिकों को प्रत्यक्ष सुविधा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि यह संशोधन चंडीगढ़ की विकास परियोजनाओं में नई गति और अनुशासन लाएगा। प्रशासनिक ढाँचा, शासन गतिविधियाँ, गुड गवर्नेंस, स्मार्ट सिटी कार्यक्रम, जनहित से जुड़ी आवश्यक माँगों तथा अन्य नागरिक सुविधाओं से संबंधित योजनाओं में अनावश्यक देरी में कमी आएगी। इससे शहर को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित, कुशल, स्पष्ट और स्थायी प्रशासनिक ढाँचा प्राप्त होगा।
जैन ने यह भी कहा कि मज़बूत और स्पष्ट प्रशासनिक संरचना के चलते निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। आईटी, सेवा, शिक्षा, हेल्थकेयर, औद्योगिक एवं व्यापारिक क्षेत्रों में निवेशकों का विश्वास मजबूत होगा, जिससे युवाओं के लिए नए अवसर उपलब्ध होंगे।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह सुधार चंडीगढ़ को एक मॉडल कैपिटल और विश्वस्तरीय स्मार्ट सिटी के रूप में आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त करेगा। नागरिकों को बेहतर प्रबंधन, बेहतर सुरक्षा और बेहतर सुविधाएँ प्राप्त होंगी।
अंत में कैलाश चंद जैन ने कहा कि यह प्रस्ताव चंडीगढ़ के भविष्य को नई दिशा देने वाला तथा जनहित को सर्वोपरि रखने वाला निर्णय है, जिससे पूरे शहर को दीर्घकालिक, स्थायी और व्यापक लाभ प्राप्त होंगे।


