अजय भट्टाचार्य की कलम से

वायरल वीडियो, फंसा नेता

उज्जैन भाजपा नगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल का दो हफ्ते पहले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें वह मंच से ‘धर्म का नाश हो’ कहते सुनाई दे रहे हैं। लोकशक्ति भवन में भारतीय जनता पार्टी द्वारा नवनियुक्त जिला पदाधिकारियों का स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसी दौरान मंच से भाषण देते हुए नगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा था, ‘कांग्रेस का सत्यानाश हो, प्राणियों में सद्भावना हो, धर्म का नाश हो।’संजय अग्रवाल के मुंह से जैसे ही ये शब्द निकले, वहां मौजूद महामंत्री मुकेश यादव ने उन्हें रोकने की कोशिश भी की लेकिन संजय अग्रवाल ने उन्हें भी मंच से बैठने का इशारा कर दिया। इसके बाद शोर-शराबा शुरू हुआ, तो अग्रवाल को अपनी गलती का अहसास हुआ और उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि रात को देर से सोने की वजह से जुबान फिसल गई। इसके बाद वहां मौजूद लोग हंसने लगे। अब कांग्रेस संजय पर हमलावर है।

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ढीली चड्ढी

सहेली के बेटे को अंगूठा चूसते देख एक महिला ने अपनी सहेली से पूछ ही लिया, अरे ये अभी तक अंगूठा चूसता है? मेरे वाले को देख अंगूठा चूसना ही छोड़ दिया है। दूसरी ने पहली से पूछा, ‘अरे ये तो बता तेरे बेटे ने अंगूठा चूसना कैसे छोड़ा ?’

‘कुछ नहीं ! बस ढीली चड्डी पहना दी, अब पूरा दिन दोनो हाथों से चड्डी संभालता है तो अंगूठा चूसना याद नहीं आता।‘ पहली ने उत्तर दिया। ठीक इसी तरह शिक्षा, चिकित्सा, स्वास्थ्य, रोजगार, गरीबी, पेट्रोल, मंहगाई से पीछा छुड़वाने के लिए तालिबान, , हिन्दू , मुस्लिम, नफरत, पाकिस्तान, टीवी डिबेट, हिंदू राष्ट्र जैसे धागों से बुने कपड़ों की ढीली चड्डी समर्थकों को पहना दी गई है। ताजा ब्रांड जीएसटी बचत उत्सव है। मौज करो बाकी सब भूल जाओ।

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सेहत वाली चाय

एक ग्राहक रोज़ एक चाय की दुकान पर चाय पीने जाता था। चायवाला अक्सर उसमें चीनी डालना भूल जाता या कहें कि जानबूझकर नहीं डालता था। एक दिन उस ग्राहक ने चाय वाले से पूछा, “आप चाय में चीनी क्यों नहीं डालते?”

“चीनी से डायबिटीज हो जाती है, इसलिए आपकी सेहत के लिए बचा रहा हूँ” उत्तर मिला।

अगले दिन ग्राहक ने अपने पैसे से एक किलो चीनी खरीदकर उसे दे दी। तब से वह चायवाला रोज़ ग्राहक की चाय में चीनी डालता है। अब उसे ग्राहक की डायबिटीज की चिंता नहीं रहती। जीएसटी 02 इसी कोटि की चाय है और चायवाला..! यह भी मैं ही बताऊं क्या?

( अजय भट्टाचार्य ,लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार हैं तथा व्यंग्यात्मक लेखन में महारत रखते हैं।)

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